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रायपुर: 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कॉल सेंटर नंबर भी उपलब्ध

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव मती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव मती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। मती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

जनसेवा और सादगी का उदाहरण: मुख्यमंत्री मोहन यादव बेटे की शादी सामूहिक विवाह में

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर सादगी और सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करने जा रहे हैं। उन्होंने अपने छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह किसी भव्य आयोजन में नहीं, बल्कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराने का निर्णय लिया है। यह पहला अवसर होगा जब कोई मुख्यमंत्री अपने पुत्र का विवाह सामूहिक समारोह में संपन्न कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमेशा अपने जीवन और कार्यशैली में सादगी को प्राथमिकता दी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पारिवारिक आयोजन को भी समाजहित से जोड़ा है।  जानकारी के अनुसार, 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव, डॉ. इशिता यादव के साथ सात फेरे लेंगे। इशिता, खरगोन जिले के किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। अभिमन्यु और इशिता की सगाई लगभग पांच महीने पहले भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी। डॉ. अभिमन्यु ने भोपाल में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और पढ़ाई के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री निवास के बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहे। बेटे अभिमन्यु की शादी उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तय किया है कि उनके छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव का विवाह 30 नवंबर को उज्जैन के होटल अथर्व में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में होगा। इस आयोजन में 21 जोड़े एक साथ परिणय सूत्र में बंधेंगे। मुख्यमंत्री के बेटे के विवाह का हिस्सा बनना इस सम्मेलन को प्रतीकात्मक रूप से और भी खास बना देगा। डॉ. अभिमन्यु का विवाह डॉ. इशिता यादव से होगा, जो खरगोन जिले के प्रख्यात किसान दिनेश यादव की पुत्री हैं। दोनों की सगाई इसी वर्ष, लगभग पांच महीने पहले, भोपाल के मुख्यमंत्री निवास में संपन्न हुई थी। अभिमन्यु की सादगी और आत्मनिर्भरता की कहानी मुख्यमंत्री के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव ने भोपाल में रहकर चिकित्सा शास्त्र की पढ़ाई पूरी की। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पढ़ाई के दौरान मुख्यमंत्री निवास की बजाय कॉलेज हॉस्टल में रहना चुना। उनका कहना था कि छात्र जीवन का असली अनुभव और अनुशासन हॉस्टल में ही मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी उस समय साफ कहा था कि – “मुख्यमंत्री निवास किसी विद्यार्थी के लिए नहीं, बल्कि राज्य के प्रशासनिक कार्यों के लिए होता है। पढ़ाई की असली जगह कॉलेज और हॉस्टल हैं।” यह सोच दर्शाती है कि उन्होंने अपने बच्चों में भी अनुशासन, आत्मनिर्भरता और ज़मीन से जुड़े रहने की सीख दी है। सादगी से भरा विवाह, समाज के लिए संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने परिवारजनों को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अभिमन्यु की शादी सादगी से, बिना दिखावे के और सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही होगी। इस आयोजन में गरीब और सामान्य परिवारों की बेटियों की भी शादियां होंगी, जिससे यह समारोह समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक बन जाएगा। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से यह संदेश जाता है कि उच्च पद पर रहते हुए भी व्यक्ति अपनी जड़ों और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ा रह सकता है। उज्जैन में मिथक तोड़कर पेश की थी नई सोच मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले भी सामाजिक परंपराओं में नई सोच के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सवाल उठा था कि महाकाल की नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री को रात्रि विश्राम नहीं करना चाहिए, क्योंकि वर्षों से यह एक प्रचलित मान्यता रही है। लेकिन मोहन यादव ने इस मान्यता को तोड़ते हुए कहा – “मैं महाकाल का भक्त और पुत्र हूं, मेरे लिए उज्जैन मेरा घर है, और महाकाल की नगरी में रुकना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” उस रात उन्होंने उज्जैन में रात्रि विश्राम कर यह मिथक समाप्त किया और यह दिखाया कि श्रद्धा और कर्म के बीच कोई विरोध नहीं, बल्कि संतुलन संभव है। सादगी और परिवार की मर्यादा का उदाहरण मुख्यमंत्री मोहन यादव उन विरले नेताओं में से हैं जिनका परिवार कभी भी शासकीय आवास में स्थायी रूप से नहीं रहा। वे अपने परिवार को राजनीति से दूर रखते हैं और हमेशा आम जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर देते हैं। उनका मानना है कि नेता की पहचान उसके आचरण और सादगी से होती है, न कि उसके पद से। यही कारण है कि आज वे अपने बेटे की शादी भी समाज की बेटियों के साथ एक ही मंच पर करवा रहे हैं — यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि एक संदेश है – “समानता और सादगी का।” बताया जा रहा है कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी समाजों के 20 जोड़े शामिल होंगे। इसमें मुख्यमंत्री की तरफ से ही सभी जोड़ों को गिफ्ट भी दिया जाएगा। बता दें मुख्यमंत्री समाज के लोगों को पहले से ही सादगी और सरल जीवन यापन करने के लिए प्रेरित करते आए हैं।  डॉ. मोहन यादव की पहचान हमेशा एक ऐसे जननेता के रूप में रही है जो परंपरा और आधुनिकता दोनों को समान महत्व देते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका परिवार शासकीय आवास में शिफ्ट नहीं हुआ। वे अपने परिवार को सरकारी सुख-सुविधाओं से दूर रखते हैं।  

