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सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास ने मनाया छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस, NACHA बे एरिया चैप्टर भी शामिल

रायपुर : छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने विदेश में बिखेरा रंग अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह में NACHA बे एरिया चैप्टर बना सहभागी प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के सांस्कृतिक राजदूत, छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विश्व में दे रहे पहचान – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रायपुर अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोक-कला ने विदेश की भूमि पर अपनी विशेष छाप छोड़ी। इस कार्यक्रम में NACHA (North America Chhattisgarh Association) के बे एरिया चैप्टर ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ राज्य को समर्पित एक आकर्षक स्टॉल लगाया, जिसमें राज्य के विशिष्ट उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पारंपरिक आभूषणों का सुंदर प्रदर्शन किया गया। इस स्टॉल के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और हस्तशिल्प की विविधता को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित अतिथियों ने अत्यंत सराहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का मनमोहक प्रदर्शन, जिसने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय और अन्य देशों के प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में प्रस्तुत यह लोकनृत्य न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उसने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को भी सजीव कर दिया। छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने विदेश में बिखेरा रंग NACHA के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा और लोक परंपरा को विश्व के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी अपने मूल राज्य की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस आयोजन ने उन्हें अपनी जड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का एक सशक्त अवसर प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने NACHA बे एरिया चैप्टर के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि उनका यह प्रयास छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी छत्तीसगढ़वासी राज्य के “सांस्कृतिक राजदूत” हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और मूल्यों को पूरी दुनिया में  स्थापित कर रहे हैं।

रातों-रात ऑपरेशन! दिल्ली ब्लास्ट के सुराग पर कश्मीर पुलिस की ताबड़तोड़ रेड

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में लालकिले के पास फिदायीन हमला होने के तुरंत बाद रातों रात दक्षिण कश्मीर में पुलिस ने 6 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। इसमें हमले के मुख्य संदिग्ध डॉक्टर उमर के परिवार के तीन लोग शामिल थे। आरोपी डॉक्टर उमर दो अन्य डॉक्टरों के संपर्क में था जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि जिस ह्युंडई आई20 कार से हमले को अंजाम दिया गया, उसे डॉ. उमर ने ही खरीदा था। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में भी कार में बैठा जो शख्स दिखाई दे रहा है, उसकी शक्ल भी उमर से मिलती जुलती है। फरीदाबाद में डॉ. मुजाम्मिल के पास भारी मात्रा में आरडीएक्स मामले में जांच शुरू होने के बाद से ही उमर गायब हो गया था। पुलवामा में उसके गांव से उसके परिवार के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने कहा कि फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा ही एक शख्स कार में सवार था। हालांकि डीएनए टेस्ट के बाद ही सारा मामला खुलकर सामने आएगा। कश्मीर में जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें आमिर राशिद मीर, उमर राशिद मीर और तारिक मलिक शामिल हैं। आमिर प्लंबर है, उमर पावर डिवेलपमेंट डिपार्टमेंट में काम करता है और तारिक मलिक बैंक में सिक्योरिटी गार्ड है। एक स्पेशल पुलिस टीम उनकी जांच कर रही है। 19 अक्टूबर को नौगाम में जैश का पोस्टर मिलने के बाद से ही इस मॉड्यूल की जांच शुरू हो गई थी। इस मामले में पहले भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया था और पूछताछ भी की गई थी। हालांकि इतनी बड़ी साजिश का अंदेशा नहीं था। दो दिन पहले ही फरीदाबाद से एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया जिसके पास से 350 किलोग्राम आरडीएक्स और दो एके-47 राइफल मिलीं। सोमवार को डॉ. मुजाम्मिल से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर उल अशराफ और मकसूद अहमद डार शामिल थे। इसके अलावा नौगाम से मौलवी इरफान अहमद, जमीर अहमद अहंगर और मुसैब को गिरफ्तार किया गया था। कुलगाम से डॉ. आदिल को पकड़ा गया था। पुलिस का कहना है कि जांच में पता चला है कि डॉ. उमर डॉ. मुजाम्मिल के गांव भी गया था। हालांकि दोनों डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद से वह लापता हो गया। पुलिस ने लाल किले के पास विस्फोट में इस्तेमाल कार चलाने के संदिग्ध व्यक्ति की मां को मंगलवार को डीएनए जांच के लिए जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बुलाया। यहां अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हमने विस्फोट स्थल पर मिले अंगों से मिलान करने के लिए संदिग्ध की मां को डीएनए नमूने लेने के लिए बुलाया है।’’  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर यूनिटी मार्च का किया शुभारंभ

