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अलफलाह यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, फरीदाबाद में जल्द संभव बुलडोजर कार्रवाई

फरीदाबाद   फरीदाबाद से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है कि फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी पर जल्द प्रशासन का बुलडोजर चल सकता है। यूनिवर्सिटी में जमीन अधिग्रहण पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन की टीम यूनिवर्सिटी की पैमाइश पुरी कर चुकी है।  दिल्ली क्राइम ब्रांच जमीन से जुड़े दस्तावेज की  जांच रही है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दो नोटिस भेजे हैं। लगातार अल्फाज यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी दिल्ली क्राइम ब्रांच और टीम के घेरे में घिरते हुए दिखाई दे रहे हैं। बता दें कि दिल्ली ब्लास्ट में विस्फोटक के साथ खुद को उड़ा लेने वाले अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी को लेकर नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि उमर ने ब्लास्ट से पहले करीब 10 दिन नूंह की हिदायत कॉलोनी में किराए पर एक कमरा लिया था। यह कमरा दिल्ली-अलवर रोड पर स्थित एक महिला के मकान में है, जिस पर फिलहाल ताला लगा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 10 नवंबर को उमर इसी किराए के मकान से अपनी i-20 कार में विस्फोटक सामग्री लेकर निकला था। यह घर यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिशियन शोएब की साली का बताया जा रहा है। शोएब, जो पहले से ही पुलिस की हिरासत में है, ने ही उमर को यह कमरा उपलब्ध कराया था। शोएब की साली मूल रूप से नूंह के गोलपुरी गांव की रहने वाली है और उसकी ससुराल खिल्लुका गांव में बताई जा रही है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर 2 FIR इसी बीच, मामले में सामने आए ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ के खुलासे के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दिल्ली में दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR विभिन्न नियमों के उल्लंघन से संबंधित है, जबकि दूसरी FIR यूनिवर्सिटी द्वारा गलत तरीके से मान्यता प्राप्त करने के मामले में दर्ज की गई है। 

किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त 19 नवंबर को, हर किसान को 2-2 हजार रुपए मिलेंगे

नई दिल्ली पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की लोकप्रिय योजनाओं में शामिल है। इस योजना से मध्यप्रदेश के लाखों किसानों को सालाना 6000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है। 3 किस्तों में मिलने वाली ये राशि 4-4 महीने के अंतराल पर पात्र किसानों के खातें में डायरेक्ट आ जाती है। अब तक योजना के तहत किसानों को 20 किस्ते जारी कि जा चुकी हैं। अब किसानों के खातें में योजना की 21वीं किस्त(PM Kisan 21th Installment) ट्रांसफर की जाएगी।  इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तें साल में (कुल 6000 रुपए) दी जाती हैं। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों जमा कर दी जाती है। कुछ राज्यों को पहले ही मिल चुकी 21वीं किस्त केंद्र सरकार ने कुछ राज्यों में 21वीं किस्त पहले ही जारी कर दी है। 26 सितंबर 2025 को पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के किसानों को ये किस्त दी गई, क्योंकि इन राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अग्रिम राहत दी गई थी। इसके अलावा 7 अक्टूबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के किसानों को भी ये किस्त मिल चुकी है। बाकी राज्यों को नवंबर में भुगतान होने की उम्मीद है। इस योजना के तहत किसानों के खाते में हर साल तीन किश्तों में 2-2 हजार रुपए ट्रांसफर किए जाते हैं। पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त-नवंबर और तीसरी किस्त दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है। 2 अगस्त को 20वीं किस्त जारी की गई थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 अगस्त को किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 20वीं किस्त जारी की थी। PM मोदी वाराणसी उत्तर प्रदेश से 9.7 करोड़ किसानों के अकाउंट में 20वीं किस्त के रूप में 20.84 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। PM-किसान योजना 2019 में शुरू हुई थी PM-Kisan योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है, जो तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। अभी देशभर में 10 करोड़ से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त को योजना से जुड़े देशभर के किसानों के खाते में 20वीं किस्त जारी कि गई थी। अब 3 महीने का समय में बीत चुका है। ऐसे में करोड़ों किसान 21वीं किस्त(PM Kisan 21th Installment) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि, केंद्र सरकार 19 नवंबर को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी करेगी। 21वीं किस्त का लाभ मध्यप्रदेश सहित देशभर के 9 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को मिलने वाला है। इस किस्त के लिए सरकार कुल 18 हजार करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित करेगी। पात्रता की मुख्य शर्तें     आवेदक मध्य प्रदेश के स्थायी निवासी हो     वे किसान, जिनके पास कृषि योग्य भूमि हो     दो हेक्टेयर या उससे कम भूमि हो     आवेदक किसान के पास आधार कार्ड हो     बैंक अकाउंट होना भी अनिवार्य है     पीएम किसान के लिए फार्मर आइडी अनिवार्य

