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पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 26 माफिया निशाने पर, अवैध संपत्ति जब्त की तैयारी

वैशाली बिहार में एनडीए सरकार बनने के बाद पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रही है। नए कानून BNS के तहत अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। वहीं, सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनने के बाद यह कार्रवाई और भी सख्ती से की जा रही है। इसी कड़ी में वैशाली पुलिस ने जिले के 26 माफियाओं की सूची तैयार कर ली है, जिनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। वैशाली पुलिस ने इन 26 अपराधियों में से 9 माफियाओं की सूची प्रस्तावित रूप से न्यायालय को भेज दी है, जबकि एक अपराधी की संपत्ति गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र में पहले ही जब्त की जा चुकी है। यह सभी अपराधी वैशाली जिले के विभिन्न थानों में खनन सहित कई अन्य आपराधिक मामलों में पहले से नामजद हैं। इन 26 अपराधियों के अलावा, वैशाली एसपी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और थाने के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अन्य अपराधियों की भी जानकारी एकत्र की जाए, खासकर उन लोगों की, जिन्होंने आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर अवैध संपत्ति अर्जित की है। प्रभारी वैशाली एसपी अशोक मिश्रा ने बताया कि लगातार अपराधियों की पहचान की जा रही है। जिले में अब तक 26 लोगों को चिन्हित किया जा चुका है। इनमें से नौ का प्रस्ताव माननीय न्यायालय को भेजा गया है और एक की संपत्ति जब्त भी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सभी अपराधियों पर विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन लोगों की आय से अधिक संपत्ति है और जिन पर लंबित आपराधिक मामले हैं, उन्हें शीघ्र चिन्हित कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

जबलपुर रियल एस्टेट में उछाल: अब घर-ज़मीन के दाम पहले से ज्यादा चुकाने होंगे

जबलपुर जबलपुर जिले में जमीन के दाम बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। 2025-26 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल ने जबलपुर समेत सभी जिला पंजीयन कार्यालय को निर्देशित किया है। इसके बाद जबलपुर में जमीनों के दाम बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। जिलेभर में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों का सर्वे किया जाएगा और इस साल हुई रजिस्ट्रियों का आंकलन भी होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन क्षेत्रों की जमीन के दाम नई कलेक्टर गाइडलाइन में बढ़ाए जाएं और कहां नहीं। भोपाल से मिले निर्देश के बाद सर्वे की तैयारी भोपाल से मिले निर्देश के बाद जिला पंजीयन कार्यालय ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। जिले की उप जिला मूल्यांकन समितियों को जमीन का सर्वे और रजिस्ट्रियों का आंकलन करने कहा गया है। जबलपुर में तीन उप जिला मूल्यांकन समिति हैं, जिसमें एक जबलपुर, दूसरी सिहोरा और तीसरी पाटन हैं।   एसडीएम करेंगे अपने क्षेत्रों का सर्वे उप जिला मूल्यांकन समिति में अध्यक्ष एसडीएम और सदस्य उप पंजीयक हैं। अब जबलपुर एसडीएम, सिहोरा एसडीएम और पाटन एसडीएम, समिति के पदाधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वे करेंगे। इस दौरान वे जमीनों के मौजूदा दाम, वहां इस साल हुई रजिस्ट्री और उनके दाम और भविष्य में जमीन की संभावना के साथ आसपास आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी एकत्रित करेंगे। इसके बाद उन रजिस्ट्रियों का आंकलन करेंगी, जिसमें कलेक्टर गाइडलाइन और मौजूदा दाम में बड़ा अंतर है। इसके बाद यह अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखेंगे। इस दौरान संबंधित अधिकारी की सहमति भी ली जाएगी। अंत में सर्वे और जमीनों की जानकारी को भोपाल भेजा जाएगा। वहां से सहमति मिलने के बाद ही दाम तय होंगे। 400 से ज्यादा जमीनों का होगा सर्वे इस बार जिले में करीब 400 से अधिक लोकेशन पर विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। बीते एक वर्ष में शहर के आउटर इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में कई नए निजी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लांच होने से मार्केट में जमीनों की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। सर्वे टीम इन सभी बिंदुओं को प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्रों में बीते समय की रजिस्ट्रियों, औसत बाजार मूल्य और विकास गतिविधियों का विश्लेषण करेगी। इसके आधार पर प्रस्तावित नए रेट तैयार कर विभागीय बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। जमीनों के दाम बढ़ने के अनुमान से अभी से ही रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है। अवैध कॉलोनियां गिराएंगी जमीन के दाम इस बार जमीन के दाम बढ़ाने में कई अड़चनें है। सबसे बड़ी अड़चन अवैध कॉलोनियां है। प्रशासन द्वारा अवैध कालोनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के शहरी क्षेत्र में करीब 50 और ग्रामीण क्षेत्र में 150 अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें जिला प्रशासन ने करीब 98 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी है। वहीं तीन कालोनियों पर एफआइआर भी दर्ज की है। इतना ही नहीं अभी 15 और कॉलोनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना है। इस सभी वजहों से लोग इन क्षेत्रों में जमीन खरीदने से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में यदि दाम बढ़ने हैं तो आम आदमी इन जमीनों को खरीदने में परहेज करेगा। दिसंबर तक देंगे रिपोर्ट महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल से पत्र मिल गया है, जिसके बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए सर्वे किया जाना है। तीनों उप जिला मूल्यांकन समिति को पत्र लिखकर जमीनों का सर्वे करने कहा है। दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट भी दे देंगे। – डॉ. पवन अहिरवाल वरिष्ठ पंजीयक, जबलपुर  

