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चिराग और नीतीश की बैठक ने बढ़ाई हलचल: सत्ता संरचना को लेकर चर्चाएँ तेज

पटना बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को प्रचंड बहुमत के बाद नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना परिणाम आने के साथ ही स्पष्ट हो गया था। शुक्रवार दोपहर जैसे ही रुझान आना शुरू हुआ, एनडीए में खुशी की लहर दौड़ गई। शाम होते-होते सीएम आवास में चहलकदमी बढ़ गई। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर के अलावा भारतीय जनता पार्टी के भी कई नेताओं ने सीएम आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी। दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी। इसके बाद भाजपा सहित एनडीए के बाकी दलों ने भी एक-एक कर सीएम नीतीश को बधाई दी और नई पारी की शुभकामनाएं भी। आज, यानी शनिवार सुबह से ही गहमागहमी है। चिराग पासवान सीएम नीतीश कुमार को बधाई देने पहुंचे। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लिखा कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के पश्चात आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उन्हें एनडीए के प्रचंड बहुमत की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसलिए, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बताया कि लोजपा (रा.) के प्रतिनिधियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर सरकार गठन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2020 में लोजपा (रा.) की चुनावी हार के लिए कई लोग ज़िम्मेदार थे और पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए उन्होंने संघर्ष किया। चिराग पासवान ने यह भी कहा कि बिहार चुनाव अभियान के दौरान यह झूठा नैरेटिव तैयार किया गया था कि जदयू और लोजपा (रा.)) के बीच मतभेद हैं। कुछ लोग जदयू और लोजपा (रा.) के बारे में भ्रम फैला रहे थे, वे सिर्फ एक गलत कहानी सेट कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए में शामिल हर गठबंधन सहयोगी की भूमिका की सराहना की है, और उन्होंने जदयू और लोजपा (रा.) के बीच "गलत कहानी" बनाने वाले विपक्ष पर निशाना साधा। मैं बहुत खुश हूं कि मुख्यमंत्री ने एनडीए में शामिल हर गठबंधन सहयोगी की भूमिका की सराहना की। जब वह वोट देने गए तो उन्होंने लोजपा (रा.)  उम्मीदवार का समर्थन किया। आलाउली, जहां मैं वोट देता हूं, मैंने जदयू उम्मीदवार का समर्थन किया।   प्रचंड बहुमत के बाद अब होगा नई सरकार का गठन बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में 125 सीटें लाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का आंकड़ा इस चुनाव में 202 पहुंच गया। शुक्रवार को आए चुनाव परिणाम में एनडीए के घटक दल- भारतीय जनता पार्टी ने 89, जनता दल यूनाईटेड ने 85, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चार सीटें जीतीं। दूसरी तरफ, विपक्ष का नेता बनाने लायक परिस्थिति भी महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय जनता दल को नहीं मिल सका। महागठबंधन में राजद ने 25, कांग्रेस ने छह, भाकपा माले ने दो, इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने एक-एक सीटें जीतीं। मतलब, कुल 35 सीटें महागठबंधन के पास आईं। अन्य में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, यानी AIMIM ने पांच और बहुजन समाज पार्टी ने एक सीट हासिल की है। बहुमत के आंकड़े से 80 अधिक सीटें जीतने के साथ ही एनडीए सरकार की वापसी हो गई। मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण की तैयारी तेज हो गई। मांझी-कुशवाहा-प्रधान से बात करने के बाद आगे की तैयारी भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के साथ ही आज केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा आदि के साथ भी आगे की बात होनी है। इस बातचीत में संजय झा के अलावा केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय के मौजूद रहने की बातें सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आज ही शपथ ग्रहण की तारीख तय होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अगली सरकार के मंत्रियों का कोटा भी आज तय होगा। इसमें विधायकों के हिसाब से प्रतिनिधित्व तय करने की सहमति बाहर-बाहर हो चुकी है।

