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आज का राशिफल 21 नवंबर 2025: जानें सभी 12 राशियों का दिन कैसा बीतेगा

मेष राशि- 21 नवंबर के दिन आपका अनोखा दृष्टिकोण निखर कर आएगा। आप जिज्ञासु और सीखने के लिए तत्पर महसूस करेंगे। विचारों का आदान-प्रदान करने और समाधान खोजने के लिए दूसरों से बात करें। वृषभ राशि- 21 नवंबर के दिन आप अपने आस-पास के लोगों के प्रति ज्यादा संवेदनशील महसूस कर सकते हैं। आपकी गट फीलिंग रिश्तों और कार्यों में समझदारी भरे डिसीजन लेने में आपकी मदद करेगी। खुद पर भरोसा करें। मिथुन राशि- 21 नवंबर के दिन छोटे-छोटे ब्रेक क्रिएटिविटी को बढ़ावा दे सकते हैं। हाई एनर्जी बनाए रखने के लिए सामाजिक समय और शांत पलों में संतुलन बनाए रखें। सरप्राइज के लिए अपनी क्षमता का उपयोग करें। कर्क राशि- 21 नवंबर के दिन अपने मूल्यों के प्रति सच्चे रहें। आप चुनौतियों का सामना करुणा के साथ कर सकते हैं, और प्रॉब्लम को प्रगति में बदल सकते हैं। आज आपकी भावनाएं गहरी हैं, जो आपको महत्वपूर्ण चीजों के बारे में स्पष्ट संकेत दे रही हैं। सिंह राशि- 21 नवंबर के दिन आपके पास काम को लेकर क्लैरिटी और शांत मन है। बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे चरणों में तोड़कर, आप लगातार प्रगति हासिल करेंगे। कॉन्फिडेंस और संकल्प के साथ मुश्किलों को दूर करने के लिए अनुशासित रहें। कन्या राशि- 21 नवंबर के दिन प्रेम जीवन में ईमानदारी दिखाएं। ऑफिस में नए टास्क करें, जिससे करियर में तरक्की होगी। सीखने और उन लोगों से जुड़ने के अवसरों का लाभ उठाएं, जो रोमांचक प्रेरणा देते हैं और उज्ज्वल संभावनाओं के द्वार खोलते हैं। तुला राशि- 21 नवंबर के दिन अपने दिल पर भरोसा करें। उन संदेशों पर ध्यान दें, जो आपको भावनात्मक विकास और आत्म-समझ की ओर ले जा रहे हैं। आज आप महत्वाकांक्षा और धैर्य का संतुलन बनाए रखेंगे। वृश्चिक राशि- 21 नवंबर के दिन पैसों के मामले में आप सुरक्षित हैं। सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं। एक खुशहाल रोमांटिक रिश्ते के लिए प्रयास करें। पेशेवर जिम्मेदारियों को लेकर सावधान रहें। धनु राशि- 21 नवंबर के दिन अपने डिसीजन पर भरोसा रखें। आज आप लॉन्ग टर्म योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एनर्जेटिक महसूस करेंगे। छोटे-छोटे कार्य सफलता और संतुष्टि की मजबूत नींव रखेंगे, क्योंकि आप केंद्रित रहेंगे। मकर राशि- 21 नवंबर के दिन आप विचारों को साझा करने और नए रास्ते तलाशने के लिए खुले हैं। आपका मन क्रिएटिव विचारों से भरा हुआ है। दोस्तों से बात करना या ग्रुप में शामिल होना नए विचारों को दर्शाता है। कुंभ राशि- 21 नवंबर के दिन आसान एक्सपेरिमेंट्स कॉन्फिडेंस लाते हैं। अपनी जिज्ञासा पर भरोसा करें। आज के दिन को आपको दिलचस्प और रोमांचक अवसरों की ओर ले जाने दें। उत्साह और जिज्ञासा आपके मन को नए विचारों से भर देंगे। मीन राशि- 21 नवंबर के दिन धन का उपयोग समझदारी भरे निवेशों में करें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्यार में खुश रहें और हर पल का आनंद लें। ऑफिस में प्रोफेशनल रवैया आपके पक्ष में रहेगा। समृद्धि बनी रहेगी, लेकिन आज आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा।

