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छात्रों का गुस्सा, सीहोर वीआईटी कॉलेज में खाने-पानी और अन्य समस्याओं को लेकर हंगामा

सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर में देर रात वीआईटी कॉलेज में छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता सहित अन्य समस्याओं को लेकर जमकर बवाल हुआ। बवाल ओर विरोध के दौरान छात्रों की ओर से कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ एवं आगजनी भी की गई। इस दौरान हज़ारों छात्रों ने जमकर हंगामा मचाया। और कॉलेज परिसर में बस और कारों में आग लगा दी। वहां खड़ी एम्बुलेंस में भी तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर 5 थानों से पुलिस बल को बुलाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, आष्टा, एसडीओपी आष्टा, तथा आष्टा, जावर, पार्वती, कोतवाली सहित अन्य थानों से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों की ओर से छात्रों से विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मुद्दे सुने गए तथा समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। सीहोर जिले के आष्टा के ग्राम कोठरी में स्थित वीआईटी कॉलेज में 4 हजार छात्रों ने हंगामा कर दिया। छात्रों का आरोप प्रदर्शन भोजन और पानी की खराब गुणवत्ता को लेकर है। उनका कहना है कि कॉलेज में घटिया पानी और खाने के कारण कई छात्रों को पीलिया हो गया है। कुछ की तो मौत हो गई। आरोप है कि 100 से अधिक छात्र आष्टा, सीहोर और भोपाल के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो गार्ड ने छात्रों से पिटाई कर दी,गार्ड ओर छात्रों की बीच हुई मारपीट के बाद हालात बिगड़ गए। छात्रों का आरोप है कि घटिया पेयजल और भोजन के कारण पीलिया से पीड़ित हो रहे हैं। हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने 30 नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया है। भोपाल वीआईटी यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार केके नायर ने वीडियो जारी कर खबरों को भ्रामक बताया है और कहा है कि विश्वविद्यालय में पीलिया से मौतों की अफवाहें पूरी तरह निराधार और गलत हैं। किसी भी छात्र की मौत नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार छात्रों ने शिकायत की है कि जब उन्होंने अव्यवस्थाओं के खिलाफ विरोध किया, तो हॉस्टल के वार्डन और गार्ड्स ने उनके साथ मारपीट की। चुप रहने के लिए दबाव बनाया। यूनिवर्सिटी में बात करने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे छात्रों का गुस्सा भड़क गया। इस मामले में कॉलेज प्रबंधन कुछ भी नहीं बोल रहा है, लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार कई विद्यार्थी पीलिया रोग से पीड़ित हो गए थे जिन्हें चुपचाप कॉलेज प्रबंधन ने भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती कर दिया था। कॉलेज के विद्यार्थियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है की घटिया पेयजल और भोजन के कारण विद्यार्थी बीमार हो रहे हैं मैनेजमेंट ध्यान नहीं दे रहा है मिली जानकारी के अनुसार वीआईटी कॉलेज परिसर में लगभग 4000 छात्रों द्वारा भोजन एवं पानी की गुणवत्ता को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने यह भी शिकायत की कि कॉलेज मैनेजमेंट/हॉस्टल प्रबंधन द्वारा उनके साथ अनुचित व्यवहार कर मारपीट की गई है। विरोध के दौरान परिसर में व्यापक तोड़फोड़ की गई, जिसमें एक बस, दो चारपहिया वाहन, एक एम्बुलेंस, हॉस्टल के खिड़कियों के शीशे, एक आरओ प्लांट, तथा परिसर के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही कोतवाली, मंडी तथा अन्य थानों से पर्याप्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से छात्रों से संवाद कर उन्हें शांत किया गया तथा उनकी शिकायतों के समाधान हेतु प्रबंधन से चर्चा कराए जाने का आश्वासन दिया गया। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है। आष्टा के एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज एवं हॉस्टल परिसर की स्थिति पूर्णतः सामान्य एवं नियंत्रण में है। परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है तथा स्थिति पर सतत् निगरानी रखी जा रही है। बुधवार छात्रों एवं कॉलेज प्रबंधन के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। कॉलेज प्रबंधन द्वारा छुट्टी घोषित की गई है। एसपी दीपक शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है। वीआईटी में 30 नवंबर तक अवकाश किया है। कुछ बच्चे अपने घर जा रहे हैं। वीआईटी में सभी हॉस्टल के बच्चों से अपनी समस्याओं का आवेदन एवं बीमार बच्चों की जानकारी एसडीएम एवं एसडीओपी आष्टा की ओर से ली जाएगी।

