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मेट्रो स्टेशन पर हड़कंप: पद्मिनी को लेकर आतंकी नाम से आई ब्लास्ट की धमकी

नई दिल्ली  BMRCL यानी बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को एक धमकी भरा ईमेल मिला है। खबर है कि मेल भेजने वाले ने मेट्रो के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि उसकी पूर्व पत्नी को तंग न किया जाए। आगे कहा गया है कि अगर बात नहीं मानी गई, तो स्टेशन उड़ा दिया जाएगा। इस अजीबो गरीब धमकी से अधिकारी हैरान हैं। फिलहाल, इसे भेजने वाले की तलाश की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, धमकी 13 नवंबर को सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर मिली थी। इसमें कहा गया था, 'अगर मुझे पता चला कि आपके मेट्रो कर्मचारी मेरी पूर्व में तलाक ले चुकी पत्नी पद्मिनी को ड्यूटी के समय के बाद तंग कर रहे हैं, तो ध्यान रहें आपके एक मेट्रो स्टेशन में धमाका कर दिया जाएगा…। मैं भी कन्नड़ लोगों के खिलाफ देशभक्त जैसा आतंकवादी हूं।' रिपोर्ट के अनुसार, BMRCL के एक बड़े अधिकारी ने इस संबंध में पुलिस शिकायत दर्ज करा दी है। फिलहाल, धमकी देने वाले की पहचान की जा रही है। साथ ही जिस स्थान से मेल किया गया था, उसका पता लगाया जा रहा है। खास बात है कि ये धमकी ऐसे समय पर आई है, जब दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके की जांच जारी है। पुलिस लगातार गिरफ्तारियां कर रही हैं। इस घटना के तार हरियाणा के फरीदाबाद में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से जुड़ रहे थे। दिल्ली के स्कूलों को मिली बम की धमकी राष्ट्रीय राजधानी स्थित सीआरपीएफ के दो स्कूलों को मंगलवार सुबह ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली, जो बाद में फर्जी निकली। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने बताया कि ये स्कूल प्रशांत विहार और द्वारका में स्थित हैं और बम की धमकी की जानकारी देने वाली कॉल उन्हें सुबह करीब नौ बजे आई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हमने दोनों स्कूलों की गहन जांच की और कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसे फर्जी घोषित कर दिया गया है।'

किसानों को बड़ी राहत: रायपुर में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर शुरू हुई धान खरीदी

रायपुर : 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लौटाई किसानों की मुस्कान ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप किसानों के लिए बनी वरदान रायपुर विष्णुदेव साय सरकार की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने छत्तीसगढ़ के किसानों के खेत-खलिहानों में नई उम्मीदों की फसल बो दी है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू हुई धान खरीदी ने किसानों के चेहरों पर संतोष और विश्वास की मुस्कान लौटा दी है।     गौरेला विकासखंड के आंदु ग्राम के किसान मनमोहन सिंह राठौर ने बताया कि इस साल उन्हें अपनी मेहनत का सच्चा मूल्य मिला है। ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप से उन्होंने घर बैठे ही खरीदी का टोकन प्राप्त किया। अब सोसायटियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना नहीं पड़ता। मनमोहन सिंह कहते हैं, “इस सुविधा ने हमारा समय और मेहनत दोनों बचाया है। सरकार ने सचमुच किसानों की तकलीफ को समझा है।”     उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने 206 क्विंटल धान बेचा था और इस बार 10 एकड़ खेत में उगाई फसल से पहली खेप में 100 क्विंटल धान गौरेला केंद्र में जमा किया है। इस आमदनी से वे रबी सीजन में गेहूं, सरसों, मूंग और उड़द जैसे दलहन-तिलहन फसलें बोने की तैयारी कर रहे हैं।     गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में खरीदी का सिलसिला तेजी से जारी है। 17 नवंबर को दूसरे दिन जिले के 14 केंद्रों में कुल 2252 क्विंटल धान की खरीदी हुई, धनौली केंद्र में सबसे अधिक 510.40 क्विंटल धान खरीदा गया। यह आँकड़ा बताता है कि सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और विश्वसनीय भुगतान ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।     गांवों में अब हर ओर खुशी की लहर है, किसानों को सरकार पर विश्वास है, और खेतों में फिर मेहनत का जोश है। समर्थन मूल्य पर समय पर खरीदी और भुगतान व्यवस्था ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी रौनक ला दी है। सरकार की पारदर्शी नीति और कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नयी संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