विश्व विजेता भारतीय महिला दल में कवर्धा की बेटी का अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं विश्व विजेता भारतीय महिला दल में कवर्धा की बेटी का अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को भेंट की शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा, कहा हनुमान जी की हम पर सदैव रही कृपा आकांक्षा सत्यवंशी ने बताया फेसबुक पोस्ट से भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सफर रायपुर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट रहीं मती आकांक्षा सत्यवंशी एवं उनके परिजनों के साथ अपने निज निवास पर आत्मीय भेंट की और उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने उन्हें शौर्य के प्रतीक के रूप में गदा भी भेंट किया। जिसपर आकांक्षा ने हर्ष पूर्वक अपने विश्वकप के फाइनल मैच में गदा से जुड़ा एक वाक्या शेयर करते हुए बताया कि वे भी हनुमान जी की भक्त हैं और आखरी मैच में खिलाड़ी राधा यादव और क्रांति गौड़ पूरे समय हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। फिर जब उनकी मैच खेलने की पारी आयी तो उन्होंने एक छोटा सा गदा मेरे हांथों में देकर उसे मैच के अंत तक पकड़े रहने को कहा था और भगवान हनुमान की कृपा हम पर बनी रही और हम विश्व विजेता बन गए। एम्स रायपुर की नौकरी का अवसर छोड़ बनीं महिला टीम की फिजियो इस अवसर पर उन्होंने उपमुख्यमंत्री से अपने क्रिकेट से जुड़ने के सफर को साझा किया। कैसे एम्स रायपुर की पक्की नौकरी छोड़कर उन्होंने क्रिकेट टीम की फिजियो बनीं। उन्होंने बताया की प्रारंभिक पढ़ाई के बाद रायपुर मेडिकल कॉलेज से फिजियोथेरेपी में स्नातक और कटक से स्नातकोत्तर किया। जिसके बाद उन्होंने कई न्यूरो सर्जन्स के साथ काम किया और उसी वक्त उन्होंने फेसबुक पर अपनी ट्रेवलिंग के शौक के साथ अपनी बक्केट विश लिस्ट शेयर की थी। उन्होंने कहा उन्हें नहीं पता था कि एक फेसबुक पोस्ट मेरी दुनिया बदल देगा। फेसबुक पोस्ट से मेरे घूमने के शौक को जानकर मेरी सीनियर ने मुझे छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम से जुड़ने का ऑफर दिया और उसी वक्त उनका चयन एम्स रायपुर के लिए भी हुआ था। घर में लोग स्थायी नौकरी के लिए मुझे एम्स जाने के लिए कहा पर माता-पिता और भाई ने उन्हें स्पोर्ट किया और उन्होंने स्थायी नौकरी छोड़ क्रिकेट के साथ अपनी यात्रा प्रारम्भ की एवं छत्तीसगढ़ महिला क्रिकेट टीम की तीनों वर्गों को अपनी सेवाएं दी और उनके अच्छे काम ने उन्हें बीसीसीआई की नजर में ला दिया और सीधे सीनियर भारतीय महिला टीम के साथ उन्हें एक कार्यशाला में कार्य करने का मौका मिला और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मिले वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी से, दी शुभकामनाएं पहले कठिन होता था महिला का सफर करना, अब सभी का मिला साथ इस अवसर आकांक्षा ने बताया कि उन्हें घूमने का शौक है पहले महिलाओं का सफर करना बहुत कठिन होता था, अब मुझे घर वालों का साथ मिला और अब सब बदल गया है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब खेल हो या फाइटर प्लेन उड़ाना हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आ रहीं हैं। अब तो शासन में भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक में शामिल होने उपमुख्यमंत्री ने दिया न्योता उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा को वर्ल्ड कप विजय की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा की आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए प्रेरणादायी है। कवर्धा की बेटी का विश्व विजेता बनने में अमूल्य योगदान हम सभी के लिए गर्व की बात है। इससे हमारे प्रदेश की बालिकाएं भी खेल के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित होंगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत में आपकी भूमिका ने हम सभी को गौरव दिलाया है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने आकांक्षा सत्यवंशी को सम्मान स्वरूप मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और पूरे परिवार के साथ स्वल्पाहार भी किया। फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा सत्यवंशी ने जीत की खुशी साझा करते हुए कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस सफलता में योगदान दे पाई। उन्होंने अपने पति को अपना सहयोगी बताया। उपमुख्यमंत्री ने उन्हें बस्तर ओलंपिक में शामिल होकर प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने हेतु आमंत्रित भी किया। ओलंपिक में पदक दिलाएंगे बस्तर के युवा उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा की राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को निरंतर विस्तार दे रही है। हम राज्य की हर प्रतिभा को मंच देने के लिए कार्य कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से बस्तर की विलक्षण प्रतिभाएं आगे आ रहीं हैं। बस्तर के युवा आनुवांशिक रूप से खेलकूद और एथेलेटिक्स के लिए ढ़ले होते हैं। बस्तर ओलंपिक से अब हर गांव और हर विकासखण्ड से नई खेल प्रतिभाएं सामने आ रहीं हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बस्तर ओलंपिक से प्रतिभाओं की तलाश कर उन्हें अगले ओलंपिक के लिए तैयार करें और वे भारत को अगले ओलंपिक में पदक दिलाएंगे। आकांक्षा उपमुख्यमंत्री को डाइट के टिप्स में कहा खाएं छत्तीसगढ़िया साग इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें भात और साग खाना बहुत पसंद है। तो आकांक्षा ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों की विशेषता ही हमारी विभिन्न साग सब्जियों की भिन्नता है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री को डाइट टिप्स देते हुए कहा कि आपको तो छत्तीसगढ़िया साग पसंद है वो खाना भी बहुत जरूरी है। रोज के भोजन में इसे करें शामिल।