BJP ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड, विधायकों की संख्या में 2014 से बेहतर स्थिति

नईदिल्ली  बिहार विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन के बाद बीजेपी के नेता गदगद हैं। अब उनकी नजरें पश्चिम बंगाल पर टिक चुकी हैं। बंगाल चुनाव से पहले भाजपा के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। राज्य विधानसभाओं में पार्टी का प्रतिनिधित्व अब तक का सर्वोच्च स्तर छू चुका है। इस सफलता को देखते हुए भाजपा ने अपना नया लक्ष्य भी तय कर लिया है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने दावा किया है कि पार्टी जल्द ही 1800 विधायकों के आंकड़े को पार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। बीजेपी 1800 विधायकों का आंकड़ा पार करेगी बीजेपी नेता अमित मालवीय ने पार्टी की प्रगति पर अटूट विश्वास जताते हुए भविष्यवाणी की कि अगले दो वर्षों में बीजेपी पूरे देश में 1800 विधायकों की संख्या को आसानी से पार कर लेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक पोस्ट में मालवीय ने भाजपा की इस उड़ान की तुलना कांग्रेस से भी की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि इस रफ्तार से भाजपा अगले दो सालों में बिना किसी झिझक के 1800 सीटों का आंकड़ा पार कर जाएगी। मालवीय ने बताया कि 1985 में कांग्रेस अपने चरम पर लगभग 2018 विधायकों के साथ पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने तर्क दिया कि 1980 के दशक की राजनीतिक परिस्थितियां सत्ता को मजबूत करने और मतदाताओं को प्रभावित करने में आसान बना देती थीं, लेकिन बीजेपी का उदय धीरे-धीरे, लगातार और कड़ी मेहनत से हुआ है। जहां कांग्रेस को यह शिखर वंशानुगत विरासत में मिला, वहीं भाजपा ने इसे सीट-दर-सीट, राज्य-दर-राज्य और संघर्ष-दर-संघर्ष अर्जित किया। अपने पोस्ट में अमित मालवीय ने दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भाजपा की सफलता निरंतर परिश्रम का फल है। उन्होंने जोर देकर लिखा कि अंतर स्पष्ट है, कांग्रेस को शिखर विरासत में मिला, भाजपा ने इसे कमाया। भविष्य उस पार्टी का है जो काम करती है, न कि जो वंशवाद पर टिकी रहती है। भाजपा के विधायकों की संख्या में वृद्धि पार्टी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014 के बाद से भाजपा के विधायकों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है… वर्ष               भाजपा विधायकों की संख्या 2014              1,035 2015              997 2016              1,053 2017            1,365 2018            1,184 2019          1,160 2020          1,207 2021            1,278 2022            1,289 2023           1,441 2024          1,588 2025          1,654 2025 में 1654 विधायकों का आंकड़ा भाजपा का अब तक का सर्वाधिक है।

