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हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव के उद्देश्य से कर रहे हैं कार्य पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक

गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव के उद्देश्य से कर रहे हैं कार्य पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पाञ्चजन्य समय से पहले सावधान करने और धर्म के मार्ग पर चलने का प्रतीक है। पाञ्चजन्य पत्रिका भारतीय विचार परम्परा का सशक्त संवाहक है और यह अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही है। भगवान कृष्ण ने उन्हें प्राप्त पाञ्चजन्य और सुदर्शन चक्र सदैव अपने साथ रखा। यह दोनों प्रतीक उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व की विशिष्टता के रूप में सभी के मन मस्तिष्क में विद्यमान हैं। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि भगवान कृष्ण के विराट स्वरूप में उज्जैनी के संदीपनि आश्रम में प्राप्त शिक्षा-दिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पाञ्चजन्य सुशासन संवाद 2.0 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राष्ट्रीय स्वयं संघ के सह कार्यवाह मध्य क्षेत्र  हेमंत मुक्तिबोध, प्रांत संघचालक  अशोक पांडे और पाञ्चजन्य के संपादक  हितेष शंकर ने सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पाञ्चजन्य का विशेष अंक भेंट किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू  विजय मनोहर तिवारी, निदेशक स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी डॉ. प्रवीण रेड्डी और प्रबंध निदेशक डीबीजी टेक्नॉलाजी  अभिशेक गर्ग का सम्मान किया। राज्य सरकार ने समाज के साथ मिलकर त्यौहर मनाने के परिपाटी आरंभ की मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रत्येक गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। हम सत्ता के माध्यम से व्यवस्थाओं में बदलाव लाने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। आम जनता के सुख के लिए हर संभव प्रयास करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में इस पथ पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार ने कई नवाचार किए हैं। प्राकृतिक संसाधनों को सबके हित में वितरण को सुनिश्चित करते हुए राजस्थान, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत गतिविधियां प्रारंभ की गई हैं। इससे नदियों का मायका कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के साथ तुलनात्मक रूप से कम जल सम्पदा वाले राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों का भी लाभ होगा। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर का नाम कुलगुरू कर, शिक्षा के मंदिरों को भारतीयता की भावना के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने गुरूपूर्णिमा, गीता जयंती सहित अन्य प्रमुख त्यौहार समाज के साथ मिलकर मनाने की परिपाटी आरंभ की है। समाज में आनंद और उत्सवीय वातावरण का संचार करना राज्य सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वच्छ और हरित ऊर्जा के साथ किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा पम्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस नवाचार से सब्सिडी से बची राशि को विकास के अन्य कार्यों में लगाया जाएगा। भावान्तर योजना, लाड़ली बहना योजना, युवाओं के लिए रोजगार के उद्देश्य से प्रदेश में संचालित उद्योग संवर्धन गतिविधियों के माध्यम से राज्य सरकार अन्नदाता, महिलाओं और युवाओं की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज संचालित करने का नवाचार भी किया गया है। सभी विश्वविद्यालयों में कृषि आधारित कोर्स आरंभ किये गए हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वीकृत पीएम मित्र पार्क से तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। प्रदेश में दो मेट्रो पॉलिटन क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। राज्य में महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 को स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए राज्य सरकार विशेष रियायतें और अनुदान उपलब्ध करा रही है। रीजनल इन्डस्ट्री कॉन्क्लेव से क्षेत्रीय स्तर पर उद्योग गतिविधियों को विस्तार मिला है। यह नवाचार करने वाला मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेना हम सबके लिए गर्व का विषय है। इस समिट में 30 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन जारी है और 6 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जा चुका है। एक साथ ढाई लाख करोड़ रुपए लागत की औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन और लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री  मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह से समय देने का अनुरोध किया है। देश में सबसे तेज गति से निवेश संवर्धन का कार्य मध्यप्रदेश में जारी है, हम 24 प्रतिशत की ग्रोथ रेट पर चल रहे हैं। साथ ही सभी विभागों के लक्ष्य तय कर गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणी संवर्धन, पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने, राजधानी के सात प्रमुख मार्गों पर प्रदेश की संस्कृति को अभिव्यक्त करते द्वारों के निर्माण की जानकारी भी दी।  

उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, बच्चों को बैग से मिलेगी राहत—ये है पूरा प्लान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार अब स्कूलों में बच्चों का बोझ कम करने और पढ़ाई को मजेदार बनाने पर जोर दे रही है. इसी पहल के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में 10 दिन बैगलेस क्लास लागू की गई है. इससे बच्चों को किताबों की जगह खेल, गतिविधियां और प्रैक्टिकल सीखने का मौका मिलेगा. उत्तर प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत चल रही “आनंदम योजना” के अनुसार एक बड़ा बदलाव किया है. अब सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को पूरे साल में 10 दिन स्कूल बैग लाने की जरूरत नहीं होगी. शनिवार को स्कूल में 6से 8 तक के बच्चों को खेल कूद,पिकनिक, भाषण,बाद विवाद जैसी प्रतियोगिता में शामिल कराया जाएगा. सरकार की आनंदम योजना के तहत बच्चों में Ground activity बढ़ाने के उद्देश्य से पूरे शैक्षणिक सत्र के लिए 10 days bagless को लागू किया गया इन दिनों को Bagless Days कहा जाएगा. इन बैगलेस दिनों में बच्चों को क्लासरूम में पढ़ाने के साथ-साथ बल्कि उन्हें विभिन्न तरह की मजेदार और सीख देने वाली गतिविधियों में शामिल किया जाएगा. इनका मकसद है कि बच्चे सिर्फ किताबों से ही नहीं, बल्कि अनुभव और खेल से भी सीखें. क्या-क्या होगा बैगलेस दिनों में? खेल-कूद भाषण प्रतियोगिता वाद-विवाद (डिबेट) पिकनिक कला, संगीत, डांस जैसी गतिविधियां ग्राउंड एक्टिविटी और टीम वर्क क्रिएटिव प्रोजेक्ट सरकार का उद्देश्य आनंदम योजना का मुख्य उद्देश्य है—बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें तनाव से मुक्त रखना. इसके साथ ही किसी भी काम को सीखने को मजेदार बनाना, ग्राउंड और आउटडोर गतिविधियां बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि उनकी प्रतिभा को पहचानने का मौका मिले.इसके लिए पूरे शैक्षणिक वर्ष में 10 बैगलेस दिन अनिवार्य किए गए हैं.

ATS की बड़ी रेड: लखीमपुर में आरोपी सुहैल खान के घर से ISIS फ्लैग बरामद

लखीमपुर खीरी गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने गुजरात ISIS मॉड्यूल मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में छापेमारी की है. यूपी पुलिस के साथ की गई इस कार्रवाई में लखीमपुर निवासी आतंकी मोहम्मद सुहैल खान के घर से ISIS का फ्लैग बरामद किया गया है. गुजरात ATS की तहकीकात में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले दोनों गिरफ्तार आतंकी मोहम्मद सुहैल खान और आजाद सुलेमान शेख हाल ही में कश्मीर भी गए थे. दोनों आतंकी   हथियार और केमिकल की डिलीवरी का रूट देखने के लिए गए थे.  बता दें कि गुजरात ATS ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर 9 नवंबर को ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें एक MBBS डॉक्टर भी शामिल था. ये तीनों आतंकी खतरनाक जहर का इस्तेमाल करके आतंकी हमले की प्लानिंग में जुटे थे. इन्हीं आतंकियों ने लखनऊ स्थित RSS दफ्तर, दिल्ली की आजादपुर मंडी और अहमदाबाद में हमले के लिए रेकी भी की थी.  गिरफ्तार सुहेल के पिता ने कहा, 'किसी याराना-दोस्ताना या कैसे भी उसको फंसाया गया है.'' ये गिरफ्तारियां तब हुईं जब ये संदिग्ध हथियार लेने-देने के लिए इकट्ठा हुए थे. इनके पास से पाकिस्तान से भेजी गईं पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं.  ATS के मुताबिक, ये संदिग्ध दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इसके लिए इन्होंने कुछ जगहों की रेकी भी की थी. गिरफ्तार किए गए युवकों में एक लखीमपुर, दूसरा शामली का रहने वाला है, जबकि तीसरा हैदराबाद का है. फिलहाल गुजरात एटीएस और यूपी एटीएस समेत कई एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा

चरणबद्ध तरीके से करें संभल का विकासः मुख्यमंत्री   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की संभल जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का करें पुनरुद्धारः मुख्यमंत्री  दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड आदि कार्यों पर रखें फोकस मुख्यमंत्री जी का महिष्मती नदी के पुनरुद्धार पर रहा जोर  संभल का विकास सरकार की प्राथमिकताः मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जनपद संभल की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने यहां चल रहे विकास कार्यों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री जी ने कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की। फिर शासन व जनपद के अधिकारियों को निर्देशित किया कि चरणबद्ध तरीके से संभल का विकास करें। संभल का विकास सरकार की प्राथमिकता है।  पहले चरण में प्राचीन तीर्थों व कूपों का पुनरुद्धार कराएं। दूसरे चरण में म्यूजियम व लाइट एंड साउंड आदि विकास कार्यों पर फोकस रखें। मुख्यमंत्री जी ने संभल में जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी के निर्माण की प्रक्रिया पर जल्द कार्रवाई के लिए भी कहा। मुख्यमंत्री जी ने राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, लोक निर्माण, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास समेत कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संभल में 68 तीर्थ व 19 कूप हैं। प्रदेश सरकार इन तीर्थों के जीर्णोद्धार व पहचान के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने स्थानीय प्रशासन को इन कार्यों को तेज गति से कराने का निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इंटीग्रेटेड कॉम्पलेक्स भवन में सभी विभागों का कार्यालय हो। मुख्यमंत्री जी को बताया गया कि आवासीय व अनावासीय भवन के लिए 93 फीसदी भूमि क्रय कर ली गई है। मुख्यमंत्री जी ने डीपीआर बनाने के साथ कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने जनपद न्यायालय, कारागार व पीएसी की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिया कि 24 कोसीय परिक्रमा के साथ ही महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के समीप भूमि अधिग्रहण, सड़क निर्माण व सार्वजनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएं।  मुख्यमंत्री जी ने महिष्मती नदी के पुनरुद्धार कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदियां जीवनदायिनी है। सरकार नदियों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। नमामि गंगे के अंतर्गत प्रोजेक्ट तैयार कराकर पुनरुद्धार कार्य में तेजी लाई जाए।  मुख्यमंत्री ने जी नगर विकास विभाग की वंदन योजना, मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना, अंत्येष्टि स्थल विकास योजना, नगरीय जल विकास योजना, झील/पोखर/तालाब योजना व पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत होने वाले कार्यों की प्रगति के बारे में जाना और निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्रता से पूरा करें।  मुख्यमंत्री जी ने सीबीजी प्लांट के निर्माण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

हमें लोकसंस्कृति को लेकर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए और उसे संरक्षित करते हुए एक प्लैटफॉर्म भी देना चाहिएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