जम्मू में कश्मीर टाइम्स ऑफिस पर बड़ी कार्रवाई, हथियारों के कारतूस बरामद; मीडिया ने कहा- आवाज दबाने की कोशिश

जम्मू कश्मीर जम्मू कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने देश के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में गुरुवार को 'कश्मीर टाइम्स' के कार्यालय पर छापा मारा और अन्य चीजों के अलावा एके राइफलों के कारतूस तथा पिस्तौल के कुछ कारतूस बरामद किए। अधिकारियों ने कहा कि एसआईए के अधिकारियों ने प्रकाशकों और प्रवर्तकों के खिलाफ एक मामला दर्ज करने के बाद अखबार के परिसरों और कंप्यूटरों की गहन जांच की। उन्होंने बताया कि छापेमारी में एसआईए ने एके राइफल के कारतूस, पिस्तौल के कुछ कारतूस और हैंड ग्रेनेड पिन समेत अन्य सामान जब्त किया। अधिकारियों ने कहा कि प्रकाशन के प्रवर्तकों से पूछताछ हो सकती है। वहीं, कश्मीर टाइम्स के प्रबंधन ने प्रकाशन के जम्मू कार्यालय में कथित छापे की कड़ी आलोचना की और कहा कि राज्य के खिलाफ गतिविधियों के आरोप एक स्वतंत्र मीडिया संस्थान को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है। सोशल मीडिया पर जारी एक संयुक्त बयान में संपादक प्रबोध जामवाल और अनुराधा भसीन ने कहा कि जम्मू में हमारे कार्यालय पर कथित छापा, राष्ट्र के खिलाफ गतिविधियों के बेबुनियाद आरोप और कश्मीर टाइम्स पर समन्वित कार्रवाई हमें चुप कराने की एक और कोशिश है। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करना और सरकार से दुश्मनी करना एक जैसा नहीं है। असल में, यह इसका बिल्कुल उल्टा है। एक मजबूत, सवाल पूछने वाला प्रेस एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है। सत्ता को जिम्मेदार ठहराने, भ्रष्टाचार की जांच करने, पिछड़ी आवाजों को पुरजोर करने का हमारा काम हमारे देश को मजबूत करता है। यह इसे कमजोर नहीं करता। आरोपों को 'डराने का तरीका' बताते हुए संपादकों ने कहा कि हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप डराने, गलत साबित करने और आखिर में चुप कराने के लिए हैं। हम चुप नहीं रहेंगे। छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर सिंह चौधरी ने कहा कि कार्रवाई तभी होनी चाहिए जब गलत काम साबित हो जाए, न कि दबाव के लिए। चौधरी ने आगे कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है, तो कार्रवाई की जानी चाहिए…अगर आप सिर्फ दबाव बनाने के लिए ऐसा करते हैं, तो यह गलत होगा। चौधरी ने कहा कि पत्रकारिता को मुक्त माहौल मिलना चाहिए। यह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। उन्हें मौका दिया जाना चाहिए ताकि वे अपनी आवाज मजबूती से रख सकें। अगर कोई सच छाप रहा है, तो उस पर दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। एसआईए की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे एजेंसियों की जांच के काम करने के तरीके पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन एक जैसे मानक की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर आप छापा करना चाहते हैं, तो सभी पर करें। किसी को चुनकर न करें।

पश्चिम बंगाल में SIR पर टकराव तेज़: ममता ने ज्ञानेश कुमार को भेजा लेटर, कहा– हालात बिगड़ रहे हैं

