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आज का राशिफल 20 नवंबर: सभी 12 राशियों के लिए दिन कैसा बीतेगा?

मेष 20 नवंबर के दिन फाइनेंशियल रूप से दृष्टिकोण पॉजिटिव है। सीनियर्स के साथ मुद्दों को सुलझाएं और मीटिंग में बहस से बचें। आपको कोई नया प्रोजेक्ट या विचार मिल सकता है, जो आपकी रुचि जगाएगा। अपनी दिनचर्या में संतुलन को शामिल करके अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वृषभ 20 नवंबर के दिन प्रेम जीवन को अधिक समय दें। दिन को क्रिएटिव और प्रोडक्टिव बनाए रखें। काम पर एक्सपेक्टेशन को पूरा करें। आज धन को समझदारी से संभालें। आज छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। मिथुन 20 नवंबर के दिन प्रेम संबंधों से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं और काम पर उत्पादक बनें। सुरक्षित भविष्य के लिए सुरक्षित वित्तीय निवेश को प्राथमिकता दें। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा है। कर्क 20 नवंबर के दिन प्रेम जीवन में खुशियां बनाए रखें। दफ्तर में हर नई जिम्मेदारी को एक अवसर के रूप में लें। आज कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं होगी और आप समझदारी से वित्तीय निवेश भी कर सकते हैं। सिंह 20 नवंबर के दिन कोई बड़ा वित्तीय संकट नहीं आएगा। प्रेम जीवन में आने वाली उथल-पुथल को खुलकर बातचीत करके दूर करें। पेशेवर जीवन में आपका रवैया बहुत महत्वपूर्ण है। शुरुआत व्यायाम से करें और हेल्दी डाइट लें। कन्या 20 नवंबर के दिन पेशेवर तौर पर आप उत्पादक हैं। इससे अच्छे परिणाम भी मिलेंगे। खर्च को लेकर सावधान रहें। रिलेशन को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठाएं ऑफिस में आपका रवैया बेहतरीन परिणाम देगा। तुला 20 नवंबर के दिन अपने रिश्ते में धैर्य रखें और रोमांटिक रहें। प्रोफेशनल लाइफ में समझदारी भरे फैसले लें। लव के मामले में आज शांत रहें और रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए साथी के सुझावों को महत्व दें। वृश्चिक 20 नवंबर के दिन कार्यस्थल पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना जारी रखें। स्वास्थ्य के मामले में भी सकारात्मक रहने के कारण आप सुरक्षित निवेश विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। ऑफिस और पर्सनल जीवन को बैलेंस करें। धनु 20 नवंबर के दिन आपके प्रेम जीवन में छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। आपकी मेहनत को मैनेजमेंट द्वारा मान्यता दी जा सकती है। यहां तक कि कोई पुराना प्रेम संबंध भी झगड़े का कारण बन सकता है। आर्थिक सहायता की उम्मीद कर सकते हैं। मकर 20 नवंबर के दिन काम का दबाव घर पर न लाएं। कोई गंभीर वित्तीय समस्या नहीं होगी। डेडलाइन के बावजूद, आप लक्ष्यों को पूरा करने में सफल होंगे। मैरिड महिलाओं को अपने जीवनसाथी के भाई-बहनों के साथ अच्छे संबंध रखने की आवश्यकता है। कुंभ 20 नवंबर के दिन स्वास्थ्य के मामले में आप अच्छे हैं, लेकिन अपनी जीवनशैली पर अतिरिक्त ध्यान दें। आज आपकी वित्तीय स्थिति भी पॉजीटिव है। प्रेम संबंधों को बनाए रखें। धन लाभ के योग हैं। तनाव पर कंट्रोल रखें। मीन 20 नवंबर के दिन रोमांटिक मुद्दों को सुलझाएं। प्रोफेशनल तौर पर आप अच्छा करेंगे। समझदारी से पैसे का लेन-देन करें और आपकी सेहत भी बढ़िया रहेगी। आज सरप्राइज से रिश्ते में खुशियां आ सकती हैं।

