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स्कूल में बच्चों का RSS गीत समर्थन, प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया – गीत में है देशभक्ति का संदेश

बेंगलुरु एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के मौके पर स्कूल के छात्रों द्वारा आरएसएस गीत गाने को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। केरल की पिनारायी विजयन की सरकार इस मामले को लेकर सख्त है आर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसी बीच स्कूल के प्रिंसिपल बच्चों के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण रेलवे या फिर किसी केंद्रीय मंत्री के इशारे पर यह 'देशभक्ति गीत' नहीं गाया गया था। सरस्वती विद्यानिकेतन पब्लिक स्कूल एलामक्कारा के प्रधानाचार्य डिंटो केपी ने कहा कि यह एक देशभक्ति गीत था। उन्होंने कहा कि स्कूल के छात्रों ने खुद इस गीत का चयन किया था। उन्होंने यह बात भी मानी है कि दक्षिण रेलवे के एक्स हैंडल से गीत का वीडियो हटाए जाने के बाद स्कूल प्रशासन ने प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि आखिर राज्य सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश क्यों दिए हैं। हम इसका कानूनी उपचार सोचेंगे। प्रिंसिपल ने कहा कि जिन बच्चों ने गीत गाया उनपर साइबर अटैक हो रहे हैं और उन्हें 'संघी किड्स' कहकर परेशान किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। बता दें कि एर्नाकुलम से बेंगलुरु जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के बाद ट्रेन में स्कूली छात्रों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गीत गाया था। केंद्रीय मंत्रियों ने इस घटना को उचित ठहराते हुए कहा कि यह एक देशभक्ति गीत है। वहीं केरल सरकार ने जांच के आदेश दे दिए। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की और बच्चों को “सांप्रदायिक उद्देश्य” के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए स्कूल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने बच्चों द्वारा इस विशेष गीत के गायन का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि इसका संदेश “अनेकता में एकता” है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इसमें सांप्रदायिकता की क्या बात है। दक्षिण रेलवे ने छात्रों द्वारा गाए गए गीत का वीडियो और उसका अंग्रेजी अनुवाद रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर फिर से पोस्ट किया और लिखा, ‘‘सरस्वती विद्यालय के छात्रों ने एर्नाकुलम बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के दौरान अपने स्कूल गीत की शानदार प्रस्तुति दी।’’

कल्चुरी कलार समाज सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री, रतनपुर को मिला 100 बेड अस्पताल और 1 करोड़ का सामुदायिक भवन

रायपुर : कल्चुरी कलार समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल एवं 1 करोड़ रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान सहस्रबाहु एवं बहादुर कलारीन दाई की पूजा-अर्चना कर विशाल सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक नगरी रतनपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के अंतर्गत 200 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृति के लिए भेजी गई है, जिसकी जल्द स्वीकृति की संभावना है। उन्होंने रतनपुर में 100 बिस्तर वाले अस्पताल की स्थापना तथा कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, अटल वास्तव, मती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा, एवं महापौर मती पूजा विधानी विशेष रूप से उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने रतनपुर सहित देश के अनेक हिस्सों में लगभग 1200 वर्षों तक शासन किया। उनके शासनकाल में प्रजा सुखी और देश समृद्ध था। उन्होंने कहा कि मां महामाया की कृपा से छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ देश के मध्य में स्थित एक समृद्ध राज्य है, जो खनिज, वन एवं जल संसाधनों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेशवासियों को साथ लेकर राज्य को और अधिक प्रगति के मार्ग पर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार को मात्र 22 माह हुए हैं, और इतनी कम अवधि में भी मोदी की गारंटी के रूप में किए गए लगभग सभी बड़े वादे पूरे किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को नया और शक्तिशाली भारत बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप सरकार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल समस्या से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नक्सल प्रभावित ग्रामों में विकास कार्यों को तीव्र गति से प्रारंभ किया गया है। पिछले कुछ महीनों में बस्तर के अनेक ग्रामों को पुनः विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति को देशभर में सराहना मिली है। अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना का कार्य आरंभ हो चुका है। नई नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, और अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इन नीतियों का लाभ उठाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट-2047 जारी किया है। इसमें निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कल्चुरी शासन का प्रमुख केंद्र रहा है। लगभग 1200 वर्षों तक देश के विभिन्न भागों में कल्चुरियों ने शासन किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में विकास कार्यों की गति अत्यंत तीव्र है। जायसवाल ने कहा कि कल्चुरी समाज के पूर्वजों द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों को राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। कल्चुरियों ने अपने काल में तालाब, सड़कें और सिंचाई परियोजनाएं बनवाई थीं — आज की सरकार भी उन्हीं परंपराओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने नवा रायपुर में एक चौक का नाम भगवान सहस्रबाहु के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सामाजिक समरसता की प्रतीक है और सभी समाजों के ईष्टदेवों के प्रति समान आदर का भाव रखती है। कार्यक्रम में कल्चुरी कलार समाज के मोहित जायसवाल ने स्वागत भाषण दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में की विधिवत पूजा-अर्चना महासम्मेलन में शामिल होने से पूर्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां महामाया मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना करते हुए मां महामाया का आशीर्वाद लिया।