शिवलिंग पर ऐसे चढ़ाए बेलपत्र, खत्म होगी धन संबंधी दिक्कत

श्रावण माह में भगवान शिव को प्रसन्न करना है तो श्रावण सोमवार को शिव कि विशेष पूजा की जाती है। भगवान शिव बड़े ही दयालु है वे अपने भक्त की मुराद जल्द ही सुन लेते है। श्रावण माह कोई आम महीना नहीं है। हिन्दू धर्म में इसे बहुत ही पवित्र माह माना गया है। आप श्रावण के हर सोमवार को शिव पूजा अवश्य करतें होंगे। अनेक प्रकार से शिव की पूजा की जाती है जिससे शिव प्रसन्न होते है। लेकिन श्रावण माह के सोमवार को आप बेलपत्र से भगवान शिव की विशेष पूजा करें। जिससे आपके धन की दिक्कतें हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। साथ ही आपको अनेकों फायदे भी मिलेंगे। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने के फायदे- भगवान शिव की अनेक प्रकार से पूजा होती है। जिससे भगवान अलग-अलग कामनाओं को पूरा करते है। लेकिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से आपकी धन संबंधित परेशानियां बिल्कुल ही खत्म हो जाएगी। इस श्रावण सोमवार को आप खास विधि के तहत भगवान शिव की बेलपत्र से पूजा-अर्चना करें। क्योंकि भगवान शिव की विशेष पूजा करने का दिन श्रावण का सोमवार रहता है और शिवजी को बेलपत्र अत्यधिक पसंद है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है, बड़े से बड़ा रोग दूर होता है, संतान सुख प्राप्त होता है तथा कोर्ट के मुकदमों में जीत हासिल होती है।   ऐसे चढ़ाई शिवलिंग पर बेलपत्र- भगवान शिव की बेलपत्र से पूजा करने की खास विधि आज हम आपको बता रहें है। श्रावण सोमवार को अगर आप इस विधि से शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाएंगे तो आपकी धन संबंधित समस्या खत्म हो जाएगी। सबसे पहले आप वृक्ष से बेलपत्र ले आइए। इनमें सें बिना कटे-फटे 11 या 21 बेल पत्र को शुद्ध पानी से साफ कर लीजिए। जिसके बाद एक कटोरे में गाय का दूध लीजिए। जिसमें आपके स्वच्छ बेलपत्र डाल दीजिए। इतने आप जिस विधि से शिवलिंग पर पूजा करते है वह कर लीजिए। अब आप दूध के कटोरे से बेलपत्र निकाल लीजिए और उन्हें गंगाजल से स्वच्छ कर दीजिए। 11 या 21 बेलपत्र जो आपने स्वच्छ किए है उनके हर पत्ते पर चंदन से ॐ बना दीजिए और इत्र छिड़ककर शिवलिंग पर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र  का जाप करते हुए सभी बेल पत्र चढ़ा दीजिए। इसके एक हफ्ते बाद ही आपको इसका परिणाम दिखाई देगा। यह एक प्रकार का टोटका भी है जो श्रावण सोमवार को किया जाता है। आप चाहे तो बेलपत्र की माला भी इस विधि से शिवलिंग पर चढ़ा सकते है। इसलिए भगवान को पसंद है बेलपत्र- बताया जाता है कि भगवान शिव को पति रूप में पाने हेतु माता पार्वती ने कई प्रकार के जतन किए थे। कई व्रत भी शिवजी को पाने के लिए माता पार्वती ने किए थे। एक दिन भगवान शिव जंगल में बेलपत्र के वृक्ष के नीचे बैठकर तपस्या कर रहें थे। माता पार्वती जब शिवजी की पूजा के लिए सामग्री लाना भूल गई तो उन्होने नीचे गिरे हुए बेलपत्र से शिवजी को पूरी तरह ढक दिया। जिससे शिवजी अत्यधिक प्रसन्न हुए। तब से भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाया जाने लगा और माता पार्वती जब भी शिवजी की पूजा करती तो वे शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना बिल्कुल नही भूलती।  

साइबर फ्रॉड की बड़ी कुंडली उजागर! पंजाब पुलिस ने पकड़े 150+ म्यूल अकाउंट, लुधियाना में केस दर्ज