योगी सरकार की सख्ती: एटीएस ने आठ जिलों से सभी मदरसों की रिपोर्ट मांगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने मदरसों को लेकर सख्त कदम उठाया है। लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में हर मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों, पढ़ाने वाले मौलवियों और प्रबंधकों की पूरी डिटेल मांगी गई है। हर व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पूरा पता और मोबाइल नंबर सहित सारी जानकारी जल्द से जल्द भेजने को कहा गया है।  खासकर प्रयागराज जिले के सभी मदरसों की पूरी लिस्ट और विस्तृत जानकारी एटीएस की प्रयागराज यूनिट को सबसे पहले उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी सात जिलों की रिपोर्ट भी जल्द मुख्यालय भेजनी होगी। एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ खुफिया इनपुट मिले थे, जिनमें कुछ मदरसों में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई गई थी, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि ज्यादातर मदरसे अच्छा काम कर रहे हैं और यह सिर्फ सत्यापन का काम है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं तो कुछ इसे अल्पसंख्यक समुदाय पर दबाव मान रहे हैं। प्रयागराज के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि उनके विभाग ने सभी मदरसों को नोटिस भेज दिया है और अगले कुछ दिनों में पूरी सूची एटीएस को सौंप दी जाएगी। इसी तरह बाकी जिलों में भी काम तेजी से चल रहा है। एटीएस ने स्पष्ट किया है कि अभी सिर्फ जानकारी इकट्ठा की जा रही है। इसके बाद जरूरत पड़ी तो मौके पर जाकर सत्यापन किया जाएगा। फिलहाल, किसी मदरसे पर कोई छापा या सीधी कार्रवाई नहीं हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है।

स्पेशल सेल का ऑपरेशन सफल: 100 करोड़ की ड्रग्स जब्त, ड्रग गैंग के 4 मेंबर काबू

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नए साल से पहले बड़ी कार्रवाई की। ‘ऑपरेशन न्यू ईयर’ के तहत चलाए गए अभियान में पुलिस ने करीब 105 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद की। यह ड्रग्स (मेथाम्फेटामाइन्स) रेव पार्टियों और बड़े सेलिब्रेशन में इस्तेमाल होती है। पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपियों को दिल्ली से और एक आरोपी को बेंगलुरु से पकड़ा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन लोगों ने दिल्ली में ही एक मोबाइल ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (फैक्ट्री) बना रखी थी। यह फैक्ट्री एक चलते-फिरते ट्रक में छिपाई गई थी, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि यह खेप नए साल की पार्टियों में सप्लाई की जानी थी। मेथाम्फेटामाइन्स की यह बड़ी मात्रा विदेश से मंगवाई गई थी और इसका नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। पुलिस अभी इनके विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पकड़ी गई ड्रग्स की बाजार कीमत 105 करोड़ रुपए से ज्यादा है। आरोपी लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स का कारोबार कर रहे थे और युवाओं को निशाना बना रहे थे। ट्रक में बनी यह मोबाइल लैब इतनी खतरनाक थी कि इसे कहीं भी खड़ा करके कुछ ही घंटों में ड्रग्स तैयार की जा सकती थी। दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने स्पेशल सेल की टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ दिल्ली पुलिस का अभियान और तेज होगा, ताकि राजधानी को ड्रग्स मुक्त बनाया जा सके। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से नए साल की कई बड़ी रेव पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई पर पूरी तरह रोक लग गई है। फिलहाल, चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और इनसे पूछताछ जारी है। 

लैंड यूज़ हेराफेरी का बड़ा मामला: गंगानगर में इंडस्ट्रियल जमीन को बनाया रिहायशी, जांच के आदेश

