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छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत

रायपुर : छत्तीसगढ़ के पहले राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग का ब्रेकथ्रू पूरा छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत  रायपुर छत्तीसगढ़ ने  अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राज्य की पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग का सफल ब्रेकथ्रू कर लिया है। 2.79 किलोमीटर लंबी यह सुरंग रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा तेजी से किया जा रहा है। यह छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच तेज़, सुरक्षित और निर्बाध कनेक्टिविटी स्थापित करेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और यातायात व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी होगी मजबूत गौरतलब है कि 30 सितम्बर 2025 को इस टनल के लेफ्ट हैंड साइड का ब्रेकथ्रू पूरा किया जा चुका था। आज हुए ब्रेकथ्रू के साथ टनल के दोनों हिस्सों का निर्माण एक निर्णायक चरण में पहुँच चुका है। यह सुरंग ट्विन ट्यूब टनल के रूप में विकसित की जा रही है, जो आधुनिक मानकों के अनुरूप अत्यंत सुरक्षित, सुगम और उच्च गुणवत्ता वाला यातायात अनुभव प्रदान करेगी।  रायपुर से विशाखापट्टनम तक 464 किमी लंबे सिक्स-लेन एक्सप्रेस-वे का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। यह राजमार्ग रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ते हुए विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुँचेगा। इसका निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है। इसके पूर्ण रूप से तैयार हो जाने के बाद रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच यात्रा समय में कमी आएगी, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को गति मिलेगी तथा छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

निवेशकों में जबरदस्त उत्साह, Nifty ने तोड़ा पुराना हाई—बाजार ने रचा नया इतिहास

मुंबई  शेयर बाजार ने आज इतिहास रच दिया है. पिछले साल सितंबर से ही मार्केट अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे कारोबार कर रहा था, लेकिन आज शेयर बाजार ने रिकॉर्ड हाई बना दिया है. Nifty50 आज करीब 90 अंक चढकर 26,295.55 पर पहुंच गया, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है. पिछले साल सितंबर में निफ्टी 50 इंडेक्‍स का रिकॉर्ड हाई लेवल 26,277.35 अंक था. वहीं सेंसेक्‍स का रिकॉर्ड हाई 85,978.25 अंक  था. लेकिन आज निफ्टी ने इतिहास रचते हुए 26,295.55 का रिकॉर्ड हाई लेवल बनाया है. हालांकि अभी सेंसेक्‍स ने रिकॉर्ड हाई लेवल टच नहीं किया है, लेकिन यह भी काफी करीब है. सेंसेक्‍स 300 अंक चढ़कर 85,912.94 पर कारोबार कर रहा है. BSE के टॉप 30 शेयरों में से 11 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 19 शेयरों में तेजी है. बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयर टॉप परफॅामर हैं. लूजर वाले शेयरों में जोमैटो और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं. सेक्‍टर्स की बात करें तो PSU Bank, कंज्‍युमर्स और ऑयल एंड गैस को छोड़कर सभी सेक्‍टर्स में अच्‍छी तेजी देखी जा रही है. टॉप गेनर शेयर  गनेश हाउसिंग के शेयर में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल है. पटेल इंजीनियरिंग के शेयर भी 10 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. टाटा टेली (महा) के शेयर में 5 फीसदी, Gillette India के शेयर में भी 5 फीसदी की तेजी है. तेजस नेटवर्क में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. स्‍वॉन कॉर्पोरेशन के शेयर में 2 फीसदी की तेजी है. इसी तरह, टाटा पावर, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस के शेयर में 1.5 फीसदी की उछाल देखी जा रही है.  85 शेयरों में अपर सर्किट बीएसई पर 3,321 शेयरों में से 1,853 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 1,262 शेयर गिरावट पर है. 206 शेयर कारोबार के दौरान अनचेंज रहे हैं. 60 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का हाई लेवल टच किया है, जबकि 53 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का निचला स्‍तर टच किया है. 85 शेयरों में अपर सर्किट और 60 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है.  गौरतलब‍ है कि बुधवार को शेयर बाजार में गजब की तेजी देखी गई थी, निफ्टी ने काफी दिनों बाद एक ही दिन में 300 अंक उछला था और सेंसेक्‍स 1000 अंक. साथ ही निवेशकों ने भी जबरदस्‍त कमाई की थी. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 5.50 लाख करोड़ रुपये एक ही दिन में चढ़ा था. 