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश भोपाल मध्यप्रदेश के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राम प्रताप सिंह जादौन ने शनिवार, 29 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मती सुरभि तिवारी,  राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान  जादौन ने अशोकनगर, बैतूल और नीमच जिलों में 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण होने पर संबंधित टीमों को बधाई दी। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 44 जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण होने पर सभी अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन मतदाताओं का निवास परिवर्तन हुआ है या जिनके मतदाता परिचय-पत्र में संशोधन की आवश्यकता है, वे संबंधित बीएलओ से संपर्क कर एन्युमरेशन फॉर्म के साथ फॉर्म-8 भरकर जमा करें। मतदाता यह प्रक्रिया स्वयं भी ऑनलाइन Voters.eci.gov.in अथवा ceoelection.mp.gov.in पर पूरी कर सकते हैं। साथ ही नये मतदाता अपना फार्म 6 भरकर भी दे सकते हैं।  जादौन ने कहा कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान यदि किसी बीएलओ की मृत्यु हुई है, तो उनके दावे, पारिश्रमिक तथा परिजन की अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई शीघ्रता से पूरी की जाए। उन्होंने ग्वालियर, इंदौर और भोपाल जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्य की गति और बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे निर्धारित समय सीमा में प्रदेश में शत-प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा किया जा सके।  