रायपुर: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के स्कूलों का किया आकस्मिक निरीक्षण

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उनका यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्वयं बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की स्थिति और स्कूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। प्राथमिक शाला धवलपुर में शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा          शिक्षा मंत्री सबसे पहले प्राथमिक शाला धवलपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यालय की सभी गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर की जाँच की और नियमितता एवं समयपालन पर जोर दिया। मंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा पाठ्यपुस्तकों और गणवेश जैसी आवश्यक सामग्री से वंचित न रहे। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। अधोसंरचना और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा        इसके बाद श्री यादव हायर सेकेंडरी स्कूल धवलपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सभी कक्षाओं का निरीक्षण कर विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विशेषकर विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी संबंधी योजनाओं की जानकारी ली और समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने निर्देश दिए। मंत्री ने अधोसंरचना विकास और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया तथा निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन की भी जाँच की ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। विद्यार्थियों की सहभागिता और सुझाव           निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। शिक्षा मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है तथा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। छात्राओं से मुलाकात-मांगों पर दिया आश्वासन          शिक्षा मंत्री ने स्कूल से लौट रही हायर सेकेंडरी स्कूल मैनपुर की छात्राओं से भी बातचीत की। छात्राओं ने स्कूल भवन एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों की आवश्यकता बताई। इस पर मंत्री श्री यादव ने उनकी माँगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण से बढ़ा विश्वास         शिक्षा मंत्री के औचक निरीक्षण से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में सरकार के प्रति विश्वास और उत्साह और अधिक बढ़ा है। यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। 6245

गांव-गांव तक विकास पहुँचाना सरकार की पहली प्राथमिकता– उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने 1.98 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन गांव-गांव तक विकास पहुँचाना सरकार की पहली प्राथमिकता– उप मुख्यमंत्री  शर्मा पुल–पुलिया और सड़क निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का होगा विकास– उप मुख्यमंत्री  शर्मा रायपुर कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर सक्रिय रहते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा द्वारा विकास कार्यों को लगातार स्वीकृति दिलाकर उन्हें धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सारी एवं ग्राम चंदैनी में कुल 1 करोड़ 98 लाख 91 हजार रूपए की लागत से सड़क, नाली एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। ग्राम आगमन पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा का ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रूप से उत्साह और उल्लास के साथ राउत नाचा एवं डंडा नृत्य से उनका आत्मीय स्वागत किया गया।           उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने ग्राम सारी में 1 करोड़ 65 लाख 59 हजार रुपये की लागत से खड़ौदा से सारी मार्ग पर पुल-पुलिया सहित 1.5 किलोमीटर लंबी मार्ग के निर्माण कार्य और ग्राम चंदैनी में ग्राम गौरवपथ योजना अंतर्गत 33 लाख 32 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्रीय ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा, जल निकासी की समस्या से निजात के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं तक पहुँच सुगम होगी और क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।        उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा विधानसभा का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है और सड़क, पुल-पुलिया, नाली, पेयजल, विद्युत, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को हर गांव तक पहुंचाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री गौरवपथ योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के हर गांव में प्रगति और समृद्धि की नई तस्वीर देखने को मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आम जनता को शीघ्र लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  रवि राजपुत,  रूपेन्द्र जायसवाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, युवा, ग्रामीण उपस्थित थे।       कार्यक्रम के उपरांत उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सहजता और आत्मीयता का परिचय देते हुए ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए गांव की बुनियादी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।       इस अवसर पर ग्रामीणों ने क्षेत्र में हो रहे निरंतर विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए उपमुख्यमंत्री  शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके नेतृत्व में कवर्धा विधानसभा क्षेत्र तेजी से विकास की नई राह पर अग्रसर हो रहा है। ग्रामीणों ने उनके सरल, सहज एवं जनसरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व की सराहना भी की।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य भेंट

