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रोइंग चैंपियनशिप में छाया भोपाल, बड़े तालाब में खिलाड़ियों ने दिखाया दम और कौशल

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब पर आठवीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स व 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में देश भर के रोइंग खिलाड़ी अपना दम दिखाने जुटे हैं। दो दिन भोपाल के मौसम से तालमेल बैठाने के बाद देश के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया। सीनियर वर्ग में छह और जूनियर वर्ग में चार इवेंट है। ठंडी हवाओं के बीच खिलाड़ियों का बड़ा तालाब पर आना शुरू हो गया था। एक घंटे बाद मुकाबले प्रारंभ हुए। 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ी व ऑफिसिल्य भोपाल आए हुए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चैंपियनशिप का शुभारंभ किया था। बाहर से आए खिलाड़ियों ने दो दिन तक भोपाल में मौसम के अनुकूल खुद को बनाया और प्रतियोगिता के लिए जमकर अभ्यास किया। इसलिए शुक्रवार को खिलाड़ी पूरे जोश के साथ हीटस में भाग ले रहे थे।   खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी मप्र रोइंग अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक दलबीर सिंह राठौर ने बताया कि अगले दो दिन खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी है, जिसने जितने मेहनत की होगी उसे उतनी सफलता मिलेगी। अन्य खिलाड़ियों के साथ हमारे खिलाड़ियों ने भी दो दिनों तक सभी ने जमकर अभ्यास किया है। अब शनिवार और रविवार को सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। मप्र मेजबान है इसलिए हमारा दल सबसे बड़ा भी है और जीत का दावेदार भी। हमारे खिलाड़ी यहां के मौसम और चलने वाली तेज हवाओं से परिचित है, इसका लाभ उनके प्रदर्शन पर नजर आएगा।   बोट क्लब का मौसम बहुत सुहावना है शुक्रवार को राजधानी का मौसम बहुत ही सुहावना था। भारी संख्या में दर्शक वाटर स्पोटर्स की गतिविधियां देखने पहुंचे थे। बडे तालाब के जिस स्थान पर रोइंग चैंपियनशिप आयोजित हो रही है, उसे बोट क्लब कहा जाता है। यह राजधानी का सबसे सुंदर स्थान है, जहां सुबह और शाम भारी संख्या में लोग आते है। बोट क्लब के एक तरफ रंग बिरंगी व्यावासयिक नावें कुलांचे भर रही थी तो दूसरी तरफ सफेद बतखे पर्यटकों का मनमोह रही थी। वहीं देशभर के खिलाड़ी अपने खेल कौशल से उपस्थित दर्शकों की प्रशंसा बटोर रहे थे। तालाब पर उठने वाली पानी की लहरे समुद्र का अहसास करा रही थी। इस चैंपियनशिप में भाग लेने आए खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने भी बड़े तालाब की सराहना की।

दिल्ली में अनमोल बिश्नोई की कस्टडी बढ़ी 7 दिन, NIA करेगी अहम पूछताछ—कई खुलासों की उम्मीद

