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गुजरात फिर टॉप पर! पीएम-जनमन के क्रियान्वयन में पूरे देश को पीछे छोड़ा

गांधीनगर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की अपेक्षित जरूरतों एवं सुविधाओं की पूर्ति कर उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) मिशन कार्यान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में, पीएम-जनमन के क्रियान्वयन में गुजरात देश का शीर्ष राज्य बना है। भारत सरकार की ओर से पीएम-जनमन के कार्यान्वयन के संदर्भ में देश के अलग-अलग राज्यों की प्रगति को ध्यान में रखकर घोषित की गई रैंकिंग में गुजरात पहले स्थान पर है। भारत सरकार की ओर से 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात राज्य को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’ का पुरस्कार दिया। गुजरात की यह उपलब्धि दर्शाती है कि आदिवासियों के विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार मजबूत प्रयास कर रही है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 नवंबर 2023 को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर देश के 18 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश में बसे 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) का सर्वांगीण सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) मिशन की शुरुआत की थी। इस मिशन का उद्देश्य निश्चित समयसीमा में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बिजली, आजीविका और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर उनका सामाजिक उत्थान करना है। गुजरात में ऐसे 5 विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह रहते हैं, जिनमें काथोडी, कोटवाळिया, पढार, सिद्दी और कोलघा समूह शामिल हैं। राज्य सरकार ऐसे समूहों की आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कार्यरत है। पीएम-जनमन मिशन के तहत विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों की आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को पूरा किया जाता है, जिनमें आवास, सड़क की कनेक्टिविटी, पाइपलाइन से जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं, महिलाओं के लिए आंगनबाड़ियों का निर्माण, विद्युतीकरण, मोबाइल टावर की स्थापना, वन धन विकास केंद्र और बहुउद्देश्यीय केंद्रों की स्थापना शामिल हैं। इस मिशन के अंतर्गत इस समुदाय के लोगों के घर-परिवारों का सर्वेक्षण करके और यह पता लगाकर कि किन्हें किस सुविधा की जरूरत है और कहां कितनी कमी है, इसके अनुसार सुविधाओं के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और उसके अनुसार उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। गुजरात राज्य में पीएम-जनमन के अंतर्गत पीवीटीजी समुदायों के लिए 14,552 आवासों के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, राज्य में बसे इस समुदाय के लगभग 2,803 घरों में पाइपलाइन के जरिए जल आपूर्ति की आवश्यकता थी, और इन सभी यानी 100 फीसदी घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाया जा चुका है। इन समुदायों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 22 मोबाइल मेडिकल यूनिट कार्यरत की गई हैं, और 1.25 लाख से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया है। पीएम-जनमन मिशन के अंतर्गत, पीवीटीजी समुदायों की महिलाओं के लिए आगामी समय में 67 आंगनबाड़ियां कार्यरत करने का लक्ष्य है। वहीं, शिक्षा के उद्देश्य से 13 छात्रावासों के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इस मिशन के अंतर्गत ऐसे 6,630 घरों में बिजली पहुंचाई गई है, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंची थी। इसके साथ ही गुजरात राज्य ने पीएम-जनमन के अंतर्गत 100 फीसदी विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। पीएम-जनमन के तहत आदिम समूह बस्तियों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 36 नए मोबाइल टावर लगाने का आयोजन किया गया था, जिनमें से 21 टावर लगाए जा चुके हैं। वहीं, 41 आदिम समूह बस्तियों में 4जी सेवा कार्यरत है। इसके अलावा, सड़क सुविधा के अंतर्गत 45 नई सड़कों (कुल 94 किमी) की स्वीकृति दी गई है, विशेष रूप से छोटी बस्तियों को भी इस योजना के तहत शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, वनोपज के प्राथमिक प्रसंस्करण और उसके मूल्य संवर्धन में पीवीटीजी समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी के जरिए उनकी आजीविका और आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से इस मिशन के तहत 21 वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) स्थापित किए गए है, जिनमें कुल 1,050 लाभार्थी जुड़े हैं। ये केंद्र वनोपज के मूल्य वर्धन और बिक्री के माध्यम से स्थानीय रोजगार और आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुए हैं। यही नहीं, इस मिशन के तहत पीवीटीजी समुदाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं, वयस्क शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसी विभिन्न गतिविधियों के संचालन के लिए 39 बहुउद्देशीय केंद्र स्थापित करने की मंजूरी भी दी गई है। इन सभी बुनियादी सुविधाओं के लिए भारत सरकार के 8 मंत्रालयों द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है, जिनमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, संचार मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय शामिल हैं।

