samacharsecretary.com

कतर्नियाघाट वन्य जीव अभ्यारण्य में बोट सफारी की क्षमता दोगुनी करने का प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट, थारू-थाली और चंदन चौकी शिल्पग्राम को किया जाएगा विकसित  कतर्नियाघाट वन्य जीव अभ्यारण्य में बोट सफारी की क्षमता दोगुनी करने का प्रस्ताव दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनुभव-थारू संस्कृति योजना के क्रियान्वयन का प्रस्ताव       लखनऊ  उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की हालिया बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य जैसे क्षेत्रों को इको टूरिज्म का हब बनाने के उद्देश्य से थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय व्यंजनों और वन्यजीव सफारी को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के प्रस्ताव पेश किए गये। इसके साथ ही पर्यटकों को विशेष अनुभव के लिए 'अनुभव – थारू संस्कृति' योजना के तहत शिल्पग्राम को विकसित करने व  व थारू-थाली का विशेष प्रचार करने का प्रस्ताव भी पेश किया गया है। यूपी इको टूरिज्म की इन पहलों से न केवल पर्यटकों को अनोखा अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के आर्थिक उत्थान व समावेशी विकास को भी नई दिशा मिलेगी।   कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य में नदी सफारी की क्षमता होगी दोगुनी उत्तर प्रदेश, नेपाल सीमा क्षेत्र में स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य में गेरुआ नदी पर बोट या नदी सफारी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में वन विभाग द्वारा गेरूआ नदी में दो बोटों का संचालन किया जा रहा है। नदी सफारी के लिए पर्यटकों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने दो अतिरिक्त बोटों के संचालन की योजना पेश की है।इससे वन्यजीव अभ्यारण्य में नदी सफारी की क्षमता दोगुनी हो जाएगी और पर्यटकों को अधिक सुविधा मिलेगी। बोर्ड ने वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इन बोटों को पर्यावरण-अनुकूल तकनीक से लैस करने पर जोर दिया है, ताकि नदी तट पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।  'अनुभव – थारू संस्कृति' व थारू-थाली योजना के संचालन से बढ़ेगा स्थानीय पर्यटन  यूपी इको टूरिज्म विकास बोर्ड दुधवा राष्ट्रीय उद्यान व कतर्निया घाट के तराई क्षेत्र में रहने वाली थारू जनजाति की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने वाली 'अनुभव – थारू संस्कृति' योजना का भी प्रस्ताव भी पेश किया है। जो न केवल इन अभ्यारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान में आने वाले पर्यटकों को एक विशेष अनुभव प्रदान करेगा साथ ही थारू समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान व समावेशी विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी क्रम में बोर्ड 'थारू थाली' को सक्रिय रूप से प्रचारित कर रहा है। यह थाली, थारू जनजाति के पारंपरिक व्यंजनों से युक्त है, जो स्थानीय जड़ी-बूटियों, अनाज और मसालों से तैयार की जाती है। क्षेत्र के होटलों और रिसॉर्ट्स संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने मेन्यू में थारू थाली को अनिवार्य रूप से शामिल करें। साथ ही टूरिज्म बोर्ड ने ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की भी योजना बनाई है, जहां थारू समुदाय के युवाओं व महिलाओं को खान-पान और आतिथ्य कला सिखाई जाएगी। जिससे न केवल प्रदेश में जनजातिय सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा बल्कि समुदाय के लोगों को आय व रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।  चंदन चौकी शिल्पग्राम के पुनर्विकास का रखा गया प्रस्ताव समीक्षा बैठक में एक अन्य प्रस्ताव चंदन चौकी शिल्पग्राम के विकास के लिए भी पेश किया गया है। जनजातीय विकास विभाग द्वारा निर्मित यह शिल्पग्राम पूरी तरह तैयार है, लेकिन वर्तमान में बंद पड़ा है। दुधवा क्षेत्र में स्थित यह केंद्र थारू और अन्य जनजातीय संस्कृति के कौशल व कला के प्रदर्शन स्थल के रूप में पुनः विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यहां हस्तशिल्प प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बोर्ड ने सुझाव दिया कि जनजातीय विकास विभाग की सहमति से पर्यटन विभाग, इकोटूरिज्म बोर्ड या पर्यटन निगम इसे निजी निवेश के माध्यम से संचालित करेगा। इससे पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ेंगी और इको-टूरिज्म को नया आयाम मिलेगा। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से सीएम योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म का हब बनाने की कार्ययोजना को बल मिलेगा साथ ही राजस्व वृद्धि व जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ थारू जनजाति के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

