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मेरा गैंगरेप हुआ, पुलिस बचा रही है आरोपियों को’—पीड़िता की चीख सीधे DIG तक पहुंची

बुलंदशहर यूपी के बुलंदशहर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गुरुवार को डीआईजी कलानिधि नैथानी खुर्जा नगर कोतवाली का निरीक्षण कर रहे थे। तभी गाड़ी के सामने एक गैंगरेप पीड़िता आ गई और उसने डीआईजी को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया है।  पीड़िता ने डीआईजी को सुनाई आपबीती  मिली जानकारी के मुताबिक, डीआईजी नैथानी के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने उन तक किसी को पहुंचने से रोकने के लिए सड़क पर सुरक्षा घेरा बना रखा था। इसी दौरान खुर्जा क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता भी वहां पहुंची थी। उसे डीआईजी से मिलने से रोका गया था। जब निरीक्षण के बाद डीआईजी थाने से जा रहे थे, तब महिला अपने परिवार के साथ पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए उनकी गाड़ी के सामने दौड़ते हुए पहुंच गई। उसने अपनी आपबीती डीआईजी को सुनाई। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक सिर्फ चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। जिनमें एक महिला भी शामिल है।  थाना प्रभारी 'लाइन हाजिर'  पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि फरार आरोपी उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़िता की गुहार सुन डीआईजी ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच सीओ अनूपशहर को सौंपी और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मामले में लापरवाही के आरोप में खुर्जा थाना प्रभारी को 'लाइन हाजिर' कर दिया।  डीआईजी कलानिधि नैथानी के निरीक्षण के दौरान कोई फरियादी अपनी शिकायत न कर सके और खुर्जा पुलिस की पोल न खुले, इसके लिए सीओ समेत अन्य अधिकारियों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने शिकायत लेकर आए फरियादियों को जबरन गाड़ी में बैठाकर घर छोड़ दिया। जिसकी जानकारी चमन विहार कॉलोनी निवासी सुमित ने दी। जोकि अपने भाई की हत्या की जांच की मांग लेकर वहां पहुंचे थे। 

यात्रियों के लिए खुशखबरी! चंडीगढ़ एयरपोर्ट की उड़ान अवधि बढ़ी

हरियाणा  यात्रियों के लिए गुड न्यूज आई है। शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट चंडीगढ़ पर उड़ान सेवाओं का समय और दायरा दोनों बढ़ा दिए हैं। अब यहां से देश के 12 प्रमुख शहरों और दुबई के लिए सीधी उड़ानें होंगी। वहीं एयरपोर्ट अब 18 घंटे तक चालू रहेगा। पहले विमानों का केवल 7 घंटे ही संचालन होता था। यात्रियों को मिलेगा फायदा अब चंडीगढ़ एयरपोर्ट से  हैदराबाद, गोवा, दिल्ली, बंगलूरू, जयपुर, इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, आबू धाबी, धर्मशाला, श्रीनगर, पुणे और दुबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू हो गई हैं। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी। पहले फेज में 26 अक्टूबर से 6 नवंबर तक केवल 7 घंटे विमानों का संचालन हुआ था। अब दूसरे फेज में 7 नवंबर से 18 नवंबर तक यह अवधि 18 घंटे तक बढ़ाई गई है।

