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अब इस नाम से जाना जाएगा गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, CM सैनी ने किया परिवर्तन का एलान

हरियाणा  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पिंजौर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित शहीदी यात्रा में शिरकत की। यह नगर कीर्तन 11 नवंबर को पंचकूला जिले से शुरू होकर विभिन्न स्थानों से होते हुए 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र की धरती पर समाप्त होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह यात्रा श्री गुरु तेग बहादुर जी के तप, त्याग, विचार और धर्म के लिए उनकी शहादत को जन-जन तक पहुंचाने का हरियाणा सरकार का प्रयास है। उन्होंने कहा, “मुझे इस पवित्र आयोजन में भाग लेने का अवसर मिला, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। अंबाला के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निकल का नाम बदला इस अवसर पर अंबाला में स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निकल का नाम गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा की गई। इसके अलावा, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर अनुसंधान पीठ स्थापित की गई। यमुनानगर में बन रहे मेडिकल कॉलेज और पंचकूला से पोंटा साहिब मार्ग का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है। लखनौर साहिब में माता गुजरी देवी के नाम से VLDA कॉलेज बनाने का काम भी किया गया। 25 नवंबर को पीएम मोदी पहुंचेंगे कुरुक्षेत्र  25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया है।  

स्मार्ट टायर का नया अनुभव: JK Tyre का इन-हाउस विकसित टायर अब बाजार में

 नई दिल्ली  इंडियन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री अब ‘इंटेलिजेंट मोबिलिटी’ के नए युग में प्रवेश कर चुकी है. जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने देश का पहला एंबेडेड स्मार्ट टायर्स लॉन्च किया है. पैसेंजर वाहनों (PV) के लिए पेश किया गया यह इनोवेशन केवल एक टायर नहीं, बल्कि एक ‘स्मार्ट मशीन’ की तरह काम करेगा. जिसको लेकर कंपनी का दावा है कि ये टायर वाहन के परफॉर्मेंस, सेफ्टी और फ्यूल 'एफिशिएंसी' को रीयल टाइम में मॉनिटर करती है.  सेंसर से लैस टायर खुद करेंगे अलर्ट JK Tyre का कहना है कि, ये स्मार्ट टायर पूरी तरह से इन-हाउस डेवपल किया गया है. कंपनी इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश के बनमोर स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कर रही है. इन टायरों के भीतर ही एडवांस्ड सेंसर लगाए गए हैं, जो लगातार एयर प्रेशर, टेम्परेचर और संभावित एयर लीक जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों पर निगरानी रखते हैं. ये डेटा रीयल टाइम में ड्राइवर को अलर्ट करता है, जिससे सड़क पर सेफ्टी, हैंडलिंग और फ्यूल एफिशिएंसी में सुधार होता है. पारंपरिक टायर जहां केवल रोटेट करते हैं, वहीं ये ‘इंटेलिजेंट टायर’ हर पल वाहन की स्थिति को समझते हुए उसे अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाते हैं. यह तकनीक टायर की लाइफ बढ़ाने, फ्यूल एफिशिएंसी में सुधार करने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में भी मददगार साबित होगी. ‘मेड इन इंडिया’  JK Tyre की यह सफलता केवल एक प्रोडक्ट इनोवेशन नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Make in India) का एक शानदार उदाहरण भी है. कंपनी ने इस अत्याधुनिक तकनीक को पूरी तरह इन-हाउस डिजाइन और डेवलप किया है. जो घरेलू रिसर्च एंड डेवलपमेंट क्षमताओं की परिपक्वता को भी दर्शाता है. लॉन्च के मौके पर कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. रघुपति सिंघानिया ने कहा, “एम्बेडेड स्मार्ट टायर का यह लॉन्च JK Tyre की इनोवेशन जर्नी का निर्णायक माइलस्टोन है. हमारी मजबूत रिसर्च एंड डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के बल पर हम देश की ड्राइविंग को अधिक स्मार्ट और सेफ बना रहे हैं. यह डेवलपमेंट हमारे तकनीकी क्षमता और कनेक्टेड मोबिलिटी के भविष्य को नया विज़न देगा.” इन साइज में मिलेंगे स्मार्ट टायर कंपनी ने बताया कि ये स्मार्ट टायर शुरुआती चरण में आफ्टरमार्केट के लिए लॉन्च किए गए हैं. ये स्मार्ट टायर्स 14 इंच से लेकर 17 इंच तक के साइज में उपलब्ध होंगे. इन टायरों का इस्तेमाल कॉम्पैक्ट कारों से लेकर प्रीमियम सेडान तक के वाहनों में किया जा सकेगा. फिलहाल अभी इनकी कीमतों के बारे में कंपनी द्वारा कोई जानकारी साझा नहीं की गई है.  दरअसल, जेके टायर की ये स्मार्ट इनोवेशन जर्नी 2019 में शुरू हुई थी. जब कंपनी ने TREEL सेंसर के माध्यम से ‘SMART Tyre’ तकनीक पेश की थी. यह भारत की पहला ऐसा सिस्टम था जिसमें टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) को क्लाउड-बेस्ड एनालिटिक्स के साथ जोड़ा गया था. यह तकनीक अब देशभर के डीलर नेटवर्क और फ्लीट ऑपरेटर्स के बीच व्यापक रूप से अपनाई जा चुकी है. ये नए स्मार्ट उसी जर्नी का अगला पड़ाव है, जो टायर को ‘कनेक्टेड डिवाइस’ में बदलते हुए वाहन और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करता है.