आनंदपुर साहिब गुरुघर के अनुभव के साथ तैयार होगा PM मोदी का समागम स्थल

कुरुक्षेत्र गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर व इंदबड़ी की करीब 170 एकड़ धरा पर गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी समागम बेहद खास रहेगा। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के चलते यहां विशेष तैयारी की जा रही है। संगत को यहां पहुंचते ही पंजाब के रूपनगर स्थित और सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक माने जाने वाले आनंदपुर साहिब गुरुघर का अनुभव होगा। इसकी थीम पर ही समागम की तैयारी की जा रही है, पूरे समागम स्थल को गुरुघर का रूप दिया जाएगा। आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु गोविंद सिंह जी रहे थे और यहीं सन् 1699 में गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब है, जो सिख धर्म के पांच तख्तों में से तीसरा है। ऐसे में इस समागम स्थल को भी उसी तर्ज पर सजाया जाएगा। एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि यहां संगत को पूरी तरह से गुरुघर का अहसास होगा। समागम स्थल के लिए वॉटरबॉडी से गुजरेगी संगत वाहनों की आवाजाही नेशनल हाईवे 152 डी की ओर से रखी जाएगी और यहां पहुंचते ही इंदबड़ी की ओर पार्किंग होगी। पार्किंग के साथ ही प्रवेश द्वार होगा। इसके बाद संगत विशेष तौर पर तैयार की जा रही वॉटर बॉडी से गुजरते हुए समागम स्थल में प्रवेश करेगी। इसी समागम स्थल के दोनों ओर लंगर हॉल होंगे। वहीं, समागम के मुख्य पंडाल के करीब 150 मीटर दूरी पर ही तीन हेलिपेड का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। इन हेलिपेड को मुख्य पंडाल, पिहोवा रोड और ज्योतिसर गांव की सड़क से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए तीनों ओर सड़क तैयार की जाएगी। यही नहीं इंदबड़ी जाने वाली सड़क से लेकर मुख्य पंडाल तक भी एक सड़क तैयार की जाएगी। प्रदर्शनी में बयां होगा पूरा संघर्ष मुख्य पंडाल के साथ ही 30 बाई 60 मीटर एरिया में प्रदर्शनी तैयार की जा रही है जिसका 50 फीसदी से ज्यादा कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी व उनके परिवार के पूरे जीवन व संघर्ष को चित्रों के जरिये दर्शाया जाएगा। यही नहीं पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में पूरा विवरण भी दर्ज होगा। 100 से ज्यादा हट कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा से लेकर अन्य कर्मियों के लिए 100 से ज्यादा हट तैयार की गई हैं। वहीं, सीसीटीवी कंट्रोल रूम और बिजली सप्लाई रूम तैयार किए जा रहे हैं।

IND vs SA 2nd Test Day 1: पहले दिन का खेल समाप्त, दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 247/6

गुवाहाटी  दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के पहले दिन शनिवार को यहां भारत के खिलाफ स्टंप तक छह विकेट पर 247 रन बना लिए। टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने वाली दक्षिण अफ्रीका के लिए ट्रिस्टन स्टब्स ने 49 और कप्तान तेम्बा बावुमा ने 41 रन बनाए। सेनुरन मुथुसामी 25 और काइल वेरेने एक रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। भारत की तरफ से कुलदीप याद ने तीन जबकि जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और रविंद्र जडेजा ने एक-एक विकेट लिया। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। दक्षिण अफ्रीका ने चायकाल तक एक विकेट पर 82 रन बना लिये थे। इस टेस्ट मैच में चायकाल, लंच से पहले लिया गया है। दक्षिण अफ्रीका का पहला विकेट एडन मारक्रम के रूप में 27वें ओवर में गिरा। मारक्रम ने 81 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 38 रन बनाये। चायकाल के बाद पहले ही ओवर में कुलदीप यादव ने रायन रिकलटन को आउटकर भारत को दूसरी सफलता दिलाई। रायन रिकलटन ने 82 गेंदों में पांच चौके लगाते हुए 35 रन बनाये। भोजनकाल तक दक्षिण अफ्रीका ने दो विकेट पर 156 रन बना लिये थे।  