सड़क से सुरक्षित ठिकाने तक: 22 बाल भिखारियों का सफल रेस्क्यू अभियान

बरनाला  सामाजिक सुरक्षा, स्त्री एवं बाल विकास विभाग, पंजाब, चंडीगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुसार और जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप सिंह गिल के मार्गदर्शन में, बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए जिला स्तरीय चाइल्ड बेगिंग टास्क फोर्स टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर गहन चैकिंग की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत, जिले के अलग-अलग स्थानों पर टास्क फोर्स टीम द्वारा लगातार छापेमारी (रेड) की जा रही है, जिसके दौरान बाल भिखारी बच्चों को रैस्क्यू किया जाता है और उनके पुनर्वास के लिए उचित प्रबंध किए जाते हैं। पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास जिला बाल सुरक्षा अधिकारी, गुरजीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि भीख मांगने वाले ऐसे बच्चे किसी भी अपराध का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई ऐसा बच्चा मिलता है, तो कार्यालय द्वारा उसके पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत अब तक कार्यालय द्वारा 22 बाल भिखारी बच्चों को सफलतापूर्वक रैस्क्यू किया जा चुका है। इन बच्चों की उचित काऊंसलिंग (परामर्श) करने के बाद, उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया गया है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि बच्चे एक सुरक्षित वातावरण में वापस लौट सकें और भिक्षावृत्ति के चक्र से बाहर निकल सकें। इस अभियान में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इस दौरान टीम में रुपिंदर सिंह रंधावा, लक्खा सिंह, अमनप्रीत गौतम, प्रितपाल कौर, मनजीत सिंह (शिक्षा विभाग) और मनजिंदर सिंह (पुलिस विभाग) सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। विभिन्न विभागों की यह संयुक्त कार्रवाई बाल भिक्षावृत्ति जैसे सामाजिक अपराध से निपटने में सहयोग की भावना को दर्शाती है। 

ऑगर अलियासिमे एटीपी फ़ाइनल्स के सेमीफ़ाइनल में

तूरिन (इटली) फेलिक्स ऑगर अलियासिमे ने दो बार के चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराकर एटीपी फाइनल्स टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली। कनाडा के आठवीं वरीयता प्राप्त ऑगर अलियासिमे ने 6-4, 7-6 (4) से जीत हासिल की और ब्योर्न बोर्ग ग्रुप से यानिक सिनर के साथ अंतिम चार में प्रवेश किया। इससे पहले सिनर ने बेन शेल्टन को 6-3, 7-6 (3) से हराकर राउंड-रॉबिन में अपने सभी मैच जीते। सिनर का अगला मुकाबला सातवीं वरीयता प्राप्त एलेक्स डी मिनौर से होगा। ऑगर अलियासिमे एक अन्य सेमीफाइनल में कार्लोस अल्काराज का सामना करेंगे।  

राजधानी में बड़ी पुलिस बैठक: ASP, CSP और थाना प्रभारियों को दिए गए सख्त निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ में आगामी DG–IG कॉन्फ्रेंस को ध्यान में रखते हुए राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण क्राइम बैठक जारी है, जिसमें शहर में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विस्तृत रणनीतियों पर मंथन किया जा रहा है। यह बैठक कंट्रोल रूम स्थित C4 सभागार में हो रही है, जहां आईजी और एसएसपी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस हाल के दिनों में बढ़ रहे चाकूबाजी के मामलों पर सख्ती से नकेल कसना है। पुलिस अधिकारी शहर के ऐसे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर रहे हैं, जहां इस तरह की वारदातें अधिक हो रही हैं। इसके साथ ही साल के अंत (ईयर-एंडिंग) से पहले लंबित मामलों के निराकरण में आ रही दिक्कतों पर भी विस्तृत चर्चा की जा रही है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा। इसे ध्यान में रखते हुए राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष रूप से समीक्षा की जा रही है। बैठक में बताया गया कि इस राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, देशभर के लगभग 70 डीजी/आईजी रैंक के अधिकारी और 6 अन्य विशेष डिग्निट्री शामिल होंगे। ऐसे में रायपुर पुलिस के लिए सुरक्षा प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होने वाला है, जिसे देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बैठक में शहर के सभी एएसपी, सीएसपी और प्रत्येक थाना प्रभारी मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों को शहर में फ्लैग मार्च, नाइट पेट्रोलिंग, असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का मानना है कि संयुक्त प्रयासों और सख़्त मॉनिटरिंग से न केवल शहर में अपराध नियंत्रण के प्रयासों को गति मिलेगी, बल्कि आगामी बड़े कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रहेगी।

‘घोड़े की तरह काम करो’ टिप्पणी पर आलोचना तेज़—नई PM की वर्क-कल्चर नीति पर जापान में बहस