निवेश रणनीति में बदलाव: LIC ने घटाई निजी बैंकों में हिस्सेदारी, सरकारी बैंकों पर बड़ा दांव

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी और संस्थागत निवेशक, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने सितंबर तिमाही में अपने निवेश पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। करीब ₹16 लाख करोड़ के शेयर पोर्टफोलियो वाले LIC ने इस दौरान निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों—एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक में निवेश बढ़ाया गया है। क्यों किया बदलाव प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार, LIC ने SBI में 6.41 करोड़ शेयर खरीदे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹5,285 करोड़ है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब सरकारी बैंकों के वित्तीय नतीजे मजबूत और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार दिखा रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा इन शेयरों में बढ़ा है। वहीं यस बैंक में हिस्सेदारी को चार गुना तक बढ़ाना यह संकेत देता है कि LIC को बैंक की रिकवरी और भविष्य की विकास संभावनाओं पर भरोसा है। निजी क्षेत्र के बड़े बैंकों में हिस्सेदारी कम करने को जोखिम प्रबंधन की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। एलआईसी का यह कदम यह स्पष्ट करता है कि वह पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखना चाहती है और संभावित लाभ के अवसरों पर ध्यान दे रही है। सितंबर तिमाही के नतीजे LIC का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 32 प्रतिशत बढ़कर 10,053 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 7,621 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर 2,39,614 करोड़ रुपये हुई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,29,620 करोड़ रुपये थी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शुद्ध प्रीमियम आय बढ़कर 1,26,479 करोड़ रुपये हुई, जबकि नवीकरण प्रीमियम 64,996 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, प्रथम वर्ष का प्रीमियम 10,836 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 11,201 करोड़ रुपये था। इसमें सरकार द्वारा 22 सितंबर से व्यक्तिगत जीवन बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत GST छूट देने के बावजूद गिरावट देखी गई।  

