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योगी आदित्यनाथ बोले: जो भ्रष्टाचार करते हैं, वे राष्ट्रगान से भी कतराते हैं

बाराबंकी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता यात्रा के शुभारंभ के दौरान कहा कि कोई भी मत, मजहब या जाति राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्र प्रथम होना चाहिए और वंदे मातरम के विरोध को राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी बाधा बताया। योगी ने लोगों से ऐसे चेहरों को पहचानने की अपील की जो सरकारी योजनाओं का लाभ तो लेते हैं, लेकिन वंदे मातरम गाने से इनकार करते हैं। मुख्यमंत्री ने जातिवाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद को समाज के लिए हानिकारक बताया और कहा कि मत-मज़हब के नाम पर विभाजन स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के अवसर पर 1734 करोड़ रुपये की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वंदे मातरम भारत माता की वंदना है और इसका विरोध करने वाले वास्तव में भारत माता का विरोध करते हैं। उन्होंने बताया कि यह गीत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा स्वरबद्ध किया गया और स्वतंत्रता संग्राम के समय क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उन्होंने कहा कि इस गीत का विरोध नए भारत की राष्ट्रीयता की भावना के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष महत्वपूर्ण है क्योंकि सरदार पटेल की 150वीं जयंती, वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती तथा भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने महाकुंभ और अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण का भी उल्लेख किया, जहां 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन का कार्यक्रम है। योगी आदित्यनाथ ने ब्रिटिश शासन की नीतियों पर कहा कि अंग्रेज भारत की एकता नहीं चाहते थे। उन्होंने बताया कि कैसे सरदार पटेल ने 563 रियासतों को भारत में सम्मिलित कर देश की अखंडता सुनिश्चित की। जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के निजाम के भारत में विलय से इनकार करने पर सरदार पटेल ने सख्त रुख दिखाया, जिससे दोनों को झुकना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कुछ सेक्युलरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि नवाब मोहम्मदाबाद, जो मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था, पाकिस्तान के लिए धन एकत्र करता था और बाद में भागकर पाकिस्तान चला गया। उन्होंने कहा कि ऐसी संपत्तियां ‘शत्रु संपत्ति’ हैं और इन पर केवल भारत सरकार और नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता देश की आन, बान और शान है। वंदे मातरम को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने स्वाधीनता आंदोलन के लिए अमृत मंत्र के रूप में रचा था और क्रांतिकारी इसे गाते हुए फांसी पर चढ़ जाते थे। योगी ने राष्ट्र सुरक्षा और एकता के मार्ग में व्यक्तिगत दुश्मनी या मित्रता को बाधा न बनने देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने चेताया कि देश विदेशी हमलावरों द्वारा इसलिए गुलाम हुआ क्योंकि उन्होंने भारतीयों को आपस में लड़ाया। उन्होंने कहा कि इतिहास आत्मावलोकन का अवसर देता है और उससे प्रेरणा लेकर भविष्य को सशक्त बनाना चाहिए।

पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा, पंजाब में हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

फिरोजपुर पंजाब पुलिस ने मंगलवार को कहा कि उसने दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के साथ सीमा पार हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ ​​गोरी और विक्रमजीत सिंह उर्फ ​​विक्की के रूप में हुई है। फिरोजपुर पुलिस ने आरोपियों से 6 ग्लॉक 9एमएम पिस्तौल, चार मैगजीन और चार कारतूस बरामद किए हैं। यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी विक्रमजीत सिंह के अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल पाकिस्तान के एक तस्कर के साथ सीधे संबंध थे।' डीजीपी ने बताया कि उसने अपने पाकिस्तानी आकाओं के निर्देश पर स्थानीय लोगों को हथियार आपूर्ति करने की बात भी कबूल की है। गौरव यादव ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी से इसी सीमा पार नेटवर्क से एक एके-47 राइफल की खरीद से जुड़े एक पुराने मामले का भी पता लगाने में मदद मिली। जब्त डिजिटल उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि हथियारों की पूरी आपूर्ति शृंखला का पता लगाया जा सके। पंजाब उपचुनाव में 4 घंटों में 23% से अधिक मतदान दूसरी ओर, पंजाब में तरन तारन विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को सुबह 11 बजे तक 23 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। अधिकारियों ने बताया कि मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे शुरू हुआ और यह शाम छह बजे तक जारी रहेगा। ठंड के बावजूद मतदाता सुबह से ही कतारों में नजर आए। सुबह मतदान करने वालों में कांग्रेस उम्मीदवार करणबीर सिंह बुर्ज शामिल हैं जो अपने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे घरों से निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और उचित पार्टी व उम्मीदवार को जिताएं। शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा अपनी बेटी कंचनप्रीत कौर के साथ काका कंडियाला गांव के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचीं। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हरमीत सिंह संधू ने भी मतदान किया।

