samacharsecretary.com

नई डिजिटल व्यवस्था लागू, AIIMS का पेमेंट सिस्टम बनेगा पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड

भोपाल   एम्स में मरीजों को अब शुल्क जमा कराने के लिए बिलिंग काउंटर की लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। एम्स प्रबंधन ने एक डिजिटल नवाचार की घोषणा की है, जिसके तहत इस महीने के अंत तक स्मार्ट कार्ड आधारित भुगतान सुविधा शुरू कर दी जाएगी। यह कदम मरीजों और उनके परिजनों को हो रही दिक्कतों से बड़ी राहत देगा। शुरु होगा डिसेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम वर्तमान में मरीजों को जांच, टेस्ट या अन्य सेवाओं का भुगतान करने के लिए बार-बार बिलिंग काउंटर तक जाना पड़ता है। एम्स प्रशासन के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने पर पेमेंट सिस्टम पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड हो जाएगा। अस्पताल के प्रत्येक विभाग में स्कैनर लगाए जाएंगे, जहां मरीज तुरंत कार्ड स्कैन कर भुगतान कर सकेंगे। इससे मरीजों को अस्पताल के बड़े परिसर में बार-बार चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे उनके समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी। एसबीआइ संभाल रहा जिम्मेदारी इस अत्याधुनिक स्मार्ट कार्ड प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सौंपी गई है। एसबीआई की टीम वर्तमान में कार्ड निर्माण और स्कैनर सेटअप का अंतिम ट्रायल करने की तैयारी में है। सफल परीक्षण के बाद यह सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर दी जाएगी। इस स्मार्ट कार्ड में मरीज से जुड़ी पूरी मेडिकल जानकारी सुरक्षित रहेगी। किसी भी यूनिट में कार्ड स्कैन करते ही उसका विवरण कंप्यूटर पर खुल जाएगा। उपचार के दौरान मरीज कार्ड के माध्यम से तुरंत भुगतान कर सकेगा, जिससे नकद लेनदेन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और पूरा प्रोसेस तेज हो जाएगा।- संदेश कुमार जैन, डिप्टी डायरेक्टर, एम्स  

आज का भावांतर रेट: सोयाबीन का मॉडल रेट तय, 4036 रुपए प्रति क्विंटल

भावांतर योजना में आज 4036 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी भोपाल     भावांतर योजना 2025 अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज भी 10 नवंबर को 4036 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।       मॉडल रेट में लगातार 2 दिनों से वृद्धि जारी रही। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी हुआ था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए और 9 नवंबर को 4036 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ।