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मौजूदा प्रक्रिया अनियोजित और जबरन तरीके से चलाई जा रही है, जो नागरिकों और अधिकारियों दोनों को जोखिम में डाल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया चिंताजनक और खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि हालात काफी बिगड़ गए हैं और एसआईआर प्रक्रिया को रोक दिया जाना चाहिए।   बनर्जी ने कहा कि उन्होंने जारी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बार-बार अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं, और अब स्थिति काफी बिगड़ जाने के कारण उन्हें मजबूर होकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को यह पत्र लिखना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया लोगों पर “बिना किसी बुनियादी तैयारी या पर्याप्त योजना” के थोपी जा रही है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा, “यह प्रक्रिया जिस तरह अधिकारियों और नागरिकों पर थोपी जा रही है, वह न केवल अनियोजित और अव्यवस्थित है, बल्कि खतरनाक भी है। बुनियादी तैयारी, पर्याप्त योजना और स्पष्ट संचार के अभाव ने पहले दिन से ही पूरे अभियान को पंगु बना दिया है।” प्रशिक्षण में गंभीर खामियों, अनिवार्य दस्तावेजों को लेकर अस्पष्टता, और आजीविका के समय मतदाताओं से बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के मिलने की “लगभग असंभव” स्थिति की ओर इशारा करते हुए बनर्जी ने कहा कि एसआईआर की पूरी कवायद “संरचनात्मक रूप से कमजोर” हो गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर में कुप्रबंधन की “मानवीय कीमत अब असहनीय हो गई है।” उन्होंने जलपाईगुड़ी में बूथ-स्तरीय अधिकारी के रूप में तैनात एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत का हवाला दिया। उन्होंने आत्महत्या की, बताया जा रहा है कि वह एसआईआर से जुड़ी बेहद दबावपूर्ण परिस्थितियों के कारण मानसिक रूप से टूट गई थीं। उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया की शुरुआत के बाद से कई अन्य लोगों ने भी अपनी जान गंवाई है।” बनर्जी ने कहा, “ऐसे हालात में, मैं तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की कड़ी अपील करती हूं और इसकी अपेक्षा भी रखती हूं।” उन्होंने ज्ञानेश कुमार से कहा कि मैं आपसे रिक्वेस्ट करूंगी कि आप इस प्रक्रिया को रोकने के लिए मजबूती से दखल दें और जबरदस्ती के कदम न उठाएं, सही ट्रेनिंग और सपोर्ट दें, और मौजूदा तरीके और टाइमलाइन को अच्छी तरह से फिर से देखें।  

भाजपा ने फिर साफ किया रुख: अजित पवार की NCP में नवाब मलिक पर नहीं बनेगी बात

मुंबई  महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता आशीष शेलार ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी आने वाले नगर निगम चुनावों में नवाब मलिक के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी और धन शोधन मामले के आरोपी पूर्व मंत्री का समर्थन भी नहीं करेगी। शेलार ने संवाददाताओं से बातचीत में यहां कहा, ‘‘हम नवाब मलिक का समर्थन नहीं कर सकते हैं और हमारा यही रुख पिछले साल विधानसभा चुनावों में भी था। हम अब भी इस पर अटल हैं, और भविष्य में भी हमारा रुख यही रहेगा।’’  उन्होंने कहा, ‘‘यह मलिक के बारे में नहीं, बल्कि उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों के बारे में हैं। जब उनके खिलाफ हसीना पारकर के साथ संबंध होने के गंभीर आरोप लगे हैं तो ऐसे में हम अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते।’’ यहां की एक अदालत ने हाल में दाऊद इब्राहिम के गिरोह की गतिविधि से जुड़े धन शोधन से संबंधित मामले में मलिक के खिलाफ आरोप तय किए हैं। भाजपा की यह टिप्पणी उसके बाद आयी है। राकांपा के एक नेता ने संपर्क करने पर भाजपा की इस आलोचना को अधिक तवज्जो नहीं हुये कहा कि मलिक को दो महीने पहले ही मुंबई के लिए चुनाव समिति का प्रमुख बनाया गया था और पार्टी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘‘हमारी राजनीति किसी पर निर्भर नहीं है ।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी ने उम्मीदवारों से आवेदन मांगा है और बाद में तय करेगी कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा, भाजपा और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के साथ प्रदेश में सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है। मलिक कई बार विधायक रह चुके हैं। वह अविभाजित राकांपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष थे। इसके बावजूद, कुछ इलाकों को छोड़कर, पार्टी की मुंबई में कभी कोई खास मौजूदगी नहीं रही। उन्होंने पिछले साल शिवाजीनगर-गोवंडी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन समाजवादी पार्टी उम्मीदवार से हार गये थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मलिक ने दाऊद गिरोह की सदस्य हसीना पारकर, सलीम पटेल और सरदार खान के साथ जोड़-तोड़कर कुर्ला उपनगर के गोवावाला में हड़पी गई संपत्ति में हिस्सा लिया था। ईडी ने इस मामले में मलिक को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया था। वह अभी शीर्ष अदालत से चिकित्सा आधार पर मिली जमानत पर बाहर हैं।  