सधी हुई कहानी और शानदार वॉइस—श्रद्धा की आवाज़ से रोमांचक बनी फिल्म जूटोपिया 2

हॉलीवुड की फिल्म हो और वो भी एनिमेटेड.. फिर तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि आप इसे देखकर निराश हों। ‘जूटोपिया 2’ भी कुछ ऐसी ही फिल्म है। पहले सीन से लेकर आखिरी सीन तक कहानी आपको बांधे रखती है और इसके वन लाइनर्स हंसा-हंसाकर आपका पेट दर्द कर देते हैं। वहीं मेकर्स ने लीड किरदार में श्रद्धा कपूर की आवाज जोड़कर इसमें चार चांद लगा दिए। यहां पढ़िए कैसी है यह फिल्म? बांधे रखती है कहानी फिल्म की कहानी पहले पार्ट से आगे बढ़ती है। जूडी हॉप्स और निक वाइल्ड जूटोपिया पुलिस डिपार्टमेंट में पार्टनर हैं पर दोनों के बीच बॉन्डिंग अच्छी नहीं है। एक केस में दोनों से गलती होने के बाद चीफ बोगाे उन्हें अलग हो जाने या फिर थैरेपी सेशन अटैंड करने की सलाह देते हैं। जूडी काे लगता है कि जूटोपिया में कोई सांप घुस आया है पर उसकी बात पर कोई यकीन नहीं करता। वो निक को मनाकर तहकीकात में लग जाती है। इसी बीच जूटोपिया के संस्थापक लिंक्सली परिवार एक पार्टी देता है जिसमें गैरी नाम का सांप सबके सामने आ जाता है। अब यह सांप जूटोपिया में किस लिए आया? क्या जूडी इसकी जड़ तक पहुंच पाएगी ? क्या उसका और निक का रिश्ता बिगड़ेगा या बेहतर होगा? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी। कमाल का है वॉइस ओवर एनिमेटेड फिल्म जब भी हिंदी में डब होती हैं तो उनकी सबसे बड़ी ताकत डबिंग आर्टिस्ट ही बनते हैं। बात करें इस फिल्म की तो हर एक छोटे से छोटे किरदार की भी डबिंग और डायलॉग्स दोनों ही कमाल हैं। जूडी के किरदार में श्रद्धा कपूर ने फिल्म में चार चांद लगाए हैं। सीन चाहे कॉमिक हो या फिर इमोशनल श्रद्धा ने इसका परफेक्ट वॉइस ओवर दिया है। निक वाइल्ड की आवाज बनकर दमनदीप सिंह ने खूब एक्सपेरिमेंट किए हैं। उनकी कॉमेडी टाइमिंग लाजवाब है। समय ठक्कर और आदित्य राज शर्मा समेत कई आर्टिस्ट ने फिल्म के छोटे-बड़े हर किरदार को बेहतरीन डब किया है। हिंदी स्क्रिप्ट में की गई खूब मेहनत तारीफ उन डायलॉग राइटर्स की भी करनी होगी जिन्होंने फिल्म के हिंदी डायलॉग लिखे। ये हर सीन और किरदारों पर इतने सूटेबल हैं कि कहीं लगता ही नहीं कि आप एक डब की हुई फिल्म देख रहे हैं। पूरी फिल्म में वन लाइनर्स आपको हंसाते रहते हैं जैसे- ‘टीम तीन की होनी चाहिए.. दो तो चप्पल भी होती है’ और ‘घोड़ा है घोड़े की जरूरत है..।’ कहीं कोई गुजराती में कॉमेडी कर रहा है तो कहीं साउथ इंडियन एक्सेंट के जरिए आपको हंसाया जा रहा है। यकीनन फिल्म को हिंदी में लिखते वक्त काफी मेहनत की गई है। निर्देशन जैरेड बुश और बायरन हावर्ड ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। दोनों का ही काम बढ़िया है। उन्होंने हर छोटे से छोटे सीन को बड़ी ही बारीकी से डिजाइन किया है। इतने किरदार होने के बाद भी आप न तो कहीं कन्फ्यूज होते हैं और न ही बोर। देखें या नहीं बिल्कुल देखना चाहिए। बच्चों को जरूर दिखाएं और पूरे परिवार के साथ देखने जरूर जाएं। इस फिल्म का असली मजा थिएटर्स में ही है।  