हर थाने और यूनिट में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, आदि की होगी तैनाती

एएनटीएफ होगा और मजबूत, अपना भवन और स्थायी फोर्स की होगी तैनाती हर थाने और यूनिट में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, आदि की होगी तैनाती एएनटीएफ के सभी 06 थानों के लिए यथाशीघ्र कराएं न्यायालय आवंटन: मुख्यमंत्री तीन साल में 775 करोड़ के अवैध मादक पदार्थ नष्ट नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भूमिका जरूरी, मुख्यमंत्री ने किया आह्वान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि फोर्स के लिए सभी 06 थानों और 08 यूनिटों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, सहित आवश्यक मैनपॉवर की स्थायी तैनाती और विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था शीघ्र पूरी की जाए। टीम को आधुनिक उपकरण, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और उन्नत तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जाए ताकि कार्रवाई तेज और सटीक हो सके। प्रस्तावित थानों के लिए न्यायालय आवंटन की प्रक्रिया बिना विलंब पूरी करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम मामलों की त्वरित सुनवाई और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने फोर्स के सभी थानों के लिए स्थायी भवन निर्माण किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधन और संरचना मजबूत होने के बाद कार्रवाई की गति और परिणामों में और वृद्धि होगी और प्रदेश ड्रग नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की दिशा में अधिक सशक्त होगा। बैठक में बताया गया कि एएनटीएफ के गठन के बाद कार्रवाई में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2023 से 2025 के बीच 310 मुकदमे दर्ज हुए, 35,313 किलो अवैध मादक पदार्थ जब्त हुए और 883 तस्कर गिरफ्तार किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 343 करोड़ रुपये से अधिक है।  समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि सामान्य कार्रवाई के साथ साथ बड़े नेटवर्क और माफियाओं पर प्रहार किए गए हैं।। पिछले तीन वर्षों में 2,61,391 किलो अवैध मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण किया गया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 775 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने कहा निस्तारण प्रक्रिया नियमित और पारदर्शी ढंग से जारी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ संघर्ष केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि नशे की पहुंच युवाओं तक न हो। उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह साफ संदेश मिलना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में अवैध ड्रग कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एसआईआर के संबंध में लोगों को किया जागरूक- उपमुख्यमंत्री

रायपुर : उपमुख्यमंत्री ने मतदान केंद्र पहुंचकर भरा अपना एसआईआर का फॉर्म एसआईआर के संबंध में लोगों को किया जागरूक- उपमुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री ने नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण में भाग लेने की अपील की रायपुर उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज अपने कवर्धा प्रवास के दौरान मतदान केंद्र में जाकर अपना विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का फार्म भरा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  शर्मा कवर्धा के वार्ड क्रमांक 23 में स्थित मतदान केन्द्र क्रमांक 238 में पहुंचकर बीएलओ के साथ चर्चा कर अपना फॉर्म भरा। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों को एसआईआर के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक और लोगों को हो रही समस्या के संबंध में जाना। उन्होंने फार्म में त्रुटियों के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। एसआईआर के संबंध में लोगों को किया जागरूक       उप मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने और मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए चुनाव आयोग द्वारा कराई जाने वाली यह एक अत्यंत आवश्यक प्रक्रिया है। मतदाता सूची के सही होने से निर्वाचन प्रक्रिया उचित तरीके से सम्पन्न हो सकेगी। एसआईआर की प्रक्रिया कराने के लिए अपने बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म भर सकते हैं या खुद भी ऑनलाइन आवेदन भरा जा सकता है। उन्होंने बीएलओ के साथ बैठकर आये आवेदनों पर समीक्षा भी की।

मुख्यमंत्री ने की ग्राम सलखंड में महतारी सदन बनाने की घोषणा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने की ग्राम सलखंड में महतारी सदन बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की दी बधाई रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में  शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।  कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

प्रदेश में निवेश बढ़ाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा अवस्थापना विस्तार पर बनी व्यापक सहमति