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और प्रगतिरत परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और चल रही परियोजनाओं के शीघ्र पूर्ण करने से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में स्वीकृत सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापार जगत को बेहतर, तेज़ और सुरक्षित परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। रेल मंत्री  वैष्णव ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए बिंदुओं का स्वागत करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए क्रियाशील है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल विकास अभूतपूर्व गति से हो रहा है और डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश का रेल नेटवर्क एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस की शुरुआत से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से 2030 के बीच राज्य में रेल लाइन का विस्तार दोगुना होने जा रहा है, जबकि 1853 से 2014 तक मात्र 1100 किलोमीटर का विस्तार हो सका था। पिछले दस वर्षों में राज्य के रेल बजट में 22 गुना वृद्धि और वर्ष 2025–26 में 6,925 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए इस परिवर्तन का सशक्त प्रमाण है। राज्य में 47,447 करोड़ रुपये से अधिक की कई प्रमुख रेल परियोजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। खरसिया–नवा रायपुर–परमालकसा, गेवरा–पेंड्रा, रावघाट–जगदलपुर, खरसिया–धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को नई ऊँचाई प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग सहित प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक पुनर्विकास भी तीव्र गति से जारी है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर वाले राज्यों में शामिल होगा और कनेक्टिविटी का यह विस्तार प्रदेश की औद्योगिक, आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन क्षमता को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

बेनीन प्रतिनिधिमंडल ने यूपी के CRVS मॉडल से सीखे नवाचार के मंत्र

बेनीन के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के सीआरवीएस मॉडल से सीखे नवाचार के सूत्र  यूपी के जन्म–मृत्यु पंजीकरण सुधार से प्रभावित हुआ पश्चिमी अफ्रीका का देश बेनीन प्रशासनिक नवाचार में उत्तर प्रदेश ने गढ़ा अंतरराष्ट्रीय मानक लखनऊ  यूनिसेफ इंडिया के तत्वावधान में बेनीन के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज लखनऊ स्थित निदेशालय जनगणना परिचालन का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के होल ऑफ गवर्नमेंट दृष्टिकोण, कार्यप्रवाह के डिजिटलीकरण एवं अनुकूलन तथा संस्थागत क्षमता वृद्धि को विशेष रूप से सराहा। प्रतिनिधियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रगति यह दर्शाती है कि प्रशासनिक नवाचार, तकनीकी एकीकरण और व्यवहारिक विज्ञान के उपयोग से राष्ट्रीय सिविल रजिस्ट्रेशन और वाईटल स्टैटिसटिक्स (सीआरवीएस) प्रणाली को प्रभावी रूप से मजबूत किया जा सकता है।     इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में लागू उन परिवर्तनकारी सुधारों की विस्तृत जानकारी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा की गई, जिनके माध्यम से उत्तर प्रदेश ने जन्म–मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को सुदृढ़ किया है। इन सुधारों से आँकड़ों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा बड़ी आबादी के लिए सेवाओं तक आसान पहुँच सुनिश्चित की गई है। उत्तर प्रदेश के सीआरवीएस मॉडल आज अन्य राज्यों व देशों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन रहा है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए, जहाँ चुनौतीपूर्ण प्रशासनिक परिस्थितियों में पंजीकरण कवरेज बढ़ाना एक बड़ी प्राथमिकता है। DCO टीम ने बताया कि राज्य की सीआरवीएस रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है। पहला संस्थागत रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से जनजीवन की घटनाओं का स्वतः एवं समयबद्ध पंजीकरण, ताकि नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। दूसरा सीआरवीएस प्रणाली को प्रमुख सामाजिक कल्याण एवं सेवा-पोर्टलों से जोड़कर पंजीकरण को स्वचालित एवं व्यवहार-आधारित बनाना और तीसरा पंजीकरण अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, फील्ड-स्टाफ एवं स्थानीय प्रशासकों का सतत प्रशिक्षण, जिससे पंजीकरण की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पहुँच में सुधार हो सके। प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा विभिन्न विभागों के साथ हुई बैठकों, संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श और ज्ञान-आदान–प्रदान के साथ संपन्न हुई। इस पहल का उद्देश्य बेनीन को अपने सिविल पंजीकरण ढांचे के आधुनिकीकरण के प्रयासों को और अधिक मजबूत करने में सहायता प्रदान करना रहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलेः साम्राज्य आए-गए, पीढ़ियां आईं-गईं, मगर एकमात्र आस्था अडिग थी