विदेशी इतिहासकारों की शरारत को पीछे छोड़कर, इतिहास के गौरव-गरिमा से जुड़े पन्ने सहेजने का काम करती है लोककला व लोकगीतः योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित 10 दिवसीय ऐतिहासिक 'उत्तराखण्ड महोत्सव-2025' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर हमें लोकसंस्कृति को लेकर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए और उसे संरक्षित करते हुए एक प्लैटफॉर्म भी देना चाहिएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने कहाः उत्तराखंड महोत्सव का आयोजन एक ओर अवध के श्रीराम तो दूसरी ओर उत्तराखंड के बद्री विशाल व चारों धाम की संयुक्त शक्ति का प्रतीक डॉ. सुरेश चन्द्र फुलारा, राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत डॉ. मंजू बाला, डॉ. चन्द्र मोहन नौटियाल तथा प्रो. दीवान एस. रावत को सम्मानित करने पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया हर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की केंद्रीय संस्कृति मंत्री की तारीफ, बोलेः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को अखिल भारतीय स्तर पर आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं शेखावत उत्तर प्रदेश व देश के लिए योगदान देने वाले महान विभूतियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया याद लखनऊ लखनऊ में चल रहे उत्तराखंड महोत्सव में मुख्यंमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार की शाम शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यम्नत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर विशेष रूप से बल दिया कि संकट के दौरान यही लोकगीत कला व लोकगीत ही इतिहास का संरक्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के कई गौरवशाली क्षण हैं जिसे विदेशी इतिहासकारों ने शरारतन भारत के गौरवशाली इतिहास के साथ नहीं जोड़ा। ऐसे में, भारत के गौरव व गरिमा से जुड़े हुए पन्नों को सहेजने का काम लोकगायन व परंपरा के माध्यम से हमें सुनने देखने को प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित 10 दिवसीय ऐतिहासिक 'उत्तराखण्ड महोत्सव-2025' में लोक संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। उत्तराखंड के महत्व को किया रेखांकित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां गंगा, यमुना, सरयू व शारदा जैसी नदियां देवभूमि के पावन क्षेत्र से होकर उत्तर प्रदेश की भूमि को उपजाऊ करते हुए यहां की धरती से सोना उगलने वाली धरती के रूप में परिवर्तित करने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपनी जवानी लगाने वाला उत्तराखंड का नौजवान और अमृत तुल्य जल देने वाली पवित्र नदियां उत्तराखंड से ही आती हैं। लोककला व संस्कृति के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में यह महोत्सव हमारी लोककला व संस्कृति को जीवंत बना रखने का एक माध्यम है। अगर हम इस प्रकार के महोत्सव न मनाएं तो बहुत से लोग आज की आपाधापी में अपनी संस्कृति से विमुख हो जाएंगे। उन्हें लोककला, लोकगायन, लोकसंस्कृति का पता ही नहीं होगा। लोक संस्कृति को लेकर हो गर्व की अनुभूति मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमें अपनी लोकसंस्कृति को लेकर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए और उसे संरक्षित करते हुए एक प्लैटफॉर्म भी देना चाहिए और यही एक भारत श्रेष्ठ भारत का प्रधानमंत्री मोदी का भाव है। उन्होंने कि अखिल भारतीय स्तर पर इसे आगे बढ़ाने का कार्य केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत कर रहे हैं। उत्तराखंड के नागरिकों की अटूट देशभक्ति उन्हें स्थानीय संस्कृति के साथ करती है एक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सुरक्षा और देश के प्रत्येक क्षेत्र में उत्तराखंड का नागरिक जब काम करता है तो अपनी अटूट देशभक्ति के कारण वह अपने आप को वहां की स्थानीय संस्कृति के साथ समरस करने में देर नहीं लगाता है। उन्होंने कहा कि आज का ये समारोह भी अवधी संस्कृति और उत्तराखंड की संस्कृति के बेहतर समन्वय का ही परिणाम है। उत्तराखंड महोत्सव में एक ओर अवध के श्रीराम तो दूसरी ओर उत्तराखंड के बद्री विशाल व चारों धाम जुड़कर महोत्सव को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाने में अपना योगदान देते हैं। महान विभूतियों को किया याद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा -ये हम सबका सौभाग्य है कि आज का उत्तराखंड 9 नवंबर सन 2000 श्रद्धेय अटल जी के कारण बना। लेकिन, उत्तर प्रदेश के विकास के लिए भी उसी प्रतिबद्धता के साथ स्थापना काल से ही योगदान देने में जब नाम लिया जाता है तो उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत प्रमुख हैं। उन्होंने लंबे समय तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपनी सेवाएं पहले देश की स्वाधीनता के लिए दी। वहीं, स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए जो कार्ययोजना सुनिश्चित की, उसी की नींव पर भावी उत्तर प्रदेश का निर्माण करने में सफलता प्राप्त की गई। उन्होंने कहा कि ये उत्तर प्रदेश और देश का गौरव है कि उसी उत्तराखंड ने हेमवती नंदन बहुगुणा व नारायण दत्त तिवारी को जन्म दिया जिन्होंने लंबे समय तक उत्तर प्रदेश व देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया। देश के स्वाधीनता आंदोलन में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का स्मरण हर देशभक्त करता है। उत्तराखंड बनने के बाद उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी को अन्य शहर में स्थापित करके वीर चंद्र सिंह गढ़ पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत को भी किया याद मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, ये उत्तराखंड की ही देन है कि भारत की रक्षा सेनाओं की एकीकृत विंग के कमांडर इन चीफ के रूप में देश के पहले सीडीएस जनरल विपिन रावत भी उत्तराखंड की पावन भूमि की देन हैं। उन्होंने कहा कि द्वितीय सीडीएस भी उत्तराखंड की देन हैं। हमने भक्ति और शक्ति का समन्वय उसी प्रकार से किया है जिस प्रकार राजस्थान की घरती ने कर दिखाया है। विभूतियों के सम्मान पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया हर्ष मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि महापरिषद प्रतिवर्ष उत्तराखंड गौरव सम्मान से कुछ विभूतियों को सम्मानित करती है। इसी क्रम में डॉ. सुरेश चन्द्र फुलारा (स्वदेशी उत्पाद एवं आजीविका के क्षेत्र में), राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत डॉ. मंजू बाला (शिक्षा के क्षेत्र में), डॉ. चन्द्र मोहन नौटियाल (विज्ञान के क्षेत्र में) तथा प्रो. दीवान एस. रावत (रसायन विज्ञान एवं अनुसन्धान के क्षेत्र में) को सम्मानित करने के निर्णय पर सीएम योगी ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब इस प्रकार की संस्थाएं देश, समाज व संस्कृति के लिए कार्य करती हैं तो … Read more

