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एग फ्रीजिंग का खर्च और प्रक्रिया: सानिया मिर्जा ने शेयर किया अनुभव

मुंबई  आज के समय में महिलाएं करियर और लेट शादी की वजह से जल्दी मां बनने का फैसला नहीं ले पाती है, लेकिन भविष्य में मां बनना चाहती हैं. जो महिलाएं लेट मां बनना चाहती हैं उनके लिए एग फ्रीजिंग एक सुरक्षित विकल्प है. एग फ्रीजिंग की मदद से महिलाएं लेट प्रेग्नेंसी भी कंसीव कर सकती हैं. हाल ही में सानिया मिर्जा ने पॉडकास्ट में बताया कि उन्होंने बेटे को जन्म देने के बाद एग फ्रीज करवाया है. ताकि वह भविष्य में मां बन सके. आइए जानते हैं क्या एग फ्रीजिंग और इसके फायदे.  सनिया मिर्जा ने कराया एग फ्रीज  पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा हाल ही में फिल्म मेकर फराह खान के यूट्यूब शो में नजर आई. इस दौरान सनिया मिर्जा ने बताया है कि उन्होंने फराह खान के डॉक्टर की मदद से एग फ्रीज कराया था. एग फ्रीज का फैसला उन्होंने बेटे के जन्म के बाद लिया. सानिया मिर्जा ने बताया है कि उनके एग फ्रीज के बारे में बहुत कम लोगों को पता है. सानिया मिर्जा ने बताया है कि एग फ्रीज कराना उनकी लाइफ सबसे अच्छा फैसला है. उन्होंने बोला कि अन्य महिलाओं को भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए.  क्या नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए  नेचुरल प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद भी एग फ्रीजिंग कराना चाहिए. एक बार नेचुरल कंसीव करने के बाद भी भविष्य में प्रेग्नेंसी कंसीव में दिक्कत हो सकती है. अगर कोई महिला 30 साल की उम्र में मां बनने के बाद एग फ्रीज करवाती हैं तो वह 40 की उम्र में दूसरी प्रेग्नेंसी को आसानी कंसीव कर सकती हैं. 30 की उम्र की एग की क्वालिटी काफी अच्छी होती है.  किसी उम्र कराना चाहिए एग फ्रीजिंग  एग फ्रीजिंग के लिए 25 से 35 साल की उम्र सबसे अच्छी मानी जाती है. इस उम्र में एग की क्वालिटी बहुत अच्छी होती है. 35 साल की उम्र तक एग फ्रीज करवाना बेहतर माना जाता है. 40 साल की उम्र में भी एग फ्रीज करवा सकती हैं, लेकिन इस उम्र के बाद एग्स की गुणवत्ता और संख्या कम होने लगती है.  एग फ्रीजिंग क्यों जरूरी  करियर या पढ़ाई पर फोकस करने वाली महिलाएं भविष्य में मां बनने के लिए एग फ्रीज करवा सकती हैं. वहीं देर से शादी होने पर मां बनने के सपने को बरकरार रहें.  कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पहले एग फ्रीज कराना चाहिए ताकि आगे चलकर मां बनने का सपना पूरा हो सके.  एग फ्रीजिंग का खर्च  एक बार एग फ्रीज करवाने में 2 से 3 लाख का खर्च हो सकता है. वहीं रोजाना एग फ्रीज स्टोर का  खर्च 30 से 60 हजार हो सकता है.  एग फ्रीज करवाने के बाद मां बनने की संभावना  एग फ्रीजिंग से मां बनने की सफलता महिला की उम्र और अंडाणुओं की गुणवत्ता पर निर्भर करती है. कम उम्र में फ्रीज किए गए से प्रेग्नेंसी की संभावना अधिक होती है. इसलिए एक्सपर्ट कम उम्र में एग फ्रीज कराने की सलाह देते हैं. एग फ्रीज की मदद से 40 की उम्र के बाद भी प्रेग्नेंसी कंसीव की जा सकती है लेकिन यह प्रोसेस काफी महंगा होता है.   