उत्तर प्रदेश की औद्योगिक दिशा तय करने में जुटी योगी सरकार, विशेषज्ञों ने रखी भविष्य की रूपरेखा प्रदेश में निवेश बढ़ाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा अवस्थापना विस्तार पर बनी व्यापक सहमति 'विकसित उत्तर प्रदेश-2047' की सफलता के लिए नीतिगत सुधार, औद्योगिक पार्कों तथा नवाचार-आधारित इकोसिस्टम पर जोर रेल, सड़क, विमानन व लॉजिस्टिक्स जैसी अवसंरचनाओं को विकास का केन्द्र मानते हुए बहुस्तरीय लक्ष्य का हुआ निर्धारण लखनऊ 'विकसित उत्तर प्रदेश-2047' के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार विशेषज्ञों की राय के आधार पर भविष्यगामी नीति निर्धारण का मार्ग प्रशस्त कर रही है। बुधवार को योगी सरकार द्वारा आयोजित “शेपिंग उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल फ्यूचर: स्ट्रेटेजीज फॉर विकसित भारत-2047” वर्कशॉप व कॉन्फ्रेंस में उद्योग, निवेश, एमएसएमई, खादी, अवस्थापना तथा नीति नियोजन से जुड़े शीर्ष अधिकारियों ने राज्य की औद्योगिक प्रगति, संभावनाओं तथा भविष्य की जरूरतों पर विस्तृत विचार साझा किए। सम्मेलन में यह साझा दृष्टि उभरकर सामने आई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से निवेशकों का भरोसेमंद गंतव्य बना है तथा अगले 25 वर्षों का औद्योगिक रोडमैप राज्य को देश की अग्रणी आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने का आधार तैयार कर रहा है। निवेश आकर्षण, औद्योगिक भूमि और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर प्रदेश के राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद के रूप में उभर रहा है। उन्होंने औद्योगिक भूमि आवंटन की बेहतर प्रक्रिया, निवेश परियोजनाओं की सतत निगरानी तथा कौशल विकास को 'विकसित यूपी-2047' का प्रमुख स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि नीति सुधारों, औद्योगिक पार्कों तथा नवाचार आधारित इकोसिस्टम ने विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि को बढ़ावा दिया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधारों के कारण उद्यमिता और निवेश से संबंधित प्रक्रियाएं और सरल हुई हैं, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता लगातार बढ़ रही है। प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत, सुरक्षित निवेश का बना वातावरण उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी वित्तीय स्थिरता, बढ़ता पूंजीगत व्यय तथा युवा कार्यबल इसे निवेश के लिए अत्यधिक उपयुक्त राज्य बनाते हैं। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीतियों, अनुशासित प्रशासन और उद्योग-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के कारण उत्तर प्रदेश वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। पूरी तरह समावेशी है विजन डॉक्यूमेंट एमएसएमई, निर्यात प्रोत्साहन तथा औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश-2047 का विजन डॉक्यूमेंट पूरी तरह समावेशी है। इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स की आकांक्षाओं को स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं सेवा क्षेत्र को अभी भी अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स से विजन डॉक्यूमेंट को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय सहयोग करने की अपील की और कहा कि वैश्विक ट्रेंड्स को देखते हुए सामूहिक प्रयास ही इसे वास्तविक उपलब्धियों में बदल सकते हैं। 12 प्रमुख सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ रहा है कार्य प्रमुख सचिव (नियोजन) आलोक कुमार ने विकसित भारत-2047 तथा विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रभावी और दूरदर्शी विजन साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है, नागरिक उड्डयन अवसंरचना मजबूत हो रही है और एमएसएमई, ऊर्जा, शिक्षा व स्वास्थ्य सहित 12 प्रमुख क्षेत्रों में राज्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है।उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में विनिर्माण तथा अन्य संबंधी क्षेत्रों की केंद्रीय भूमिका रहेगी। इसके लिए राज्य में सुधारों, औद्योगिक पार्कों और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम को विकसित किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश को भारत की विकास यात्रा का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने में सहायक होंगे। रेलवे व विमानन में विशाल संभावनाएं, बहुस्तरीय अवसंरचना लक्ष्य जरूरी नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव राजीव ठाकुर ने रेलवे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक निवेश और सुनियोजित ढांचे के साथ यह क्षेत्र औद्योगिक विकास और व्यापार को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने विमानन क्षेत्र को भी भविष्य के लिए अत्यधिक संभावनाओं वाला क्षेत्र बताते हुए कहा कि बढ़ते हवाईअड्डों का नेटवर्क निवेश, गतिशीलता तथा औद्योगिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क, रेल, विमानन, लॉजिस्टिक्स तथा सार्वजनिक परिवहन में अल्पकालिक, मध्यमकालिक तथा दीर्घकालिक लक्ष्यों का निर्धारण प्रदेश के औद्योगिक भविष्य को सुदृढ़ करेगा। खादी, हैंडलूम तथा टेक्सटाइल में उत्तर प्रदेश की स्थिति मजबूत खादी एवं ग्रामोद्योग, वस्त्र और हथकरघा विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 536 खादी समितियां कार्यरत हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक प्रासंगिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिला बुनकरों की सक्रियता इसे सामाजिक और आर्थिक रूप से समावेशी बनाती है। उत्तर प्रदेश दरी एवं कालीन उत्पादन में देश में अग्रणी है और कच्चे माल की बेहतर उपलब्धता के साथ खादी उत्पादन को और विस्तार दिया जा सकता है। एफडीआई, विनिर्माण क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को मिली रफ्तार नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक (उद्योग एवं विदेशी निवेश) इश्तियाक अहमद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, पर विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के लिए विनिर्माण क्षेत्र में बड़ा विस्तार आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत में 55 प्रतिशत मोबाइल फोन उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि एफडीआई संबंधी चुनौतियां राष्ट्रीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों से मेल खाती हैं, जिनके समाधान के लिए राज्य और केंद्र का समन्वित प्रयास जरूरी है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ाने में निवेश मित्र 3.0 है मददगार इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने निवेश मित्र 3.0 को निवेशकों के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने कहा कि एआई आधारित गाइडेंस, अपडेटेड बिल्डिंग और विकास उपविधियां तथा निवेश सेवाओं का एकीकृत ढांचा प्रदेश को भविष्य के औद्योगिक इकोसिस्टम की ओर ले जा रहा है। श्रम, भूमि उपयोग तथा आवश्यक अनुमतियों में सरलीकरण और पूरी तरह ऑनलाइन सेवाओं के लागू होने … Read more

गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी

सीएम योगी एक दिवसीय दौरे पर गुरुवार को पहुंचेंगे गाजियाबाद, दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर में भी रहेंगे गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी गौतमबुद्ध नगर में जेवर एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण, संबंधित अधिकारियों के साथ करेंगे बैठक दिल्ली के भारत मंडपम में रहेंगे सीएम योगी, वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ करेंगे बैठक  लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर 27 नवंबर को गाजियाबाद पहुंचेंगे। यहां से वो गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली भी जाएंगे। सीएम योगी के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। सीएम योगी इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। गाजियाबाद में भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति, मंदिर स्थापना कार्यक्रम में होंगे शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले 10:55 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वो यहां से आईटीएस कॉलेज, मुरादनगर हेलीपैड जाएंगे। यहां से सीएम योगी कार द्वारा 11.20 बजे मुरादनगर में कार्यक्रम स्थल तरुण सागर तीर्थ जाएंगे। सीएम यहां 11.20 बजे से 12.20 बजे के बीच भगवान पार्श्वनाथ की मूर्ति और मंदिर स्थापना कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। नोएडा में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12.50 बजे गौतमबुद्ध नगर के जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां सीएम योगी 12.50 से 13.50 के बीच जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। नोएडा में मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 14.35 बजे नोएडा के सेक्टर 113 के हेलीपैड पहुंचेंगे। सीएम योगी 14.50 बजे से 15.40 बजे के बीच मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद सीएम योगी कार द्वारा 16.10 बजे दिल्ली के भारत मंडपम जाएंगे। यहां वो 16.15 बजे से 17.30 बजे तक रहेंगे। यहां सीएम योगी वाई.पी.ओ. गोल्ड के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद सीएम योगी 18.05 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वो लखनऊ के लिए रवाना होंगे।

पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी मकवाणा

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्यप्रदेश कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने की सौजन्य भेंट पुलिस वर्दी कर्तव्ये, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीहक – डीजीपी  मकवाणा भोपाल पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से मध्‍यप्रदेश कैडर के 9 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों ने सौजन्‍य भेंट की। पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस वर्दी कर्तव्य, समर्पण, साहस और सेवा का प्रतीक है। प्रशिक्षण अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इसे पूरे मन, लगन और अनुशासन के साथ पूरा करें। जिले में प्रशिक्षण के दौरान जितना अधिक सीखेंगे, आगे का नेतृत्व उतना ही प्रभावी होगा। उन्होंने एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को वास्तविक खुशी पद या पैसे से नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता करने से मिलती है। पुलिस सेवा इसी भावना का विस्तार है—भगवान ने हमें सेवा का माध्यम बनाया है। पुलिस का मूलमंत्र भी यही है- देशभक्ति और जनसेवा। पुलिस महानिदेशक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को यह सलाह दी कि हमेशा जनता के साथ विनम्र, मधुर और सम्मानजनक व्यवहार रखें। किसी भी परिस्थिति में त्‍वरित कार्रवाई करना, ईमानदारी से काम करना और निष्पक्ष रहना—एक अच्छे अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्यों को हमेशा प्रोत्साहित करें। कानूनों, नियमों, अधिनियमों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करें, क्योंकि एक सक्षम अधिकारी वही है जो अपने कार्यक्षेत्र का संपूर्ण ज्ञान रखता हो। जनता का विश्वास अर्जित करना पुलिस का सबसे बड़ा निवेश है—विश्वास होगा तो सहयोग मिलेगा, और सहयोग से व्यवस्था मजबूत होगी।  मकवाणा ने यह भी कहा कि हमेशा सही रास्ते पर चलें, सही काम करते रहें और सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनने की कोशिश करें। समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना पुलिस की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, इसलिए हमेशा सतर्क, संवेदनशील और संतुलित बने रहें। डीजीपी ने साइबर सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा, "आज के युग में, जब सूचना का प्रवाह तेज़ है, पुलिस को नवीनतम तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर अपने कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। साइबर अपराधों का खतरा बढ़ रहा है। हमें न केवल अपराधों की रोकथाम में अग्रणी होना है, बल्कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।" उन्‍होंने मध्‍यप्रदेश पुलिस के जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यव्‍यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्‍यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्‍तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्‍ड रिकॉर्ड भी कायम किया है। उन्‍होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वर्तमान में जन अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं अत: व्‍यावसायिक उत्‍कृष्‍टता, पारदर्शिता एवं व्‍यवहार कुशलता से ही आप इन अपेक्षाओं पर खरे उतर सकते हैं। उन्होंने पुलिस बल के मनोबल, टीमवर्क, सहकर्मियों की समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में संवेदनशील नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। एक अधिकारी की पहचान तभी बनती है जब वह अपनी टीम को समझे, सहयोग दे और सही दिशा दिखाए। मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि इन मंचों का जिम्मेदार उपयोग पुलिस की पारदर्शिता, जनसंपर्क और विश्वसनीयता को सुदृढ़ बनाता है। उन्‍होंने अपने सेवाकाल में बस्तर, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और मुरैना जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के दौरान आए जमीनी हालातों के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धैर्य, सूझबूझ और परिपक्व नेतृत्व अनिवार्य है—और यही गुण एक अधिकारी को विशेष बनाते हैं। उल्‍लेखनीय है कि संघ लोकसेवा आयोग द्वारा वर्ष 2024 में चयनित इन अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में आधारभूत प्रशिक्षण से प्रारंभ हुआ था। इसके बाद, इन अधिकारियों ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। अब, यह अधिकारी मध्य प्रदेश में 29 सप्ताह का जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस दौरान, प्रशिक्षु अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 4 सप्ताह के लिए संबद्ध होंगे। उन्हें राज्य की सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन और महेश्वर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था, कानून एवं व्यवस्था, आसूचना संकलन, अपराध अनुसंधान विभाग, एसटीएफ, योजना, प्रबंध, कल्याण जैसे सभी महत्वपूर्ण अंगों से परिचय कराया जाएगा। डायल-112 एवं नवीनतम तकनीकों के प्रयोग से भी अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही सिंहस्थ की तैयारियों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि अधिकारी आगामी चुनौतियों एवं व्यवस्थाओं से भली-भांति परिचित हो सकें। पीएसओ टू डीजीपी  विनीत कपूर ने पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा का संपूर्ण परिचय दिया। इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  शाहिद अबसार, एसओ टू डीजीपी  मलय जैन एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।  