इंडो-पाक बॉर्डर पर गिरा रिमोट संचालित विमान, वायुसेना ने बताई असली वजह

जैसलमेर  राजस्थान के जैसलमेर में आज भारतीय वायुसेना का एक विमान क्रैश हो गया। हालांकि कोई ऐसी चिंता की बात नहीं है क्योंकि यह रिमोट से चलने वाला विमान था और इसमें किसी व्यक्ति या कहें एयरफोर्स पायलट की उपस्थिति नहीं थी। इस घटना में किसी भी व्यक्ति या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है। जहां यह हादसा हुआ है,वह भारत-पाक सीमा के पास पड़ता है। भारतीय वायुसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि एक IAF रिमोट से संचालित विमान (RPA), जो एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था, इंजन में खराबी आने के बाद जैसलमेर के पास सुरक्षित रूप से आपात लैंडिंग के लिए मजबूर हुआ।" RPA भारतीय वायु सेना की टोही (reconnaissance) और निगरानी (surveillance) क्षमताओं का एक अभिन्न अंग है। वायु सेना ने आगे बताया कि RPA को एक खाली खेत में उतारा गया, जिसके परिणामस्वरूप जमीन पर कोई नुकसान नहीं हुआ और खुद RPA को भी न्यूनतम क्षति हुई। रामगढ़ पुलिस स्टेशन के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रेम शंकर ने बताया कि मानवरहित हवाई वाहन (UAV) को भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित चक नंबर 3, सत्तार माइनर के एक खेत से बरामद किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि सूचना मिलते ही रामगढ़ पुलिस स्टेशन की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। बाद में, भारतीय वायु सेना (IAF) के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और UAV को अपने कब्जे में ले लिया।  

राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र

प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी भोपाल भोपाल में 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी इन दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान श्यामला हिल्स भोपाल में चल रही है। प्रदर्शनी में 31 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने संयुक्त रूप से मिलकर विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किये हैं। यह मॉडल प्रदर्शनी में आने वाले बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। इस वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रदर्शनी का विषय सतत् भविष्य के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी रखा गया है। बच्चों के लिये प्रदर्शनी अवलोकन प्रात: 9:30 से शाम 6:30 बजे तक रहता है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कुसुमकसा, बालोद के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के छात्रों ने अभिनव प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया है। यह प्रोटोटाइप नारियल के रेशे और परलाइट को उगाने के माध्यम के रूप में उपयोग करते हुए एक आधुनिक मृदा-रहित कृषि तकनीक को प्रदर्शित करता है। इसके बारे में छात्रा खुशी विश्वकर्मा और उनकी शिक्षक सुश्री सोनल गुप्ता बताती हैं कि पारंपरिक मृदा की आवश्यकता को इस तकनीक में पौधों को केवल पानी और आवश्यक पोषक तत्वों की सहायता से उगाया जाता है, जिसमें मृदा जनित रोगों को जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है। यह विधि स्वच्छ, अधिक कुशल खेती और स्वास्थ्य वर्धक फसलों के लिये उपर्युक्त है। इस प्रणाली का प्रमुख लाभ यह है कि इसमें पौधों को ऊर्ध्वाधर परतों पर उगाया जा सकता है, जिसमें कम भूमि में अधिक खाद उत्पादन संभव होता है, जो सीमित साधन या शहरी क्षेत्रों के लिये आदर्श समाधान है। इस प्रोटोटाइप में कृषि के साथ मछली पालन जैसी गतिविधियों का विस्तार भी किया जा सकता है। राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश के राजकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय लालपानी छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिये भोजन प्रबंधन प्रणाली युक्त स्मार्ट चम्मच का प्रदर्शन किया है। इस साइंस मॉडल के बारे में विद्यार्थी दिव्यांशु सोनी गौरव और उनकी शिक्षक सुश्री नेहा शर्मा ने बताया कि इस मॉडल के माध्यम से भोजन की ताजगी का परीक्षण किया जा सकता है। तैयार किये गये प्रोटोटाइप में रियल टाइम में डिजिटल स्क्रीन पर परिणाम देखा जा सकता है। खाद्यान्न असुरक्षित पाये जाने पर उपकरण अलर्ट देता है। इस तरह के उपकरण से समाज में स्वस्थ खान-पान की आदतों को बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र राज्य के प्रगट विद्यामंदिर, रामगढ़ मालवन, सिंधु दुर्ग के छात्रों ने दर्भा घास से बनाया स्ट्रा पाइप को प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा तैयार किये गये उपकरण से प्लास्टिक स्ट्रा के विकल्प के रूप में घास से तैयार स्ट्रा का उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है। पर्यावरण को सबसे ज्यादा खतरा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं से पहुंच रहा है। प्रदर्शनी में आये बच्चों ने इस उपकरण के संबंध में जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में सौरमंडल के मॉडल को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस सौरमंडल में ग्रहों की स्थिति और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई है। प्रदर्शनी में यह मॉडल भी बच्चों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में प्रतिदिन विभिन्न स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे भ्रमण कर रहे  हैं। 

चीता परियोजना के अभूतपूर्व परिणाम, चीतों की संख्या बढ़कर हुई 32

मध्यप्रदेश में लौटा एशिया का गौरव भोपाल  प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी 33 महीने की मादा चीता मुखी द्वारा पाँच शावकों को जन्म देने के साथ ही भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर शुरू चीता परियोजना के सबसे उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। यह भारत में वन्यजीव प्रबंधन का स्वर्ण‍िम समय है। भारत में शावकों का जन्म हुआ। हाल ही में दो नर चीते गांधी सागर सेंचुरी में सफलतापूर्वक पुनर्वासित हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 27 चीते थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 32 हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने वैश्विक प्रकृति संरक्षण में समर्प‍ित नेतृत्व का प्रदर्शन किया है। इसके लिये कुनो राष्ट्रीय उद्यान सहित सभी अधिकारी कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। भारत में चीता की वापसी यह सिद्ध करती है कि दूरदृष्टि तथा संकल्प के साथ खोई विरासत को वापस लाया जा सकता है। पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ते चीतों के परिवार के साथ मध्यप्रदेश एशिया का गौरव बन गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर 3 वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश को चीता परियोजना की सौगात मिली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को अपने जन्म दिवस पर पहले पालपुर कूनो में चीते छोड़कर प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। बेहतर वन्यजीव प्रबंधन के कारण चीतों के परिवारों में वृद्ध‍ि हो रही है। उल्लेखनीय है कि 'प्रोजेक्ट चीता को ‘इनोवेटिव इनिशिएटिव्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। शानदार पृष्ठभूमि प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाकर हुई। इसने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान आकर्षित किया। कूनो पालपुर और गांधी सागर अभयारण में चीते दौड़ रहे है। चीतों ने भारतीय वातावरण को आश्चर्यजनक रूप से पूरी तरह अपना लिया है। पिछले तीन वर्षों में पाँच चीता मादाओं द्वारा 6 बार शावकों को जन्म देना इस परियोजना की सफलता और लचीलापन का परिचायक है। वे भारतीय शिकार जैसे चीतल के प्रति अच्छी अनुकूलता दिखा रहे हैं। प्रोजेक्ट चीता की प्रबंधन टीम ने अथक प्रयास किये हैं। परिणाम स्वरूप चीते न केवल जीवित रहे बल्कि सफलतापूर्वक अपना परिवार भी बढ़ाया।