नई दिल्ली  दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी 7 दिन बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और इंटरनेशनल गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई पर खतरे की आशंका को देखते हुए जज ने खुद राष्ट्रीय जांच एजेंसी हेडक्वार्टर पहुंचकर मामले की सुनवाई की। कोर्ट के 7 दिन की कस्टडी बढ़ाने के इस आदेश से एनआईए को गैंगस्टर नेटवर्क, फंडिंग चेन और विदेश से होने वाली आपराधिक गतिविधियों की बारीकी से जांच करने का पर्याप्त समय मिलेगा। एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। इसी को देखते हुए कोर्ट ने 7 दिन की और कस्टडी बढ़ा दी है। पूछताछ में अभी और खुलासे हो सकते हैं। एनआईए के अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि अनमोल बिश्नोई पर हमला हो सकता है। इसी को देखते हुए एनआईए हेडक्वार्टर में ही मामले की सुनवाई की गई। शुरुआती पूछताछ में अनमोल बिश्नोई ने बताया है कि उसके गिरोह में कितने लोग हैं और कहां-कहां से काम किया जाता है। इसके साथ ही कई खुलासे हुए हैं। 5 दिसंबर तक एनआईए उससे पूछताछ करेगी। एनआईए ने अमेरिका से प्रत्यर्पण कर 19 नवंबर को भारत पहुंचते ही अनमोल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई को 11 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी में भेज दिया था, हालांकि केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट से 15 दिन की कस्टडी मांगी थी। 2022 से फरार चल रहे अनमोल को एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वह लॉरेंस के टेरर सिंडिकेट से जुड़ा 19वां आरोपी है। अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल से उसकी पहचान की थी। उसके बाद लंबी डिपोर्टेशन प्रक्रिया चली थी। इससे पहले मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व में टेरर-गैंगस्टर साजिश मामले में अनमोल के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पाया गया कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारों पर भारत में कई आपराधिक गतिविधियां अंजाम दीं। वह अमेरिका से ही गैंग को निर्देश देता था और शूटरों को शरण, हथियार और लॉजिस्टिक सप्लाई मुहैया कराता था। पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला अनमोल नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते अप्रैल 2022 में फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भागा था। अनमोल का नाम कई हाई प्रोफाइल केसों से जुड़ा है। अक्टूबर 2024 में मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वह मुख्य साजिशकर्ता था।

तांत्रिक केके श्रीवास्तव की काली कमाई का पर्दाफाश, बेटा भी शामिल; ऑस्ट्रेलिया-चीन में करोड़ों का निवेश

रायपुर पूर्व कांग्रेस सरकार में ठेका दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कथित तांत्रिक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके के खिलाफ पेश चार्जशीट में तेलीबांधा पुलिस ने कई खुलासे किए हैं. पुलिस का दावा है कि केके और उसके बेटे कंचन ने हवाला के जरिए करोड़ों रुपए भेजकर चीन और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किए हैं. दोनों के बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपए के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है. पुलिस के मुताबिक, पिछली सरकार में बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव बेहद प्रभावशाली था. वह कई बड़े नेताओं से जुड़ा हुआ था. उसने नोएडा की रावत एसोसिएट कंपनी के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी के तहत 500 करोड़ के ठेके दिलाने का झांसा दिया और उनसे 15 करोड़ रुपए ले लिए. कार से भागा नागपुर, फिर दिल्लीः तेलीबांधा थाने में एफआईआर होने के बाद केके और कंचन फरार हो गए थे. जांच में पाया गया कि युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे अपनी कार CG 04PP 0007 में केके को छिपाकर नागपुर ले गया. वहां कुछ दिन रहने के बाद दोनों दिल्ली पहुंचे. लगभग एक महीने तक वहां छिपे रहने के बाद केके भोपाल आया और शिंदे रायपुर लौट गया. लंबी जांच के बाद पुलिस ने 24 जून को केके को भोपाल से गिरफ्तार किया है. 5 खातों में 15 करोड़ रुपए ट्रांसफर: अर्जुन सिंह ने ठेका मिलने की उम्मीद में 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच कंचन और केके को 15 करोड़ रुपए भेजे. यह रकम अकाउंट R 14900500, 500000, 0026050, 10126077, 001063400 में ट्रांसफर की गई. इनमें से तीन खाते बिलासपुर के अब्बास अली के नाम पर हैं, जो केके श्रीवास्तव के लिए काम करता था. पिता-पुत्र लगातार अर्जुन से संपर्क में थे, और उन्हें वाट्सएप पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े फर्जी दस्तावेज भेजते रहे, जिससे अर्जुन को भरोसा हो गया कि वह काम दिला देंगे. कुछ रकम लौटाने के बाद बाकी पैसा वापस नहीं किया गया. दोनों ने पैसे को निजी उपयोग में खर्च कर दिया. सीबीआई और ईडी करेगी जांच: चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग और महादेव सट्टा बुक से संबंध का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट ईडी और सीबीआई को भेजी गई है. ईडी ने जांच शुरू कर दी है और सीबीआई भी जल्द पूछताछ करेगी. महादेव सट्टा मामले की जांच सीबीआई कर रही है और अब तक 120 से अधिक लोगों के बयान लिए जा चुके हैं. इस मामले में केके श्रीवास्तव का नाम सामने आया है. सूत्रों के अनुसार, सीबीआई दिसंबर में पहला चार्जशीट दाखिल करने वाली है. इसमें गिरफ्तार आईपीएस और रापुसे अधिकारियों को बड़ी राहत मिल सकती है. कंचन घूम रहा, रिकॉर्ड में फरार: पुलिस ने कंचन और अब्बास अली को फरार बताया है. जबकि कंचन को रायपुर और बिलासपुर में देखा गया है. पुलिस ने उसे बनारस से हिरासत में लिया था उसे पूछताछ कर छोड़ दिया, जबकि एफआईआर में भी नामजद आरोपी है.