बड़ी कार्रवाई: फरार था महीनों से, रेवाड़ी पुलिस ने राजबीर को किया गिरफ्तार

रेवाड़ी  रेवाड़ी पुलिस ने ऑपरेशन “ट्रैकडाउन” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुर्जरवाड़ा निवासी राज उर्फ राजबीर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, दो मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।  पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजबीर के खिलाफ छह से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट और अवैध हथियार रखने जैसे अपराध शामिल हैं। प्रेस वार्ता में बावल डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि आरोपी राजबीर लंबे समय से फरार चल रहा था और हत्या के एक मामले में वांछित था। वह विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।  डीएसपी श्योराण ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसने खुफिया तंत्र की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। अभियान के दूसरे चरण में पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी अभियान चलाकर राजबीर को उसके ठिकाने से दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से बरामद हथियारों के स्रोत के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किन अन्य वारदातों में शामिल रहा है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधी कहां सक्रिय हैं। डीएसपी ने बताया कि इस सफलता से अपराधियों में भय और पुलिस पर जनता का विश्वास दोनों बढ़े हैं।

‘धोखा’ विवाद के बाद कार्रवाई, बाबा रामदेव की पतंजलि को नोटिस जारी

 नई दिल्ली योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने तीन दिनों के अंदर पतंजलि च्यवनप्राश के उस विज्ञापन को प्रसारित करने से रोकने का आदेश दिया है, जिसमें अन्य सभी च्यवनप्राश ब्रांडों को 'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) कहा गया है। जस्टिस तेजस करिया ने डाबर इंडिया लिमिटेड बनाम पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए मंगलवार को सोशल मीडिया कंपनियों, ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म और अनेय प्रसारकों को तीन दिनों के अंदर इस विज्ञापन को रोकने का आदेश दिया। जस्टिस करिया ने अपने फैसले में कहा, “प्रतिवादी राष्ट्रीय टेलीविजन चैनलों, ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म या किसी भी प्रकार की स्ट्रीमिंग प्रणाली, और प्रिंट माध्यमों और वर्ल्ड वाइड वेब/इंटरनेट पर प्लेटफॉर्म, समाचार पत्रों और अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से विवादित विज्ञापन को तीन दिनों के अंदर हटाएं, ब्लॉक करें या उसे निष्क्रिय कर दें।” डाबर इंडिया के क्या आरोप? हाई कोर्ट की एकल पीठ ने यह आदेश डाबर इंडिया की उस याचिका पर दिया, जिसमें पतंजलि स्पेशल च्यवनप्राश के हालिया टेलीविजन विज्ञापन को अपमानजनक और अनुचित बताया गया था। डाबर की याचिका के अनुसार, विज्ञापन में बाबा रामदेव उपभोक्ताओं को चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे थे कि च्यवनप्राश के नाम पर ज़्यादातर लोगों को ठगा जा रहा है। विज्ञापन में अन्य च्यवनप्राश ब्रांडों को'धोखा' (धोखाधड़ी या छल) बताया गया था और पतंजलि के उत्पाद को 'आयुर्वेद की असली शक्ति' देने वाला एकमात्र असली च्यवनप्राश बताया गया था। बाजार के 61% हिस्सेदारी पर डाबर हावी बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, डाबर ने आरोप लगाया कि यह विज्ञापन जानबूझकर उसके प्रमुख उत्पाद, डाबर च्यवनप्राश को बदनाम करता है, जो 1949 से बाजार में 61% से अधिक की हिस्सेदारी पर हावी रहा है। डाबर ने अपनी याचिका में यह भी तर्क दिया कि पतंजलि का यह विज्ञापन और संदेश संपूर्ण च्यवनप्राश श्रेणी का अपमान है, जिससे आयुर्वेद-आधारित हेल्छ सप्लीमेंट पर लोगों का विश्वास कम होता है। इन तर्कों पर विचार करने के बाद, हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि विज्ञापन संपूर्ण च्यवनप्राश उत्पादों की श्रेणी का अपमान करने का प्रयास है। 'धोखा' का क्या अर्थ बताया पतंजलि ने? इससे पहले पिछली सुनवाई पर गुरुवार (6 नवंबर) को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और पतंजलि आयुर्वेद से पूछा था कि वह अन्य च्यवनप्राश उत्पादों को ‘धोखा’ कैसे कह सकता है? कोर्ट ने तब कहा था कि योग गुरु रामदेव की पतंजलि को अपने विज्ञापनों में किसी अन्य शब्द के इस्तेमाल पर विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि पतंजलि को अपने उत्पाद और अन्य उत्पादों की तुलना की अनुमति तो है, लेकिन अन्य उत्पादों का अपमान करने की अनुमति नहीं है। जस्टिस करिया ने तब कहा था, ‘‘आप दावा कर सकते हैं कि आप सर्वश्रेष्ठ हैं, लेकिन आप दूसरों को ‘धोखा’ नहीं कह सकते, जिसका अंग्रेजी शब्दकोश में अर्थ धोखाधड़ी और छल है।’’ पतंजलि के वकील ने दावा किया था कि ‘धोखा’ शब्द से रामदेव का मतलब ‘साधारण’ है, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।      