लुधियाना  पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में 150 से ज़्यादा एक्टिव "म्यूल अकाउंट" का पता लगाया है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी से लूटे गए पैसे को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए करते थे। ये खाते ज्यादातर लुधियाना में पाए गए है। जिसके बाद राज्य साइबर सेल ने लुधियाना कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। लुधियाना पुलिस खाते के विवरण की जांच में जुटी मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस अब जानिए… क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?  इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधी ऑनलाइन धोखाधड़ी से लूटे गए पैसे को प्राप्त करने और ट्रांसफर करने के लिए करते थे। ये खाते ज्यादातर लुधियाना में पाए गए है। जिसके बाद राज्य साइबर सेल ने लुधियाना कमिश्नरेट के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। लुधियाना पुलिस खाते के विवरण की जांच में जुटी     वरिष्ठ अधिकारियों को आशंका है कि ये खाते न केवल साइबर धोखेबाजों की मदद कर सकते हैं, बल्कि संगठित अपराध समूहों द्वारा भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इससे कानून और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है।     राज्य साइबर क्राइम सेल से मिली जानकारी के आधार पर लुधियाना पुलिस ने खाते के विवरण की जांच और इसमें शामिल व्यक्तियों का पता लगाना शुरू कर दिया है। पुलिस के एस सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की कि अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) (धोखाधड़ी) और 61 (2) (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज की गई है। मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस     उन्होंने कहा कि हमें 150 से ज़्यादा म्यूल अकाउंट के बारे में जानकारी मिली है। हमारी टीमें अब यह पता लगाने के लिए हर विवरण की जांच कर रही हैं कि उन्हें किसने बनाया और कौन उन्हें चला रहा है। अब धोखाधड़ी वाले खातों के नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।     पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन खातों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों या अवैध नकद लेनदेन को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया था। जबकि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल आमतौर पर साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त आय को रूट करने के लिए किया जाता है।     इससे पहले अगस्त महीने में साइबर विंग ने चार लोगों -गौतम (23),एहसास (24),आकाश (20) सभी अमृतसर निवासी और अनमोल (21) निवासी अबोहर को फाजिल्का से गिरफ्तार किया था। जो कथित तौर पर लगभग दो वर्षों से इसी तरह का रैकेट चला रहे थे।     पुलिस ने उनसे 10.96 लाख रुपए, 9 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 डेबिट कार्ड, 10 सिम कार्ड, 15 बैंक पासबुक और एक चेक बुक बरामद की थी। जांच से पता चला कि गिरोह ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों से मामूली भुगतान पर बैंक खाते हासिल किए थे। फिर उनका इस्तेमाल साइबर अपराधों के माध्यम से चुराए गए पैसे को लेयर करने के लिए किया।     अवैध धन को बाद में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के माध्यम से विदेश भेजा गया। आरोपी दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित विदेशी हैंडलर्स द्वारा चलाए जा रहे कई टेलीग्राम ग्रुपों पर भी सक्रिय पाए गए। अब जानिए… क्या होते हैं म्यूल अकाउंट?     म्यूल अकाउंट बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल अपराधी अवैध धन को लॉन्ड्रिंग या स्थानांतरित करने के लिए करते हैं। इन्हें उन व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा सकता है जिन्हें नौकरी के घोटालों, ऑनलाइन ऑफ़र या सोशल मीडिया संदेशों के माध्यम से "मनी म्यूल" बनने के लिए बहलाया-फुसलाया जाता है।     इसमें पैसा प्राप्त करने और स्थानांतरित करने के लिए कमीशन का वादा किया जाता है। इस तरह के खाते धोखेबाजों को चोरी किए गए धन के स्रोतों को छिपाने में मदद करते हैं और अक्सर फ़िशिंग घोटालों, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अपराधों से जुड़े होते हैं।

नाथनगरी में गूंजेगी सभ्यता की 5000 साल पुरानी गाथा, योगी सरकार का पर्यटन और रोजगार पर विशेष जोर