सत्य को कोई धूमिल नहीं कर सकता: योगी आदित्यनाथ श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों की ओर से किए श्रद्धासुमन अर्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलेः साम्राज्य आए-गए, पीढ़ियां आईं-गईं, मगर एकमात्र आस्था अडिग थी लखनऊ को गुरु तेग बहादुर जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त होना सौभाग्य का विषय: मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी बोले, अयोध्या में जब-जब राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष हुए तब सिख कभी पीछे नहीं हटे लखनऊ । सिख पंथ के नौवें गुरु तथा हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। मंगलवार को ऐशबाग के डीएवी कॉलेज में आयोजित विशेष गुरुमति समागम में उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेका और शबद कीर्तन का श्रवण किया। उन्होंने नवम सिख गुरु तेग बहादुर जी महाराज, भाई मति दास जी, भाई सती दास जी व भाई दयाला जी की स्मृति को कोटि-कोटि नमन कर करोड़ों प्रदेशवासियों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि सत्य को कोई धूमिल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि साम्राज्य आए गए, पीढ़ियां आईं गईं, मगर एकमात्र अडिग थी आस्था और इसी के कारण आज हम अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर की पूर्णता, धर्म ध्वजा की स्थापना और इस कार्यक्रम के आयोजन में यहां सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी द्वारा सिरोपा, कृपाण और गुरु साहिब की फोटो देकर सम्मानित किया गया। आज का दिन है प्रेरणा का दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरा देश इस कार्यक्रम के साथ जुड़ा हुआ है। आज का दिन हम सबके लिए प्रेरणा का दिवस है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी को इतनी यातना इसलिए दी गई क्योंकि मुगलों ने पूरे भारत का इस्लामीकरण करने की मुहिम चला रखी थी। औरंगजेब जैसा क्रूर बादशाह मनमानी करने पर उतर आया था। तिलक मिटाने और जनेऊ तोड़ने के लिए उसने देशभर में अत्याचार किया। कश्मीर में जब उसके अत्याचार की पराकाष्ठा हो गई और अफगान खान जैसा सिपहसालार वहां अत्याचार करने लगा, तब पंडित कृपाराम जी को जब कहीं शरण नहीं मिली तो वे गुरु महाराज के चरणों में जाकर उनकी याचना करने लगे। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज उस समय मात्र 9 वर्ष के थे। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी से कहा कि याचना हो रही है, आप कह रहे हैं किसी बड़े व्यक्ति को बलिदान देना होगा, तो भला आपसे बड़ा कौन है। गुरु तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान को किया याद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज ने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई। उन्हें कैद कर लिया गया। भाई मति दास को पहले यातना दी जाती है, उन्हें आरी से चीरा जाता है। भाई सती दास को रुई से लपेटकर आग लगाई जाती है और भाई दयाला को उबलते हुए पानी के देग में डालकर बलिदान कर दिया जाता है। गुरु तेग बहादुर जी महाराज तब भी अपने धर्म-संकल्प से डिगे नहीं, तो उनके साथ कितनी बड़ी क्रूरता बरती गई। जब हम इतिहास के उन क्रूर क्षणों को स्मरण करते हैं तो हमें लगता है कि यातनाएं न केवल गुरु परंपरा ने सही थीं, बल्कि वक्त आने पर उससे टक्कर लेने के लिए खुद को तैयार भी किया था। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज को जब हम स्मरण करते हैं तो पाते हैं कि मात्र 9 वर्ष की उम्र में जिन्होंने अपने गुरु व पिता को खोया हो, जिनके चारों साहिबजादे सनातन की रक्षा करने के लिए बलिदान हो गए हों, दुनिया में बहुत कम ऐसा उदाहरण देखने को मिलता है। वे एक शहीद पिता के पुत्र हैं तो शहीद पुत्रों के पिता भी हैं। बाबर को जाबर कह गुरु नानक देव जी ने किया था विरोध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि अयोध्या की पावन धरती पर आपके बीच आया हूं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या आए थे। श्रीरामजन्मभूमि पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सनातन के भगवा ध्वज का आरोहण राम मंदिर के शिखर पर एक भव्य समारोह में हुआ है। यही वह भगवा ध्वज है जिसकी रक्षा करने के लिए सिख गुरुओं की परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी बलिदान करती आई है। याद करिए, वर्ष 1510 से लेकर 1515 के बीच प्रथम गुरु नानक देव जी महाराज अयोध्या धाम में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का दर्शन करने जाते हैं। वर्ष 1528 में विदेशी आक्रांता बाबर के सिपहसालार द्वारा मंदिर को तोड़ा गया। उस समय बाबर के अत्याचार को देखते हुए गुरु नानक देव महाराज ने बाबर को जाबर कहकर उसके कुकृत्यों का विरोध किया था। अयोध्या में जब-जब राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष हुए, तब सिख गुरुओं, योद्धाओं, संतों, निहंगों, राजाओं व सामान्य नागरिकों ने बलिदान देने में एक क्षण भी नहीं सोचा।  आस्था बनी महायज्ञ की साक्षी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के बारे में यह बात हम सबको स्मरण रखनी होगी कि जो आस्था 500 वर्षों के बाद श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के महायज्ञ की साक्षी बनी है, वही आस्था आज इस कार्यक्रम में भी हम सबको देखने को मिल रही है। 350 वर्षों के बाद भी हर सिख, हर सनातनी गुरु तेग बहादुर जी महाराज व सभी शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपनी आस्था व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि यही बात मैं आप सबको स्मरण दिलाने के लिए आया हूं। गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों को जो सम्मान तब मिलना चाहिए था, वह 2020 में मिला। पहले मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम हुआ और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 26 दिसंबर की तिथि को सदैव के लिए वीर बाल दिवस के रूप में समर्पित करते हुए उन चारों साहिबजादों की स्मृति को जीवंत बना दिया गया है। यह आने वाली पीढ़ी, हर नौजवान व हर युवा को बताता है कि जो भी देश और धर्म के लिए कुछ करेगा, उसके प्रति समाज इसी प्रकार से कृतज्ञता ज्ञापित करेगा। वही कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर हम सभी के सामने आज का यह दिवस भी है। याहियागंज गुरुद्वारा है गौरवशाली क्षणों का साक्षी मुख्यमंत्री ने कहा कि … Read more