मनिका विश्वकर्मा ने मिस यूनिवर्स में दिखाया स्टाइल, इंडो-वेस्टर्न लुक में नजर आईं बेहद खूबसूरत

बैंकाक थाईलैंड में जारी मिस यूनिवर्स 2025 में भारत को रिप्रेजेंट कर रहीं मनिका विश्वकर्मा छाई हुई हैं. वो इस मुकाबले में एक मजबूत दावेदार के तौर पर देखी जा रही हैं. मनिका हर इवेंट में अपने लुक्स के जरिए भारत की संस्कृति को पेश कर रही हैं. हाल ही में हुए एक इवेंट के दौरान मनिका ने इंडो-वेस्टर्न लुक कैरी किया जिसके लिए उनकी खूब तारीफें भी हो रही हैं. मनिका ने क्या पहना  मिस यूनिवर्स गाला डिनर में शामिल होने के लिए मनिका ने आइस ब्लू कलर का एक स्लीवलेस गाउन पहना था जिसमें ऊपर के एरिया पर ओम्ब्रे ब्लू सीक्विन एम्बेलिशमेंट, डीप नेकलाइन था. ड्रेस में थाई-हाई स्लिट, ट्यूल एम्बेलिश्ड स्कर्ट, बॉडीकॉन फिट और फर्श तक फैली हुई ट्रेन थी. मनिका ने एड किया ग्लैमर उन्होंने इस पोशाक को नीलम और क्रिस्टल की जूलरी से सजाया था. सबसे ज्यादा आकर्षक चीज उनका मांग टीका था जो उन्हें इस वेस्टर्न ड्रेस के साथ भी इंडियन लुक दे रहा था. उन्होंने इसे ईयररिंग्स और स्टेटमेंट रिंग के साथ कंप्लीट किया था. अपने बालों को उन्होंने बीच से अलग करके ब्लोआउट वेव्स के साथ स्टाइल किया था. मेकअप के लिए उन्होंने विंग्ड आईलाइनर, स्मोकी आईज, फेदर आइब्रो, प्लम लिप शेड और गालों पर ब्लश लगाया था. विवादों से घिरी मिस यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता का समापन 21 नवंबर को 2025 को होगा, जब डेनमार्क की मिस यूनिवर्स 2024 विक्टोरिया अगली मिस यूनिवर्स को ताज पहनाएंगी. वहीं, मनिका का अब तक मिस यूनिवर्स के सभी इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन रहा है. वो अगस्त में मिस इंडिया यूनिवर्स बनी थीं और अब मिस यूनिवर्स से जुड़े अलग-अलग इवेंट्स में अपने आकर्षक परिधानों और लुक्स के जरिए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और विरासत को दुनिया के सामने पेश कर रही हैं.  आपको बता दें कि मिस यूनिवर्स 2025 मुकाबला मिस मेक्सिको फातिमा बॉश और मिस ग्रैंड इंटरनेशनल के अध्यक्ष नवात इत्साराग्रिसिल के बीच तीखी बहस की वजह से विवादों में घिरा है. 