सरदार पटेल ने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आधुनिक भारत के निर्माण में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरदार पटेल ने अनेकों रियासतों  को एक करते हुए अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोया। आजादी के समय सरदार पटेल ने पाकिस्तान की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए देश को सुरक्षित रखा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सामने जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसमें सबसे बड़ी भूमिका सरदार पटेल की रही है। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से उनके गौरवशाली कार्यों का स्मरण करने के लिए प्रदेश में यूनिटी मार्च का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर "एक भारत-आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य के साथ भोपाल- सीहोर लोकसभा क्षेत्र में निकाले जा रहे यूनिटी मार्च को वल्लभ भवन के सरदार पटेल पार्क में संबोधित कर रहे थे। देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में छोड़े गए तिरंगे बैलून मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में कटहल और आम के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पुलिस बैंड द्वारा बजाई जा रही देशभक्ति गीतों की धुनों के बीच आसमान में तिरंगे बैलून छोड़े। सामूहिक समवेत स्वर में वंदे मातरम का गान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झंडी दिखाकर यूनिटी मार्च को रवाना किया। यूनिटी मार्च में 2 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया।  सरदार पटेल के प्रयासों से भोपाल सहित कई रियासतें अखंड भारत का बनीं हिस्सा: सांसद श्री आलोक शर्मा सांसद श्री आलोक शर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर के प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 3 दिवसीय यूनिटी मार्च (पदयात्रा) का आयोजन किया जा रहा है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। भारत 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया था लेकिन भोपाल सहित जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी कई रियासतों ने भारत में शामिल होने से इनकार किया। इसके बाद इन रियासतों को अखंड भारत का हिस्सा बनाने में सरदार पटेल की अहम भूमिका रहीं। उन्होंने बताया‍ कि यह रैली बैरसिया और सीहोर में भी आयोजित की जाएगी। अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए गतिविधियां जारी वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरदार पटेल ऐसा व्यक्तित्व थे, जिन्होंने देश को एक करने का कार्य किया। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत, दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बना है। हमारी सरकार द्वारा सरदार पटेल के अखंड भारत के लक्ष्य से युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित श्री रवींद्र यति, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। 

बिग मैच से पहले दमदार प्रैक्टिस: गिल का लंबा सेशन, जायसवाल-सुदर्शन भी फुल फोकस में