एनकाउंटर के डर से चैतू का समर्पण: पढ़ाई से नक्सलवाद तक कैसे पहुंचा खूंखार नक्सली

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लंबे समय से सक्रिय 25 लाख रुपए के इनामी नक्सली चैतू उर्फ श्याम दादा ने जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। श्याम दादा के सरेंडर से नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। चैतू उर्फ दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था। उसके ऊपर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ 9 अन्य माओवादियों ने भी हथियार डाल दिए। इन सभी पर कुल 65 लाख रुपए का इनाम घोषित था। चैतू को 2013 के झीरम घाटी नक्सली हमले का मुख्य मास्टरमाइंड माना जाता है। उस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए थे। लंबे समय तक वह दरभा डिवीजन का प्रभारी भी रहा। चैतू उर्फ श्याम दादा वर्तमान में DKSZCM कैडर का है। बस्तर के जंगलों में कई बार सुरक्षाबलों की गोलियों से बच निकला था। बस्तर इलाके में फोर्स की बढ़ते दबदबे के बाद चैतू ने अपने साथियों के साथ सरेंडर करने का फैसला किया। वह करीब 45 साल तक नक्सली संगठन से जुड़ा रहा। जानिए चैतू दादा के बारे में चैतू उर्फ श्याम दादा मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला है। वह 1980 में कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही नक्सल संगठन में शामिल हो गया था। नक्सली संगठन में शामिल होने के बाद वह शुरुआत में हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल था। उसके बाद 1990 में वह बस्तर इलाके में आकर संगठन के विस्तार के काम में लग गया। इस दौरान इस इलाके में वह करीब 35 साल तक काम किया। उसका मुख्य काम नक्सली संगठन में युवाओं को जोड़ना और भर्ती करना था। सुरक्षाबल के जवानों ने उसे कई बार घेर लिया था लेकिन हर बार वह बचकर निकल जाता था। क्यों किया सरेंडर जवानों के सामने सरेंडर करने पहुंचे चैतू ने मीडिया को बताया कि रूपेश और सोनू दादा ने भी हथियार डाल दिए हैं। नक्सल संगठन में अब कुछ नहीं रखा है। मैं करीब 63 साल हूं लेकिन वर्तमान में परिस्थितियों बदल गई हैं। बदली हुई परिस्थति को देखने के बाद ही मैंने अपने साथियों और हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड चैतू उर्फ श्याम दादा उन नक्सलियों में शामिल है जिन्होंने झीरम घाटी हमले की योजना बनाई थी। 25 मई 2013 में दरभा घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला करवाने में इसका हाथ था। इस हमले में विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल समेत कई करीब 24 नेताओं को का एनकाउंटर किया था।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगरा के सर्वोदय विद्यालय ने किया शानदार प्रदर्शन, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में रचा इतिहास