आतंकवादी साजिश में लिप्त डॉक्टर? आदिल के पास मिले हथियार और 300 किलो RDX की खबर ने मचाया हलचल

 फरीदाबाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहुत बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने दो दिनों पहले गिरफ्तार किए गए डॉक्टर आदिल अहमद की निशानदेही पर हरियाणा के फरीदाबाद से 300 किलोग्राम आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है. कश्मीर टू फरीदाबाद साजिश का भंडाफोड़ दरअसल 8 नवंबर को श्रीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अनंतनाग के पूर्व डॉक्टर आदिल अहमद के लॉकर से एके-47 राइफल बरामद की थी. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ शुरू की थी. जानकारी के अनुसार, आदिल अहमद अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत था लेकिन उसके लॉकर से एक एके-47 राइफल बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उसके आतंकी संगठन जैश से संबंध होने का शक और गहरा गया था. आतंकी संगठन से डॉक्टर का संबंध जैश से संबंधों को लेकर जब पूरे मामले की जांच की गई तो डॉक्टर के ठिकाने (फरीदाबाद) से इतनी भारी मात्रा में आरडीएक्स बरामद की गई है. सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर आदिल अहमद ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे.  उसकी निशानदेही पर ही पुलिस की टीम ने फरीदाबाद में छापेमारी की, जहां से करीब 300 किलो आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल, और कई राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि यह विस्फोटक सामग्री किसी बड़े आतंकी हमले में इस्तेमाल की जा सकती थी. आतंकियों की मदद कर रहा था डॉक्टर आदिल जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टर का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से था और वह लंबे समय से आतंकी गतिविधियों के लिए मददगार के रूप में काम कर रहा था. पुलिस का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स हरियाणा तक कैसे पहुंचा और इनका अंतिम टारगेट क्या था.

लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त जल्द: एमपी कैबिनेट आज प्रस्ताव को दे सकती है मंजूरी

भोपाल  .  लाड़ली बहना को अगली किस्त 1500 रुपए देने पर सोमवार को कैबिनेट में मुहर लगेगी। साथ ही सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल की अनिवार्यता के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल सकती है। अभी मप्र में 1.26 करोड़ लाड़ली बहना को हर माह 1250 रुपए मिलते हैं। सीएम ने इसे बढ़ाकर 1500 रुपए करने की घोषणा की है। एमपी सीएम सिवनी में राज्यस्तरीय मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना हितलाभ वितरण कार्यक्रम से 12 नवंबर को बहनों के खाते में 30वीं किस्त के 1500 रुपए ट्रांसफर करेंगे। बता दें कि, बहनों केा बढ़ी हुई राशि इसी माह से दी जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार को सीएम डॉ. मोहन यादव गुजरात के केवड़िया प्रवास पर रहेंगे। इसलिए सोमवार को कैबिनेट होगी। रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा का शुभारंभ  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को रीवा से 72 सीटर हवाई सेवा संचालन का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। रीवा से दिल्ली के लिए यह नई हवाई सेवा शुरू होगी, जिससे विंध्यवासियों को सीधे दिल्ली यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रीवा से इंदौर के लिए भी 72 सीटर हवाई सेवा जल्द शुरू होने जा रही है। कैबिनेट इस प्रस्ताव को हरी झंडी देने के साथ ही प्रदेश की लाभार्थी महिलाओं के खातों में हर महीने 250 रुपये अतिरिक्त आएंगे। जानकारी के अनुसार, पिछले महीने अक्टूबर में महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त भेजी गई थी। योजना की 30वीं किस्त 12 नवंबर को जारी की जा सकती है। विंध्य को हवाई सेवा की सौगात आज विंध्यवासियों के लिए एक बड़ा दिन है, क्योंकि रीवा से दिल्ली के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सुबह करीब 11:35 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस 72-सीटर उड़ान सेवा का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। इस सेवा के शुरू होने से विंध्य क्षेत्र के लोगों को देश की राजधानी तक पहुंचने के लिए एक तेज और सुगम विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, भविष्य में रीवा से इंदौर के लिए भी 72-सीटर हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।

लड़की ने चलती कार में किया शर्मनाक प्रदर्शन, सड़क पर बिना कपड़ों के सफर का वीडियो वायरल

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में शहीद पथ पर चलती कार के गेट से लटककर एक लड़की के कपड़े उतारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। रफ्तार और रोमांच की सनक के साथ सड़क पर ऐसा नजारा देख लोग हैरान हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार कार से निकलकर अश्लील स्टंट करने वाली लड़की कौन है और उसने ऐसा क्यों किया इसका अभी तक पता नहीं चला है। वीडियो में दिख रहा है कि शहीद पथ पर एक कार तेज रफ्तार से फर्राटा भर रही है। कार के गेट का शीशा खोलकर लड़की उससे लटक गई और चलती कार में अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। लड़की की इस हरकत से पुलिस भी हैरान है। पुलिस अब इस मामले में ऐक्शन के लिए ऐक्टिव हो गई है। लड़की और कार में मौजूद रहे अन्य लोगों के बारे में पता लगा रही है। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी उपेंद्र सिंह ने बताया कि कार का नंबर गाजियाबाद का है। नंबर के आधार पर कार और उसमें सवार लोगों की तलाश की जा रही है। रील बनाने के लिए कुछ भी करने का जुनून पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और इसमें सम्बधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई जरूर की जाएगी। वैसे, राजधानी के शहीद पथ पर इसके पहले भी रील बनाने के लिए अजीबो गरीब हरकतों के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ऐसे मामलों में कार्रवाई भी करती है लेकिन रील बनाने का जुनून ऐसा है कि आए दिन कोई न कोई यहां शूटिंग करता दिख जाता है। ऐसे वीडियो देखकर लोग अपने-अपने ढंग से इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। ज्यादा से ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स के लिए रील बनाने वालों का जुनून कई बार सनक में बदल जाता है और ऐसे दृश्य सामने आ जाते हैं।

6,6,6,6… आकाश कुमार चौधरी की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी, फर्स्ट क्लास में सबसे तेज फिफ्टी