एनडीए की ऐतिहासिक विजय पर योगी का संदेश—समर्पित कार्यकर्ताओं पर जताया गर्व

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा और राजग को शानदार जीत मिलती दिख रही है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक एनडीए गठबंधन 200 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसे लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने भाजपा की जीत पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा-एनडीए गठबंधन की प्रचंड विजय की समर्पित कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं जनता-जनार्दन का अभिनंदन!  हालांकि अभी तक कुछ सीटों पर फाइनल नतीजे चुनाव  आयोग ने घोषित किए है।  यह ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विकासोन्मुख मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों पर बिहार की जनता के अटूट विश्वास की मुहर है। यह जनादेश विकास, सुशासन, समृद्धि और स्थिरता के उस मार्ग का समर्थन है, जिस पर नया बिहार आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर बिहार में मिली हार को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी को ‘ट्रोल' करते हुए पोस्ट किए। पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में महिलाएं मतदान करने पहुंचीं थीं, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में उनके विश्वास तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति लगातार समर्थन को दर्शाता है। पूर्व भाजपा राज्य अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि केरल को बिहार के जनादेश से सीख लेनी चाहिए, जहां जनता ने “जंगल राज” को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने एक “भ्रष्ट” सरकार को हटाया और कांग्रेस-राजद गठबंधन ने जाति कार्ड खेलने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। उन्होंने कहा, “मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी राजद–कांग्रेस गठबंधन ध्वस्त हो गया। यह राजग की स्पष्ट जीत है।” उन्होंने कहा कि केरल में, जहां धार्मिक अल्पसंख्यकों का प्रभाव अधिक है, बिहार का परिणाम एक स्पष्ट संदेश साबित होगा।   

श्रम विभाग ने एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के बारह पावर हाउस को दी 5 स्टार श्रम रेटिंग: ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड (MPPGCL) ने श्रम कानूनों के उत्कृष्ट अनुपालन और श्रमिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्रम विभाग द्वारा कम्पनी के चार ताप विद्युत उत्पादन गृहों व आठ जल विद्युत गृह को ‘फाइव स्टार श्रम स्टार रेटिंग’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान कम्पनी की उच्च कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता, शत-प्रतिशत नियामकीय अनुपालन व श्रमिक हितों को सर्वोपरि रखने के दृष्टिकोण का सशक्त प्रमाण है। यह उपलब्धि पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर, गांधी सागर जल विद्युत गृह, टोंस जल विद्युत गृह सिरमौर,राजघाट जल विद्युत गृह, बाणसागर जल विद्युत गृह-दो सिलपरा, बाणसागर जल विद्युत गृह-तीन देवलोंद, बाणसागर जल विद्युत गृह-चार झिन्ना, मरहीखेड़ा जल विद्युत गृह और बिरसिंगपुर जल विद्युत गृह को हासिल हुई है। श्रम विभाग द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रावधानों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने के लिये ”श्रम स्टार रेटिंग” प्रारंभ की गई है। यह सम्मान संस्थान द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के अपनाने तथा श्रम कानूनों के प्रति स्वैच्छिक अनुपालन की प्रतिबद्धता का द्योतक है। गत वर्षों में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में कम्पनी ने विभिन्न महत्वपूर्ण कीर्तिमान बनाएं है जो की न सिर्फ कम्पनी की नियामकीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उसकी नीति को भी सशक्त रूप से उजागर करती है। कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर सभी विद्युत उत्पादन गृहों के मुख्य अभियंताओं, अभियंताओं व कार्मिकों को इस उपलब्धि का श्रेय व बधाई देते हुए कहा-“यह सम्मान हमारी कार्यसंस्कृति, अनुशासन और श्रमिक कल्याण के प्रति हमारी निष्ठा का परिणाम है। हमें गर्व है कि न केवल कम्पनी सभी स्तरों पर श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नीतियां बना रही है, बल्कि हर मानक पर उत्कृष्टता की नई मिसालें भी स्थापित कर रहे हैं, जिसमें सभी कर्मचारियों का योगदान है।” 

प्रदेश में वाहन चोरी नियंत्रण के प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण सफलता

