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गोल्डी बराड़ गैंग पर बड़ा प्रहार, पंजाब पुलिस ने चार शूटर किए गिरफ्तार

मोहाली पंजाब पुलिस बुधवार को एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने में कामयाब रही। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स यानी एजीटीएफ और एसएएस नगर पुलिस ने दोपहर के समय डेराबस्सी-अंबाला हाईवे पर स्टील स्ट्रिप्स टावर्स के पास जोरदार मुठभेड़ के बाद गोल्डी बराड़ गैंग के चार खतरनाक गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया। चारों विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के लिए काम करते थे। पंजाब पुलिस ने इस बारे में अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी दी। पंजाब पुलिस के मुताबिक, पहले से खबर मिल गई थी कि गोल्डी बराड़ ने अपने इन शूटरों को चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और पटियाला इलाके में बड़े-बड़े लोगों पर हमला करने का हुक्म दिया है। इस सूचना के बाद पुलिस ने हाईवे के पास एक मकान को चारों तरफ से घेर लिया, जहां ये लोग छिपे हुए थे। जैसे ही पुलिस अंदर घुसी, गैंगस्टरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। इस गोलीबारी में गैंग के दो सदस्यों को गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। बाकी दो बदमाशों को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया। पुलिस की तलाशी में उस मकान से सात .32 बोर की पिस्तौल और सत्तर जिंदा कारतूस बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में इन चारों ने कबूल किया कि वे गोल्डी बराड़ के सीधे संपर्क में थे और पिछले कई दिनों से अलग-अलग जगहों की रेकी कर रहे थे। उनका प्लान था कि जल्द ही ट्राइसिटी और पटियाला में एक साथ कई टारगेटेड किलिंग करें। पंजाब पुलिस ने इस कार्रवाई को बहुत बड़ी सफलता बताया है। पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने एजीटीएफ और मोहाली पुलिस की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस दिन-रात मेहनत कर रही है, ताकि प्रदेश से गैंगस्टरों का नामोनिशान मिट जाए और आम लोगों को पूरी सुरक्षा और शांति मिले।

प्रशिक्षित युवा विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे : राज्यमंत्री टेटवाल