धान परिवहन कार्य में लगे वाहनों पर लगेगा जीपीएस: खाद्य मंत्री राजपूत

मिलिंग कार्य में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी : खाद्य मंत्री  राजपूत धान परिवहन कार्य में लगे वाहनों पर लगेगा जीपीएस: खाद्य मंत्री  राजपूत खाद्य मंत्री ने दिये एनसीसीएफ के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई एवं ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने सख्त निर्देश दिये हैं कि मिलर्स धान मिलिंग के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरते।मिलिंग कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जायेगी। मिलिंग कार्य के दौरान कोई भी गड़बड़ी या अनियमितता पाई जायेगी तो संबंधित जिला प्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ भी दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। खाद्य मंत्री  राजपूत मंत्रालय में प्रदेश के मिलर्स के साथ आयोजित बैठक में विपणन वर्ष 2025-26 की मिलिंग नीति के प्रारूप पर चर्चा कर रहे थे। बैठक में शहडोल उमरिया क्षेत्र के मिलर्स द्वारा एनसीसीएफ के प्रभारी एवं कर्मचारियों के कार्य व्यवहार पर विरोध जताये जाने के कारण खाद्य मंत्री  राजपूत ने एनसीसीएफ के प्रभारी एवं संबंधित जिले के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव खाद्य को दिये। मंत्री  राजपूत ने कहा कि अन्तर जिला मिलिंग एवं धान के परिवहन के लिये किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विपणन वर्ष 2025-26 में जिन ट्रकों से धान परिवहन होगा उन पर जीपीएस ट्रेकर अनिवार्य रूप से लगाते हुए उक्त वाहनों का सत्यापन परिवहन सेवा पोर्टल से कराया जाये। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि यदि कोई ट्रक बिना जीपीएस पाया जायेगा, तो संबंधित धान प्रदाय करने वाले कर्मचारी एवं परिवहनकर्ता तथा संबंधित मिलर्स के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। गोदामों की भंडारण क्षमता का निरीक्षण करे अधिकारी खाद्य मंत्री  राजपूत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वो समय पर मिलर्स के गोदामों की वास्तविक भंडारण क्षमता की पड़ताल करने के साथ इस वर्ष धान मिलिंग के लिये अनुबंध करने वाले मिलर्स के साथ उनके गोदाम, मिल का निरीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा आवश्यक रूप से कराया जाये। उन्होंने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि मिलर्स द्वारा बताये गये गोदाम की स्थिति एवं उसकी क्षमता पर्यप्त नहीं होती है, इसलिये अधिकारी पड़ताल में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते। खाद्य मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिये कि इस विपणन वर्ष 2025-26 में जो मिलर्स गुणवत्तायुक्त अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें गत वर्ष की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक मात्रा में धान देने के प्रावधान किये जाए, जिससे उनकी मिलिंग क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके। तय समय सीमा में पूर्ण करें मिलिंग कार्य खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि सभी मिलर्स द्वारा इस बार धान मिलिंग का कार्य भारत सरकार द्वारा जून 2026 की तय की गई समय सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने दिसम्बर 2025 से ही पूरी मिलिंग प्रक्रिया की सतत् निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश नान के प्रबंध संचालक को दिये। इसके साथ ही उन्होंने निगम मुख्यालय पर प्रत्येक 15 दिवस में क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला प्रबंधक की बैठक कर प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। मिलर्स को समय पर भुगतान करने के दिये निर्देश मिलर्स द्वारा उपार्जन एवं मिलिंग का भुगतान समय पर नहीं होने की समस्या पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव मती रश्मि अरूण शमी ने नान के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा को समय पर मिलर्स के भुगतान करने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देश दिये गये कि नियमित रूप से भुगतान कार्य की समीक्षा अनिवार्य रूप से करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य मती रश्मि अरूण समी ने मिलिंग के लिये उपार्जन केन्द्र से ही अधिक से अधिक धान उठाव कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि धान उठाव के उपयोग में आने वाले वाहनों के रजिस्टेशन प्रक्रिया का टेस्ट रन करें। बैठक में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान एमडी नागरिक आपूर्ति विभाग  अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

