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विशेष आर्टिकल :ODOP के साथ PMMY की शक्ति: उत्तर प्रदेश के छोटे व्यवसायियों की आर्थिक उड़ान

लखनऊ  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY), जिसे 8 अप्रैल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था, आज भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की रीढ़ है। उत्तर प्रदेश में यह योजना एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और मिशन शक्ति के साथ मिलकर लाखों कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बिना गारंटी ऋण प्रदान कर रही है। अब तक उत्तर प्रदेश में 12 करोड़ से अधिक मुद्रा ऋण वितरित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल राशि ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक है। योजना ने 40 लाख+ रोजगार सृजित किए हैं, और 60% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। आइए, जानें कैसे PMMY उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर राज्य बनाने में योगदान दे रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: तीन श्रेणियां, अनगिनत सपने PMMY के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे/सूक्ष्म उद्यम (उद्योग, सेवा, व्यापार) को बिना गारंटी ऋण दिया जाता है। कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं, और ब्याज दर बैंक के अनुसार (आमतौर पर 8-12%)। तीन श्रेणियां हैं: श्रेणी    ऋण राशि    उद्देश्य    उत्तर प्रदेश में वितरण (2025 तक) शिशु (Shishu)    ₹50,000 तक    नई इकाई शुरू करना    8.5 करोड़+ ऋण, कुल ₹45,000 करोड़ किशोर (Kishor)    ₹50,001 – ₹5 लाख    मौजूदा इकाई विस्तार    2.8 करोड़+ ऋण, कुल ₹65,000 करोड़ तरुण (Tarun)    ₹5,00,001 – ₹10 लाख    बड़े विस्तार, मशीनरी    1.2 करोड़+ ऋण, कुल ₹40,000 करोड़ •    पात्रता: 18 वर्ष से अधिक उम्र, आधार कार्ड, बैंक खाता। SC/ST/OBC/महिलाओं को प्राथमिकता। •    आवेदन: बैंक शाखा, ऑनलाइन (mudra.org.in), या UDYAM पोर्टल। •    विशेष: महिलाओं के लिए 0.25% ब्याज छूट, मुद्रा कार्ड से कार्यशील पूंजी। उत्तर प्रदेश में ODOP उत्पादों (जैसे चिकनकारी, पीतल, गुड़) के लिए मुद्रा ऋण प्राथमिकता पर दिए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में PMMY का प्रभाव: आंकड़े और कहानियां •    कुल ऋण: 12.5 करोड़+ (राष्ट्रीय कुल का 20%)। •    महिला लाभार्थी: 7.5 करोड़+ (60% से अधिक)। •    ODOP से जुड़ाव: 3 लाख+ ODOP उद्यमियों को मुद्रा ऋण। •    रोजगार: 40 लाख+ नई नौकरियां, पलायन में 70% कमी। •    डिजिटल वितरण: 98% आवेदन 7 दिन में स्वीकृत (PSB59 पोर्टल)। प्रेरक कहानी: लखनऊ की रुखसार बानो – चिकनकारी से 'लाखपति दीदी' लखनऊ की रुखसार बानो (32 वर्ष) एक गृहिणी थीं, जिनके पति की दुकान बंद हो गई। मुद्रा योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी: चरण    लाभ शिशु ऋण (2020)    ₹50,000 – सिलाई मशीन, कच्चा माल किशोर ऋण (2022)    ₹3 लाख – 5 महिलाओं को प्रशिक्षण, दुकान तरुण ऋण (2024)    ₹8 लाख – ऑनलाइन स्टोर, निर्यात वर्तमान आय    मासिक ₹1.2 लाख, 25 महिलाओं को रोजगार रुखसार कहती हैं: “मुद्रा ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, सम्मान दिया। आज मेरी चिकनकारी दुबई तक पहुंच रही है। ODOP ने ब्रांड बनाया, मुद्रा ने पूंजी दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दूरदर्शी नेतृत्व: मुद्रा को ODOP का सहयात्री योगी जी ने मुद्रा योजना को ODOP और मिशन शक्ति के साथ जोड़कर उत्तर प्रदेश मॉडल बनाया। उनके प्रमुख बयान: •    20 सितंबर 2025 (मिशन शक्ति 5.0 लॉन्च):  “मुद्रा योजना ने 12 करोड़ उत्तर प्रदेशियों को ऋण दिया। ODOP के साथ मिलकर यह लाखपति दीदी बना रही है।” •    24 जनवरी 2025 (उत्तर प्रदेश दिवस):  “2017 से पहले बैंक गरीबों के दरवाजे बंद थे। मुद्रा ने बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ दिए – यह भाजपा का गरीब कल्याण है।” •    8 फरवरी 2024 (ODOP CFC उद्घाटन):  “मुद्रा + ODOP = आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश। हमारा लक्ष्य 20 लाख मुद्रा उद्यमी 2027 तक।” योगी जी का डिजिटल और पारदर्शी शासन मुद्रा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाता है। भाजपा सरकार का ऐतिहासिक कदम: मुद्रा – आत्मनिर्भर भारत का इंजन भाजपा सरकार ने मुद्रा योजना को राष्ट्रीय क्रांति बनाया: •    राष्ट्रीय कुल: 45 करोड़+ ऋण, ₹28 लाख करोड़। •    उत्तर प्रदेश में: 20% हिस्सा, 60% महिला लाभार्थी। •    ODOP एकीकरण: 3 लाख+ ODOP इकाइयां मुद्रा से वित्तपोषित। •    महिला सशक्तिकरण: मिशन शक्ति के तहत लाखपति दीदी लक्ष्य। •    डिजिटल क्रांति: PSB Loans in 59 Minutes – 7 दिन में ऋण। यह कदम 'गरीब से उद्यमी' की यात्रा है – भाजपा की समावेशी विकास नीति का प्रमाण। निष्कर्ष: मुद्रा योजना – उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्वतंत्रता का आधार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने उत्तर प्रदेश को उद्यमिता का हब बनाया। रुखसार बानो जैसी लाखों महिलाएं आज आत्मनिर्भर हैं। योगी सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: •    2017 से पहले बैंक दरवाजे बंद – आज 12 करोड़ ऋण। •    बिना गारंटी ₹1.5 लाख करोड़ – भ्रष्टाचार मुक्त। •    60% महिला लाभार्थी – नारी शक्ति का सशक्तिकरण। •    ODOP + मुद्रा = निर्यात क्रांति – $1 ट्रिलियन लक्ष्य की ओर। •    डिजिटल, पारदर्शी, समावेशी – विश्व मॉडल। योगी सरकार ने साबित कर दिया – जब अवसर मिले, तो गरीब भी उद्यमी बनता है। मुद्रा कोई ऋण नहीं, उत्तर प्रदेश के सपनों का ईंधन है। आवेदन करें: mudra.org.in | निकटतम बैंक शाखा 📞 हेल्पलाइन: 1800-180-1111 🎯 #PradhanMantriMudraYojana #ODOP #YogiHaiToRojgarHai