प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण 

आजीविका मिशन में वाराणसी फिर प्रदेश में अव्वल, 6 माह में 4 बार प्रथम और दो बार टॉप-10 में रही काशी  प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर आधारित रैंकिंग रिपोर्ट का होता है निर्माण  घरों की दहलीज से निकल कर काशी की महिलाएं परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को दे रहीं रफ्तार एनआरएलएम से 11879 समूहों की एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं है जुड़ीं  महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने,आजीविका से जोड़ने का डबल इंजन सरकार ने किया मार्ग प्रशस्त बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, बैंक से ऋण दिलाने व व्यक्तिगत, आंतरिक ऋण दिलाने की दिशा में भी किया जा रहा उत्कृष्ट कार्य  वाराणसी  काशी की महिलाएं घरों की दहलीज से निकल कर अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को रफ्तार देते हुए उत्तर प्रदेश में अव्व्वल हो गई हैं। दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजनाओं  को लागू करने एवं महिलाओं को आगे बढ़ाने में अव्वल है। प्रदेश की अक्टूबर 2025 की रैंकिंग में वाराणसी शीर्ष पर है, जबकि पिछले 6 महीनों में वाराणसी 4 बार शीर्ष पर रहा और दो बार टॉप टेन में स्थान बना चुका है।  37 इंडीकेटर्स के आधार रिपोर्ट होती है तैयार मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत वाराणसी एक बार फिर से प्रदेश में योजना को लागू करने में प्रदेश में अक्टूबर-2025 के रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है। रैंकिंग के लिए प्रदेश स्तर पर 37 इंडिकेटर पर रिपोर्ट तैयार की जाती है। पिछले 6 महीने से वाराणसी शीर्ष-4 बार प्रथम रहा है। वाराणसी  में वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष महिलाओं को समूह से जोड़ने, रिवाल्विंग फण्ड देने, आजीविका से जोड़ने, उत्पादक समूह गठन करने, बैंक सखी व उद्यम सखी के चयन, समूहों को बैंक से ऋण उपलब्ध कराने, ग्राम संगठन की प्रोफाइल व व्यक्तिगत आंतरिक ऋण दिलाने में उत्कृष्ट कार्य किया गया है।    आजीविकापरक गतिविधियों से जुड़कर आय बढ़ाने में मिली मदद  उपायुक्त (स्वत: रोजगार) वाराणसी पवन कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में 11879 समूहों में एक लाख अड़तीस हजार से अधिक महिलाएं जुड़ीं हैं, जो विभिन्न प्रकार आजीविका परक गतिविधियों जैसे  कृषि, पशुपालन, सब्जी की खेती, फूलों की खेती, ग्रोसरी, बीसी सखी, विद्युत् सखी, टेक होम राशन प्लांट, दोना पत्तल, ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई, सिल्क साड़ी, चार मुरब्बा, काशी प्रेरणा कैफे, जूट बैग, ड्रोन सखी आदि से जुड़कर अपनी व अपने परिवार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  रोजगार से जोड़ने के हो रहे हैं नवीन प्रयास योगी सरकार द्वारा लगातार  महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु सरस मेला और अन्य विभागीय मेलों में प्रतिभाग करना ,आन लाइन बाजार से जोड़ना, काशी प्रेरणा मार्ट खोला जा रहा है। जनपद में आजीविका मिशन, जिला प्रसाशन के सहयोग से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के नवीन प्रयास हो रहे हैं। जनपद में महिलाओं को बीमा सखी बनाने, सीएसआर फण्ड से महिलाओं को आजीविका से जोड़ने, मधु मक्खी पालन, मखाना की खेती, बकरी पालन आदि से जोड़ने के लिए मुहिम चलायी जा रही है।  एकता संकुल समिति विकासखण्ड आराजीलाइन की वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षक अंजू देवी बताती हैं कि योगी सरकार ने आय और सम्मान दोनों दिलाया है। समूह से जुड़ कर महिलाएं दो से तीन रोजगार कर रही हैं तथा महिलाएं अपनी पहचान बना रही हैं। जो महिलाएं बैंक जाने से घबराती थीं, अब वे सुगमता से बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले रही हैं।  विकासखण्ड चिरईगांव की अचार और मुरब्बा बनाने वाली महिला शक्ति स्वयं सहायता समूह की अमृता देवी बताती हैं ,डबल इंजन सरकार और सीएम योगी ने महिलाओं का जीवन बदल दिया है। महिलाओं में हुनर था लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से काम नहीं कर पाती थी। सरकार की योजना ने महिलाओं की प्रतिभा को निखारा दिया है।