ट्रैफिक नियम तोड़े तो तैयार रहें: हाईकोर्ट ने E-Challan सिस्टम को दी कड़ी मंजूरी

पंजाब  पंजाब के वाहन चालकों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। ई-चालान को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला लिया है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को साफ कहा है कि ई-चालान प्रणाली लागू करने में अब टालमटोल नहीं चलेगी। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की बेंच ने ये आदेश पंजाब में ई-चालान को पूरी तरह लागू करने की मांग वाली एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद ई-चालान की संख्या बढ़ी है, लेकिन लोगों को अभी भी चालान फाइल करने के लिए कोर्ट या ऑफिस में फिजिकली जाना पड़ता है। याचिका में दलील दी गई कि हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में पहले से ही नेशनल वर्चुअल कोर्ट पोर्टल हैं, जिनके जरिए लोग छोटे चालान ऑनलाइन भर सकते हैं। पंजाब में इस देरी को 'समझ से बाहर' बताते हुए, पूरे राज्य में इस सिस्टम को लागू करने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान NIC ने बताया कि अभी HLR ई-चालान एप्लीकेशन सिर्फ मोहाली में काम कर रहा है। इसका कारण यह है कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने अभी तक दूसरे जिलों के लिए फॉर्मल अपील नहीं भेजी है। NIC अधिकारियों ने कहा कि राज्य जिस भी जिले के लिए अपील भेजेगा, वहां 2 हफ्ते के अंदर एप्लीकेशन एक्टिवेट हो जाएगी। NIC ने यह भी साफ किया कि ई-चालान लागू करने का प्रोसेस 2 हिस्सों में बंटा हुआ है। पहला, जनरल लाइन एप्लीकेशन जिसे ई-कमेटी की मंजूरी के बिना तुरंत सेट अप किया जा सकता है। राज्य को बस अपील और इंफ्रास्ट्रक्चर देना होगा। दूसरा हिस्सा वह खास मॉड्यूल है जिसकी मांग राज्य ने की है, जिसके लिए ई-कमेटी की मंजूरी जरूरी है। यह प्रोसेस रजिस्ट्रार जनरल और हाई कोर्ट की टीम के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। सुनवाई के दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि रजिस्ट्रार जनरल को ज़रूरी पार्टी बनाया जाए ताकि पूरा मामला ई-कमेटी तक ठीक से पहुंच सके। NIC ने एक बार फिर दोहराया कि बेसिक ई-चालान एप्लीकेशन तुरंत लागू किया जा सकता है, बशर्ते राज्य फॉर्मल अपील भेजे।   जालंधर और अमृतसर में भी पूरा हो चुका काम राज्य की ओर से पेश वकील ने कहा कि जालंधर और अमृतसर में ई-चालान से जुड़ा ज़्यादातर टेक्निकल काम पूरा हो चुका है। लुधियाना में कैमरे और इक्विपमेंट लगा दिए गए हैं। उन्होंने माना कि कुछ टेक्निकल दिक्कतों की वजह से देरी हुई है, लेकिन राज्य सभी जिलों में ई-चालान के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए पूरी तरह से कमिटेड है। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट पर भी नाराजगी जताई और पूछा कि पहले फाइल की गई रिपोर्ट में इन बातों का ज़िक्र क्यों नहीं किया गया। राज्य ने कहा कि ये डेवलपमेंट हाल ही में हुए हैं और पैराग्राफ-वाइज़ जवाब देने के लिए और समय चाहिए। कोर्ट ने इसे मानते हुए कड़ा रुख दिखाया और कहा कि अगली तारीख तक डिटेल में जवाब फाइल करना होगा।

गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अनूठी पहल पर मध्यप्रदेश ने हवाई पर्यटन के क्षेत्र में एक गौरवशाली अध्याय आरंभ किया है। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का संचालन गुरुवार, 20 नवंबर से विधिवत शुरू हो गया है। परंपरागत गाजे-बाजे, उत्साह, रंगों और स्थानीय जनता के गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ यह सेवा शुरू हुई, जिसने पूरे प्रदेश में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया। यह सेवा अब नियमित रूप से संचालित होकर मध्यप्रदेश के पर्यटन को एक नई दिशा और तीव्र गति प्रदान करेगी। पहली उड़ान: एक ऐतिहासिक पल पहले दिन तीन सेक्टरों में शेड्यूल के अनुसार हेलीकाप्टर ने भोपाल से मढ़ई और मढ़ई से पचमढ़ी के लिए उड़ान भरी। इंदौर से उज्जैन एवं ओंकारेश्वर और जबलपुर से कान्हा तथा बांधवगढ़ के बीच हेली सेवा संचालित हुई, जिसका जनप्रतिनिधियों और महंतों ने आनंद लिया।  पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह सेवा आध्यात्मिक, प्राकृतिक और वन्यजीव पर्यटन को एक तेज, सुगम और किफायती हवाई मार्ग प्रदान करेगी। यह नया हेली नेटवर्क न केवल यात्रियों का बहुमूल्य समय बचाएगा, बल्कि प्रदेश में रोजगार और निवेश को भी बढ़ावा देगा।  अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों को जोड़ने का अभिनव प्रयास है। किफायती किराए और कम समय में गंतव्य तक पहुंचना इस सेवा को पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक बनाएगा। यह हाई-वैल्यू और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगा। भोपाल से प्रकृति के आंचल में भोपाल से मढ़ई के लिए सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया, श्रीमती प्रीति शुक्ला, योगेंद्र राजपूत और संदेश पुरोहित ने यात्रा की। मढ़ई से पचमढ़ी तक की उड़ान में इनके साथ पिपरिया विधायक श्री ठाकुर दास नागवंशी और सोहागपुर विधायक श्री विजय पाल सिंह भी जुड़े।  इंदौर से पवित्र तीर्थों की यात्रा पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का इंदौर में भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। सेवा के प्रथम चरण में इंदौर से उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा उज्जैन से ओंकारेश्वर तक हेलीकॉप्टर से धार्मिक यात्रा प्रारंभ हुई। बिचोली मर्दाना स्थित हेलीपैड से भक्ति भाव से परिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में यात्रियों का पहला दल रवाना हुआ। यात्रियों के पहले दल को जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने झंडी दिखाकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए रवाना किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह पर्यटन सेवा धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय है। इंदौर से उज्जैन और ओंकारेश्वर के इस आध्यात्मिक सर्किट की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस पहल की साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों को सुविधा, समय की बचत और सुरक्षित यात्रा का नया अनुभव प्रदान करेगी। पर्यटकों ने भी इसे धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अत्याधुनिक कदम बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी। यात्रियों के प्रथम दल में विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री महेंद्र हार्डिया, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, मीडिया कर्मी सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हुए। हेली सेवा से उज्जैन पहुंचने पर यात्रियों का पुष्पवर्षा से परंपरागत स्वागत किया गया। उज्जैन में आयोजित 10 मिनट की जॉय-राइड में महंत आनंद पुरी जी, महंत मंगल दास जी, महंत रामेश्वर गिरी जी और महंत डॉ. रामेश्वर दास जी सम्मिलित हुए। जबलपुर से वन-संपदा तक जबलपुर के श्री अनिल तिवारी और श्री ओमनारायण दुबे ने कान्हा और बांधवगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को निहारा। शेड्यूल के अनुसार जबलपुर से अमरकंटक की सेवा का संचालन 21 नवंबर से प्रारंभ होगा। जबलपुर से मैहर और चित्रकूट तक आवागमन के लिए भी हेली सेवा का लाभ पर्यटक ले सकेंगे।    सेक्टरवार प्रमुख सुविधाएं धार्मिक सेक्टर : इंदौर–उज्जैन 20 मिनट में, उज्जैन–ओंकारेश्वर 40 मिनट में, ओंकारेश्वर–इंदौर 25 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इको टूरिज्म सेक्टर : भोपाल–मढ़ई–पचमढ़ी तक तेज कनेक्टिविटी।  भोपाल–मढ़ई 40 मिनट में,  मढ़ई–पचमढ़ी 20 मिनट में और सीधी उड़ान: भोपाल–पचमढ़ी 60 मिनट में होगी पूरी। वाइल्डलाइफ़ सेक्टर : जबलपुर–मैहर 60 मिनट में, मैहर–चित्रकूट 30 मिनट में, चित्रकूट–मैहर 30 मिनट में, जबलपुर–बांधवगढ़ 45 मिनट में और जबलपुर–अमरकंटक 60 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। आसान बुकिंग पर्यटक www.flyola.in, https://air.irctc.co.in/flyola और https://transbharat.in/ पर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।  

