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पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की प्रक्रिया में लायें तेजी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का है अद्भुत खजाना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पास प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत खजाना है, जिसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से पर्यटन क्षेत्र को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों का लाभ मिल सकेगा। इससे पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग का दर्जा मिलने पर होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर टूरिज़्म, ट्रेवल सर्विसेज़ सहित पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार की सब्सिडी (अनुदान सहायता), कर रियायतें और अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध होंगे। इससे निजी निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा और पर्यटन ढाँचा और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बीते दिनों पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में ठोस और त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पर्यटन विकास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि इस क्षेत्र में इंट्रेस्ट रखने वाले निवेशकों एवं उद्यमियों को सुगमता हो और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के इस बड़े निर्णय से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निवेशकों को राज्य की पर्यटन विकास नीति एवं प्रोत्साहन नियमों का भरपूर लाभ मिले।  

इमरजेंसी में डॉक्टर गायब! घायल मरीज तड़पते रहे, अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल

गढ़वा वैसे तो झारखंड सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। ताजा मामला गढ़वा से आया है जहां बीते रविवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक गायब रहे। मरीज के परिजनों ने किया हंगामा गढ़वा सदर अस्पताल के ड्यूटी रोस्टर के अनुसार बीते रविवार को दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक इमरजेंसी में डॉक्टर सरफराज की ड्यूटी थी, लेकिन जानकारी के मुताबिक डॉक्टर सरफराज शाम 4:45 बजे के बाद इमरजेंसी ड्यूटी में पहुंचे। इस दौरान गंभीर रूप से घायल दो मरीजों को इलाज करने के लिए लाया गया था, लेकिन उन्हें इमरजेंसी में चिकित्सक के आने का घंटों इंतजार करना पड़ा जिसके बाद मरीज के परिजनों ने हंगामा भी किया। यहां पर चिकित्सक ही बराबर गायब रहते हैं सदर अस्पताल आए लोगों का कहना है कि लोग बड़ी उम्मीद के साथ सदर अस्पताल में अपने मरीज को लेकर आते हैं कि वहां पर अच्छा इलाज होगा, लेकिन यहां पर चिकित्सक ही बराबर गायब रहते हैं। लोगों का ये भी कहना है कि डॉक्टर ओपीडी में भी देर से आते हैं और पहले ही चले जाते हैं। गायनी विभाग का भी यही हाल है। वहीं, इमरजेंसी में चिकित्सक का न होना सवाल पैदा करता है।  

विकसित उत्तर प्रदेश-2047: पर्यावरण समावेशी नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए ध्यान केंद्रित कर रही योगी सरकार