CM डॉ. यादव के निर्देश पर रायसेन SP को पुलिस मुख्यालय में किया गया अटैच

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर एसपी रायसेन को किया पुलिस मुख्यालय अटैच मुख्यमंत्री ने पुलिस हैडक्वार्टर पहुँचकर वरिष्ठ अधिकारियों की ली बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार की शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की और किसी भी आपराधिक तत्व को न छोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले में हुई अपराधिक घटना के मामले में गिरफ़्तारी की कार्यवाही न होने पर अप्रसन्नता ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडीदीप में चक्का जाम पर पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक रायसेन को मुख्यालय अटैच करने के निर्देश और मिसरोद थाना प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र उसे गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश     पुलिस सड़कों पर उतरे।     किसी अपराधी को छोड़े नहीं, कठोर कार्रवाई करें।     नियमित गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ायें।     अपराधियों के प्रति ढिलाई किसी हालत में बर्दाश्त नहीं होगी।     निरीक्षण करें, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ करें कारवाई। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना सहित एडीजी इन्टेलीजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल और अधिकारी उपस्थित रहे।  

मध्यप्रदेश में शिक्षकों के लिए खुशखबरी! छुट्टियों में 10 दिन का इजाफा, नए नियम नए साल से प्रभावी

भोपाल प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हित में जल्द ही तीन बड़े कदम उठाने जा रही है। साढ़े चार लाख से अधिक शिक्षकों को वर्ष में दस दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। वहीं, सेवानिवृत्ति के बाद शत-प्रतिशत अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा भी मिलेगी। सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की शर्त भी हटाई जा रही है। जनवरी 2026 से यह प्रविधान लागू हो जाएंगे। सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अभी अर्जित अवकाश की सुविधा नहीं मिलती है। एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश ग्रीष्मावकाश मिलने के कारण यह प्रविधान रखा गया था। धीरे-धीरे ग्रीष्मावकाश कम होते गए और अब ये दो माह से घटकर 20-22 दिन ही रह गए हैं। शिक्षक लंबे समय से अर्जित अवकाश का लाभ देने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के स्थान पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किए हैं। इसमें शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता दी गई है।   स्वेच्छिक और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन इसके साथ ही यह प्रविधान भी किया जा रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद जितने अर्जित अवकाश शेष होंगे, उनका भी नकदीकरण किया जाएगा। पूरे सेवाकाल में पहले 240 दिन के नकदीकरण की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 300 दिन किया गया है। जटिल प्रक्रिया होने के कारण इसका पूरा लाभ ही नहीं मिल पाता था। उधर, स्वेच्छिक अवकाश और साप्ताहिक अवकाश के नियम में भी संशोधन प्रस्तावित है। अभी शासकीय कार्यालय पांच दिन लगते हैं। शनिवार को अवकाश रहता है। कोरोनाकाल में प्रारंभ हुई इस व्यवस्था के स्थान पर दूसरे और तीसरे शनिवार को कार्यालय लगाने का प्रविधान बहाल किया जा सकता है। 24 साल बाद दो बच्चे की पाबंदी हटेगी उधर, सरकार एक और बड़ा निर्णय यह करने जा रही है कि यदि नौकरी कर रहे किसी अधिकारी-कर्मचारी का तीसरा बच्चा होता है तो उसे अपात्र मानकर सेवा से हटाया नहीं जाएगा। 26 जनवरी 2001 में तीसरा बच्चा होने पर अपात्र मान लेने की शर्त लागू की गई थी। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित अन्य राज्य इस तरह की शर्त को हटा चुके हैं। इस निर्णय से स्कूल, उच्च, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को लाभ होगा। जिन पर कार्रवाई हो चुकी, उन्हें राहत नहीं मिलेगी हालांकि जिन पर कार्रवाई हो चुकी है, उन प्रकरणों में कोई राहत नहीं मिलेगी क्योंकि निर्णय को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है, जिस पर जल्द अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