सोशल मीडिया पर सोफिक की चर्चा, एक दिन में कई लाख नए फॉलोअर्स जुड़े

कोलकाता बंगाल के सोशल मीडिया स्टार सोफिक हाल ही में अपनी निजी वीडियो लीक होने की वजह से चर्चा में रहे। वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। लीक वीडियो से उनकी काफी आलोचना हुई, लेकिन अश्लील MMS ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया है। उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 5 लाख तक बढ़ गई। कई फॉलोअर्स ने उन्हें समर्थन दिया विवाद सामने आने के बाद Sofik SK के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। कुछ दिनों के भीतर ही यह आंकड़ा 4.96 लाख से भी अधिक पहुंच गया। वहीं, अब सोफिक ने नया डांस रील अपलोड किया है। डांस वीडियो में फैंस ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई फॉलोअर्स ने उन्हें समर्थन दिया और खुशी जताई कि वह फिर से कंटेंट क्रिएट कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग पुराने लीक वीडियो का जिक्र करते हुए उन्हें लगातार ट्रोल करते रहे। बता दें कि वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। माफी वीडियो में सोफिक ने स्पष्ट किया कि वीडियो एक साल पहले रिकॉर्ड हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उनका एक करीबी दोस्त, जिसे उनके और उनकी गर्लफ्रेंड के फोन तक पहुंच थी, वीडियो निकालकर उन्हें ब्लैकमेल करता रहा। सोफिक के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने उस दोस्त से दूरी बनाई, उसने बदला लेने के लिए वीडियो ऑनलाइन अपलोड कर दिया। उन्होंने बंगाली में कहा, "मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिसे मैं भाई की तरह मानता था, वह मुझे इस तरह धोखा देगा।" कौन हैं सोफिक SK सोफिक पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और वह लोकप्रिय ग्रुप पल्लि ग्राम TV के मुख्य सदस्य हैं। यह ग्रुप अपनी कॉमेडी, लोक-थिएटर और बंगाली ड्रामा रील्स के लिए जाना जाता है। सोफिक लगातार पल्ली ग्राम टीवी प्रोडक्शंस में दिखाई देते हैं, जहां वे ग्रामीण जीवन पर आधारित हास्य किरदार निभाते हैं। वे कॉमेडी, लोक थिएटर और बंगाली ड्रामा वीडियो के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी गर्लफ्रेंड Sonali भी कंटेंट क्रिएटर हैं  