तेजस्वी-रमीज पर घिरा नया विवाद: रोहिणी आचार्य के आरोपों से UP में हलचल

कौशांबी (मंझनपुर)  बिहार चुनाव-2025 के परिणामों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के परिवार का विवाद के साथ बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद रमीज खान का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया। रमीज अब तक लाइम लाइट में नहीं थे लेकिन लालू यादव को अपनी किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने रमीज खान पर गंभीर आरोप लगाए तो बिहार से यूपी तक उनकी चर्चा होने लगी। रोहिणी आचार्य का बयान आने के बाद से ही यूपी में भी रमीज की असलियत खंगाली जा रही है। कौशाम्बी में अचानक रमीज खान की क्रिमिनल हिस्ट्री खंगाली गई है। डीजीपी कार्यालय ने रविवार की रात इसका ब्यौरा तलब किया। कौशाम्बी के कोखराज थाना में रमीज के खिलाफ केस दर्ज है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के करीबी रमीज खान पुत्र नियामत खान निवासी भंगहा कला, शीतलपुर, जिला बलरामपुर की रविवार की रात अचानक जिले में क्रिमिनल हिस्ट्री खंगाली जाने लगी। डीजीपी कार्यालय ने रमीज खान के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। रमीज खान के खिलाफ कोखराज थाना में दो केस दर्ज है। पहला केस हत्या का है। रमीज खान ने प्रतापगढ़ के जेठवारा के प्रापर्टी डीलर शकील की 25 लाख रुपये के लेनदेन में हत्या कर रोही बाईपास के समीप सड़क किनारे लाश फेंकी थी। फरारी के दौरान भी पुलिस ने एक और केस दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी को पुलिस ने वर्ष 2023 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रमीज पर आरोप है कि बिहार चुनाव के दौरान उसने आरजेडी के नेताओं के साथ मिलकर सनातन धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार किया था। इसके अलावा कई राजनेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी भी की थी। अब चुनाव खत्म होने के बाद यूपी सरकार ने शिकंजा कसते हुए रमीज खान की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। रविवार की देर रात ही डीजीपी कार्यालय को कौशाम्बी में दर्ज मुकदमों की सूचना भेज दी गई थी। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी लगाए हैं आरोप तेजस्वी यादव के करीबी बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर का दामाद रमीज खान चुनाव खत्म होने के बाद से चर्चित नाम हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मतगणना परिणाम आने के बाद आरजेडी के अगुवा लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने रमीज खान के ही खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। रोहिणी आचार्य का बयान आने के बाद से ही रमीज की असलियत खंगाली जा रही है। युवाओं की टोली ले गया था रमीज खान कहा जा रहा है कि बिहार चुनाव में भाजपा और सनातन धर्म के खिलाफ हेट कैम्पेनिंग चलाने के लिए रमीज खान ने ही पूरी रणनीति बनाई थी। आरोप है कि वह इसके लिए पश्चिमी यूपी के युवाओं की एक बड़ी टोली लेकर बिहार गया था। बिहार चुनाव का परिणाम आने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ तो उसकी चर्चा एक ‘खलनायक’ के तौर पर होने लगी। क्या बोली पुलिस एएसपी राजेश कुमार ने कहा कि बिहार में सनातन धर्म के खिलाफ हेट कैम्पेनिंग चलाने के आरोपी रमीज खान के खिलाफ डीजीपी आफिस ने रिपोर्ट मांगी थी। कोखराज थाना में उसको खिलाफ दो केस दर्ज हैं, इसकी रिपोर्ट डीजीपी कार्यालय को भेज दी गई है।  

