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सांवले रंग से सफलता तक, नेज्म की दमदार कहानी, बनी वोग मॉडल

तमिलनाडु के एक छोटे से कस्बे की गलियों में पली-बढ़ी नेज्म (Nezhm) आज भारतीय फैशन इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना नाम है। हाल ही में वोग फोर्सेस ऑफ फैशन 2025 के मॉडल ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित होने के बाद नेज्म का नाम देशभर में गूंज रहा है। लेकिन उसकी कहानी सिर्फ ग्लैमर और अवार्ड्स की नहीं, बल्कि हिम्मत, असली पहचान और बदलाव की कहानी है। आज हम जानते हैं कि कैसे एक गांव से आने वाली सांवले रंग की लड़की ने पूरी दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई। बचपन के सपने और असली संघर्ष बचपन में नेज्म अक्सर फैशन मैगजीन के पन्ने पलटा करती थी, लेकिन उसे कभी अपने जैसी सांवली त्वचा या दक्षिण भारतीय चेहरे उन पन्नों में नजर नहीं आते थे। समाज ने भी उसे यही बताया कि "मॉडलिंग उसके जैसी लड़कियों के लिए नहीं है"। लेकिन नेज्म ने इन आवाजों को अपने सपनों पर हावी नहीं होने दिया। वो कहती हैं- "मैंने किसी की परफेक्ट परिभाषा में फिट होने की कोशिश नहीं की, मैंने खुद को वैसे ही अपनाया जैसी मैं हूं।" एक बेतरतीब शूट से शुरू हुआ सफर नेज्म का करियर किसी बड़ी एजेंसी से नहीं, बल्कि एक लोकल फोटोग्राफर के साथ किए गए कैजुअल शूट से शुरू हुआ। उस शूट की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और वहीं से उसे पहला मॉडलिंग असाइनमेंट मिला। धीरे-धीरे नेज्म की पहचान उन चेहरों में होने लगी जो "mainstream beauty standards" को तोड़ रहे थे। उसकी सांवली त्वचा, घुंघराले बाल और आत्मविश्वास ने लोगों को यह दिखाया कि सौंदर्य की कोई एक परिभाषा नहीं होती। फैशन में पहचान, संस्कृति और आत्मविश्वास नेज्म ने अपने हर प्रोजेक्ट में अपनी जड़ों और संस्कृति को साथ रखा। चाहे वो दक्षिण भारतीय परंपरागत परिधान हों या इंटरनेशनल रनवे लुक्स, उसने हर जगह भारतीय संस्कृति को बरकरार रखा। उसने कई बड़े डिजाइनर्स जैसे सबीना चोपड़ा, अनीता डोंगरे और गौरव गुप्ता के लिए रैंप वॉक किया है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उसने खुद को नहीं बदला बल्कि दुनिया की सोच बदल दी। बदलाव की मिसाल आज नेज्म उन हजारों युवा लड़कियों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं जो खुद पर शक करती हैं। उसकी कहानी यह सिखाती है कि सुंदरता फेयरनेस क्रीम्स या फिल्टर्स में नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास और अपनी सच्चाई में है। Vogue Model of the Year एक ऐतिहासिक पल वोग फोर्सेस ऑफ फैशन 2025 में मॉडल ऑफ द ईयर का अवार्ड जीतना नेज्म के लिए सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक मील का पत्थर था। यह उस सफर की जीत थी जो एक छोटे से कस्बे से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा। अब नेज्म न सिर्फ भारत बल्कि ग्लोबल फैशन में भी रिप्रजेंटशन आवाज बन चुकी हैं।