श्रीगंगानगर श्रीगंगानगर के मास्टर प्लान में गंभीर अनियमितताएं करके भूमाफिया को अधिकारियों द्वारा मोटा फायदा पहुंचाए जानेे को लेकर बड़ा बवाल हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने एक शिकायत पर संज्ञान लेते हुए स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव को तत्काल प्रभाव से इसकी जाँच करवाकर टिप्पणी प्रस्तुत करने को कहा है। यह शिकायत में श्रीगंगानगर के मुकेश शाह को संगठित और बड़ा भूमाफिया बताते हुए उस पर यूआईटी और स्थानीय निकायों के अधिकारियों से मिलीभगत करके मास्टर प्लान में गंभीर हेराफेरी करवाने और करोड़ों रुपए की जमीन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। अखबारों के अनुसार, मुकेश शाह ने रिद्धि-सिद्धि नाम से 19 कॉलोनियों में 7-10 हजार भूखंड बेचे हैं। शिकायत में कहा गया है कि मुकेश शाह ने पिछले वर्षों में कॉलोनाइज़र के नाम पर लाखों वर्गफुट जमीन पर आवासीय और व्यावसायिक भूखंड काटकर अरबों रुपये का नेटवर्क खड़ा किया है। आरोप है कि शाह ने नगर योजना अधिकारी राकेश के साथ सांठगांठ करके मास्टर प्लान में औद्योगिक उपयोग वाली महत्वपूर्ण भूमि को पहले "विशेष क्षेत्र" चिन्हांकित कराया। बाद में उसी विशेष क्षेत्र को गुपचुप तरीके गलत तथ्या दर्शाकर आवासीय उपयोग में परिवर्तित करवा लिया। जबकि विशेष क्षेत्र प्रयोजन की जमीन का इस तरह आवासीय उपयोग दर्शाया जाना कानूनन गलत है। शिकायत के अनुसार, यह प्रत्यक्ष रूप से राजस्व चोरी, योजना में धोखाधड़ी का गंभीर मामल है। इस एक परिवर्तन से उक्त भूमि के मूल्य में कई गुणा वृद्धि हुई है और राज्य सरकार को करोड़ों रुपए का सीधे तौर पर नुकसान हुआ है। शिकायत में जे.सी.टी. कपड़ा मिल से जुड़ी औद्योगिक भूमि को भी स्वामित्व सुनिश्चित किए बिना ही आवासीय उपयोग दर्शित करने में गंभीर अनियमितताएं होने का उल्लेख किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय तथा आयकर विभाग दोनों की जांच के घेरे में आ चुका यह व्यक्ति इन दिनों विदेश (दुबई) भागा हुआ है। ED और आयकर विभाग की जांच के दायरे में है मुकेश शाहः शिकायत में बताया गया है कि मुकेश शाह अवैध तरीके से लाभ कमाने की गतिविधियों में संलिप्त है। वह दो बार ईडी और आयकर विभाग जैसी जांच एजेंसियों की छापेमारी में पकड़ा जा चुका है। पहली कार्रवाई उस पर वर्ष 2021 में आयकर विभाग ने की थी। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसके यहां छापेमारी की है। दोनों बार भारी नकद तथा संपत्ति का पता चला है। इसका उल्लेख राजस्थान से प्रकाशित एक प्रमुख समाचार पत्र की खबर में भी हुआ है। तत्काल जाँच और कार्रवाई की मांगः शिकायतकर्ता ने नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री को भेजी गई शिकायत में मांग की है कि इस संगठित राजस्व अपराध की जाँच अपराध शाखा तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा उच्च स्तर पर कराई जाए। साथ ही, भविष्य में राज्य को और हानि न हो, इसके लिए मास्टर प्लान को उक्त परिसरों हेतु तत्काल प्रभाव से पुनर्विचार में लिया जाए। जांच में भूमि स्वामित्व, भूमि उपयोग परिवर्तन फाइलें, जारी पट्टों और करोड़ों रुपये के रिश्वत के आदान-प्रदान की गहन जाँच की मांग की गई है।

ASI पत्नी नियुक्ति मामला: अगले महीने मिल सकती है बड़ी राहत, सरकार पूरा करेगी मांग

रोहतक जींद के जुलाना निवासी एएसआई संदीप लाठर की पत्नी संतोष को लेक्चरर पद पर अगले माह तक नौकरी दी जाएगी। अगले सप्ताह बैठक कराकर परिवार की यह मांग पूरी कराई जाएगी । मुख्यमंत्री से दोबारा बात कराने की जरूरत पड़ी तो यह प्रयास भी किया जाएगा। यह आश्वासन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने एएसआई के परिवार को सोमवार रात एमडीयू में मुलाकात के दौरान दिया।  एएसआई संदीप लाठर के ममेरे भाई लाढ़ौत निवासी संजय ने बताया कि मंत्री से मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। एएसआई मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसमें जल्दी ही परिवार को भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।  