तारीफ कम पड़ जाए… बिहार में कांग्रेस की जीत पर INDIA ब्लॉक की तीखी टिप्पणी

मुंबई  BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी में खटपट शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) ने बिहार चुनाव का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि बिहार के चुनाव में राज ठाकरे नहीं थे, तो भी कांग्रेस ने खराब प्रदर्शन किया। खास बात है कि 61 सीटों पर बिहार में चुनाव लड़ रही कांग्रेस 6 पर सिमट गई थी। खास बात है कि शिवसेना (यूबीटी) की तरफ से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब कुछ दिन पहले ही कांग्रेस ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की बात कही है। फिलहाल, चुनाव की तारीख तय नहीं है। बिहार चुनाव प्रदर्शन पर कसा तंज सामना में प्रकाशित संपादकीय के अनुसार, 'कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने घोषणा की है कि वह मुंबई महानगरपालिका चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। बिहार के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी में जो आत्मविश्वास पैदा हुआ है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। कांग्रेस एक स्वतंत्र पार्टी है। महाविकास आघाडी में वह एकमात्र राष्ट्रीय पार्टी है। इसलिए उसे समय-समय पर राष्ट्रीय पार्टी होने का तेवर दिखाना पड़ता है। मुंबई महानगरपालिका चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की घोषणा उनका अपना मुद्दा है।' मनसे का नाम लेकर घेरा आगे कहा गया, 'कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना एक साथ आ रही हैं। चूंकि मनसे इंडिया गठबंधन या महाविकास आघाडी का हिस्सा नहीं है इसलिए कांग्रेस राज ठाकरे से हाथ नहीं मिला सकती। कांग्रेस को लगता है कि अगर राज ठाकरे साथ आते हैं तो कांग्रेस को झटका लगेगा। बिहार चुनाव में शिवसेना या राज ठाकरे नहीं थे। फिर भी कांग्रेस को दारुण पराजय का सामना करना पड़ा। मुंबईकर कांग्रेसियों का इस बारे में क्या कहना है?' 'सिर्फ कांग्रेस नहीं करती संविधान की चिंता' लेख में कहा गया, 'मुंबई कांग्रेस की नेता सांसद वर्षा गायकवाड कहती हैं, ‘हम देश के संविधान का सम्मान करनेवाला समूह हैं। कुछ दल लगातार मारपीट कर कानून अपने हाथ में लेने की बात करते हैं। यह हमारी संस्कृति के अनुकूल नहीं है।’ श्रीमती गायकवाड ने कांग्रेसी संस्कृति का जो लेखा-जोखा पेश किया है, उसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ कांग्रेस ही संविधान की चिंता करती है और बाकी दल चुप बैठे हैं।' मुस्लिम वोटर दूर होने का दावा शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में राज ठाकरे भी साथ थे। पार्टी ने सवाल किया कि इसमें वामपंथी दल और कांग्रेस भी साथ थे, 'दरअसल, वामपंथी दल को इस बात से लेकर ज्यादा नाराजगी रहती है। लेकिन उन्हें राज ठाकरे और उनकी पार्टी की भागीदारी पर कोई आपत्ति नहीं दिख रही है। फिर मुंबई के राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं के मन में ‘स्वतंत्र’ विचार क्यों आ रहे हैं?' उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले दल का कहना है, 'कांग्रेस को डर है कि उत्तर भारतीय और मुस्लिम मतदाता हमसे दूर हो जाएंगे। मुस्लिम समुदाय ने लोकसभा और विधानसभा में महाविकास आघाडी को वोट दिया। कोरोना काल में उद्धव ठाकरे ने जाति-धर्म की परवाह किए बिना जो मदद की, उसका नतीजा यह हुआ कि मुसलमानों के वोट शिवसेना को मिले और कांग्रेस चाहे जितना भी डरे, मुसलमानों के ये वोट शिवसेना सहित महाविकास के ही पास आते रहेंगे हमें पूरा विश्वास है। कांग्रेस को मुंबई के मुसलमानों और उत्तर भारतीयों की चिंता नहीं करनी चाहिए….।' साथ चुनाव लड़ने की अपील शिवसेना (यूबीटी) के मुताबिक, खैर, आप मुंबई में स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे। फिर बाकी सत्ताईस महानगरपालिकाओं का क्या? क्या आप वहां भी ‘एकला चलो रे’ की भूमिका निभाते रहेंगे? ऐसा नहीं लगता। समझदारी इसी में है कि सभी मराठीजन महाराष्ट्र धर्म के रूप में एक साथ आएं और भाजपा के अडानी-शाह के खिलाफ यलगार करें। महाराष्ट्र का हित इसी में है। संयुक्त महाराष्ट्र की लड़ाई में कांग्रेस ने जो किया वो इस बार न करे…।  

