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बीएलओ की आत्महत्या पर ममता का हमला: ‘एसआईआर से और कितनी जानें जाएंगी?’

कोलकाता पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच एक और बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीएलओ के सुसाइड पर चुनाव आयोग की आलोचना की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कृष्णानगर में एक और बीएलओ, एक महिला शिक्षक की मौत की खबर सुनकर बहुत सदमा लगा। विधानसभा क्षेत्र छपरा (82) में बीएलओ रिंकू तरफदार ने अपने घर पर आत्महत्या करने से पहले अपने सुसाइड नोट में चुनाव आयोग को दोषी ठहराया है।" इसके बाद, मुख्यमंत्री ने पूछा कि एसआईआर की वजह से पश्चिम बंगाल में और कितनी जानें जाएंगी।  ममता बनर्जी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "और कितनी जानें जाएंगी? एसआईआर के लिए और कितने लोगों को मरना होगा? इस प्रोसेस के लिए हमें और कितनी लाशें देखनी पड़ेंगी? यह अब सच में बहुत चिंता की बात हो गई है।" दावा है कि नादिया जिले की बूथ-लेवल ऑफिसर (बीएलओ) रिंकू तरफदार ने कथित तौर पर राज्य में एसआईआर से जुड़े काम के दबाव के कारण आत्महत्या की। अपने सुसाइड नोट में रिंकू तरफदार ने कथित तौर पर अपनी चिंता जताई थी कि अगर उन्होंने बीएलओ का काम पूरा नहीं किया तो उन पर प्रशासनिक दबाव आएगा। पुलिस के मुताबिक, महिला बीएलओ ने सुसाइड नोट में कथित तौर पर लिखा था, "मैं प्रेशर नहीं झेल सकती।" इस हफ्ते पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़ी आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। इससे पहले जलपाईगुड़ी में शांति मुनि एक्का नाम की एक और महिला बीएलओ ने कथित तौर पर आत्महत्या की थी। यह घटना जलपाईगुड़ी के माल बाजार इलाके में हुई। एक्का की मौत के बाद भी मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की आलोचना की थी। वहीं, परिवार ने आरोप लगाया कि उसने अपनी जान देने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वह एसआईआर के काम का दबाव नहीं झेल पा रही थी।

अपराध पर जीरो टॉलरेंस: सम्राट चौधरी बोले— बिहार में बदमाशों की अब खैर नहीं

पटना बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस बार गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी मिली है। इस बीच, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने शनिवार को साफ कर दिया कि बिहार में अपराधियों की खैर नहीं है, उन्हें प्रदेश से बाहर ही जाना होगा। दरअसल, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस बीच, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, " भाजपा नेतृत्व, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर मुझे गृह मंत्री के तौर पर काम करने का मौका दिया है। बिहार की जनता को मैं आश्वस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में लगातार सुशासन स्थापित होने की चिंता की जाएगी।" उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने लगातार सुशासन स्थापित किया है। आगे भी सुशासन की पूरी व्यवस्था उनके ही मार्गदर्शन और नेतृत्व में होगी।" बिहार के उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "बिहार में सुशासन है। बिहार में एक व्यवस्था खड़ी है। बिहार के सुशासन ने अराजकता और जंगलराज को समाप्त कर दिया है और उसी व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। लेकिन इतना तय है कि अपराधियों के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर ही अपराधियों को जाना होगा।" दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद शुक्रवार को बिहार सरकार में विभागों का बंटवारा कर दिया गया। नई कैबिनेट में सबसे अहम गृह विभाग डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सौंपा गया है। भाजपा कोटे से आने वाले सम्राट चौधरी अब नीतीश सरकार में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे। गुरुवार को नीतीश कैबिनेट में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर जबरदस्त सफलता हासिल की है। 

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर हुआ 4285 रुपए

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 22 नवंबर को 4285 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए 21 नवंबर को 4271 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