मुख्यमंत्री ने 8 हजार करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण

महाकाल की नगरी अब उभर रही है ग्रीन एनर्जी हब के रूप में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने 8 हजार करोड़ की औद्योगिक इकाइयों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण उज्जैन–शाजापुर में औद्योगिक विकास की बड़ी दस्तक मालवा बनेगा सोलर उपकरण मैन्युफैक्चरिंग का नया पॉवर हाउस 4 हजार से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन–शाजापुर में आयोजित विशाल औद्योगिक कार्यक्रम को प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत बताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की नगरी अब देश के प्रमुख ग्रीन एनर्जी हब के रूप में तेजी से उभर रही है। मक्सी और बरंडवा में स्थापित होने वाली अत्याधुनिक सोलर उपकरण निर्माण इकाइयाँ न केवल राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को नई दिशा देंगी, बल्कि मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, देवास और शाजापुर का उभरता इंडस्ट्रियल ट्रायएंगल अब प्रदेश की आर्थिक गति, औद्योगिक गहराई और निवेश क्षमता को नए आयाम दे रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश की दीर्घकालिक विकास संरचना का नया अध्याय बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस औद्योगिक इकाइयों के भूमिपूजन को युवाओं के भविष्य में निवेश बताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से प्रदेश के हजारों युवाओं को गुणवत्तायुक्त, कौशल आधारित और स्थायी रोजगार अवसर प्राप्त होंगे, और यह मध्यप्रदेश की युवा शक्ति को नए क्षितिजों तक ले जाने वाली परिवर्तनकारी शुरुआत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात रविवार को उज्जैन तराना तहसील की बरंडवा ग्राम में आयोजित जैक्शन कंपनी के मेगा सोलर प्लांट के भूमिपूजन के अवसर पर कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फेज-2 में 110 एकड़ भूमि पर जैक्सन इंटीग्रेटेड की 7,104 करोड़ रूपये की अत्याधुनिक 6 गीगावॉट एकीकृत सोलर उपकरण निर्माण यूनिट और जैक्सन इंजीनियरिंग लिमिटेड की 1,046 करोड़ रूपये की यूनिट का भूमिपूजन किया। इन दोनों इकाइयों से 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इन उद्योगों के आने से आसपास के गांवों और कस्बों में न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यापारों में भी तेजी आएगी। यह परियोजना न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश की ग्रीन एनर्जी मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली मानी जा रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद उज्जैन जिले का नाम सोलर उपकरण मैन्युफैक्बरिंग के राष्ट्रीय नक्शे पर प्रमुखता से जुड़ जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन सिर्फ उद्योगों का नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य का भूमिपूजन है। मध्यप्रदेश निवेश के लिए अब देश का पसंदीदा स्थान बन चुका है। हमारी नीति स्पष्ट है, उद्योग लगाइए, सरकार आपके साथ है। उन्होंने उज्जैन, देवास और शाजापुर को प्रदेश का नया इंडस्ट्रियल ट्रायएंगल बताते हुए कहा कि राज्य में 320 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र. 1.25 लाख एकड़ का लैंड बैंक और तेज अनुमति प्रणाली उद्योगों को सेटअप करने में बड़ी सहूलियत दे रही है। उन्होंने कहा कि "बाबा महाकाल की नगरी अब हरित ऊर्जा की नगरी बनने की ओर बढ़ रही है।" जैक्सन समूह के चेयरमैन समीर गुप्ता ने कहा कि परियोजना का प्रथम चरण जुलाई 2026 में पूरा किया जाकर उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। कई अन्य राज्यों से भी हमें बुलाया गया था, लेकिन हमने मक्सी को चुना क्योंकि प्रदेश की नीतियां बेहतर हैं और निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का व्यवहार, उनका विकास-उन्मुख दृष्टिकोण और उद्योगों के प्रति सहयोगात्मक रवैया उन्हें मक्सी लेकर आया। श्री गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास गति और मुख्यमंत्री की कार्यशैली उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय विकास मॉडल जैसी दिखती है, इसलिए वे इस विश्वास के साथ यहां निवेश कर रहे हैं कि प्रदेश आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी और टेक्नॉलॉजी हब के रूप में पहचान बनाएगा। कार्यक्रम में मक्सी फेज-1 जिला शाजापुर में भी लगभग 24 करोड़ के निवेश से चार नई इकाइयों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण हुआ। इसमें आदित्य वृद्ध पैकेजिंग, पुष्टि फार्मा कैम का भूमिपूजन और रुक्मणी एंड सन्स एवं पोको प्रोटीन्स का लोकार्पण किया गया। इन इकाइयों के शुरू होने से 200 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। इन इकाईयों के से आने वाले समय में मक्सी क्षेत्र की इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किए जाने की व्यापक संभावनाएं बढ़ गई है। शाजापुर और देवास जिले में पीपलरावा-पोलायकला क्षेत्र में 476 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर एक नया विशाल औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 500 करोड़ से अधिक की लागत आने का अनुमान है और इसमें 200 से 300 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी। इससे क्षेत्र में 40 से 50 हजार प्रत्यक्ष तथा 60 हजार से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा, यह ओद्योगिक क्षेत्र स्थानीय युवाओं किसानों, परिवहन, लघु उद्योग एवं एमएसएमई इकाईयों की आर्थिक समृद्धि का नया केंद्र बनेगा। शाजापुर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं और मांग को ध्यान में रखते हुए एक नया औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है। यह पार्क ग्राम भदौनी, रामनगरखेड़ी और खेड़ाखेड़ी की सीमाओं के बीच विकसित किया जा रहा है। उक्त औद्योगिक क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 40.470 हेक्टेयर है, जिसकी कुल विकास लागत लगभग 30.55 करोड़ है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जिले में छोटे, लघु और मध्यम उद्योगों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएँ और विस्तार का अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सके। पार्क में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के बाद लगभग 2,500 करोड़ के निवेश की संभावना है और इससे करीब 4 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर भी खोलेगी। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, आयुष एवं शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, लोकसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज सांसद श्री अनिल फिरोजिया और श्री महेंद्र सिंह सोलंकी मौजूद रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक, श्री अनिल जैन कालूहेड़ा (उज्जैन उत्तर), श्री सतीश मालवीय (पटिया), श्री अरुण भीमावद (शाजापुर), डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान (नागदा-खाचरौद), श्री धनश्याम चंद्रवंशी (कालापीपल), श्रीमती गायत्री राजे पवार (देवास) एवं श्री राजेश सोनकर (सोनकच्छ) सहित जनप्रतिनिधि शामिल थे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, एमडी एमपीआईडीसी श्री चंद्रमौलि शुक्ला एवं कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी उज्जैन श्री … Read more