विशेष आर्टिकल- उत्तर प्रदेश की कृषि और ग्रामीण विकास क्रांति: UP-AGREES प्रोजेक्ट से नई संभावनाएँ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 जनवरी 2025 को विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा की उपस्थिति में लॉन्च किया। यह 6 वर्षीय (2025-2031) प्रोजेक्ट ₹4,000 करोड़ के बजट से संचालित है, जिसमें विश्व बैंक से ₹2,737 करोड़ ऋण (35 वर्ष चुकौती, 7 वर्ष मोरेटोरियम, 1.23% ब्याज) और राज्य सरकार से ₹1,166 करोड़ का योगदान है। प्रोजेक्ट पूर्वांचल के 21 जिलों (जैसे वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (जैसे झांसी, बांदा, चित्रकूट) में लागू होगा, जो जलवायु परिवर्तन से सबसे प्रभावित 28 जिलों को कवर करता है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादकता 30-35% सुधारना (10 क्विंटल से 14-15 क्विंटल/एकड़), डिजिटल तकनीक अपनाना और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है। 10 लाख किसान (30% महिलाएं), मछली पालक और कृषि-आधारित MSME सीधे लाभान्वित होंगे। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 विजन को साकार करेगा, जहां UP 23% राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन करता है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य: कृषि से आत्मनिर्भरता तक UP-AGREES कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत, वित्तीय पहुंच सुधार और मूल्य वर्धन अवसर सृजित करने पर केंद्रित है। प्रमुख लक्ष्य: •    उत्पादकता वृद्धि: जलवायु-स्मार्ट कृषि (CSA) से फसल उत्पादन 30-35% बढ़ाना। •    डिजिटल क्रांति: UP AGRIVERSE – AI, IoT, GIS, ड्रोन, बिग डेटा से Agriculture 3.0। •    ग्रामीण उद्यमिता: एग्रो क्लस्टर स्थापित, मछली पालन में क्षमता वृद्धि। •    समावेशी विकास: महिलाओं, SC/ST/OBC को प्राथमिकता; 10,000 महिला उत्पादक समूह लिंकेज। •    परिणाम: किसान क्रेडिट कार्ड (eKCC) को समयबद्ध, किफायती बनाना; 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। प्रोजेक्ट की संरचना: 4 प्रमुख घटक प्रोजेक्ट 4 घटकों में विभाजित है, जो राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़े हैं: घटक    विवरण    प्रभाव (2025-31) 1. कृषि उत्पादकता वृद्धि    जलवायु-स्मार्ट इनपुट (बीज, उर्वरक), मशीनरी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन।    10 लाख किसानों को CSA अपनाने में सहायता; उत्पादन 30%+। 2. एग्रो क्लस्टर स्थापना    प्रतिस्पर्धी वस्तुओं (फल-सब्जी, अनाज) पर क्लस्टर; मछली पालन में ICAR सहयोग।    मछली उत्पादकता दोगुनी; बाजार पहुंच सुधार। 3. डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी मजबूती    UP AGRIVERSE – AI/IoT/GIS से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग; डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल।    डिजिटल कृषि इकोसिस्टम; eKCC से वित्तीय समावेश। 4. प्रोजेक्ट प्रबंधन, ज्ञान और सीख    क्षमता निर्माण, मॉनिटरिंग, 500 किसानों का विदेश प्रशिक्षण।    10,000 महिला समूह लिंक; ज्ञान साझा। कार्यान्वयन: दो चरणों में – पहला चरण 28 जिलों में (2024-25 से शुरू), दूसरा विस्तार। बजट आवंटन: घटक-वार, ₹2.25 लाख करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर। प्रेरक उदाहरण: प्रोजेक्ट से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड लाभार्थी):  o    सहायता: CSA इनपुट + ड्रोन मॉनिटरिंग। o    अब: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "UP-AGREES ने सूखे को अवसर बनाया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG (पूर्वांचल):  o    सहायता: एग्रो क्लस्टर + डिजिटल मार्केटिंग। o    अब: 41 महिलाएं, ₹1 करोड़ टर्नओवर, सब्जी निर्यात। 3.    गोरखपुर मछली पालक (ICAR सहयोग):  o    सहायता: जलाशय क्षमता वृद्धि। o    अब: उत्पादकता दोगुनी, 100+ परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: प्रोजेक्ट पर दृष्टि CM योगी ने UP-AGREES को 'कृषि क्रांति का मील का पत्थर' बताया: •    लॉन्च समारोह (28 जनवरी 2025):  "UP-AGREES पूर्वांचल-बुंदेलखंड को कृषि हब बनाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार। विश्व बैंक का सहयोग सराहनीय।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "प्रोजेक्ट से किसानों की आय दोगुनी, जलवायु चुनौतियां अवसर बनेंगी। डिजिटल AGRIVERSE से Agriculture 3.0!" •    X पर योगी जी:  #UPAGREES – "कृषि से आत्मनिर्भर UP – AGREES हर किसान का साथी!" निष्कर्ष: UP-AGREES – UP कृषि का नया क्षितिज UP-AGREES ₹4,000 करोड़ से 28 जिलों में डिजिटल-जलवायु स्मार्ट कृषि लाएगा, जहां 10 लाख किसान सशक्त होंगे। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, जुड़ें – नया UP आपका इंतजार कर रहा है! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