एमपी में पहली बार ऑन-स्पॉट अवॉर्ड, उज्जैन एसपी ने शुरू की सुविधा

उज्जैन उज्जैन पुलिस ने एक नई व्यवस्था की शुरुआत की है, जिसके तहत अच्छा काम करने वाले पुलिस कर्मियों को ऑन द स्पॉट अवॉर्ड और प्रमाणपत्र दिया जा सकेगा। इसके लिए विशेष इनाम आदेश बुक तैयार कराई गई है, जिसमें दो दिनों के भीतर पांच पुलिस कर्मियों को ऑन द स्पॉट अवॉर्ड दिया गया।  उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, पुलिस महकमे में प्रदेश स्तर पर यह पहला प्रयोग है। शर्मा ने बताया कि यदि कोई पुलिसकर्मी बेहतर काम करता है, तो उसे उसी समय पुरस्कृत करना हमारी जिम्मेदारी है ताकि उसका मनोबल बढ़ सके। इनाम आदेश बुक में अवॉर्ड देते समय यह उल्लेख भी किया जा रहा है कि संबंधित पुलिसकर्मी को किस कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया है। इसी रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस कर्मियों की विशेषज्ञता की श्रेणी भी तैयार की जा रही है। उदाहरण के लिए, यदि किसी पुलिसकर्मी ने साइबर ठगी के मामले में उत्कृष्ट कार्य किया है, तो उसकी कैटेगरी साइबर एक्सपर्ट के रूप में तय की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों में उसकी मदद ली जा सके। पहले की प्रक्रिया में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। पहले नोटशीट चलानी पड़ती थी पहले एसपी की अनुमति के बाद स्टेनो संबंधित पुलिसकर्मी का नाम नोट करता था। इसके बाद स्टेनो द्वारा अवॉर्ड देने हेतु नोटशीट चलाई जाती थी। कई बार नोटशीट की प्रक्रिया में ही 10 से 15 दिन लग जाते थे। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को भी याद नहीं रहता था कि किस पुलिसकर्मी को और किस कारण अवॉर्ड देना था। नोटशीट गुम हो जाने की स्थिति में पुलिसकर्मी पुरस्कार से वंचित रह जाते थे। अवॉर्ड मिलने के बाद भी सर्विस रिकॉर्ड में उसकी एंट्री कई दिनों बाद होती थी और फाइल गुम होने पर कभी-कभी एंट्री हो ही नहीं पाती थी। इन 5 पुलिसकर्मियों को मौके पर ही दिया गया अवॉर्ड मंगलवार को भैरवगढ़ थाने में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान, अपराध निराकरण में उत्कृष्ट कार्य करने पर एसपी ने एसआई महेंद्र पाल सेंधव को 500 रुपए नकद और इनाम प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। भैरवगढ़ थाने के ही हेड कांस्टेबल महेश मालवीय और आरक्षक जीवन कटारिया को क्षेत्र के गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ बॉन्ड ओवर की प्रभावी कार्रवाई करने पर पुरस्कृत किया गया। रात्रि गश्त के दौरान मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात एसपी ने चेकिंग पाइंट्स का निरीक्षण किया। चेकिंग पाइंट्स पर सक्रिय रहते हुए चाकूबाज को पकड़ने पर नीलगंगा थाने के आरक्षक वीरसिंह यादव और दामोदर पटेल को 500-500 रुपए नकद और इनाम प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

हीरा वरीना का करियर ट्विस्ट: असफल डेब्यू के बाद बदला नाम, क्या कपिल शर्मा की फिल्म दिलाएगी पहचान?