मध्यप्रदेश पुलिस का वाहन चोरियों पर सुदृढ़ प्रहार 12 दिनों में 52 मोटरसाइकिलें, 1 ट्रैक्टर और 1 डंपर बरामद भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी के विरुद्ध संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत इस माह उल्लेखनीय सफलताएँ दर्ज की गई हैं। सतत निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों से अब तक 31 मोटरसाइकिलें, एक ट्रैक्टर और एक डंपर बरामद किए गए हैं। ये उपलब्धियाँ पुनः सिद्ध करती हैं कि मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए निरंतर और दृढ़तापूर्वक कार्य कर रही है। जिला-स्तरीय हुई प्रमुख कार्रवाई अशोकनगर- में थाना बहादुरपुर पुलिस ने वाहन चोरी में संलिप्त गिरोह के 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर 7 मोटरसाइकिलें बरामद कीं। बैतूल के थाना मुलताई क्षेत्र में आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की मोटरसाइकिल जब्त की गई।  दमोह- में थाना देहात पुलिस ने 6 मोटरसाइकिलें और सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए। एक अन्य प्रकरण में लूट व वाहन चोरी में लिप्त गिरोह से 3 मोटरसाइकिलें, 3 मोबाइल फोन और एक चांदी की अंगूठी जब्त की गई।  शिवपुरी- में थाना नरवर चौकी मगरौनी क्षेत्र से चोरी गया महिंद्रा ट्रैक्टर मात्र चार घंटे में बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त थाना बैराड़, करैरा और देहात क्षेत्रों में भी चोरी की एक-एक मोटरसाइकिल जब्त कर तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।  मंदसौर- में थाना कोतवाली पुलिस ने वाहन चोरी में लिप्त व्यक्ति से 3 मोटरसाइकिलें जब्त कीं।  शाजापुर- में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम ने लगभग 500 CCTV फुटेज खंगाले तथा 2000 किलोमीटर की दूरी तय कर अंतर्राज्यीय चोरों द्वारा चोरी किए गए 62 लाख रुपये मूल्य के डंपर को बरामद किया।  मंडला- में थाना कोतवाली पुलिस ने 3 व्यक्तियों से 7 मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जबकि थाना देहात पुलिस ने चोरी की एक और मोटरसाइकिल जब्त की।  ग्वालियर- में थाना कोतवाली पुलिस ने दो व्यक्तियों से चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की।  छतरपुर जिले में अभियान के दौरान तकनीकी विश्लेषण, भौतिक साक्ष्यों और अंतर्राज्यीय मुखबिर तंत्र के आधार पर महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। जिले में 21 मोटरसाइकिलें (मूल्य 16 लाख रुपये से अधिक) बरामद की गईं, जिन्हें चोरी के बाद गिरवी रखकर अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा था। बरामद वाहनों में सागर जिले में दर्ज अपराधों से संबंधित 3 मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। वर्ष 2025 में कोतवाली, सिविल लाइन, खजुराहो और नौगांव क्षेत्रों में कार्रवाई कर 6 बड़े गिरोहों का पर्दाफाश किया गया तथा 115 से अधिक मोटरसाइकिलें बरामद की जा चुकी हैं।  उल्लेखनीय है कि पिछले माह भी मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाइयों से विभिन्न जिलों से लगभग 120 दोपहिया वाहन बरामद किए गए थे। यह निरंतर सफलता दर्शाती है कि वाहन चोरी की रोकथाम हेतु पुलिस की रणनीति, सतत निगरानी और तकनीकी तंत्र प्रदेशभर में प्रभावी रूप से कार्य कर रहा है।  हाई-टेक विश्लेषण, व्यापक CCTV निगरानी, फील्ड इंटेलिजेंस और पुलिस टीमों की सतर्कता के कारण इन कार्रवाइयों में तीव्रता और ठोस परिणाम सुनिश्चित हुए हैं। पुलिस अधीक्षकों के मार्गदर्शन और थाना प्रभारियों के नेतृत्व में की गई ये संयुक्त कार्रवाइयाँ नागरिकों में सुरक्षा और भरोसे की भावना को और मजबूत करती हैं। मध्यप्रदेश पुलिस का यह सतत अभियान राज्य में वाहन चोरी जैसे अपराधों पर व्यापक अंकुश स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