कोलकाता भारतीय कप्तान शुभमन गिल इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं कि सीमित ओवरों के प्रारूपों से लाल गेंद वाले क्रिकेट में बदलाव में समय लगता है और इसलिए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच से पूर्व अपनी तकनीक को दुरुस्त करने के लिए मंगलवार को यहां नेट्स पर करीब डेढ़ घंटा बिताया। दक्षिण अफ्रीका की टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है क्योंकि पिछले महीने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उसने पाकिस्तान के खिलाफ दो मैच की श्रृंखला 1-1 से ड्रॉ कराई थी। गिल ने पिछले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में अर्धशतक और नाबाद शतक लगाया था, लेकिन इसके बाद सीमित ओवरों की क्रिकेट में वह रन बनाने के लिए जूझते रहे। वह ऑस्ट्रेलिया में वनडे और टी-20 मैचों की आठ पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए और उनका उच्चतम स्कोर 46 रन रहा। लेकिन टेस्ट टीम की कमान संभालने के बाद वह प्रतिबद्ध दिखे और उन्होंने अपनी फॉर्म हासिल करने के लिए अभ्यास सत्र में कड़ी मेहनत की। नेट अभ्यास से पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर और सहायक कोच सीतांशु कोटक को उनके साथ लंबी बातचीत करते हुए देखा गया, जिसमें संभवतः उनके खेलने के तरीके पर चर्चा की गई। गिल बाद में स्लिप में फील्डिंग के अभ्यास के लिए अपने साथियों के साथ शामिल हुए और फिर यशस्वी जायसवाल के साथ नेट पर अभ्यास करने के लिए चले गए।स्पिन से शुरुआत करते हुए उन्होंने रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर का सामना किया। तेज गेंदबाजी की नेट पर गिल ने पहले जसप्रीत बुमराह का कुछ ओवरों तक सामना किया। इसके बाद उन्होंने नीतीश कुमार रेड्डी और कुछ स्थानीय क्लब गेंदबाजों का सामना भी किया। इसके बाद सहयोगी स्टाफ के एक सदस्य ने उनके लिए ऊंचाई से थ्रोडाउन करने के लिए साइडआर्म का इस्तेमाल किया, जिससे गिल को अतिरिक्त उछाल और तेज रफ्तार वाली गेंदों पर अभ्यास करने का मौका मिला। गिल नेट पर एक घंटे से अधिक समय बिताने के बाद गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल की निगरानी में 30 मिनट तक थ्रोडाउन पर अभ्यास करने के लिए पिच पर चले गए। गेंदबाजी कोच ने यहां पर उनके लिए करीब से खुद गेंदबाजी की। रणजी ट्रॉफी में राजस्थान के लिए 67 और 156 रन की पारी खेलने वाले जायसवाल ने भी लंबे समय तक विकेट पर मोर्केल और थ्रोडाउन का सामना किया। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज़ सहज लय में दिख रहा था तथा आत्मविश्वास के साथ ड्राइव और पुल कर रहा था। नेट पर महत्वपूर्ण समय बिताने वाले एक अन्य बल्लेबाज तमिलनाडु के युवा साई सुदर्शन थे, जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ भारत ए की ओर से दो अनधिकृत टेस्ट मैचों में केवल 84 रन बनाए थे। टीम प्रबंधन उन्हें तीसरे नंबर के बल्लेबाज के रूप में तैयार कर रहा है लेकिन वह अभी तक अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं। ध्रुव जुरेल ने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दूसरे मैच में दोनों पारियों में शतक लगाकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम में एक स्थान के लिए अपना दावा मजबूत कर दिया है और इसमें तीसरा नंबर भी शामिल है। भारत ए टीम के सुदर्शन के साथी केएल राहुल, जुरेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज ने इस वैकल्पिक अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया लेकिन सुदर्शन के लिए किसी तरह का ब्रेक नहीं था। तेज गेंदबाजों में केवल बुमराह ही अभ्यास के लिए आए और उन्होंने लगभग 15 मिनट तक ऑफ स्टंप को निशाना बनाते हुए दो स्टंप पर हल्की गेंदबाजी की। बुमराह के दाहिने घुटने पर हल्की पट्टी बंधी थी लेकिन उन्होंने गंभीर और मोर्केल की देखरेख में गेंदबाजी की। लगभग तीन घंटे के अभ्यास के बाद टीम के थिंक टैंक गंभीर, कोटक, मोर्केल और गिल ने मुख्य पिच का निरीक्षण किया और वहां पर लंबे समय तक चर्चा की। मोर्केल और गिल ने क्यूरेटर सुजन मुखर्जी के साथ भी 15 मिनट तक चर्चा की। उनके हाव-भाव देखकर लग रहा था कि प्रबंधन पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। पिच भूरे रंग की दिखाई दे रही थी और उस पर हल्की घास के धब्बे थे। इस मैदान पर अभी तक जो दो रणजी मैच खेले गए हैं उनमें भारतीय तेज गेंदबाज आकाशदीप और मोहम्मद शमी को पहले दिन शुरू में संघर्ष करना पड़ा था। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि टीम प्रबंधन ने टर्न लेने वाली पिच तैयार करने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया है। दक्षिण अफ्रीका के पास तेज और स्पिन दोनों में संतुलित आक्रमण है। यदि कागिसो रबाडा और मार्को यानसन तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे तो केशव महाराज, साइमन हार्मर और सेनुरन मुथुसामी की स्पिन तिकड़ी ने पाकिस्तान में शानदार प्रदर्शन किया था।  

शासकीय शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये लगेंगे शिविर

अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों की विभागीय स्तर पर होगी नियमित समीक्षा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से की चर्चा भोपाल  स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में शासकीय शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये शिविर लगाये जायेंगे। यह शिविर संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर लगाये जायेंगे। समस्याओं के निराकरण के लिये संबंधित अधिकारी त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। लगाये गये शिविरों की राज्य स्तर पर भी समीक्षा की जायेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने यह बात मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न शिक्षक संघों के पदाधिकारियों से चर्चा के दौरान कही। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिये संवेदनशील है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में 4 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें अतिथि शिक्षक भी शामिल हैं। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में होगी त्वरित कार्यवाही मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में दिवंगत शिक्षकों के परिवार के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में त्वरित कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर नियुक्ति के समय प्रशिक्षण, डीएड एवं बीएड की अनिवार्यता को समय अवधि निश्चित करते हुए संतोषजनक रास्ता निकाला जायेगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये निचले स्तर के शिक्षकों को शामिल करते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। इसमें शिक्षक संघों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में शिक्षकों को चतुर्थ समयमान और क्रमोन्नत वेतनमान दिये जाने संबंधी बिन्दु पर भी चर्चा की गयी। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदीश यादव और आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष श्री भरत पटेल मौजूद थे। इन प्रतिनिधियों ने भी शिक्षकों के कल्याण संबंधी सुझाव दिये।  

राजनीति की गर्माहट में भाईचारा: तेजस्वी-तेज प्रताप मिले, मीसा हुईं भावुक

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव की गर्मी के बीच एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर सियासत और भावनात्मक दोनों का गुबार फूटा है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उनके दोनों भाई तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव एयरपोर्ट पर आमने-सामने आते दिख रहे हैं।   वीडियो दरअसल यूट्यूबर ‘अनफिल्टर्ड विद समदीश’ के शो का एक क्लिप है। इसमें तेज प्रताप एक दुकान में बंडी खरीदते नजर आते हैं, तभी तेजस्वी यादव एयरपोर्ट पर चेक-इन करा रहे होते हैं। जैसे ही दोनों की नजरें मिलती हैं, तेजस्वी मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “शॉपिंग करा रहे हैं क्या भइया?” इस पर तेज प्रताप मुस्कुराने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके चेहरे की मायूसी साफ झलक जाती है। वीडियो के बैकग्राउंड में तेजस्वी यादव के साथ वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और संजय यादव नजर आते हैं, जबकि तेज प्रताप अकेले हैं। इस पल को देखकर मीसा भारती ने टूटे हुए दिल के इमोजी के साथ वीडियो शेयर करते हुए सिर्फ “भाई।” लिखा। चुनावी सरगर्मी के बीच रिश्तों में नरमी की आहट पहले चरण की वोटिंग के बीच यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों भाइयों के बीच राजनीतिक दूरी और परिवारिक मतभेद की चर्चा जोरों पर है। तेज प्रताप यादव जहां इस बार जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) से महुआ सीट से मैदान में हैं, वहीं तेजस्वी यादव आरजेडी उम्मीदवार के रूप में राघोपुर से किस्मत आजमा रहे हैं। तेज प्रताप को न पार्टी से समर्थन मिला, न परिवार से प्रचार। इसके बावजूद वे अकेले दम पर मैदान में हैं। वहीं तेजस्वी के लिए राबड़ी देवी, मीसा भारती और पूरी आरजेडी मशीनरी सक्रिय दिखी। मगर अब तस्वीर कुछ बदलती नजर आ रही है। राबड़ी देवी ने हाल ही में कहा, “मेरे दोनों बेटे जनता की सेवा कर रहे हैं, जनता का प्यार उन्हें जरूर मिलेगा।” यानी मां के मन में दोनों बेटों के लिए बराबर की ममता है।  

म.प्र. को दो श्रेणियों में मिले पुरस्कार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

