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दुधवा नेशनल पार्क में ईको टूरिज्म को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगें ये प्रस्ताव

दुधवा नेशनल पार्क तक 226 करोड़ रूपये की लागत से होगा सड़कों का चौड़ीकरण व निर्माण विस्टाडोम कोच की यात्रा के अपग्रेडेशन के लिए 19.28 लाख रुपये स्वीकृत दुधवा नेशनल पार्क में 8 करोड़ रूपये की लागत से लगेगे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइनेज लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड ने दुधवा नेशनल पार्क और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। जिसमें दुधवा नेशनल पार्क तक सड़क, रेल और हवाई मार्ग के माध्यम से पर्यटकों की पहुंच को सुगम और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया। इन प्रस्तावों का उद्देश्य न केवल प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करना है। राज्य सरकार के अनुमोदन के बाद जल्द ही ये परियोजनाएं धरातल पर उतरी जाएगीं, जो सीएम योगी के विजन के अनुरूप यूपी इको टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।   लखनऊ से लखीमपुर के बीच शुरू की गई एसी बस सेवा को पूरे इको पर्यटन सत्र तक जारी रखने का प्रस्ताव दुधवा नेशनल पार्क में सड़क मार्ग से पहुंच को सुगम बनाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ से लखीमपुर के बीच पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई एसी बस सेवा को पूरे इको पर्यटन सत्र तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा गया है। यह सेवा पर्यटकों को दुधवा नेशनल पार्क तक आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी। इसी क्रम में, पलिया-मैलानी और बिछिया को जोड़ने वाली नई बस सेवा शुरू करने का सुझाव भी रखा गया है। यूपीएसआरटीसी को भेजे जाने वाले इन प्रस्तावों से नेशनल पार्क के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्यटन का विस्तार होगा। साथ ही रेलवे मार्ग से दुधवा नेशनल पार्क तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए दिल्ली से लखनऊ (मैलानी होते हुए) चलने वाली पुरानी ट्रेन को पुनः बहाल करने और इसमें एसी कोच जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम विदेश एवं दूरदराज के पर्यटकों के लिए विशष रूप से लाभदायक साबित होगा। हिंडन से पलिया तक विमान सेवा शुरू करने का जल्द जारी होगी टेंडर हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए हिंडन से पलिया तक विमान सेवा शुरू करने का टेंडर वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) मॉडल पर तैयार किया जा रहा है। पर्यटन विभाग और सिविल एविएशन के समन्वय से यह परियोजना चालायी जाएगी। पात्रता शर्तों में भारत में पंजीकृत कंपनी, 6 सीटों वाले सिंगल व ट्विन इंजन विमान की सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है। जिसके लिए निजी व चार्टेड विमान का संचालन करने वाली कंपनियों की सेवा ली जाएगी।बोर्ड की मंजूरी से यह सेवा पर्यटकों को समय की बचत देगी। दुधवा नेशनल पार्क तक 226 करोड़ रूपये की लागत से होगा सड़कों का चौड़ीकरण व निर्माण दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी तक सड़क मार्ग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पीडब्ल्यूडी के माध्यम से 226.82 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का प्रस्तावित की गई हैं। इसके तहत लखनऊ से दुधवा तक चार लेन सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न चेनेज पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य भी शामिल हैं। जिसमें 21.14 करोड़ रुपये की लागता से पलिया हवाई पट्टी का 3 मीटर से 10 मीटर चौड़ीकरण कार्य, किशनपुर रोड का 32.95 करोड़ रुपये की लागत से 5.7 किमी चौड़ीकरण, लखीमपुर-बिजुआ-भीरा-पलिया मार्ग पर 21.6 करोड़ रूपये की लागत से इंटरलॉकिंग और सिसईया-धौराहरा-पलिया रोड का 134.23 करोड़ रुपये की लागत से 38.35 किमी सुदृढ़ीकरण जैसे कार्यों का प्रस्ताव रखा गया है। इन प्रोजेक्टस के निर्माण से जहां एक ओर नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों की पहुंच सुगम होगी साथ ही आस-पास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोगों की यातायात व्यवस्था एवं अर्थिक गतिविधियों में भी लाभप्रद साबित होगी। विस्टाडोम कोच की यात्रा के अपग्रेडेशन के लिए 19.28 लाख रुपये स्वीकृत नेशनल पार्क के क्षेत्र में साइनेज की कमी को दूर करने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साइनेज स्थापित किए जाएंगे, जो पर्यटकों को दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। इनकी सैंपल डिजाइन पहले से तैयार हैं, जिन्हें अनुमोदन के पश्चात शीघ्र ही पार्क में लगाया जाना है। इनके अलावा, अनुभवात्मक पर्यटन पर फोकस करते हुए 82 क्षमता वाले विस्टाडोम कोच की यात्रा के अपग्रेडेशन के लिए 19.28 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य में गेरुआ नदी पर वर्तमान दो बोट के अलावा दो अतिरिक्त बोट सफारी शुरू करने का प्रस्ताव है, जो इको बोर्ड द्वारा संचालित होंगी। ये प्रस्ताव न केवल दुधवा नेशनल पार्क को को पर्यटन हब बनाएंगे, बल्कि स्थानीय निवासियों एवं क्षेत्र में रहने वाले जनजातिय समुदायों के युवाओं को रोजगार के नये मौके देंगे। साथ ही पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के सफल क्रियांवयन से नेशनल पार्क में आने वाले वार्षिक पर्यटक संख्या में 30 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है, जो उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म में अग्रणी राज्य बनाएंगी।