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल आप इतने सौभाग्यशाली हैं कि उन युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रहे हैं, जो आगे चलकर विकसित और समृद्ध भारत का भविष्य बनेंगे; इसलिए आपका आचरण, अनुशासन और कार्यशैली हर छात्र के लिए आदर्श होना चाहिए।” यह बात राज्य मंत्री डॉ. टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित कौशलम् समारोह में कही। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्रदेश की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार है, और इसमें प्रशिक्षण अधिकारियों और प्राचार्यों की भूमिका अत्यंत निर्णायक है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि अपने संस्थान की संस्कृति, मूल्यों और अनुशासन का जीवंत प्रतिनिधि होता है। इसलिए शिक्षक का व्यवहार, भाषा, कार्यशैली और समय-प्रबंधन उस संस्था के स्तर को निर्धारित करता है। उन्होंने कहा कि आईटीआई का वास्तविक मूल्य उसके भवनों या मशीनों से नहीं, बल्कि वहाँ कार्यरत प्राचार्यों और प्रशिक्षण अधिकारियों से तय होता है। जब शिक्षक स्वयं आदर्श प्रस्तुत करते हैं, तभी विद्यार्थी उनमें वह प्रेरणा देख पाते हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने और कुशल बनने की दिशा देती है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने कहा कि शिक्षक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, विनम्रता, दृढ़ता और कार्यनिष्ठा जैसी गुण होने चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी इन्हीं गुणों को अपने जीवन में अपनाते हैं। मंत्री श्री टेटवाल ने उद्योग जगत में हो रहे तेज बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कौशल संस्थानों को नई तकनीकों, डिजिटल शिक्षण और व्यवहारिक प्रशिक्षण की दिशा में लगातार आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण सामग्री और अभ्यास पद्धतियाँ विकसित करना अब समय की अनिवार्यता है। इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, लाइव प्रोजेक्ट और उद्योग यात्राएँ विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र से जोड़ने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं, और इन्हें प्रत्येक संस्थान में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि सरकार कौशल विकास संस्थानों के आधुनिकीकरण, उन्नत उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और रोजगार केंद्रित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। कौशलम् समारोह में इस वर्ष आईटीआई एवं कौशल विकास संचालनालय में चयनित प्राचार्य वर्ग-1, उपसंचालक, प्राचार्य वर्ग-2, सहायक संचालक और प्रशिक्षण अधिकारियों का उन्मुखिकरण किया गया। कार्यक्रम में उन प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग को नई पहचान दिलाई है। समारोह का उद्देश्य नई कार्यबल को प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रशासनिक दायित्वों और उद्योग आधारित आवश्यकताओं की गहरी समझ देकर उन्हें प्रभावी भूमिका के लिए तैयार करना है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में आईटीआई प्रवेश में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस वर्ष पहली बार 52,248 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित की गई, जिसमें 49,402 सीटों पर प्रवेश हुआ, जो 94.55% है। महिला आरक्षण 30% से बढ़ाकर 35% किया गया, जिससे महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 12,169 हो गई। प्रदेश के 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। आईटीआई की गुणवत्ता और आकर्षण को बढ़ाने के लिए 8वीं आधारित ट्रेड्स की संख्या बढ़ाई गई और आठ अन्य राज्यों से भी विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना और NAPS के तहत हजारों अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई ने 9 या अधिक ग्रेडिंग स्कोर प्राप्त किया, उज्जैन आईटीआई ने 9.30 स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 94वां स्थान प्राप्त किया। उद्योग एवं CSR साझेदारी के तहत आधुनिक लैब्स, AI एवं इलेक्ट्रिकल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए। अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार जैसी उपलब्धियाँ प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षण की उत्कृष्टता को दर्शाती हैं। इन सभी उपलब्धियों के साथ आईटीआई केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय बन गया है। सागर मैन्युफैक्चरर प्राइवेट लिमिटेड के श्री आशीष अग्रवाल ने बताया कि ओबैदुल्लागंज स्थित टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड प्लांट में सीखो कमाओ योजना के तहत 400 बच्चों का कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसमें से 60 बच्चों को सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं जिनका 100% प्लेसमेंट उनके प्लांट में हो गया है उन्होंने यह भी जानकारी दी की आईटीआई मंडीदीप ने उन्हें इस कार्य में हर संभव सहयोग दिया साथ ही मंशा जताई कि वह सरकार के सहयोग से इस कार्यक्रम को और आगे बढ़ाने में के इच्छुक हैं। वोल्वो आयशर के सीनियर मैनेजर श्री विनोद रघुवंशी ने बताया कि बगरोदा, पीथमपुर धार और देवास में उनके प्लांट हैं।उनके यहां भी सीखो कमाओ योजना के तहत आईटीआई के विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं और उद्योगों के मध्य सेतु का कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा को कौशल प्रशिक्षण दें । इस तरह से इंडस्ट्रीज को भी आसानी से स्किल्ड युवा मिल रहे हैं।  