निकाय चुनाव से पहले BJP की धमाकेदार तैयारी, 100 पार्षद निर्विरोध और कई मंत्री संबंधी उम्मीदवार

मुंबई  महाराष्ट्र में 2 दिसंबर को होने वाले नगरपालिका और नगर पंचायत चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ी चुनावी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। पार्टी ने दावा किया है कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि पर 100 से अधिक पार्षद निर्विरोध चुने जा चुके हैं। राज्य BJP अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व का असर है कि इतने बड़े स्तर पर BJP उम्मीदवार बिना मतदान के ही जीत हासिल कर रहे हैं। शुक्रवार नाम वापसी का अंतिम दिन था। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही तीन नगरपालिका परिषदों में अध्यक्ष पद पर भी BJP उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव हुआ है। रविंद्र चव्हाण ने इसे जनता के विकासोन्मुखी नीतियों पर विश्वास का प्रमाण बताया। इन निर्विरोध जीतों में से 49 उत्तरी महाराष्ट्र से, 41 पश्चिमी महाराष्ट्र से, चार कोकण क्षेत्र से, तथा मराठवाड़ा और विदर्भ से क्रमशः तीन-तीन पार्षद शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, कुल 103 सीटें निर्विरोध जीती गईं, जिनमें 100 नगर सेवक और तीन नगर अध्यक्ष पद शामिल हैं। वंशवाद और दबाव के आरोपों से घिरी BJP बता दें कि 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए मतदान 2 दिसंबर को होगा और परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। लेकिन मतदान से पहले ही BJP की कई जीतों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। हालांकि, विपक्ष इन निर्विरोध जीतों को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है। उनका कहना है कि भाजपा नेताओं के रिश्तेदारों को जीत सुनिश्चित कराने के लिए विरोधी उम्मीदवारों पर दबाव डाला गया और प्रशासन का इस्तेमाल किया गया। उदाहरण के तौर पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चचेरे भाई आल्हाद कलोटी चिखलदरा नगर पंचायत से पार्षद निर्विरोध चुने गए। कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवारों को धमकाकर या लालच देकर हटाया गया। इसी तरह, जल संसाधन मंत्री गिरिश महाजन की पत्नी साधना महाजन को जामनेर नगर परिषद का अध्यक्ष पद निर्विरोध मिला, जहां नौ नामांकनों में से आठ वैध थे लेकिन बाकी सभी उम्मीदवारों ने वापसी कर ली। धुले जिले के डोंधिचा नगर पंचायत में मंत्री जयकुमार रावल की मां नयना कुंवर रावल 26 अन्य पार्षदों के साथ निर्विरोध चुनी गईं। विपक्षी उम्मीदवार शरयू भावसार का नामांकन खारिज होने के बाद वे बिना चुनाव मैदान के ही विजेता घोषित हुईं। भावसार ने आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव में नामांकन रद्द किया गया। सोलापुर के अंगार नगर पंचायत में भाजपा के 17 उम्मीदवार सभी सीटें निर्विरोध जीतने वाले हैं। कई और नेता-परिवार भी चुनाव मैदान में या निर्विरोध विजेता सूत्रों के अनुसार BJP मंत्रियों और विधायकों- श्रम मंत्री आकाश फुंडकर, वस्त्र मंत्री संजय सवकारे, मंत्री अशोक उईके, पूर्व सांसद रामदास तडस, विधायक मंगेश चव्हाण और विधायक प्रकाश भरसकले के रिश्तेदार भी या तो चुनाव मैदान में हैं, या कई पहले ही निर्विरोध जीत चुके हैं। विपक्ष का तंज: BJP का वंशवाद ‘ग्राम पंचायत लेवल’ तक पहुंचा कांग्रेस, शरद पवार की NCP और शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाया कि BJP की वंशवाद राजनीति अब पूरी तरह स्थानीय निकाय चुनावों तक पहुंच चुकी है। विपक्षी पार्टियों का दावा है कि पुलिस और प्रशासन पर असर डालकर विरोधियों को चुनाव से हटाया जा रहा है। महाराष्ट्र में स्थानीय चुनावों के लिए राजनीतिक तापमान अपने चरम पर है।