प्रीमियम फोन खरीदने का सुनहरा मौका—33 हजार से ज्यादा की छूट का फायदा उठाएँ

नई दिल्ली बिना ज्यादा बजट खर्च किए प्रीमियम स्मार्टफोन में अपग्रेड करने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। Amazon पर Samsung Galaxy S24 5G को भारी 44 फीसदी की छूट के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। यह फोन अपनी तेज परफॉर्मेंस, भरोसेमंद कैमरा सेटअप और शार्प डिस्प्ले के लिए जाना जाता है, जो कम कीमत में फ्लैगशिप अनुभव चाहने वालों के लिए इसे एक आकर्षक विकल्प बनाता है। कीमत और ऑफर Samsung Galaxy S24 5G का 8GB/128GB वेरिएंट लॉन्च में 74,999 रुपये का था। लेकिन अब यह फोन अमेजन पर 44 फीसदी की छूट के बाद केवल 41,810 रुपये में उपलब्ध है। इसके साथ ही अगर ग्राहक Amazon Pay ICICI बैंक कार्ड से पेमेंट करते हैं तो उन्हें 1,254 रुपये तक का कैशबैक भी मिलेगा। कैशबैक के बाद इस फोन की कीमत लगभग 40,571 रुपये होगी। इसके अलावा, अगर आप अपना पुराना फोन एक्सचेंज करते हैं तो अतिरिक्त बचत के तौर पर 39,150 रुपये तक की छूट भी मिल सकती है, जो आपके पुराने फोन की स्थिति और मॉडल पर निर्भर करेगी। स्पेसिफिकेशन और फीचर्स Samsung Galaxy S24 5G में 6.2 इंच का डायनामिक AMOLED डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 2600 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। यह फोन Snapdragon 8 Gen 3 चिपसेट और 4000mAh बैटरी से लैस है, जो 25W वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। सॉफ़्टवेयर के तौर पर यह Android 16 आधारित Samsung One UI 8 पर चलता है। कनेक्टिविटी के लिए फोन में ब्लूटूथ 5.3, Wi-Fi 6, NFC और USB Type-C पोर्ट दिए गए हैं। विकल्प और मुकाबला इस प्राइस रेंज में Samsung Galaxy S24 5G का मुकाबला Google Pixel 9A, Vivo V60 5G, Motorola Razr 60 और Realme GT 7 Pro जैसे दमदार स्मार्टफोन्स से होता है।