हेल्थकेयर की आड़ में आतंक? डॉक्टरों के पास से हथियार और खतरनाक ज़हर बरामद

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर सोमवार शाम को धीमी गति से चल रही कार में हुए भीषण विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में 20 लोग घायल भी हुए हैं। विस्फोट में कई वाहन जल गए। जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ, वह घटना से करीब तीन घंटे पहले सुनहरी मस्जिद के पास पार्क की गई थी। अब दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे शक गहराता जा रहा है कि यह हमला एक फिदायीन आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है।  डॉक्टर्स नेटवर्क से जुड़ा आतंकी कनेक्शन धमाके की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक चौंकाने वाला ‘डॉक्टर्स नेटवर्क’ मिला है। जांच में सामने आया है कि इस साजिश के हर तार किसी न किसी डॉक्टर से जुड़ रहे हैं — कोई मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर है, तो कोई रिसर्चर या प्रैक्टिसिंग डॉक्टर। इससे पहले सोमवार सुबह ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में 2,900 किलो विस्फोटक बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। यह कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के खुलासे के दौरान हुई। इस बरामदगी और दिल्ली धमाके के बीच की समय-निकटता ने एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। डॉ. आदिल अहमद राठर: मेडिकल कॉलेज से AK-47 बरामद  जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. आदिल अहमद राठर को पुलिस ने सबसे पहले गिरफ्तार किया। उसके लॉकर से AK-47 राइफल मिली। जांच में राठर के जैश और अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़े होने के प्रमाण मिले हैं।   डॉ. शाहीन शाहिद: महिला डॉक्टर की कार में असॉल्ट राइफल 7 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से दूसरी गिरफ्तारी हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत लखनऊ निवासी डॉ. शाहीन शाहिद की कार से ‘कैरोम कॉक’ नाम की असॉल्ट राइफल बरामद की गई। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में उसकी भूमिका क्या थी। उसकी पहचान फिलहाल गुप्त रखी गई है।   डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद: बना रहा था ‘रिसिन’ जहर इसी दिन गुजरात एटीएस ने हैदराबाद के रहने वाले डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया। वह चीन से मेडिकल पढ़ाई कर चुका है और जांच में सामने आया कि वह ‘रिसिन’ नाम के घातक जहर की तैयारी कर रहा था। यह जहर अरंडी के बीजों से बनता है और बेहद खतरनाक माना जाता है। मोहियुद्दीन ने दिल्ली के आज़ादपुर मंडी, अहमदाबाद के नरोडा मार्केट और लखनऊ के आरएसएस कार्यालय जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की कई महीनों तक रेकी की थी। डॉ. मुझमिल शकील: 2,900 किलो विस्फोटक बरामद 10 नवंबर को चौथी गिरफ्तारी भी फरीदाबाद से हुई। यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाला डॉ. मुझमिल शकील पकड़ा गया। उसके पास से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जबकि उसके ठिकाने से 2,563 किलो विस्फोटक बरामद किया गया। फरीदाबाद पुलिस के मुताबिक, मुझमिल के तार भी जैश से जुड़े हैं और वह श्रीनगर में आतंकी पोस्टर लगाने जैसी गतिविधियों में शामिल रहा था। उसकी गिरफ्तारी अदिल राठर से मिली जानकारी के आधार पर हुई।   डॉ. उमर मोहम्मद: ब्लास्ट हुई कार उसी के नाम पर जांच एजेंसियों के अनुसार, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास जिस i20 कार में विस्फोट हुआ, वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर रजिस्टर्ड थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, धमाके के वक्त वह कार में मौजूद था। शिक्षित आतंक: सफेद कोट में काले कारनामे जांच से साफ है कि पकड़े गए सभी डॉक्टर सिर्फ आतंकी संगठनों के संपर्क में नहीं थे, बल्कि हथियार और केमिकल खुद तैयार कर रहे थे। इन खुलासों ने सुरक्षा एजेंसियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अब आतंकवाद देश के शिक्षित तबके में भी अपनी जड़ें फैला रहा है जहां शिक्षा का इस्तेमाल सफेद कोट में काले कारनामे करने के लिए हो रहा है।  

फरीदाबाद: अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पुलिस का सर्च ऑपरेशन, जमातियों से पूछताछ