मुंबई         बॉलीवुड में यूं तो हर साल कई नए चेहरे आते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो पर्दे के पीछे छुपे संघर्ष को ज्यादा ईमानदारी से बयां करती हैं. इन्हीं में से एक हैं हीरा वरीना, जिन्हें पहले लोग वरीना हुसैन के नाम से जानते थे. सलमान खान के जीजा आयुष शर्मा के साथ उनकी पहली फिल्म लवयात्री (2018) रिलीज होते ही ये अफगानी ब्यूटी चर्चा में आईं.  खूबसूरत लुक, भरोसेमंद स्क्रीन प्रेजेंस और मासूमियत- सब था. लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं दिखा पाई. पर वरीना की परफॉर्मेंस की सराहना जरूर हुई. फिर भी, उन्हें वह उड़ान नहीं मिली जिसकी शुरुआती दौर में उम्मीद थी. अब वो कपिल शर्मा की फिल्म 'किस किसको प्यार करूं 2' में उनके अपोजिट नजर आएंगी. हीरा ने फिर से एक नई शुरुआत की है, नए नाम के साथ…लेकिन पुरानी यादों को मिटाकर, क्या उन्हें इंडस्ट्री में पहचान मिलेगी.  'लवयात्री' बना करियर का टर्निंग पॉइंट या मुश्किलों की शुरुआत? लवयात्री से पहले ही सलमान खान फिल्म्स की लॉन्चिंग ने वरीना को एक बड़े प्लेटफॉर्म पर खड़ा कर दिया था. रिलीज के बाद उनकी स्माइल, स्क्रीन परफॉर्मेंस और जोड़ी को खूब पसंद किया. फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 30–35 करोड़ की कमाई की और एक नए चेहरे के लिए यह बुरा आंकड़ा नहीं माना गया. फिल्म के गानों ने भी खूब धमाल मचाया, इन्हें आज भी खूब सुना जाता है.  लेकिन वरीना के लिए मुश्किलें यहीं से शुरू हुईं- अच्छी परफॉर्मेंस के बावजूद उन्हें नए प्रोजेक्ट्स नहीं मिले. उन्होंने दबंग 3 में गेस्ट अपीयरेंस दिया और बादशाह संग एक गाना करके सिमट कर रह गईं. इंडस्ट्री में सर्वाइवल के लिए मजबूत नेटवर्क, लगातार मौके और सही टीम की जरूरत होती है- यहां वे पीछे रह गईं. सलमान का सिर पर हाथ होने के बावजूद उन्हें एक मौका नहीं मिल पाया. धीरे-धीरे वरीना पब्लिक लाइमलाइट से दूर होती गईं. बदला नाम-डिलीट किए पुराने सभी पोस्ट कुछ समय पहले वरीना ने सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट्स से लवयात्री से जुड़े और बाकी सभी पुरानी पोस्ट हटा दिए और अपने लिए एक नया नाम चुना- हीरा वरीना. नाम बदलना किसी भी कलाकार के लिए सिर्फ बदलाव नहीं होता, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत होता है. हीरा ने हालांकि ने धार्मिक वजह बताते हुए अपने नाम में बदलाव किए थे, लेकिन इसे- नई पहचान बनाना, नए सिरे से करियर रीब्रांडिंग, खुद को एक मजबूत, इन्फॉर्मल छवि से बाहर निकालना, काम के नए अवसर खोजने की कोशिश- के तौर पर देखा गया. क्योंकि हीरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपनी डेब्यू फिल्म के नामोनिशान तक नहीं छोड़े.  'किस किसको प्यार करूं 2'  क्या यहीं से बदलेगी किस्मत? अब हीरा वरीना कपिल शर्मा संग किस किसको प्यार करूं 2 में नजर आने वाली हैं. वो उनके लव इंटरेस्ट का किरदार निभाती नजर आएंगी. यह उनके करियर के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि कपिल शर्मा कॉमेडी का बड़ा नाम हैं. कॉमेडी-रोमांस जॉनर में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस खूब जंचती है. उनकी पहली फिल्म किस किसको प्यार करूं को भी फैंस ने खूब पसंद किया था. फिल्म से उन्हें फिर से बड़े दर्शकवर्ग तक पहुंचने का मौका मिलेगा. माना जा सकता है कि, लंबे समय से काम की तलाश झेलती हीरा अब इस फिल्म को अपनी असली 'कमबैक एंट्री' की तरह देख रही हैं. फिल्म 12 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म में कपिल शर्मा-हीरा वरीना के साथ पारुल गुलाटी, त्रिधा चौधरी और आयशा खान भी होंगी. 

ताई पो जिले में बड़ा हादसा: आवासीय इमारतों में आग, कई अपार्टमेंट जलकर खाक—44 मृत, 300 के करीब लापता