टोकियो जापान की नई प्रधानमंत्री साने ताकाइची पहले दिन से ही अपने कठोर कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में सुबह 3 बजे मीटिंग बुलाई, जिसके बाद फिर से जापान के ओवरवर्क कल्चर पर बहस तेज हो गई है। ताकाइची का कहना है, “मैं 18 घंटे काम करती हूं, और चाहती हूं लोग भी ऐसे ही काम करें। वर्क-लाइफ बैलेंस कोई मायने नहीं रखता।” उन्होंने यहां तक कहा कि लोग "घोड़े की तरह काम करें"।  वर्क कल्चर को लेकर उठे सवाल जापान में लंबे समय से “करोशी” यानी काम के बोझ से मौत का कल्चर रहा है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद जापान ने अपनी अर्थव्यवस्था खड़ी करने के लिए कर्मचारियों से ज्यादा काम की उम्मीद की थी। इस दौरान कई लोग दिल के दौरे और स्ट्रोक से अचानक मरने लगे। इन मौतों को "करोशी" कहा गया। सरकार को बाद में मजबूर होकर ओवरटाइम सीमा तय करनी पड़ी थी, महज 45 घंटे प्रति माह। हालांकि ताकाइची ने ओवरटाइम सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसकी वजह से चिंता बढ़ गई है कि पुराना अत्यधिक काम वाला कल्चर फिर लौट सकता है। रात 3 बजे मीटिंग पर विवाद 7 नवंबर को संसद में बजट पर चर्चा के लिए ताकाइची ने सुबह 3 बजे अपने सलाहकारों की मीटिंग बुलाई। इसे जापानी मीडिया ने ‘3AM स्टडी सेशन’ का नाम दिया।पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी नेता योशिहिको नोदा ने इस फैसले को “पागलपन” बताया। उनका कहना था, “जब मैं प्रधानमंत्री था, तब सुबह 6 या 7 बजे काम शुरू करता था। दूसरों को रात के सन्नाटे में शामिल होने के लिए मजबूर करना गलत है।” विवाद बढ़ने पर ताकाइची ने सफाई देते हुए कहा कि उनके घर की फैक्स मशीन खराब थी, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास जाकर तैयारी करनी पड़ी। ओवरवर्क कल्चर की काली सच्चाई जापान में काम का दबाव इतना अधिक है कि लोग भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में खड़े-खड़े या फुटपाथों पर सो जाते हैं। इतिहास में 1969 का एक भीषण उदाहरण है एक 29 वर्षीय कर्मचारी की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हो गई थी, जिसने 100 से अधिक घंटे काम किया था। ताकाइची के बयान और कार्यशैली से विशेषज्ञ चिंतित हैं कि जापान में फिर से वह दौर लौट सकता है जब लोग मानसिक और शारीरिक थकान से मौत के मुहाने पर पहुंच जाएं। ताकाइची पर आरोप है कि वह कर्मचारियों पर अनुचित दबाव डाल रही हैं और अपनी कार्यशैली को “आदर्श” बताकर गलत मिसाल पेश कर रही हैं।  