अब संपत्तियों की होगी ड्रोन आधारित जांच, रडार तकनीक बनाएगी 3D इमेज

 रायपुर  नगर निगम जल्द ही राजधानी की सभी संपत्तियों का व्यापक और तकनीकी आधारित नया सर्वे शुरू करने जा रहा है. निगम सूत्रों के अनुसार, इस माह के अंत तक सर्वे प्रक्रिया का शुभारंभ किया जाएगा. इसके लिए नगर निगम एक निजी कंपनी के साथ अनुबंध की अंतिम तैयारी में है. वर्क ऑर्डर जारी होते ही कंपनी घर-घर जाकर संपत्तियों का सर्वे करेगी. उद्देश्य उन संपत्तियों को टैक्स दायरे में शामिल करना है जो अब तक निगम के रिकॉर्ड से बाहर हैं, साथ ही पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल और सटीक रूप में अपडेट करना है. पिछला सर्वे 2017-18 में हुआ था… नगर निगम द्वारा अंतिम बार सर्वे वर्ष 2017-18 में विश्व बैंक की सहायता से जीआईएस तकनीक पर आधारित कराया गया था. उस समय करीब 3.52 लाख संपत्तियों को निगम के रिकॉर्ड में शामिल किया गया था. लेकिन इसके बाद शहर का तेजी से विस्तार हुआ और बड़ी संख्या में नए आवासीय, व्यावसायिक भवन, मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट और प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स विकसित हुए. निगम का अनुमान है कि पिछले सर्वे के बाद से लगभग 50 से 60 हजार नई संपत्तियां रिकॉर्ड में नहीं जुड़ीं. अब 62 करोड़ आएगा खर्च पहले योजना थी कि सर्वे ड्रोन तकनीक से किया जाए, लेकिन निगम कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस बार रडार सर्वे जिसमें 3डी इमेज के जरिए सर्वे किया जाएगा. रडार तकनीक से सटीक त्रि-आयामी (3डी) मानचित्र तैयार होगा, जिसमें प्रत्येक भवन की ऊंचाई, फ्लोर, कंस्ट्रक्शन टाइप और वास्तविक भू-आकृति स्पष्ट रूप से दर्ज होगी. इस हाई-रेजोल्यूशन मैपिंग से भविष्य में सिवरेज नेटवर्क, पेयजल लाइन, सड़क निर्माण और नगरीय ढांचे की योजना बनाने में भी मदद मिलेगी. कुल परियोजना लागत पहले अनुमानित 60 करोड़ थी, लेकिन रडार तकनीक अपनाने से लगभग 2 करोड़ ज्यादा लगेंगे. प्रोजेक्ट के लिए 10 कंपनियों ने दिया प्रेजेंटेशन इस परियोजना के लिए नगर निगम ने 10 अलग-अलग कंपनियों से तकनीकी प्रस्तुतीकरण लिए थे. इनमें ड्रोन, रडार और सैटेलाइट आधारित सर्वे की अलग-अलग तकनीकों की तुलना की गई. पिछली त्रुटियों को ध्यान में रखते हुए निगम ने इस बार दोहरी पद्धति अपनाने का निर्णय लिया है. पिछले सर्वे में मिलीं थीं कई बड़ी गड़बड़ियां 2017-18 के सर्वे में लगभग 80 हजार संपत्तियों में माप, वर्गीकरण और स्वामित्व दर्ज करने में त्रुटियां पाई गई थीं. लगभग 1.5 लाख संपत्तियों में पूरा डेटा उपलब्ध नहीं था. करीब 40 हजार संपत्तियों में मालिक बदलने के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ. कई मामलों में निगम के पास न तो मोबाइल नंबर थे और न ही वर्तमान पता. डोर-टू-डोर सत्यापन और दावा-आपत्ति प्रणाली रडार सर्वे के बाद दूसरे चरण में निगम की टीम घर-घर जाकर डेटा सत्यापन करेगी. प्रत्येक संपत्ति मालिक को फोटो और विवरण सहित एक डिमांड नोटिस दिया जाएगा. यदि मालिक को डेटा में कोई त्रुटि लगती है, तो वह 7 दिनों के भीतर निगम में दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकेगा. इसके लिए अलग सेल बनाई जाएगी. ऐसे समझें खर्च और लाभ     रडार सर्वे की लागत: लगभग 80-90 करोड़ रूपए     रडार सर्वे की लागत लगभग 150 रूपए प्रति संपत्ति     अनुमानित नई संपत्तिया: 50,000- 60,000     संभावित वार्षिक अतिरिक्त राजस्व लगभग 100 करोड़ रूपए  