कृषि भाव अपडेट: भावांतर योजना में आज का रेट 4056 रुपए/क्विंटल

भावांतर योजना में आज का मॉडल रेट 4056 रुपए प्रति क्विंटल जारी भोपाल भावांतर योजना 2025 अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 11 नवंबर को 4056 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है, जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था।  

अम्बिकापुर : ई-ऑफिस प्रणाली पर अधिकारी-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

अम्बिकापुर जिले के समस्त विभागों एवं कार्यालयों में ई-ऑफिस के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के सम्बन्ध में जिला पंचायत सभाकक्ष में मंगलवार को प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित किया गया। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के मास्टर ट्रेनर के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें समस्त विभागों के ई-ऑफिस संचालकों को सरकारी कार्यालयों के दस्तावेजों को पेपरलैस करने पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान ई-ऑफिस के क्रियान्वयन एवं सुचारू रूप से सभी कार्यालयों में कार्य करने हेतु नोट-शीट, फाईल, डिजिटल साईन, ट्रांसफर आदि संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत विभिन्न प्लेटफार्म के विभिन्न कार्यों तथा उनके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में ई-ऑफिस का परिचय एवं उपयोग, दस्तावेज़ तैयार करना, अनुमोदन प्रक्रिया, रिपोर्टिंग एवं फाइल ट्रैकिंग, सुरक्षा उपाय एवं गोपनीयता आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। जिले के सभी विभागों के कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर रवि निषाद, विनोद देवांगन एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जियाउर रहमान, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।    

15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर

रायपुर : 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवम्बर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, डिस्प्ले होंगे धान उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की रायपुर आगामी 15 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों को लेकर आज रेडक्रॉस सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि उपार्जन केन्द्रों में सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण हों ताकि कृषकों को धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या न हो। किसानों को सुगमता से धान विक्रय की सुविधा मिले और भुगतान जल्द किया जाए।     प्रभारी सचिव श्रीमती शर्मा ने कहा कि कोचियों एवं अवैध धान विक्रय-परिवहन पर निगरानी रखे एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खरीदी में धान की गुणवत्ता पर  ध्यान दिया जाए तथा तेजी से धान का उठाव सुनिश्चित हो। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेकिंग धान की किस्म के अनुसार सही तरीके से की जाए। श्रीमती शर्मा ने सभी उपार्जन केंद्रों में कॉल सेंटर के नंबर चस्पा किए जाने के निर्देश दिए, ताकि कृषक किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल दे सकें और उसका निराकरण समयबद्ध रूप से किया जा सके।     बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में कुल 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं और 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान का रकबा है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र है। जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें जिला एवं ब्लॉक स्तरीय दल एवं उड़नदस्ता का गठन किया गया है। रायपुर जिले में अवैध धान परिवहन रोकने के लिए 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं तथा 43 कर्मियों की तैनाती उड़नदस्ते में की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों का चिन्हांकन कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन एवं बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने किया पीएनबी की डिजिटल पहल का उद्घाटन