केंद्र के साथ विवाद पर CM मान का सख्त रुख, कहा— पंजाब की भावनाएँ आहत न हों

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर निर्णय लेने से परहेज किया है, जिनमें नदी जल बंटवारा, पंजाब विश्वविद्यालय का पुनर्गठन और पड़ोसी राज्यों के विवादित दावे जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं. मान का कहना है कि इन्हीं मुद्दों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद लेकर उन्होंने हाल ही में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में पंजाब की चिंताओं को मजबूती से उठाया था. मंगलवार यानी कल फरीदाबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक में पंजाब की चिंताओं को उठाने के एक दिन बाद किया. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि केंद्र ने पंजाब से जुड़े जिन 11 मुद्दों को टाल दिया है और बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र से स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब के हितों की अनदेखी न की जाए और राज्य की भावनाओं से भी खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. इतना ही नहीं मान ने यह भी दावा किया कि बैठक में पड़ोसी राज्यों द्वारा पेश किए गए कई प्रस्ताव पंजाब के अधिकारों को सीमित करने वाले थे, जिनका उन्होंने कड़ा विरोध किया. नदी जल विवाद पर मुख्यमंत्री मान ने सुझाव दिया कि बदलते हालात को देखते हुए सिंधु नदी जल संधि की समीक्षा की जानी चाहिए. उनका प्रस्ताव था कि चिनाब नदी से 24 मिलियन एकड़ फीट पानी पंजाब की ओर मोड़ा जाए, ताकि उत्तर भारत के राज्यों में सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा सके. दिल्ली प्रदूषण पर उन्होंने कहा कि पराली जलाने को लेकर पंजाब को बेवजह दोषी ठहराया जाता है, जबकि धान की कटाई में देरी के कारण पराली जलाने की घटनाएं भी देर से होती हैं. मुख्यमंत्री मान ने सुझाव दिया कि नदी जल समझौतों की हर 25 साल में समीक्षा होनी चाहिए, ताकि बदलते हालात अनुसार राज्यों के अधिकार निर्धारित किए जा सकें.

पन्ना डायमंड अब बन गया है एक ब्रांड, इससे बनेंगे निवेश के नए अवसर

जीआई टैग मिलने से पन्ना डायमंड को मिली है वैश्विक पहचान रैपुरा में बनेगा नवीन महाविद्यालय ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाया जाएगा शाहनगर ब्लॉक में खुलेंगे दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना की रत्नगर्भा भूमि किसी पहचान की मोहताज नहीं है। पन्ना ने खुद के साथ मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों जहां देखो, उधर अपना पन्ना ही चमक रहा है। पन्ना की पुण्यधरा से निकलने वाले पारस (हीरा) से मध्यप्रदेश पूरे विश्व में मशहूर हो रहा है। मध्यप्रदेश को 'डायमंड स्टेट' और 'टाइगर स्टेट' का दर्जा दिलाने का श्रेय भी पन्ना को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना डायमंड को जीआई टैग मिलने पर जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जीआई टैग ने पन्ना की पहचान पर अब वैश्विक मुहर लगा दी है। अब पूरी दुनिया यहां के हीरों को 'पन्ना डायमंड' के नाम से ही जानेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पन्ना डायमंड' अब एक ब्रांड के रूप में उभर रहा है। इससे न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में पहचान बढ़ेगी, बल्कि वैल्यू-चेन, माइनिंग, प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट और जेम-आधारित उद्योग, सबमें निवेश के नए अवसर सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्ना जिले को बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है। आज पन्ना और छतरपुर के बीच भव्य राजगढ़ पैलेस होटल का शुभारंभ भी हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहनगर में हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां करीब 83 करोड़ रूपए की लागत वाले 14 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 9 करोड़ रूपए की लागत से बनी बिसानी-श्यामगिरी-कल्दा-सलेहा वाया मैन्हा मार्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण एवं 74 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री ने 4.25 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले पवई में तिघरा बैराज का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर हितग्राही सम्मेलन की शुरूआत की। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मारतम् गायन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर रैपुरा में नवीन महाविद्यालय खोलने, वर्तमान ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाने तथा शाहनगर ब्लॉक में दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने करीब 135 करोड़ की लागत से टिकरिया-रीठी वाया खमरिया मार्ग का निर्माण करने, शाहनगर-बोरी-चमरईया सड़क मार्ग के चौड़ीकरण सहित पुराने बांधों की नहरों का सर्वे कराकर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का काम कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पवई और शाहनगर महाविद्यालय में विधि और विज्ञान संकाय भी शुरु किया जाएगा तथा शाहनगर के बंद उद्योग फिर से शुरू कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना के विकास को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार पन्ना में 15 करोड़ की लागत से डायमंड बिजनेस पार्क तैयार कर रही है। यह पार्क पन्ना की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय लिखेगा। इसके साथ बड़ागांव में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक पार्क का विकास लगभग पूर्ण है। वर्षों से बंद पड़ी एनएमडीसी परियोजना को हमने पुनः प्रारंभ कराया गया है, जिससे बड़े स्तर पर हीरो का खनन एक बार फिर प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना जिले के विकास को नया रूप देगी। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से जिले में 1 लाख 35 हज़ार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 600 से अधिक गांवों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। हमारे पवई को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व, विश्व प्रसिद्ध हीरे, समृद्ध वन संपदा, केन नदी का अ‌द्भुत कछार और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियां सब मिलकर आने वाले वर्षों में जिले की अर्थव्यवस्था को एक नए स्वरूप में ढालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या, पार्क की वैश्विक प्रतिष्ठा और पर्यटकों का रुझान, स्थानीय युवाओं के लिए गाईडिंग, होटल रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर बना रहा है। सरकार द्वारा होम-स्टे, एडवेंचर टूरिज्म और कनेक्टिविटी सुधारने के प्रयासों से क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है। हम पन्ना जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में पन्ना पूरे प्रदेश में अग्रणी है। यहां 10 हज़ार 301 स्व-सहायता समूहों की 1 लाख से अधिक बहनों को 180 करोड़ रुपए से ज़्यादा का बैंक लिंकेज मिला है, जिसमें से लगभग 18 हज़ार महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना जिले की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। लाड़ली बहनों को प्रति माह 1500 रुपए राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए करीब 25 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और संबंधित निवेशक के साथ एमओयू भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पवई बांध ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना द्वारा 158 ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।  