प्रारंभिक कक्षाओं का अर्धवार्षिक मूल्यांकन अब 8 दिसंबर से

राज्य शिक्षा केन्द्र ने जारी की नई समय सारिणी भोपाल  प्रदेश की शासकीय और अशासकीय शालाओं में कक्षा 3 से 8 के लिए सोमवार 24 नवम्बर से आयोजित होने वाला अर्धवार्षिक मूल्यांकन की तिथि बढ़ाई गई है। अब मूल्यांकन का कार्य 8 दिसम्बर से 13 दिसम्बर 2025 के मध्य होगा। राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक श्री हरजिंदर सिंह ने वर्तमान में प्रदेश में संचालित चुनावी प्रक्रिया एसआईआर में शासकीय कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण कक्षा 3 से 8 के अर्धवार्षिक मूल्यांकन की तिथियों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नवीन समयसारिणी जारी की है।  

ग्रीन हाइड्रोजन पर भारत का वैश्विक भरोसा मजबूत: हरदीप सिंह पुरी का बड़ा बयान

नई दिल्ली केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा कि भारत हाइड्रोजन के हर मॉलिक्यूल में विश्वास पैदा कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम को लेकर जानकारी देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए लिखा, "ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन स्कीम (जीएचसीआई) को इस वर्ष अप्रैल में लॉन्च किया गया था। यह स्कीम सुनिश्चित करता है कि हाइड्रोजन वास्तव में ग्रीन हो, जिसका उत्पादन रिन्यूएबल पावर का इस्तेमाल कर किया जाता है।" केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, ओएनजीसी, एनआरएल और सीपीसीएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां 2030 तक 900 केटीपीए क्षमता विकसित कर रही हैं, जिससे ग्रे हाइड्रोजन को रिप्लेस करने और आयात में 1 लाख करोड़ रुपए की बचत करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, भारत क्लीन एनर्जी के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। देश की जीएचसीआई बताती है कि हाइड्रोजन को किस प्रकार मापा जाता है, मॉनिटर किया जाता है और वेरिफाई किया जाता है। यह स्कीम प्रोडक्शन से लेकर इस्तेमाल तक की इसकी यात्रा को ट्रैक करती है। इस फ्रेमवर्क के तहत, केवल वही हाइड्रोजन ग्रीन माना जाता है जो रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल कर बनाया गया हो। इसी तरह, हर किलोग्राम हाइड्रोजन से 2 किलोग्राम से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड न निकलना इसे ग्रीन मानता है। भारत की हाइड्रोजन इकोनॉमी में ट्रांसपेरेंसी और ग्लोबल क्रेडिबिलिटी आए इसके लिए हर प्रोड्यूसर का ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफ्शिएंसी से मान्यता प्राप्त वेरिफिकेशन एजेंसियों से ऑडिट होना जरूरी है। जीएचसीआई एक सर्टिफिकेशन से बढ़कर ओरिजिन की गारंटी है, इंटीग्रिटी, सस्टेनेबिलिटी और सेल्फ-सफिशिएंसी की मुहर है, जो पीएम मोदी के विजनरी लीडरशिप में भारत को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जा रहा है जो ग्रीन, फेयर और भरोसेमंद है। वीडियो के अनुसार, पानीपत, विजाग, बीना, नुमालिगा और ऑफशोर क्लस्टर्स के प्रोजेक्ट्स रिफाइनरियों और इंडस्ट्रीज में ग्रे हाइड्रोजन की जगह लेंगे, जिससे जल्द ही देश को जीवाश्म ईंधन आयात में 1 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। 

मध्यप्रदेश को बनाए वैज्ञानिक अनुसंधान का हब : मंत्री सारंग

भोपाल में राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का हुआ आयोजन भोपाल खेल युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में है यहां की सारी परिस्थितियां विज्ञान अनुसंधान के अनुकूल है। इस कारण केन्द्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को विज्ञान अनुसंधान हब के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां देश के अन्य राज्यों में हो रहे वैज्ञानिक अनुसंधानों से बेहतर समन्वय किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेश में बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के आयोजन को महत्वपूर्ण क्षण बताया। मंत्री श्री सारंग शनिवार को भोपाल में 59वीं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। बाल विज्ञान प्रदर्शनी में 23 राज्यों 7 केन्द्र शासित प्रदेशों और 7 अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के 800 से अधिक बाल वैज्ञानिक और शिक्षकों ने संयुक्त रूप से 240 साइंस मॉडल प्रदर्शित किये। इस मौके पर महापौर भोपाल नगर निगम श्रीमती मालती राय भी मौजूद थी। बाल वैज्ञानिकों में भारत की उज्ज्वल तस्वीर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बाल वैज्ञानिकों ने साइंस पर केन्द्रित नवाचार करते हुए मॉडल प्रदर्शित किये हैं। इससे हमें भारत के भविष्य की उज्ज्वल तस्वीर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि बाल वैज्ञानिकों को सतत प्रोत्साहन दिया जाये तो इनमें से किसी को भी नोबल पुरस्कार मिल सकता है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनुसंधान को महत्व देते हुए नया नारा 'जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान और जय अनुसंधान' दिया है। इस नारे में प्रधानमंत्री ने अनुसंधान को भी महत्व दिया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई को हिन्दी माध्यम से किये जाने के लिये मेडिकल की पुस्तकें हिन्दी में तैयार की हैं। इसकी प्रसंशा देश भर में हुई है। नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा को महत्व सचिव केन्द्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग नई दिल्ली श्री संजय कुमार ने राष्ट्रीय बाल विज्ञानिक प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिये स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दीं। नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए सचिव श्री संजय कुमार ने कहा, "इसमें जोर दिया गया है बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृ भाषा में होना चाहिए"। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक काल में बच्चों का मस्तिष्क विकास मातृ भाषा में ही होता है। सचिव श्री संजय कुमार ने अंग्रेजी को एक विषय के रूप में पढ़ने और अधिक से अधिक भाषाओं के सीखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में जो बच्चा पहली कक्षा में आता है वह कम से कम 12वीं कक्षा तक अनिवार्य रूप से पढ़ाई करे। केन्द्रीय सचिव श्री संजय कुमार ने बच्चों को स्कूल में आनंद पूर्ण माहौल में शिक्षा दिये जाने की भी बात कही। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली श्री दिनेश प्रसाद सकलानी, निदेशक राष्ट्रीय नवप्रर्वतन प्रतिष्ठान गांधी नगर गुजरात डॉ. अरविंद सी. रानाडे, एनसीईआरटी प्रो. सुनीता फरक्या ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।  

बड़वानी में हथियार तस्करी पर करारा प्रहार, संयुक्त पुलिस कार्रवाई में 10 आरोपी पकड़े गए