चारों श्रेणियों में अव्वल रहा छत्तीसगढ़ — उद्योग संगम में दिखा सुधार और विकास का नया मॉडल

DPIIT की BRAP रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ बना छत्तीसगढ़, निवेशकों के लिए भरोसे का केंद्र बना राज्य रायपुर छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर देशभर में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार द्वारा आयोजित ‘उद्योग संगम’ में राज्य को बिज़नेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) की चारों प्रमुख श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह उपलब्धि उस परिवर्तन यात्रा की गवाही है जो छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में तय की है। कभी BRAP रैंकिंग में निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक दिग्गजों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा है। सुशासन, पारदर्शिता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के बल पर छत्तीसगढ़ ने खुद को सुधार और विकास का नया मॉडल बना दिया है। राज्य ने BRAP के तहत अब तक 434 सुधार लागू किए हैं — जो इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  और इज ऑफ लिविंग को सशक्त बनाने की दिशा में उसके निरंतर प्रयासों को दर्शाते हैं। इन सुधारों में सबसे बड़ी पहल रही ‘जन विश्वास अधिनियम’, जिसके तहत छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बना जिसने छोटे कारोबारी अपराधों को डीक्रिमिनलाइज कर दिया। इस कदम ने सरकार और उद्योग जगत के बीच भरोसे और सहयोग का नया पुल बनाया है। अब कारोबार में अनावश्यक डर या जटिलता की जगह पारदर्शिता और सहजता ने ले ली है। इसी कड़ी में राज्य ने भूमि अभिलेखों के स्वचालित म्यूटेशन की ऐतिहासिक शुरुआत की — यह कदम छत्तीसगढ़ को देश का पहला राज्य बनाता है जहाँ जमीन पंजीयन के साथ ही स्वामित्व का हस्तांतरण स्वतः हो जाता है। इससे न केवल प्रक्रियाएं सरल हुई हैं बल्कि लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी मुक्ति मिली है। राज्य सरकार ने कई और सुधारों को धरातल पर उतारा है — जैसे दुकानों और प्रतिष्ठानों को 24×7 संचालन की अनुमति, फ्लैटेड इंडस्ट्री के लिए FAR में वृद्धि, भूमि उपयोगिता बढ़ाने हेतु सेटबैक में कमी, और फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष करने के साथ ऑटो-रिन्यूअल सुविधा। इन सभी कदमों ने मिलकर राज्य में उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद, स्थिर और पारदर्शी वातावरण तैयार किया है। इन उल्लेखनीय सुधारों के लिए छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और निवेश आयुक्त ऋतु  सेन (IAS) को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सम्मानित किया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ अब भारत के आर्थिक परिदृश्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इन सुधारों का असर निवेश माहौल पर साफ दिख रहा है। बीते दस महीनों में ₹7.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो यह साबित करते हैं कि निवेशक छत्तीसगढ़ की नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और तेज़ निर्णय प्रणाली पर पूरा भरोसा करते हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के लिए नए युग की शुरुआत है — ऐसा छत्तीसगढ़ जो विकास की दिशा तय कर रहा है, अवसरों को गढ़ रहा है और सबके लिए प्रगतिशील भविष्य की नींव रख रहा है।"छत्तीसगढ़ का ‘टॉप अचीवर’ बनना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उद्योग, सुशासन और पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। छत्तीसगढ़ ने निचले पायदान से उठकर देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की पंक्ति में स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की मेहनत और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है।  छत्तीसगढ़ अब इज ऑफ डूइंग बिज़नेस  से आगे बढ़कर इज ऑफ लिविंग का भी प्रतीक बन चुका है – जहाँ सुधार, विश्वास और विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