इन कर्मचारियों का DA 8 प्रतिशत बढ़ा, नवम्बर 2025 से मिलेगा पूूरा पैसा

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने उन राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डी.ए.) में वृद्धि को मंजूरी दी है जो 5वें वेतन आयोग की वेतन संरचना के अनुसार वेतन प्राप्त कर रहे हैं। संशोधित दर अनुसार डी.ए. को मौजूदा 466 प्रतिशत से बढ़ाकर 474 प्रतिशत किया गया है जो 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी। इस संबंधी आदेश मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा जारी किया गया है। बढ़ा हुआ डी.ए. नवम्बर 2025 के वेतन के साथ प्रदान किया जाएगा जबकि जुलाई से अक्तूबर 2025 तक की बकाया राशि दिसम्बर 2025 में दी जाएगी। वित्तीय नियमों अनुसार डी.ए. की राशि में यदि 50 पैसे या उससे अधिक का अंश हो तो उसे अगले पूर्ण रुपए तक पूर्णांकित किया जाएगा और 50 पैसे से कम के अंश को नजरअंदाज किया जाएगा ।  

ओडिया संगीत की दुनिया के मशहूर सिंगर ह्यूमन सागर का 34 साल की कम उम्र में निधन

नई दिल्ली ओडिया संगीत की दुनिया के मशहूर सिंगर ह्यूमन सागर का 34 साल की कम उम्र में निधन हो गया। सोमवार शाम यह दुखद खबर सामने आई, जिसने पूरे फिल्म और मनोरंजन उद्योग को स्तब्ध कर दिया। उनके सुर जिन्होंने लाखों दिलों को छुआ, अब हमेशा के लिए खामोश हो गए हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस और संगीत प्रेमी श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके यादगार पल साझा कर रहे हैं। स्वास्थ्य जटिलताओं के चलते अस्पताल में भर्ती डॉक्टरों के अनुसार ह्यूमन सागर का निधन मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम के कारण हुआ। 14 नवंबर को उन्हें गंभीर हालत में AIIMS, भुवनेश्वर लाया गया था। मेडिकल जांच में सामने आया कि उनके कई महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। डॉक्टरों ने बताया कि वह एक्यूट-ऑन-क्रोनिक लिवर फेल्योर, बाइलेटरल न्यूमोनिया और डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके इलाज के बावजूद, सोमवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। मां ने उठाए गंभीर आरोप ह्यूमन सागर की मां, शेफाली, ने उनके मैनेजर और इवेंट आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें स्टेज पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने बताया कि यह उनकी सेहत के लिए बेहद जोखिम भरा था। ओडिशा संगीत को दी नई पहचान ह्यूमन सागर ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म इश्क तू ही तू के टाइटल ट्रैक से की थी। इसके बाद उनके गाए सैकड़ों गाने, जैसे कि एल्बम निश्वासा, बेखुदी, तुमा ओठा तले और चेहरा, सुपरहिट साबित हुए। उनकी आवाज़ में दर्द और भावनाओं की गहराई थी, जिसने उन्हें ओडिशा के लगभग हर घर में पहचान दिलाई। उनके जाने से संगीत प्रेमियों के दिल में एक बड़ा खालीपन छा गया है।

सोयाबीन के लिए भावांतर योजना में नया मॉडल रेट: 4255 रुपए

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4255 रुपए भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 18 नवंबर को 4255 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए तथा 17 नवंबर को 4236 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी। भावान्तर का मॉडल रेट बढ़ने का आशय यह है कि मंडी में सोयाबीन का भाव बढ़ रहा है। नमी कम होने से सोयाबीन की गुणवत्ता ठीक होने से रेट का बढ़ना स्वाभाविक है। किसानों को मंडी में अच्छा भाव मिल रहा है। वैसे भी मॉडल भाव पिछले चौदह दिन के सोयाबीन के बाजार भाव का भारित औसत है। एमएसपी से ऑक्शन भाव / मॉडल भाव के अंतर की राशि सरकार दे रही है और किसान के नुक़सान की भरपाई कर रही है। प्रदेश में भावान्तर योजना के सफल क्रियान्वयन ने किसानों को एमएसपी की राशि मिलने की गारंटी दी है। व्यापारियों को मंडी से व्यापार मिल रहा है, जो उपार्जन की वजह से प्रभावित हो जाता है।  