गांवों का विकास पंचायतों की शक्ति से— उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बड़ा बयान

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित 'आत्मनिर्भर पंचायत–समृद्ध मध्यप्रदेश' थीम आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने वॉटरशेड जनभागीदारी कप प्रोत्साहन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया तथा प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं अपेक्षाओं को सुना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में एक हैंडपंप लगना भी बड़ी उपलब्धि माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश की पंचायतों में पाइपलाइन और जल शोधन संयंत्रों का निर्माण यह दर्शाता है कि विकास की रफ्तार किस दिशा में बढ़ी है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता संबंधी राष्ट्रीय मिशनों में अग्रणी भूमिका निभाएँ। निरोगी काया अभियान, एनीमिया एवं कुपोषण उन्मूलन, टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे मिशनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था केवल अधिकार का नहीं, बल्कि समन्वय, संवेदनशीलता और कर्तव्य का विषय है। 15वें वित्त आयोग एवं पंचम वित्त आयोग से प्राप्त संसाधनों का उपयोग पारदर्शी एवं योजनाबद्ध ढंग से किया जाए, जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर और सक्षम बन सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आग्रह किया कि जनप्रतिनिधि नियमित बैठकों, स्थायी समितियों, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनहित के निर्णयों को प्राथमिकता दें।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी! एक OTP में हो जाएगी Tatkal टिकट की बुकिंग

भोपाल भारतीय रेलवे ने यात्री तत्काल आरक्षण प्रणाली में बड़े बदलाव की शुरुआत की है। अब आरक्षण काउंटर से भी तत्काल टिकट बनवाने के लिए यात्री के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। यह ओटीपी बताने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा। इसकी प्रायोगिक शुरुआत रानी कमलापति से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस से हो गई है। यह ट्रेन देश की पहली ऐसी ट्रेन बन गई है जिसमें ओटीपी आधारित आरक्षण शुरू किया गया है। एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा रेल अधिकारियों के मुताबिक इस नई व्यवस्था से ऐसे एजेंटों की भीड़ कम होगी जो काउंटर खुलते ही कई टिकटों की बुकिंग करने लगते थे। ये टिकट वे भारी कमिशन पर मजबूर यात्रियों को बेचते। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक मोबाइल नंबर से एक समय में सिर्फ एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा। इससे यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होगी। इससे टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और तत्काल बुकिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा रुक जाएगा।   लगभग 130 ट्रेनें होती हैं संचालित अब शताब्दी एक्सप्रेस की कुल 1500 सीटों में से 30 फीसदी यानी 450 सीटें अब ओटीपी-आधारित तत्काल कोटे में शामिल हैं। रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन से प्रतिदिन 550-600 तत्काल टिकट बनाए जाते हैं, जबकि इन स्टेशनों से लगभग 130 ट्रेनें संचालित होती हैं और 10-30 फीसदी यात्री तत्काल टिकट पर यात्रा करते हैं। बताया जा रहा कि यह प्रयोग सफल रहा तो देश भर की दूसरी ट्रेनों के आरक्षण में भी ओटीपी प्रणाली लागू की जाएगी। एजेंटों का वर्चस्व बड़ी चुनौती तत्काल टिकट आरक्षण में एजेंटों का वर्चस्व तोड़ना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रही है। तत्काल टिकट काउंटर खुलने से पहले एजेंटों की लंबी लाइन लग जाती थी, जिसकी वजह से आम यात्रियों को टिकट मिलने में दिक्कत होती थी और कई बार उन्हें एजेंटों के जरिए महंगे दाम पर टिकट लेना पड़ता था। अब यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए ऑनलाइन भी एजेंट सुबह 10:00-10:30 बजे तक एसी क्लास और 11:00-11:30 बजे तक नान-एसी क्लास के टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। ओटीपी आधारित आरक्षण व्यवस्था लागू होने से कॉल टिकटिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी और सामान्य यात्रियों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना अधिक आसान हो जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल