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चैंपियन शेफाली वर्मा से मुख्यमंत्री की खास बातचीत, किया राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला विश्व कप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ शानदार पारी खेलने वाली सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा से फोन पर बात की। सीएम ने टीम को खिताबी जीत की बधाई देने के साथ सलामी बल्लेबाज को चंडीगढ़ आकर मुलाकात करने का निमंत्रण भी दिया है। मुख्यमंत्री सैनी के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक क्लिप साझा की गई है, जिसमें वह शेफाली वर्मा से फोन पर बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि शेफाली वर्मा के शानदार प्रदर्शन पर पूरे प्रदेश को गर्व है। मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया अकाउंट पर इस बातचीत की एक छोटी सी क्लिप शेयर की गई है, जिसके कैप्शन में लिखा है, “महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन करके भारत को विश्व विजेता बनाने वाली टीम की सदस्य, हरियाणा की लाडली बिटिया शेफाली वर्मा से वार्ता करके पूरी टीम को बधाई दी और चंडीगढ़ आने का निमंत्रण दिया।” शेफाली वर्मा को चोटिल प्रतिका रावल के स्थान पर महिला विश्व कप 2025 में मौका मिला था। शेफाली को सीधे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में मौका दिया गया, जिसमें उन्होंने महज 10 रन बनाए। इसके बावजूद उन पर कप्तान ने अपना भरोसा बनाए रखा। शेफाली वर्मा साउथ अफ्रीका के खिलाफ खिताबी मुकाबले में बतौर सलामी बल्लेबाज उतरीं। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की। फाइनल मुकाबले में उनके निजी प्रदर्शन को देखें, तो शेफाली ने 78 गेंदों में 2 छक्कों और 7 चौकों के साथ 87 रन बनाए। इसके अलावा, एक गेंदबाज के तौर पर 7 ओवर फेंके, जिसमें 36 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। भारत ने खिताबी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 298 रन बनाए। इसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम 45.3 ओवरों में महज 246 रन पर सिमट गई। ऐतिहासिक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के चलते शेफाली वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।  

सड़क सुरक्षा पर सरकार सख्त, फुटपाथ दुरुस्ती और अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू

जयपुर राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार नगरीय विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को प्रगतिरत एवं आवश्यकतानुसार नवीन कार्यों को विशेष अभियान चलाकर 30 दिसम्बर, 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में सड़क नवीनीकरण, फुटपाथ व डिवाइडर मरम्मत एवं रखरखाव, स्वच्छता और यातायात संकेतक कार्य त्वरित गति से पूर्ण किए जाएं। फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों पर लगाए जाएंगे रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देशानुसार सभी नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अनाधिकृत रोड़ कट तत्काल बन्द किए जाएंगे एवं सडकों के जंक्शन के आस-पास अनावश्यक झाड़ियों को हटाया जाएगा।  इसी तरह सड़कों के जंक्शन पर आवश्यकतानुसार स्लिप लेन निर्माण, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास आदि के प्रारम्भ स्थलों एवं घुमाव पर वाहन खड़े नही करने सहित अन्य गतिविधियों के लिए रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाए जाएंगे। जेब्रा क्रॉसिंग, थर्मोप्लास्ट पेन्ट एवं सडक डिवाइडर के रंग-रोगन के कार्य नियमित रूप से किये जाएंगे। साथ ही, नगरीय क्षेत्र की सड़कों के नवीनीकरण के समस्त कार्य 31 मार्च, 2026 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नगरीय निकाय द्वारा निर्माण स्थल पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संवेदको की सूचना, कार्य की लागत राशि एव समयावधि की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि आमजन द्वारा किसी भी असुविधा की स्थिति में संबंधित अधिकारी से सम्पर्क किया जा सके। क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं मैनहोल कवर का होगा दुरूस्तीकरण, लगाए जाएंगे सांकेतिक रिफ्लेक्टिव बोर्ड इसी तरह आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाकर डिवाइडर एवं फुटपाथ रिपेयर के कार्य किए जाएंगे। इस दौरान निकाय क्षेत्रों में खुले नाले-नालियों को सुरक्षित रूप से ढकने, क्षतिग्रस्त फेरोकवर एवं सीवर लाइन के मैनहोल कवर का दुरूस्तीकरण भी व्यापक स्तर पर किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं रहे। इसी तरह, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर डिवाइडर पर मजबूत रेलिंग की पुख्ता व्यवस्था भी की जाएगी। नगरीय निकाय द्वारा विशेष तौर पर नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर फुटपाथों व सड़कों से अतिक्रमण हटवाए जाएंगे एवं व्यावसायिक वाहनों हेतु पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सडकों के किनारे एवं डिवाइडर पर लगी हैज, पेड पौधों की नियमित कटाई, छंटाई एवं रखरखाव तथा सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथ एवं सड़कों पर बिजली के खुले तारों को तत्काल व्यवस्थित किया जाएगा। सीबीयूडी ऐप पर खुदाई कार्यों की अनिवार्यता, उल्लघंन पर होगी कार्रवाई नगरीय विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को सडकों पर खुदाई कार्यों से पूर्व प्रस्तावित कार्य का ब्यौरा सीबीयूडी ऐप पर आवश्यक रूप से अंकित करने एवं ऐप पर अंकन किए बिना संपादित कार्य पर पैनल्टी लगाने के प्रावधान के सख्त निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीयूडी ऐप पर बिना इन्द्राज किए खुदाई कार्य करने के संबंध में राज्य सरकार के द्वारा कठोर दण्डात्मक कार्रवाइ अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही, कार्यां में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबधित इंजीनियर इन्चार्ज एवं संवेदक के उत्तरदायित्व का भी निर्धारण होगा।