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से ताराबाई को उच्च स्तरीय इलाज के लिए इंदौर भेजा, परिजनों ने CM मोहन यादव को किया धन्यवाद

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस से ताराबाई को उच्च स्तरीय इलाज के लिए इंदौर भेजा मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया इंदौर  खुशियों की दास्तां पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रदेश में गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में भेजने हेतु वरदान सिद्ध हो रही है। इस योजना के तहत मंगलवार सुबह खंडवा जिले के पंधाना विकासखण्ड के ग्राम शाहपुरा निवासी श्रीमती ताराबाई पति बलराम उम्र 73 वर्ष को खंडवा की हवाई पट्टी से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से इंदौर के एम वाय हॉस्पिटल में उच्च स्तरीय इलाज के लिए भिजवाया गया। मरीज के साथ उनके परिजन श्री लक्ष्मण ओसवाल भी गए। उन्होंने ताराबाई के उपचार के लिए एयर एंबुलेंस की निशुल्क सुविधा मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर खंडवा महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव और श्री मुकेश तन्वे भी मौजूद थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण ताराबाई लकवा ग्रस्त हो गई थी, मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए आज एयर एंबुलेंस के माध्यम से इंदौर भिजवाया गया है, जिससे वहां उन्हें उच्च स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। डॉ. जुगतावत ने बताया कि एयर एम्बुलेंस से आयुष्मान कार्ड धारको को राज्य के भीतर और बाहर सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के लिए भेजने हेतु निशुल्क सेवा उपलब्ध है। गैर आयुष्मान कार्ड नागरिको को राज्य के भीतर सरकारी अस्पतालों तक निशुल्क तथा राज्य के बाहर अनुमोदित दरों पर सशुल्क सेवा उपलब्ध है। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, अस्पताल अधीक्षक डॉ.रंजीत बड़ोले, नोडल अधिकारी एयर एंबुलेंस डॉ.दीपशिखा इवने व अधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के प्रयासों की सराहना

प्रदेश के 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 स्कूल लीडर्स के अनुकरणीय प्रयासों को सराहना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये किये जा रहे हैं प्रयास भोपाल  प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सांदीपनि विद्यालय शिक्षण नेतृत्व और शैक्षिक वातावरण में गुणवत्ता के नये मानक प्रस्तुत कर रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये इन विद्यालयों में शिक्षकों को उनके नवाचारी प्रयासों के लिये राज्य स्तरीय पहचान प्रदान करने तथा उनके प्रोत्साहन के लिये "प्रेरक प्रयास" कार्यक्रम की अभिनव पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल से विद्यालयों के स्कूल लीडर्स और शिक्षकों द्वारा किये जा रहे अनुकरणीय एवं प्रभावी कार्यों को हर सप्ताह राज्य स्तर से सभी विद्यालयों में विस्तारित किया जा रहा है। प्रेरक प्रयास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सांदीपनि विद्यालय स्तर पर हो रहे हर सकारात्मक प्रयास, चाहे वह छोटा हो या बड़ा उनकी समय पर पहचान हो और सबसे सामने लाया जाये। इस प्रयास से सीखने और सिखाने की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है। इस कार्यक्रम में हर सप्ताह विद्यालयों में नेतृत्व, शिक्षण पद्धति, विद्यार्थी की उपस्थिति एवं प्रगति, नवाचार को पहचान कर चयन किया जाता है, जिन्हें तीन श्रेणियों में आरंभकर्ता, प्रयासकर्ता, सर्वोत्तम गुणवत्ता के रूप में बांटा जाता है। उन्हें विद्यालय स्तर पर सम्मानित कर राज्य स्तर पर बढ़ावा देने के लिये बहुरंगीय पोस्टर के माध्यम से सभी शिक्षकों के बीच साझा किया जाता है। प्रदेश में 260 सांदीपनि विद्यालयों में 950 से अधिक शिक्षकों के अनुकरणीय प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान दिलायी गयी है। विद्यांजलि पोर्टल के माध्यम से स्वयंसेवकों को आमंत्रण केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने विद्यांजलि पोर्टल की शुरूआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से स्कूल शिक्षा को सामुदायिक भागीदारी से मजबूत करने के प्रयास किये जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सहभागिता को प्रोत्साहित करने के बिन्दु को मुख्य रूप से जोड़ा गया है। विद्यांजलि एक ऐसा मंच है, जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े लोग जैसे पेशेवर, सेवानिवृत्त, गृहणियां और स्वयंसेवी संगठन अपने समय, कौशल और संसाधनों के माध्यम से शासकीय विद्यालयों की गुणवत्ता सुधार में सहभागी बन सकते हैं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के अनुरूप शुरू की गयी है।  