भित्ति कला से बरेली बनेगी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी 19 फोकस वॉल से शहर बनेगा उत्तर प्रदेश का नया सांस्कृतिक–पर्यटन केंद्र फोकस वॉल से होगा सांस्कृतिक क्रांति का आगाज़, रोशन होगी आध्यात्मिक पहचान *अजंता–एलोरा की तर्ज पर बनेंगीं कलाकृतियाँ, नाथ परंपरा की मिलेगी झलक, योगी मॉडल का नया अध्याय से बरेली बनेगा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मार्ग का आकर्षण बरेली,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना से नाथ नगरी बरेली अब सांस्कृतिक–आध्यात्मिक कला के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित होने जा रही है। शहर के प्रमुख चौराहों, मार्गों, धार्मिक स्थलों और सरकारी परिसरों में 19 भव्य फोकस वॉल का निर्माण किया जाएगा। बरेली में दिखेगी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक झलक भित्ति वॉल पर भारत की प्राचीन सभ्यता, नाथ परंपरा, महाभारतकालीन इतिहास और स्थानीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों का ऐसा शानदार प्रदर्शन होगा, जैसा अब तक किसी भी शहर में नहीं देखा गया।  क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप युवाओं को भारत के गौरवशाली अतीत, प्राचीन और समृद्धशाली संस्कृति से परिचय करायेगी। युवाओं और पर्यटकों को बरेली के 5000 वर्ष पुराने इतिहास और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि फोकस वॉल का विचार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस परिकल्पना से प्रेरित है जिसमें उत्तर प्रदेश की सभ्यता को ग्लोबल टूरिज्म मॉडल से जोड़कर रोजगार, पर्यटन और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को बढ़ाना शामिल है। अजंता-एलोरा की तर्ज पर बनेगी भित्ति कला, जीवंत होंगी देवकथाएँ और नाथ परंपरा इन फोकस वॉल पर बनने वाले भित्ति–चित्र अजंता–एलोरा की शैली पर आधारित होंगे। इन चित्रों में भगवान शिव के त्रिशूल और डमरू, नाथ योगियों के प्रतीक, देवी–देवताओं की आकृतियां, बरेली की आध्यात्मिक पहचान, महाभारतकालीन नगर की विरासत और स्थानीय लोककला को जीवंत कलात्मक स्वरूप दिया जाएगा। पर्यटन विभाग ने सर्वे करने के बाद ऐसे स्थानों को चुना है। जहां से सबसे ज्यादा पर्यटक और राहगीर गुजरते हैं। जिससे उनकी नजर अनायास ही फोकस वाल पर चली जायेगी। फोकस वाल को आधुनिक रंग रोगन और सज्जा के साथ भव्य रूप दिया जा रहा है। जिससे वहां से गुजरने वालों की आंखे बरवस ही उस ओर खिंची चली जायेंगी। शहर के सर्वाधिक आवाजाही वाली जगह पर बनेगी फोकस वॉल मनोहर भूषण इंटर कॉलेज ग्राउंड, एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय, सुरेश शर्मा नगर चौराहा, डी.डी.पुरम पार्क, नियर स्टेडियम, कुदेशिया अंडरपास, बीसलपुर चौराहा, विकास भवन चौराहा, आयुक्त कार्यालय, उद्योग विभाग कार्यालय, त्रिवटी नाथ मंदिर मैकेनियर रोड, 100 फुटा तिराहा आदिनाथ चौक, इन्वर्टिस तिराहा बड़ा बाइपास, रेलवे स्टेशन, मिनी बाइपास इज्जतनगर रेलवे स्टेशन, झुमका तिराहा, और पर्यटन कार्यालय रोहिला होटल वॉल। पर्यटन, सांस्कृतिक गौरव और रोजगार-तीन मोर्चों पर बड़ा बदलाव नैनीताल, रामनगर, काठगोदाम, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क और उत्तराखंड की ओर जाने वाले हजारों पर्यटक रोज बरेली से गुजरते हैं, लेकिन शहर के वास्तविक सांस्कृतिक वैभव से अनजान रहते हैं। अब फोकस वॉल उन्हें पहली बार बरेली की आध्यात्मिक परंपरा, महाभारतकालीन पहचान, सांस्कृतिक विरासत और लोककला से परिचित कराएगी। यह परियोजना स्थानीय कलाकारों, पेंटरों, शिल्पियों और तकनीकी कार्यकर्ताओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन भी करेगी। पर्यटन विभाग के अनुसार, फोकस वॉल बनने के बाद नाथनगरी बरेली को उत्तर प्रदेश के धार्मिक–सांस्कृतिक पर्यटन मार्ग में शामिल करने का भी प्रस्ताव है। 6 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से बदलेगा शहर तिराहा और चौराहा इस परियोजना पर कुल 621.33 लाख रुपये (लगभग 6 करोड़ 21 लाख 33 हजार रुपये) खर्च किए जाएंगे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि बरेली केवल झुमके तक ही सीमित नहीं है। यह योगियों, सिद्ध–नाथों, ऋषि–मुनियों और प्राचीन सभ्यता का नगर है। फोकस वॉल आने वाली पीढ़ियों को बरेली की असली आत्मा से परिचित कराएगी। यह न सिर्फ शहर के सौंदर्यीकरण की योजना है, बल्कि बरेली के सांस्कृतिक पुनरुद्धार और पर्यटन अर्थव्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