गुरुओं की महान परंपराओं का पालन ज़रूरी, पंजाब पानी बचाए : नायब सैनी

फरीदाबाद  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश की प्रगति के लिए राज्यों के बीच सतत‍् सहयोग के माहौल का होना अति महत्वपूर्ण है। अपने संसाधनों को एकत्रित करके अपने ज्ञान को सांझा करके और एक दूसरे की सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाकर ही हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। नायब सिंह ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस बैठक के विचार-मंथन से राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने, अंतर्राज्यीय व केंद्र राज्यों के बीच कई मुद्दों को सुलझाने में सहमति बनाने में सफल होंगे और उत्तरी क्षेत्रीय परिषद् की यह बैठक एक भारत श्रेष्ठ भारत का उदाहरण बनेगी। नायब सिंह सैनी ने बैठक में चर्चा के दौरान कहा कि सभी राज्यों के पानी के हिस्से को संबंधित राज्य तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। हरियाणा लगातार दिल्ली को उसके हिस्से से अधिक पानी अपने हिस्से से देता रहा है। जबकि एसवाईएल न बनने के कारण हरियाणा को पंजाब से अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। अगर एसवाईएल के रास्ते हरियाणा को अपने हिस्से का पूरा पानी मिलता है, तो राजस्थान को भी उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है। यह वह पावन धरा है, जहां भाई कन्हैया जी जैसे गुरु सेवक हुए, जिन्होंने युद्ध भूमि में घायल पड़े दुश्मनों के सैनिकों को भी पानी पिलाया। उन्होंने परिषद के माध्यम से पंजाब से आग्रह किया कि जल विवाद पर गुरुओं की महान परंपराओं का ध्यान अवश्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि पानी हम सबका सांझा है। हमारी संस्कृति में नदियों को माता कहा गया है।   पीयू से हरियाणा के कॉलेज संबद्ध होने से विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ नायब सिंह सैनी ने पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू), चंडीगढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार इसमें अपना योगदान करना चाहती है। यदि हरियाणा के कुछ कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हो जाएंगे, तो हरियाणा के विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय दोनों को लाभ होगा। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री व उत्तरी क्षेत्रीय परिषद के वाइस चेयरमैन नायब सिंह सैनी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जम्मू एवं कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला, लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा के राजस्व मंत्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उच्चाधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बैठक में अमित शाह सहित संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।