सोमवार को सृजन शक्ति के अंतर्गत 'बैलेंस्ड डेवलपमेंट एंड एनवायरमेंटल स्टीवर्डशिप' थीम पर हुआ सेक्टोरल वर्कशॉप भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सतत पर्यावरण प्रबंधन का रोडमैप हो रहा क्रियान्वित लखनऊ, उत्तर प्रदेश को भविष्योन्मुख विकास के नए प्रतिमानों के अनुरूप परिवर्तित कर रही योगी सरकार पर्यावरण समावेशी नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए ध्यान केंद्रित कर रही है। इसी क्रम में, विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के अंतर्गत सोमवार को योजना भवन सभागार में सृजन शक्तिः बैलेंस्ड डेवलपमेंट एंड एनवायरमेंटल स्टीवर्डशिप थीम पर सेक्टोरल वर्कशॉप का आयोजन हुआ। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के तत्वावधान में एक दिवसीय वर्कशॉप का शुभारंभ वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना द्वारा किया गया। यह वर्कशॉप हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भविष्योन्मुख कार्यप्रणाली का चित्रण प्रस्तुत करने का माध्यम बना। वर्कशॉप में जोर दिया गया कि विकास एवं पर्यावरणीय संरक्षण को सम्मिलित करते हुए संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। साथ ही, हरित विकास को नीति-निर्माण एवं कार्यान्वयन के प्रत्येक स्तर पर पर्याप्त महत्व प्रदान किया जाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इस कार्यशाला में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ने सतत एवं जलवायु समग्र विकास हेतु दीर्घकालिक रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया और रोडमैप को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए। यूपी में तेजी से हो रहा स्किल डेवलपमेंट वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि यूपी हर लिहाज से अग्रणी राज्य है, चाहे बात जनसंख्या की हो या फिर विकास की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश वर्ष 2047 तक विकास के नए प्रतिमान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कौशल विकास केंद्र तथा प्राइवेट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुल रहे हैं। यह रोजगार और विकास को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि आम नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम कराया जाए। उन्होंने समुदाय की भागीदारी तथा विभागों के मध्य सुदृढ़ समन्वय को सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि सभी विकास परियोजनाएं पर्यावरणीय दृष्टि से उत्तरदायी एवं सामाजिक रूप से समावेशी बन सकें। सुदृढ़ संस्थागत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता अनिल कुमार, प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन ने नीति सुधारों में तीव्रता लाने एवं सुदृढ़ संस्थागत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उत्तर प्रदेश जलवायु समावेशी अग्रणी राज्य के रूप में उभर सके। आलोक कुमार, प्रमुख सचिव योजना ने दीर्घकालिक विकास योजनाओं में जलवायु सम्बंधित विचारों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे विकास सुनिश्चित किया जा सके। बी. प्रभाकर, पीसीसीएफ (मानिटरिंग) ने वनों के संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र पुनःस्थापन तथा जिलास्तरीय जलवायु अनुकूलन उपायों के महत्व को रेखांकित किया। इंदरजीत सिंह, निदेशक, यूपीनेडा ने राज्य में नवाचार आधारित मॉडलों एवं सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा को व्यापक रूप से बढ़ाने की क्षमता पर प्रकाश डाला। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने पर जोर बी. चन्द्रकला, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन ने नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, परिपत्र अर्थव्यवस्था एवं संसाधन-कुशलता को बढ़ावा, पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन एवं जैव विविधता संरक्षण सुदृढ़ करने, अवसंरचना को जलवायु समग्र बनाने एवं आपदा-जोखिम न्यूनीकरण मजबूत करने, हरित बांड, मिश्रित वित्त एवं अंतरराष्ट्रीय जलवायु निधियों के माध्यम से जलवायु वित्त जुटाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मनीष मित्तल, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विकास के प्रत्येक क्षेत्र में पर्यावरणीय स्थिरता के एकीकरण की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में नीति आयोग की परामर्शदाता डॉ. स्वाति सैनी, नाबार्ड के उप महाप्रबंधक सिद्धार्थ शंकर, आईआईटी कानपुर के कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनिबिलिटी के डीन सच्चिदानंद त्रिपाठी, जीआईजेड के निदेशक हैंस जर्गेन समेत विभिन्न पैनलिस्ट्स ने जैव विविधता संरक्षण, ऊर्जा नियोजन तथा जलवायु समावेशी अवसंरचना विकास के लिए साक्ष्य-आधारित, स्थानीय रूप से उपलब्ध प्रौद्योगिकियों और कार्य करने को लेकर विचार प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जतारा विधायक खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में हुए शामिल

नवविवाहित जोड़े को दीं बधाई और शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार का टीकमगढ़ जिले में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक की सुपुत्री के विवाह समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़े को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही नवविवाहित जोड़े के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और विवाह समारोह में शामिल होने पर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक टीकमगढ़ राकेश गिरि गोस्वामी, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव, जनप्रतिनिधि, आईजी सागर श्रीमती हिमानी खन्ना, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय, पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को टीकमगढ़ जिले के प्रवास के दौरान स्थानीय पुलिस लाईन परिसर स्थित मां की बगिया में पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कदंब का पौधा रोपा और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश दिया। यह कार्यक्रम "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, जतारा विधायक हरिशंकर खटीक, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।  

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट आज भी 4282 रुपये, किसानों की नजर बाजार पर

भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 24 नवंबर को 4282 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। रविवार 23 नवंबर को भी यही रेट जारी हुआ था। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए   प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