इमरान खान जिंदा या नहीं? अफवाहों के बीच दो बुज़ुर्ग बहनों पर हमला, तनाव बढ़ा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के बारे में अफवाहों का बाजार गर्म है। पाकिस्तान की राजनीति में पूर्व राष्ट्राध्यक्षों की हत्या और फांसी दिए जाने जैसी चीजें आम रही हैं। इस बीच इमरान खान की जेल में ही हत्या कराए जाने की चर्चा है, जिससे पाकिस्तान में उनके समर्थकों के बीच उबाल है। यही नहीं इमरान खान की तीन बहनों ने दावा किया है कि वे तीन सप्ताह से अपने भाई से नहीं मिल सकी हैं। यही नहीं जब उनकी ओर से भाई से मुलाकात कराने की मांग की गई तो पुलिस ने उन पर बर्बरता से लाठियां बरसाईं। इमरान खान की बहनों नूरीन खान, अलीमा खान और उज्मा खान ने दावा किया है कि पुलिस ने उनकी पिटाई की।   रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल के बाहर इमरान खान के समर्थक बड़ी संख्या में जुटे और नारेबाजी की। यही नहीं कुछ और जगहों से ऐसे वीडियोज आए हैं, जिनमें इमरान खान के समर्थन सरकार और सेना के खिलाफ नारेबाजी करते दिख रहे हैं। इमरान खान 2023 से ही जेल में बंद हैं। इमरान खान की पार्टी के नेता और उनकी बहनें अकसर मुलाकात करती रही हैं, लेकिन बीते तीन सप्ताह से किसी की उनसे मीटिंग नहीं हुई है। उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि जब इमरान खान के समर्थक और बहनें जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे तो पुलिस ने उनकी बुरी तरह से पिटाई की। पार्टी ने इस मामले की निष्पक्षता से जांच किए जाने की मांग की है। बहनों ने पुलिस चीफ को लिखा- इस उम्र में बाल पकड़कर घसीटा गया इमरान खान की बहनों ने पंजाब पुलिस के चीफ उस्मान अनवर को लिखे लेटर में कहा है कि उनकी और समर्थकों की बिना किसी उकसावे की बुरी तरह से पिटाई की गई। नूरीन नियाजी ने लिखा, 'हम इमरान खान की सेहत को लेकर चिंतित हैं। इसी के लिए प्रदर्शन कर रहे थे, जो शांतिपूर्ण था। हमने ना तो कोई रास्ता बंद किया और ना ही जनता को कोई असुविधा हुई। इसके अलावा कोई गैरकानूनी हरकत भी नहीं हुई। फिर भी पुलिस ने हमारे लोगों को बिना किसी उकसावे के ही पीटना चालू कर दिया। यह बेहद क्रूर हमला था, जो पंजाब की पुलिस ने किया।' उन्होंने कहा कि मुझे 71 साल की उम्र में बाल पकड़ कर घसीटा गया और चोट लगी हैं। वकील बोले- मेरी भी मुलाकात नहीं हो पा रही नूरीन नियाजी ने कहा कि मेरे अलावा भी कुछ और महिलाओं को पीटा गया है। दरअसल अफगानिस्तान की मीडिया में भी इमरान खान की हत्या होने की आशंका वाली खबरें लगी हैं। हालांकि अब तक पाकिस्तान की सरकार, सेना या जेल प्रशासन की ओर से कोई बयान जारी नहीं हुई है। ऐसे में आशंकाएं गहराती जा रही हैं कि आखिर इमरान खान की सेहत कैसी है। वे जीवित भी हैं या नहीं। यही नहीं इमरान खान के वकीलों की भी शिकायत है कि वे अपने मुवक्किल से मिल नहीं पाए हैं। वकील खालिद युसूफ चौधरी का भी कहना है कि उनकी मुलाकात इमरान खान से नहीं हो सकी है। उन तक जरूरी चीजें भी नहीं पहुंचने दी जा रहीं।  

अयोध्या में भगवा ध्वजा के आरोहण पर बागेश्वर धाम की प्रतिक्रिया: इतिहास ने खुद को दोहराया है

शिवपुरी शिवपुरी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन का मंच हिंदुत्व गर्व, राम मंदिर की पूर्णता और राष्ट्रवादी भावनाओं से पूरी तरह सराबोर रहा। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने उद्बोधन की शुरुआत अयोध्या में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख करते हुए की। “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है” धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि-  “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है”। उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कभी हरे झंडे की योजना बनाई जाती थी, आज वहां भगवा लहरा रहा है। मथुरा जन्मभूमि विवाद पर उन्होंने स्पष्ट कहा – कृष्ण लला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जिन्हें दिक्कत हो वो खिसक लें।” तात्या टोपे के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने शिवपुरी की ऐतिहासिक धरा को नमन किया और कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध नाखून चबाने पर मजबूर करने वाले तात्या टोपे जैसे वीर के संघर्ष को कुछ ‘जयचंदों’ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि तात्या टोपे ने शिवपुरी की पावन भूमि पर फांसी को चूमकर अपने प्राण त्याग दिए। इस मौके पर धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन विरोधियों पर कड़े प्रहार किए। 