नई दिल्ली  देश के सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के दौरे के साथ बढ़ी हुई सतर्कता और पारदर्शिता की दिशा में, अपनी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस कार्यक्रम के तहत, "पीएनबी की विजिलेंस मैनुअल 2025" का 5वाँ संस्करण और त्रैमासिक पत्रिका "पीएनबी विजिल" का सितंबर 2025 के अंक का अनावरण  किया गया। इस अवसर पर एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक (ईडी) श्री बिभु प्रसाद महापात्र, सीवीओ श्री राघवेंद्र कुमार, और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।इसके अतिरिक्त, बैंक ने कई प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया, जिनमें कर्मचारी जवाबदेही पोर्टल का संपूर्ण डिजिटलीकरण, आचरण जोखिम ढाँचा (कर्मचारियों के लिए) और पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए डिजिटल समाधान शामिल हैं। ये पहल पीएनबी की अपने परिचालन में दक्षता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं। इस कार्यक्रम में सतर्कता योद्धाओं को भी सम्मानित किया गया, यह उन कर्मचारियों के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देने के लिए किया गया जिन्होंने बैंक के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने में असाधारण समर्पण का प्रदर्शन किया है। श्री प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, माननीय केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने कहा: "हमारे समाज का कल्याण , हमारी अर्थव्यवस्था का विकास और आजीविका का सृजन पंजाब नैशनल बैंक जैसे बैंकों द्वारा प्रदान किए गए समर्थन और वित्तपोषण से गहराई से जुड़े हुए हैं। हमारा लक्ष्य सतर्कता की ऐसी संस्कृति का निर्माण करना है जहाँ कार्य दंड के भय से नहीं, बल्कि सही काम करने की प्रतिबद्धता से प्रेरित हों। यह संस्कृति व्यक्ति, संगठन और समाज को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करती है, जिससे बैंक, अर्थव्यवस्था और अंततः राष्ट्र के विकास में योगदान मिलता है, क्योंकि हम 2047 तक 'विकसित भारत' की दिशा में काम कर रहे हैं।" श्री अशोक चंद्र, एमडी एवं सीईओ, पीएनबी, ने कहा: "जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपना मार्ग प्रशस्त कर रहा है l हम पर, सबसे बड़े बैंकों में से एक के रूप में, जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है। हम सत्यनिष्ठा, नैतिकता, और पारदर्शिता पर आधारित गुणात्मक, सतत, और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सतर्कता, विशेष रूप से निवारक सतर्कता ( प्रिवेंटिव विजिलेंस ) , यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि प्रगति सुदृढ़ शासन और जवाबदेही के साथ जुड़ी रहे। इन मूल्यों से प्रेरित होकर, पीएनबी विश्वास और नैतिक उत्कृष्टता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा का समर्थन करने के लिए समर्पित है।" श्री राघवेंद्र कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), पीएनबी, ने कहा: "इन डिजिटल पहलों का शुभारंभ पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी की संस्कृति के निर्माण के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अपने सतर्कता ढाँचे के साथ प्रौद्योगिकी को एकीकृत करके, हम न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्वसनीयता बैंक के भीतर हर प्रक्रिया की आधारशिला बनी रहे।" पीएनबी द्वारा सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 का अनुपालन सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक शासन के प्रति उसकी गहन प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 27 अक्टूबर को राष्ट्रव्यापी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक कर्मचारियों और बहुतायत में ग्राहकों ने भाग लिया। बैंक ने डिजिटल और मूलभूत पहलों के माध्यम से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की। 11,000 एटीएम (ATMs), मोबाइल ऐप्स और व्हाट्सएप बैंकिंग पर सतर्कता संदेशों को प्रदर्शित करने से लेकर 8,000 से अधिक ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान आयोजित करने तक, पीएनबी ने सत्यनिष्ठा के संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया।  विभिन्न प्रतियोगिताओं, वॉकथॉन और साइक्लोथॉन में कर्मचारियों की जबरदस्त भागीदारी, साथ ही रक्तदान शिविरों के दौरान 4,300 यूनिट रक्त का संग्रह, सतर्कता और सेवा की भावना को दर्शाता है। सतर्कता संबंधी सभी शिकायतों में शून्य लंबित मामले, व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों और उत्तरदायी परिसंपत्ति प्रबंधन में बैंक की उपलब्धि, निवारक सतर्कता और संस्थागत जवाबदेही पर इसके ध्यान को और उजागर करती है। ये निरंतर प्रयास एक जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में पीएनबी की भूमिका की पुष्टि करता हैं, जो सत्यनिष्ठा की संस्कृति के निर्माण और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में योगदान देने के लिए समर्पित है।   