बिहार में NDA की फिर वापसी! Exit Poll 2025 के आंकड़ों ने बढ़ाई सियासी हलचल

पटना  बिहार का चुनावी शोर अपने अंतिम चरण पर है। लोगों ने सभी 243 सीटों के लिए अपना प्रतिनिधि चुन लिया है। EVM और VVPAT सील हो गए है। ऐसे में लोगों की नजर अब एग्जिट पोल पर टिकी हुई है। ऐसे में चुनाव को लेकर एग्जिट पोल (Bihar Exit Poll 2025) आने शुरू हो चुके है। अब तक के तीन एग्जिट पोल में NDA की सरकार बनने का अनुमान लगाया है। पीपुल पल्स का Exit Poll: NDA को बढ़त     NDA : 133-159     महागठबंधन : 75-101     अन्य : 2-13 पोलस्ट्रेट का Exit Poll : पोल में एनडीए सरकार     NDA : 133-148     महागठबंधन : 100-108     अन्य : 3-5 MATRIZE-आईएएनएस : NDA को 147-167 सीटें मिलने का अनुमान जी हां, सबसे पहले MATRIZE-आईएएनएस का एग्जिट पोल सामने आए है जिसमें एनडीएके लिए खुशखबरी है। पोल में NDA को 48 फीसदी महागठबंधन को 37 फीसदी तथा अन्य के खाते में 15 फीसदी वोट जाते दिख रहे हैं। NDA को 147-167 तथा महागठबंधन को 70-90 सीटें मिलने का अनुमान है।   जेवीसी Bihar Exit Poll 2025 : एनडीए को बंपर बढ़त जेवीसी के एग्जिट पोल में भी एनडीए को बंपर बहुमत मिलती नजर आ रही है। पोल के अनुसार, एनडीए को 135-150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 88-103 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, अन्य के खाते में 3-6 सीटें जाने का अनुमान है। पीपल्स इंसाइट Exit Poll Result 2025 : एनडीए सरकार पीपल्स इंसाइट का भी एग्जिट पोल आ गया है। एनडीए को 133-148 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, महागठबंधन के खाते में 87-102 सीटें जाती हुई दिख रही हैं। जन सुराज को 0-2 सीटें तथा अन्य को 3-6 सीटें मिलने का अनुमान है। Bihar Exit Poll 2025- अंतिम चरण के बाद ही क्यों जारी होते हैं एग्जिट पोल? लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(ए) के तहत, चुनाव के दौरान किसी भी चरण की वोटिंग खत्म होने से पहले एग्जिट पोल या सर्वे जारी करने पर रोक है। इस कानून के अनुसार, अंतिम चरण की वोटिंग खत्म होने के आधे घंटे बाद ही एग्जिट पोल के नतीजे सार्वजनिक किए जा सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर दो साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

CM योगी ने बाराबंकी में कसा तंज, कहा – हिंदुस्तान में रहेंगे, वंदे मातरम क्यों नहीं बोलते?