बड़वानी जिले के महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में बसे उमर्टी में एक बार फिर पुलिस कार्रवाई में अवैध हथियार निर्माण की फैक्ट्री पकड़ी गई है। इस बार कार्रवाई में बड़वानी, खरगोन सहित महाराष्ट्र पुलिस के 200 कर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। संयुक्त कार्रवाई में अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर महाराष्ट्र पुलिस के अपराध से संबंधित सात आरोपित और वरला थाना के तीन आरोपितों को धर दबोचा। मौके से एक देशी पिस्टल सहित भारी मात्रा में अवैध हथियार निर्माण करने की सामग्री बरामद की। पहले रैकी कराई, फिर दी दबिश उक्त कार्रवाई के पूर्व खरगोन के मंडलेश्वर, बेडिय़ा और वरला पुलिस टीम से उमर्टी क्षेत्र की रैकी कराई गई। इसके बाद दबिश कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई में पुणे पुलिस महाराष्ट्र की टीम का नेतृत्व डीसीपी समय मुंडे, खंडवा-खरगोन की टीम का नेतृत्व एएसपी खरगोन बिट्टू सहगल और बड़वानी टीम का नेतृत्व सेंधवा एसडीओपी अजय वाघमारे ने किया। इस दौरान थाना प्रभारी वरला भी अपने बल के साथ मौजूद रहे। बड़वानी पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर के निर्देशन में कार्रवाई में वरला थाना प्रभारी नारायण रावल, सेंधवा ग्रामीण प्रभारी ओमप्रकाश चोंगड, सेंधवा शहर बलजीत सिंह बिसेन, उपनिरीक्षक कृष्णा मंडलोई, सहायक उपनिरीक्षक उमाशंकर मंडलोई, गुजरा बारिया सहित खरगोन, खंडवा का बल शामिल रहा।   इन आरोपितों को बड़वानी पुलिस ने पकड़ा     सतवंत सिंह पुत्र बडवानी सिंग टकराना से एक पिस्टल और अवैध हथियार निर्माण करने की सामग्री लोहे के पाइप, भट्टी चलाने का पंखा, कानस, लोहे की प्लेट, सरिए, अवैध हथियार बनाने के सांचे (कुल कीमत 25 हजार रूपये)     अवतार सिंह पुत्र महुसिंग से अवैध हथियार निर्माण करने का लोहे के पाइप, भट्टी चलाने का पंखा, कानस, लोहे की प्लेट, सरिए, अवैध हथियार बनाने के सांचे, लोहे के धारदार फरसे (कुल कीमत 25 हजार रूपये)     नूरबिन सिंह पुत्र हेटसिंग के कब्जे से अवैध हथियार निर्माण करने का लोहे के पाइप, भट्टी चलाने का पंखा, कानस, लोहे की प्लेटे, सरिए, अवैध हथियार बनाने के सांचे, लोहे के धारदार फरसे (कीमत 25 हजार रूपये) इन आरोपितों को ले गई महाराष्ट्र पुलिस     राजपाल सिंह पुत्र प्रधान सिंह     नानक पुत्र अजित सिंह     गुरूचरण सिंह पुत्र आव सिंह     बच्चन सिंह पुत्र दिवान सिंह     जशवीर पुत्र प्रकाश सिंह     प्रवीण पुत्र उत्तम सिंह टकराना     अलोक सिंह पुत्र जोहरसिंह (सभी निवासी उमर्टी, उक्त सभी आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये मूल्य की हथियार निर्माण सामग्री जब्त की गई।)

डिजिटल रजिस्ट्री का कमाल: सिर्फ 21 दिनों में पार हुए 10 हजार का आंकड़ा, एक दिन में बना राज्यस्तरीय रिकॉर्ड

चंडीगढ़ राज्य में नवंबर के पहले 21 दिन में 10,450 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पेपरलेस हुए हैं। राज्य के डिजिटल लैंड-रजिस्ट्री सिस्टम ने एक दिन में नया रिकॉर्ड बनाया, इसमें बिना कागज के 1,659 रजिस्ट्रेशन प्रोसेस किए गए। अब बेहतर वर्कफ्लो के लिए अब सिस्टम अपग्रेडेड कर सॉफ्टवेयर को काफी मजबूत किया गया है। 1 से 21 नवंबर के बीच लोगों ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन 9,365 अपॉइंटमेंट बुक किए। अब तक कुल 10,450 अपॉइंटमेंट हो गए। इनमें से बीते 3 सप्ताह में 8,338 डीड अप्रूव व कुल 9,260 डीड अप्रूव हो गए हैं। सिस्टम अब रोज करीब 1,500 डीड प्रोसेस कर रहा है, एक दिन में औसतन 1,659 रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म की बेहतर कैपेसिटी है। पोर्टल पर ऑफिसर-साइड फीचर्स को भी अपग्रेड किया गया है। खेवट व विलेज ब्लॉकिंग चालू कर दी गई है, इससे सभी जिलों में अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग आसान हो गई है।  सिस्टम में अब आरसी और सब-रजिस्ट्रार के दोनों डैशबोर्ड पर डीड वेरिफिकेशन सही ढंग से दर्शाता है। अब तहसीलदार अपने लॉगिन से सीधे टोकन वापस कर सकते हैं। वितायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नागरिकों को बेवजह फाइनेंशियल नुकसान से बचाने के लिए स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेशन, टोकन डिडक्शन और डॉक्यूमेंट को प्रभावित करने वाली कई दिक्कतें पहले ही हल कर दी गई हैं।  