हांगकांग  हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो जिले में दोपहर गगनचुंबी इमारतों में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. खबर है कि आग पर काबू पा लिया गया. हालांकि आग पूरी तरह से बुझी नहीं है. इस हादसे में 44 लोगों की मौत होने की खबर है. वहीं बताया जा रहा है कि सैकड़ों लोग अभी भी लापता है. बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया गया है. इस बीच पुलिस प्रशासन ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है. हांगकांग के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के कई ऊंचे अपार्टमेंट ब्लॉक में भयानक आग लग गई. इस हादसे में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग लापता हैं. आग भड़कने की वजह से दमकलकर्मियों को ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों तक पहुंचने में मुश्किलें हुई. अधिकारियों ने गुरुवार सुबह बताया कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो डायरेक्टर और एक कंसल्टेंट शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक जांच करने वालों को अपार्टमेंट में कुछ खिड़कियों को जाम करने वाले ज्वलनशील बोर्ड लगे मिले जिसपर कंपनी का नाम लिखा था. पुलिस ने उन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया. अधिकारियों को यह भी शक है कि साइट पर मौजूद दूसरा कंस्ट्रक्शन मटीरियल जैसे सुरक्षात्मक जाल, कैनवस शीट और प्लास्टिक कवरिंग जरूरी सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करते थे. कॉम्प्लेक्स के आठ टावरों में से सात जहाँ कई बुजुर्ग लोग रहते थे. आग लगने के कई घंटों बाद भी जल रहे थे. माना जा रहा है कि यह आग हांगकांग में लगभग 30 सालों में सबसे खतरनाक आग है. इसने 1996 की बदनाम गार्ले बिल्डिंग आग को भी पीछे छोड़ दिया जिसमें 41 लोग मारे गए थे. 700 से ज्यादा फायरफाइटर्स मौके पर मौजूद घटना स्थल पर 700 से अधिक फायरफाइटर्स लगातार आग बुझाने और लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं. कई जगहों पर हाइड्रॉलिक सीढ़ियों के ज़रिये ऊंची मंजिलों पर पानी की बौछारें डाली जा रही हैं. लाइव फुटेज में दिखाई दिया कि तेज आग और घने धुएं के बावजूद राहतकर्मी जान जोखिम में डालकर अंदर प्रवेश कर रहे हैं. ताइ पो जिले में लगी आग लगभग 16 घंटे तक रही. आग पर काबू पाने वाले कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित तीन टावरों पर फोकस रखा. उनका कहना था कि चार दूसरी इमारतों में लगी आग पर काबू पा लिया गया है, हालांकि आग पूरी तरह बुझी नहीं हैं. इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि आग इतनी तेजी से कैसे फैली. रिपोर्ट के मुताबिक, फायर सर्विसेज के डायरेक्टर एंडी येउंग ने कहा कि क्रू ने देखा कि कई यूनिट्स में पॉलीस्टाइनिन बोर्ड खिड़कियों को ब्लॉक कर रहे थे. इस देखकर वे अचंभे में रहे. उन्होंने कहा, 'ये पॉलीस्टाइनिन बोर्ड बहुत ज्यादा आग पकड़ने वाले होते हैं और आग बहुत तेजी से फैली.' येउंग ने कहा, 'उनकी मौजूदगी अजीब थी, इसलिए हमने आगे की जांच के लिए घटना को पुलिस को भेज दिया है.' हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने कहा कि शहर की हाउसिंग अथॉरिटी यह भी जांच करेगी कि रिनोवेशन के दौरान इमारतों पर लगी प्रोटेक्टिव लेयर आग से बचाने के लिए काफी थीं या नहीं. उन्होंने कहा, 'हम कानून और नियमों के हिसाब से उन्हें जिम्मेदार ठहराएंगे.' अधिकारी बांस के मचान की भूमिका पर भी गौर कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर हांगकांग की इमारतों को कंस्ट्रक्शन या मरम्मत के काम के दौरान इस्तेमाल किया जाता है, इसे पहले भी आग फैलने का एक कारण बताया गया है.

गौहरगंज में आक्रोश बढ़ा, पुलिस और भीड़ में टकराव, धारा 144 लागू, आरोपी की तलाश जारी