आजम खां को राहत: अदालत ने भड़काऊ भाषण मामले में किया बरी

रामपुर  समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव आजम खां को मंगलवार को बड़ी राहत मिल गई। भड़काऊ भाषण के मामले में उन्हें कोर्ट ने बरी कर दिया है। पुलिस की तरफ से उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं दिया जा सका। इसके साथ ही कोर्ट ने विवेचक के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के लिए सपा नेता आजम खां दोपहर में कोर्ट पहुंचे, जहां सुनवाई के बाद एमपी एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सपा नेता को बरी कर दिया। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी की ओर से सपा नेता आजम खां के खिलाफ भड़काऊ भाषण का मामला दर्ज कराया गया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी। कोर्ट से बाहर आकर आजम खान अपने अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसा हुआ है कि बेगुनाह ही बेगुनाह साबित हुआ है। पुलिस ने जिस तरह से मुकदमा किया, उन्होंने सच को छुपाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि अगर हम इसमें बरी हुए हैं, तो इसका मतलब यह है कि हमने सभी हदें पार कीं और उस साजिश व मंसूबे बाजी के खिलाफ इंसाफ पाने में कामयाब हुए, जिसमें पूरे परिवार को मुजरिम बनाने की कोशिश की गई थी। तमाम सबूत-इलेक्ट्रॉनिक वीडियो और ऑडियो देने के बावजूद उन्हें नहीं माना गया। ज्ञात हो कि चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव का है। आजम खां लोकसभा चुनाव लड़े थे और जीते भी थे। इस दौरान उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे दर्ज हुए थे। चुनाव के दौरान रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र के खटानागरिया गांव में आज़म खान ने एक चुनावी सभा को संबोधित किया था। सभा में उन्होंने तत्कालीन रामपुर डीएम अन्जनेय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री योगी, प्रधानमंत्री मोदी और कांग्रेस उम्मीदवार संजय कपूर पर कथित रूप से टिप्पणियां की थी। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि आज़म ने चुनाव आयोग को ‘भ्रष्ट’ बताते हुए मतदाताओं को ध्रुवीकरण के लिए उकसाया। 

समाधान योजना में मुरैना शहर के श्री रामस्‍वरूप का हुआ 07 लाख 54 हजार से अधिक का सरचार्ज माफ

एकमुश्‍त बकाया बिल जमा करने पर 13 लाख, 216 रूपए में से केवल 5 लाख 45 हजार 920 रूपए हुए जमा समाधान योजना में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन 14 करोड़ 29 लाख मूल राशि हुई जमा, 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज हुआ माफ भोपाल  मध्‍यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ग्‍वालियर क्षेत्र के मुरैना शहर जोन के उपभोक्‍ता श्री राम स्‍वरूप उस समय अचरज में पड़ गए जब वे बकाया बिल जमा करने गए तो उनका साढ़े सात लाख रूपए से अधिक का सरचार्ज माफ कर दिया गया। उनका कुल बकाया बिल 13 लाख 216 रूपए था, उन्‍हें समाधान योजना में केवल 05 लाख 45 हजार 920 रूपए जमा करने पड़े। उन्‍होंने तत्काल बकाया बिल जमा किया और अपने घर की बिजली सप्‍लाई बहाल करवा ली है। अब वह बेहद खुश हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। ऐसे अनेक बकायादार उपभोक्‍ता हैं, जिन्‍होंने 8 दिन पहले शुरू हुई समाधान योजना का लाभ लिया और फायदा उठाया है। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में अब तक 10 हजार 075 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 14 करोड़ 29 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 08 करोड़ 30 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025- 26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के लिये portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप पर भी पंजीयन की सुविधा शीघ्र ही मिलने लगेगी। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