फरीदाबाद  फरीदाबाद में 2900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के सिलसिले में पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छापेमारी की है। यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाकों में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी डॉक्टर डॉ. आदिल अहमद राठर, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुजम्मिल शकील, और डॉ. शाहीन शाहिद का संबंध इसी यूनिवर्सिटी से बताया जा रहा है। गल्फ फंडिंग से जुड़ी यूनिवर्सिटी पर जांच की नजर मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी गल्फ देशों से मिलने वाली फंडिंग से संचालित होती है। विस्फोटक मिलने के बाद से यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जांच में यह भी सामने आया है कि फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगा क्षेत्रों के दो घरों से बरामद विस्फोटक एक तथाकथित ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा बताया जा रहा है। 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' क्या है? सूत्रों के मुताबिक, इस मॉड्यूल में ऐसे शिक्षित और सम्मानित लोगों को शामिल किया जाता है, जिन पर सामान्यतः शक नहीं किया जा सकता। इसी रणनीति के तहत डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। 4 जमातियों को हिरासत में लिया गया पुलिस ने फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव की मस्जिदों में भी तलाशी ली है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल शकील नियमित रूप से तगा मस्जिद में नमाज पढ़ने आता था। इसके साथ ही पुलिस ने जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और नूंह से आए जमातियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान शक के आधार पर चार जमातियों को हिरासत में लिया गया है। उनके मोबाइल से मिली वॉट्सऐप चैट्स की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।  

अब मनमानी नहीं! पंजाब सरकार ने शराब के फिक्स रेट घोषित किए, दुकानदारों पर कड़ी नज़र

लुधियाना शराब के ठेकेदार अब मनमाने दामों पर शराब की बिक्री नहीं कर पाएंगे। एक्साइज विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर पंजाब में मैरेज पैलेसों में बिकने वाल शराब के रेट फिक्स कर दिए हैं और मनमर्जी पर लगाम लगाई है। ठेकेदार इससे ऊपर इसकी बिक्री नहीं कर पाएंगे। नए रेट तुरंत प्रभाव से ही लागू कर दिए गए हैं। बता दें कि शराब ठेकेदारों ने व्याह-शादियों के सीजन को देखते हुये सिंडीकेट बना दिया था जिसके तहत हर शराब के पेटी के दाम लगभग दोगुने से भी ज्यादा कर दिए थे जिसे लेकर पंजाब केसरी ने 6 नवंबर को ‘एक्साइज विभाग की नाक के नीचे ठेकेदार कर रहे हैं शराब की कालाबाजारी’ शीर्षक के साथ खबर छापी थी जिसके बाद विभाग के उच्चाधिकारियों ने इसका संज्ञान लेते हुए दाम पर आज लगाम लगा दी। नोटिफिकेशन में साफ कर दिया गया है कि जो रेट फिक्स किए गए हैं, उनसे ऊपर कोई भी ठेकेदार शराब की बिक्री नहीं करेगा। जिस पेटी का दाम ठेकेदारों ने 4 हजार से बढ़ाकर 7 हजार कर दिया था। उसका दाम आज 3900 रुपए फिक्स कर दिया गया है। इसी तरह जो पेटी 5 हजार से लेकर 22 हजार तक बिकती थी और ठेकेदारों ने इसे 9 हजार से लेकर 35 हजार तक बेचना शुरू कर दिया था लेकिन अब वह इसे 21,300 रुपए से ज्यादा में नहीं बेच पाएंगे। इसी तरह जिस पेटी का दाम 40 हजार से बढ़ाकर 67 हजार कर दिया था उसका दाम विभाग ने 46,500 रुपए तय कर दिया है। इनमें जे.डब्लयू , गोल्ड लेवल रिजर्व जैसे ब्रांड मौजूद हैं। शिवास रीगल पेटी का दाम 90 हजार रुपए कर दिया था। विभाग ने उसका दाम 60,900 फिक्स कर दिया है। यह नोटिफकेशन विभाग ने अपनी साइट पर डाऊनलोड कर दिया है। इस नोटिफकेशन के जारी होने के बाद जहां शराब ठेकेदारों के चेहरे उदासी भरे थे, वहीं शराब के शौकिन और शादी-व्याह करने वाले लोगों के चेहरे पर रौनक आ गई। 