समंदर में ‘फर्जी आईलैंड’ मिशन! पाकिस्तान की दिन-रात ड्रिल पर सवाल, क्या ट्रंप का बड़ा दांव?

कराची  भारी आर्थिक तंगी और आटे-चावल के लिए भी बदहाली से जूझ रहा पड़ोसी देश पाकिस्तान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक उकसावे पर जुनूनी हो गया है। पाकिस्तान में कथित तौर पर तेल भंडार होने के ट्रंप के दावे और दिलचस्पी दिखाने के कुछ महीने बाद, पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (PPL) अरब सागर में तेल और गैस की खोज करने के लिए एक कृत्रिम द्वीप बनाने में जुट गया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सिंध के तट से करीब 30 किलोमीटर दूर सुजावल के पास एक कृत्रिम द्वीप बना रहा है। यह द्वीप सिंधु नदी के पास है और पाकिस्तान के मुख्य कमर्शियल हब कराची से करीब 130 किलोमीटर दूर है।   रिपोर्ट में कहा गया है कि जब से डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के तेल भंडार में रुचि जताई है, तब से ही पाकिस्तान सुनहरे सपने देखने लगा है। यही वजह है कि इस्लामाबाद में बैठी कठपुतली सरकार ने अपने ड्रिलिंग प्रयास तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां बिना रुके-थके, चौबीसों घंटे ड्रिलिंग का काम हो रहा है। यह स्ट्रक्चर छह फीट ऊंचा होगा ताकि ऑपरेशन को हाई टाइड से बचाया जा सके। फरवरी 2026 तक काम होगा पूरा PPL के जनरल मैनेजर अरशद पालेकर के हवाले से ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि आइलैंड का कंस्ट्रक्शन अगले साल फरवरी तक पूरा हो जाने की संभावना है। इसके बाद तुरंत वहां ड्रिलिंग ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में PPL का लक्ष्य करीब 25 कुओं की खुदाई करना है। अरब सागर के सिंध बेसिन में जहां ये द्वीप बनाया जा रहा है उसकी भारत से दूरी करीब 60-70 KM ही है। अबू धाबी से सीखा नकली द्वीप बनाना ड्रिलिंग के लिए समुद्र से मिट्टी निकालकर आर्टिफिशियल आइलैंड बनाना पाकिस्तान के लिए एक कठिन और दुरूह काम है। यह प्रोजेक्ट देश के लिए पहला है। हालाँकि, यह कॉन्सेप्ट नया नहीं है, और UAE जैसे देशों ने प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने के लिए पारंपरिक ऑफशोर रिग की जगह ऐसे आइलैंड बनाए हैं। PPL ने भी अबू धाबी के ड्रिलिंग और कृत्रिम द्वीप बनाने के के सफल प्रयोग से बड़ी सीख ली है और यह प्रोजेक्ट शुरू किया है। बता दें कि ऐसे आइलैंड मिट्टी, रेत या दूसरे कंस्ट्रक्शन मटीरियल को तब तक जमा करके बनाए जाते हैं जब तक पानी की सतह अंदर तक न पहुँच जाए और एक आइलैंड की सतह न बन जाए। इसका एक बड़ा फ़ायदा यह है कि लोग एक ही आइलैंड पर रह सकते हैं और काम कर सकते हैं, जिससे काम की जगह तक आने-जाने का खर्च और समय कम हो जाता है, जिससे कार्य क्षमता बढ़ जाती है।