अयोध्या की दिव्यता ने देसी – विदेशी मेहमानों को बनाया मोदी–योगी का मुरीद

विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से होटल क्षेत्रों में आई नई जान  निवेश और रोजगार के अवसरों से अयोध्या में विकसित हो रहा मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम लखनऊ,  देश ही नहीं विदेशों से आने वाले पर्यटक भी अयोध्या के बदलते स्वरूप को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य इतना व्यापक हुआ है कि इसका सीधा प्रभाव शहर की अर्थव्यवस्था, होटल इंडस्ट्री और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दिखाई दे रहा है। रूस से आई पर्यटक ईवा ने कहा कि अयोध्या एक भव्य और सुंदर आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां ठहरने और सुविधाओं की विश्वस्तरीय व्यवस्था है, शहर साफ-सुथरा है और वातावरण अत्यंत दिव्य है। उनके अनुसार अयोध्या में मिलने वाली सुकूनभरी अनुभूति और श्रद्धामय ऊर्जा भारतीय संस्कृति की विराट शक्ति का अनुभव कराती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वह एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं वह भारतीय संस्कृति को जिस प्रकार से प्रमोट कर रहे हैं वह अतुलनीय है। धर्म ध्वज स्थापना कार्यक्रम को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह है। अयोध्या में दूसरे राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों का तांता लगा हुआ है और पूरा शहर धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास में डूबा दिखाई दे रहा है। पुणे से आए दर्शनार्थी शिव नारायण ने कहा कि अयोध्या का विकास मोदी और योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। वहीं स्थानीय गीतकार विकल्प त्रिवेदी के शब्दों में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि राम मंदिर का सपना युगों बाद पूरा हुआ है और 25 तारीख को लहराने वाला भगवा ध्वज इस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक बनेगा। शहर में भोजन और ठहरने की सुविधाओं का विस्तार अयोध्या के आर्थिक विकास में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उडुपी टू मुंबई रेस्टोरेंट के मैनेजर शैलेन्द्र कुमार अवस्थी ने बताया कि अयोध्या में फिलहाल चार रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं और लगभग 10 नई परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि शहर में कुल 100 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है जिसमें से 70 करोड़ रुपये पहले ही लगाए जा चुके हैं। प्रतिदिन 2000 से 3000 लोग उनके यहां भोजन के लिए आते हैं। विशेष अवसरों पर यह संख्या 5000 तक पहुंच जाती है। प्रत्येक महीने 5 से 6 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं एवं पड़ोसी जिलों के लोगों को रोजगार का अवसर मिल रहा है। शैलेन्द्र अवस्थी बताते हैं कि अयोध्या में योगी सरकार की विकास योजनाओं का परिणाम जमीनी स्तर पर साफ दिख रहा है। गेस्ट हाउस और छोटे होटलों में भी बढ़ी आय अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से छोटे होटल और गेस्ट हाउस भी समृद्ध हुए हैं। सब्जी मंडी स्थित काका गेस्ट हाउस के मैनेजर दुर्गेश वर्मा ने बताया कि पहले उनके यहां प्रतिदिन 3000 रुपये का कारोबार होता था जो अब 15000 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। अब अधिकांश दिनों में होटल फुल रहता है और विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से आय में और तेजी आई है। वैश्विक आध्यात्मिक ध्रुव के रूप में उभरती अयोध्या राम मंदिर के आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की निरंतर आवाजाही से अयोध्या का वातावरण दिनभर जीवंत बना रहता है। रामपथ, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और मंदिर परिसर में बढ़ती चहल-पहल बताती है कि यह बदलाव स्थायी है और शहर ने एक नई पहचान हासिल की है। अयोध्या अब केवल धार्मिक धरोहर नहीं बल्कि आधुनिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगर है। होटल कारोबार की वृद्धि, विदेशी पर्यटकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाएं और लगातार फैलता हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस बात का प्रमाण हैं कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और मजबूत होगी।

व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र, मुख्यमंत्री ने किया अवलोकन

हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान रायपुर, भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल,  कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

MMC स्पेशल जोनल कमेटी ने CMs को लिखा पत्र, नक्सलियों ने जताई हथियार डालने की तैयारी

रायपुर        देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (MMC जोन) के नक्सलियों ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साईं को एक लेटर भेजा है, जिसमें उन्होंने सामूहिक सरेंडर करने की इच्छा जताई है. नक्सलियों ने अपने दो वरिष्ठ साथियों महाराष्ट्र में सरेंडर करने वाले भूपति और छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने वाले सतीश के नक्शेकदम पर चलते हुए सरेंडर करने की इच्छा जताई है.  MMC जोन के सभी नक्सली एक साथ सरेंडर करेंगे. हालांकि, इस लेटर में, MMC जोन के नक्सलियों ने एक-दूसरे से बातचीत करने के लिए 15 फरवरी 2026 की डेडलाइन मांगी है.  उन्होंने अनुरोध किया है कि इस डेडलाइन तक सुरक्षा बलों को कोई ऑपरेशन नहीं करना चाहिए. माओवादियों ने मुख्यमंत्रियों से कुछ दिनों के लिए न्यूज नेटवर्क बंद करने का भी अनुरोध किया है. PLGA सप्ताह नहीं मनाने का भरोसा पत्र में नक्सलियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही आने वाला अपना सालाना PLGA हफ्ता (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी वीक) इस साल नहीं मनाएंगे. उन्होंने सुरक्षा बलों से अनुरोध किया है कि इस अवधि के दौरान नक्सलियों के खिलाफ सालाना ऑपरेशन भी न चलाएं. नक्सलियों ने पत्र में कहा है कि वे जल्द ही एक और पत्र भेजकर मास सरेंडर की तारीख की घोषणा करेंगे. केंद्र सरकार की डेडलाइन के भीतर भले ही 15 फरवरी, 2026 की डेडलाइन लंबी लगती हो, लेकिन यह केंद्र सरकार की ओर से नक्सली-मुक्त भारत के लिए निर्धारित 31 मार्च, 2026 की अंतिम समय सीमा के भीतर है. अगर तीनों राज्यों की सरकारें MMC जोन के नक्सलियों को यह समय देती हैं और यह सामूहिक सरेंडर सफल होता है, तो यह देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की एक ऐतिहासिक सफलता होगी.