पूर्व अग्निवीरों के लिए खुशखबरी! हरियाणा में भर्ती आयु सीमा में राहत का ऐलान

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब राज्य के स्थायी निवासी पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के दौरान आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य उन युवाओं को प्रोत्साहित करना है जिन्होंने देश की सेवा ‘अग्निपथ योजना’ के तहत की और अब नागरिक जीवन में नए अवसर तलाश रहे हैं। हरियाणा सरकार का यह कदम उन अग्निवीरों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपना युवापन समर्पित किया। अब वे राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक व्यवस्था में भी अपनी भूमिका निभा सकेंगे। सरकार का यह फैसला ‘देश सेवा से राज्य सेवा’ की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।   तीन वर्ष की सामान्य छूट, पहले बैच को पांच वर्ष का लाभ मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी ग्रुप-‘बी’ और ग्रुप-‘सी’ पदों पर सीधी भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को तीन वर्ष की आयु सीमा छूट दी जाएगी। साथ ही, पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को अतिरिक्त पांच वर्ष की छूट का लाभ मिलेगा। इस निर्णय से न केवल उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने का बेहतर अवसर मिलेगा, बल्कि उनकी सेवा भावना और अनुशासन का लाभ राज्य प्रशासन को भी प्राप्त होगा। सभी विभागों को जारी किए निर्देश मुख्य सचिव ने अपने पत्र में सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे इन आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। सरकार का स्पष्ट कहना है कि यह छूट पूर्व अग्निवीरों के सम्मान और पुनर्वास से जुड़ा कदम है, ताकि वे अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर सरकारी सेवाओं में योगदान दे सकें। पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार का नया अवसर राज्य सरकार का यह फैसला युवाओं में नई उम्मीद जगाने वाला माना जा रहा है। ‘अग्निवीर योजना’ के तहत देशभर में हजारों युवाओं ने सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी की है, जिसके बाद उन्हें पुनः रोजगार की तलाश रहती है। हरियाणा, जो देश में सबसे अधिक सैनिक देने वाले राज्यों में से एक है, अब इन युवाओं के लिए ‘सेवा से सम्मान तक’ की पहल कर रहा है।   रोजगार नीति में सकारात्मक बदलाव राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय हरियाणा सरकार की रोजगार नीति में एक सकारात्मक और व्यावहारिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल पूर्व सैनिकों को नागरिक क्षेत्र में अवसर मिलेगा, बल्कि सरकारी संस्थानों को भी अनुशासित, प्रशिक्षित और देशसेवा का अनुभव रखने वाले युवा कर्मचारी मिल सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट की राहत: निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को किया गया रिहा

 नई दिल्ली      निठारी कांड के सबसे चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी कर्वेटिव पिटीशन को स्वीकार करते हुए उनकी अंतिम सजा रद्द कर दी और उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. यह मामला 2005-2007 के बीच नोएडा के निठारी क्षेत्र में हुई बालिकाओं की सामूहिक हत्याओं से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को हिला दिया था. कोली पर कुल 13 मामलों में मुकदमे चले थे. इनमें से 12 मामलों में वह पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी हो चुके थे लेकिन एक मामला ऐसा बचा था, जिसमें उनकी सजा बनी हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि एक ही सबूत और तथ्य के आधार पर 12 मामलों में बरी हो चुके आरोपी को एक मामले में सजा देना न्याय के खिलाफ है. सुरेंद्र कोली को तुरंत रिहा करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने कोली के 15 वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के मामले में पाए गए सबूतों को कमजोर मानते हुए कहा कि उनका दोष सिद्ध नहीं हो पाया. अदालत ने उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, यदि वे किसी अन्य मामले में जेल में बंद न हों. 19 साल से जेल में बंद थे सुरेंद्र कोली कोली लगभग 19 साल तक जेल में रहे. उनकी कर्वेटिव पिटीशन को खुले कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश किया गया था, जो कई मामलों में दुर्लभ होता है. इस फैसले के साथ निठारी कांड में उनके खिलाफ अंतिम केस भी समाप्त हो गया. कोर्ट ने कहा कि कर्वेटिव पिटीशन सिस्टम में हुई गलती सुधारने और न्याय सुनिश्चित करने का अंतिम मौका है.