जिम का मिलेगा डबल फायदा, अगर एक्सरसाइज के बाद खाएंगे यह चीजें

आज के समय में लोग बॉडी बनाने और खुद को फिट रखने के लिए जिम का सहारा लेते हैं। लेकिन ऐसे भी बहुत से लोग होते हैं, जो वर्कआउट तो करते हैं, लेकिन उन्हें कुछ खास फायदा नजर नहीं आता। हो सकता है कि आपके वर्कआउट में कोई कमी न हो, लेकिन आप अपने आहार पर ध्यान न दे रहे हों। जो लोग वर्कआउट करते हैं या जिम जाते हैं, उन्हें अपनी डाइट पर अधिक फोकस करना चाहिए। जरा सी लापरवाही से आपको विपरीत परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं जिम के बाद क्या खाएं− प्रोटीन रिच फूड अगर आप एक्सरसाइज के बाद अपने मसल्स की रिकवरी करना चाहते हैं तो सबसे पहले तो आपको एक्सरसाइज के आधे घंटे के भीतर कुछ न कुछ खाना चाहिए। दरअसल, वर्कआउट के दौरान हमारा शरीर न्यूटिएंट्स का इस्तेमाल करता है और इसलिए पोस्ट वर्कआउट मील शरीर को हील करने में मदद करता है। बेहतर होगा कि आप वर्कआउट के बाद आधे घंटे के भीतर एक प्रोटीन रिच फूड जरूर लेना चाहिए। अगर आप खुद को टोनअप करना चाहते हैं तो कार्ब्स से बचें। आप प्रोटीन रिच डाइट में पीनट बटर सैंडविच, सोया मिल्क, पनीर या बेसन चीला खा सकते हैं। खाएं सैंडविच अगर आप कुछ लाइट और पौष्टिक खाना चाहते हैं तो वर्कआउट के बाद सैंडविच खाया जा सकता है। आप ब्राउन ब्रेड में कई तरह की वेजिटेबल्स का इस्तेमाल करके खाएं। ब्राउन राइस आप वर्कआउट के बाद ब्राउन राइस भी खा सकते हैं। यह एंटी−ऑक्सीडेंट से समृद्ध होते हैं और इनमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। जो आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं और वजन घटाने में भी मदद करते हैं। पानी भी है जरूरी चूंकि एक्सरसाइज के दौरान आप काफी पसीना बहाते हैं, जिसके कारण शरीर से इलेक्टालाइट की कमी हो जाती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि आप खुद को हाइडेट रखें। वैसे तो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए पानी पिया जा सकता है। लेकिन अगर आप चाहें तो पानी के स्थान पर नारियल पानी पीएं। यह पोटेशियम का एक अच्छा स्त्रोत है, जो शरीर में फलूयड को बैलेंस करने में मदद करता है। साथ ही नारियल पानी के सेवन से आपको वर्कआउट के बाद होने वाले क्रैम्प की संभावना भी काफी कम हो जाती है। इसके अलावा आप पोस्ट वर्कआउट डाइट के रूप में लो फैट मिल्क और फ्रूट्स की मदद से कुछ स्मूदी बनाकर उसका सेवन भी कर सकते हैं।  

ठंड ने बढ़ाई सिहरन! अमृतसर में विज़िबिलिटी 800 मीटर, फरीदकोट 5.6°C के साथ सबसे ठंडा