‘भ्रामक दावे’ पर रोक: बाबा रामदेव की कंपनी को कोर्ट से झटका

नई दिल्ली  योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने तीन दिनों के अंदर पतंजलि च्यवनप्राश के उस विज्ञापन को प्रसारित करने से रोकने का आदेश दिया है, जिसमें अन्य सभी च्यवनप्राश ब्रांडों को 'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) कहा गया है। जस्टिस तेजस करिया ने डाबर इंडिया लिमिटेड बनाम पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को सोशल मीडिया कंपनियों, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म और अनेय प्रसारकों को तीन दिनों के अंदर इस विज्ञापन को रोकने का आदेश दिया। जस्टिस करिया ने अपने फैसले में कहा, “प्रतिवादी राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों, ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म या किसी भी प्रकार की स्ट्रीमिंग प्रणाली, और प्रिंट माध्यमों और वर्ल्ड वाइड वेब/इंटरनेट पर प्लेटफॉर्म, समाचार पत्रों और अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से विवादित विज्ञापन को तीन दिनों के अंदर हटाएं, ब्लॉक करें या उसे निष्क्रिय कर दें।” डाबर इंडिया के क्या आरोप? हाई कोर्ट की एकल पीठ ने यह आदेश डाबर इंडिया की उस याचिका पर दिया, जिसमें पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश के हालिया टेलीविजन विज्ञापन को अपमानजनक और अनुचित बताया गया था। डाबर की याचिका के अनुसार, विज्ञापन में बाबा रामदेव उपभोक्ताओं को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे थे कि च्यवनप्राश के नाम पर ज़्यादातर लोगों को ठगा जा रहा है। विज्ञापन में अन्य च्यवनप्राश ब्रांडों को'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) बताया गया था और पतंजलि के उत्पाद को 'आयुर्वेद की असली शक्ति' देने वाला एकमात्र असली च्यवनप्राश बताया गया था। बाजार के 61% हिस्सेदारी पर डाबर हावी बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, डाबर ने आरोप लगाया कि यह विज्ञापन जानबूझकर उसके प्रमुख उत्पाद, डाबर च्यवनप्राश को बदनाम करता है, जो 1949 से बाजार में 61% से अधिक की हिस्सेदारी पर हावी रहा है। डाबर ने अपनी याचिका में यह भी तर्क दिया कि पतंजलि का यह विज्ञापन और संदेश संपूर्ण च्यवनप्राश श्रेणी का अपमान है, जिससे आयुर्वेद-आधारित हेल्छ सप्लीमेंट पर लोगों का विश्वास कम होता है। इन तर्कों पर विचार करने के बाद, हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि विज्ञापन संपूर्ण च्यवनप्राश उत्पादों की श्रेणी का अपमान करने का प्रयास है। 'धोखा' का क्या अर्थ बताया पतंजलि ने? इससे पहले पिछली सुनवाई पर गुरुवार (6 नवंबर) को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और पतंजलि आयुर्वेद से पूछा था कि वह अन्य च्यवनप्राश उत्पादों को ‘धोखा’ कैसे कह सकता है? कोर्ट ने तब कहा था कि योग गुरु रामदेव की पतंजलि को अपने विज्ञापनों में किसी अन्य शब्द के इस्तेमाल पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पतंजलि को अपने उत्पाद और अन्य उत्पादों की तुलना की अनुमति तो है, लेकिन अन्य उत्पादों का अपमान करने की अनुमति नहीं है। जस्टिस करिया ने तब कहा था, ‘‘आप दावा कर सकते हैं कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन आप दूसरों को ‘धोखा’ नहीं कह सकते, जिसका अंग्रेजी शब्दकोश में अर्थ धोखाधड़ी और छल है।’’ पतंजलि के वकील ने दावा किया था कि ‘धोखा’ शब्द से रामदेव का मतलब ‘साधारण’ है, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।  

छत्तीसगढ़िया स्वाद से महक उठा केवड़िया:एकता नगर में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति की गूंज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल का किया अवलोकन  रायपुर गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।” छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान: मुख्यमंत्री ने भी लिया छत्तीसगढ़िया व्यंजनों का स्वाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री श्री साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं जीएम श्री वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे। हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।