 सूरत मेघालय के क्रिकेटर आकाश कुमार चौधरी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी प्लेट-ग्रुप मैच के दौरान आकाश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ा. सूरत के पिठवाला स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में आकाश ने सिर्फ 11 गेंदों पर फिफ्टी पूरी कर ली. आकाश की तूफानी पारी की बदौलत मेघालय ने अपनी पहली पारी 628/6 के स्कोर पर घोषित की. आकाश कुमार चौधरी ने वेन व्हाइट का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा. व्हाइट ने साल 2012 में एसेक्स के खिलाफ लीसेस्टरशायर की ओर से खेलते हुए 12 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की थी. आकाश ने 14 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए, जिसमें 8 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे. आकाश ने इस दौरान 126वें ओवर में लिमर डाबी की सभी 6 गेंदों पर छक्के लगाए. इसके बाद आकाश ने जो अगली दो गेंदें खेलीं, उसे भी छक्के के लिए भेजा. आकाश ऐसे पहले क्रिकेटर हैं, जिन्होंने फर्स्ट क्लास मैच में लगातार आठ गेंदों पर छक्के लगाए. रणजी ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा दूसरा मौका है, जब किसी खिलाड़ी ने एक ओवर लगातार छह छक्के लगाए. इससे पहले 1984-85 में रवि शास्त्री ने तिलक राज के खिलाफ ऐसा किया था. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुल मिलाकर यह तीसरा मौका है, जब एक ओवर में किसी बैटर ने लगातार छह छक्के जड़े. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी (गेंदों के हिसाब से) 11- आकाश कुमार चौधरी, मेघालय अरूणाचल प्रदेश, सूरत, 2025 12- वेन व्हाइट, लीसेस्टरशायर vs एसेक्स, लीसेस्टर, 2012 13- वैन वुरेन, ईस्टर्न प्रोविंस B vs ग्रिक्वालैंड वेस्ट, क्रैडॉक, 1984/85 14- नेड एकर्सली, लीसेस्टरशायर vs एसेक्स, लीसेस्टर, 2012 15- खालिद महमूद, गुजरांवाला vs सरगोधा, गुजरांवाला, 2000/01 15- बंदीप सिंह, जम्मू एवं कश्मीर vs त्रिपुरा, अगरतला, 2015/16 मेघालय के लिए पहली पारी में अर्पित भटेवरा ने सबसे ज्यादा 273 गेंदों पर 207 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. राहुल दलाल और कप्तान किशन लिंगदोह ने भी शतकीय योगदान दिया. राहुल ने 12 चौके और 9 छक्के की सहायता से 102 बॉल पर 144 रन बनाए. वहीं लिंगदोह ने 187 बॉल पर 119 रन बनाए. लिंगदोह की इनिंग्स में 14 चौके के अलावा एक सिक्स शामिल रहा. अरुणाचल के लिए टीएनआर मोहित ने सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. आकाश चौधरी का कैसा है करियर? आकाश कुमार चौधरी ने अब तक 31 फर्स्ट क्लास, 28 लिस्ट-ए और 30 टी20 मुकाबले खेले हैं. दाएं हाथ के ऑलराउंडर आकाश ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 553 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल रहे. वहीं उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए 87 विकेट भी झटके हैं. 25 साल के आकाश कुमार चौधरी के नाम पर लिस्ट ए क्रिकेट में 203 रन (15.61 औसत, 1 फिफ्टी) और 37 विकेट (29.24 एवरेज) दर्ज हैं. टी20 मैचों में आकाश ने 107 रन (10.70 एवरेज) बनाए और 28 विकेट (26.25 औसत) अपने नाम किए हैं.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 8 वेन्यू चयनित, खिताबी मुकाबले की मेजबानी संभव

 नई दिल्ली     आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन फरवरी-मार्च के महीने में भारत और श्रीलंका में होना है. इस मेगा टूर्नामेंट के शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने शेड्यूल का ऐलान नहीं किया है. वैसे इसी हफ्ते पूरा शेड्यूल आने की संभावना है. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक टी20 वर्ल्ड कप कुल 8 वेन्यू पर आयोजित होंगे. भारत में अहमदाबाद (नरेंद्र मोदी स्टेडियम), कोलकाता (ईडन गार्डन्स), मुंबई (वानखेड़े स्टेडियम), दिल्ली (अरुण जेटली स्टेडियम) और चेन्नई (एमए. चिदंबरम स्टेडियम) को वर्ल्ड कप मैचों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. वहीं श्रीलंका में तीन वेन्यू पर मुकाबले होंगे, जिसमें कोलंबो के दो मैदान (आर. प्रेमदासा स्टेडियम, सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब) और कैंडी (पल्लेकेल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम) शामिल हैं. अगर श्रीलंका या पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचते हैं, तो उनके सेमीफाइनल मुकाबले कोलंबो में होंगे. अगर पाकिस्तान या श्रीलंका दोनों ही सेमीफाइनल में नहीं पहुंचते हैं, तो दोनों सेमीफाइनल भारत में आयोजित होंगे. भारत में यदि दो सेमीफाइनल होते हैं, तो एक का आयोजन अहमदाबाद में होगा. जबकि दूसरे की मेजबानी कोलकाता करेगा. कहां पर होगा खिताबी मुकाबला? अगर पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचता है, तो खिताबी मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हो सकता है. पाकिस्तानी टीम यदि फाइनल में नहीं पहुंचती है, तो अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम फाइनल की मेजबानी कर सकता है. अहमदाबाद ने ओडीआई वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल की भी मेजबानी की थी. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 20 टीमें भाग लेने जा रही हैं. इन 20 टीम्स को 5-5 के चार ग्रुप्स में बांटा जाएगा. हर ग्रुप से 2 टीमें सुपर-8 में जाएंगी. सुपर-8 के बाद सेमीफाइनल और फिर फाइनल मैच खेले जाएंगे. टी20 वर्ल्ड कप में टेस्ट खेलने वाली सभी 13 टीमें तो भाग लेंगी ही. इसके अलावा कनाडा, नीदरलैंड्स, यूएई, नेपाल, ओमान, नामीबिया और इटली ने भी मेगा टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया है. इटली की टीम तो पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेलने जा रही है. भारत मौजूदा चैम्पियन है, जिसने जून 2024 में साउथ अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीता था. हाल ही में भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के सचिव देवजीत सैइकिया और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी के बीच भी बैठक हुई. यह बैठक आईसीसी की आधिकारिक मीटिंग का हिस्सा नहीं थी, बल्कि अलग से और अनौपचारिक रूप से हुई. इस मीटिंग का उद्देश्य एशिया कप ट्रॉफी विवाद को जल्द सुलझाना था. एशिया कप 2025 में भारतीय टीम ने खिताब जीता था, लेकिन उसे अब तक ट्रॉफी हासिल नहीं हुई है. भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से गतिरोध बरकरार है.

राजेश मिश्रा के परिवार की कुंडली में खुला राज: घर में मिले ढेरों नोट, पुलिस थक गई गिनते-गिनते

 प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ, जब किसी तस्करी के मामले में इतनी बड़ी रकम बरामद हुई कि नोट गिनने वालों के हाथ थक गए. पुलिसवालों को 22 घंटे लगातार बैठ कर पैसे गिनना पड़ा.  सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुन्दीपुर गांव में अचानक पुलिस की एक साथ कई गाड़ियां पहुंची. थाना प्रभारी के साथ भारी पुलिस बल एक पुराने पक्के मकान की ओर बढ़ा. सूचना थी कि यहीं से जेल में बंद राजेश मिश्रा अपना पूरा नेटवर्क चला रहा है. राजेश मिश्रा वही नाम, जो कभी शराब, फिर जमीन और अब नशे के कारोबार से प्रदेश भर में कुख्यात हो चुका है. राजेश इस वक्त जेल में बंद है, लेकिन पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि उसका गिरोह वहीं से चालू था. जेल के भीतर से  डील फाइनल होती, और बाहर से उसका परिवार डिलीवरी और कैश की वसूली संभालता. 22 घंटे तक चली गिनती जब पुलिस ने राजेश मिश्रा के घर पर दबिश दी, तो सबसे पहले अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया. घर में रीना मिश्रा (राजेश की पत्नी), बेटा विनायक, बेटी कोमल, रिश्तेदार यश और अजीत मिश्रा मौजूद थे. जब दरवाजा खुलवाया गया, तो सामने जो दृश्य था, उसने हर किसी को चौंका दिया.  कमरे में चारों तरफ काले पन्नियों में लिपटे नोटों के बंडल, गत्तों में पैक गांजा, और लोहे के ट्रंक में रखी स्मैक. एक कोने में इलेक्ट्रॉनिक नोट गिनने की मशीन थी, जिससे साफ था कि गिरोह सिर्फ तस्करी ही नहीं, कमाई की गिनती का पूरा इंतजाम भी रखता था. पुलिस ने जब गिनती शुरू की तो 2,01,55,345 रुपये की नकदी बरामद हुई. इसके अलावा 6.075 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) मिली. जिसकी अनुमानित कुल कीमत  3 करोड़ रुपये से अधिक है. कहने को बस तीन घंटे का ऑपरेशन था, लेकिन नोटों की गिनती पूरी करने में 22 घंटे लग गए. फर्जी जमानत से लेकर करोड़ों की कुर्की तक छानबीन में सामने आया कि रीना मिश्रा और उसका बेटा विनायक मिश्रा, राजेश की जेल से रिहाई के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर अदालत में जमानत करवा चुके थे. इस खुलासे के बाद उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि पहले भी इस परिवार की ₹3,06,26,895.50 रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. यह कुर्की भी राजेश और रीना के नाम पर दर्ज की गई थी. बावजूद इसके, गिरोह ने जेल से नेटवर्क चलाना जारी रखा. रीना मिश्र: घर बैठी माफिया क्वीन स्थानीय पुलिस के अनुसार, रीना मिश्रा सिर्फ नाम की गृहिणी नहीं थी. राजेश मिश्रा के जेल जाने के बाद उसने ही पूरा सिंडिकेट संभाला. गांव में उसका खौफ इस कदर था कि कोई भी उसके घर की ओर नजर उठाकर नहीं देखता था. लोगों का कहना है कि मकान में कभी-कभी ट्रक रुकते थे, फिर कुछ लोग आते-जाते दिखते थे. सबको मालूम था, मगर कोई बोलता नहीं था. रीना का रोल सिर्फ घर की देखरेख का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की बुक-कीपिंग का था. वह तय करती थी किस इलाके में कितना माल जाएगा और कितनी रकम वापस आएगी. जेल में बैठे राजेश से वह रोज़ बात करती, और उसी के कहने पर डील फाइनल करती थी. जेल की दीवारों के भीतर से चलने वाला नेटवर्क पुलिस के अनुसार, राजेश मिश्रा पहले से ही कई गंभीर मामलों में अभियुक्त है. जेल से बाहर उसकी कमान उसकी पत्नी और बच्चों के पास थी. वह फोन और मुलाकातों के ज़रिए गिरोह को निर्देश देता था कि कहाँ से माल मंगाना है, कहाँ सप्लाई करनी है, और कौन पुलिसकर्मी कब ड्यूटी पर होता है. पुलिस का कहना है कि गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था. बिहार और मध्य प्रदेश तक इसके तार फैले हुए हैं. प्रतापगढ़, प्रयागराज और कौशांबी के कई गांव इस नेटवर्क के रूट बने हुए थे. एसपी दीपक भूकर बोले- यह तो बस शुरुआत है पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ हमारी लंबी रणनीति का हिस्सा है. इस गिरोह की जड़ें काफी गहरी हैं, लेकिन अब इनके नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा. जो भी इसमें शामिल है, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त गिरोहों की फाइलें अब डिजिटल रूप से ट्रैक की जा रही हैं. कई बैंक खातों और संपत्तियों की जांच भी चल रही है. एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मामले गिरफ्तार अभियुक्तों पर एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है. फर्जी जमानत के मामले में भी पुलिस ने अलग एफआईआर की है.  गिरफ्तार अभियुक्तों की लिस्ट: – रीना मिश्रा, पत्नी राजेश मिश्रा (40 वर्ष) – विनायक मिश्रा, पुत्र राजेश मिश्रा (19 वर्ष) – कोमल मिश्रा, पुत्री राजेश मिश्रा (20 वर्ष) – यश मिश्रा, पुत्र अजीत कुमार मिश्रा (19 वर्ष) – अजीत कुमार मिश्रा, पुत्र पवन कुमार मिश्रा (32 वर्ष) सभी को मानिकपुर थाना पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया. सवा तीन करोड़ की बरामदगी  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. बरामद नकदी और ड्रग्स की कुल कीमत करीब ₹3 करोड़ 17 लाख है. इतनी भारी मात्रा में कैश की बरामदगी ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है. जांच एजेंसियों का मानना है कि राजेश मिश्रा का नेटवर्क सिर्फ नशे तक सीमित नहीं है. कई जगहों पर उसकी अंडरग्राउंड इन्वेस्टमेंट की जानकारी मिली है. कुछ को जमीन खरीद के नाम पर और कुछ को लॉजिस्टिक कंपनी के रूप में छिपाया गया था. जांच टीमें अब बैंक खातों, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन खंगाल रही हैं. 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले – शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति

रायपुर : शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार : मुख्यमंत्री  साय बालोद जिले के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार है। इसलिए हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षित और ज्ञानवान बनाएं। मुख्यमंत्री  साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने सर्वप्रथम शाकंभरी माता, भगवान राम, महात्मा ज्योतिबा फुले एवं मती सावित्रीबाई फुले के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री  साय ने कोसरिया मरार समाज को धरती माता की सेवा करने वाला मेहनतकश समाज बताते हुए समाज के कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव को समाज का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वजातीय जनों के बीच मेल-मिलाप और एकता को भी प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल अनावश्यक खर्च को रोकते हैं, बल्कि समाज के कमजोर तबके को आर्थिक संबल भी प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने समाज एवं राष्ट्र के विकास में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल शासकीय सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने समाज के सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की समुचित शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने नशा को समाज की अवनति का प्रमुख कारण बताते हुए समाज के लोगों से नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सभी समाजों की प्रगति ही छत्तीसगढ़ राज्य एवं देश की प्रगति का आधार है। मरार समाज की उन्नति में ही प्रदेश की उन्नति निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज का यह आयोजन निश्चित रूप से कोसरिया मरार समाज की एकता और प्रगति को नई दिशा देगा।  साय ने कहा कि मरार समाज खेती-किसानी और सब्ज़ी उत्पादन के माध्यम से न केवल समाज के सभी वर्गों की सेवा कर रहा है, बल्कि राज्य और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी कर रही है। साथ ही राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।  इसके अतिरिक्त राज्य में पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन में वृद्धि हेतु भी ठोस व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा प्रकाशित युवक-युवती परिचय माला पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने शाकंभरी महोत्सव के दौरान आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में परिणय-सूत्र में बंधने वाले नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सुखी एवं सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएँ दीं। समारोह में संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक मती संगीता सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष  यज्ञदत्त शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख उपस्थित थे।

सर्द हवाओं का हमला: भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बढ़ी ठंड, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवंबर के पहले 10 दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ने लगी है। मौसम विभाग की माने तो पिछले 25 साल में ऐसा पहली बार है, जब नवंबर की शुरुआत में ही यहां कई इलाकों में शीतलहर चलने लगी है। आलम ये है कि, प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा पहुंचा। राजगढ़ जिले में पमचढ़ी से भी ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवा की वजह से अचानक ठंडक बढ़ गई है। उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश आ रही हैं, जिससे नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश में पिछले 25 साल में पहली बार है कि, नवंबर माह के शुरुआत में ही शीतलहर चल गई हो। शनिवार रात को प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। इनमें राजगढ़ में सबसे ज्यादा ठंड रिकॉर्ड की गई। यहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई शहरों में कोल्ड वेव इसके अलावा कई शहरों में कोल्ड वेव का भी असर देखने को मिला। भोपाल-इंदौर में भी पारे में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, शाजापुर, सतना और रीवा में दिन में ठंडी हवाएं चली।   इन जिलों में शीतलहर का अलर्ट जबकि, आज रविवार को भी इन जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। पन्ना जिले में भी कोल्ड वेव का असर देखने को मिलेगा। वहीं, कल सोमवार (10 नवंबर) को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, देवास, भिंड, मुरैना, निवाड़ी, रीवा, पन्ना, सतना, छतरपुर और टीकमगढ़ में शीतलहर चलने का अलर्ट है।