कोरबा को मिला विकास का तोहफ़ा: उद्योग मंत्री ने किए 4.92 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण

रायपुर : उद्योग मंत्री ने कोरबावासियों को दी 4.92 करोड़ रूपए के विकास कार्याें की सौगात विभिन्न वार्डाे में होगे सड़क, नाली, कलवर्ट आदि के निर्माण कार्य, तो वहीं वरिष्ठजनों को मिला उनका अपना सियान सदन रायपुर उद्योग, वाणिज्य तथा श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम केरबा क्षेत्रांतर्गत विभिन्न वार्डाे को 4.92 करोड़ रूपये के विकास कार्याे की सौगात प्रदान की। इस सौगात से निगम के विकास कार्याे को गति मिली है, जिसके तहत सड़क, नाली, कलवर्ट आदि के निर्माण कार्य विभिन्न वार्डाे में किए जाएंगे, तो वहीं दूसरी ओर वार्ड क्र. 13 में वरिष्ठजनों को उनका अपना सियान सदन भी प्राप्त हुआ है।  उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा अंतर्गत न्यू अमरैयापारा एवं कोसाबाड़ी जोनांतर्गत सिंगापुर में 04 करोड़ 82 लाख रूपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्याे का भूमिपूजन बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मती संजूदेवी राजपूत के द्वारा की गई, जबकि कार्यक्रम में सभापति  नूतन सिंह ठाकुर,  गोपाल मोदी, वरिष्ठ पार्षद  नरेन्द्र देवांगन सहित मेयर इन काउंसिल के सदस्यों, पार्षदों व जनप्रतिनिधियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की, वहीं उद्योग मंत्री  देवांगन द्वारा वार्ड क्र. 13 में 10 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित सियान सदन का लोकार्पण भी किया गया।  इस अवसर पर उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनता जनार्दन का आशीर्वाद, प्यार व स्नेह मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, मैं आभारी हूॅं कि कोरबा की जनता ने मुझे सदैव अपना प्यार, स्नेह व आशीर्वाद दिया है, उन्होने कहा कि जहां तक कोरबा के विकास की बात है, तो देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी व लोकप्रिय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के आशीर्वाद तथा उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री  अरूण साव के सहयोग से कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है, यहां पर बरसों से व्याप्त समस्याएं दूर हो रही हैं, जिसके साक्षी हम सब हैं। उन्होने कहा कि विगत डेढ़ वर्षाे के कार्यकाल में कोरबा नगर निगम क्षेत्र में 700 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। विकास कार्याे हेतु जब भी जितनी राशि की मांग की जाती है, मुख्यमंत्री  साय के द्वारा तत्काल स्वीकृत प्रदान की जाती है, उन्होने कहा कि कोरबा नगर निगम के सभी 67 वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य हो रहे हैं, आगे भी लगातार होंगे, यह मैं विश्वास दिलाता है।  इस मौके पर महापौर मती संजूदेवी राजपूत और  गोपाल मोदी ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। वरिष्ठजनों को मिला सियान सदन उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने अधोसंरचना मद से स्वीकृत व 10 लाख रूपये की लागत से नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 13 में सियान सदन का निर्माण कराया गया है, आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने उक्त सियान सदन का लोकार्पण किया तथा भवन को वरिष्ठजनों की सेवा में समर्पित किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने वार्ड क्र. 14 में 10 लाख रूपये की लागत से भव्य शेड निर्माण की घोषणा की तथा इस पर त्वरित कार्यवाही किए जाने के निर्देश अधिकारियां के दिए। इसके साथ ही उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विकास कार्याे का भूमिपूजन आज सम्पन्न हुआ है, वे कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं तथा कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखते हुए तेजी से कार्य करते हुए समयसीमा में कार्य पूर्ण हो, यह सुनिश्चित कराएं।  कार्यक्रम के दौरान निगम के सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद  नरेन्द्र देवांगन, एम.आई.सी सदस्य अजय प्रभा टीकम राठौर, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री