तमिलनाडु में सिलेंडर ट्रक दुर्घटनाग्रस्त, तेज धमाकों से मचा हड़कंप

तमिलनाडु तमिलनाडु के अरियालूर में एक बड़ा हादसा हुआ. एक ट्रक जिसमें गैस सिलेंडर भरे थे, वो अचानक पलट गया. इसके बाद लगातार कई सिलेंडरों में आग गई. एक के बाद एक धमाके के बाद पूरा इलाका दहल गया. जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को अरियालुर के पास वरणावासी में एक ट्रक एलपीजी सिलेंडर ले जा रहा था, जो पलट गया और उसमें धमाकों के बाद आग लग गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया था, जिससे ये हादसा हुआ. ड्राइवर ने किसी तरह बचाई जान ट्रक पलटने के बाद किसी तरह से ड्राइवर बाहर कूद गया. वह मामूली तौर पर जख्मी हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे अरियालुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, ट्रक पूरी तरह से जल गया. इसमें रखे सिलेंडरों के फटने की आवाज करीब 2 किलोमीटर तक सुनाई दी. ब्लास्ट के बाद हर तरफ फैल गई, जिससे आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया. ट्रैफिक को किया गया डायवर्ट हादसे के बाद ट्रैफिक को भी डायवर्ट कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, अरियालुर जाने वाली सभी गाड़ियों को वी. कैकट्टी के रास्ते से जाने की सलाह दी गई है. सूचना मिलते ही अरियालुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी हादसे वाली जगह पर पहुंच गए हैं. 

राष्ट्रपति के प्रस्तावित अम्बिकापुर प्रवास की तैयारियों की हुई समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

अम्बिकापुर : कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न राष्ट्रपति के प्रस्तावित अम्बिकापुर प्रवास की तैयारियों की हुई समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होगी धान खरीदी, तैयारियों के सम्बन्ध में की गई समीक्षा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को “यूनिटी मार्च“ का होगा आयोजन अम्बिकापुर  कलेक्टर  विलास भोसकर की अध्यक्षता में मंगलवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। महामहिम राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मु का 20 नवम्बर 2025 को अम्बिकापुर आगमन प्रस्तावित है। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, हेलीपेड निर्माण की स्थिति, सर्किट हाउस की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदया के प्रोटोकॉल के अनुसार सभी तैयारियां सुनिश्चित करें। गम्भीरता और सजगता के साथ कार्य हो, लापरवाही ना रहे। उन्होंने मजिस्ट्रियल ड्यूटी,  स्टॉल निर्माण, आमंत्रण कार्ड, पास वितरण, वीआईपी एवं वीवीआईपी हेतु समस्त व्यवस्था, आमजनों हेतु व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति एवं गणना प्रपत्र की वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र में दर्ज की जाने वाली प्रत्येक जानकारी त्रुटिरहित होनी चाहिए, जिससे मतदाता सूची पूर्णतः शुद्ध एवं अद्यतन तैयार हो सके। अधिकारी मॉनिटरिंग करें, किसी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल निराकरण की कार्यवाही करें। इस दौरान खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु 15 नवम्बर से शुरू होने धान खरीदी की तैयारियों की जानकारी ली गई, कलेक्टर  भोसकर ने आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो, इसका ध्यान रहे। उन्होंने बारदाने, मॉइश्चराइजर मीटर, तौलमाप आदि की जानकारी ली। बैठक में जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर के अवसर पर आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर  भोसकर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार गरिमामयी ढंग से कार्यक्रम का आयोजन हो। इस हेतु समस्त तैयारियां समय सीमा में सुनिश्चित कर लें।  इस दौरान लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले में 13 नवंबर को आयोजित किए जाने वाले “यूनिटी मार्च” की तैयारियों पर चर्चा की गई। यह पदयात्रा राम मंदिर, अम्बिकापुर से प्रारंभ होकर मल्टीपरपज स्कूल एवं शासकीय विद्यालय असोला होते हुए परसा में संपन्न होगी। कलेक्टर  भोसकर ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी विभागों आपसी सहभागिता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर बिजली, पेयजल, स्वच्छता, अस्थायी शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा सभी व्यवस्था दुरुस्त करने निर्देशित किया। बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, कलेक्टर जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत, पीजी पोर्टल आदि पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ  विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर  सुनील नायक,  राम सिंह ठाकुर,  अमृत लाल ध्रुव, नगर निगम कमिश्नर  डी एन कश्यप सभी एसडीएम एवं  विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के छात्रों के लिए खुशखबरी, मिलेगी आधुनिक AVGC लैब की सौगात

मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को मिलेगी ए. व्ही.जी.सी लैब की सौगात भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, धार और रतलाम के 8 शासकीय महाविद्यालयों में स्थापित होंगी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं भोपाल प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परंपरागत कोर्स के साथ-साथ रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एक अभिनव पहल की जा रही है। इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, धार, जबलपुर और रतलाम जिलों के 8 महाविद्यालयों में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक्स, कॉमिक्स एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (ए. व्ही.जी.सी) लैब स्थापित की जा रही हैं। इनमें से 4 प्रयोगशालाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से स्थापित की जा रही हैं। जबकि 4 लैब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बनाई जाएगी। अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग  अनुपम राजन ने बताया कि ये लैब उन शासकीय महाविद्यालयों में स्थापित की जा रही हैं, जहां फाइन आर्ट्स विषय का अध्ययन संचालित है। ए. व्ही.जी.सी लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, ग्राफिक डिजाइनिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे आधुनिक विषयों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। प्राथमिक तौर पर पहले इसे पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में प्रारंभ किया जा रहा है। प्रत्येक लैब में करीब 90 लाख रुपये का आएगा खर्च प्रदेश के 8 शासकीय महाविद्यालयों में ए. व्ही.जी.सी स्थापित करने में लगभग 7 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। इसमें प्रति लैब लगभग 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन महाविद्यालयों में स्थापित होगी ए. व्ही.जी.सी लैब्स     शासकीय कमलाराजे कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, ग्वालियर     शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, इंदौर     शासकीय हमीदिया आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय एवं सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय भोपाल     शासकीय माधव आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, उज्जैन     शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धार     शासकीय एम.के.बी.आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय, जबलपुर     शासकीय कन्या महाविद्यालय, रतलाम  

लाड़ली बहना योजना: इस माह से 1,500 रुपये का भुगतान, अब तक 44 हजार करोड़ से अधिक राशि जारी

लाड़ली बहनों को इस माह से मिलेंगे 1500 रूपये, अब तक 44 हजार करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और नेतृत्व में प्रदेश में नारी सशक्तिकरण का अभियान द्रुतगति जारी है। प्रदेश की लाड़ली बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किया हुआ वादा 12 नवम्बर 2025 को पूरा होने जा रहा है। एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को सिवनी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी हुई राशि उनके खाते में अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में 1500 रूपये देने की शुरूआत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल पर प्रदेश की लाड़ली बहनों ने अपने भैया मोहन के प्रति आभार जताते हुए कहा है कि वे ठीक उसी प्रकार हमारा ध्यान रख रहे हैं, जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बहन सुभद्रा का ध्यान रखा था। प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। जून 2023 से अक्टूबर 2025 तक योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को कुल 29 किस्तों में नियमित आर्थिक सहायता राशि का अंतरण किया गया है। रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है। योजना से महिलाएं न केवल अपनी छोटी-छोटी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर रही हैं, बल्कि बैंकिंग में प्रणाली से भी सीधे जुड़ रही हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेशभर में महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का सीधा लाभ मिल रहा है। योजना की अब तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250)  महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417 और जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 महिलाओं को लाभ मिला है। योजना के तहत बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, और मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 बहनों को लाभ मिला है। छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, और बेतुल में 2 लाख 71 हजार 474 लाभार्थी पंजीकृत हुई हैं। सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है। बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, तथा नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 लाभार्थी महिलाओं को योजना की राशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने प्रदेश की महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की भावना को सशक्त किया है। महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, और छोटे व्यापार के लिए पूंजी के रूप में किया है। लाड़ली बहना योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है बल्कि परिवारिक निर्णयों में भी उनकी भूमिका को भी सुदृढ़ कर रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का व्यापक प्रभाव अब प्रदेश के हर कोने में देखा जा सकता है। गाँवों से लेकर शहरों तक महिलाएँ “आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” के निर्माण में अपनी सशक्त भूमिका निभा रही हैं।