2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान

ध्वजारोहण समारोह से ‘अयोध्या ब्रांड’ को मिली वैश्विक पहचान 2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाली अयोध्या में साल के अंत तक 50 करोड़ पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासवादी नीतियों की वजह से “अयोध्या ब्रांड” की चर्चा विश्व में है। श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अयोध्या के वैभव और विकास से लोग आश्चर्यचकित हैं। पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना के मामले में अयोध्या ने विश्व के अन्य चर्चित धार्मिक स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है।  विश्व में “अयोध्या ब्रांड’’ का डंका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था और आध्यात्मिक स्थलों को आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित करने का जो बीड़ा उठाया है, अयोध्या उसमें मील का पत्थर साबित हो रहा है। सनातनी आस्था के केंद्र अब वैश्वक ब्रांड के रूप में उभर रहे हैं। श्रीराम मंदिर बनने के बाद शहर में पर्यटकों की संख्या में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई है। जनवरी-जून 2025 के बीच लगभग 23 करोड़ पर्यटक रामनगरी आ चुके हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक करीब 50 करोड़ पर्यटक आएंगे।  विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित अयोध्या अमेरिका, यूरोप, रूस इत्यादि देशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगरी आ रहे हैं। शहर की साफ सुथरी सड़के, प्रत्येक चौराहे पर संस्कृति और आध्यात्मिका को समेटे हुए कलाकृतियां, चमकते हुआ राम पथ और धर्म पथ, दिव्य और भव्य कुंड, प्राचीन मंदिर, विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सुविधा, अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल, आर्थिक विकास की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। अयोध्या के विकास की देन है कि जो होटल पहले सुनसान रहते थे वो अब 90 प्रतिशत फुल रहते हैं। छोटे से छोटा होटल भी प्रतिदिन 40 से 50 हजार तक की कमाई कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को उसका पुराना वैभव वापस दिलाया है।  अयोध्या का प्रदेश के जीएसडीपी में बड़ा योगदान अयोध्या के विकास का सफर 2020 से प्रारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में अयोध्या के विकास से जुड़े सरकारी विभागों ने बड़ी गंभीरता से योजनाओं के क्रियान्वयन को अंजाम दिया। शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई। शहर में सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, यातायात व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डा जैसी मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया गया। अयोध्या में पर्यटकों की आमद बढ़ने से यहां की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी। आज अयोध्या यूपी के जीएसडीपी में लगभग 1.5 फीसद योगदान कर रही है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का सालाना कारोबार लगभग 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा।  अयोध्या से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य होगा हासिल  अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में फ्लाइट की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है। हवाई अड्डे की क्षमता 6 लाख यात्रियों की है। देश के कोने-कोने से पर्यटक यहां आ रहे हैं। इसकी वजह से आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल आया है। इसी तरह से रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को सुविधाएं मिल रही हैं। इस समय अयोध्या उत्तर प्रदेश का सबसे विकसित और सबसे ज्यादा पर्यटकों वाला धार्मिक केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने को लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इस मिशन को प्राप्त करने में अयोध्या का बड़ा रोल रहने वाला है।

भारत को मिली खुशखबरी: 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अब अहमदाबाद में