 गौहरगंज रायसेन जिले के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान के दो वीडियो सामने आए हैं। इनमें से पहले वीडियो में सलमान एक ट्रैक्टर ड्राइवर को रास्ता बताता दिख रहा है। दूसरे वीडियो में वह एक दुकान से सिगरेट खरीद रहा है।  6 वर्षीय मासूम से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी सलमान के पुलिस पकड़ में न आने से हिंदू संगठनों सहित आमजन में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को गौहरगंज के स्कूल खेल मैदान में जन आक्रोश रैली और धरने के बाद हालात एकदम बिगड़ गए। भीड़ में से कुछ लोग मुस्लिम बाहुल्य बस्ती की तरफ जाने लगे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे बात और बिगड़ गई। भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ से निपटने पुलिस को सख्ती दिखाना पड़ी। अश्रु गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इस दौरान मस्जिद की तरफ पथराव होने से स्थिति और बिगड़ने लगी, लेकिन पुलिस ने समय रहते इस पर काबू पा लिया। गौहरगंज में फिलहाल अघोषित कर्फ्यू के हालात हैं। लोग घरों में बंद हैं। यहां सड़कें पूरी तरह से सुनसान हैं। लोग सहमे हुए भी हैं। प्रदर्शनकारियों पर दागे आंसू गैस के गोले     प्राप्त जानकारी अनुसार 6 जिलों की पुलिस ने यहां मोर्चा संभाल कर रखा है, जिसमें 300 से अधिक पुलिसकर्मी हालात पर नजर रख रहे हैं। क्विक रिस्पॉन्स फोर्स भी मौके पर है। डीआईजी प्रशांत खरे के मुताबिक, हालात कंट्रोल में हैं। उल्लेखनीय है कि 6 साल की बच्ची से दुष्कृत्य का आरोपित सलमान उर्फ नजर फरार है, जिसकी तलाश पुलिस की 20 टीमें कर रही हैं। इससे पहले सलमान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वारदात के पांचवें दिन बुधवार को गौहरगंज के स्कूल ग्राउंड में शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया गया। उसके बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों का झुंड मुस्लिम बाहुल्य बस्ती की ओर जाने लगा। पुलिस ने उन्हें रोका, हल्का लाठी चार्ज भी किया। इससे नाराज होकर युवकों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो उपद्रवी भाग निकले। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़िता के पिता से फोन पर चर्चा की है। उन्होंने पिता को आश्वस्त किया है कि बेटी के स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता की जाएगी। धारा 144 लागू     जन आक्रोश रैली के दौरान हुए उपद्रव के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। गौहरगंज थाना क्षेत्र में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएस की धारा 163 के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किए हैं।     गौहरगंज में 4 से अधिक की संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है। गौहरगंज में आरएएफ सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आरोपित सलमान की गिरफ्तारी के लिए 6 जिलों की 300 से अधिक पुलिस कर्मियों की 20 टीमें सर्चिंग में लगी हुई हैं। आईजी मिथलेश शुक्ला खुद मौके पर मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। रायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे ने पुष्टि की है कि यह फुटेज गौहरगंज क्षेत्र के ही हैं और इनमें दिख रहा शख्स सलमान उर्फ नजर ही है। वहीं, आईजी मिथिलेश कुमार शुक्ला ने कहा- जहां भी हमें लीड मिल रही है, पुलिस की टीमें वहां पहुंचकर उसकी खोज में लगे हैं। जल्द ही हम उसे पकड़ लेंगे। 20 टीमों के 300 पुलिसकर्मी ढूंढ रहे 21 नवंबर की शाम 6 साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान सलमान (23) वहां से गुजरा। बच्ची को अकेला देख उससे बातें करने लगा, फिर चॉकलेट दिलाने का कहकर अपने साथ ले गया। कुछ दूर जंगल में ले जाकर उसने बच्ची से रेप किया और भाग निकला। देर तक बच्ची नजर नहीं आई तो परिजन उसे ढूंढने निकले। इसी दौरान कुछ लोगों ने बताया कि वह सलमान के साथ दिखी थी। जिसके बाद सभी जंगल की ओर गए। वहां मासूम रोती हुई मिली। परिजन उसे औबेदुल्लागंज अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई। डॉक्टर ने बच्ची को भोपाल रेफर कर दिया। फिलहाल उसका एम्स में इलाज चल रहा है। सलमान की तलाश में पुलिस की 20 टीमों के 300 पुलिसकर्मी लगे हैं। जगह-जगह उसके पोस्टर लगाए गए हैं। ड्रोन के जरिए भी उसे तलाशा जा रहा है। उस पर 30 हजार का इनाम भी घोषित है। गौहरगंज में 6 जिलों की पुलिस तैनात उधर, रायसेन के गौहरगंज में बुधवार को अघोषित कर्फ्यू के हालात रहे। लोग घरों में बंद और सड़कें सुनसान दिखे। 6 जिलों की पुलिस ने मोर्चा संभाला। 500 से अधिक जवानों ने हालात पर नजर बनाए रखे।क्विक रिस्पॉन्स फोर्स भी मौके पर है। DIG प्रशांत खरे के मुताबिक, हालात कंट्रोल में हैं। हालांकि, 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी सलमान उर्फ नजर फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। इससे पहले सलमान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वारदात के पांचवें दिन बुधवार को गौहरगंज के स्कूल ग्राउंड में शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों का झुंड मुस्लिम बावली बस्ती की ओर जाने लगा। पुलिस ने उन्हें रोका, हल्का लाठी चार्ज भी किया। इससे नाराज होकर युवकों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो उपद्रवी भाग निकले।  