योगी सरकार की खेल नीति का कमाल: उत्तर प्रदेश के गुरु-शिष्य की जोड़ी ने कोलंबो में जीता गोल्ड-सिल्वर मेडल , देश का नाम किया रोशन अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगरा के सर्वोदय विद्यालय ने किया शानदार प्रदर्शन, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में रचा इतिहास व्यायाम शिक्षक हरीश चंद्र 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीत बने विश्व चैंपियन छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर तिरंगे का बढ़ाया मान कोलंबो में मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की खेल और युवा कल्याण नीति अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर परिणाम दे रही है। इसी का प्रमाण है श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में आगरा जनपद के इटौरा स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के व्यायाम शिक्षक हरीश चंद्र और कक्षा 11 के छात्र रमन कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया है। हरीश चंद्र ने 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया, जबकि युवा छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में लहराया यूपी का परचम श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित वर्ल्ड पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में 40 से अधिक देशों के एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर, गुरु और शिष्य की जोड़ी ने देश के लिए गौरव के पल लाए। शिक्षक हरीश चंद्र ने 77 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया। वहीं छात्र रमन कुमार ने 56 किग्रा भार वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं हरीश और रमन योगी सरकार प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सरकार की खेल नीतियों के कारण दोनों खिलाड़ियों का चयन हाल ही में गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उनके दमदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। हरीश चंद्र ने सीनियर 77 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीतने के साथ ही डेडलिफ्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था, जबकि रमन कुमार ने सब-जूनियर 56 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था। यह सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी संस्थानों में भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जा रहा है। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इस उपलब्धि पर दोनों खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोलंबो में मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। सर्वोदय विद्यालय इटौरा के छात्र और शिक्षक ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जो प्रदर्शन किया है, वह आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। योगी सरकार हमेशा खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ₹10 लाख से बनेगी अत्याधुनिक लैब समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सर्वोदय विद्यालय इटौरा लगातार खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में अग्रणी रहा है। विभाग अब इस सफलता को आगे बढ़ाने के लिए सुविधाओं को और मजबूत कर रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी घासीराम प्रजापति ने बताया कि जल्द ही विद्यालय में अत्याधुनिक पावर लिफ्टिंग लैब बनकर तैयार हो जाएगी। इसके लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा 10 लाख रुपए की धनराशि भी दी गई है। यह राशि लैब में पावर लिफ्टिंग के अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में खर्च होगी। उन्होंने कहा इससे विद्यालय में अन्य विद्यार्थियों को भी सही प्रशिक्षण के साथ आगे आने का मौका मिलेगा। ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला सही मंच समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक एवं योजनाधिकारी जे. राम ने कहा कि इस जीत से भविष्य में विद्यालय से और भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन निकलने की उम्मीद और मजबूत हुई है। हरीश चंद्र और रमन कुमार की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार की नीतियां ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सही मंच और संसाधन उपलब्ध करा रही हैं, ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर सकें।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत शीर्ष प्राथमिकता हो : सीएम योगी