महिला आतंकी मॉड्यूल का खुलासा! लखनऊ की डॉक्टर शाहीन पर चौंकाने वाले आरोप

नई दिल्ली फरीदाबाद में भारी मात्रा में मिले विस्फोटक ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। सोमवार को सुबह ही यह बरामदगी हुई थी और शाम ढलते-ढलते दिल्ली में कार धमाका हो गया। अब इस मामले की जांच तेज हो गई और इस बीच लखनऊ स्थित एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को अरेस्ट किया गया है। जानकारी मिल रही है कि वह जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी थी और उसे महिला आतंकियों की भर्ती की जिम्मेदारी मिली थी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। यह जानकारी पहले ही आ गई थी कि जैश-ए-मोहम्मद महिलाओं को आतंक की राह में लाने की कोशिशों में जुटा है।   इसके लिए जैश ने बाकायदा एक अलग विंग ही बनाई है, जिसका नाम जमात उल-मोमिनात रखा गया है। इसका नेतृत्व पाकिस्तान में बैठकर खूंखार आतंकी मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर करती है। सादिया अजहर के पति युसूफ अजहर को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी पंजाब के अंदर किए हमले में मार डाला था। युसूफ अजहर के बारे में कहा जाता है कि वह कंधार विमान अपहरण कांड में भी शामिल था। अब उसकी पत्नी दुनिया में आतंक की पौध खड़ी करने में जुटी है। अब बात करते हैं फरीदाबाद मॉड्यूल में पकड़ी गई शाहीन शाहिद की। शाहीन शाहिद की कार से एक एके-47 रायफल भी बरामद हुई है। वह लखनऊ के लाल बाग की रहने वाली है। शाहीन कथित तौर पर अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी की मेंबर है। उसका कश्मीरी डॉक्टर मुज़म्मिल गनई उर्फ़ मुसैब से करीबी रिश्ता माना जाता है। मुज़म्मिल को फरीदाबाद में उसके दो किराए के कमरों से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के कोइल का मूल निवासी मुज़म्मिल दिल्ली से लगभग 45 किलोमीटर दूर धौज स्थित अल-फ़लाह विश्वविद्यालय में एक डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। मुज़म्मिल को जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के एक मामले में वांछित व्यक्ति घोषित किए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। जांच में पाया गया है कि रायफल, पिस्तौल और गोला-बारूद रखने के लिए इस्तेमाल की गई कार शाहीन शाहिद की है। पुलिस द्वारा मुज़म्मिल से पूछताछ के बाद मारुति सुजुकी स्विफ्ट की तलाशी ली गई। जिसका नंबर फरीदाबाद के कोड HR 51 से शुरू होता है। शाहीन शाहिद कितनी खतरनाक है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि उसे जैश ने भारत में महिलाओं की आतंकी फौज खड़ी करने के लिए चुना है। पाकिस्तान के बहावलपुर में 8 अक्तूबर को महिलाओं की भर्ती का ऐलान किया गया था और कमान शाहीन शाहिद को मिली।  

पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा का संपूर्ण जीवन जनसेवा और उच्च आदर्शों को समर्पित रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की जयंती पर विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा की जयंती पर मंगलवार को विधानसभा परिसर में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री सुंदरलाल पटवा ने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा, संगठन के विस्तार और उच्च आदर्शों को समर्पित कर दिया। सादगी, शुचिता एवं त्याग की त्रिवेणी से परिष्कृत श्री पटवा का प्रेरणादायक व्यक्तित्व सदैव प्रदेशवासियों का मार्गदर्शन करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और केन्द्र सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में श्री पटवा की प्रशासनिक दक्षता और दूरदर्शिता का लाभ सभी को मिला। उनके द्वारा दी गई प्रधानमंत्री सड़क की सौगात ने देश के ग्रामीणों को विशेष रूप से लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित करने की परम्परा आरंभ करने के लिए उनकी सराहना की। पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

MWB की बड़ी पहल: रिटायर्ड पत्रकारों के लिए 30 हजार रुपये पेंशन व टोल-फ्री की मांग