सपने देखें, संकल्प लें, धारा के विपरीत मेहनत कर आगे बढ़ें — आनंद कुमार

रायपुर : कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह: आनंद कुमार और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र सपने देखें, संकल्प लें, धारा के विपरीत मेहनत कर आगे बढ़ें —  आनंद कुमार इरादा मजबूत हो तो कोई बाधा रोक नहीं सकती — वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी रायपुर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के पहल पर सरिया में आयोजित कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में सुपर–30 के संस्थापक पद्म आनंद कुमार ने हजारों युवाओं को प्रेरणा से भर दिया। स्कूल मैदान में 3 हजार से अधिक युवा, शिक्षक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। पूरा मैदान युवाओं की तालियों और फ्लैशलाइट की रोशनी से गूंज उठा। “मेहनत और अच्छे व्यवहार से सबकुछ संभव”—  आनंद कुमार मुख्य अतिथि आनंद कुमार ने छात्रों से कहा कि जीवन में बड़ा सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए संकल्प और निरंतर मेहनत करें। उन्होंने कहा कि “जीवन में जितनी मुश्किलें आएंगी, सफलता उतनी बड़ी होगी। पढ़ाई मेहनत से होती है, पैसे से नहीं। शिक्षक नौकरी समझकर नहीं, बल्कि यज्ञ और जिम्मेदारी की भावना से पढ़ाएं।” अपनी संघर्ष यात्रा बताते हुए उन्होंने कहा कि कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में चयन होने के बाद भी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नहीं जा पाए। पिता के निधन के बाद पापड़ बनाकर और बेचकर पढ़ाई जारी रखी। ज़रूरतमंद बच्चों के लिए सुपर-30 शुरू किया और विक्की–भोलू जैसे कैरेक्टरों के जरिए बच्चों को पढ़ने के विभिन्न तरीके सिखाए। उन्होंने बताया कि कोचिंग माफियाओं ने पांच बार उन पर हमला करवाया, धमकियां भी मिलीं, लेकिन वे रुके नहीं। केबीसी में अमिताभ बच्चन द्वारा 25 लाख की मदद, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा जीवनी का लोकार्पण और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्म सम्मान का उल्लेख कर उन्होंने कहा— “आज यहाँ का कोई बच्चा भविष्य में अवार्ड लेकर कहे कि उसे प्रेरणा सरिया में मिले इस कार्यक्रम से मिली, वही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा।” “कठिनाई जितनी अधिक, सफलता उतनी बड़ी”— वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने युवाओं से कहा कि मजबूत इरादा किसी भी बाधा को पार करा सकता है। फिल्म 'सुपर-30' का प्रसिद्ध संवाद उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा— “जब समय आएगा, सबसे ऊंची छलांग हम ही लगाएंगे।” उन्होंने तमिलनाडु की एक युवती की प्रेरक कहानी साझा करते हुए कहा कि हर बच्चा अपने घर की परिस्थिति के हिसाब से कैरियर चुने, किसी दबाव में नहीं। “सिंसियर बनें, सही कोर्स चुनें और अभी से अपना प्लान तय करें। यूट्यूब चैनल पर आईएएस विजन संबंधी वीडियो देखें, यह आपके लिए उपयोगी होगा।” चौधरी ने अपने संघर्ष के दिनों की कहानी भी सुनाई— गांव से लेकर दिल्ली तक आईएएस की किताबों की खोज और विपरीत परिस्थितियों में पढ़ने का किस्सा युवाओं को बेहद प्रेरित कर गया। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, पूर्व विधायक  विजय अग्रवाल, रायगढ़ मेयर  जीववर्धन चौहान, विभिन्न पदाधिकारी और गणमान्य नागरिकों सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। मेधावी छात्रों को सम्मान और 5–5 हजार की घोषणा कार्यक्रम में सीजीपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों, कक्षा 10वीं–12वीं के मेधावी विद्यार्थियों सहित 100 से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। वित्त मंत्री ने सभी सम्मानित बच्चों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा की, जिसका युवाओं ने जोरदार स्वागत किया। यूपीएससी प्री उत्तीर्ण करने वालों को 1 लाख रुपये युवाओं को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने घोषणा की— “प्रदेश का कोई भी युवा यूपीएससी प्री परीक्षा उत्तीर्ण करेगा, उसे 1 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।” सरिया में आयोजित यह भव्य कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणा, ऊर्जा और नए संकल्पों का संगम साबित हुआ।

रायपुर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही जिले में विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा की