ब्लड ग्रुप से जुड़ा बड़ा खुलासा — जानिए कौन-से लोग हैं अधिक जोखिम में

क्या आप जानते हैं कि आपका रक्त समूह न केवल यह तय करता है कि आप किसे रक्तदान कर सकते हैं या किससे रक्त प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि यह आपके समग्र स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ा होता है? विशेषज्ञों का कहना है कि हमारा रक्त समूह विभिन्न बीमारियों के प्रति हमारी संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकता है। पोषण विशेषज्ञ और मनोचिकित्सक डॉ. शेल्डन ज़ब्लो बताते हैं कि व्यक्ति का रक्त समूह उसकी कई शारीरिक प्रवृत्तियों और रोगों के खतरे को निर्धारित करता है। उनका कहना है, “रक्त समूह के आधार पर किसी व्यक्ति में अलग-अलग बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।” हृदय रोग का खतरा डॉ. ज़ब्लो के अनुसार, रक्त समूह AB और B वाले लोगों में हृदय रोग की संभावना अधिक होती है। इसका कारण है, शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल और प्रोटीन की अधिक मात्रा, जो रक्त के थक्के बनने से जुड़ी होती है। वहीं, रक्त समूह O वाले व्यक्तियों में हृदय संबंधी समस्याएँ अपेक्षाकृत कम पाई जाती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे लोग प्रदूषित वातावरण से दूर रहें, घर के अंदर व्यायाम करें, हृदय के लिए संतुलित आहार लें, धूम्रपान से बचें और नियमित रूप से हृदय की जांच करवाएँ। पेट के अल्सर का जोखिम हालाँकि O रक्त समूह वाले लोग हृदय के मामले में कुछ हद तक सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन इन्हें पेट के अल्सर का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा, A रक्त समूह वाले व्यक्तियों में पेट के कैंसर का खतरा ज़्यादा देखा गया है। स्वस्थ रहने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आहार में साबुत अनाज, मछली, फल और सब्ज़ियाँ शामिल करें, नियमित रूप से कम से कम 40 मिनट व्यायाम करें और धूम्रपान से दूरी बनाए रखें। दृष्टि क्षीणता और स्मृति हानि AB रक्त समूह वाले लोगों में उम्र बढ़ने के साथ दृष्टि कमजोर होने की समस्या विकसित हो सकती है। इसके अलावा, रक्त में प्रोटीन असंतुलन के कारण इन लोगों में स्मृति हानि की संभावना भी बढ़ जाती है। रक्त का थक्का जमना और स्ट्रोक का खतरा A और B रक्त समूह वाले व्यक्तियों में रक्त का थक्का जमने की समस्या अधिक देखी जाती है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। तनाव और मानसिक स्वास्थ्य यदि आपका रक्त समूह A है, तो तनाव प्रबंधन आपके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डॉ. ज़ब्लो के अनुसार, इस समूह वाले लोग तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का अधिक स्राव करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। स्वस्थ मानसिक स्थिति बनाए रखने के लिए, नियमित व्यायाम करें और हर रात कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद अवश्य लें।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संभावित अम्बिकापुर आगमन की तैयारियों का लेकर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली बैठक