मुख्यमंत्री का जिलाधिकारियों को निर्देश, घुसपैठियों को चिन्हित करें, बनाए जाएं अस्थायी डिटेंशन सेंटर

मुख्यमंत्री का निर्देश, अवैध घुसपैठ पर होगी सख्त कार्रवाई   मुख्यमंत्री का जिलाधिकारियों को निर्देश, घुसपैठियों को चिन्हित करें, बनाए जाएं अस्थायी डिटेंशन सेंटर   डिटेंशन सेंटर में रखे घुसपैठियों को भेजा जाएगा वापस- मुख्यमंत्री योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करे और नियमानुसार कार्रवाई शुरू करे।   मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा।

पराली प्रबंधन में बड़ा बदलाव: ईंट-भट्ठों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति, उल्लंघन पर सख्त कदम

हिसार  खेतों में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए अब इसका उपयोग ईंट-भट्ठों में ईंधन के तौर पर किया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के निर्देश पर कृषि विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पराली के निपटान की नई योजना तैयार की है। इसके तहत हर जिले की पराली वहीं उपयोग की जाएगी और प्रबंधन पर अतिरिक्त खर्च भी नहीं आएगा। साथ ही ईंट भट्ठों में कोयले की खपत भी कम होगी। प्रदेश के करीब 2480 ईंट-भट्ठों पर यह आदेश लागू होंगे। पराली के निपटान को लेकर सीपीसीबी ने ईंट भट्ठों में इसके उपयोग का प्रस्ताव दिया था, जिसे प्रदेश सरकार ने मंजूरी देकर लागू कर दिया है। इसी वर्ष से ईंट भट्ठों में 20 प्रतिशत पराली जलाना अनिवार्य कर दिया गया है। पराली को सीधे जलाने की बजाय इसे कंप्रेस कर पैलेट और ब्लॉक बनाया जाएगा। जिला स्तर पर नामित एजेंसियां पराली को इकट्ठा कर पैलेट तैयार करेंगी। यह पैलेट कोयले की तरह ही ऊर्जा देंगे और भट्ठा संचालकों के लिए सस्ता विकल्प साबित होंगे। इस संबंध में ईंट भट्ठा मालिकों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। निगरानी सख्त, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई सीपीसीबी की ओर से इन आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण किए जाएंगे। निरीक्षण में यह जांचा जाएगा कि भट्ठा मालिक किस प्रकार का ईंधन और कितनी मात्रा में उपयोग कर रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संयुक्त रूप से जांच करेंगे। मानकों का पालन न करने पर संबंधित ईंट भट्ठे का लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जाएगा। थर्मल में लागू हो चुके आदेश इससे पहले प्रदेश के थर्मल पावर प्लांट में पराली पैलेट्स जलाने के आदेशाें को लागू किया जा चुका है। इसमें पहले चरण में 10 प्रतिशत तक पराली का उपयोग किया जा रहा है। दूसरे चरण में इसे 20 प्रतिशत तक किया जाएगा। हिसार खेदड़ थर्मल पावर प्लांट में 2024 से इस नियम को लागू किया जा चुका है। पिछले चार साल से हिसार में धान का एरिया लगातार बढ़ रहा है। इस बार जिले में धान का रकबा 3 लाख 30 हजार एकड़ था। पराली जलाने का लक्ष्य नवंबर 2025 से 20 प्रतिशत नवंबर 2026 से 30 प्रतिशत नवंबर 2027 से 40 प्रतिशत नवंबर 2028 से 50 प्रतिशत अधिकारी के अनुसार हिसार जिले में 8 एजेंसी पैलेट बनाने काम कर रही हैं। अन्य जिलों में भी पैलेट्स तैयार किए जा रहे हैं। कृषि अवशेषों से बने पैलेट प्रयोग ईंट-भट्ठों में करने के बारे में निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यालय से मिले निर्देशों की पालना कराई जाएगी। इस बारे में जिला स्तर से रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। -अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, हिसार।