बैठक में भावुक हुए तेजस्वी यादव, कहा— अगर मैं बोझ हूँ तो हटा दीजिए

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव की हार को पचाना लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के लिए मुश्किल हो रहा है। उनके बेटे तेजस्वी यादव भले ही आरजेडी विधायक दल के फिर से नेता चुन लिए गए हैं, लेकिन पार्टी में सब कुछ सहज नहीं है। यहां तक कि तेजस्वी यादव सोमवार को विधायक दल की मीटिंग के दौरान भावुक हो गए। उन्होंने अपनी तरफ से ही यहां तक कह दिया कि यदि विधायक चाहें तो नेतृत्व छोड़ने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि विधायकों की राय हो तो वे अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को अपना नेता चुन सकते हैं। उन्होंने साथी विधायकों से कहा कि यदि उन्हें लगता है कि मेरे स्थान पर किसी और के आने से संगठन मजबूत हो सकता है तो ऐसा कर सकते हैं।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक विधायक ने कहा कि तेजस्वी यादव टिकट बंटवारे और हार को लेकर लगे आरोपों से आहत थे। मीटिंग के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आखिर मैं क्या करूं। परिवार को देखूं या फिर पार्टी को देखूं। बहन रोहिणी आचार्य की ओर से लगाए आरोपों के चलते तेजस्वी यादव फिलहाल दबाव की स्थिति में दिख रहे हैं। हालांकि अब तक उन्होंने खुलकर कुछ भी कहा नहीं है। उनके सलाहकार और करीबी संजय यादव एवं रमीज नेमत खान पर भी आरोप लग रहे हैं कि तेजस्वी यादव सिर्फ उनकी ही सुनते हैं और कार्यकर्ताओं से दूर हो गए हैं। भावुक हुआ माहौल, लालू यादव को खुद देना पड़ा दखल तेजस्वी यादव की ओर से अचानक ऐसे ऑफर से माहौल भावुक दिखा। वहां मौजूद तमाम विधायक आग्रह करने लगे कि आप ही हमारे नेता रहें। इस बीच खुद लालू यादव ने दखल दिया और उन्होंने विधायकों से कहा कि वे राजी करें। इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को अपना नेता चुन लिया। इस दौरान राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव भी मौजूद थे। बता दें कि मीसा भारती को भी असंतुष्ट बताया जा रहा है, लेकिन वह खुलकर कुछ भी नहीं कह रही हैं। दरअसल आरजेडी को इस चुनाव में 25 सीटें ही मिली हैं, जबकि वह 143 पर उतरी थी। वह तीसरे नंबर का दल बन गई है, जिसे पार्टी के लिए करारा झटका माना जा रहा है। मीटिंग में EVM पर उठे सवाल, बोले- ऐसे नतीजे गड़बड़ी करके ही आए इससे पहले 2010 में ही ऐसा हुआ था, जब आरजेडी को महज 22 सीटें मिली थीं। तब नेता विपक्ष का पद भी नहीं मिल पाया था, लेकिन इस बार नेता विपक्ष बनने में तेजस्वी यादव कामयाब रहे हैं। तेजस्वी यादव को नेता चुने जाने वाली मीटिंग में जगदानंग सिंह ने कहा कि हमारी यह हार ईवीएम के चलते हुई है। उन्होंने कहा कि इन मशीनों का बेजा इस्तेमाल हुआ है। उनकी इस दलील को विधायक भाई वीरेंद्र ने भी सही ठहराया। उन्होंने कहा कि हमें ईवीएम के खिलाफ लड़ना होगा। हमें डिमांड करनी चाहिए कि इलेक्शन सिर्फ बैलेट पेपर से ही हो।  

मेकाहारा में सस्ती मेडिकल जांच, MRI 2 हजार और CT-स्कैन 1 हजार में, डीन को CGMSC NOC की आवश्यकता नहीं

 रायपुर  छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में  रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और डॉडीकेएस अस्पताल के स्वशासी समिति के सामान्य सभा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय और संबद्ध अस्पताल में लोगों को अविलंब स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता, रीएजेंट एवं कंज्यूमेबल की खरीदी तथा आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था स्वशासी मद से करने हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वशासी सभा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अस्पताल में किसी भी मरीज को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने मरीज हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चिकित्सा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के लिए अति आवश्यक सामाग्रियों उपकरण/रियेजेन्ट/केमिकल/ डिस्पोजेबल सामाग्रियां इत्यादि जिनके मांगपत्र सीजीएमएससी को प्रेषित किये गए हैं, उन सामाग्रियों की आपातकालीन आवश्यकता होने पर सीजीएमएससी से एनओसी प्राप्त होने एवं राशि मिलने की प्रत्याशा में अधिष्ठाता स्तर पर छ.ग. भंडार क्रय नियमानुसार आवश्यकता के अनुरूप सामाग्री क्रय किये जाने की वित्तीय शक्ति प्रदत्त करने का अनुमोदन किया।  स्वास्थ्य मंत्री ने पेट सीटी स्कैन तथा गामा कैमरा की सुविधा मरीजों को प्रदान किये जाने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तीन महीने के अंदर इस सुविधा को प्रारंभ करने के लिए उपयुक्त व्यवस्था बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। विभिन्न विभागों को दिए जाने वाले इंप्रेशन मनी की राशि को प्रति मांगपत्र ₹10 हजार से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की घोषणा की। उन्होंने अस्पताल में आवश्यकता पड़ने पर समय-समय पर किए जाने वाले छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के लिए अस्पताल स्तर पर ऑटोनॉमस फंड का उपयोग करने के निर्देश दिये। समिति की बैठक में मेडिकल कॉलेज के 200 छात्रों के लिए चयन किए गए छात्रावास भवन पर सहमति दी गई। शीघ्र ही यह छात्रावास संचालन में आ जाएगा। बैठक में डीकेएस अस्पताल के एमसीएच छात्रावास का शुल्क 5 हजार से घटाकर 2 हजार 5 सौ रुपए करने का निर्णय लिया गया। ओपीडी में आने वाले मरीजों के सीटी स्कैन एवं एमआरआई जांच की दर को पुनरीक्षित करते हुए एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले) मरीजों को एमआरआई जांच हेतु ₹2000 एवं सीटी स्कैन जांच हेतु ₹1000 राशि प्रावधानित करने का निर्णय लिया। वहीं बीपीएल मरीजों तथा 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए ओपीडी में जाँच सुविधा निशुल्क रहेगी। जबकि अंत: रोगी यानी अस्पताल में भर्ती एपीएल एवं बीपीएल दोनों मरीजों के लिए ये दोनों जांच निशुल्क है। सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल एवं विधायक सुनील सोनी की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, संभाग आयुक्त महादेव प्रसाद कांवरे, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिखा राजपूत तिवारी, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक रितेश अग्रवाल, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. यू. एस. पैंकरा, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, डीकेएस अस्पताल प्रबंधन समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

जल दर्पण पोर्टल से अब हर गांव का नल-जल सिस्टम ऑनलाइन देखा जा सकेगा

 भोपाल प्रदेश में घर-घर नल से जल पहुंचने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल व समूह नल जल योजनाओं पर काम हो रहा है। कई योजनाएं पूरी हो चुकी है और उनके संचालन का कार्य पंचायत को सौंपा गया है। यह शिकायत आम है कि योजनाएं भले ही बना ली गई हों, मगर जलापूर्ति नहीं हो रही है। विधानसभा में इसको लेकर प्रश्न भी उठ चुका है। इसे देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने तय किया है कि वह अब योजनाओं की निगरानी आनलाइन करेगा। इसके लिए जल दर्पण पोर्टल बनाया है, जिसमें मैदानी अमले को प्रतिदिन यह रिपोर्ट देनी होगी कि योजना चालू है या बंद। पानी आ रहा है या नहीं। पाइपलाइन ठीक काम कर रही है या नहीं। जानकारी सही दी जा रही है या नहीं, इस पर नजर उच्चाधिकारी रखेंगे। प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 27,990 एकल नल जल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। 15,947 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 12,043 के काम जारी हैं। इनमें से 8,358 नल-जल परियोजनाओं के आकलन में चूक हुई, जिसके कारण लागत 2,813 करोड़ रुपये बढ़ गई। केंद्र सरकार ने इस अतिरिक्त राशि को देने से इन्कार कर दिया और भार राज्य सरकार के खजाने पर आ गया। दोषी इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। इसके साथ ही बड़ी आबादी को मिलने वाले लाभ को देखते हुए सरकार ने काम आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह भी तय किया है कि पंचायतों द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की निगरानी प्रतिदिन के आधार पर होगी। 28 हजार गांवों से फीडबैक लेने के लिए जल दर्पण पोर्टल विभाग ने बनाया है। इसमें मैदानी स्तर से बताया जाएगा कि योजना चालू है या बंद। यदि बंद है तो यह बताना पड़ेगा कि बिजली की लाइन कटने, पाइप लाइन की खराबी या फिर किस कारण से बंद हैं। इसके आधार पर सुधार की कार्य योजना तैयार होगी। कुल मिलाकर सरकार का उद्देश्य यह है कि योजना यदि संचालन लिए पंचायतों को सौंप दी गई हैं तो फिर घरों पर नल से जल पहुंचाना चाहिए। इसमें कोई परेशानी आ रही है तो उसका पता लगाकर समाधान किया जाए। ऐसे होगा काम जल दपर्ण पोर्टल में नलजल योजनाओं की दैनिक चालू बंद की स्थिति की जानकारी मैदानी क्षेत्र से नियमित ली जाएगी। उपयंत्रियों पोर्टल पर रहैंडपंप टेक्नीशियनों, हेल्परों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को रजिस्टर करेंगे। ये अपने-अपने कार्यक्षेत्र की नलजल योजनाओं की दैनिक चालू-बंद स्थिति की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करेंगे। इसका सत्यापन उपयंत्री एवं सहायक यंत्री से कराया जाएगा। निगरानी का तंत्र कर रहे हैं विकसित : विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि का कहना है कि घर-घर नल से जल पहुंचाना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। बड़ी संख्या में योजनाएं पंचायतों द्वारा क्रियान्वित की जा रही हैं। कई बार शिकायत आती है कि जलापूर्ति नहीं हो रही है। हमने संचालन, संधारण और निगरानी की कार्य योजना बनाई है। निगरानी का तंत्र विकसित किया गया है। जल दर्पण पोर्टल के माध्यम से दैनिक आधार पर निगरानी की जाएगी। इसका लाभ यह होगा कि वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगा और यदि कहीं कोई समस्या है तो उसे दूर करने की दिशा में काम किया जाएगा।