भारतीय मुक्केबाजों की निगाह विश्व कप में दमदार प्रदर्शन पर

नई दिल्ली  भारतीय मुक्केबाज जब रविवार से यहां शुरू हो रहे विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में उतरेंगे तो उनका लक्ष्य सत्र का शानदार अंत करने के साथ ही महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक हासिल करना भी होगा। मुक्केबाजी के संचालन का कार्य जब से वर्ल्ड बॉक्सिंग ने संभाला है तब से इस साल के शुरू में विश्व कप की शुरुआत की गई और अब उसका फाइनल्स होगा। मुक्केबाज सभी प्रमुख टूर्नामेंटों में रैंकिंग अंक अर्जित करते हैं, जो वरीयता निर्धारण में भूमिका निभाते हैं। अगले वर्ष एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल होने वाले हैं, इसलिए ये अंक महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ⁠ प्रारूप के अनुसार इस वर्ष के शुरू में आयोजित किए गए तीन विश्व कप के पदक विजेता खिलाड़ियों ने शीर्ष रैंकिंग वाले मुक्केबाजों के साथ फाइनल्स में जगह बनाई है। भारत मेजबान होने के कारण पुरुष और महिला दोनों के सभी भार वर्गों में अपनी चुनौती पेश करेगा। दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन (51 किग्रा) महिला टीम की प्रमुख खिलाड़ी हैं। तेलंगाना की इस मुक्केबाज़ ने इस साल विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लाम्बोरिया (57 किग्रा) और मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा), विश्व पदक विजेता पूजा रानी (80 किग्रा) और नुपुर (80 किग्रा से अधिक) अपनी अच्छी फॉर्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। प्रीति पवार (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और परवीन हुड्डा (60 किग्रा) राष्ट्रीय टीम में वापसी कर रही हैं और वह अपने खेल से प्रभाव छोड़ने की कोशिश करेंगे। पुरुष वर्ग में भारत का विश्व चैंपियनशिप अभियान निराशाजनक रहा और उम्मीदें प्रतिभाशाली अभिनाश जामवाल और हितेश गुलिया से होंगी, जो इस वर्ष के शुरू में दो विश्व कप फाइनल में पहुंचे थे। विश्व चैंपियनशिप का समापन सितम्बर में हुआ था और कई प्रमुख खिलाड़ी सत्र की इस अंतिम प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रहे हैं, जो क्वार्टर फाइनल चरण से शुरू होगी। शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में होने वाले इस टूर्नामेंट में 18 देशों के लगभग 130 मुक्केबाज भाग लेंगे, जिनमें कुछ ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल हैं। भारतीय टीम इस प्रकार है: महिला: मीनाक्षी (48 किग्रा), निकहत ज़रीन (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मीन लेम्बोरिया (57 किग्रा), परवीन हुडा (60 किग्रा), नीरज फोगाट (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), स्वीटी (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा), नूपुर श्योराण (80 किग्रा से अधिक) पुरुष: जदुमणि सिंह (50 किग्रा), पवन बर्तवाल (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), अभिनाश जामवाल (65 किग्रा), हितेश गुलिया (70 किग्रा), सुमित कुंडू (75 किग्रा), अंकुश फोगाट (80 किग्रा), जुगनू (85 किग्रा), नवीन कुमार (90 किग्रा), नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक)  

धान खरीदी सीज़न का शुभारंभ: मंत्री दयालदास बघेल के निर्देश—समय पर भुगतान और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करें

सूरजपुर  प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के तहत किसान अब सीधे अपने नजदीकी धान उपार्जन केंद्रों में धान बेच सकेंगे। सूरजपुर जिले में खरीदी का आगाज़ प्रदेश के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने चंदरपुर धान उपार्जन केंद्र में पूजा-अर्चना कर किया। इस दौरान उन्होंने किसानों का स्वागत करते हुए तौल कांटे पर धान की पहली बोरी तौलकर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की। किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री बघेल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि धान बेचने के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी समिति प्रबंधक द्वारा किसान से दुर्व्यवहार किया गया या धान पलटी करने जैसे अवैध कार्य कराने की शिकायत मिली तो संबंधित प्रबंधक पर तत्काल सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री बघेल ने यह भी निर्देश दिया कि धान खरीदी के बाद 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान अवश्य पहुंच जाए। उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भुलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। जिले में खरीदी का लक्ष्य और व्यवस्था सूरजपुर जिले में इस वर्ष 425009 मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की 54 समितियों में कुल 63,819 पंजीकृत किसान इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। पहले ही दिन लगभग पाँच किसानों से करीब 250 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। प्रदेश में खरीदी व्यवस्था : 15 नवंबर से 31 जनवरी तक अभियान राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए इस वर्ष भी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक का समय निर्धारित किया है। किसानों को सप्ताह में पाँच दिन- सोमवार से शुक्रवार धान बेचने की अनुमति होगी। समर्थन मूल्य और लक्ष्य     समर्थन मूल्य : 3100 रुपये प्रति क्विंटल     राज्य स्तरीय लक्ष्य : 160 लाख मीट्रिक टन धान उठाव     पूरे प्रदेश में उपार्जन केंद्र : 2739 अवैध परिवहन पर निगरानी तेज राज्य सरकार ने अवैध खरीद–फरोख्त रोकने कड़े कदम उठाए हैं। सीमा क्षेत्रों पर चेक पोस्ट सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि बाहरी राज्यों से धान की अनियमित ढुलाई रोकी जा सके। खरीदी केंद्रों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रेनेज व्यवस्था, तिरपाल और अन्य सुरक्षा साधन लगाए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध बिक्री या परिवहन पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तुंहर टोकन ऐप अनिवार्य, किसानों के लिए राहत राज्य में पंजीकृत किसानों को इस वर्ष भी तुंहर टोकन ऐप से ही टोकन लेना होगा। किसान घर बैठे ही अपने निर्धारित तारीख के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं। जो किसान ऐप का उपयोग नहीं कर पा रहे, उनके लिए मंडी स्तर पर टोकन जारी करने की सुविधा रखी गई है। टोकन वितरण नियम     2 एकड़ तक जमीन वाले किसान : 1 टोकन     2 से 10 एकड़ तक : 2 टोकन     10 एकड़ से अधिक : अधिकतम 3 टोकन ऐप से रोज़ाना सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक टोकन लिए जा सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी किसान को टोकन या पंजीयन में कोई समस्या न आए।