साइबर दोस्ती के चलते शादीशुदा युवक HIV पॉज़िटिव, चेतावनी बढ़ी

चंडीगढ़  एक शादीशुदा युवक ने ऑनलाइन डेटिंग एप के जरिये समलैंगिक युवक से दोस्ती कर ली। इसके बाद दोनों ने कई बार यौन संबंध बनाए। इससे वह एचआईवी संक्रमित हो गया। तबीयत बिगड़ने पर एआरटी सेंटर में जांच की तो संक्रमित होने का खुलासा हुआ। अब युवक का जिला नागरिक अस्पताल के एआरटी सेंटर पर उपचार चल रहा है।  एआरटी सेंटर के काउंसलर ने बताया कि इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एआरटी सेंटर के काउंसलर रविंद्र सिंह ने बताया कि ताजा मामला सनौली रोड का है। करीब 38 वर्षीय युवक काफी समय से बीमार था। उसकी एचआईवी जांच की तो वह संक्रमित मिला। युवक की एआरटी सेंटर पर कांउसिलिंग की गई तो उसने आपबीती बताई।  पीड़ित युवक ने बताया कि वह शादीशुदा है। कुछ समय पहले उसने ऑनलाइन डेटिंग एप के माध्यम से एक युवक से दोस्ती की। इसके बाद दोनों की गहरी दोस्ती हो गई। बाद में उन्होंने कई बार संबंध बनाए। जिसके बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी तो उसने चिकित्सक को दिखाया। काफी इलाज कराने के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने उसे एचआईवी की जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद उसने एआरटी सेंटर पर पहुंचकर एचआईवी की जांच की। जांच में एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई। 

पुलकित सम्राट ने मोशन पोस्टर के साथ किया ‘राहु केतु’ की रिलीज का ऐलान

मुंबई, अभिनेता पुलकित सम्राट स्टारर फिल्म ‘राहु केतु’ जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। मेकर्स ने सोमवार को फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा कर जानकारी दी है। अभिनेता पुलकित सम्राट ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का मोशन पोस्टर जारी किया, जिसके साथ उन्होंने लिखा, “दो गुना, दो गुना मनोरंजन। नए साल में, राहु और केतु बदलने वाले हैं दिशा और दशा। फिल्म राहुकेतु 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।” बता दें कि फिल्म की शूटिंग हाल ही में खत्म हुई थी, जिसकी जानकारी फिल्म से जुड़े कलाकारों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी थी। वहीं, फिल्म की शूटिंग हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत शहर कसोल में भी हुई है, जिसका अपडेट भी अभिनेता ने फैंस को दिया था। इंस्टाग्राम पर शेयर पोस्ट में अभिनेता को शॉट्स के बीच में एक कुत्ते के साथ खेलते हुए और एक घोड़े को सहलाते हुए देखा गया था। उन्होंने पोस्ट में कम नींद और पहाड़ों वाली मैगी का भी जिक्र किया था। हाल ही में फिल्म की शूटिंग खत्म हुई थी, जिसकी जानकारी फिल्म के बाकी कलाकारों ने पोस्ट के जरिए दी थी। विपुल विग द्वारा निर्देशित फिल्म का निर्माण जी स्टूडियो करेगा। फिल्म में पुलकित के साथ-साथ वरुण शर्मा और शालिनी पांडे अहम भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म ‘राहु-केतु’ में पुलकित और वरुण फिर से एक साथ नजर आएंगे। इससे पहले दोनों ‘फुकरे’, ‘फुकरे रिटर्न्स’, ‘फुकरे-3’ और ‘डौली की डोली’ में नजर आ चुके हैं। वहीं, दर्शक भी दोनों की जोड़ी को काफी पसंद करते हैं। अब वे उन्हें ‘राहु केतु’ में फिर से देखने के लिए उत्साहित हैं। इसके अलावा, पुलकित नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘ग्लोरी’ से ओटीटी पर डेब्यू करने जा रहे हैं। इस स्पोर्ट्स क्राइम थ्रिलर में वह बॉक्सर की भूमिका में दिखेंगे। सीरीज का निर्देशन करण अंशुमन और करमन्या आहूजा करेंगे। इस सीरीज में पुलकित के साथ दिव्येंदु और सुविंदर विक्की भी अहम किरदारों में हैं।  