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बीएलओ से संवाद कर प्रतिदिन कार्य की करें समीक्षा

भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना और सचिव श्री बिनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक, एसआईआर कार्य के प्रगति की समीक्षा की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र, सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी व अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी नगर पालिक निगमों के कमिश्नर हुए शामिल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 बीएलओ को किया सम्मानित भोपाल भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना एवं सचिव श्री बिनोद कुमार ने बुधवार को वर्चुअल बैठक की। इस दौरान प्रदेश में चल रहे एसआईआर के कार्य की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा सहित सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी नगर पालिक निगमों के कमिश्नर शामिल हुए। भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि एसआईआर के कार्य को सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गंभीरता से लें। चुनावी मोड पर कार्य करें। लापरवाही ना करें। बैठक के दौरान निदेशक श्रीमती सक्सेना ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को बांटे जा रहे गणना पत्रक, मैपिंग और डिजिटलाइजेशन के कार्य की समीक्षा की और बेहतर कार्य करने वाले जिलों की प्रशंसा की। भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी कमिश्नर नगर पालिक निगम को जल्द से जल्द डिजिटलाइजेशन का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी जिले कार्ययोजना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। प्रत्येक दिन बीएलओ के कार्य की समीक्षा कर बीएलओ से संवाद करें एवं कार्य में आ रही कठिनाइयों का त्वरित निराकरण करें। सहयोग के लिए वालेंटियर्स को लगाएं। कलेक्टर मैदानी स्तर पर जाकर एसआईआर कार्य की प्रगति देखें। आयोग द्वारा प्रतिदिन आपके कार्य की निगरानी और समीक्षा की जा रही है। आप भी अपने अपने जिलों में प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें। इस दौरान प्रदेश में सबसे अच्छा कार्य करने वाले जिले अशोक नगर, सीहोर, पांढुर्णा, बालाघाट और नर्मदापुरम् के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी से उनकी कार्यप्रणाली जानी गई जिससे अन्य कलेक्टर्स भी आवश्यक सुधार कर सकें। बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने सभी कलेक्टर्स को प्रतिदिन समीक्षा और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 10% से अधिक गणना पत्रक के डिजिटलाइजेशन के कार्य का लक्ष्य तय करें। एक सप्ताह के अंदर सभी कार्य पूरा करें। जो डाटा मैपिंग हो चुका है उसका डिजीटलाइजेशन सुनिश्चित करें। प्रदेश के 6 बीएलओ हुए सम्मानित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने मध्यप्रदेश निर्वाचन सदन भोपाल में 6 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारियों) को उत्कृष्ट कार्य करने पर शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने कहा कि प्रदेश के अन्य बीएलओ को इनसे प्रेरणा लेकर त्वरित लक्ष्य पूर्ति के लिये प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा में सर्वप्रथम शत् प्रतिशत कार्य पूरा करने वाले बीएलओ को भोपाल में सम्मानित किया जाएगा। बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री झा ने राजगढ़ जिले के बीएलओ श्री देवकरण शर्मा, देवास जिले के श्री महेन्द्र सिंह परमार, सीहोर जिले के श्री भूरुलाल गहरवाल, श्री गजराज सिंह, बैतूल जिले के श्री दीपक वर्मा और भोपाल जिले के बीएलओ श्री सुरेश वर्मा को सम्मानित किया है। बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रामप्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी व श्री राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।  