पटियाला  पंजाब में अब घना कोहरा पड़ने लगा है। कोहरे की वजह से अमृतसर में सुबह साढ़े आठ बजे दृश्यता 800 मीटर दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम 5.6 डिग्री के तापमान के साथ फरीदकोट ठंडा रहा।  मौसम विभाग ने आने वाले छह दिन मौसम शुष्क रहने की भविष्यवाणी की है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक बढ़ेगी। सूबे के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य के पास बना हुआ है। लेकिन अमृतसर, लुधियाना व पटियाला का पारा सामान्य के नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक 29.6 डिग्री का पारा मानसा का दर्ज किया गया। ब्यूरो पराली जलाने के 95 नए मामले  पंजाब में पराली रोज जल रही है और प्रदूषण भी फैल रहा है। हालांकि पिछले कुछ साल के मुकाबले मामले कम दर्ज हुए हैं लेकिन शून्य जैसी स्थिति कभी आएगी ऐसा लगता नहीं। रविवार को कुल 95 मामले दर्ज किए गए। अब तक इस सीजन में 4972 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। हवा इस बार भी खराब है लेकिन गनीमत ये है कि एक्यूआई 200 से 250 के दायरे तक ही सीमित है। सबसे खराब हवा मंडी गोबिंदगढ़ व रूपनगर की रही जहां का एक्यूआई क्रमश: 225 और 213 रहा। इसके अलावा खन्ना का 191, लुधियाना का 159, जालंधर का एक्यूआई 147, पटियाला का 142, बठिंडा का 139 और अमृतसर का 121 दर्ज किया गया। 

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार शाम गोरखपुर में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपी एसएसएफ) की द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जून माह के बाद बारिश से निर्माण कार्य प्रभावित होता है इसलिए लक्षित अवधि अक्टूबर 2026 से चार माह पूर्व ही इसे पूरा करने पर जोर दें। एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले इसके मॉडल का अवलोकन किया और इसके बाद निर्माण स्थल पर जाकर भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अफसरों से वाहिनी के विभिन्न आयामों, व्यवस्थाओं, क्षमता, कार्य में लगे मैनपॉवर, भौतिक प्रगति की जानकारी ली। अफसरों ने बताया कि इसकी कुल क्षमता एक हजार की है और निर्माण की भौतिक प्रगति अब तक दस प्रतिशत है। अभी पांच सौ लोग काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सबसे बड़े बहुमंजिला भवन के अलावा अन्य कार्य 31 अक्टूबर  2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि काम को और तेज करिए। जून के बाद बरसात शुरू हो जाती है और ऐसे में अक्टूबर 2026 तक का लक्ष्य हासिल करने में बाधा आएगी। सीएम योगी ने निर्देशित किया कि मशीनरी का उपयोग बढ़ाकर काम तेज करें। कोशिश होनी चाहिए कि अक्टूबर 2026 की बजाय जून 2026 तक ही प्रशासनिक भवन, बैरक और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनकर तैयार हो जाए। मिट्टी की समस्या दूर करने के लिए डीएम को निर्देशित किया सीएम ने यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कार्य में आ रही परेशानी के बारे में भी पूछा। अधिकारियों ने कहा कि लो लैंड होने के चलते भराई के लिए मिट्टी मिलने में दिक्कत हो रही है। इस पर सीएम योगी ने डीएम दीपक मीणा को बुलाया और निर्देश दिए कि आसपास नाला और नदी की ड्रेजिंग कराकर शीघ्रता से मिट्टी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को भी निर्देशित किया कि मिट्टी की अंतिम भराई से पहले मैक्सिमम फ्लड लेवल की जांच जरूर करे लें। सीएम ने पंपिंग स्टेशन बनाने के दिए निर्देश ताल जहदा क्षेत्र की जमीन नीची होने को लेकर जलभराव की समस्या का अभी से समाधान कराने के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने डीएम से कहा कि मानीराम तटबंध पर रेगुलेटर के पास पंपिंग स्टेशन बनाया जाए। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह, गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह, सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल, प्रशासन, पुलिस और कार्यदायी संस्था के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। 343 करोड़ रुपये से 50 हेक्टेयर में हो रहा है एसएसएफ की दूसरी बटालियन का निर्माण गोरखपुर में गठित एसएसएफ की दूसरी बटालियन के लिए ताल जहदा में 50.157 हेक्टेयर क्षेत्रफल में करीब 343 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय और अनावासीय भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। आवासीय भवनों के लिए योगी सरकार ने 186 करोड़ 33 लाख 43 हजार रुपये तथा अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 156 करोड़ 39 लाख 89 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं। कार्यदायी संस्था के रूप निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड (भवन) द्वारा कराया जा रहा है। अत्याधुनिक और हाईटेक होगा एसएसएफ का भवन ताल जहदा में यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी का भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त और हाईटेक होगा। इसके परिसर में लिफ्ट युक्त टाइप ए तथा बी (ग्राउंड प्लस 13 फ्लोर) और टाइप फोर व फाइव के बहुमंजिला भवन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा लिफ्ट युक्त प्रशासनिक भवन (ग्राउंड प्लस 4 फ्लोर), क्वार्टर गार्ड, पार्किंग, संतरी पोस्ट, अस्पताल, इंडोर जिम, डॉग कैनेल, टॉयलेट ब्लॉक और 400 की क्षमता का बैरक बनाया जाएगा। यहां सलामी मंच के साथ भव्य परेड ग्राउंड का विकास भी होगा। सभी आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के साथ इसके परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का भी इंतजाम होगा। निर्माण कार्य 21 जून 2024 को शुरू हुआ था और टॉवर ए और बी के अलावा इसे 31 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। टॉवर ए और बी के निर्माण पूर्ण करने की समय सीमा 30 मार्च 2027 है। जून 2021 में हुआ था यूपी एसएसएफ का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सितंबर, 2020 में न्यायालयों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल का गठन किया था। जिसके बाद जून, 2021 में यूपी एसएसएफ की पांच वाहिनी गठित की गई थीं, जिनमें लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, मथुरा व सहारनपुर शामिल हैं। इसके बाद छठवीं वाहिनी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा के लिए गठित की गई। गोरखपुर के लिए गठित एसएसएफ की द्वितीय वाहिनी गोरखपुर और कुशीनगर एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठा रही है। एसएसएफ की द्वितीय वाहिनी अभी अपना कामकाज गोरखपुर के पीएसी कैम्पस से कर रही है। एसएसएफ भवन तक बन रहा एप्रोच मार्ग योगी सरकार यूपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी के भवन तक दो किमी लंबी एप्रोच सड़क भी बनवा रही है। इसके निर्माण पर 23.73 करोड़ रुपये की लागत आएगी। लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड तीन द्वारा 18 मार्च 2025 से शुरू इसके निर्माण की भौतिक प्रगति 30 प्रतिशत है। इस एप्रोच मार्ग के मार्च 2026 में बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।