आगरा में ‘गीता गोविंद वाटिका’ लिखेगी पर्यटन विकास का नया अध्याय

जोनल पार्क में 19 एकड़ क्षेत्र में ₹4.20 करोड़ से विकसित हो रही 'गीता गोविंद वाटिका' थीम लाइटिंग और लेजर शो बनेंगे रात्रि आकर्षण, पर्यटकों के रात्रि प्रवास की भी होगी सुविधा वाटिका में 'तुलसी की 100 से ज्यादा प्रजातियां बनेंगी औषधीय जानकारी के साथ प्राकृतिक आकर्षण का केंद्र आगरा, योगी सरकार ब्रज के पर्यटन को केवल ऐतिहासिक स्मारकों तक सीमित न रखकर, उसे ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़कर एक नया आयाम दे रही है। इसी कड़ी में, ताजनगरी फेस टू स्थित जोनल पार्क के 19 एकड़ क्षेत्र में 'गीता गोविंद वाटिका' विकसित की जा रही है। इस वाटिका का प्राथमिक लक्ष्य ताजमहल और अन्य स्मारकों का दीदार करने आने वाले पर्यटकों के रात्रि प्रवास को बढ़ाना और उन्हें ब्रज की समृद्ध धार्मिक संस्कृति से परिचित कराना है।         मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना के तहत इस वाटिका को लगभग ₹4.20 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है। योजना में 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और शेष 50 प्रतिशत आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) वहन कर रहा है। इस फंड से यहाँ थीम लाइटिंग और एक भव्य लेजर शो का आयोजन किया जाएगा, जो रात्रि में पर्यटकों के लिए एक नया और आकर्षक अनुभव होगा। आगरा बनेगा सांस्कृतिक पर्यटन का भी केंद्र आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली ने कहा कि प्रदेश सरकार लक्ष्य आगरा को सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन का भी केंद्र बनाना है। 'गीता गोविंद वाटिका' हमारे इसी विजन का हिस्सा है। आगरा में आने वाले पर्यटक अब तक केवल दिन में स्मारक देखते थे। 'गीता गोविंद वाटिका' के माध्यम से हम उन्हें रात में रुकने के लिए एक सुंदर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध स्थान प्रदान कर रहे हैं। रात्रि प्रवास बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधे गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।" आस्था और प्रकृति का अनूठा संगम वाटिका के अंदर दो एकड़ भूमि पर एक विशाल मुक्ताकाशीय मंच तैयार किया जा रहा है, जहाँ भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं, रासलीला और विभिन्न धार्मिक आयोजनों का नियमित मंचन किया जाएगा। धार्मिक तत्वों को प्राथमिकता देते हुए यहाँ कृष्ण कालीन वनस्पतियों के पौधे लगाए जा रहे हैं, और सबसे महत्वपूर्ण, भगवान श्री कृष्ण के गीता उपदेश को आकर्षक तेल चित्रों एवं शिलालेखों पर अंकित कराया जा रहा है। इसके अलावा, एक एकड़ भूमि पर एक विशेष तुलसी वन बनाया जाएगा, जिसमें तुलसी की 100 प्रजातियाँ होंगी, जिनके औषधीय गुणों की जानकारी भी आगंतुकों को मिलेगी। पर्यटन उद्योग में उत्साह आगरा टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार का यह कदम पर्यटन उद्योग के लिए गेम चेंजर साबित होगा। आगरा को अब तक केवल वन डे डेस्टिनेशन (एक दिवसीय गंतव्य) के रूप में जाना जाता था। 'गीता गोविंद वाटिका' इसे ओवरनाइट डेस्टिनेशन (रात्रि प्रवास गंतव्य) में बदलने में मदद करेगी। सांस्कृतिक और धार्मिक प्रस्तुतियों का रात्रि में होना पर्यटकों को आकर्षित करेगा और हमारे स्थानीय व्यवसायों, जैसे होटल, रेस्तरां और गाइड सेवाओं को सीधे लाभ होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल आगरा के पर्यटन को एक नया आयाम देगी, बल्कि योगी सरकार की नीतियों के तहत ब्रज की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रभावी ढंग से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगी।