आँखों के नीचे झुर्रिया को दूर करने के घरेलू नुस्खों

आंखे वो चीज है जिसे लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। लेकिन अगर आँखों के नीचे झुर्रिया या काले घेरे हो तो चेहरे की खूबसूरती फीकी पड जाती है। आंखों के नीचे की त्वचा काफी नाजुक होती है। आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल आजकल आम बात हो गई है। महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी ये समस्या बढ़ती जा रही है और इसकी अहम वजह भागदौड़ की दिनचर्या है, जिसमें आराम नहीं है। ऐसे में आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे खूबसूरती और स्मार्टनेस को कम कर सकते हैं। कभी-कभी यह समस्या आनुवांशिकता के कारण भी आती है। यह डार्क सर्कल्स आपके सौन्दर्यता में ग्रहण लगा देते हैं। वैसे तो बहुत सारे क्रीम के इस्तेमाल से भी इससे राहत पाया जा सकता है। कई बार आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे, अनहेल्दी लाइफस्टाइल का परिणाम होते हैं। बहुत ज्यादा काम करने, तनाव लेने, नींद न पूरी हो पाने और अन्य कारणों से आंखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं। डार्क सर्कल की समस्या से बचने के लिए घरेलू नुस्खों का कोई जवाब नहीं है। इसकी मदद से बिना किसी दुष्प्रभाव के आप डार्क सर्कल से छुटकारा पा सकते हैं। डार्क सर्कल से कैसे बचें आंखों के नीचे पड़ने वाले डार्क सर्कल आपकी खूबसूरती बिगाड़ सकते हैं। यह समस्या कई वजहों जैसे शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना, नींद न आना, मानसिक तनाव या फिर बहुत ज्यादा देर तक कंप्यूटर पर काम करने के कारण भी हो सकती है। इन डार्क सर्कल की वजह से आपकी सुंदरता तो कम होती ही है साथ ही व्यक्ति थका हुआ और उम्रदराज भी नजर आता है। आइए जानें डार्क सर्कल को दूर करने के घरेलू नुस्खों के बारे में। टमाटर टमाटर के रस में, नींबू का रस, चुटकीभर बेसन और हल्दी  मिला लें। इस पेस्ट  को अपनी आंखों के चारों ओर लगाएं और 20 मिनट के बाद चेहरे को धो लें। ऐसा हफ्ते में 3 बार जरुर करें। इससे डार्क सर्कल धीरे-धीरे कम होने लगेगा। आलू यह बहुत ही असरकारी नुस्खा है। रात में सोने से पहले चेहरा को अच्छे से साफ करें। इसके बाद आलू की पतली स्लाइस काटकर उन्हें आंखों पर 20 से 25 मिनट रखें। इसके बाद चेहरा को अच्छे से साफ कर लें। गुलाब जल गुलाब जल की मदद से डार्क सर्कल की समस्या से निजात पा सकते हैं। बंद आंखों पर गुलाब जल में भिगोई हुई रूई को आंखों पर रखें। ऐसा केवल 10 मिनट तक करें। ऐसा करने से आंखों के आस पास की त्वहचा चमक उठेगी। बादाम का तेल काले घेरे से छुटकारा पाने के लिए बादाम के तेल बहुत फायदेमंद है। बादाम के तेल को आंखों के आस-पास लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। फिर उंगलियों से 10 मिनट तक हल्की मालिश करें। इसके बाद चेहरा साफ कर लें। चाय का पानी चायपत्ती को पानी के साथ उबाल लें और फिर ठंडा होने के लिए रख दें। इसके बाद रुई के फाहे को उसमें भिगोकर आंखों के नीचे और आस-पास लगाएं। थोड़ी देर बाद पानी से चेहरा साफ कर लें। नियमित रूप से ऐसा करने से चेहरे के काले घेरे तेजी से कम हो जाएंगे। टी बैग डार्क सर्कल्स को दूर करने के लिए प्रयोग किए गए ठंडे टी-बैग्स का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। टी-बैग्स में मौजूद तत्व टैनिन आंखों के आसपास की सूजन और काली त्वचा को पहले जैसे करता है और आपको डार्क सर्कल से निजात मिलता है। शहद और बादाम का तेल बादाम के तेल और शहद को अच्छी तरह मिलाकर सोने के पहले आंखों के आसपास लगाएं और सारी रात लगा रहने दें। सुबह उठकर सामान्य पानी से चेहरा धो लें। हर रोज इस नुस्खे को आजमाने से कुछ ही दिनों में डार्क सर्कल दूर हो जाएगा। पुदीना पत्ताछ पुदीने की पत्तिीयों को पीस लें और आंखों के आस पास लगा लें। इसे कुछ देर तक इस पेस्ट को ऐसे ही छोड़ दें और फिर आंखों को पानी से धो लें। इससे आपको डार्क सर्कल से निजात पाने में काफी सहायता मिलेगी। संतरे का रस और ग्लिसरीन संतरे का रस विटामिन सी से भरपूर होता है जो कि त्वचा के लिए फायदेमंद माना जाता है। संतरे के रस में ग्लिसरीन की कुछ बूंदे मिलाएं और इस पेस्ट को हर रोज आंखों और आस पास के एरिया पर लगाएं। यह डार्क सर्कल से निजात दिलाने का प्रभावशाली तरीका है। जैतून तेल जैतून का तेल सौंदर्य से जुड़ी कई समस्याओं में काफी फायदेमंद है। इससे आंखों के आसपास हल्के हाथों से मालिश करें, इससे रक्त संचार ठीक रहता है और आंखों की थकान कम होती है जिससे डार्क सर्कल की समस्या दूर होती है।  