"जल संचय-जन भागीदारी" में भी अग्रणी स्थान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर को प्रदान करेंगी पुरस्कार भोपाल  मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नई दिल्ली में मंगलवार को जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की। मध्यप्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले को पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है, जबकि खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर 2025 को पुरस्कार प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरस्कृत जिलों को बधाई दी है। "जल संचय-जन भागीदारी" पहल में भी वेस्टर्न-जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ को मिला। श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुनाजिले को प्रथम रैंक मिला। ज़िलों में श्रेणी तीन में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के तहत कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की । ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं — सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्था (स्कूल या कॉलेज के अतिरिक्त), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। इसी उद्देश्य से लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तौर तरीकों को अपनाने में प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार का शुभारंभ 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर किया गया था। कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी समीक्षा और मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। चयनित आवेदनों का परीक्षण केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा किया गया। अंतिम रिपोर्टों के आधार पर वर्ष 2024 के 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए कुल 46 विजेताओं का चयन किया गया। राष्ट्रीय जल पुरस्कार का उद्देश्य देश में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान करना और सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करना है। ये पुरस्कार जल के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जल के सर्वोत्तम उपयोग के प्रयासों को अपनाने के लिये प्रेरित करते हैं। यह पहल सभी लोगों और संगठनों के लिए जल संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों में एक मजबूत साझेदारी और जन सहभागिता को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है। जल संचय जन भागीदारी पहल में भी अग्रणी मप्र जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार : कैच द रेन के अंतर्गत साउथ जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ जिले को तथा श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना को, ज़िलों में श्रेणी तीन में दूसरी रैंक में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। इस पहल के अंतर्गत राज्यों को पाँच ज़ोन में बाँटा गया है। जिलों को न्यूनतम 10,000 कृत्रिम भू-जल पुनर्भरण एवं संचयन संरचनाएँ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के जिलों के लिए यह लक्ष्य 3,000 संरचनाएँ है, जबकि देशभर के नगर निगमों के लिए यह संख्या 10,000 निर्धारित की गई है। इन संरचनाओं में वर्षा जल संचयन (रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) के अलावा झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन भी शामिल है। शहरी जल संरक्षण प्रयासों को सशक्त करने के लिए, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। नगरीय निकायों को कम-से-कम 2,000 पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें तीन सर्वश्रेष्ठ राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम, एक नगरीय स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय/विभाग, दो उद्योग, तीन गैर-सरकारी संगठन, दो परोपकारी व्यक्ति और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय के सिचुएशन रूम से कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी की पड़ताल

जिला कलेक्टरों से वर्चुअली प्राप्त की जानकारी दिल्ली विस्फोट को दृष्टिगत रखते हुए सावधानी एवं सतर्कता बनाए रखने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के संदर्भ में मंगलवार को मंत्रालय के सिचुएशन रूम से जिला कलेक्टरों से कानून व्यवस्था की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि प्रदेश में सभी सार्वजनिक स्थलों, भीड़ भरे इलाकों, धार्मिक स्थलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर चौकसी बढ़ाई जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए। साथ ही यह ध्यान भी रखा जाए कि आमजन और सामान्य जीवन प्रभावित न हो। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद प्रदेश में किए गए सतर्कता के उपायों और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी। सिचुएशन रूम में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

दिल्ली धमाका केस में अहम सुराग: गुरुग्राम में बिकी कार आखिर जम्मू-कश्मीर कैसे पहुंची?