मुख्यमंत्री ने की ग्राम सलखंड में महतारी सदन बनाने की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में  शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।  कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

एसआईआर कार्य की प्रगति की रोजाना समीक्षा करें कलेक्टर: निर्वाचन आयोग

निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना और सचिव श्री बिनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश भोपाल भारत निर्वाचन आयोग की निदेशक श्रीमती शुभ्रा सक्सेना एवं सचिव श्री बिनोद कुमार ने बुधवार को मध्य प्रदेश के 19 जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारीऔर नगर पालिक निगमों के कमिश्नरों के साथ वर्चुअल बैठक कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा भी मौजूद रहे। निदेशक श्रीमती सक्सेना ने कहा कि जिलों में एसआईआर के कार्य को गंभीरता और प्राथमिकता से लिया जाए। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान गणना पत्रकों के वितरण, मैपिंग, तथा डिजिटलाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की और प्रदेश की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने भोपाल, इन्दौर और ग्वालियर के उन विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ से सीधे बात की जहाँ कार्य की रफ्तार अपेक्षित नहीं रही। साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ईआरओ के कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करें और कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार सुनिश्चित करें। श्रीमती सक्सेना ने सभी जिलों को निर्देशित किया कि डिजिटलाइजेशन का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बीएलओ को सहयोग देने के लिये वालेंटियर्स की नियुक्ति, तथा तीनों महानगरों में विशेष कैम्प लगाकर गणना पत्रक भरवाने की व्यवस्था के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर स्वयं मैदानी स्तर पर जाकर कार्य की स्थिति देखें और मैपिंग के कार्य को शत-प्रतिशत सटीकता के साथ पूरा कराएं। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने कलेक्टर्स को निर्देश दिया कि वे ईआरओ कार्य की रोजाना मॉनिटरिंग करें, तथा गणना पत्रक के डिजिटलाइजेशन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूर्ण किए जाएँ। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में भी बीएलओ घर-घर जाकर दस्तक दें, और वालेंटियर्स मतदाताओं को फार्म भरने में आवश्यक सहयोग करें। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर कार्य की रफ्तार और गुणवत्ता आगामी दिनों में उनके सीधे फोकस में रहेगी।  

मतदाता सरलता से दर्ज कर सकते हैं विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित शिकायतें: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश कार्यालय ने जानकारी दी है कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अपनी सभी शिकायतें सरल, पारदर्शी और प्रभावी माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं, जिनके समयबद्ध समाधान की व्यवस्था राज्यभर में सुनिश्चित की गई है। फॉर्म वितरण, डाटा सत्यापन, बीएलओ संपर्क, मतदाता सूची त्रुटियों और अन्य निर्वाचन कार्यों से संबंधित शिकायतों के लिए प्रदेश में व्यापक शिकायत निवारण प्रणाली संचालित है। मतदाता अपनी शिकायतें राष्ट्रीय मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं, जो एक टोल-फ्री सेवा है। शिकायत दर्ज होते ही कॉल करने वाले को एक टोकन आईडी प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वह बाद में अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता है। ऑनलाइन सुविधा के रूप में राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) में भी शिकायत पंजीकृत की जा सकती है, जहाँ पोर्टल के ‘कम्प्लेंट’ सेक्शन में जाकर शिकायत का प्रकार चुनने, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने और सबमिट करने पर यह शिकायत सीधे जिला या राज्य निर्वाचन कार्यालय तक पहुँच जाती है और उसका निवारण तय समय-सीमा में किया जाता है। प्रत्येक जिले में कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी), ईआरओ, एईआरओ और निर्वाचन शाखा के माध्यम से भी मतदाता लिखित शिकायतें जमा कर सकते हैं। स्कैन की गई शिकायतें जिले के अधिकृत ईमेल पते पर भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मतदाता अपनी शिकायतें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश या भारत निर्वाचन आयोग को ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं, जिन पर नियमानुसार संज्ञान लिया जाता है। मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े किसी भी विषय जैसे एनुमरेशन फॉर्म न मिलना, जानकारी का गलत संकलन, बीएलओ की अनुपस्थिति या व्यवहार संबंधी शिकायतें, मतदाता सूची में नाम जुड़ने, कटने अथवा स्थानांतरण से संबंधित त्रुटियाँ, पोलिंग बूथ की समस्याएँ, दिव्यांगजन सुविधाओं में कमी संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के समाधान के लिए राज्य में स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है। सामान्य शिकायतों का निवारण सात से पन्द्रह दिनों के भीतर किया जाता है, जबकि तात्कालिक या महत्वपूर्ण शिकायतों पर एक से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई की जाती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि “हमारा उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और उत्तरदायी बनाना है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और समाधान की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।“  