कांग्रेस का सदन से वॉकआउट और धरना, लोकतांत्रिक मर्यादा पर प्रहार: बिंदल का आरोप

शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिन्दल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में यह पहला अवसर है, जब मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और सत्ता पक्ष के विधायक अपनी ही सरकार के दौरान आयोजित विधानसभा सत्र को छोड़कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संवैधानिक व्यवस्था पर संकट बताया। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि विधानसभा परिसर में कांग्रेस सरकार का तख्तियां लेकर धरने पर बैठना तथा मंत्रियों का सड़क पर उतर कर नारेबाज़ी करना प्रदेश की बदहाली का जीता-जागता प्रमाण है। सत्ता चलाने वाले स्वयं सत्ता छोड़कर सड़क पर उतर आए—यह साफ संकेत है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार यह स्वीकार कर चुकी है कि वे प्रदेश की सरकार चलाने में पूरी तरह असफल हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में हिमाचल की जनता ने जो विश्वास कांग्रेस को देकर सत्ता का दायित्व सौंपा था, उस जनमत के साथ कांग्रेस ने छल किया। झूठ और फरेब के आधार पर सत्ता प्राप्त करने वाली कांग्रेस सरकार ने तीन वर्षों में प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से दिवालिया कर दिया है। हजारों वरिष्ठ नागरिक अपने हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, और विडंबना यह है कि उसी समय सरकार भी सड़कों पर नारे लगाने निकल पड़ी। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि जनता पूछ रही है कि फरियादी तो इसलिए सड़क पर हैं क्योंकि सरकार ही उनका हक मार रही है, लेकिन जो सत्ता का भरपूर आनंद ले रहे हैं, वे भी सड़क पर उतर गए—तो ऐसी सरकार के सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस की वर्तमान सरकार अपना अस्तित्व खो चुकी है और सत्ता में बने रहने का हक भी। उन्होंने कहा कि तीन वर्षों में 45 हजार करोड़ का कर्ज, 50 से अधिक चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की फौज, और माफिया को संरक्षण—इन्हीं के दम पर यह सरकार चल रही है। अब जब जनता सवाल पूछ रही है तो सरकार सड़क पर उतर कर केवल मोदी जी को गाली देने और भाजपा पर आरोप लगाने में व्यस्त है। यदि नारे लगाने का इतना ही शौक है तो सत्ता छोड़ दें—जनता खुद सरकार चला लेगी और कांग्रेस चाहे जितने नारे लगाती रहे। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि तीन साल भाजपा को गाली देने के बाद अब कांग्रेस ने संघ को गाली देने का ठेका भी ले लिया है। देश के विभाजन और लाखों भारतीयों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार कांग्रेस आज उन स्वयंसेवकों को गाली दे रही है जिन्होंने संकट के समय जनता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि भारत माता के टुकड़े-टुकड़े करने वाले तत्वों को संरक्षण देने वाली कांग्रेस, चीन को 40 हजार वर्ग मील भूमि सौंपने वाली कांग्रेस, कश्मीर में वर्षों तक नरसंहार होने देने वाली कांग्रेस, 10 करोड़ घुसपैठियों को भारत में बसाकर वोट बैंक बनाने वाली कांग्रेस—आज संघ को राष्ट्रविरोधी बताने का दुस्साहस कर रही है। राम मंदिर, कृष्ण जन्मस्थान, और देशभक्त क्रांतिकारियों का लगातार अपमान करने वाली कांग्रेस का चरित्र देश जान चुका है। डाॅ. बिन्दल ने कहा कि कांग्रेस के पाप का घड़ा भर चुका है, इसलिए पूरे देश से कांग्रेस का सफाया होना तय है। बिहार में करारी हार के बाद हिमाचल की कांग्रेस सरकार अपनी खीज उतारने के लिए अब स्वयं सड़कों पर उतर आई है।