हरियाणा सरकार का बड़े स्तर पर कदम, 2 जिलों में खुलेंगी ऑर्गेनिक फसलों की मंडियां

करनाल  हरियाणा में प्राकृतिक और ऑर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर कदम उठाने जा रही है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि किसानों को अपनी जैविक फसलों की बिक्री में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए गुरुग्राम और हिसार में विशेष ऑर्गेनिक मंडियां स्थापित की जाएंगी। इन मंडियों में किसान सीधे अपनी शुद्ध और प्राकृतिक उत्पादित फसलें बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। करनाल के महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान राणा ने कहा कि वर्तमान खेती में रासायनिक खादों और दवाइयों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान धीरे-धीरे गेहूं-धान आधारित खेती से आगे बढ़कर मोटे अनाज और प्राकृतिक तरीकों की ओर रुख करें। मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक खेती को अपनाने वालों को सरकार की ओर से भारी अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसान इसमें अधिक रुचि लें और स्वस्थ व पोषक फसलों का उत्पादन बढ़े। राणा ने कहा कि ऑर्गेनिक फसलों के लिए अलग मंडियां बनाना सरकार की प्राथमिक योजना का हिस्सा है और इससे किसानों को बेहतर बाजार और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध होगा। 

शादी के नाम पर रेप मामलों पर पूर्व चीफ जस्टिस का बयान: समाज में हैं सीता भी और शूर्पणखा भी

नई दिल्ली पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस यूयू लालित ने एकम न्याय सम्मेलन में पुलिस और न्याय व्यवस्था की खामियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के जांच अधिकारियों को न तो सही पेशेवर उपकरण मिले हैं और न ही जरूरी शिक्षा, जिसके वे हकदार हैं। प्रकाश सिंह मामले के फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि जांच विंग को कानून-व्यवस्था शाखा से पूरी तरह अलग करना जरूरी है। जस्टिस लालित ने चिंता जताई कि देश में दोषसिद्धि दर कभी 20 प्रतिशत से अधिक नहीं रही। 5 में से 4 विचाराधीन कैदी अंततः बरी हो जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम निर्दोष लोगों को हिरासत में लेकर उनकी जिंदगी बर्बाद नहीं कर रहे? क्या समाज का यह कर्तव्य नहीं कि निर्दोषों को जीवनभर की परेशानी से बचाया जाए और उन्हें कानूनी-नैतिक हक दिलाया जाए? जस्टिस यूयू ललित ने 'एकम' न्याय की अवधारणा को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन और कार्यकर्ता दीपिका नारायण भारद्वाज का नजरिया महिला विरोधी नहीं है। समाज में सीता मैया के साथ-साथ शूर्पणखा भी हैं। इसलिए जांच तंत्र को इस तरह मजबूत करना होगा कि निर्दोषों को अदालत के चक्कर न लगाने पड़ें और वे पूरे मुकदमे से थककर हांफ न जाएं। बलात्कार जैसे मामलों में पीड़िता के बयान को सर्वोच्च सम्मान देने की मौजूदा न्यायिक मान्यता सही है। हालांकि, जस्टिस लालित ने सुझाव दिया कि अगर आरोप झूठा साबित हो तो झूठी शिकायत करने वाले को अलग से दूसरा मुकदमा चलाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। ट्रायल कोर्ट का जज खुद ही झूठे मुकदमेबाज को सजा देने का फैसला दर्ज कर सके, ऐसी सुरक्षा व्यवस्था हर स्तर पर होनी चाहिए। 'प्रॉमिस टू मैरी' रेप मामलों पर जताई चिंता पूर्व सीजेआई ललित ने प्रेम संबंधों से उत्पन्न होने वाले 'प्रॉमिस टू मैरी' रेप मामलों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'कई बार युवक-युवती खुले मन से रिश्ते में आते हैं। बाद में कुछ गलत हो जाता है और एक-दो साल बाद शिकायत आती है कि शादी का झांसा देकर शोषण किया गया। ऐसे मामलों में भी ग्रे एरिया होता है। बिना सोचे-समझे गिरफ्तारी करके व्यक्ति की आजादी छीनना जांच के हित में नहीं होता।' अंत में जस्टिस लालित ने आयोजकों, विशेष रूप से दीपिका नारायण भारद्वाज को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एकम न्याय सम्मेलन जैसे मंच समाज की वर्तमान जरूरत हैं। यह अमृत मंथन समाज में सकारात्मक बदलाव लाएगा और न्याय के हित में काम करेगा। उन्होंने सम्मेलन को पूर्ण सफलता की शुभकामनाएं दीं।