रायपुर : वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य – मुख्यमंत्री रायपुर “छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है।”यह कहना था विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का, जिन्होंने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर अपनी खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री  साय ने आकांक्षा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान में छत्तीसगढ़ की बेटी के शामिल होने से प्रदेशवासियों को यह महसूस हुआ कि हम सभी इस जीत में सहभागी हैं।”इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आकांक्षा को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आकांक्षा सत्यवंशी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि “आपने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आपकी सफलता आने वाली पीढ़ियों की बेटियों को प्रेरित करेगी।”उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि और भी युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल अलंकरण सम्मान को पुनः प्रारंभ कर रही है। साथ ही, ओलंपिक में शामिल होने वाले और पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सुदूर अंचलों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के साथ इस ऐतिहासिक जीत की खुशी साझा करते हुए कहा, “वर्ल्ड कप जीतना भारतीय महिला टीम की सफलता के साथ ही छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है। मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस जीत में योगदान दे पाई।” उन्होंने बताया कि यद्यपि वे मैदान में सक्रिय खिलाड़ी के रूप में नहीं थीं, लेकिन खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और रिकवरी को बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी रही।“मैं अपनी टीम के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं टीम को जीत तक पहुंचाने की यात्रा में साथ रही।” आकांक्षा ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “यदि लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता — बस ज़रूरत है निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास की।” इस अवसर पर आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को भारतीय महिला टीम की जर्सी भेंट की और वर्ल्ड कप अभियान की कुछ रोचक यादें साझा कीं। नियमित दिनचर्या, संयमित खानपान और योग — फिट रहने का मंत्र फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा ने मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के साथ महिला क्रिकेट टीम की मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री हमेशा कहते हंत कि खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए, और यह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। फिटनेस को लेकर उनकी सीख हर किसी को स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है।" आकांक्षा ने मुख्यमंत्री से उनके फिटनेस का रहस्य पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा — “हम सभी प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं। उनकी सक्रियता, ऊर्जा और अनुशासन से हम सीखते हैं। संतुलित आहार, योग और नियमित दिनचर्या ही फिट रहने का मेरा मंत्र है।” उल्लखेनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ टीम के साथ रहीं और खिलाड़ियों की फिटनेस व मानसिक मजबूती को बनाए  रखने में अहम योगदान दिया।आकांक्षा सत्यवंशी ने बतौर फिजियोथेरेपिस्ट और स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट, भारतीय टीम का हिस्सा बनकर खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और प्रदर्शन को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस उपलब्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री  साय ने आकांक्षा को 10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है। दुर्ग में जन्मी आकांक्षा का परिवार रायपुर में निवासरत है, जबकि उनका पैतृक गांव कवर्धा है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और फिजियोथेरेपी में बैचलर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की, जबकि मास्टर्स डिग्री कटक से प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव खेल और फिजियो साइंस के प्रति स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा था। साल 2019 में आकांक्षा ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ बतौर फिजियोथेरेपिस्ट अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। केवल छह वर्षों के छोटे से सफर में उन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म के बल पर राष्ट्रीय खेल जगत में विशेष पहचान बनाई। साल 2022 में उन्हें भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के साथ वर्ल्ड कप अभियान में शामिल किया गया।इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस मैनेजमेंट, रिकवरी सेशन, मानसिक दृढ़ता और ऊर्जा संतुलन पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