20 दिसंबर तक पूर्ण कर लें खिचड़ी मेले से जुड़े सभी कार्य : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत शीर्ष प्राथमिकता हो : सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की समीक्षा गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले से जुड़े सभी कार्य 20 दिसंबर तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व सहूलियत प्राथमिकता होनी चाहिए। यह ध्यान रखा जाए कि श्रद्धालुओं को कहीं कोई दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार पूर्वाह्न गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में खिचड़ी मेला की तैयारियों को लेकर महापौर और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले से न सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश वरन बिहार, नेपाल से लगायत देश-दुनिया के सनातन मतावलंबियों की आस्था जुड़ी है। इसके दृष्टिगत मेले में सभी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की जाये जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। दूरदर्शन व आकाशवाणी के जरिए मेले का सजीव प्रसारण किया जाएगा ताकि वे लोग भी मेले में वर्चुअल सहभागी हो सकें जो किंचित कारणों से इसमें शामिल नहीं हो पा रहे हों। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की तरफ से खिचड़ी मेला को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि जो भी कार्य शेष रह गए हैं, उन्हें शीघ्रता से पूरा कर लिया जाए। ध्यान रहे सभी कार्य 20 दिसंबर तक पूरे हो जाने चाहिए। सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खिचड़ी मेला में स्वच्छता और सफाई पर खास ध्यान देने के साथ इस मेले को जीरो वेस्ट इवेंट बनाने के लिए नगर निगम को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र मे पर्याप्त स्थायी एंव अस्थायी प्रकाश व्यवस्था भी कराएं। उन्होंने कहा कि समय रहते मंदिर मार्ग की सभी स्ट्रीट लाइट का परीक्षण कर कोई दिक्कत मिलने पर उसे दुरुस्त कर लिया जाए। खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का भी होगा संचलन बैठक में सीएम योगी ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खिचड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचलन किया जाएगा। इसके लिए रेलवे प्रशासन से संवाद कर अलग-अलग स्टेशनों से मेला स्पेशल ट्रेनों का संचलन कराने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। स्पेशल ट्रेनों के संबंध में व्यापक प्रचार, प्रसार भी किया जाए। शहर के ठहराव वाले स्टेशनों से इलेक्ट्रिक सिटी बसों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। खिचड़ी मेला को लेकर विशेष तैयारी करे परिवहन विभाग बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेला में आने के लिए श्रद्धालुओं को सुदूर ग्रामीण क्षेत्र तक परिवहन की सुविधा मिलनी चाहिए। परिवहन विभाग इसके लिए अभी से बसों के इंतजाम की तैयारी शुरू कर दे। किन स्थानों से खिचड़ी मेला स्पेशल बसों का संचलन किया जाएगा, इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए। पर्याप्त अलाव जलवाने के हों इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि खिचड़ी मेला के समय शीतलहर का भी दौर रहता है। इस दौरान आमजन की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में अलाव जलवाने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था के लिए उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया। चुस्त दुरुस्त रहे सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण पर हो पूरा फोकस सीएम योगी ने खिचड़ी मेला में सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा चुस्त दुरुस्त होनी चाहिए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस की पर्याप्त संख्या में तैनाती और महिला हेल्प डेस्क की स्थापना सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कंट्रोल रूम से एकीकृत निगरानी करने के साथ ही पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मेले के दौरान पीए सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार जरूरी जानकारी भी देती रहे। इसके साथ ही मुख्य मेला दिन और भीड़ होने के अन्य दिनों पर भीड़ नियंत्रण पर पूरा फोकस होना चाहिए। उन्होंने भीड़ नियंत्रण के लिए एनसीसी और सिविल डिफेंस की सेवा लेने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को सुरक्षा और सतर्कता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यातायात प्रबंधन पर भी दें ध्यान सीएम योगी ने कहा कि यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त यातयात पुलिस और होमगार्ड्स की तैनाती के साथ लगातार सीसीटीवी मॉनिटरिंग की जाए। वाहनों की पार्किंग और डायवर्जन की तैयारी अभी से होनी चाहिए। ठीक कर लें सड़कें, स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट रहे बैठक में सीएम योगी ने निर्देश दिया कि नगर निगम, गोरखपुर विकास प्राधिकरण तथा लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी है कि वे सभी सड़कों को भी समयबद्ध ढंग से ठीक करायें जिससेे किसी को भी आवगमन में असुविधा न हो। सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मेला के दौरान विशेष तौर पर अलर्ट रहना होगा। मेला परिसर में हेल्थ कैम्प भी लगाया जाए। अस्पतालों को भी एलर्ट मोड पर रखने की आवश्यकता होगी ताकि आकस्मिक जरूरत पर किसी तरह की परेशानी न हो। रैन बसेरों में हों सभी जरूरी इंतजाम मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि खिचड़ी मेले में आने वाला कोई भी श्रद्धालु खुले में न सोये, उसे निकट के रैन बसेरों में सम्मानपूर्वक आवासित कराया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल तथा सफाई आदि की व्यवस्था बेहतर हो। सभी रैन बसेरों में जरूरी इंतजाम अभी से सुनिश्चित किए जाएं। श्रद्धालुओं के भोजन संबंधी सुविधा के लिए सीएम योगी ने कम्युनिटी किचन और भंडारों के आयोजन के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता भी जताई। दुकानों की इलेक्ट्रिक सेफ्टी की हो जांच, खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित हो मुख्यमंत्री ने कहा कि खिचड़ी मेले में बहुत सी अस्थायी दुकानें भी लगती हैं। इन सभी दुकानों की समय रहते इलेक्ट्रिक सेफ्टी जांच हो जानी चाहिए। मेले में लग रहे झूलों की सुरक्षा की समय रहते परख कर ली जाए। इसके साथ … Read more

शीत लहर का असर: जमशेदपुर के सभी ICSE और CBSE स्कूलों का समय बदला, सोमवार से होगा लागू