रायपुर , भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 20 नवबंर को अम्बिकापुर प्रवास प्रस्तावित है। जिसकी तैयारी को लेकर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज कार्यक्रम स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम  से जु़ड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रमुख सचिव बोरा ने सबसे पहले गांधी स्टेडियम पहुंचकर राष्ट्रपति के आगमन हेतु तैयार किए जा रहे हेलीपैड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, आगमन एवं निर्गमन मार्ग, हेलीपैड की मजबूती तथा आसपास की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात् उन्होंने पी.जी. कॉलेज मैदान पहुंचकर मुख्य कार्यक्रम स्थल की तैयारियों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने पीजी कॉलेज मैदान में बनने वाले डोम पंडाल, बैठक व्यवस्था, वीआईपी गेट, यातायात बेरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास द्वार, स्टॉल्स की साज-सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, बिजली व्यवस्था एवं सांस्कृतिक मंच का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व सभी व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप और सौंदर्यपूर्ण ढंग से पूरी होनी चाहिए। बोरा ने पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाली संगोष्ठी कार्यक्रम की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित, समयबद्ध रहे। निरीक्षण के दौरान सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, कलेक्टर विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

FASTag से जुड़ा बड़ा अपडेट: अब Toll पर ये गलती पड़ी तो तुरंत भरना पड़ेगा Fine!

नई दिल्ली अगर आपकी कार का FASTag टोल प्लाजा पर स्कैन नहीं हो रहा या “इनवैलिड टैग” दिखा रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। हाल ही में ऐसे कई वाहन चालकों को समस्या का सामना करना पड़ा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अब इस स्थिति को देखते हुए FASTag से जुड़ा एक नया नियम लागू किया है। क्या है FASTag KYV प्रक्रिया? FASTag KYV यानी “Know Your Vehicle Verification” एक नई वेरिफिकेशन प्रक्रिया है जिसे NHAI ने अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर FASTag उसी वाहन पर इस्तेमाल हो जिसके लिए उसे जारी किया गया है — ताकि गलत टैग या फर्जीवाड़े की घटनाओं को रोका जा सके। इस प्रक्रिया में वाहन मालिक को यह साबित करना होता है कि उसका FASTag सही वाहन पर लगा है। इसके लिए गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और वाहन की फोटो अपलोड करनी होती है। FASTag KYV में हुए नए बदलाव कई यूज़र्स की शिकायतों के बाद NHAI ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं: ➤ अब पहले की तरह कई फोटो अपलोड नहीं करनी होंगी — केवल एक फ्रंट फोटो काफी है, जिसमें नंबर प्लेट और FASTag स्टिकर साफ दिखाई दें। ➤ वाहन नंबर दर्ज करते ही सिस्टम अपने आप Vahan डेटाबेस से RC की जानकारी ले आएगा। ➤ अगर वेरिफिकेशन अधूरा रह जाए, तो FASTag तुरंत बंद नहीं होगा, बल्कि NHAI वाहन मालिक को SMS रिमाइंडर भेजेगा। ➤ अगर एक मोबाइल नंबर पर कई FASTag रजिस्टर्ड हैं, तो अब आप खुद चुन सकते हैं कि किस वाहन का KYV पहले पूरा करना है। ➤ दस्तावेज़ अपलोड में दिक्कत आने पर बैंक या FASTag जारी करने वाला संस्थान सीधे ग्राहक से संपर्क करेगा। FASTag KYV करने का आसान तरीका ➤ अगर आपका FASTag काम नहीं कर रहा है, तो नीचे दिए स्टेप्स फॉलो करें ➤ सबसे पहले जाएं — https://fastag.ihmcl.com अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। ➤ वाहन की फ्रंट फोटो अपलोड करें, जिसमें नंबर प्लेट और विंडशील्ड पर लगा FASTag साफ दिखे। ➤ सिस्टम अपने आप RC की डिटेल्स भर देगा — उन्हें चेक करें और सबमिट करें। ➤ अगर टैग सही वाहन पर है और उसका गलत इस्तेमाल नहीं हो रहा, तो FASTag दोबारा एक्टिवेट हो जाएगा। क्यों जरूरी है यह वेरिफिकेशन? NHAI के अनुसार, हाल में कई मामलों में पाया गया कि कुछ लोग एक वाहन का FASTag दूसरे वाहन में इस्तेमाल कर रहे थे। इससे न केवल टैग सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा था, बल्कि टोल कलेक्शन की पारदर्शिता पर भी असर पड़ रहा था। इसलिए अब यह KYV प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है ताकि हर वाहन की पहचान और उसका टैग एक-दूसरे से लिंक रहे।  

अमित शाह का हरियाणा दौरा: 17 नवंबर को करेंगे नॉर्दर्न जोनल काउंसिल बैठक की अगुवाई

फरीदाबाद  फरीदाबाद में आगामी 17 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अधिकारी तैयारियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फरीदाबाद में तैयारियों का जायजा सीएमओ और मंडलायुक्त स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक के अधिकारी आयोजन स्थल, सुरक्षा, यातायात, आवास, परिवहन, चिकित्सा सुविधाओं और आतिथ्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने में जुटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक राष्ट्रीय महत्व की है, इसलिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। फरीदाबाद नगर निगम, सेहत विभाग, लोक निर्माण, बिजली, परिवहन और अग्निशमन विभाग सहित सभी इकाइयों के अफसर लगातार तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक से पहले फरीदाबाद का दौरा करेंगे। चार राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश होंगे शामिल उत्तरी क्षेत्रीय परिषद में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ शामिल हैं। बैठक में सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक, मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। इस बैठक में आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, क्षेत्रीय विकास और अंतरराज्यीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। 1957 में धारा 15 के तहत पांच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई थी, जिनमें से यह एक परिषद है। पिछली बैठक अमृतसर में हुई थी इसके पहले, उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक 26 सितंबर 2023 को अमृतसर में आयोजित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी। उस बैठक में भाखड़ा-बीस प्रबंधन बोर्ड, पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़ी संबद्धता, सड़क और नहर परियोजनाएं, जल बंटवारा, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण संबंधी मंजूरियां और यूडीएएन योजना के विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी।  

नई कृषि क्रांति की तैयारी – ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगी स्मार्ट खेती

नई दिल्ली.  भारत में कृषि अब सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक का संगम बन चुकी है. एग्री-टेक यानी कृषि प्रौद्योगिकी ने किसानों की मेहनत को आधुनिक साधनों से जोड़कर खेती को लाभकारी बना दिया है. ड्रोन से लेकर सेंसर्स, डेटा एनालिटिक्स और मोबाइल ऐप्स तक- हर स्तर पर तकनीक का असर दिखने लगा है. अब किसान मौसम की सटीक जानकारी, मिट्टी की गुणवत्ता और फसल की पैदावार का अनुमान डिजिटल साधनों से कर पा रहे हैं. इससे न सिर्फ उत्पादकता बढ़ रही है, बल्कि लागत में भी बड़ी कमी आई है. केंद्र सरकार की योजना परवान चढ़ी तो देश में कृषि अब हल-बैल से नहीं, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ), रोबोट और बीजों की जीन एडिटिंग से चलेगी। पानी की बर्बादी शून्य होगी और भरपूर पैदावार से अन्नदाता किसान की आय मौजूदा स्तर से दोगुनी हो सकती है। नीति आयोग ने अगले पांच साल के लिए देश में खेती का रोडमैप जारी करते हुए यह सपना दिखाया है जो सच भी हो सकता है। नीति आयोग ने रोडमैप के रूप में विजन डॉक्यूमेंट ‘रीइमैजिनिंग एग्रीकल्चर : रोडमैप फॉर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी लेड ट्रांसफॉर्मेशन’ तैयार किया है। इस डॉक्यूमेंट में कृषि में 100 प्रतिशत आत्मनिर्भता लाने के लिए ऐसी तकनीकों को चुना है, जिसके जरिए देश की कृषि में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। ये तकनीकें क्लाइमेट चेंज, पानी की कमी, मिट्टी की थकान और बाजार की अनिश्चितता को खत्म करने में मददगार बनेगी। रोडमैप पर प्रभावी अमल से अगले 5 साल में देश मेें कृषि लागत 40 प्रतिशत घटने का अनुमान जताया गया है। कृषि लागत को ही किसानों की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाने में सबसे बड़ी बाधा माना जाता है। रोडमैप से कृषि उत्पादन में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी होगी। स्मार्ट फार्मिंग: खेतों से जुड़ी स्मार्ट सोच ‘स्मार्ट फार्मिंग’ अब भारतीय गांवों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. यह तकनीक खेती के हर चरण में वैज्ञानिक नजरिया अपनाने पर आधारित है. उदाहरण के लिए, ड्रोन के जरिए फसलों पर छिड़काव से समय और पानी दोनों की बचत होती है. वहीं, सेंसर से मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों की निगरानी कर किसान तय कर सकते हैं कि किस समय कितनी सिंचाई या खाद की जरूरत है. कई स्टार्टअप्स किसानों को मोबाइल ऐप्स के माध्यम से बाजार भाव, बीज चयन, और फसल बीमा की जानकारी भी दे रहे हैं. इससे किसान पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर और जागरूक हो रहे हैं. डिजिटल एग्रीकल्चर से नए अवसर सरकार और निजी कंपनियां मिलकर ‘डिजिटल एग्रीकल्चर’ को तेजी से बढ़ावा दे रही हैं. प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना, डिजिटल किसान पोर्टल, और ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) जैसी पहलों ने किसानों के लिए तकनीक को सुलभ बना दिया है. आज किसान अपने स्मार्टफोन से सीधे मंडियों से जुड़ सकते हैं और बिचौलियों से बचकर बेहतर दाम पा सकते हैं. इसके अलावा, सैटेलाइट इमेजिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकें फसलों की स्थिति पर नज़र रखती हैं और समय रहते चेतावनी भी देती हैं. इससे फसल नुकसान की संभावना काफी घट गई है. आधुनिक तकनीक से आत्मनिर्भर किसान एग्री-टेक ने भारतीय कृषि को नई दिशा दी है. जहां पहले खेती को जोखिम भरा माना जाता था, वहीं अब यह इनोवेशन और उद्यमिता का क्षेत्र बन चुका है. युवा किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ जैविक, हाइड्रोपोनिक और प्रिसिशन फार्मिंग जैसी तकनीकों को अपना रहे हैं. इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है. भारत धीरे-धीरे ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर इकोनॉमी’ की ओर बढ़ रहा है, जहां तकनीक और परंपरा मिलकर एक स्थायी कृषि भविष्य की नींव रख रहे हैं. संक्षेप में भारत में एग्री-टेक सिर्फ खेती का आधुनिकीकरण नहीं, बल्कि किसानों की जिंदगी में नई उम्मीदों की बुआई है. तकनीक ने साबित कर दिया है कि अगर सही जानकारी और संसाधन मिलें, तो खेत भी डिजिटल इंडिया की ताकत बन सकते हैं. फ्रंटियर टेक्नोलॉजी : खेत से लैब तक ड्रोन फार्मिंग : एक घंटे में 50 एकड़ पर कीटनाशक छिड़काव, 80% दवा बचत। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग (एआइ/एमएल): मौसम, कीट, बीमारी का 100% सटीक पूर्वानुमान। इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) : मिट्टी की नमी, पीएच, पोषक तत्व 24 घंटे सातों दिवस मोबाइल पर। सैटेलाइट इमेजरी : बादल पार कर फसल की लाइव तस्वीर, सूखा-बाढ़ अलर्ट। ब्लॉकचेन : बीज से बाजार तक पारदर्शी चेन, नकली खाद-बीज खत्म। रोबोटिक्स : बुवाई, निराई, कटाई सब ऑटोमैटिक, मजदूरों की कमी दूर। जीन एडिटिंग (सीआरआइएसपीआर ) : 2 साल में सूखा, कीट, नमक रोधी नई किस्में। प्रिसिजन फार्मिंग : हर पौधे को अलग खाद-पानी, 30% लागत में होगी बचत। वर्टिकल फार्मिंग : शहरों में की छतों पर 10 मंजिला खेत, 1 एकड़ यानी 10 एकड़ यील्ड पर फॉर्मिंग। हाइड्रोपोनिक्स : बिना मिट्टी, 90 प्रतिशत कम पानी, साल भर फसल। एरोपोनिक्स : हवा में उगाएं सब्जी, पानी की बूंद भी न बर्बाद। बिग डेटा एनालिटिक्स : हर गांव, हर फसल का अलग ‘डिजिटल फॉर्मूला’। साल दर साल ऐसे कदम वर्ष –लक्ष्य — यह होगा 2026- पायलट प्रोजेक्ट – 10 राज्यों में ड्रोन एआइ हब, 1 लाख एकड़ कवर 2027- डिजिटल पहुंच – 50 प्रतिशत किसानों को मुफ्त ऐप, सैटेलाइट डेटा, आइओटी किट मिलेंगे 2028 –ग्लोबल मार्केट- ब्लॉक चेन से सीधे निर्यात, 10 लाख टन ऑर्गेनिक 2029—रोबोट क्रांति-— 500 रुपए /दिन रोबोट किराया, 50,000 यूनिट डिप्लॉय 2030—स्मार्ट विलेज-–हर गांव में ‘डिजिटल खेत’, आय दोगुनी की गारंटी किसानो को ऐसे लाभ आय: 1 एकड़ में गेहूं से मौजूदा 25,000 रुपए से बढ़कर 2030 में 70,000 रुपए लागत कम: 40% कम होगी (खाद-पानी-दवा) उत्पादन बढ़ेगा : 60% बढ़ेगा पानी बचत : 90% (हाइड्रो/एरोपोनिक्स) बाजार उपलब्धता: 100% (ब्लॉकचेन) फंडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर : कृषि-टेक फंड : 50,000 करोड़ रुपए ड्रोन दीदी : 1 लाख महिलाओं को ट्रेनिंग। एआइ लैब: हर जिले में 1 एआइ लैब बनेगी। फ्री स्मार्टफोन: 10 करोड़ किसानों को रोबोट बैंक: 1 लाख यूनिट रेंट पर खुलेगा। सब साथ आएंगे होंगे सफल यह यात्रा अकेले सरकार की नहीं है। यह तभी सफल होगी जब किसान, वैज्ञानिक, उद्यमी, निवेशक और नीति-निर्माता एक साथ आएं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि खेतों तक पहुंचे। जहां यह वास्तव में बदलाव ला सकें। यह रोडमैप ऐसे भविष्य का एक आह्वान है, जहां भारत … Read more

अब Google Maps सड़क पर ऐसे दिखाएगा रास्ता, बदल जाएगा ड्राइविंग एक्सपीरियंस

नई दिल्ली Google Maps के लिए नए फीचर का ऐलान हो गया है,  जिसकी मदद से अब कार चालक को लेन नेविगेशन की भी सुविधा मिलेगी. ये आपके सफर को आसान बनाएगा और गलत रास्तों पर भी जाने से रोकेगा. Google ने इस फीचर की जानकारी ब्लॉग में दी है. यह काफी कुछ आपको एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसा है.  Google ब्लॉग के मुताबिक, गूगल मैप्स में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पावर्ड लाइव लेन गाइडेंस फीचर को इंट्रोड्यूस्ड किया है. कंपनी ने इस फीचर को बेहतर तरीके से समझाने के लिए एक छोटा का वीडियो भी ब्लॉग में एम्बेड किया है.  ऐसे काम करेगा AI-पावर्ड लाइव लेन फीचर वीडियो में बताया है कि AI-पावर्ड लाइव लेन गाइडेंस फीचर कैसे काम करेगा. वीडियो में दिखाया है कि जब कार रोड पर बनी लेन से बाहर जाएगी को ड्राइवर को संकेत दिए जाएंगे कि गाड़ी की लेफ्ट या राइट कर लें. मोड़ या फ्लाइओवर से पहले कई बार लेन बदलने की जरूरत होती है.  Google Maps का नया फीचर का फायदा  सफर के दौरान जब कोई मोड़ या फ्लाईओवर आता है तो नई लोकेशन पर कार ड्राइवर को वक्त रहते पता नहीं चल पाता है कि कार को किस लेन में लेकर जाना है. ऐसे में वह गलत रोड या गलती से फ्लाईओवर पर चढ़ जाते हैं. अब नया AI-पावर्ड लाइव लेन गाइडेंस फीचर आने के बाद ये गलती नहीं होगी.  आफ्टर मार्केट के डैशकैम का ADAS जैसा फीचर Google Maps का ये नया फीचर आपको आफ्टर मार्केट में सेल होने वाले डैश कैम के ADAS फीचर जैसा लग सकता है. उन डैशकैम में ADAS के नाम पर लेन बदलने पर अलर्ट मिलता है और ड्राइवर को सही लेन में जाने की सलाह दी जाती है.  इन कार को मिलेगा पहले अपडेट  Google Maps ने AI-पावर्ड लाइव लेन गाइडेंस फीचर की शुरुआत Google बिल्ट-इन वाली कारों से होगी. इस फीचर को सबसे पहले आने वाले महीनों में अमेरिका और स्वीडन में Polestar 4 कारों पर उपलब्ध कराया जाएगा. इसके बाद यह फीचर अन्य रोड टाइप्स और ज्यादा कार मॉडलों पर भी रोलआउट किया जाएगा, जिसके लिए गूगल पार्टनरशिप भी कर रहा है. 

खोई हुई जिंदगी वापस मिली: आतंकियों से आजाद हुए बंधक ने बताई परेशान कर देने वाली आपबीती

तेल अवीव उन्होंने मेरे सारे कपड़े, मेरा अंडरवियर, सब कुछ उतार दिया. जब मैं पूरी तरह से नंगा हो गया तब…. यह कहते हुए 21 साल के शख्स की आवाज धीमी हो गई. वह थोड़ा संभले फिर बोले कि जब एक पुरुष बंधक के तौर पर मैं बिना भोजन और पानी के मर रहा था. मैंने ईश्वर से प्रार्थना की थी – मुझे बचा लो, मुझे इस संकट से बाहर निकालो. रोम ब्रास्लास्की हाल ही में हमास के चंगुल से आजाद हुए हैं. वह पहले पुरुष इजरायली बंधक हैं जिन्होंने खुलकर आरोप लगाया है कि गाजा में बंदी रहते हुए उनका यौन उत्पीड़न किया गया.   7 अक्टूबर को उस इवेंट पर हमले के समय जब उन्हें अगवा किया गया, वह सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहे थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने फिलस्तीनी इस्लामिक जिहाद की ओर से बंधक बनाए जाने के बाद अपने साथ हुई आपबीती साझा की है. सीएनएन ने फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद से इस रिपोर्ट पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन आतंकी संगठन की ओर से कोई जानकारी नहीं मिल पाई. इससे पहले सोसना नाम की युवती ने आरोप लगाया था कि जब वह हमास की बंधक थी तो गार्ड ने बंदूक की नोक पर उसका यौन शोषण किया.  अब ब्रास्लास्की ने कहा है कि वह निश्चित रूप से यौन शोषण था. उन्होंने कहा कि मेरे साथ जो हुआ, वो यौन हिंसा थी और इसका मकसद मुझे अपमानित करना था. वे मेरे आत्मसम्मान पर हमला करना चाहते थे और उन्होंने वही किया. इस इंटरव्यू को पिछले हफ्ते ही रिकॉर्ड किया गया है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर आ गया है जिसे कई इजरायली शेयर कर रहे हैं.  वह कहते हैं कि मेरे लिए उस टाइम के बारे में बात करना काफी मुश्किल है. ब्रास्लास्की उन आखिरी 20 जीवित बंधकों में से एक हैं जिन्हें इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के तहत दो साल से ज्यादा समय कैद में रहने के बाद पिछले महीने रिहा किया गया. उन्हें फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद संगठन ने बंधक बना रखा था, जो गाजा में हमास से संबद्ध एक फिलिस्तीनी आतंकी समूह है. खाने के बदले धर्म बदलने को कहा हमास के आतंकियों ने इस साल की शुरुआत में काफी कमजोर हो चुके ब्रास्लास्की का वीडियो जारी किया था. तस्वीर देखकर भावुक पिता ने कहा था कि वह अपने बेटे को पहचान नहीं पा रहे हैं. उनकी मां ने इजरायली मीडिया को बताया है कि उस पर खाना खाने (खाना देने) के बदले इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव डाला गया था. मैं नर्क में रहा यौन उत्पीड़न पर ब्रास्लास्की ने कहा कि यह एक भयावह घटना थी. आप बस ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि यह रुक जाए. और जब मैं वहां था तो हर दिन, पिटाई… मैं खुद से कहता था कि मैं नर्क में एक दिन और जी चुका हूं. कल सुबह, मैं एक और नर्क में जागूंगा. कुछ और बंधकों ने आरोप लगाया है कि हमास की कैद में उनके साथ यौन उत्पीड़न या दुर्व्यवहार किया गया. हालांकि हमास की तरफ से इसका खंडन किया जाता रहा है. नया खुलासा इसलिए चौंकाता है क्योंकि अब तक, केवल महिला बंधक ही आगे आई थी, पहली बार किसी पुरुष ने यह आरोप लगाया है.  