पुष्पा नेताम ने खेत में काटी धान, मंत्री परिवार की भागीदारी से किसानों में जोश

बलरामपुर रामानुजगंज कृषि मंत्री राम विचार नेताम की पत्नी एवं जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पुष्पा नेताम इन दिनों अपने गृह ग्राम सनवाल में धान कटाई के कार्य में पूरी तल्लीनता से जुटी हुई हैं। अक्सर रायपुर में मंत्री पति के साथ रहने वाली पुष्पा नेताम खेती के मौसम में पूरी तरह ग्रामीण जीवन में रम जाती हैं। इन दिनों वे गांव की महिलाओं के साथ खेतों में हाथ से धान काटते हुए दिखाई देती हैं, जिसे देखकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। ग्रामीणों के अनुसार पुष्पा नेताम हर साल बुवाई से लेकर कटाई तक खेतों में सक्रिय रूप से मौजूद रहती हैं। खेती-किसानी से उनका जुड़ाव परिवार की पारंपरिक परंपरा का हिस्सा है। यही वजह है कि वे अपनी व्यस्त राजनीतिक दिनचर्या से समय निकालकर भी धान कटाई में हाथ बंटाती हैं। उधर, कृषि मंत्री राम विचार नेताम भी अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बावजूद खेतों से जुड़ाव बनाए रखते हैं। रामानुजगंज विधानसभा के हालिया प्रवास के दौरान वे स्वयं धान काटने वाली मशीन चलाते हुए देखे गए, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हुए। ग्रामीणों ने बताया कि मंत्री नेताम जब भी मौका मिलता है, खेतों का रुख जरूर करते हैं, क्योंकि खेती को लेकर उनकी रुचि बचपन से रही है। मंत्री नेताम का कहना है कि “खेती से हमारा संबंध सिर्फ आज का नहीं, बल्कि पीढ़ियों से रहा है। धान बुवाई और कटाई का समय हमारे लिए खास होता है। मेरी श्रीमती हमेशा इस दौरान खेतों में मौजूद रहती हैं, और मैं भी समय मिलते ही खेतों की ओर खिंचा चला जाता हूँ।” सनवाल गांव में इन दिनों धान कटाई जोर पर है और मंत्री दंपति का श्रमदान ग्रामीणों के लिए प्रेरणा बन गया है। यह नज़ारा न केवल किसानों में उत्साह भर रहा है, बल्कि राजनीति में जमीन से जुड़े रहने का एक अनोखा उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।

कुरुक्षेत्र में SBI में बड़ा कैश लॉस: ₹40 लाख गायब, CCTV में मिली अहम जानकारी, दो कर्मचारियों पर FIR