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के प्रयास रंग लाये,50 ग्राम पंचायतों में 25-25 लाख के सामुदायिक भवन निर्माण की मिली स्वीकृति

11 करोड़ 75 लाख हुए स्वीकृत, सरपंचों ने विधायक का किया आभार व्यक्त सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर अंतर्गत आष्टा जिला में विधायक के नेतृत्व में जब लक्ष्य तय हो,ओर लक्ष्य को पाने का दृढ़ निश्चय हो तो सफलता और सौगात मिलती ही है । यही कारण है की जब से आष्टा विधायक के रूप में क्षेत्र की देवतुल्य जनता ने अपना आशीर्वाद भाजपा के विधायक गोपालसिंह इंजीनियर को दिया है तभी से वे इस क्षेत्र को लगातार विकास की सौगातें दिन रात कड़ी मेहनत कर आष्टा विधानसभा क्षेत्र को दिला रहे है । क्षेत्र के दौरों के दौरान लगातार ग्रामीणों ने अपनी अपनी पंचायतों में सार्वजनिक कार्यो एवं कार्यक्रमो को करने के लिये पंचायतों में सामुदायिक भवनों की मांग की गई थी । ग्रामीण जनों,ग्राम पंचायतों के सरपंचों की मांग पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अपने आष्टा विधानसभा क्षेत्र की करीब 50 पंचायतों के लिये एक एक सामुदायिक भवन स्वीकृत करने की मांग के प्रस्ताव सौपे ओर लगातार किये गये प्रयासों के परिणाम स्वरूप 25-25 लाख की लागत से 50 पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण के लिये 11 करोड़ 75 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जानकारी देते हुए बताया की मप्र शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आष्टा विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत आष्टा की ग्राम पंचायत पाड़ालिया राम,पारदीखेड़ी,बफापुर (ढाकनी ),बमुलिया रायमल,बरखेड़ा,बरछापुरा,बेदाखेडी,भंवरा,भूफोड़,भेरूपुर,मुगली, मोलूखेड़ी,रसूरपुरा,रामपुरा कलां,लसूडिया पार,लसूडिया सूखा,लोराँस कलॉ,शंभुखेड़ी,,सामरदा,सेंन्धोखेड़ी ,सेवदा,हसैनपुरा खेड़ी,अतरालिया,अरनिया गाजी,अरोलिया आष्टा,आमला मज्जू,कजलास,कल्याणपुर,कानराखेड़ी,किलेरामा,कुमडावदा,खजूरिया जावर,खडी हाट,गाजना,चाचरसी, चिन्नोठा,चुपडिया,जगमालपुर, जताखेड़ा,जीवापुर महोडिया,झिलेला,टाण्डा,टिगरिया, डाबरी,डूका,नवरंगपुर,नौगांव, पगारिया राम,पटारिया गोयल के लिये एक एक सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो गई है ।

SIR में शानदार परफॉर्मेंस! जबलपुर के बीएलओ को मिली हेलीकॉप्टर से हवाई सैर की सौगात