जर्मनी की धमाकेदार एंट्री! विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने वाली टीमों की पूरी लिस्ट देखें

बर्लिन जर्मनी ने ग्रुप ए के मुकाबले में स्लोवाकिया को 6-0 से हराकर 2026 FIFA विश्व कप के लिए अपनी क्वालिफिकेशन सुनिश्चित कर ली। मैच की शुरुआत से ही जर्मनी ने अपना दबदबा बनाए रखा और मेहमान टीम को उभरने का एक भी मौका नहीं दिया। पहले हाफ में ही बढ़त मजबूत जर्मनी को ग्रुप में शीर्ष स्थान पाने के लिए केवल एक अंक की आवश्यकता थी, लेकिन टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। कप्तान जोशुआ किमिच के बेहतरीन क्रॉस पर निक वोल्टेमाडे ने शानदार हेडर से पहला गोल दागा। कुछ ही मिनट बाद सर्ज ग्नाब्री, एलेक्ज़ेंडर पावलोविच और लियोन गोरेट्ज़का के कॉम्बिनेशन प्ले ने दूसरा गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। फ्लोरियन विट्र्ज़ का कमाल मिडफील्डर फ्लोरियन विट्र्ज़ जर्मनी की रफ्तार को नियंत्रित करते हुए टीम के खेल का केंद्र बने रहे। उनके पास पर लेरॉय साने ने तीसरा गोल किया इसके बाद साने को मिला विट्र्ज़ का तेज क्रॉस, जिसे उन्होंने आसानी से गोल में तब्दील कर चौथा गोल कर दिया। स्लोवाकिया ने कुछ तीखे काउंटर-हमले जरूर किए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। दूसरे हाफ में भी नहीं रुका हमला ब्रेक के बाद भी जर्मनी ने अपने खेल में ढिलाई नहीं दिखाई। स्थानापन्न खिलाड़ी रिडल बाकू ने मैदान में आते ही शानदार गोल करते हुए स्कोर 5-0 कर दिया। अंत में 19 वर्षीय असन ओउएड्रागो ने लेरॉय साने के पास पर अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय गोल दागकर स्कोर 6-0 कर दिया। इस गोल ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। ग्रुप ए का चैंपियन बना जर्मनी इस धमाकेदार जीत के बाद जर्मनी ग्रुप ए का विजेता बन गया है और दिसंबर में होने वाले विश्व कप ड्रॉ में वरीयता प्राप्त टीमों में शामिल होगा। स्लोवाकिया अब यूरोपीय प्लेऑफ के जरिए विश्व कप में जगह बनाने की कोशिश करेगा। 2026 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने वाली टीमें मेजबान देश: संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको अफ्रीका: अल्जीरिया, केप वर्डे, मिस्र, घाना, कोट डी आइवर, मोरक्को, सेनेगल, दक्षिण अफ्रीका, ट्यूनीशिया एशिया: ऑस्ट्रेलिया, ईरान, जापान, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया, उज़्बेकिस्तान यूरोप: क्रोएशिया, इंग्लैंड, फ्रांस, नॉर्वे, पुर्तगाल,  ओशिनिया: न्यूज़ीलैंड दक्षिण अमेरिका: अर्जेंटीना, ब्राज़ील, कोलंबिया, इक्वाडोर, पैराग्वे, उरुग्वे।  