विपक्ष का नया चेहरा तेजस्वी यादव, बैठक में हुआ बड़ा निर्णय

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं, चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए RJD ने आज समीक्षा बैठक की। बैठक मे तेजस्वी के साथ -साथ  लालू-राबड़ी व मीसा भी शामिल हुए । बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। आरजेडी विधायक दल का नेता तेजस्वी यादव को घोषित किया गया है। बैठक में हार के कारणों पर भी समीक्षा की गई है। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद)  महज 25 सीटों पर सिमट गई। इसके बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार से नाता तोड़ने के साथ राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने एक चौंकाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे यही करने को कहा था। मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।'

मुख्यमंत्री ने बस्ती आकर दी नंदा बाबा को श्रद्धांजलि

विगत दिनों हो गया था नंदा बाबा का निधन गोरखनाथ मंदिर से रहा नंदा बाबा का गहरा लगाव बस्ती,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बस्ती आकर धार्मिक आयोजनों के लिए विख्यात रहे नंदा बाबा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नंदा बाबा का 3-4 नवंबर की रात निधन हो गया था। नंदा बाबा (देशबंधु नंदानाथ महाराज) को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज मैदान में बने हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह दक्षिण दरवाजा स्थित नंदा बाबा के आश्रम में पहुंचे और नंदा बाबा के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। नंदा बाबा 1970 में जिला अस्पताल के पास दुर्गा पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना करने और सावन माह में कांवड़ियों की सेवा के लिए सुपरिचित रहे। उनका गोरखनाथ मंदिर से भी गहरा लगाव था। उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में आए साधु संतों से मुलाकात की और सनातन हित मे नंदा बाबा के योगदान को याद किया।