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने किया साढ़े 4 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने शनिवार को गोविंदपुरा में साढ़े चार करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं स्थानीय विकास को अधिक गति प्रदान करेंगी। क्षेत्र में बढ़ती आबादी के साथ पीने के पानी की मांग भी बढ़ रही है, गोविंदपुरा में 9 पानी की टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि भविष्य में पानी की समस्या नहीं होगी और पर्याप्त आपूर्ति होने से घर-घर नर्मदा जल पहुंचेगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 74, कैलाश नगर में 1 करोड़ 80 लाख की लागत वाली पानी की टंकी तथा 23 लाख की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों आरसीसी नाली, रोडक्रॉस, रिटेनिंग वॉल एवं सीसी रोड का भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड 74 के कोलुआ में 28 लाख की लागत से सीसी रोड, आरसीसी नाली, पेविंग ब्लॉक रिटेनिंग वॉल के निर्माण कार्य के साथ महोली में 17 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। इसमें सीसी रोड का निर्माण, चबूतरा रेलिंग एवं कोटा स्टोन लगाने का कार्य तथा हनुमान मंदिर के पास आरसीसी नाली निर्माण शामिल है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 68 अयोध्या नगर सेक्टर – एफ में 2 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किय, इसकी लागत करीब 2 करोड़ 26 लाख रुपए है। यह परियोजना क्षेत्रवासियों को सुचारू एवं सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में श्रीमती शकुन लोधी, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्रीमती पूनम प्रजापति, श्री नीलेश गौर, श्री राजू लोधी, श्री लवकुश यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।  

1.40 करोड़ इनामी नक्सली एर्रा सहित 37 माओवादी मुख्यधारा में लौटे, तेलंगाना में बड़ा सरेंडर ऑपरेशन

जगदलपुर तेलंगाना में माओवादी संगठन को तगड़ा झटका लगा है, जहां पहली बार बड़ी संख्या में शीर्ष नेतृत्व से जुड़े माओवादियों ने एक साथ हथियार डाले हैं। तेलंगाना डीजीपी शिवधर रेड्डी के सामने कुल 37 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 3 स्टेट कमेटी सदस्य शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में कोय्यादा सम्बैया उर्फ आजाद, अप्पासी नारायण उर्फ रमेश और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य मूचाकी सोमडा उर्फ एर्रा जैसे बड़े नाम शामिल हैं। एर्रा को लंबे समय से हिड़मा के सबसे भरोसेमंद साथियों में गिना जाता था। सरेंडर लिस्ट में 3 स्टेट कमेटी सदस्य, 3 डिवीजनल कमेटी सदस्य, 9 एरिया कमेटी मेंबर और 22 पार्टी कमेटी सदस्य शामिल हैं। इन सभी पर कुल 1,40,05,000 रुपए का इनाम घोषित था, जो तेलंगाना–दक्षिण बस्तर बेल्ट में संगठन की सक्रियता को दर्शाता है। सरेंडर करने वाले अपने साथ एक AK-47, दो SLR, चार 303 रायफल सहित अन्य हथियार लेकर पहुंचे हैं। 37 माओवादियों में 12 तेलंगाना स्टेट कमेटी से जुड़े थे, जबकि 23 दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी और 2 PLGA के सक्रिय सदस्य थे। आजाद ने सरेंडर के दौरान खुलकर कहा कि वे लंबे समय से मुख्यधारा में लौटना चाहते थे और संगठन को इसकी जानकारी देकर ही आए हैं। सरेंडर किए नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं का मिलेगा लाभ अधिकारियों का कहना है कि यह सरेंडर माओवादियों की दक्षिण बस्तर–तेलंगाना सीमा पर कमजोर होती पकड़ का बड़ा संकेत है। विशेष रूप से हिड़मा के नेटवर्क में सक्रिय एर्रा का आत्मसमर्पण संगठन के लिए बड़ा मनोबल गिराने वाला माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे माओवादी संगठन के भीतर बढ़ते अविश्वास और लगातार दबाव की परिणति बता रही है। तेलंगाना पुलिस का दावा है कि भविष्य में और बड़े स्तर पर सरेंडर की संभावनाएं है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने सरेंडर करने वालों को पुनर्वास योजनाओं का लाभ देने की घोषणा की है। इस सामूहिक आत्मसमर्पण से दंडकारण्य क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।