नई दिल्ली  भारत 20 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और बुधवार को ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स की आमसभा की बैठक में अहमदाबाद को मेजबान के तौर पर औपचारिक मंजूरी मिल गई । बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी टी उषा और गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी सहित अन्य लोगों ने किया । कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष ने क्या कहा? कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ डोनाल्ड रुकारे ने कहा, ‘यह कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। भारत व्यापकता, युवा शक्ति, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल-जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है। हम कॉमनवेल्थ गेम्स के अगले शतक की शुरुआत मजबूत स्थिति में कर रहे हैं।’ राष्ट्रमंडल खेल 2030 में अपने सौ साल भी पूरे कर रहे हैं लिहाजा यह संस्करण विशेष रहने वाला है। भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की दौड़ में भी है और अहमदाबाद को ही मेजबान शहर के रूप में पेश किया गया है । 2010 में दिल्ली ने की थी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत ने इससे पहले 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था लेकिन 2030 में इन खेलों को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा जिसने पिछले एक दशक में अपने खेल ढांचे को नए स्तर तक पहुंचाया है। राष्ट्रमंडल खेल बोर्ड ने मूल्यांकन समिति की देखरेख में एक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत को मेजबानी देने की की सिफारिश की थी। इसने मेजबानी के दावेदार शहरों का ‘तकनीकी वितरण, खिलाड़ियों के अनुभव, बुनियादी ढांचे, प्रशासन और राष्ट्रमंडल खेल मूल्यों के साथ अनुकूलता’ के आधार पर मूल्यांकन किया था । राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी के लिए भारत को नाइजीरिया के शहर अबुजा से कड़ी टक्कर मिल रही थी, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 2034 के खेलों की मेजबानी के लिए अफ्रीका के इस शहर के नाम पर विचार करने का फैसला किया। 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने खर्च किए थे तकरीबन 70,000 करोड़ रुपये कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘यह राष्ट्रमंडल खेल आंदोलन के भविष्य के लिए एक निर्णायक क्षण होगा और इसके 100 साल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा।’ भारत ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो शुरुआती अनुमान 1600 करोड़ रुपये से कहीं अधिक था। चार साल में एक बार होने वाले इन खेलों में 72 देश हिस्सा लेते हैं जिनमें से ज़्यादातर पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश हैं। राष्ट्रमंडल खेल के अंतरिम अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा था कि कार्यकारी बोर्ड को भारत और नाइजीरिया दोनों के प्रस्ताव ‘‘प्रेरक’’ लगे, लेकिन आखिर में 2030 में होने वाले खेलों की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को चुना गया। अहमदाबाद ने हाल के महीनों में राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप, एशियाई एक्वेटिक्स चैंपियनशिप और फुटबॉल के एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2026 क्वालीफायर की मेजबानी की। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इन इवेंट्स को भी होस्ट करेगा अहमदाबाद यह शहर अगले साल एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप और एशिया पैरा-तीरंदाजी कप की मेजबानी करेगा। इसके अलावा 2029 में विश्व पुलिस और अग्निशमन खेल अहमदाबाद, गांधीनगर और एकता नगर में आयोजित किए जाएंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल खेल परिसर उन प्रमुख स्थलों में से एक है, जिसको इन खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें एक लाख से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम भी शामिल है। इसके अलावा इस परिसर में एक जलक्रीड़ा केंद्र और एक फुटबॉल स्टेडियम के साथ-साथ इनडोर खेलों के लिए दो मैदान भी होंगे। इस परिसर के अंदर 3,000 लोगों के रहने की क्षमता वाला खेल गांव भी बनाया जाएगा। ग्लास्गो में 2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का बजट बहुत कम कर दिया गया है। यह शहर पूरे आयोजन को आठ मील (लगभग 12 किमी) के दायरे में आयोजित करना चाहता है। उसने इन खेलों का बजट 114 मिलियन पाउंड (लगभग 1300 करोड़ रुपये) रखा है। इस कारण कुश्ती, निशानेबाजी, बैडमिंटन और हॉकी जैसे कुछ प्रमुख खेलों को बाहर कर दिया गया। भारत इसका कड़ा विरोध कर रहा था क्योंकि इससे उसकी पदक जीतने की क्षमता पर गहरा असर पड़ा। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने हालांकि स्पष्ट कर दिया था कि 2030 के खेलों में उन सभी खेलों को शामिल किया जाएगा जिन्हें ग्लासगो खेलों से हटा दिया गया है। आईओए के संयुक्त सचिव कल्याण चौबे ने कहा था, ‘‘योजना यह है कि निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती आदि जैसे सभी खेलों को इसमें शामिल किया जाए। हमारे पारंपरिक खेल जैसे कबड्डी और खो-खो को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।’’