गांवों के लिए खुशखबरी! पंजाब सरकार दिसंबर के आखिर तक जारी करेगी नया फैसला

चंडीगढ़/जालंधर पंजाब सरकार ने राज्य के गांवों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 332 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण किस्त जारी करने की घोषणा की है। इसी क्रम में 334 करोड़ रुपए की अगली किश्त दिसंबर के अंत तक या जनवरी के पहले सप्ताह में जारी कर दी जाएगी। पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस किस्त का उपयोग गांवों में सैनिटेशन बॉक्स स्थापित करने सहित ग्राम पंचायतों के विभिन्न विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। 156 करोड़ रुपए की ग्रांट अनटाइड फंड्स के रूप में दी जा रही है, जिसका उपयोग ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्राधिकार में किसी भी विकास कार्य के लिए कर सकती हैं। 176 करोड़ रुपए टाइड फंड्स के रूप में उपयोग किए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल केवल गांवों में सैनिटेशन से जुड़े कामों के लिए किया जा सकेगा। समूची ग्रांट को ग्राम पंचायत, पंचायत समितियों और जिला परिषदों में 70:20:10 के अनुपात में बांटा जाएगा। ग्रामीण विकास कार्यों के लिए 22 जिलों में कुल 3,329,750,900 रुपये (जिसमें 1,766,319,970 रुपये के कुल टाइड फंड और 1,563,430,930 रुपये के कुल अनटाइड फंड शामिल हैं) आवंटित किए गए हैं। सबसे अधिक आवंटन प्राप्त करने वाले जिले लुधियाना (200,143,127 रुपये टाइड फंड; 133,905,292 रुपये अनटाइड फंड), होशियारपुर (170,847,451 रुपये टाइड फंड; 114,305,089 रुपये अनटाइड फंड) और गुरदासपुर (165,563,924 रुपये टाइड फंड; 110,770,166 रुपये अनटाइड फंड) हैं। इनके अलावा विकास ग्रांट प्राप्त करने वाले अन्य प्रमुख जिलों में संगरूर, पटियाला, जालंधर, फिरोजपुर, फाज़िल्का, मोगा, शहीद भगत सिंह नगर, श्री मुक्तसर साहिब और तरनतारन शामिल हैं। बिट्टू पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा पंजाब सरकार पर केंद्रीय फंडों के उपयोग को लेकर लगाए गए आरोपों के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की टिप्पणियां उनकी जानकारी की कमी और SNA स्पर्श प्रणाली के बारे में समझ की कमी को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार द्वारा राज्य के हिस्से का योगदान (केंद्र और राज्य के बीच साझेदारी पैटर्न के अनुसार) जमा किए जाने के बाद केंद्र सरकार अपना हिस्सा सीधे RBI खाते में जमा कराती है। इसलिए यह SNA स्पर्श पद्धति केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों के फंडों से वास्तविक समय में भुगतान सुनिश्चित करती है। उन्होंने रवनीत बिट्टू से गलत जानकारी फैलाने से बचने और राजपुरा–चंडीगढ़ रेलवे लाइन परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य के साथ साझा की गई लेआउट योजना को सार्वजनिक करने की अपील की। 

तारागंज उपकेन्द्र से 8 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी पर्याप्त वोल्टेज पर बिजली