 बाराबंकी    यूपी के बाराबंकी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा- 'कुछ लोग आज भी रहेंगे यहां, खाएंगे यहां, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करेंगे.' सीएम ने आगे कहा- 'इन चेहरों को पहचानो, जो शासकीय योजना में हड़पने की होड़ में पहली लाइन में खड़े होते हैं, लेकिन जब 'वंदे मातरम' गान की बात होती है तो कहते हैं कि हम नहीं गाएंगे.' सीएम योगी ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ अपने भाषण की शुरुआत की. इसके साथ ही उन्होंने सरदार पटेल और डॉ. आंबेडकर के योगदान को भी याद किया. सीएम ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों ने देश को बांटने का काम किया.   सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर की महमूदाबाद स्टेट को शत्रु संपत्ति बताते हुए कहा कि ये महमूदाबाद का नवाब (राजा) मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था. इसने पाकिस्तान बनवाने में बड़ा सहयोग दिया था. आज इसकी सारी संपत्ति शत्रु संपत्ति है.  सीएम यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हैदराबाद का निजाम और जूनागढ़ का नवाब अपनी स्टेट को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल ने इनको समझाया तो ये लोग पाकिस्तान चले गए.  कांग्रेस पर किया वार  सीएम योगी ने आगे कहा कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल का सम्मान नहीं किया. देश के 14 राज्यों ने कहा था सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बना दो. लेकिन इन लोगों ने नहीं बनने दिया. ये परिवार की राजनीति करने वाले लोग हैं. जातीय राजनीति, परिवार की राजनीति, मजहब की राजनीति और विभाजनकारी नीतियों जैसी बातों को कतई स्वीकार नहीं करना चाहिए.   सीएम बोले- बाराबंकी में विकास की बहाई गंगा सीएम योगी ने बाराबंकी जिले के विकास को लेकर कहा कि यहां किसान खूब तरक्की कर रहा है. हमने मेंथा की फसल में 18% जीएसटी घटाकर 5% कर दिया है. उन्होंने बाराबंकी की दरियाबाद विधानसभा के विधायक सतीश शर्मा के कहने पर रामसनेही घाट में 232 एकड़ का इंडस्ट्रियल एरिया का निर्माण कराए जाने की घोषणा की. इसके अलावा हैदरगढ़ विधानसभा के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर विधायक दिनेश रावत के प्रस्ताव पर 100 एकड़ में इंडस्ट्रियल और स्किल डेवलपमेंट के विकास के निर्माण करवाया जाएगा. सीएम योगी का पोस्ट  अपने पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा- 'राष्ट्रीय एकता, केवल एक शब्द नहीं, हम सभी की आन, बान और शान है, हमारा अस्तित्व है, हमारा और आने वाली पीढ़ी का भविष्य है. लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती समारोह अभियान के अंतर्गत आज जनपद बाराबंकी की विकास यात्रा को गति देते हुए ₹1,734 करोड़ लागत की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस अवसर पर विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए. बाबा लोधेश्वर महादेव जी की पावन धरा को कोटि-कोटि नमन एवं सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई.'