रांची झारखंड में भीषण ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण ठंड में स्कूली बच्चों को सुबह-सुबह स्कूल जाना पड़ रहा है। वहीं, इसके चलते जमशेदपुर के आईसीएसई और सीबीएसई स्कूलों ने सोमवार से अपने स्कूल समय में बदलाव किया है। सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को देखते हुए लिया फैसला आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों ने अपने समय में आधे घंटे का बदलाव किया है। पहले जहां बच्चों का स्कूल में प्रवेश समय सुबह 7:30 बजे था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 8 बजे कर दिया गया है। वहीं सीबीएसई स्कूलों ने समय में एक घंटे का बदलाव किया है। पहले ये स्कूल सुबह 7 बजे खुलते थे, लेकिन अब इन्हें 8 बजे से खोलने का निर्णय लिया गया है। स्कूल प्रशासन का यह कदम छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इसके अलावा लगातार बढ़ती ठंड और सुबह के समय पड़ने वाली शीतलहर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। गुमला का तापमान पहुंचा 7.7°C मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में भी रात के तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। 29 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की और गिरावट देखने मिल सकती है, जिससे ठंड बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, झारखंड के गुमला जिले की अगर हम बात करें, तो पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान यहां 7.7 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं, सबसे अधिकतम तापमान गोड्डा में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया है।  

जूनियर विश्व कप हॉकी: भारत ने चिली को 7-0 से हराया

चेन्नई भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने जूनियर विश्व कप 2025 की शुरुआत जीत के साथ की है। पूल बी के अपने पहले मैच में भारत ने चिली को 7-0 से हराया। भारत के लिए रोसन कुजूर (16′, 21′), दिलराज सिंह (25′, 34′), अजीत यादव (35′), अनमोल एक्का (48′), और रोहित (59′) ने गोल किए। पहले क्वार्टर की शुरुआत थोड़ी नर्वस थी। मेहमान टीम ने भारतीय टीम को ज्यादा मौके नहीं दिए। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत भारत ने (16वें मिनट) गोल के साथ की। रोसन कुजूर ने आसानी से यह गोल किया। गोल ने चेन्नई के दर्शकों को रोमांचित कर दिया। रोसन ने 21वें मिनट में फिर से गोल किया। भारतीय टीम का 2-0 की बढ़त के साथ दूसरे क्वार्टर में मैच पर नियंत्रण बन गया। दिलराज सिंह ने 25वें मिनट में एक गोल करके इंडिया को तीसरे क्वार्टर में जाने से पहले 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। भारत का चौथा गोल 34वें मिनट में आया जब अंकित पाल ने चिली के तीन डिफेंडरों को छकाते हुए दिलराज को सर्कल के अंदर पहुंचाया। दिलराज पहले से ही गोल करने के मूड में थे, उन्होंने तेजी से पीछे मुड़कर गोल करने का एक अच्छा मौका बनाया। अगले ही मिनट में, अजीत यादव ने एक शानदार गोल करते हुए भारत की बढ़त 5-0 कर दी। इसके बाद चिली के पास वापसी का कोई मौका नहीं था। आखिरी क्वार्टर में अनमोल एक्का ने एक पीसी से गोल (48वें मिनट) किया। भारत ने अपना आखिरी और सातवां गोल 59वें मिनट में किया। इंडिया कोल्ट्स के कैप्टन रोहित ने पेनल्टी स्ट्रोक से गोल किया। इस गोल के साथ ही भारतीय टीम ने चिली पर 7-0 से बड़ी जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में हुई है। विश्व कप के अगले मैचों में फैंस भारतीय टीम से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे। भारत का अगला मैच ओमान से है।  