भोपाल  ग्वालियर जिले में किए जा रहे विद्युतीय निर्माण कार्यों से जिले की विद्युत वितरण व्यवस्था में नए आयाम जुड़ने वाले हैं। आर.डी.एस.एस. (रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के अन्तर्गत ग्वालियर शहर में तारागंज में नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र 2 करोड़ 92 लाख की लागत से तैयार किया जा रहा है। इससे तारागंज, सिकन्दरकम्पू, समाधिया कॉलोनी, आपागंज और आसपास के लगभग  8 हजार से भी अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सप्लाई मिल पायेगी। 33 के.व्ही लाईन के इन्टरकनेक्शन एवं बाईफरकेशन के लगभग 10 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, जिनकी लागत 7 करोड़ 30 लाख रूपये है। ग्वालियर शहर में ही 11 के.व्ही. लाईन के इन्टरकनेक्शन और बाईफरकेशन के लगभग 41 कार्य लगभग 6 करोड़ 67 लाख की सहायता से सम्पन्न कराये जा रहे हैं। ग्वालियर शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदुढ करने के लिये 26 करोड़ की लागत से विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त 355 नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये जा रहे है। इसके अलावा शहर के कुछ इलाकों में उच्चक्षमता की केबिल बिछायी जा रही है, जिसकी लागत 2 करोड़ है। एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत किए जा रहे कार्य एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन कार्यो में लगभग 42 लाख 66 हजार की लागत से 33 के.व्ही. लाईनों को विस्तार किया जा रहा है। इसी प्रकार 2 करोड़ 53 लाख से 11 के.व्ही. लाईनों का विस्तार किया जा रहा है और एक उपकेन्द्र पर स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि 39 लाख से की जा रही है। आरडीएसएस के तहत 8  जिलों में चल रहे कार्य आरडीएसएस के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अन्तर्गत 8 जिलों में ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर में 455 करोड़ रूपये से  7  नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और 490 कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 383 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन के कार्य किये जा रहे हैं। इसी तरह एस.एस.टी.डी. योजना इन जिलों में (ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर) में एस.एस.टी.डी. योजनान्तर्गत 455 करोड़ रूपये से 7 नवीन 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और  491  कि.मी. लम्बी लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य और 2 हजार 384 कि.मी 11 के.व्ही. नवीन लाईन एवं क्षमता वृद्धि के कार्य किये जा रहे हैं। ग्वालियर चंबल संभाग में विद्युतीय विकास कार्य वर्ष 2020 की स्थिति में ग्वालियर चंबल संभाग में कुल 55 ई.एच.टी (अति उच्चदाब) सब स्टेशन स्थापति थे। कुल ई.एच.टी (अति उच्चदाब) लाईन की लम्बाई 4938 कि.मी. थी। इसके बाद 11 नये सबस्टेशन स्थपित किये गये एवं 4 सबस्टेशन निर्माणधीन है। इसी तरह 2020 के बाद 776 कि.मी. ई. एच.टी लाईन स्थापित की गई एवं वर्तमान में 661 किमी लाईन का कार्य चल रहा है। जिले में एक सबस्टेशन तैयार, एक निर्माणाधीन ग्वालियर जिले में वर्ष 2020 की स्थिति में कुल 11 ई.एच.टी सब स्टेशन स्थापित थे एवं कुल ई.एच.टी लाईन की लम्बाई 999 कि.मी. थी। इसके बाद एक नया सबस्टेशन स्थपित किया गया एवं एक सबस्टेशन निर्माणधीन है। इसी तरह 2020 के बाद 198 कि.मी. ई.एच.टी लाईन स्थापित की गई एवं वर्तमान में 82 किमी लाईन विस्तार का कार्य चल रहा है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के प्रतिबद्ध राज्य सरकार