गंभीर वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली स्कूलों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड लागू

नई दिल्ली दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब (‘गंभीर’ श्रेणी) होने के बाद, दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि अब क्लास 5 तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में होगी.  यानी स्कूल चाहें तो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से क्लासेज चला सकते हैं. यह आदेश दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के बाद जारी किया है. आयोग ने “ग्रैप” (GRAP- वायु प्रदूषण से निपटने की कार्य योजना) के स्टेज-II को लागू करने का आदेश दिया है. अब सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, और निजी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सूचना तुरंत अभिभावकों तक पहुंचाएं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें. दिल्ली-NCR में तुरंत सुरक्षा कदम उठाए जा रहे वायु गुणवत्ता बिगड़ने के कारण दिल्ली-NCR में तुरंत सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (GRAP) ने निर्देश दिया है कि दिल्ली में लागू चरण-II (गंभीर वायु गुणवत्ता) की सभी व्यवस्थाएं तुरंत प्रभाव से लागू की जाएं. यह निर्णय वायु-गुणवत्ता में और गिरावट आने से बच्चों की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है. स्कूलों के लिए निर्देश  सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों और निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए कक्षाएं हाइब्रिड मोड में चलाने का आदेश है. हाइब्रिड मोड का मतलब है, जहां संभव हो, बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन और जहां जरूरी हो फिजिकल क्लास. यह व्यवस्था तुरंत लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी. सभी स्कूल प्राचार्यों को कह दिया गया है कि वे यह जानकारी फौरन विद्यार्थियों के अभिभावकों/गृहस्थों तक पहुंचा दें. अभिभावक अपने-अपने स्कूल से संपर्क कर सकती/सकते हैं कि उनकी कक्षा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था कैसे होगी और किस समय क्लास होगी. दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना मुश्किल दिल्ली-एनसीआर की हवा अब बहुत ज्यादा जहरीली हो गई है. आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 425 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. यानी अब हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है. प्रदूषण बढ़ने की वजह से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तुरंत ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है. कल (10 नवंबर) को AQI 362 था, लेकिन हवा के रुकने और ठंड बढ़ने से प्रदूषण अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवा की रफ्तार में सुधार नहीं हुआ, तो AQI 500 तक भी पहुंच सकता है. डॉक्टरों ने लोगों को मास्क पहनने और बच्चों व बुजुर्गों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है, क्योंकि प्रदूषण से सांस और अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.CAQM लगातार हालात की निगरानी कर रहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.  

मान सरकार का ऐतिहासिक फैसला, 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु जुड़े कीर्तन, नगर-कीर्तन और अरदास में

चंडीगढ़  श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी वर्ष पर इस बार पूरा नवंबर महीना पंजाब में श्रद्धा और सेवा को समर्पित है. नौवें गुरु ने धर्म, इंसानियत और कमजोरों की रक्षा के लिए अपना शीश दिया. इसलिए पंजाब सरकार ने नवंबर 2025 को “शहीदी स्मरण माह” के रूप में मनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया. यह पहला मौका है जब पूरे राज्य में एक महीने तक लगातार सरकारी स्तर पर इतने बड़े कार्यक्रम हो रहे हैं. अब तक 12 लाख श्रद्धालु हो चुके हैं शामिल- कार्यक्रम 1 नवंबर से शुरू हुए. हर जिले के गुरुद्वारों में रोज सुबह-शाम कीर्तन, अरदास और कथा हो रही है. अब तक 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु इन समागमों में शामिल हो चुके हैं. बड़े शहरों- अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, श्री आनंदपुर साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब  में रोज़ “शहीदी कीर्तन दरबार” हो रहे हैं, जिनमें पंजाब और बाहर से भी संगत पहुंच रही है. शहरों के मुख्य बाज़ारों और रूट्स पर नगर-कीर्तन निकाले जा रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक के लिए पूरे महीने अतिरिक्त पुलिस, होमगार्ड और मेडिकल टीम तैनात की है. सूबे में 500 से ज्यादा सेवा शिविर- मान सरकार ने तय किया कि गुरु साहिब की शिक्षा सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित न रहे, बल्कि सेवा और समाज तक पहुँचे. इसी कारण पूरे पंजाब में 500 से ज्यादा सेवा शिविर लगाए गए हैं. इनमें से कई जगह रोज़ लंगर चलता है. स्वास्थ्य विभाग ने 220 मेडिकल शिविर लगाए, जिनमें करीब 1.4 लाख लोगों का मुफ्त चेकअप हुआ और दवाइयां दी गईं. मोरल एजुकेशन ड्राइव शुरू- शिक्षा विभाग ने भी राज्यभर में “मोरल एजुकेशन ड्राइव” शुरू की. 20 हज़ार से ज्यादा स्कूलों और कॉलेजों में 10 लाख से अधिक छात्रों ने निबंध, कविता, पोस्टर, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. बच्चों को यह बताया गया कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि इंसानियत की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है. सरकार की “डिजिटल डॉक्यूमेंट्री सीरीज़” को ऑनलाइन लाखों बार देखा जा चुका है. पहली बार राज्य सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास को तकनीक के साथ जोड़कर घर-घर तक पहुँचाया. सूबे में विशेष कीर्तन और अरदास- आज 10 नवंबर को राज्यभर में विशेष कीर्तन और अरदास हो रही है. अमृतसर और श्री आनंदपुर साहिब में हजारों की संख्या में संगत पहुंच रही है. प्रबंधन समितियों ने रात भर सफाई, रोशनी, पानी, पार्किंग और सुरक्षा की तैयारी की. जिले-दर-जिले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं ताकि किसी श्रद्धालु को किसी तरह की परेशानी न हो. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत धर्म की आज़ादी की सबसे बड़ी मिसाल है. सरकार का मकसद है कि पंजाब का हर बच्चा समझे कि धर्म का मतलब नफरत नहीं, बल्कि भाईचारा, साहस और इंसानियत है. नवंबर के बाकी दिनों में भी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में “मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता” पर सेमिनार और चर्चाएं होंगी. इन कार्यक्रमों ने साबित किया कि पंजाब सिर्फ इतिहास नहीं मनाता, बल्कि सीख को समाज में लागू भी करता है. राज्य में एकता, सेवा और भाईचारे का माहौल बन रहा है. गांवों से लेकर शहरों तक, नौजवानों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर कोई यही संदेश दे रहा है कि गुरु साहिब का बलिदान हमेशा ज़िंदा रहेगा. 350 साल बाद भी उनका साहस, त्याग और इंसानियत पंजाब के दिल में बसते हैं. पंजाब की जनता कह रही है-