सीमा पर बढ़ी तनाव की आंच: पोलैंड का बड़ा कदम, रूस ने चेताया— ‘जवाब दोगुना होगा’

पोलैंड  पोलैंड ने अपने देश में चल रहे रूसी दखल और तोड़फोड़ की घटनाओं को देखते हुए रूस के आखिरी बचे कॉन्सुलेट (ग्दांस्क) को भी बंद करने का निर्णय ले लिया है। यह कदम पोलैंड में रेलवे ट्रैक उड़ाने की घटना के बाद उठाया गया है, जिसके लिए दो यूक्रेनी नागरिकों पर संदेह है जो कथित तौर पर रूसी खुफिया एजेंसियों के लिए काम कर रहे थे। पोलैंड के विदेश मंत्री रादेक सिकोर्स्की ने बताया कि रूस को कई बार चेतावनी दी गई थी कि यदि उसने “शत्रुतापूर्ण गतिविधियाँ” नहीं रोकीं तो उसके कूटनीतिक ठिकानों को और कम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “यह हमारी पूरी प्रतिक्रिया नहीं है, लेकिन मैंने ग्दांस्क में चल रहे रूस के आखिरी कॉन्सुलेट को बंद करने का फैसला किया है।” उन्होंने इसे एक “राज्य प्रायोजित आतंकवादी कृत्य” बताया क्योंकि विस्फोट का उद्देश्य लोगों को नुकसान पहुँचाना था। रूस की प्रतिक्रिया रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाखारोवा ने कहा कि इसके जवाब में रूस भी “पोलैंड की कूटनीतिक मौजूदगी कम करेगा।” क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि पोलैंड के साथ संबंध “पूरी तरह से खराब हो चुके हैं” और इस कदम पर उन्होंने “अफसोस” जताया।   घटना क्या थी? सप्ताहांत में पोलैंड के वारसॉ से यूक्रेन सीमा की ओर जाने वाली रेलवे लाइन पर विस्फोट हुआ। पटरी को गंभीर नुकसान पहुँचा। किसी के घायल होने की सूचना नहीं। यह घटना मीका के पास हुई (वारसॉ से 100 किमी दूर) एक दूसरी घटना में पुलावी इलाके में पावर लाइनों को भी नुकसान पहुँचाया गया। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इसे “अभूतपूर्व सबोटाज” बताया।उन्होंने संसद में बताया कि दो संदिग्ध लंबे समय से रूसी गुप्तचर एजेंसियों से जुड़े थे। दोनों संदिग्ध पोलैंड से भागकर बेलारूस चले गए हैं। पश्चिमी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन पर हमले के बाद रूस और उसके सहयोगियों ने यूरोप मेंदर्जनों सबोटाज और आगजनी जैसी घटनाएँ करवाई हैं। माना जा रहा है कि इस सब के पीछे रूस का लक्ष्य यूक्रेन के लिए समर्थन कम करना औऱ यूरोपीय देशों में डर और विभाजन फैलाना है। पिछले वर्षों में पोलैंड ने पहले भी रूस के क्राकोव और पोजनान स्थित कॉन्सुलेट बंद किए थे। क्राकोव कॉन्सुलेट को इसलिए बंद किया गया क्योंकि 2024 में वारसॉ के शॉपिंग सेंटर में लगी आग को रूसी खुफिया एजेंसी द्वारा करवाया गया षड्यंत्र बताया गया।  