प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया जनजातीय समुदाय का गौरव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के जल, जंगल जमीन संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पेसा कानून के माध्यम से जनजाति क्षेत्र की ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है। भगवान बिरसा मुंडा ने इन्हीं अधिकारों की रक्षा के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय को गौरव और सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजाति कल्याण के लिए राज्य सरकार ने 47,296 करोड़ रुपए का बजट रखा है जो पिछले साल से 15 प्रतिशत ज्यादा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों का संग्रहण पारिश्रमिक 3 हजार रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया। वन अधिकार अधिनियम में 2 लाख 89 हजार व्यक्तिगत और 28754 सामुदायिक दावे मान्य कर पीएम आवास, कपिल धारा, डीजल पंप, पीएम किसान सम्मान निधि, केसीसी आदि योजनाओं का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं में भी मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पीएम जनमन योजना में 98 करोड़ 30 लाख और धरती आबा योजना में 401 करोड़ 56 लाख से अधिक के लोकार्पण- शिलान्यास हुए है। इसके अंतर्गत 21 जिलों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित है। प्रधानमंत्री वन-धन केंद्र योजना में 20 जिलों में 126 वन-धन केंद्र स्थापित है। प्रदेश के 18,338 घरों के विद्युतीकरण के लिए 78 करोड़ 94 लाख रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के बच्चों के लिए शिक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। उन्हें निःशुल्क किताबें, निःशुल्क गणवेश और निःशुल्क साइकिल दी जा रही है। बच्चों को प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2024-25 में 40 लाख से अधिक छात्रों को 1 हज़ार 566 करोड़ रूपये छात्रवृत्ति दी गई है। जनजातीय विद्यार्थियों को आकांक्षा योजना के अंतर्गत NEET, CLAT, JEE प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग दी जा रही है। राष्ट्रीय संस्थानों जैसे IIT, AIIMS, NIT, NLIU में प्रवेश लेने पर 50 हजार रुपए तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। विदेश में उच्च अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा योजना में अनुसूचित जनजाति छात्रों के लिए 210 छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। राज्य के 3 एकलव्य पॉलीटेक्निक कॉलेज मंडला, झाबुआ और हरसूद में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1,040 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संघ लोक सेवा आयोग तथा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षाओं में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। क्षमता एवं कौशल उन्नयन करते हुए 18 हजार से अधिक जनजातीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है। भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के माध्यम से पिछले 4 वर्षों में 9,065 जनजातीय युवाओं को स्वरोजगार व आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगभग 418.67 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। सिकलसेल हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन सभी 89 जनजातीय विकासखंडों में लागू किया गया है। अब तक 1.17 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। बैगा, सहारिया और भारिया जनजाति की महिलाओं के लिए वरदान बनी आहार अनुदान योजना में प्रतिमाह बहनों को 1500 रुपये मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय गरिमा का पूरा मान सम्मान रखा गया है। रानी दुर्गावती एवं जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। जबलपुर एयरपोर्ट और मदन महल फ्लायओवर रानी दुर्गावती के नाम पर और पचमढ़ी अभयारण्य का नाम राजा भभूत सिंह के नाम पर किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती के लिये प्रशिक्षण के लिए बैगा, भारिया एवं सहरिया बटालियन गठित होगी। छिंदवाड़ा में श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण किया गया। भगोरिया को राजकीय उत्सव के रूप में मनाया गया। 

भोपाल मेट्रो को मिली रफ्तार: CMRs टीम ने अचानक शुरू की अंतिम परीक्षा का तीसरा पड़ाव