यूपी में प्रतिदिन बढ़ रहे किसानों के पंजीकरण, धान क्रय में भी आ रही तेजी

यूपी में धान खरीद को निरंतर मिल रहा किसानों का साथ  यूपी में प्रतिदिन बढ़ रहे किसानों के पंजीकरण, धान क्रय में भी आ रही तेजी  शनिवार तक 53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद धान खरीद के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार  सीएम योगी के निर्देश पर क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए की गई है मूलभूत सुविधाएं  लखनऊ धान की सरकारी खरीद को किसानों का निरंतर साथ मिल रहा है। धान खरीद की नियमित समीक्षा भी हो रही है। इसके मुताबिक धान खरीद में प्रतिदिन किसानों के पंजीकरण में वृद्धि हो रही है तो दूसरी तरफ धान क्रय में भी तेजी आ रही है। आंकड़े इसकी गवाही भी दे रहे हैं। शनिवार दोपहर तक धान खरीद सत्र में पंजीकृत होने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार कर गई। वहीं अब तक 3.12 लाख मीट्रिक टन की भी खरीद हो चुकी है। सरकार ने 4000 धान क्रय केंद्र का लक्ष्य रखा था, जिससे आगे बढ़ते हुए किसानों की सुविधा के लिए 4143 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं धान लेकर पहुंच रहे किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।   53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद  खाद व रसद विभाग के मुताबिक शनिवार दोपहर तक 53,330 किसानों से 3.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं धान खरीद विपणन सत्र 2025-26 के लिए 3,93,389 किसानों ने शनिवार तक पंजीकरण भी करा लिया है। सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि 4143 धान क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं।  एक नजर  – धान (कॉमन) 2369 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद  – धान (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद – टोल फ्री नंबर 18001800150 के साथ ही जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं किसान  – विभाग की अपील- 17 फीसदी नमी का धान खरीदा जा सकता है। धान को अच्छी तरह सुखाकर, साफ करके क्रय केंद्र पर ले आएं किसान  – खाद्य विभाग के पोर्टल www.fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर पंजीकरण अनिवार्य, पंजीकृत किसानों से ही होगी धान खरीद  – क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले हैं। – पश्चिम उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक होगी धान खरीद  – पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक होगी खरीद

घर का चूल्हा-चौका कर जिंदगी काटने वाली प्रयागराज की मनीषा ने बदल दी दर्जनों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त और आत्म निर्भर बना रही योगी सरकार, जिले में 324 बिजली सखियों की बदल गई जिंदगी घर का चूल्हा-चौका कर जिंदगी काटने वाली प्रयागराज की मनीषा ने बदल दी दर्जनों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से बिजली सखी बन मनीषा बनी लखपति प्रयागराज में बिजली सखियों ने इस साल अक्टूबर तक बिजली विभाग को दिलाया 12 करोड़ का राजस्व प्रयागराज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है । राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित किए गए स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना रहे हैं । प्रयागराज में घरेलू काम काज देखने वाली सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी इस मिशन ने बदल दी है। मनीषा साहू बन गई ग्रामीण महिलाओं की आइकन कभी घर का चूल्हा कर अपना परिवार चलाने वाली मनीषा साहू आज गांव में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। प्रयागराज के इस्माइलपुर में रहने वाली मनीषा साहू के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने बच्चों को स्कूल में दाखिला करा पाती। पति असाध्य रोग से पीड़ित थे ऐसे में तीन बच्चों को पढ़ाने के लिए उसने उन्हें अपने मायके भेज दिया जहां उनके पिता ने उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाया। मनीषा ने 2020 में मां गंगा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी नई राह बनाई। मनीषा ने बिजली सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया । मनीषा बताती है कि सुबह सुबह एक टूटी फूटी साइकिल से गांव गांव लोगों के बिजली के बिल जमा करने और उनका बिल लेने निकल जाती । शुरुआती दिनों में इस कार्य की कमीशन से उसे जो आमदनी होती थी उससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल था। लेकिन अब वह बिजली सखी के रूप में हर महीने 20 हजार से अधिक कमा लेती । मनीषा ने इसी पैसे से एक स्कूटी खरीद ली है। गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाओं को भी मनीषा ने इससे जोड़ लिया है और उन महिलाओं की जिंदगी भी अब बदल गई है।  आत्म निर्भरता की मिसाल बनी जिले की 234 बिजली सखी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की रही है। सरकार ने इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूह गठित किए जिसके माध्यम से महिलाओं को स्वयं सक्षम बनने में मदद मिल रही है। प्रयागराज के उपायुक्त एनएलआरएम अशोक कुमार गुप्ता बताते हैं कि ग्रामीण महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के अभियान में इन्हें नई जिम्मेदारी दी जा रही है। जनपद में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 820 महिलाओं को विद्युत सखी के रूप में गांव में बिजली के बिल जमा करने और उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की तरफ से चलाई गई योजनाओं की जानकारी देने  जिम्मेदारी दी गई है । इसमें 324 बिजली सखी इस समय सक्रिय हैं। इसमें भी मां गंगा महिला स्वयं सहायता समूह अग्रणी है। समूह की अध्यक्ष मनीषा साहू ने इस साल नवंबर के पहले हफ्ते तक इससे बिजली विभाग को 12 करोड़ से अधिक के बिजली बिल जमा कराए हैं। अनुमान है कि इस वित्तीय वर्ष उनका राजस्व 22 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगा।