रायपुर : राजस्व टीम ने साईंटागर बैरियर के पास 60 बोरी अवैध धान परिवहन करते किया जब्त

रायपुर राज्य शासन द्वारा धान संग्रहण और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए सभी जिले के कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं l निर्देश के परिपालन में कलेक्टर जशपुर के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान के आवागमन पर कड़ी निगरानी रखने जिला प्रशासन द्वारा सतत कदम उठाए जा रहे हैं।          टीम ने जशपुर विकास खंड के ग्राम साईंटागर बैरियर के पास अवैध धान परिवहन करते हुए पिकअप वाहन JH01FW- 7832 वाहन से 60 बोरी अवैध धान जप्त कर लोदाम थाने में सुपुर्द किया गया।        ग्राम साईंटागर बैरियर के पास चेकपोस्टों का निरीक्षण किया, जो झारखंड राज्य से लगे हुए सीमावर्ती बैरियर हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने चेकपोस्टों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र तथा वाहनों की जांच प्रक्रिया को बारीकी से परखा। अवैध धान परिवहन रोकने के लिए आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए गए।          राजस्व विभाग की टीम ने  देर रात झारखंड सीमा पर स्थित विभिन्न चेकपोस्टों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजस्व टीम में  तहसीलदार  जय राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर निरीक्षक, राजस्व  एवं पटवारी शामिल रहे।

दिल्ली की जहरीली हवा में बच्चे बेहाल, महंगे प्राइवेट स्कूल भी नहीं दे पा रहे सुरक्षित माहौल

पंजाब  दिल्ली में AQI खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। वायु प्रदूषण ने बच्चों की सेहत को बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। अभिभावकों द्वारा बच्चों की सेहत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। इसी बीच स्कूल बच्चों को लेकर लापरवाही कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि शहर का एक बड़ा स्कूल जो कि एक महीने की करीब 60 हजार फीस हर छात्र से लेता हैं वह एयर प्यूरीफायर लगाने से इनकार कर रहा हैं। इसके साथ ही पुराने खराब हो चुके एयर प्यूरीफायर बदलने को भी तैयार नहीं हैं। इस संबंध में स्कूल की ही एक टीचर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। उनका कहना है कि भारी फीस लेने के बाद भी स्कूल मैनेजमेंट बच्चों की बुनियादी स्वास्थ्य जरूरतों की परवाह नहीं कर रहा और बजट की कमी का बहाना बनाकर बेहतर एयर प्यूरीफायर लगाने से बच रहा है। पोस्ट में बताया कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से कहता है कि कक्षाओं में 30–45 के बीच AQI  रहता है पर जब स्टाफ ने इसे चैक किया तो  AQI 145 से 200 के बीच पाया गया। वहीं इसकी शिकायत करने पर अध्यापकों को फटकार लगाई गई। इसे लेकर अभिभावकों में नाराजगी पाई जा रही है कि भारी-भरकम फीस लेने के बाद भी आखिर बच्चों को सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही। ये मुद्दा सोशल मीडिया पर चर्चा कका विषय बना हुआ है और इसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।