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तीन माह में पूर्ण करने के निर्देश बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए दिलाया शपथ रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं, प्रगति और मैदानी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। न्यू सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित दोनों विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विभागीय योजनाएँ छोटे बच्चों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने तथा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका समेत सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया अधिकतम तीन माह के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही सभी उपस्थित अधिकारियों को बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प की शपथ दिलाई। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि लगातार प्रयासों से जिले में कुपोषण में 6.04 प्रतिशत की कमी आई है। महतारी वंदन योजना के तहत 94,780 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं और 824 स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों में से 800 पूर्ण हो चुके हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर भवन निर्माण भी प्रगति पर है। समाज कल्याण विभाग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांगजन प्रमाणीकरण, छात्रवृत्ति और नशामुक्ति कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में सभी एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा—सरदार पटेल का योगदान अविस्मरणीय, बस्तर में 15 किमी एकता मार्च सम्पन्न

रायपुर : सरदार पटेल का योगदान अविस्मरणीय -वन मंत्री  केदार कश्यप बस्तर में 15 किलोमीटर की एकता मार्च का समापन रायपुर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में बस्तर जिले में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 15 किलोमीटर लंबी एकता मार्च (यूनिटी मार्च) का सोमवार को जगदलपुर टाउन क्लब में भव्य समापन हुआ। यह पदयात्रा विकासखण्ड बकावंड के करीतगांव से आरंभ हुई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने एकता, भाईचारे और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश दिया। बस्तर में 15 किलोमीटर की एकता मार्च का समापन यूनिटी मार्च देश की एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है           वन मंत्री  केदार कश्यप ने समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपनी अद्भुत संगठन क्षमता और दूरदर्शिता से देश की रियासतों को एकजुट कर भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। मंत्री  कश्यप ने कहा कि सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर आयोजित यह यूनिटी मार्च उनके आदर्शों को अपनाने और देश की एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है, विशेषकर युवा पीढ़ी को उनके विचारों से सीख लेने की आवश्यकता है। सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एकता के सूत्र में पिरोया          बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एकता के सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। सांसद  कश्यप ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान को पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में सभी ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लिया। मंदिर परिसर स्वच्छता अभियान चलाया और किया वृक्षारोपण          खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी  ऋषिकेश तिवारी ने बताया कि पदयात्रा करीतगांव से आरंभ होकर मालगांव पहुँचने पर प्रतिभागियों ने मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण किया। इसके बाद यात्रा दंतेश्वरी मंदिर के समीप रूद्रप्रताप देव टाउन क्लब प्रांगण में आयोजित सभा के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मंडावी, पूर्व विधायक डॉ. सुभाऊ कश्यप नगर पालिक निगम के सभापति  खेमसिंह देवांगन सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

रायपुर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सखी वन स्टॉप सेंटर और नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सखी वन स्टॉप सेंटर और नशा मुक्ति केंद्र का किया निरीक्षण रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में संचालित सेवा संस्थानों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने जिला चिकित्सालय परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर वहां उपलब्ध सुविधाओं, केस रजिस्टर और संधारित पंजी का गहन अवलोकन किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने केंद्र में सुरक्षा, परामर्श, कानूनी सहायता और त्वरित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान गौरेला के गोरखपुर स्थित नशा मुक्ति सह पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपचार ले रहे लोगों से आत्मीयता से बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और नशामुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने केंद्र में उपचार, काउंसलिंग, पुनर्वास गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों संस्थानों में सेवाओं को और अधिक मजबूत, संवेदनशील और जनहितकारी बनाने के निर्देश दिए।

वनमंत्री केदार कश्यप का ग्रामीणों से आग्रह—मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में दें सक्रिय भागीदारी

रायपुर : वनमंत्री केदार कश्यप ने ग्रामीणों को किया जागरूक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में सहयोग का आग्रह रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज बस्तर तहसील के मुंडागांव, मांदलापाल और कुँगारपाल ग्रामों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की महत्ता पर जोर दिया। वनमंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए, ताकि कोई भी जानकारी के अभाव में मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे पुनरीक्षण कार्य के दौरान संबंधित अधिकारियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करें। बी एल ओ मतदाता को फार्म भरने में करें सहयोग      मंत्री  कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे। कोई भी ग्रामीण जानकारी के अभाव में परेशान न हो। हम ग्रामीण क्षेत्रों में ही प्रत्येक समस्या का समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गरीब, बुजुर्ग तथा अशिक्षित लोगों को फॉर्म भरने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो और उन्हें पूरा सहयोग प्रदान किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती वेदवती कश्यप, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दिवान और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।