150 साल पूरे होने पर वंदे मातरम का भव्य आयोजन, पीएम की मौजूदगी में उठा इस्लाम से जुड़ा मुद्दा

 नई दिल्ली भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर केंद्र सरकार ने देश भर के 150 स्थानों पर आयोजन का फैसला लिया है। इसके तहत सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाया जाएगा। यही नहीं सभी आयोजनों में मुख्य अतिथि के तौर पर कोई वरिष्ठ नेता, मंत्री या अधिकारी भी शामिल होगा। खुद पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ऐसे ही एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री हिस्सा लेंगे। इस बीच जम्मू-कश्मीर में इन आयोजनों को लेकर इस्लाम वाला सवाल उठ गया है। मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा ने केंद्र शासित प्रदेश की सरकार पर सवाल उठाए हैं। सरकार ने सभी स्कूलों को यह आदेश दिए जाने पर आपत्ति जताई है कि वे वंदे मातरम पर संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम करें। इस्लामिक संस्था का कहना है कि वंदे मातरम के आयोजन में शामिल होने के लिए कहना गैर-इस्लामी है। यह मुस्लिम बहुल इलाके पर आरएसएस की हिंदुत्व वाली विचारधारा को थोपने का प्रयास है। बता दें कि 7 नवंबर को होने वाले आयोजनों में स्कूली बच्चों, कॉलेज के छात्रों, अधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों सहित नागरिकों की भागीदारी रहेगी। इन आयोजनों में वंदे मातरम का सामूहिक गान होगा। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में होने वाले उद्घाटन समारोह में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम, वंदे मातरम के 150 वर्षों के इतिहास पर एक प्रदर्शनी, एक लघु वृत्तचित्र फिल्म का प्रदर्शन और एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया जाएगा। भाजपा भी इस उपलब्धि को एक उत्सव के रूप में मनाने की योजना बना रही है। नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में भाजपा के महासचिव तरुण चुघ ने कहा, 'इस अवसर को मनाने के लिए सात नवंबर से 26 नवंबर (संविधान दिवस) तक देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ’ इन प्रमुख स्थानों पर भी होगा वंदे मातरम का गायन उन्होंने बताया कि सात नवंबर को 150 महत्वपूर्ण स्थानों पर वंदे मातरम गाया जाएगा, जिसके बाद स्वदेशी उत्पादों के उपयोग की शपथ ली जाएगी। इस दौरान कविता लेखन, पाठन और चित्रकला जैसे कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जिन स्थानों पर सात नवंबर को वंदे मातरम का गायन आयोजित किया जाएगा उनमें कारगिल युद्ध स्मारक, अंडमान और निकोबार सेलुलर जेल, ओडिशा का स्वराज आश्रम, आगरा में शहीद स्मारक पार्क और वाराणसी में नमो घाट शामिल हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि वंदे मातरम अंग्रेजों से भारत की मुक्ति के लिए एक प्रमुख मंत्र के रूप में उभरा। क्या है इस्लाम वाली दलील और जम्मू-कश्मीर से सरकार से क्या अपील संस्कृति मंत्रालय के अनुसार ऐसा माना जाता है कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस गीत की रचना सात नवंबर 1875 को अक्षय नवमी के अवसर पर की थी। मातृभूमि की वंदना में गाए गए इस गीत को 1950 में राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया था। वहीं मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा ने एक लेटर लिखकर जम्मू-कश्मीर की सरकार और एलजी से मांग की है कि वंदे मातरम के आयोजन में भाग लेने की अनिवार्यता खत्म की जाए। ऐसा करना गैर-इस्लामिक है और हिंदुत्व की विचारधारा को थोपने वाला है।