निशिमोतो से हारकर लक्ष्य जापान मास्टर्स से बाहर

कुमामोतो (जापान) स्टार भारतीय शटलर लक्ष्य सेन का 475,000 डॉलर इनामी कुमामोतो मास्टर्स जापान ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में विजय अभियान शनिवार को यहां सेमीफाइनल में जापान के केंटा निशिमोतो से तीन गेम में हार के साथ खत्म हो गया। सातवीं वरीयता प्राप्त सेन छठी वरीयता प्राप्त निशिमोतो से 77 मिनट तक चले मुकाबले में 19-21, 21-14, 12-21 से हार गए। सेन का अपने इस प्रतिद्वंदी के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा था लेकिन अंतिम गेम में गलतियों के कारण वह इसको बेहतर करने में नाकाम रहे। राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन सेेन ने शुरुआती गेम में मिली हार से उबरते हुए निर्णायक गेम तक का सफर तय किया, लेकिन तीसरे गेम में वह पूरी तरह से लय में नहीं दिखे। यह मुकाबला दो बराबरी के खिलाड़ियों के बीच था लेकिन जापानी खिलाड़ी ने दर्शकों के अपार समर्थन के बीच धैर्य बनाए रखा और आखिर में फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे।   

रोहिणी का चौंकाने वाला कदम: राजनीति से संन्यास, परिवार से संबंध भी तोड़े

नई दिल्ली  बिहार का चुनाव इस बार लालू परिवार को बड़ा घाव देकर गया है। पहले तो चुनाव में सीटों की संख्या घटी और सियासी साख दांव पर लग गई। अब परिवार भी बिखरता नजर आ रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 24 घंटे भी नहीं बीते हैं कि लालू यादव की बेटी रोहिणी ने राजनीति और परिवार दोनों छोड़ने का ऐलान कर दिया। एक्स पर लिखी पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने यह ऐलान किया। रोहिणी ने अपनी इस पोस्ट में संजय यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रोहिणी ने लिखा है कि संजय यादव और रमीज ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा है। उन्होंने लिखा कि मैं सारे आरोप अपने ऊपर लेती हूं। हैरानी की बात यह है कि रोहिणी ने पहले केवल राजनीति छोड़ने की बात लिखी थी। लेकिन बाद में उन्होंने इसे एडिट करके संजय यादव और रमीज पर आरोप लगाए हैं।

एंबुलेंस में चल रही थी मदिरा तस्करी, पुलिस को देखकर ड्राइवर फरार

खरगोन  अजब-गजब मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का गजब कारनामा सामने आया है। एंबुलेंस से स्वास्थ्य सुविधाओं की जगह की अवैध शराब की तस्करी जा रही थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई है। एंबुलेंस से परिवहन करते शराब की 52 पेटी हेलापड़ावा चौकी पुलिस ने जब्त की है। कार्रवाई के दौरान ड्राइवर एंबुलेंस छोड़कर मौके से फरार हो गया। दरअसल सोशल मीडिया पर एंबुलेंस से शराब तस्करी का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद थाना चैनपुर पुलिस ने 52 पेटी शराब व एंबुलेंस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चौकी के सामने लगे बेरिकेड्स को तोडकर ड्राइवर भागने में सफल हो गया। आज हेलापड़ावा में स्वास्थ्य शिविर आपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बना ली और जानकारी देने में आनाकानी करते रहे। आज हेलापड़ावा में स्वास्थ्य विभाग का स्वास्थ्य शिविर लगा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि तस्करी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। यदि ऐसा नहीं है तो स्वास्थ्य विभाग अंधेरे में पड़ा है।