भोपाल भोपाल में मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा की अंतिम परीक्षा गुरुवार से शुरू हो गई है। दिल्ली से अचानक पहुंची कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम ने सुबह सुभाष नगर मेट्रो डिपो पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डिपो में ट्रेन संचालन, सुरक्षा प्रोटोकाल और तकनीकी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। इसके बाद दोपहर एक बजे टीम ने ट्रैक कार से मेट्रो ट्रैक का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण भोपाल मेट्रो की अंतिम परीक्षा का तीसरा पड़ाव है। इस पड़ाव को पार करने के बाद सीएमआरएस की टीम ओके टू रन यानी संचालन की रिपोर्ट देगा। इसके बाद शासन तय करेगा कि भोपाल मेट्रो को कब शुरू किया जाना है। माना जा रहा है कि लगातार देरी के कारण हो रही आनन-फानन में सीएमआरएस टीम का निरीक्षण शुरू हो रहा है ताकि मेट्रो का संचालन जल्द से जल्द हो। हालांकि अधूरी तैयारियों व काम के बीच यह जल्दबाजी कहीं आमजन पर भारी न पड़ जाए।   मेट्रो के लिए अंतिम परीक्षा गौरतलब है कि सीएमआरएस का भोपाल मेट्रो का यह तीसरा निरीक्षण है। इससे पहले दो बार टीम निरीक्षण कर चुकी है, लेकिन कुछ तकनीकी कमियों के कारण संचालन की अनुमति नहीं मिल सकी थी। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार यदि इस बार सभी मानक सही पाए गए तो भोपाल मेट्रो को ओके टू रन रिपोर्ट मिल जाएगी। अन्यथा संचालन की तारीख एक बार फिर आगे बढ़ सकती है। हालांकि ऐसी उम्मीद कम है। यह निरीक्षण मेट्रो के लिए अंतिम परीक्षा माना जा रहा है। उधर, मेट्रो कंपनी के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य मेट्रो संचालन में हो रही देरी पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उन्होंने पूरी तरह इस मामले में चुप्पी साध रखी है। सुभाष नगर एम्स तक देखी संचालन व्यवस्था निरीक्षण के दौरान सुभाष नगर डिपो के पास टीम केंद्रीय विद्यालय (केवी) मेट्रो स्टेशन पर पांच मिनट रुकी और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया। इसके बाद वे बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन पर करीब आधा घंटा रुके। यहां से एम्स मेट्रो स्टेशन तक टीम ने पहुंचकर ट्रैक की तकनीकी खामियों और संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता भी टीम के साथ मौजूद रहे। आज से होगी आठ मेट्रो स्टेशन की जांच तीन दिवसीय इस दौरे में सीएमआरएस टीम 15 नवंबर तक पूरे प्रायोरिटी कॉरिडोर की जांच करेगी। शुक्रवार को टीम आठ मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण करेगी, जबकि 15 नवंबर को प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलों की परखा जाएगा।

कैद में रहते अनंत सिंह का राजनीतिक दबदबा कायम, इतने वोटों से मिली जीत

मोकामा बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बीच मोकामा विधानसभा सीट ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। पांच बार के विधायक और JDU (NDA) उम्मीदवार अनंत सिंह ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करते हुए 28 हजार से अधिक वोटों से शानदार जीत दर्ज की है। अनंत सिंह ने RJD उम्मीदवार और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को बड़े अंतर से हराया। मोकामा की लड़ाई शुरू से ही हाई-प्रोफाइल और टक्कर वाली मानी जा रही थी, क्योंकि दोनों ओर बाहुबली परिवार थे।  इतने वोटों से जीते अनंत सिंह इलेक्शन डेटा के अनुसार:     अनंत सिंह (JDU) → 91,416 वोट     वीणा देवी (RJD) → 63,210 वोट     प्रियदर्शी पियूष (जन सुराज) → 19,365 वोट इस तरह अनंत सिंह ने 28,206 वोटों की विशाल बढ़त के साथ विजय हासिल की। जेल में रहते हुए भी ‘छोटे सरकार’ का जलवा कायम मोकामा की सबसे बड़ी चर्चा यही रही कि अनंत सिंह इस समय पटना बेऊर जेल में बंद हैं। वे दुलार चाँद यादव मर्डर केस में न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बावजूद उनकी लोकप्रियता और संगठन की मजबूती ने चुनावी समीकरण को पूरी तरह उनके पक्ष में कर दिया। मोकामा की ये जंग सिर्फ दो उम्मीदवारों की नहीं थी, बल्कि साख, सत्ता और प्रभाव की लड़ाई मानी जा रही थी। मोकामा सीट—हमेशा से रहा है राजनीतिक हॉटस्पॉट मोकामा विधानसभा को बिहार की सबसे चर्चित सीटों में गिना जाता है। यहां मुकाबला हमेशा हाई-प्रोफाइल रहता है, और इस बार भी दो बाहुबलियों के बीच टक्कर ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।