जबलपुर मतदाता सूचना विशेषा गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दबाव में सामने आ रहे कर्मचारियों को अटैक के मामलों के बीच शहर से अच्छी खबर है। जिला प्रशासन द्वारा बीएलओ के तनाव को कम करने के लिए अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। सभी बूथों के 100 फीसदी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा करने पर प्रशासन ने बीएलओ सुपरवाइजर स्नेहलता पटेल को सम्मानित कर जबलपुर से कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा भी कराई। ऐसे ही अन्य बीएलओ को नकद पुरस्कार के साथ उनके तनाव को कम करने के लिए मूवी टिकट भी प्रशासन दे रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से जाय राइड इसी पहल का हिस्सा है।   उन्होंने इस सम्मान के लिए कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और सभी बीएलओ को निष्ठा एवं लगन से कार्य करने का संदेश दिया। स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा के बूथ क्रमांक 52 से 61 तक कुल 10 बूथों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का दायित्व सौंपा गया था। उनके अधीन 7,706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन मंगलवार को पूरा कर लिया गया था। 73.34 फीसदी गणना पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 73.34 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 है। इनमें से अभी तक 14 लाख 12 हजार 151 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पाटन विधानसभा में 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शुक्रवार की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार 86.50 प्रतिशत गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ पाटन विधानसभा जिले की आठो विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 85.04 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 84.20 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। 78.10 फीसदी के साथ पनागर चौथे, 67.41 फीसदी के साथ उत्तर पांचवें एवं 61.81 फीसदी के साथ कैंट छठे स्थान पर है। वहीं पश्चिम में 59.94 और पूर्व में 59.94 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हुआ है।