वृद्धावस्था पेंशन के लिए वृद्ध जनों को योगी सरकार ने दी सहूलियत, पेंशन के लिए अलग से नहीं करना होगा आवेदन

वृद्धजनों का संबल और  बुढ़ापे की लाठी बन रही है योगी सरकार वृद्धावस्था पेंशन के लिए वृद्ध जनों को योगी सरकार ने दी सहूलियत, पेंशन के लिए अलग से नहीं करना होगा आवेदन इंद्राणी और लाल मणि के चेहरों पर आई मुस्कान, पेंशन के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तर के चक्कर प्रयागराज जिले में 1.63 लाख से अधिक बुजुर्गों को जारी हुई पेंशन, मंडल में 5 लाख से अधिक बुजुर्गों को मिलेगी राहत प्रयागराज उत्तर प्रदेश के बेसहारा, बुजुर्गों और दिव्यांगों के कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वक्त पर उन तक  पहुंचाना योगी सरकार की प्राथमिकता है । बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही वृद्धावस्था पेंशन योजना के आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है । अब पात्र लाभार्थी को बिना आवेदन किए पेंशन मिलेगी।  इंद्राणी और लाल मणि के चेहरे पर आई मुस्कान, पेंशन के लिए दफ्तर के नहीं काटने होंगे चक्कर योगी सरकार की कैबिनेट के एक फैसले से वृद्धावस्था पेंशन पा रहे बुजुर्गों के चेहरे खिल गए हैं। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। फतेहपुर के खानपुर में रहने वाली 71 साल की इंद्राणी को हर महीने पेंशन की औचारिकताएं पूरी करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। गठिया की बीमारी से पीड़ित इंद्राणी को इसके लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन सरकार के एक फैसले ने उनकी यह झंझट दूर कर दी है। इंद्राणी की तरह ही प्रयागराज के कोरांव की रहने वाले 76 साल के लाल मणि नि:संतान होने की वजह से अपनी वृद्धावस्था पेंशन लेने के लिए सरकारी दफ्तरों में नहीं पहुंच पाते थे। लाल मणि को योगी सरकार के इस नए आदेश ने बड़ी राहत दी है।   प्रयागराज में 1.63 लाख से अधिक बुजुर्गों तक पहुंचा योजना का लाभ  बेसहारा बुजुर्गों के लिए सरकार की वृद्घावस्था पेंशन योजना बुढ़ापे की लाठी साबित हो रही है। प्रयागराज में इसका सतत विस्तार हो रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम शंकर पटेल बताते हैं कि सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी किश्त में 1,63,968 बुजुर्गों को इसका लाभ मिला है। उनका कहना है कि पिछली वित्तीय वर्ष के बाद नए लाभार्थियों को शामिल करने और मृतक लाभार्थियों की स्क्रीनिंग के बाद 4100 लाभार्थियों को सूची से हटाया गया है। योजना का दायरा बढ़ता जा रहा है और हर साल इसका लाभ पाने वाले पात्र सीनियर सिटीजन की संख्या भी बढ़ती जा रही है।  अप्रैल , मई और जून महीने की किश्त एक साथ बुजुर्गों को दी गई थी जिसमें लाभार्थियों की संख्या 1.63 लाख आई थी।  प्रयागराज मंडल में भी इस योजना का तेजी से विस्तार हुआ है । उत्तर प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम क्वार्टर में 67,50,000 लोगों को यह पेंशन जारी की गई । इधर प्रयागराज मंडल में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम क्वार्टर में वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले बुजुर्गों की संख्या 5,06,375 पहुंच चुकी हैं।