8 करोड़ की ठगी का खुलासा! फतेहाबाद में 54 फर्जी खाते–208 ट्रांजेक्शन, SBI के दो अधिकारी नामजद

फतेहाबाद  हरियाणा के फतेहाबाद जिले में साइबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा और संगीन मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भूना शाखा से जुड़े 54 संदिग्ध बैंक खातों के माध्यम से 208 ट्रांजेक्शन किए गए, जिनके जरिए लगभग 8 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया गया। यह राशि देशभर के आम लोगों से ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए हड़पी गई थी, जिसकी धनराशि अंततः भूना स्थित इन खातों में पहुंची।इस मामले की जांच जब साइबर थाना फतेहाबाद द्वारा आगे बढ़ाई गई, तो कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और तकनीकी जानकारी की आवश्यकता पड़ी। इसके लिए बैंक शाखा को बीएनएस (BNS) की धारा 94 के तहत कई बार नोटिस जारी किए गए, जिनमें संदिग्ध खातों से जुड़े दस्तावेज़, KYC विवरण, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और संबंधित लॉग उपलब्ध कराने को कहा गया था। लेकिन अधिकारियों के लगातार प्रयासों के बावजूद संबंधित शाखा प्रबंधन ने न तो आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत किए और न ही जांच में अपेक्षित सहयोग किया। दो अधिकार के खिलाफ केस दर्ज निरंतर असहयोग और जांच में बाधा उत्पन्न करने के आधार पर पुलिस ने शाखा के मुख्य प्रबंधक विरेंद्र यादव तथा नोडल अधिकारी सुखबिन्द्र सिंह के विरुद्ध बीएनएस धारा 210 के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही कर अदालत में दी गई। पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है जांच में जहां भी असहयोग मिलेगा, वहीं से सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी। एसपी सिद्धांत जैन ने क्या कहा? पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने साफ कहा कि किसी भी साइबर अपराध की जांच में बैंक का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि बैंक जानकारी देने में ढिलाई बरतता है तो अपराधियों को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण मिलता है, जो कानून के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य के लिए एक कड़ा संदेश है, जहां भी जांच में बाधा डाली जाएगी, वहीं से कार्रवाई शुरू होगी। राहुल महाजन