निवेश के नाम पर बड़ा फ्रॉड: CG पुलिस ने पकड़े 6 करोड़ ठगी के मास्टरमाइंड

जशपुर जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी निवेश कंपनी ‘C Bulls Global Solution’ के डायरेक्टर और उसके दो साथियों को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने निवेश के नाम पर रकम तीन गुना करने का लालच देकर लोगों से करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी की थी। ठगी के बाद कंपनी बंद कर तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी और आखिरकार तीनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। क्या है पूरा मामला 17 अक्टूबर 2025 को मदनपुर (इंजिको) निवासी जागेश्वर लाल यादव (43 वर्ष) ने पत्थलगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे खेती-बाड़ी और ठेकेदारी का काम करता है। वर्ष 2023 में उन्हें और उनके साथियों डॉ. पीताम्बर साय निराला, सुकुंद चौहान, राजेंद्र भगत को एक परिचित के जरिए होटल मान्या बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात संतोष कुमार साव से हुई। संतोष ने खुद को C Bulls Global Solution नाम की प्रोडक्ट बेस कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कृषि संबंधी प्रोडक्ट्स और नए प्लांट में निवेश पर बड़े लाभ का झांसा दिया। शुरुआत में निवेशकों को कुछ महीनों तक ब्याज मिला भी, लेकिन बाद में पैसा आना बंद हो गया। जब पैसा आना बंद हुआ तो संतोष ने निवेशकों को कंपनी के कथित एमडी मो. सिराज आलम से मिलवाया। सिराज ने उन्हें फिर से गुमराह करते हुए बताया कि कंपनी कृषि आधारित नहीं, बल्कि ट्रेडिंग कंपनी है। उसने दावा किया कि कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड है और पिछले 12 वर्षों से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर रही है। उसने यह भी कहा कि निवेश पर प्रतिदिन 1% लाभ दिया जाता है और 10 महीनों में निवेशित राशि तीन गुना हो जाती है। उसने निवेशकों को बताया कि जांजगीर-चांपा निवासी हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू उसके बिजनेस पार्टनर हैं, जो निवेशित राशि पर बैंक गारंटी के रूप में चेक भी देते हैं। इन दावों के आधार पर अक्टूबर 2023 में कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा और बिलासपुर में अलग-अलग मीटिंग का आयोजन कर निवेशकों से करोड़ों रुपये जुटाए गए। प्रार्थी ने ऑनलाइन और नगद मिलाकर 1 करोड़ 80 लाख रुपये, उसके साथी लक्ष्मण केशवानी ने 95 लाख, कमलेश यादव ने 10 लाख, भूषण पटेल ने 33 लाख, डॉ. पीतांबर साय निराला ने 25 लाख और राजेश देवांगन ने 15 लाख रुपये निवेश किए। इस प्रकार अन्य लोगों से भी रुपये लेकर लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी हुई। इंश्योरेंस और रजिस्ट्री के नाम पर भी ठगा जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगना शुरू किया तो आरोपियों ने ओडिशा के सुंदरगढ़ में एक बैठक आयोजित कर ‘हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड’ का बहाना बनाते हुए निवेशकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड व हस्ताक्षर लिए और उनके नाम पर C Bulls सहयोग निधि रियल स्टेट एवं फाइनेंस लिमिटेड के नाम से रजिस्ट्रेशन करा कर निवेशकों को उसका मेंबर व डायरेक्टर बना दिया गया। इसके बाद कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी गई। C Bulls Global Solution कंपनी के डायरेक्टर और अन्य सदस्यों से संपर्क करने पर वे कंपनी में भारी नुकसान का बहाना बनाते रहे और रकम वापस करने में लगातार टालमटोल करते रहे। अंत में उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए। ग्रामीणों से करोड़ों की ठगी के मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पत्थलगांव थाना में आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 (बी) और 34 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस पहले ही दो आरोपियों हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं कंपनी का कथित एमडी मोहम्मद सिराज आलम, उसका पार्टनर इमरान खान और सहयोगी संतोष साव घटना के बाद से फरार थे। पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिरों की मदद से पता चला कि सिराज आलम बोकारो में और इमरान खान व संतोष कुमार साव रांची में छिपे हुए हैं। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम झारखंड भेजी गई, जहां तकनीकी टीम की सहायता से बोकारो से मोहम्मद सिराज और रांची से इमरान खान और संतोष कुमार साव को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते के दस्तावेज और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। बैंक डिटेल और लैपटॉप डेटा की जांच जारी है। ऐसे करते थे ठगी पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे निवेशकों को प्रतिदिन 1% ब्याज का लालच देकर रकम जमा कराते थे। शुरुआती महीनों में वे निवेशकों के ही पैसों को ब्याज के रूप में अन्य निवेशकों को देते थे। जब नए निवेशक आना बंद हो गए, तो कंपनी ने ब्याज देना बंद कर दिया और पूरी राशि हड़प ली। सबूत मिलने पर तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई में साइबर सेल जशपुर और थाना पत्थलगांव की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मो. सिराज आलम (38 वर्ष ) निवासी हिंद पीढ़ी, जिला रांची संतोष कुमार साव (34 वर्ष) निवासी सीदपा, जिला चतरा इमरान खान (35 वर्ष) निवासी दौठवा, हजारीबाग

गंदगी देख भड़के सभापति सूर्यकांत राठौड़, स्टेडियम में तुरंत सफाई के आदेश

रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौड़ ने गुरुवार को सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान परिसर में भारी गंदगी, कचरे के ढेर और साफ-सफाई की पूरी तरह से कमी देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई. तत्काल सफाई अभियान के निर्देश सभापति राठौड़ ने मौके पर ही जोन-4 के कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह को बुलाकर स्टेडियम का निरीक्षण कराया और उन्हें तुरंत नगर निगम की टीम भेजकर सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्टेडियम में प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता बहाल की जाए. ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी राठौड़ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्टेडियम की सफाई का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार द्वारा यदि तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उसका ठेका रद्द कर उसे नगर निगम की ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा. सीवरेज चैंबर्स के टूटे ढक्कन भी बने समस्या निरीक्षण के दौरान सभापति ने स्टेडियम की सीवरेज लाइन के कई चैंबर्स को खुले और ढक्कन टूटा हुआ पाया. इसे गंभीर सुरक्षा संकट मानते हुए उन्होंने कार्यपालन अभियंता को निर्देश दिया कि सभी टूटे ढक्कनों को तत्काल बदलवाया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे. राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि इंडोर स्टेडियम जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा में गंदगी और अव्यवस्था किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और नगर निगम सख्त रवैया अपनाएगा.