1032 बच्चों ने क्यों नहीं भरा परीक्षा फॉर्म? हरियाणा में सामने आई गंभीर लापरवाही

चंडीगढ़  हरियाणा के 1032 अस्थायी स्कूल एक्सटेंशन के बाद भी बोर्ड परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाए हैं, क्योंकि शिक्षा निदेशालय ने अभी तक सूची शिक्षा बोर्ड को नहीं भेजी है। निजी स्कूल संघ ने सरकार से एफिलिएशन फीस भरवाकर छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की है। पोर्टल बंद होने के कारण स्कूलों को फॉर्म भरने में दिक्कत आ रही है।   एक साल की एक्सटेंशन मिलने के 26 दिन बाद भी हरियाणा के 1032 अस्थाई स्कूल अपने बच्चों के बोर्ड फार्म नहीं भर पाए हैं। शिक्षा निदेशालय ने अभी तक इन स्कूलों की सूची शिक्षा बोर्ड भिवानी में नहीं भेजी है। प्राइवेट स्कूल संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री से प्रदेश के अस्थाई व मान्यता प्राप्त स्कूलों से ऐफिलेशन फीस भरवाकर उनमें पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है।संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि सरकारी व स्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों की दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के बच्चों के परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 नवंबर थी, लेकिन अभी तक प्रदेश के अस्थाई व मान्यता प्राप्त स्कूलों की ऐफिलेशन फीस बोर्ड ने नहीं भरवाई है, जिस कारण इन स्कूलों का पोर्टल बंद है और ये स्कूल दसवीं व बारहवीं के बच्चों के बोर्ड फार्म भरने से अभी तक वंचित हैं।  