दुनिया के बड़े मंदिरों की सूची में छतरपुर का मां कात्यायनी धाम दर्ज

आद्या कात्यानी शक्ति पीठ मंदिर या छतरपुर मंदिर एक भव्य हिंदू मंदिर है जो मां दुर्गा के कात्यायनी रूप को समर्पित है। छतरपुर मंदिर दिल्ली के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में एक है। यह मंदिर गुड़गांव-महरौली मार्ग के निकट छतरपुर में स्थित है। छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर का शिलान्यास सन् 1974 में किया गया था। इसकी स्थापना कर्नाटक के संत बाबा नागपाल जी ने की थी। इनकी 1998 में मृत्यु हो गई थी और उनकी समाधि मंदिर परिसर के भीतर शिव-गौरी नागेश्वर मंदिर के परिसर में स्थित है। कहते हैं कि इससे पहले मंदिर स्थल पर एक कुटिया हुआ करती थी। फिर धीरे-धीरे मंदिर का क्षेत्रफल 70 एकड़ तक फैल गया। आइये जानते हैं कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर की कुछ खास बातें-   संगमरमर से बना है माता का यह भव्य मंदिर   वास्तुकला की दृष्टि से छतरपुर का मंदिर एक अद्भुत मंदिर है क्योंकि इस मंदिर के पत्थर कवितायें दर्शाते हैं। 2005 में दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर बनने से पहले यह छतरपुर मंदिर भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर हुआ करता था। इस मंदिर को पूरी तरह से संगमरमर से बनाया गया था और मंदिर की सभी जगहों पर जाली से काम करवाया गया था। इस तरह की वास्तुकला को वेसारा वास्तुकला कहा जाता है।   मन्नत की चुनरी बांधें   कात्यायनी मां के भव्य मंदिर में जैसे ही आप प्रवेश करते हैं तो आपको एक बड़ा-सा पेड़ दिखाई देता है, जिसको सभी भक्तजनों ने अपने मन्नत की चुनरी, धागे, चूड़ी आदि से पूरा तरह ढंक दिया है। दरअसल एक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।   70 एकड़ में फैला है मां का मंदिर   यह मंदिर 70 एकड़ में फैला है और 20 से अधिक छोटे और बड़े मंदिरों को तीन अलग-अलग परिसरों में विभाजित किया गया है। मंदिर परिसर में नवदुर्गा का एक शयनकक्ष है जहां एक बिस्तर, दोसारी मेज और नौ कुर्सियों के साथ एक मीटिंग टेबल होती है, जो सभी शुद्ध चांदी से बने हुए हैं। इस मंदिर के परिसर में अन्य मंदिर भी हैं जो भगवान गणेश, भगवान राम, भगवान हनुमान और भगवान शिव को समर्पित है।   माँ कात्यायनी के मंत्र का जाप   माँ कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत ओजमयी है। सिंह पर विराजमान माता शक्ति का स्वरूप हैं। माँ की भक्ति द्वारा मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष फलों की प्राप्ति होती है। माँ कत्यायनी की भक्ति प्राप्त करने के लिए भक्त को इस मंत्र का जाप करना चाहिए-   'या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥   जब ऋषि को मां दुर्गा ने तपस्या से प्रसन्न होकर दिया था दर्शन   पौराणिक कहानी के अनुसार एक बार एक ऋषि ने दुर्गा देवी की कठोर तपस्या की थी। उस ऋषि का नाम कात्यायन ऋषि था। उस ऋषि की कठोर तपस्या को देखकर दुर्गा देवी प्रसन्न हुईं और उस ऋषि के सामने प्रकट हुईं। देवी ने उस ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर कहा कि जो भी वरदान चाहते हो वो अवश्य मांगो। उसके बाद कात्यायन ऋषि ने देवी से कहा कि आप मेरे घर में मेरी पुत्री बनकर जन्म लो। मुझे आपका पिता बनने की इच्छा है। ऋषि के यह शब्द सुनकर देवी प्रसन्न हुईं और उसे इच्छा अनुरूप वरदान दे दिया। देवी ने फिर ऋषि के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया और तभी से देवी के उस अवतार को कात्यायनी देवी अवतार कहा जाता है। इसीलिए दिल्ली के इस मंदिर को कात्यायनी देवी का छतरपुर मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर दिल्ली के दक्षिण पश्चिम के हिस्से में आता है और यह क़ुतुब मीनार से केवल 4 किमी की दूरी पर स्थित है।