विशेष आर्टिकल-UP AGRIVERSE: AI, IoT और GIS के जरिए उत्तर प्रदेश में कृषि क्रांति और किसानों का सशक्तिकरण

लखनऊ  UP AGRIVERSE, उत्तर प्रदेश कृषि विकास एवं ग्रामीण उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र सशक्तिकरण प्रोजेक्ट (UP-AGREES) का एक प्रमुख घटक, राज्य को कृषि 3.0 की ओर ले जा रहा है। 28 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लॉन्च किया गया, यह डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र AI, IoT, GIS, ड्रोन और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसे उपकरणों से लैस है, जो 10 लाख किसानों (30% महिलाएं) को रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, निर्णय लेने और बाजार लिंकेज प्रदान करता है। विश्व बैंक समर्थित (₹4,000 करोड़ बजट) यह प्लेटफॉर्म पूर्वांचल के 21 जिलों (वाराणसी, गोरखपुर) और बुंदेलखंड के 7 जिलों (झांसी, बांदा) में लागू है। UPFR AgriStack के साथ एकीकृत, यह डिजिटल किसान रजिस्ट्री से eKCC (किसान क्रेडिट कार्ड) को समयबद्ध और किफायती बनाता है। PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन में UP AGRIVERSE उत्पादकता 30-35% बढ़ाने और जलवायु-स्मार्ट कृषि को साकार कर रहा है। UP AGRIVERSE का उद्देश्य: डिजिटल कृषि से आत्मनिर्भरता UP AGRIVERSE डेटा-ड्रिवन निर्णय पर फोकस करता है, जहां राष्ट्रीय कार्यक्रमों (IndEA, IDEA, Agristack) से जुड़कर डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल विकसित करता है। प्रमुख लक्ष्य: •    रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, फसल स्वास्थ्य। •    वित्तीय समावेश: eKCC से त्वरित ऋण, 500 किसानों को विदेश प्रशिक्षण। •    महिला सशक्तिकरण: 10,000 महिला उत्पादक समूह को डिजिटल लिंकेज। •    परिणाम: कृषि GSDP 28%, खाद्यान्न उत्पादन 23% राष्ट्रीय योगदान। UP AGRIVERSE के प्रमुख डिजिटल उपकरण: विस्तृत विवरण UP AGRIVERSE इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को एकीकृत करता है, जो किसानों को मोबाइल ऐप, डैशबोर्ड और API के माध्यम उपलब्ध हैं। यहां मुख्य उपकरण: उपकरण    विवरण    लाभ (किसानों के लिए) AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)    – फसल रोग निदान (मोबाइल ऐप से फोटो अपलोड)। – उर्वरक/कीटनाशक सिफारिशें। – मौसम पूर्वानुमान और जलवायु जोखिम विश्लेषण।    – रोग पहचान 90% सटीक, फसल हानि 20% कम। – आय वृद्धि: सटीक सलाह से उत्पादन 15%+। IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स)    – सेंसर-आधारित मिट्टी नमी, तापमान मॉनिटरिंग। – स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम। – फसल स्वास्थ्य ट्रैकिंग।    – जल संरक्षण 30%, सूखे में सहायता। – रीयल-टाइम अलर्ट: मोबाइल नोटिफिकेशन। GIS (जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम)    – भूमि मैपिंग, फसल सर्वे (डिजिटल क्रॉप सर्वे)। – संसाधन आवंटन (बीज/उर्वरक वितरण)। – क्लस्टर-आधारित योजना।    – भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन: UPFR से एकीकृत। – सब्सिडी वितरण: पारदर्शी, 98% निस्तारण। ड्रोन टेक्नोलॉजी    – हवाई सर्वे, कीटनाशक स्प्रे। – फसल स्वास्थ्य इमेजिंग (NDVI इंडेक्स)। – बाढ़/सूखा मैपिंग।    – स्प्रे कवरेज 95%, श्रम 50% कम। – बुंदेलखंड में उपयोग: जलवायु अनुकूलन। बिग डेटा एनालिटिक्स    – डेटा एनालिसिस से बाजार पूर्वानुमान। – MSP/बाजार मूल्य ट्रेंड। – eKCC क्रेडिट स्कोरिंग।    – बाजार लिंकेज: UP Mart से निर्यात। – वित्तीय पहुंच: ऋण स्वीकृति 70% तेज। अन्य विशेषताएं: •    UPFR AgriStack पोर्टल (upfr.agristack.gov.in): फार्मर ID जेनरेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे। •    मोबाइल ऐप: रीयल-टाइम मौसम, मिट्टी स्वास्थ्य, ब्लॉकचेन से ट्रेसिबिलिटी। •    एग्रो क्लस्टर: 15 एग्रो पार्क में एकीकृत, मछली पालन के लिए ICAR सहयोग। प्रेरक उदाहरण: उपकरणों से लाभान्वित किसान 1.    झांसी के रामू सिंह (बुंदेलखंड):  o    उपकरण: AI ऐप + IoT सेंसर। o    प्रभाव: गेहूं उत्पादन 20% बढ़ा, ₹50,000 मासिक आय। "ड्रोन ने सूखे को हराया।" 2.    वाराणसी की महिला SHG:  o    उपकरण: GIS + बिग डेटा। o    प्रभाव: 41 महिलाएं, सब्जी निर्यात से ₹1 करोड़ टर्नओवर। 3.    गोरखपुर मछली पालक:  o    उपकरण: ड्रोन + IoT। o    प्रभाव: उत्पादकता दोगुनी, 100 परिवार लाभान्वित। योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्धरण: UP AGRIVERSE पर दृष्टि •    लॉन्च (28 जनवरी 2025):  "UP AGRIVERSE AI-IoT से Agriculture 3.0 लाएगा। 10 लाख किसान, 30% महिलाएं – उत्पादकता 30% बढ़ेगी, $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का आधार।" •    उच्चस्तरीय बैठक (अगस्त 2024):  "डिजिटल उपकरण जलवायु चुनौतियां अवसर बनाएंगे। GIS-ड्रोन से सटीक कृषि!" निष्कर्ष: UP AGRIVERSE – डिजिटल कृषि का नया युग UP AGRIVERSE के AI, IoT, GIS जैसे उपकरण 10 लाख किसानों को सशक्त कर उत्पादकता 35% बढ़ा रहे हैं। योगी सरकार का यह प्रयास वैश्विक खाद्य हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। किसान, डिजिटल जुड़ें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

सुरक्षा कैम्पों से बढ़ा विश्वास, विकास की रफ्तार में आई तेजी – उपमुख्यमंत्री

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने बीजापुर में नक्सल उन्मूलन एवं अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों की ली समीक्षा सुरक्षा कैम्पों से बढ़ा विश्वास, विकास की रफ्तार में आई तेजी – उपमुख्यमंत्री रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने अपने बीजापुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज इन्द्रावती सभाकक्ष में नक्सल उन्मूलन एवं अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने नक्सल उन्मूलन की गतिविधियों, नवस्थापित सुरक्षा कैम्पों की स्थिति, उनके संचालन से आए सकारात्मक सामाजिक बदलावों तथा उन क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। सुरक्षा कैम्पों से बदली स्थिति बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने पिछले दो वर्षों में नक्सली गतिविधियों में आई कमी, पुनर्वासन करने वाले युवाओं की संख्या, गिरफ्तारियाँ, आईईडी बरामदगी, तथा हथियारों की जब्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के बाद दूरस्थ इलाकों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ी है और आम जनता में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। विकास योजनाओं की समीक्षा उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी, सड़क, बिजली, पेयजल और संचार सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की। कलेक्टर  संबित मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के बाद 166 गांव अब “नियद नेल्ला नार योजना” में शामिल किए गए हैं, जिसके तहत सभी बुनियादी सुविधाएं और शासन की योजनाएं पहुंचाने का कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर बल  शर्मा ने भैरमगढ़ ब्लॉक के नदी पार सात गांवों में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप की सराहना की और कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को और व्यापक स्तर पर पहुंचाने की दिशा में नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्द्रावती नदी किनारे बसे पंचायतों में आवागमन को सुगम बनाने के लिए मोटर बोट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक गांव में आशा एवं मितानिन कार्यकर्ता की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। वनाधिकार एवं योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत चिन्हांकित सभी गांवों में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पत्र प्रत्येक पात्र हितग्राही को जल्द प्रदान किए जाएं। इसके लिए पूर्व में स्थापित सुरक्षा कैम्पों वाले सभी गांवों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर वितरण सुनिश्चित करने को कहा। महिला समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में पहल  शर्मा ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन पर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने महुआ, टोरा, इमली, चिरौंजी जैसी स्थानीय वनोपजों का वैज्ञानिक संग्रहण एवं प्रसंस्करण कर वैल्यू एडिशन आधारित आयवृद्धि मॉडल लागू करने के निर्देश दिए। इस बैठक में बस्तर संभाग आयुक्त  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर  संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ  रंगानाथन रामाकृष्णन वाय., सीईओ जिला पंचायत मती नम्रता चौबे, उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व  संदीप बलगा सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