नई दिल्ली  दिल्ली में लाल किले के पास जिस i10 कार में धमाका हुआ था, उसके पहले मालिक गुरुग्राम के सलमान थे। फिर यह कार बिकते-बिकते जम्मू-कश्मीर के पुलवामा तक जा पहुंची और अंत में दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास इसमें धमाका हुआ। अब तक पुलिस ने इसे आतंकी हमला करार नहीं दिया है, लेकिन इसकी जांच कुछ ऐसे ही संकेत दे रही है। फिलहाल पुलिस ने गुरुग्राम से रजिस्टर्ड इस कार के पहले खरीददार के मकान मालिक से पूछताछ की है। इस कार के पहले मालिक सलमान थे, जो गुरुग्राम में रहते थे। वह जिन दिनेश में मकान में रहते थे, पुलिस ने उनसे आज पूछताछ की है।   दिनेश की मां वीरवती ने बताया कि पुलिस उनके बेटे को पूछताछ के लिए ले गई है। दिनेश के परिवार का दावा है कि सलमान उनके घर में 2016 से 2020 के दौरान रहा था। इस बीच जानकारी मिली है कि दिल्ली धमाके में मरने वालों की संख्या 12 पहुंच गई है। दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार की शाम को ही कार के पहले मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में ले लिया था। सलमान ने बताया कि उन्होंने अपनी कार दिल्ली के ओखला निवासी देवेंद्र को डेढ़ साल पहले बेची थी। फिर देवेंद्र ने इस कार को अंबाला में किसी को बेच दिया था। अंबाला के उस शख्स ने पुलवामा के तारिक को गाड़ी बेच दी थी। फिलहाल पुलिस कड़ियां जोड़ते हुए सभी तक पहुंचने में जुटी है। इस बीच दिनेश के परिवार ने बताया कि सलमान उनके शांति नगर स्थित आवास में 4 साल तक रहा था और फिर गुरुग्राम में ही फ्लैट ले लिया था। वीरवती ने कहा कि रात को कुछ पुलिस वाले आए थे और मेरे बेटे को ले गए। हमने अपना मकान 2015 में बनाया था और 2016 में सलमान रहने आया था। वह ऊपरी मंजिल पर रहता था और 4 साल बाद अपने ही फ्लैट में शिफ्ट हो गया, जिसे उसने खरीदा था। वीरवती ने कहा कि अब घर में दूसरे किरायेदार रहते हैं। दिनेश के भाई महेश ने कहा कि हम लोगों का सलमान से कोई संपर्क नहीं रहा है। महेश ने कहा कि पुलिस यह कहकर ले गई है कि इनसे पूछताछ करनी है। उसने कहा कि सलमान हमारे यहां अपनी पत्नी, दो बच्चों और मां के साथ रहता था। सलमान एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। फिलहाल इस मामले में पुलिस कड़ियां तलाश रही है। यह हैरान करने वाली बात है कि एक कार इतने लोगों के पास बिकते हुए पहुंची और अंत में उसे आतंकी साजिश के लिए इस्तेमाल किया गया। माना यह भी जा रहा है कि जानबूझकर ऐसी कार को चुना गया, जो कई बार बिकी हो ताकि उसके मालिक की तलाश करना आसान ना रहे।  

राज्यपाल पटेल ने गुजरात के बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय राजपीपला का किया भ्रमण

भगवान बिरसा मुंडा को किया नमन, छात्रावास पहुंचे भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल मंगलवार को गुजरात के नर्मदा जिले के राजपीपला के भगवान बिरसा मुंड़ा विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने परिसर स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. दर्शना बेन वसावा भी मौजूद थी। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की संकल्पना है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावास का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की आवास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। विश्वविद्यालय के स्वरूप और विकास के विषय में विश्वविद्यालय प्रबंधन से चर्चा की। राज्यपाल श्री पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में “एक पेड़- मां के नाम” अभियान के तहत पौध-रोपण किया। राज्यपाल के आगमन पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। राज्यपाल श्री पटेल को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मधुकर पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय जनजातीय कला, विरासत, संस्कृति, औषधीय प्रणालियों, भाषा और साहित्य का संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए समर्पित है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा के माध्यम से जनजातीय समुदायों की परंपराएँ और ज्ञान प्रणाली, व्यापक सामाजिक पुनर्जागरण में योगदान दें सके। कुलपति डॉ. पाडवी ने बताया कि विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों जैसे मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान, कानून, शिक्षा, आदिवासी पारंपरिक कला, शिल्प और कौशल आधारित शिक्षा में स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर, व्यावसायिक और पी.एच.डी. तक के शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है।  बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2017 मे हुई थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से गुजरात और विकासशील क्षेत्रों की जनजातीय आबादी के संदर्भ में परिवर्तनकारी और नवीन शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यक्रम विकसित करना है। विश्वविद्यालय की स्थापना जनजातीय क्षेत्रों के तीव्र विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी, कौशल-आधारित, व्यावसायिक, प्रबंधन, पर्यटन, जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक मूल्य प्रणालियों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। विश्वविद्यालय में जनजातीय कला, संस्कृति, परंपरा, भाषा, औषधीय प्रथाओं, रीति-रिवाजों, वन-आधारित आर्थिक गतिविधियों, वनस्पतियों, जीवों, और जनजातीय क्षेत्रों के प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान और प्रौद्योगिकी उन्नयन के लिए शिक्षण और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध है।