खूंखार माओवादी कमांडर हिड़मा मारा गया, झीरम घाटी और अन्य 26 हमलों का था जिम्मेदार

बस्तर   देश में चल रहा माओवाद के खिलाफ अभियान अब अपने अंतिम दौर में है। माओवाद के ताबूत में एक और कील के रूप में सुरक्षा बल के जवानों में हिड़मा को मार गिराया है। छत्तीसगढ़ के सुकमा और आंध्र प्रदेश की सीमा पर मंगलवार को जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबल के जवानों ने 6 माओवादियों को मार गिराया है। इसमें कुख्यात माओवादी हिड़मा भी शामिल है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ में हिड़मा, उसकी पत्नी राजे और 25 लाख का इनामी माओवादी एसजेडसीएम टेक शंकर मारा गया है। यह इनकाउंटर सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता बतायी जा रही है। आंध्र-प्रदेश की ग्रे-हांउड टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। बता दें कि शीर्ष माओवादी नेताओं बसवा राजू, के. रामचंद्र रेड्डी (गुड्सा उसेंडी), के. सत्यनारायण रेड्डी (कोसा) के मारे जाने और भूपति, रूपेश, सुजाता व ककराला सुनीता जैसे वरिष्ठ कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद अब बस्तर में हिड़मा ही माओवादी संगठन का मुख्य नेता था। हिड़मा माओवादी संगठन की बटालियन नंबर-1 का प्रभारी और केंद्रीय समिति का सदस्य था। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के रडार था। बटालियन कमांडर से केंद्रीय समिति सदस्य बना हिड़मा माओवादी संगठन में हिड़मा का नाम पहली बार झीरम घाटी हमले के बाद चर्चाओं में आया था। पिछले वर्ष उसे केंद्रीय समिति का सदस्य बनाया गया, हालांकि पद की दृष्टि से वह अपेक्षाकृत नीचे है, लेकिन प्रभाव और पहचान के लिहाज से वह पिछले एक दशक से संगठन का सबसे प्रभावशाली चेहरा था। हिड़मा के बारे में कुछ मुख्य तथ्य     जन्म: 1981, पूवर्ति, सुकमा (छत्तीसगढ़)     पद: पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख- माओवादियों की सबसे घातक हमलावर इकाई।     वह CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था।     वह बस्तर क्षेत्र से सेंट्रल कमेटी में शामिल होने वाला एकमात्र आदिवासी था।     उसके सिर पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था।     हिड़मा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे (राजक्का) भी मारी गई।     असली नाम: संतोष मुख्य हमले जिनमें वह शामिल था     2010 दंतेवाड़ा हमला: 76 सीआरपीएफ जवान शहीद     2013 झीरम घाटी नरसंहार: 27 लोग मारे गए, जिनमें शीर्ष कांग्रेसी नेता शामिल     2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़: 22 सुरक्षा कर्मी शहीद 45 लाख का इनामी था हिड़मा संगठन ने अब उसे केंद्रीय समिति सदस्य के साथ बटालियन नंबर-1 का प्रभारी नियुक्त किया है। उसकी जगह उसके ही गांव पूवर्ती के बारसे देवा को नया कमांडर बनाया गया है। हिड़मा पर 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हिड़मा देश की एकमात्र माओवादी बटालियन नंबर-1 का कमांडर रह चुका है, वही बटालियन जो देशभर में सबसे संगठित और घातक हमलों के लिए कुख्यात रही है। हिड़मा की मां से मिले थे उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कुछ दिनों पहले हिड़मा के गांव पूवर्ती पहुंचतक उसकी मां से मुलाकात की थी। उन्होंने हिड़मा से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि सरकार की प्राथमिकता मार्च 2026 तक बस्तर और आसपास के क्षेत्रों से माओवादी हिंसा का पूर्ण उन्मूलन है।