कारीआम-बसंतपुर एवं गौरेला-वेंकटनगर मार्ग का सुधार कार्य तेज़, उपमुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन सक्रिय

रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव की घोषणा के अनुरूप गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कारीआम-बसंतपुर मार्ग, जो कि जिला मुख्यालय एवं बिलासपुर आवागमन का मुख्य मार्ग है और गौरेला-वेंकटनगर मार्ग मध्य प्रदेश की सीमा से लगा हुआ अंतरराज्यीय मार्ग है। दोनों मार्गों पर बी.टी. पेच रिपेयर का कार्य तेजी से चल रहा है। यह कार्य लोक निर्माण विभाग पेंड्रा संभाग पेंड्रारोड द्वारा किया जा रहा है।                       विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि उक्त  दोनों मार्गों में यातायात घनत्व अधिक होने के कारण मार्ग जर्जर हो गया है। जिससे मार्ग में बार-बार डब्ल्यू.एम.एम. पेच से मरम्मत कार्य करना पड़ता है। वर्तमान में मार्ग की पूरी चौड़ाई में डब्ल्यू.एम.एम. 150 एम.एम. मोटाई, बी.एम. 50 एम.एम. मोटाई और एम.एस.एस. 20 एम.एम. मोटाई में पेच रिपेयर के अंतर्गत कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने ने बताया कि चिन्हाकित मार्गों का मरम्मत 31 दिसम्बर 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री श्री अरुण साव ने 10 अक्टूबर 2025 को घोषणा की थी कि वर्षा ऋतु के पश्चात सड़कों के रख-रखाव एवं मरम्मत का कार्य शीघ्र ही तेजी से किया जाएगा।

डिण्डोरी में विशाल स्वास्थ्य शिविर: 7,000 से अधिक जनजातीय लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

डिण्डोरी जिले में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 7170 जनजातीय लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार डिंडोरी जिले में रविवार 9 नवम्बर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर, 1 नवम्बर से 15 नवम्बर तक चल रहे विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत प्रशासन द्वारा वृहद जनकल्याणकारी एवं मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन बरगाँव, शहपुरा में किया गया। प्रशासन द्वारा 364 पंचायतों से 20 बस एवं 300 से ज़्यादा वाहनों से निःशुल्क जनजातीय वर्ग के लोगों को शिविर स्थल तक लाया गया। शिविर में 20 पंजीयन काउंटर में 60 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई जिसमे पंजीयन से लेकर चिकित्सक तक पहुँचाना एवं दवाई वितरण तक हितग्राही का सहयोग किया गया। शिविर में प्रशासन ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज, सुखसागर मेडिकल कॉलेज, अपोलो हॉस्पिटल जबलपुर, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज रीवा एवं ज़िला डिंडोरी से शासकीय एवं निजी 236 चिकित्सक एवं 500 से अधिक स्टाफ नर्स की टीम को आमंत्रित किया। विशेष रूप से हृदय रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, अस्थि रोग, दंत रोग तथा एक्स-रे एवं अन्य जांच सेवाओं के विशेषज्ञ चिकित्सक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इनके साथ बाल रोग, त्वचा रोग, मानसिक स्वास्थ्य, शल्य चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और आयुष चिकित्सा से संबंधित डॉक्टरों ने भी सक्रिय रूप से सेवाएँ दीं। शिविर के माध्यम से 7170 जनजातीय भाई-बहनों ने स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जनजाति वर्ग के 1734 हितग्राही की  सिकल सेल एनीमिया की जाँच, 986 की एक्स-रे, 1230 के नेत्र परीक्षण उपरांत 738 चश्मे वितरण, रक्त जांच, दंत परीक्षण एवं 2195 हितग्राहियों की आयुष जाँच जैसी अनेक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। शिविर परिसर में विभिन्न विभागों के सेवा एवं सूचना शिविर भी लगाए गए — जिनमें महिला एवं बाल विकास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जनपद पंचायत, राजस्व, शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित कई विभागों ने सहभागिता की। नागरिकों के लिए आधार अद्यतन, ई-केवाईसी, यूडीआईडी प्रमाण पत्र, पेंशन संबंधी कार्य, पात्रता जाँच तथा विभिन्न योजनाओं के आवेदन जैसी सुविधाएँ भी एक ही स्थान पर प्रदान की गईं। शिविर में दिव्यांगजन न्यायालय का आयोजन भी किया गया, जिसमें पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही 482 दिव्यांगजनो को 201 दिव्यांग प्रमाण पत्र और 1856 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इसके लिए प्रशासन ने पिछले 15 दिवस से जनपद स्तर पर आयोजित दिव्यांग शिविर के माध्यम से दिव्यांगनों को चिह्नांकित किया एवं प्रमाण पत्र एवं किट उपकरण आदि भी वितरण किए। दिव्यांग कोर्ट के माध्यम से दिव्यांगजनो के क्लेम का निराकरण किया गया। जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह पूरा अभियान 15 नवम्बर, भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस के समापन समारोह के साथ संपन्न होगा।” इस अवसर पर शहपुरा के विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे

जीवन अनमोल है – हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का रोमांच रायपुर में : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बढ़ाया युवाओं का हौसला जीवन अनमोल है – हेलमेट पहनें, जिम्मेदार बनें : मुख्यमंत्री साय रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में युवाओं के जोश और ऊर्जा का शानदार प्रदर्शन रायपुर राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में आज रोमांच, ऊर्जा और साहस से भरपूर राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित  करते हुए कहा कि यह आयोजन खेल  युवा शक्ति, अनुशासन, साहस और जिम्मेदारी का उत्सव है। देशभर से आए 100 से अधिक प्रोफेशनल राइडर्स और हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बना दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि जैसे रजत जयंती महोत्सव के दौरान एयरोबेटिक शो ने आसमान में देशभक्ति का जोश जगाया, वैसे ही यह सुपरक्रॉस चैंपियनशिप ज़मीन पर युवाओं के जुनून को नई उड़ान दे रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षा का पाठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन अनमोल है, इसलिए हमेशा हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना, स्पोर्ट्स टूरिज़्म और मोटर स्पोर्ट्स जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है और युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे सुरक्षित रेस करें, अपने कौशल का प्रदर्शन करें और दर्शक जिम्मेदारी के साथ इस खेल का आनंद लें। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री गुरु  खुशवंत साहेब, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  उज्ज्वल दीपक, अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

सर्द हवाओं का असर: राजस्थान में सर्दी ने दी जोरदार दस्तक

जयपुर उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के असर से राजस्थान में सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं सहित 12 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। अलवर, उदयपुर और झुंझुनूं में सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जबकि बारां और करौली में पहली बार तापमान 10 डिग्री से नीचे गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क और ठंडा रहेगा। सीकर में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। फतेहपुर में 7.4, दौसा में 7.7, अजमेर में 8.1, अलवर में 8.5, सिरोही में 8.1, उदयपुर में 9.5 और करौली में 9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शेखावाटी और आसपास के जिलों में उत्तरी हवाओं का असर सबसे ज्यादा है, जिससे तापमान सामान्य से 3 से 9 डिग्री तक नीचे आ गया है। अजमेर में तापमान सामान्य से 9.2 डिग्री, सीकर में 7.1 और जोधपुर में 4.4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। दिन में आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। सिरोही में दिन का तापमान 31.5 डिग्री, जालोर में 31.8, जैसलमेर में 32.4 और बाड़मेर में 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में रात का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा।  वहीं पिलानी, उदयपुर और वंशस्थली में तापमान 9.5 से 10.2 डिग्री के बीच रहा। बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां दिन का तापमान 33.8 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। जैसलमेर में अधिकतम तापमान 32.4, बीकानेर और जोधपुर में 31.3, चूरू में 30.8, गंगानगर में 30.1 और चित्तौड़गढ़ में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक आसमान साफ रहेगा और दिन में धूप के कारण हल्की राहत रहेगी, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर और तेज होगा। मौसम केंद्र जयपुर ने बताया कि अगले सप्ताह राज्य में तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि सुबह और रात में ठंड का असर और बढ़ेगा।