अम्बिकापुर में 13 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस 2025 पर पहली जनसुनवाई का आयोजन

 अम्बिकापुर  जनजातीय गौरव वर्ष (जेजेजीवी) के तहत 13 नवम्बर 2025 को आदि सेवा केन्द्रों (एएसके) में पहली जनसुनवाई आयोजित किया जाना है। कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने सर्व जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। जिसमें विकास प्राथमिकताओं पर समुदाय की प्रतिक्रिया आकांक्षाओं को सुनना तथा पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आदि कर्मयोगी अभियान और अन्य जनजातीय केंद्रित योजनाओं के स्थानीय कार्यान्वयन की समीक्षा करना।पंचायती राज संस्था के सदस्यों, स्वयं सहायता समूहों युवा क्लबों, आदि कर्मयोगी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संस्थाओं की पूर्ण सामुदायिक भागीदारी को सुगम बनाना। प्रत्येक आदि सेवा केन्द्र में भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी स्वतंत्रता नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करना और उनका आयोजन करना। प्रत्येक जनसुनवाई की कार्यवाही तस्वीरें और मुख्य परिणाम जेजेजीवी पोर्टल पर इस लिंक पर अपलोड किये जायेंगे    https://adiprasaran.tribal.gov.in/ JJGV पोर्टल पर पंजीकरण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अनुसार। सभी आदि सेवा केन्द्र (एएसके) 14 नवम्बर 2025 तक पोर्टल पर गतिविधि विवरण अनिवार्यत अपलोड कर प्रतिवेदन प्रेषित करने कहा गया है। 13 नवम्बर 2025 को होने वाली जनसुनवाई 15 नवम्बर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा और राष्ट्रीय समारोह के लिये एक पूर्व कार्यक्रम के रूप में कार्य करेगी। जिससे प्रत्येक आदि सेवा केंद्रों को “गौरव विकास और सम्मान“ की भावना को प्रतिबिंबित करते हुए एक जीवन्त सामुदायिक केन्द्र के रूप में सक्रिय करने में मदद मिले। गतिविधियों को समस्त आदि सेवा केंद्रों में मिशन मोड में संचालित किए जाने निर्देशित किया गया है।