चंडीगढ मीडिया वेल बिंग एसोसिएशन उत्तर भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी व प्रदेश प्रवक्ता पवन चोपड़ा  द्वारा पत्रकारों के मांगों को लेकर दिए जा रहे।  ज्ञापनो की कड़ी मे अब राजस्व मंत्री विपुल गोयल को भी  मांग पत्र दिया गया।  एम डब्लू बी द्वारा  पत्रकारों को कैश लेस इलाज  सुविधा की घोषणा मुख्यमंत्री नायाब सैनी द्वारा की गई है। जिसकी आधिकारिक अधिसूचना अति शीघ्र जारी कर  पत्रकारों को कैश लेस इलाज की सुविधा जल्दी दी जाए। इसके अलावा मान्यता प्राप्त मीडिया को मिलने वाली फ्री बस यात्रा असीमित की जाए व निर्धारित किलो मीटर की शर्त हटाने के अलावा एमपी, एमएलए, स्वतंत्रता सेनानी सहित अन्य सम्मानित सदस्यों की तरह पत्रकारों  के लिए भी हरियाणा रोडवेज की बसों में आरक्षित  सीट निर्धारित की जाए।मीडिया कर्मियों को टोल फ्री और  सेवानिवृत पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन 30,000 रुपए प्रति माह की जाए। उल्लेखनीय है कि लोकतंत्र के चार स्तंभ  न्यायपालिका, विधान पालिका, तीनों को टोल में छूट दी जाती है ऐसे में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को भी टोल फ्री की सुविधा दी जाए। मीडिया वेल बिंग एसोसिएशन  नाम के अनुसार मीडिया जगत की सच्ची हितैषी राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने एसोसिएशन की ओर से दिए गए मांग पत्र पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए कहा कि वे उनकी उपरोक्त मांगों मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे। जिसके लिए जल्द ही  मुख्यमंत्री  नायब सैनी को अपनी ओर से एक आधिकारिक पत्र लिखेंगे साथ-साथ निजी रूप से मिलकर संगठन की मांगों को पूरा करने के लिए पूरा प्रयास करूंगा। उन्होंने कहा कि  भाजपा सरकार पहली ऐसी सरकार में रही बनी है। जिसने पत्रकारों के  लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रथम कार्यकाल में पत्रकारों की पेंशन लगाने का कार्य किया गया।  उसे 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 15 हजार भी मनोहर लाल सरकार द्वारा किया गया। इसी प्रकार से पत्रकारों को कैशलेस इलाज की सुविधा सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर दी जाएगी। जिसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री  नायब सैनी ने कर रखी है। ऐसे में जल्द ही मीडिया जगत को यह सुविधा मिलने वाली है। उन्होंने मीडिया वेल बिंग एसोसिएशन  और राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी की कार्यशाली की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन पत्रकार हित के लिए वास्तव में ही 100% जमीन स्तर पर काम कर रहा है।  जिसकी झलक हरियाणा ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रही है। जिन्होंने संगठन के माध्यम से प्रदेश ही नहीं अन्य प्रदेश के कई पत्रकारों को लाखों रुपए की आर्थिक मदद भी की है। इसके अलावा पत्रकारों को संगठन में जोड़ने के लिए नहीं कोई सुविधा शुल्क लिया जा रहा है और उनका 10 लाख का जीवन बीमा भी फ्री किया जा रहा है।  विपुल गोयल जुबान के धनी:धरणी  संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी ने बताया कि मंत्री द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिए गए मांग पत्र को मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा। यही नहीं वह खुद भी निजी रूप से इसकी पैरवी करेंगे। धरणी ने बताया कि विपुल गोयल जुबान के धनी नेता है जो की उनके द्वारा कही गई बातों पूरा करने में विश्वास रखते हैं। उनकी करनी और कथनी में कोई अंतर नहीं। हमें पूरा विश्वास है कि मंत्री के माध्यम से  हमारी मांगों को जल्द ही मूर्त रूप मिलेगा । उन्होंने ने बताया कि संगठन द्वारा प्रदेश के सभी मंत्री व सांसदों को भी इसी प्रकार से मांग पत्र दिए जा रहे हैं। जिससे पत्रकारों के हितों के लिए रखी गई मांगे जल्द ही अमली जामा पहनाया जा सके।

नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन महत्वपूर्ण

मॉडल स्कूल टी.टी. नगर में विद्यार्थियों से किया गया संवाद भोपाल  मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर, भोपाल में मंगलवार को बच्चों को पढ़ाई के साथ उनमें व्यावसायिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ कॅरियर विकल्पों, वैश्विक शैक्षणिक अवसरों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की जानकारी दी गयी। विषय-विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती स्मिता भारद्वाज ने कहा कि कॅरियर केवल विषय चयन नहीं, बल्कि आत्मचेतना, क्षमता और अवसरों की समझ पर आधारित एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक संभावनाओं से सीधे तौर पर जोड़ती हैं। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रेखा शर्मा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि कॅरियर जागरूकता भविष्य का मूल आधार है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और सही दिशा तीनों से समर्थ बनाना है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिये वास्तविक अवसरों और चुनौतियों का परिचय कराती हैं। प्रदर्शनी में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और नेशनल-इंटरनेशनल शैक्षणिक संस्थानों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। स्टॉलों पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विकल्प, प्रवेश प्रक्रियाएँ, स्कॉलरशिप अवसर, इमर्जिंग कॅरियर फील्ड्स और कम्पेटिटिव एक्जाम से संबंधित जानकारी प्रदान की गयी। विद्यालय की काउंसल द्वारा तैयार किये गये कॅरियर आधारित मॉडल्स, चार्ट्स, पोस्टर्स एवं इंटरेक्टिव आकर्षण का केन्द्र रहे। इनमें फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेथ्स, बॉयोलॉजी, वाणिज्य, मानविकी के साथ सायबर सिक्यूरिटी, डिफेंस सर्विसेस, एविएशन, क्रिएटिव ऑर्ट्स और डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल इण्डिया की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों ने ऑर्ट एण्ड क्रॉफ्ट, माटीकला, पेंटिंग, ज्वेलरी डिजाइन, हेण्डीक्रॉफ्ट और एन्त्रप्रेन्योरशिप जैसे कौशल आधारित स्टॉल लगाये। इन स्टॉलों में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की।