कुरुक्षेत्र  हरियाणा के कुरुक्षेत्र की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की पिहोवा ब्रांच से 40 लाख रुपए के नोट की गड्डियां गायब होने का मामला सामने आया है। यह खुलासा तब हुआ, जब ब्रांच मैनेजर ने रूटीन जांच की और पुरानी CCTV फुटेज खंगाली। इस घटना में बैंक के ही दो कर्मचारियों पर नोट गायब करने का आरोप है। रूटीन जांच में हुआ कैश गायब होने का खुलासा ब्रांच मैनेजर तरसेम लाल ने बताया कि 18 नवंबर सुबह करीब 9:30 बजे बैंक में रूटीन निरीक्षण के दौरान करेंसी चेस्ट (बिन नंबर 26) की जांच की गई। रिकॉर्ड के अनुसार इस बिन में 500 रुपए के 90 गड्डियां होनी चाहिए थीं, लेकिन चेस्ट में केवल 82 गड्डियां ही मिलीं। इससे कुल 40 लाख रुपए गायब पाए गए। कैश ऑफिसर और अकाउंटेंट की जिम्मेदारी गायब नोटों के मामले में कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पाल से पूछताछ की गई। इन दोनों को बैंक की करेंसी चेस्ट की जिम्मेदारी दी गई थी और इनके पास ही चेस्ट की चाबियां थीं। दोनों कर्मी पूछताछ में संतोषजनक जवाब देने में असफल रहे।      गड्डियां गायब होने की बात सामने आई। इसमें बैंक के ही 2 कर्मियों पर गड्डियां गायब करने का आरोप लगा। ब्रांच मैनेजर के पुरानी सीसीटीवी फुटेज देखने पर मामले का खुलासा हुआ।     500 रुपए के नोट की 8 गड्डियां गायबः ब्रांच मैनेजर तरसेम लाल के मुताबिक 18 नवंबर सुबह करीब 9:30 बजे बैंक में रूटीन जांच की गई। इस जांच में करेंसी चेस्ट के बिन नंबर 26 का निरीक्षण किया गया। बैंक रिकॉर्ड में इस बिन में 90 गड्डियां (हर बंडल में 1 हजार नोट) 500 रुपए के नोट होने चाहिए थे, लेकिन चेस्ट में सिर्फ 82 गड्डियां मिलीं।     कैश ऑफिसर-अकाउंटेंट पर थी जिम्मेदारीः इन 8 गड्डियों के गायब होने से बैंक के 40 लाख रुपए कम पाए गए। इस पर मैनेजर ने कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पाल से पूछताछ की। इन दोनों को बैंक की ओर से करेंसी चेस्ट की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही उनके पास ही चेस्ट की चाबियां होती है।     CCTV फुटेज से खुलासाः पूछताछ में दोनों कर्मी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तब बैंक की CCTV फुटेज जांची गई। इससे खुलासा हुआ कि 10 नवंबर को आखिरी निकासी के बाद शेष बंडलों की सही जांच नहीं की। दोनों कर्मियों पर मिलीभगत करके कैश गायब करने का शक है।     कैशियर-अकाउंटेंट पर केस दर्जः ​​बैंक मैनेजर ने सीसीटीवी देखने के बाद पुलिस में शिकायत की। ​शिकायत पर पुलिस ने बैंक के कैश ऑफिसर रवि कुमार और अकाउंटेंट करण पा​​ल के खिलाफ FIR दर्ज की। कर्मियों की विभागीय जांच भी होगी। FIR के बाद जांच में जुटी पुलिस ब्रांच मैनेजर ने DSP पिहोवा निर्मल सिंह को घटना की शिकायत दी गई। उनकी शिकायत पर पुलिस ने थाना सिटी पिहोवा में रवि और करण पाल के खिलाफ BNS की धारा 316 (5) और 318 (4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज से खुलासा ब्रांच मैनेजर ने पुरानी CCTV फुटेज चेक की, जिससे पता चला कि 10 नवंबर को आखिरी निकासी के बाद शेष बंडलों की सही जांच नहीं की गई थी। फुटेज और घटनाक्रम से शक है कि दोनों कर्मियों ने मिलकर कैश गायब किया। FIR दर्ज और पुलिस जांच बैंक मैनेजर ने पुलिस में शिकायत की। DSP पिहोवा निर्मल सिंह की रिपोर्ट पर थाना सिटी पिहोवा में रवि कुमार और करण पाल के खिलाफ BNS की धारा 316 (5) और 318 (4) के तहत FIR दर्ज की गई। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। इसके अलावा कर्मियों पर विभागीय जांच भी होगी।

बटाला में हड़कंप! विजिलेंस टीम ने SDM को रिश्वत लेते दबोचा

बटाला पंजाब विजिलेंस विभाग ने बटाला के एसडीएम-कम-नगर निगम कमिश्नर विक्रमजीत सिंह पांथे को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। देर शाम हुई इस कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने उनके सरकारी आवास पर छापा मारकर 13 लाख रुपये से अधिक की नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं। शिकायतकर्ता ने दी थी कमीशन मांगने की जानकारी बीको कॉम्प्लेक्स के निवासी अमरपाल सिंह ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उन्होंने नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत करवाई थी और इसके अलावा नौवें पातशाह के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित लाइट एंड साउंड शो के लिए लगाए गए कैमरों का बिल भी लंबित था। कुल भुगतान राशि 5,54,395 रुपये बनती है।  अमरपाल के अनुसार जब वह बिल पास कराने के लिए कमिश्नर पांथे के पास पहुंचे तो उन्होंने 10% कमीशन की मांग की और उन्हें नगर निगम के एसडीओ रोहित उप्पल से मिलने को कहा। चर्चा यह भी है कि उप्पल को एसडीओ का पद खुद पांथे ने दिलाया था। कमीशन और फूल चढ़ाने की बात शिकायतकर्ता ने बताया कि उप्पल ने 10% से घटाकर 9% कमीशन देने की बात कही और साथ ही “कमिश्नर के आदेशों पर फूल चढ़ाने” जैसे शब्द भी बोले। इसके बाद विजिलेंस अधिकारियों ने ट्रैप योजना बनाते हुए शिकायतकर्ता को 50,000 रुपये दिए। रंगे हाथों गिरफ्तारी शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे, अमरपाल सिंह ने तय योजना के तहत यह राशि एसडीएम-कम-कमिश्नर पांथे को दी। जैसे ही पैसे स्वीकार किए गए, विजिलेंस टीम ने छापा मारते हुए पांथे को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। छापे में उल्लेखनीय नकदी समेत कई दस्तावेज भी जब्त किए गए।