बाघ एवं वन्य प्राणियों के आंकड़े एकत्रित करने हुई प्रशिक्षण कार्यशाला

भोपाल  देश में सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में अखिल भारतीय बाघ आकलन के छठे चक्र के अंतर्गत कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए दिनांक 25 एवं 26 नवंबर को एक-एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर में किया गया। जिसमें अखिल भारतीय बाघ आकलन के नोडल अधिकारी, मध्यप्रदेश द्वारा निर्धारित 83 वन मंडलों, टाइगर रिजर्व, संरक्षित क्षेत्रों एवं निगम मंडलों के कुल 169 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसके माध्यम से प्रदेश के सभी वनमंडलों की लगभग 8500 बीटों से शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणियों के आँकड़े संगृहीत किए जाएंगे।  मध्यप्रदेश अपने 'टाइगर स्टेट' का दर्जा बरकरार रखने के लिए बीते हुए चक्रो की भांति अखिल भारतीय बाघ आकलन के छठवें चक्र में पूरी तरह से प्रयासरत है। मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा पूर्व में सम्पूर्ण वनमंडलो से बाघ एवं अन्य वन्य प्राणियों के आँकड़े (डाटा) एकत्रित करने के लिये अधिकारी से लेकर क्षेत्रीय अमले तक विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की गई थी। प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को एम-स्ट्राइप्स डेस्कटॉप एप्लीकेशन पर प्रशिक्षण दिया गया।जिससे प्रदेश के सम्पूर्ण वनमंडलो से एकत्रित किए गए आँकड़े सटीक रूप में संधारित किए जा सकें एवं राज्य वन अनुसंधान संस्थान के माध्यम से भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के टाइगर सेल को प्रदान किए जा सकें। उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागियों को बारीकी से सिखाया गया कि बाघ आकलन के निर्धारित मापदंडों के आधार पर डाटा को कंप्यूटर में किस प्रकार दर्ज (संधारित) किया जाएगा, इसके साथ प्रशिक्षार्थियों को प्रदेश के टाइगर स्टेट के दर्जे को बरक़रार रखने के लिए शपथ दिलाई गई। कार्यशाला का शुभारंभ राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के संचालक श्री प्रदीप वासुदेवा द्वारा किया गया। उपसंचालक श्री संदीप फेलोज एवं जबलपुर वन मंडल के वनमंडलाधिकारी श्री ऋषि मिश्रा उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून एवं राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के वैज्ञानिक दल द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की ओर से श्री मनीष एवं श्री ओमकार नार के द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया, राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर की ओर से वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध मजूमदार, श्री एस.एस. रघुवंशी, श्रीमती ज्योत्सना गुप्ता, श्री राजेश दीक्षित, श्री बलराम लोधी, कुमारी दीप्ति सोनावने, कुमारी पियूषा विश्वास, संत कुमार, अर्घ्य कुसुम दास, सूर्यांश दुबे आदि की उपस्थित में कार्यशाला सफलतापूर्वक हुई। अखिल भारतीय बाघ आकलन-2026 के लिये प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में मुख्य वन संरक्षक स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके अलावा माधव टाइगर रिज़र्व, पन्ना टाइगर रिज़र्व, कान्हा टाइगर रिज़र्व एवं सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में वनमंडलाधिकारी स्तर की कार्यशालाएँ आयोजित की गई थीं। प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व (पेंच, कान्हा , बांधवगढ़ , सतपुड़ा , पन्ना , माधव , वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व, रातापानी एवं संजय-डुबरी टाइगर रिज़र्व) तथा 2 संरक्षित क्षेत्रों (गांधीसागर अभयारण्य एवं खिवनी वन्यजीव अभयारण्य) में उप वनमंडलाधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी एवं फॉरेस्ट गार्ड स्तर की कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया था। 

उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में लिखेगा नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने किया उज्जैन के आकाशवाणी केन्द्र का लोकार्पण आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र बनेगा युवाओं के रोजगार और प्रसारण कौशल का जरिया: केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. मुरूगन प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है उज्जैन रोज सुबह 5.55 से शुरू होकर रात 11 बजे तक लगातार जारी रहेगा प्रसारण उज्जैन जिले को दी 179 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की बड़ी सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह आकाशवाणी का उज्जैन केन्द्र है, ऐसा सुनने की हसरत अब जाकर पूरी हुई है। आकाशवाणी का भवन तैयार था, परंतु प्रसारण की मंजूरी के कारण अटका था। मंजूरी मिलने के मात्र 6 माह में उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रसारण प्रारम्भ हो गया है। यह प्रदेश का 20वां आकाशवाणी केन्द्र है। इस केंद्र से निकले एक-एक शब्द उज्जैन और सिंहस्थ की प्रतिष्ठा होंगे। आकाशवाणी के कार्यक्रम, इसकी प्रस्तुति गांव-गांव तक उज्जैन और सिंहस्थ की महिमा पहुंचाएगी। मुझे विश्वास है कि आकाशवाणी अपना यह दायित्व, पूर्ण निष्ठा के साथ निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनोरंजन के साथ आकाशवाणी ने समाज सेवा और जन-जागरूकता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्जैन से होने वाला प्रसारण आकाशवाणी के इतिहास में नई इबारत लिखकर चार चांद लगाएगा। यहां रोजाना सुबह 5.55 बजे से प्रारंभ होकर रात 11 बजे तक लगातार प्रसारण जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में आकाशवाणी उज्जैन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले को भी सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से उज्जैन जिले के लिए करीब 179 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 55 करोड़ 27 लाख की लागत से महाराजवाड़ा में तैयार सांदीपनि स्कूल का एवं 30 करोड़ 21 लाख की लागत से उज्जैन रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न मार्गों के निर्माण और उन्नयन कार्य, 32 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से शासकीय धनवंतरी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 250 सीटर बालक और बालिका छात्रावास का निर्माण, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से रेप्टाइल पार्क एवं स्नेक पार्क तथा करीब 3 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और इसके प्रचार-प्रसार के मामले में सिरमौर है, इसलिए उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स बनाने की दिशा में भी हम केन्द्र सरकार को अपना प्रस्ताव भेजेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरवासियों को आकाशवाणी केंद्र के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण हैं। यहां के लोगों के कान अपने आकाशवाणी केंद्र की आवाज सुनने को तरस गए थे। यह स्वप्न प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन के प्रयासों से पूरा हो रहा है। उज्जैन की हवा में बाबा महाकाल की भक्ति और शक्ति निरंतर रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली रही है। उज्जैन के कण-कण में सम्राट विक्रमादित्य का गौरव महसूस होता है। वे आज भी हमारे आदर्श हैं। यह आकाशवाणी केन्द्र उज्जैन के लिए देववाणी और महालोक वाणी बनेगा। उन्होंने कहा कि 2028 में सिंहस्थ आने वाला है। युवाओं, कलाकारों ने अपनी तैयारियां कर ली हैं। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का शिक्षा आश्रम है। राज्य सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े सभी लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी। एक दिसंबर को पूरे प्रदेश में धूमधाम से गीता जयंती मनाई जाएगी। सोने पर सुहागा सिद्ध होगा उज्जैन स्टेशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी ने कला-संस्कृति, शिक्षा-स्वास्थय, जनजागरुकता और कृषि समेत हर क्षेत्र के संरक्षण और संवर्धन में अपना अद्वितीय योगदान दिया है। आकाशवाणी ने रंगकर्मियों और विभिन्न कलाधर्मियों को भी सुनहरा मंच दिया है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ जैसे विराट महा-आयोजन की तैयारी हम कर रहे हैं। ऐसे में आकाशवाणी उज्जैन का शुरू होना सोने पर सुहागा सिद्ध होगा। स्थानीय प्रसारण के जरिये देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक बाबा महाकाल की नगरी के वैभव का आंखों देखा हाल सुन पाएंगे। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ को यूनेस्को की सूची में भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन शहर से कनेक्टिविटी, ट्रैफिक की सुगमता के लिए सड़कों का चौड़ीकरण, उन्नयन हम युद्ध स्तर पर कर रहे हैं। उज्जैन नगरी और बाबा महाकाल की महिमा श्रद्धालुओं को रोचक तरीके से पहुंचाने के लिए रुद्रसागर पर वाटर स्क्रीन प्रोजेक्शन एवं म्यूजिकल फाउंटेन-शो की शुरुआत भी हमने की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन सिंहस्थ के जीवंत प्रसारण (Live Telecast) का इतिहास लिखेगा और यहां से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम उदाहरण बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी तीव्र विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार यहां मेडिकल टूरिज्म हब बना रही है। इसी कड़ी में मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। हमने लक्ष्य रखा है कि सिंहस्थ 2028 से संबंधित सभी अवंसरचनात्मक एवं प्रबन्धात्मक कार्य वर्ष 2027 के अंत तक पूरे कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण सहित कई प्रकार के अधोसंरचना विकास कार्य जारी हैं। विकास में सब का योगदान होना चाहिए। हम सभी विकास कार्यों के संकल्पों में साथ हैं। उन्होंने उज्जैनवासियों को मंच से अपने पुत्र के शुभविवाह में आने का आमंत्रण दिया।