अब बच्चों के सपने होंगे पूरे, LIC की नई स्कीम देगी सुरक्षित भविष्य

हर माता-पिता की यही इच्छा होती है कि वे अपने बच्चों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा तैयार करें ताकि भविष्य में उनकी पढ़ाई, करियर या शादी जैसी जरूरतें पैसों की कमी से प्रभावित न हों। आमतौर पर लोग इसके लिए बैंक की एफडी या आरडी  का सहारा लेते हैं, लेकिन इन पर मिलने वाला ब्याज अब पहले जैसा आकर्षक नहीं रह गया है। ऐसे में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की नई स्कीम ‘अमृत बाल’ बच्चों के लिए एक बेहतर निवेश विकल्प बनकर उभर रही है। क्या है LIC अमृत बाल स्कीम? LIC अमृत बाल एक नॉन-लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है, जिसे खासतौर पर बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस स्कीम में माता-पिता अपने बच्चे के नाम पर निवेश कर सकते हैं, जिससे उन्हें एक साथ बीमा सुरक्षा और बेहतर रिटर्न का फायदा मिलता है। इस पॉलिसी के तहत बच्चे की उम्र निवेश के समय कम से कम 30 दिन और अधिकतम 13 वर्ष होनी चाहिए। यह पॉलिसी तब मैच्योर होती है जब बच्चा 18 से 25 वर्ष की उम्र तक पहुंचता है, जिससे उस समय उसकी पढ़ाई, करियर या उच्च शिक्षा की जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकें। प्रीमियम भुगतान के लचीले विकल्प LIC अमृत बाल स्कीम में निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक रूप से प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा सिंगल प्रीमियम या सीमित अवधि (5, 6 या 7 साल) तक प्रीमियम जमा करने का विकल्प भी उपलब्ध है। इस स्कीम के तहत न्यूनतम बीमा राशि ₹2 लाख रखी गई है, जबकि अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है। अगर पॉलिसी ऑनलाइन खरीदी जाती है, तो ग्राहकों को प्रीमियम पर डिस्काउंट भी मिलता है। गारंटीड बेनिफिट और बंपर रिटर्न इस पॉलिसी की खासियत यह है कि इसमें हर साल के अंत में पॉलिसीधारक को ₹80 प्रति हजार मूल बीमा राशि के हिसाब से गारंटीड अतिरिक्त लाभ  मिलता है, बशर्ते पॉलिसी सक्रिय हो। अगर बच्चे की उम्र पॉलिसी लेते समय 8 साल से कम है, तो जोखिम कवर पॉलिसी लेने के दो साल बाद या उसकी सालगिरह से शुरू होता है। यह सुविधा सुनिश्चित करती है कि माता-पिता के साथ किसी भी अनहोनी की स्थिति में भी बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे। अन्य सुविधाएं और फायदे LIC अमृत बाल में प्रीमियम वेवर बेनिफिट राइडर का विकल्प दिया गया है। यानी अगर माता-पिता किसी कारणवश प्रीमियम नहीं भर पाते, तो भी बच्चे की पॉलिसी चालू रहती है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर लोन की सुविधा भी मिलती है। क्यों है यह बच्चों के लिए बेस्ट स्कीम? LIC अमृत बाल स्कीम उन माता-पिता के लिए बेहद उपयोगी है जो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। यह न केवल एक लाइफ इंश्योरेंस सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि साथ ही बचत और निवेश का भरोसेमंद विकल्प भी देती है। जहां बैंक एफडी या आरडी जैसी पारंपरिक योजनाओं में रिटर्न सीमित होता है, वहीं LIC अमृत बाल स्कीम में गारंटीड एडिशन के साथ बेहतर रिटर्न और सुरक्षा दोनों मिलते हैं। यही कारण है कि यह योजना बच्चों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक संतुलित और सुरक्षित विकल्प मानी जा रही है।  

पदयात्रा का चौथा दिन: बागेश्वर बाबा के साथ मेवाड़ के राजा लक्ष्यराज सिंह

पृथला  7 नवंबर से शुरू हुई बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 16 नवंबर तक चलेगी. यह यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर वृंदावन पहुंचकर समाप्त होगा. बागेश्वर बाबा की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सभी सनातनियों में एकता स्थापित करना है. 9 नवंबर को यह यात्रा हरियाणा पहुंची जहां कई राजनीतिक और सामाजिक लोग शामिल हुए. वही, आज 10 नवंबर को पृथला के बाघोंला अडानी पेट्रोल पंप से शुरू होगी और पलवल के गवर्नमेंट हाई स्कूल तक पहुंचकर रुकेगी. चौथे दिन राजा लक्ष्यराज सिंह हुए शामिल सनातन हिंदू एकता यात्रा के चतुर्थ दिवस पर 10 नवंबर को प्रातःकाल में मेवाड़ के राजा लक्ष्यराज सिंह जी भी हुए शामिल और बाबा बागेश्वर से मिलकर आशीर्वाद लिया. बाबा बागेश्वर की यह पदयात्रा 13 नवंबर को यूपी-हरियाणा बॉर्डर से होते हुए उत्तर प्रदेश के कोसीकलां (मथुरा) में प्रवेश करेगी. प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, मथुरा में करीब एक लाख श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं, जिसे देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. बांके बिहारी मंदिर पर होगी समाप्त 10 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा का समापन वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी के दर्शन के साथ होगा. प्रस्तावित रूट के मुताबिक, चौथे दिन 10 नवंबर को दोपहर भोजन विश्राम के लिए पृथला (बघोल के अड़ानी पेट्रो पंप के पास) यह यात्रा रुकेगी. इसके बाद बाघोंला अडानी पेट्रोल पंप से ही यात्रा शुरू की जाएगी और फिर रात्रि विश्राम के लिए पलवल के गर्वनमेंट सैकेंडरी स्कूल पर रुकेगी. यात्रा के संकल्प क्या हैं?     समाज में समरसता स्थापित करना.     भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना.     मां यमुना को स्वच्छ करना.     ब्रजधाम क्षेत्र को मांस ओर मदिरा से मुक्त बनाना.     गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और गौ अभयारण्य की स्थापना.     प्राचीन वृंदावन पुन: स्थापित हो.     श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण.  

मर्डर का रहस्य सुलझा? राजा रघुवंशी केस में विपिन ने खोले चौंकाने वाले राज

इंदौर  इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में अब एक नया अध्याय शुरू हो गया है. इस सनसनीखेज मामले में मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने अपनी अगली कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है. इस बार मोर्चा संभाला है राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने, जो अब आरोपियों सोनम और राज के खिलाफ कोर्ट में निर्णायक बयान देने के लिए तैयार हैं. विपिन रघुवंशी आज इंदौर से शिलॉन्ग (मेघालय) के लिए रवाना हो गए हैं, जहां यह केस चल रहा है. 11 नवंबर की सुबह शिलॉन्ग कोर्ट में उनके अहम बयान दर्ज किए जाएंगे. परिवार को उम्मीद है कि विपिन का बयान केस को एक मजबूत आधार देगा और आरोपियों को सख्त सज़ा मिल सकेगी. भाई का आरोप हत्या का मोटिव सिर्फ हवस शिलॉन्ग रवाना होने से पहले, राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने एक सनसनीखेज और भावनात्मक बयान दिया है. उनका गुस्सा और दर्द उनके शब्दों में साफ झलक रहा था. विपिन रघुवंशी ने सीधे तौर पर मृतक की पत्नी सोनम और उसके कथित प्रेमी राज पर क्रूर आरोप लगाते हुए कहा कि विपिन रघुवंशी का बयान “सोनम और राज ने अपनी हवस मिटाने के लिए राजा को मार डाला. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निर्मम मर्डर का सिर्फ एक ही मोटिव था हवस. विपिन का यह बयान पूरे मामले को एक भावनात्मक और स्पष्ट दिशा देता है. परिवार का मानना है कि हत्या का पूरा षड्यंत्र राजा की संपत्ति या किसी अन्य कारण से नहीं, बल्कि सोनम और राज के बीच के अवैध संबंध और वासना के कारण रचा गया था. इंदौर से शिलॉन्ग, 11 नवंबर को होगा अहम बयान विपिन रघुवंशी अब अपने भाई को न्याय दिलाने की उम्मीद में इंदौर से शिलॉन्ग पहुंच चुके हैं. विपिन रघुवंशी आज (10 नवंबर) इंदौर से शिलॉन्ग के लिए रवाना हुए. 11 नवंबर की सुबह शिलॉन्ग कोर्ट में विपिन के बयान दर्ज किए जाएंगे. विपिन का बयान इस हाई प्रोफाइल केस में अभियोजन पक्ष (Prosecution) के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है. परिवार को उम्मीद है कि वह कोर्ट के सामने सभी तथ्य मजबूती से रखेंगे ताकि साज़िश का पर्दाफ़ाश हो सके. यह हनीमून मर्डर केस एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है, और सभी की निगाहें 11 नवंबर को शिलॉन्ग कोर्ट में होने वाली इस अहम कार्यवाही पर टिकी हुई हैं.

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की बैठक में हुआ प्रतिभा सम्मान समारोह, कैलाश सारंग जी की प्रेरणा में आयोजित

भोपाल  अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मध्य भारत प्रांत भोपाल एवं जिला ईकाई भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्मलीन माननीय कैलाश सारंग जी की प्रेरणा से आज भोपाल के नेवरी मंदिर स्थित चित्रगुप्त धाम में चित्रांश परिवार मासिक बैठक एवं दीपावली मिलन – प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सभी उपस्थितजनों को दीपावली-मिलन कार्यक्रम में बधाई देते हुए कहा कि  इस प्रकार के आयोजन व्यक्ति को समाज से जोड़ने का बेहतर माध्यम हैं, लेकिन इन आयोजन में अगर अपने परिवार-बच्चों के साथ अगर सभी आयेंगे तो हमारे बच्चों को भी उत्कृष्ठ संस्कार प्राप्त होंगे और इससे  जब समाज मजबूत होगा तो देश ओर राष्ट्र भी मजबूत ओर एकजुट होगा तथा इस प्रकार के आयोजनों की सार्थकता सिद्ध होगी। आरम्भ में भगवान चित्रगुप्त जी की सामूहिक आरती के उपरांत प्रदेशाध्यक्ष श्री सुनील श्रीवास्तव ने आयोजन की रूपरेखा बताई एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री अजय श्रीवास्तव नीलू ने संगठन को एकजुट करने का आव्हान किया। कार्यक्रम में 12 वी और 10 वी में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को सम्मानित भी किया। आभार प्रदर्शन जिलाध्यक्ष श्री महेंद्र श्रीवास्तव ने किया ।  आयोजन में श्री अजात शत्रु श्रीवास्तव भोपाल कमिश्नर रिटायर्ड, श्री पंकज कुलश्रेष्ठ, श्री बृजेश श्रीवास्तव, श्री राजकुमार श्रीवास्तव, श्री अनिल श्रीवास्तव, श्री दिनेश सक्सेना, श्री डी.के.श्रीवास्तव, श्री चंद्रेश सक्सेना, श्री व्योम खरे, श्री अमोल सक्सेना, श्री सौरभ-हर्ष कुलश्रेष्ठ, मीना-अरूण श्रीवास्तव, राशि सक्सेना सहित अनेक सामाजिक एवं गणमान्यजन उपस्थित हुए।  

मध्य प्रदेश में ठंड का असर: राजगढ़ सबसे ठंडा, 20 जिलों में कोल्ड वेव की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर बढ़ गया है। 20 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर शामिल हैं। उत्तरी हवाओं के असर से तापमान तेजी से गिरा है, भोपाल में 10 साल का और इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा क्रमशः 8°C और 7°C दर्ज किया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर भी दिख रहा है। राजधानी और अन्य शहरों में कंपकंपी वाली ठिठुरन महसूस हो रही है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में भी तापमान गिरा है। अगले 2 दिन शीतलहर की संभावना बनी हुई है। आज यहां रहेगा हशीतलहर असर मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल जिलों में शीतलहर असर दिखाएगी। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। इससे उत्तरी हवाएं सीधे एमपी में आ रही है। इस वजह से उत्तरी हिस्से के जिलों में शीतलहर असर है। पिछले 2 दिन में भोपाल, राजगढ़, सीहोर, इंदौर और शाजापुर में तीव्र शीतलहर का प्रभाव रहा, जबकि रीवा, शहडोल और जबलपुर में भी शीतलहर चली। सोमवार को भोपाल, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, सीहोर, देवास, उज्जैन, शाजापुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, जबलपुर, उमरिया और शहडोल में शीतलहर का अलर्ट है।  इंदौर में 25 साल, भोपाल में 10 साल की सबसे सर्द रात शनिवार और रविवार की रातों ने कई शहरों में नया ठंडा इतिहास लिख दिया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज हुआ, जो पिछले 10 वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान है। इंदौर में पारा 7 डिग्री तक जा गिरा-यह नवंबर महीने में पिछले 25 साल की सबसे ठंडी रात रही। यहां नवंबर का सर्वकालिक रिकॉर्ड वर्ष 1938 का है, जब तापमान 5.6 डिग्री पहुंचा था। राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री रहा और यह लगातार चौथी रात रही जब शहर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। उज्जैन में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री दर्ज हुआ। सीहोर, उमरिया और रीवा में भी पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक लुढ़का है। दिलचस्प रूप से पचमढ़ी में अन्य शहरों की तुलना में ठंड कम रही और यहां न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सीहोर में 8.5 डिग्री, उमरिया में 9.5 डिग्री, मलाजखंड में 9.6 डिग्री और रीवा में 9.9 डिग्री दर्ज हुआ। छिंदवाड़ा 10°, नौगांव 10.5°, मंडला 10.6°, बैतूल 10.8°, गुना,दमोह,शिवपुरी 11°, सागर 11.5°, धार 11.6°, टीकमगढ़, सतना 11.8°, रतलाम 12.2°, दतिया 12.5°, श्योपुर 12.6°, खजुराहो 13°, खंडवा,सीधी,नरसिंहपुर 13.4°, नर्मदापुरम 13.7° और खरगोन 14.2° दर्ज किया गया। इंदौर में 25 तो भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा शनिवार-रविवार की रात में कई शहरों में रिकॉर्ड ठंड रही। पारा 10 डिग्री के नीचे आ गया। भोपाल में नवंबर का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया। यहां न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा, जो साल 2015 के बाद सबसे कम है। इंदौर में पारा 7 डिग्री रहा। यहां पिछले 25 साल में नवंबर में इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ी। यहां नवंबर की ठंड का ओवरऑल रिकॉर्ड 1938 का है। जब पारा 5.6 डिग्री पर पहुंचा था। इंदौर के साथ राजगढ़ में भी पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया। लगातार चौथी रात राजगढ़ में पारा सबसे कम रहा। ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी तापमान लुढ़का है। उज्जैन में 10.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.7 डिग्री और जबलपुर में तापमान 9.8 डिग्री रहा। आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा बढ़ेगा मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ लिया है। आने वाले दिनों में कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक महसूस की जा रही है, साथ ही हल्का कोहरा भी नजर आने लगा है।दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार को अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा और अनुमान है कि पारे में गिरावट का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। उमरिया, बैतूल, रीवा भी सबसे ठंडे पिछले तीन दिन से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में ही तेज ठंड का असर था, लेकिन अब पूर्वी हिस्से में भी पारा लुढ़क रहा है। रविवार-सोमवार की रात में उमरिया में 8.5 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, मलाजखंड (बालाघाट)-रीवा में 9.1 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री तापमान रहा। इसी तरह मंडला में 10.1 डिग्री, गुना-शिवपुरी में 11 डिग्री, दमोह-सतना में 11.2 डिग्री, सीधी में 11.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 11.5 डिग्री, दतिया में 11.6 डिग्री, रतलाम में 12 डिग्री, धार में 12.1 डिग्री, सागर में 12.6 डिग्री, खजुराहो में 13 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-नर्मदापुरम में 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, पचमढ़ी में इन सभी शहरों से ज्यादा 14.2 डिग्री रहा। इसलिए बढ़ा ठंड का असर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी हो रही है। इस वजह से उत्तरी हवाएं मध्यप्रदेश में आ रही है। मौसम विभाग का मानना है कि नवंबर में पहले ही दौर में तेज ठंड शुरू हो गई है, जो अब लगातार रहेगी। अब ठंड के साथ कोहरा भी बढ़ेगा। फिलहाल देर रात और अल सुबह ठंड का असर ज्यादा है। वहीं, सुबह हल्का कोहरा भी है, जो आने वाले दिनों में बढ़ जाएगा। दिन में भी ठंडक, पारा लुढ़का रात के अलावा दिन में भी ठंडक घुलने लगी है। रविवार को ज्यादातर शहरों में तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। आने वाले दिनों में पारे में और भी गिरावट होने की संभावना है। पिछले 10 साल से नवंबर में ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, … Read more

पटना हादसा: मकान की छत गिरी, पांच लोगों की मौत से मचा कोहराम

पटना पटना जिले के दानापुर दियारा अंतर्गत अकीलपुर थाना क्षेत्र के मानस पंचायत स्थित मानस नया पानापुर गांव में घर की छत गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों कहना है कि घर के सभी लोग सो रहे थे, अचानक छत भरभरा कर गिर गई। इसमें तीन बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इधर, छत गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मरने वालों की पहचान बबलू (36) उसकी पत्नी रोशन खातून (32) बेटी रुखसार (12) चांदनी (2) और बेटे चांद (10) के रूप में हुई। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है की रोजाना की तरह पूरा परिवार खाना खाकर सो रहा था, इसी दौरान यह घटना हुई। हादसा इतना भीषण था कि परिवार के सभी पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इधर, स्थानीय लोगों कहना है कि कुछ साल पहले ही बबलू को यह मकान आवास योजना के तहत मिला था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मकान इतना कमजोर होगा। बबलू आर्थिक तंगी के कारण मकान की मरम्मत नहीं करवा पा रहा था। लोगों ने प्रशासन से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और पूरी घटना की जांच करे। वहीं पुलिस का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है। लाशों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

महाप्रभु के भक्तों के साथ धोखा, तिरुपति मंदिर ट्रस्ट ने बेचा नकली घी, 250 करोड़ का वित्तीय घोटाला

तिरुमला तिरुपति मंदिर से जुड़े लड्डू विवाद में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक डेयरी जिसने कभी दूध या बटर (मक्‍खन) का एक कतरा भी नहीं खरीदा, उसने तिरुपति मंदिर ट्रस्‍ट या तिरुमला तिरुपति देवस्‍थानम (TTD) को 60 महीने यानी 5 साल में 68 लाख किलोग्राम घी की सप्‍लाई कर दी. CBI की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है. मिलावटी घी से पवित्र लड्डू बनाने के मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई है. सीबीआई के इस खुलासे से कई सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि TTD में ऐसी कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी कि महीनों से चले आ रहे करोड़ों रुपये के इस महाघोटाले का समय रहते पता लगाया जा सके. बता दें कि तिरुपति मंदिर के पवित्र लड्डू को प्रसाद के तौर पर लखों-करोड़ों भक्‍त खरीदते हैं. TTD (आंध्र प्रदेश के विख्यात तिरुपति मंदिर का संचालन करने वाला ट्रस्ट) में लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में भारी स्तर पर मिलावट का बड़ा घोटाला सामने आया है. सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में पता चला है कि उत्तराखंड की एक डेयरी ने 2019 से 2024 के बीच 68 लाख किलोग्राम घी की सप्लाई TTD को की, जिसकी कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये थी. चौंकाने वाली बात यह है कि वह डेयरी किसी भी स्रोत से न तो दूध खरीदती थी और न ही मक्खन. गजब का अपनाया ट्रिक CBI के अनुसार, हरिद्वार जिले के भगवाणपुर में स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के प्रमोटर पामिल जैन और विपिन जैन ने एक फर्जी देसी घी उत्पादन यूनिट खड़ी की. उन्होंने दूध और मक्खन की खरीद से संबंधित दस्तावेज़ फर्जी तरीके से बनाए और पेमेंट रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि घी का उत्पादन नियमित रूप से हो रहा है. जांच में गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय कुमार सुगंध ने SIT को जानकारी दी कि वह डेयरी को मोनोडाइग्लिसराइड्स (monodiglycerides) और एसेटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल सप्लाई करता था. ये रसायन औद्योगिक और खाद्य मिलावट में उपयोग होते हैं और घी में बनावट व स्थिरता बढ़ाने के लिए मिलाए जाते थे. 2022 में ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी जारी रही सप्लाई  रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार और मिलावट की शिकायतों के आधार पर TTD ने साल 2022 में भोले बाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. CBI के अनुसार, इसके बाद भी डेयरी मालिकों ने अन्य डेयरी फर्मों के नाम पर टेंडर हासिल कर घी की सप्लाई जारी रखी. इनमें वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) शामिल हैं. CBI ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में बताया कि घी के कई स्टॉक जानवरों की चर्बी मिलाकर तैयार किए गए थे. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जुलाई 2024 में TTD ने AR डेयरी से आए चार टैंकर घी को मिलावट के चलते रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन वे टैंकर डेयरी प्लांट में वापस नहीं लौटे. FSSAI और SIT ने जांच में पाया कि उन्हें सीधे वैष्णवी डेयरी के पास ले जाया गया.

लोकतंत्र के महापर्व की शुरुआत: प्रशिक्षण केंद्रों से मतदान टीमें बूथों की ओर रवानगी पर

जयपुर/बारां अंता विधानसभा उपचुनाव 2025 के तहत 11 नवंबर को मतदान होगा। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की तैयारी के बीच सोमवार को मतदान दल अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगे। इसके लिए प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 268 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान दलों की रवानगी से पहले उन्हें राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंता के मैदान में अंतिम प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण स्थल पर एक बड़ा पंडाल तैयार किया गया है ताकि सभी दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश एक साथ दिए जा सकें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि सुबह 8 बजे से प्रशिक्षण के बाद इन्हें पोलिंग बूथों के लिए रवाना किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मतदान दलों को मतदान दिवस पर किए जाने वाले कार्यों, नियमों, सावधानियों और आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई है। इसके बाद दलों को मतदान सामग्री सौंपी दी गई है और पुलिस बल, वीडियोग्राफर व माइक्रो ऑब्जर्वर के साथ निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जा रहा है। मतदान दलों के लिए हेल्प डेस्क महाजन ने बताया कि निर्वाचन विभाग ने स्वतंत्र और भयमुक्त माहौल में मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशिक्षण स्थल पर मतदान दलों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशिक्षण के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस बीच, उपचुनाव के तहत चुनावी प्रचार का शोर रविवार शाम 6 बजे थम गया। मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व लागू साइलेंस पीरियड के दौरान अब किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, जुलूस, टेलीविजन या सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध रहेगा। लाउडस्पीकर से प्रचार भी वर्जित कर दिया गया है। बाहरी नेताओं को छोड़ना होगा अंता निर्वाचन नियमों के अनुसार, इस अवधि में कोई भी राजनीतिक व्यक्ति जो उस क्षेत्र का मतदाता, अभ्यर्थी, सांसद या विधायक नहीं है, वह अब अंता विधानसभा क्षेत्र में ठहर नहीं सकेगा। जिला प्रशासन और पुलिस ने इस संबंध में सख्त निगरानी व्यवस्था लागू कर दी है ताकि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सके।