जापान पर चीन की सख्ती: ताइवान विवाद भड़का, सीफूड आयात पर रोक

टोक्यो/बीजिंग ताइवान को लेकर चीन और जापान के बीच रिश्तों में इस कदर कड़वाहट आ गई है कि बात सीफूड बैन तक पहुंच गई है। बुधवार को जापानी और चीनी मीडिया रिपोर्ट्स ने इसका दावा किया। चीन ने जापानी सीफूड आयात पर अगस्त 2023 में भी पाबंदी लगाई थी। तब फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट के वेस्टवॉटर को लेकर दूरी बढ़ी थी। तब चीन ने जापानी सीफूड पर बैन लगा दिया था। इससे जापान को बहुत नुकसान हुआ था, क्योंकि चीन जापान का सबसे बड़ा खरीदार था। जून 2025 में चीन ने आंशिक रूप से बैन हटाया था, जिसके बाद लगभग 700 जापानी निर्यातक फिर से रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर चुके थे। लेकिन केवल 3 को मंजूरी मिली थी। 19 नवंबर को चीन ने इसे फिर से पूर्ण रूप से बहाल कर दिया। जापानी कृषि मंत्री नोरिकाज़ु सुजुकी ने कहा कि यह निर्यातकों के लिए बड़ा झटका है। 2023 में जापान के कुल सीफूड निर्यात का 15.6 फीसदी हिस्सा चीन जाता था। हाल में पीएम साने ताकाइची के ताइवान को लेकर दिए बयान से विवाद आगे बढ़ा। ताकाइची ने संसद में कहा था कि “ताइवान में संकट का मतलब जापान में संकट है” और जापान "सामूहिक आत्मरक्षा के नाम पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।" तनाव उस समय और गहरा गया जब मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के महानिदेशक लियू जिनसॉन्ग की जापान के विदेश मंत्रालय के एशियाई और ओशिनिया ब्यूरो के महानिदेशक मसाकी कनाई से बैठक हुई। लियू ने बैठक के बाद कहा कि परिणाम “असंतोषजनक” रहे और जापान ने चीन की चिंताओं को दूर करने के लिए “कोई ठोस कदम” नहीं उठाया। वहीं, जापानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक ज्यादातर पूर्व में दिए गए आधिकारिक बयानों की पुनरावृत्ति साबित हुई। चीन ने दोहराया कि जब तक सांसद ताकाईची अपना बयान वापस नहीं लेतीं, तब तक बीजिंग पहले से लागू कदमों को हटाने का इरादा नहीं रखता। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने चीन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के शोधकर्ता जियांग हाओयू के हवाले से लिखा: “टोक्यो चाहे तो तनाव कम करने के लिए दूत भेजे या समझाने की कोशिश करे, लेकिन चीन का रुख साफ है—जब तक ताकाईची अपना बयान वापस नहीं लेंगी, कोई भी राजनयिक स्पष्टीकरण स्थिति को हल नहीं कर सकता।” ताइवान को लेकर बढ़ते तनाव के बीच चीन और जापान के रिश्तों में पिछले कुछ दिनों में नई कड़वाहट जुड़ गई है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब जापान की एक वरिष्ठ सांसद ने संसद में कहा कि “सबसे खराब स्थिति”—जैसे कि चीन द्वारा ताइवान के आसपास समुद्री मार्गों की नाकाबंदी—में जापान को सैन्य हस्तक्षेप पर विचार करना पड़ सकता है। बीजिंग ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए तुरंत मांग की कि टिप्पणी वापस ली जाए। ताकाइची की 7 नवंबर को की गई टिप्पणी के बाद चीन ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। चीन ने अपने नागरिकों को जापान की यात्रा से सावधान रहने की सलाह दी, साथ ही छात्रों को जापान में पढ़ाई के लिए सतर्क रहने की हिदायत दी गई। तनाव अब सांस्कृतिक और मनोरंजन क्षेत्र तक भी पहुंच चुका है। जापान की प्रसिद्ध मनोरंजन कंपनी योशिमोटो कोग्यो ने मंगलवार को घोषणा की कि “अनिवार्य परिस्थितियों” के कारण उसने शंघाई इंटरनेशनल कॉमेडी फेस्टिवल में अपने शो रद्द कर दिए हैं।