हिस्ट्रीशीटर कपिल यादव एनकाउंटर में ढेर नहीं, घायल; पुलिस ने दूसरा आरोपी हथियार–कैश सहित पकड़ा

 ग्वालियर ग्वालियर जिले में सोमवार सुबह पुलिस के साथ एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद हिस्ट्री-शीटर कपलि यादव ​​को पकड़ लिया गया. आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम था.  ग्वालियर के SSP धर्मवीर सिंह ने बताया कि कपिल यादव 10 हजार रुपए का इनामी वॉन्टेड क्रिमिनल था. जिला हेडक्वार्टर से करीब 25 KM दूर मोहनपुर इलाके में सुबह करीब 5 बजे हुई गोलीबारी में उसके पैर में गोली लग गई. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कपिल 21 नवंबर को मुरार इलाके में जमीन के झगड़े को लेकर कुछ लोगों पर हमला करने के बाद से फरार था. पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था.  पुलिस ने बताया , सुबह करीब 6.10 बजे कपिल यादव बाइक से बंधोली के जंगली रास्ते से निकला पुलिस ने यहां घेरा डाल रखा था। पुलिस को रास्ते में देखकर कपिल ने गोली चलाकर भागने का प्रयास किया तो पुलिस टीम ने उस पर फायर किया। गोली कपिल के पैर में लगी तो वह जख्मी होकर गिर पड़ा। इन वारदातों से चुनौती मुरार के कपड़ा कारोबारी की बड़ागांव में जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडे कपिल यादव और उसके साथियों ने कपड़ा कारोबारी और उसके बेटे पर गोलियां चलाईं थीं। इसके अलावा चार दिन पहले बडागांव में रामजानकी मंदिर की जमीन पर कब्जा करने के लिए पूरन सिंह भदौरिया और उनके भाई पर कातिलाना हमला किया था। धर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर से भागने की योजना बना रहा है और टिप-ऑफ के आधार पर उन्होंने मेला ग्राउंड में एक वैन की तलाशी ली और उसके साथी अमन यादव को एक गैर-कानूनी बंदूक के साथ पकड़ लिया, जबकि कपिल भागने में कामयाब रहा. एसएसपी ने बताया कि आरोपी को सुबह-सुबह मोहनपुर में एक ईंट भट्टे पर पकड़ा गया, जहां उसने कथित तौर पर सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. उन्होंने बताया कि उसके पैर में चोट लगी है और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कपिल पर करीब 12 क्रिमिनल केस दर्ज हैं और उस पर पहले भी सख्त नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया जा चुका है. बदमाश को एनकाउंटर में दबोचा ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि, बदमाश से सुबह बंधोली के रास्ते में एनकाउंटर में हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है । फिलहाल उसे इलाज के लिए भर्ती कराया है। उससे अपराधों के बारे में पूछताछ की जाएगी।  

स्ट्रीट फूड बना खतरा: गुपचुप खाने से 34 की तबीयत बिगड़ी

अकलतरा छत्तीसगढ़ के अकलतरा क्षेत्र के बरगवां में साप्ताहिक बाजार में गुपचुप खाने से 34 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए. बीमार में ज्यादार बच्चे शामिल हैं. इसमें 2 से 3 बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया. सूचना पर सीएमएचओ निरीक्षण करने पहुंचे. जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए. जानकारी के अनुसार अकलतरा ब्लॉक के गांव बरगवां में शनिवार को साप्ताहिक बाजार था. शाम को गांव के लोगों ने गुपचुप खाए, देर शाम व रात में कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. देखते-देखते ही उल्टी व दस्त शुरू हो गई. 23 नवंबर को पता चला कि गांव में दो दर्जन से अधिक लोगों को उल्टी व दस्त हो रही है. फिर पता चला कि सभी एक ही गुपचुप वाले के पास से गुपचुप खाएं हैं. फूड पॉइजनिंग के कई मरीज सामने आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया.  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जांजगीर-चांपा डॉ. उमेश मरकाम ने बरगवां पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और मरीजों से मुलाकात कर उनकी हालत जानी. 34 मरीज फूड पॉइजनिंग से प्रभावित पाए गए हैं. इनमें से 2 मरीजों की तबीयत अधिक खराब होने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा में भर्ती कराया गया है. जबकि बाकी मरीजों का उपचार गांव में ही किया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान डॉ. मरकाम ने मरीजों की जांच प्रक्रिया, उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता एवं स्टाफ की तैनाती के संबंध में विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने उपस्थित चिकित्सकीय स्टाफ को मरीजों की लगातार निगरानी रखने, समय पर दवा उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के सत निर्देश दिए. साथ ही फूड पॉइजनिंग की वजहों की जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए गए.