CCTV में कैद वारदात: लड़कियों ने मंदिर की दानपेटी चुराई

  बिलासपुर बिलासपुर के अशोक नगर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर में दानपेटी चोरी का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर में रखी दानपेटी चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना सामने आने के बाद मंदिर प्रबंधन में हड़ंकप मच गया और इसकी जानकारी तुरंत संबंधित लोगों को दी गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि अशोक नगर स्थित अटल आवास में रहने वाली तीन नाबालिग लड़कियां इस चोरी की घटना में शामिल थीं। फुटेज में देखा गया कि किस तरह तीनों लड़कियां दानपेटी के पास पहुंचीं और उसे उठाकर वहां से लेकर भाग गईं। मंदिर समिति ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू की और पूरी जानकारी सरकंडा थाने को दी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दानपेटी चोरी करने के बाद इन नाबालिगों ने उसे गणपति हॉस्पिटल के पीछे स्थित खेत में गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। बताया गया कि पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में तीनों नाबालिगों से पूछताछ की गई। समाज व परिवार के सामने अपनी गलती महसूस करते हुए युवतियों के परिजनों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। परिजनों ने भरोसा दिलाया कि ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराई जाएगी। चूंकि तीनों लड़कियां नाबालिग हैं, इसलिए मामले को संवेदनशील मानते हुए उन्हें कड़ी कानूनी कार्रवाई से फिलहाल बचाया गया। तीनों को समझाइश देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या में करेंगें उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री योगी ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों का स्वयं करेंगे निरीक्षण राम मंदिर तक गोल्फ कार्ट से पहुंचाए जाएंगे अतिथि, पार्किंग पर ही जिला प्रशासन लगाएगा गोल्फ कार्ट मंदिर परिसर में ही बनेंगे दो खोया पाया कैंप प्रदेश की योगी सरकार अतिथि देवो भव: की तर्ज पर करेगी स्वागत   अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह के शिखर पर ध्वजारोहण का भव्य कार्यक्रम 25 नवम्बर को आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की पूरी संभावना है। कार्यक्रम की तैयारियों को परखने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर परिसर का दौरा करेंगे और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं पीएम के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण भी करेंगे। शिखर पर ध्वज फहराने के बाद मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा। इसके बाद मंदिर आम भक्तों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। अभी तक केवल गर्भगृह और प्रथम तल तक ही भक्तों को प्रवेश मिलता है, लेकिन शिखर कलश और ध्वजारोहण के बाद पूरे मंदिर परिसर में दर्शन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। कार्यक्रम में देश-विदेश से आने वाले संत-महंत, वीवीआईपी और विशेष अतिथियों की संख्या हजारों में होने का अनुमान है। इन सभी को सुगमता से मंदिर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष योजना तैयार की है। पार्किंग स्थलों से राम मंदिर तक मेहमानों को गोल्फ कार्ट की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए सभी प्रमुख पार्किंग क्षेत्रों पर ही गोल्फ कार्ट तैनात रहेंगें। इससे पैदल चलने की परेशानी से मेहमानों को निजात मिलेगी और यातायात व्यवस्था भी सुचारू रहेगी। खोया-पाया कैंप बनेगा और होगा अतिथि सत्कार भीड़ प्रबंधन को देखते हुए मंदिर परिसर में ही दो बड़े खोया-पाया कैंप स्थापित किए जाएंगे। इन कैंपों में खोए हुए लोगों को तुरंत खोजने और उनके परिजनों से मिलाने की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा योगी सरकार ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के साथ मेहमानों का भव्य स्वागत-सत्कार करेगी। सभी अतिथियों के लिए ठहरने, भोजन और परिवहन की उच्चस्तरीय व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा के रहेंगे पुख्ता इंतजाम जिलाधिकारी निखिल टीकाराम ने बताया कि 25 नवम्बर के कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या में मल्टी लेयर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। हजारों पुलिसकर्मी, पीएसी, सीआरपीएफ और खुफिया एजेंसियों की टीमें तैनात रहेंगी। ड्रोन और सीसीटीवी से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य ने बताया कि शिखर पर ध्वज फहराने के बाद मंदिर का स्वरूप पूर्ण रूप से दिव्य हो जाएगा। नौ शिखरों वाले इस भव्य मंदिर में मुख्य शिखर पर भगवा ध्वज लहराता देख करोड़ों रामभक्तों की आंखें तर हो जाएंगी। मुख्यमंत्री स्वयं परखेंगे व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह कार्यक्रम विश्व पटल पर भारत की आस्था और संस्कृति का प्रतीक बने। मंगलवार को समीक्षा बैठक में वे स्वयं हर व्यवस्था को परखेंगे व पीएम के कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे। ताकि 25 नवम्बर का कार्यक्रम ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बन सके।

एनआईए को मिली बड़ी कड़ी: लुधियाना लिंक सामने आते ही अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर से सवाल-जवाब

 चंडीगढ़ दिल्ली के लाल किला के बाहर हुए बम धमाके की जांच में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने विभिन्न राज्यों में दबिश देते हुए अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े छात्रों और शिक्षकों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में लुधियाना का लिंक सामने आने के बाद 13 नवंबर को एनआईए की टीम ने बाल सिंह नगर में छापेमारी की थी। टीम ने यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टर जाननिसार आलम की क्लिनिक पर दबिश दी, जो उस समय बंद मिला। क्लिनिक के पास स्थित डॉक्टर के घर पर टीम ने उनके पिता तोहिद आलम से पूछताछ की। परिवार के मुताबिक, डॉक्टर कुछ दिन पहले रिश्तेदारी में पश्चिम बंगाल के डालखोला गए हुए थे। एनआईए ने वहीं पर उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और पूरा दिन सवाल-जवाब के बाद शाम को छोड़ दिया। एजेंसी ने उनका लैपटॉप और मोबाइल अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार आज डॉक्टर आलम को दिल्ली स्थित एनआईए दफ्तर में दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इधर, स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉक्टर का क्लिनिक कई दिनों से बंद है। अक्सर उनके पिता ही मरीजों को दवाइयां देते थे। 2020 में लिया एमबीबीएस में दाखिला डॉ. आलम के पिता तौहीद आलम का कहना है कि उनके बेटे ने 2020 में एमबीबीएस में दाखिला लिया था और 2025 में डिग्री पूरी कर लुधियाना में क्लिनिक चला रहा था। परिवार 1984 से लुधियाना में रह रहा है और पैतृक घर बंगाल में है। शादी-विवाह के सिलसिले में बेटा और परिवार गांव गया हुआ था। उन्होंने बताया कि उनका बेटा एम्स में पीजी के लिए तैयारी कर रहा है, जिससे क्लिनिक पर कम समय दे पाता था। परिवार ने कहा कि वे जांच एजेंसी का पूरा सहयोग कर रहे हैं और हर कार्रवाई में मदद करेंगे।  पठानकोट से पकड़े डॉ. रईस भट्ट को जांच एजेंसियों ने पूछताछ के बाद छोड़ा दिल्ली ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी डा. उमर के संपर्क में रहने वाले डा. रईस भट्ट को एनआईए ने पठानकोट से हिरासत में लिया था। जांच एजेंसी ने रविवार को उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया। जांच एजेंसियां इस मामले में करीब तीन हजार कश्मीरियों को हिरासत में ले चुकी है। वहीं पठानकोट में द व्हाइट मेडिकल पहुंचकर डा. रईस ने एक पत्रकार वार्ता में अहम खुलासे भी किए। डा. भट्ट ने कहा कि पठानकोट आने पहले उसने दिल्ली के हमदर्द नेशनल इंस्टीट्यूट में हेड ऑफ यूनिट और वार्डर काम कर चुका है और उससे पहले अल फलाह यूनिवर्सिटी में ब्तौर प्रोफेसर रहा। उसने बताया कि दिल्ली जाने से पहले उसने 2022 में अल फलाह यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी। मेरे यूनिवर्सिटी छोड़ने से पहले ब्लास्ट में शामिल लोग यूनिवर्सिटी आए और एक इमरजेंसी में तो दूसरा फिजिशियन रहा। मरीजों के आने जाने के बाद उक्त लोगों के साथ उसका मेल मिलाप बढ़ा।  एजेंसियों ने पूछा- कहां-कहां मिले आरोपी से जांच एजेंसियां जब शुक्रवार देर रात डा. रईस भट्ट को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई तो सबसे पहले यही सवाल पूछा गया कि आरोपी डा. उमर मोहम्मद से कहां-कहां मिलना हुआ। क्या कहीं आरोपी से दिलली-कश्मीर में मिले? कभी आउट साइड मुलाकत हुई है। कोई फोन मैसेज से कांटेक्ट हुआ क्या? डा. रईस ने एजेंसियों को जवाब दिया अल फलाह यूनिवर्सिटी छोड़ने के बाद उनका आरोपियों में से किसी के साथ कोई तालमेल नहीं हुआ। जबकि एजेंसियों ने डा. रईस से कहा कि जिन लोगों का भी आरोपी के साथ तालमेल रहा या फिर हो रहा है उसी को हम जांच पड़ताल के लिए हिरासत में ले रहे है। अल फलाह यूनिवर्सिटी के बहुत से लोग थे वहां जिनसे पूछताछ हो रही है और डा. भट्ट को भी एजेंसियां पहले अंबाला लेकर गई, फिर दिल्ली पूछताछ के लिए ले गए।