samacharsecretary.com

Nvidia CEO खुलासाः क्यों AI चिप बनाने में खर्च होते हैं अरबों रुपये

नई दिल्ली जितनी तेजी से AI हम सभी की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है, उतनी ही तेजी से इनके पीछे लगी कंपनियों की लागत आसमान छू रही है। अगर आपको इस बारे में कोई अंदाजा नहीं कि AI चिप बनाने में क्या खर्च आता है, तो बता दें कि यह सारा खेल अरबों-खरबों रुपये का है। इस बारे में खुद AI चिप बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी NVIDIA के सीईओ जेनसेन हुआंग बता चुके हैं। उनके अनुसार, एक नई AI-चिप आर्किटेक्चर को डिजाइन और बनाने की शुरुआत में ही 5.5 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च हो जाते हैं। यह मोटी रकम चिप की पहली यूनिट के फैक्ट्री से बाहर आने से पहले ही खर्च हो जाती है। चलिए चिप बनाने के पूरे प्रोसेस और उस पर आने वाली लागत के बारे में जेनसेन हुआंग के जरिए समझते हैं। इतनी बड़ी राशि की जरूरत क्यों? किसी नई जेनरेशन की AI चिप बनाने के लिए उस चिप का डिजाइन, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर डेवलपमेंट, सिमुलेशन, टूल चेन, आदि सब कुछ पूरी तरह तैयार करना पड़ता है। हुआंग के मुताबिक (ref.), इन डिजाइन और इंजीनियरिंग के खर्चों पर बी 5 से 6 बिलियन डॉलर खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा चिप का डिजाइन तैयार हो जाने के बाद उसे फैब्रिकेट कराने के लिए एक मास्क सेट बनाना पड़ता है। इस पर आमतौर पर 500 मिलियन डॉलर का खर्च आ जाता है। कहने का मतलब है कि इससे पहले एक भी चिप बन पाए लगभग 5.5 बिलियन डॉलर यानी कि 4,914 करोड़ का खर्च उठाना पड़ता है। प्रति चिप आता है कितना खर्च चिप बनाने के लिए शुरू में होने वाला खर्च बहुत ज्यादा लग सकता है लेकिन यह लागत प्रित चिप पर आने वाले खर्च से काफी अलग है। इसे समझने के लिए आप AI-चिप Blackwell B200 की कीमत देख सकते हैं। यह प्रति चिप 30,000 से 40,000 यूएस डॉलर के आसपास बैठती है। देखा जाए तो यह कीमत इस चिप के पिछले जेनरेशन H100 की कीमत के आस-पास ही है। कहने का मतलब है कि एक चिप की कीमत में भारी-भरकम R&D या शुरुआती खर्च को शामिल नहीं किया जाता। यह सिर्फ उस एक चिप की मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग और वितरण खर्च और प्रॉफिट मार्जिन को बताता है। इतने महंगे चिप बनाना क्यों है जरूरी? आपके मन में सवाल उठ सकता है कि इतने महंगे AI चिप बनाना क्यों जरूरी है। दरअसल साधारण सीपीयू या जीपीयू के मुकाबले हाई एंड AI चिप्स जैसे कि Blackwell B200 काफी शक्तिशाली होते हैं। इनकी कंप्यूटेशनल कैपेसिटी, मेमोरी और एफिशिएंसी इतनी ज्यादा होती है कि यह सैंकड़ों नॉर्मल प्रोसेसर और जीपीयू की जगह काम कर सकते हैं। इससे उर्जा, समय और ऑपरेशन कॉस्ट में काफी बचत हो सकती है।

WTC फ़ाइनल की राह मुश्किल: भारत को प्लेऑफ़ टिकट के लिए चाहिए कम से कम 6 जीत

मुंबई दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-0 से मिली हार के साथ ही भारतीय टीम की विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं कम हुई पर समाप्त नहीं हुई हैं। उसे अब बची हुई तीन सीरीज में 9 में से कम से कम 6 मैच जीतने होंगी। ये सीरीज श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से होनी हैं। भारतीय टीम ने अभी तक इस चक्र में तीन सीरीज खेली हैं। इसमें इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज 2-2 से बराबरी पर रही है, वेस्टइंडीज के खिलाफ उसे 2-0 से जीत जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-0 से हार मिली है। दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद प्रशंसक इस बात को लेकर परेशान है कि टीम फाइनल में पहुंच पाएंगी या नहीं।  अब भारतीय टीम को अगली तीन टेस्ट सीरीज श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से खेलनी हैं। श्रीलंका और न्यूजीलैंड से भारतीय टीम को उन्हीं की धरती पर खेलना है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत दौरे पर आयेगी। पिछले अगर दो डब्ल्यूटीसी चक्र पर देखें तो 60 से 65 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली टीमों को ही फाइनल मे प्रवेश मिला था। भारतीय टीम को डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में 60 प्रतिशत अंक का आंकड़ा पार करने के लिए बचे हुए 9 मुकाबलों में से कम से कम 6 मैच जीतने होंगे। इससे कम पर उसकी राह अन्य टीम पर निर्भर करेगी। श्रीलंका में टीम को दो टेस्ट खेलने हैं। यहां भारतीय टीम का रिकार्ड अच्छा रिकॉर्ड है, भारतीय टीम को ये सीरीज 2-0 से जीतनी होगी। न्यूजीलैंड में टीम को दो टेस्ट खेलने हैं। यहां जीतना हालांकि आसान नहीं है। ऐसे में भारतीय टीम अगर सीरीज 1-1 से बराबर भी रखती है तो भी उसे नुकसान नहीं है। ऑस्ट्रेलिया में उसे घरेलू जमीन पर 5 टेस्ट खेलने हैं। इसमें उसे कम से कम तीन जीत ने होंगे तभी उसके लिए फाहनल में पहुंचना संभव होगा।   

पंजाब में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए नए आदेश लागू, सरकार ने बढ़ाई सख्ती

पटियाला  पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने पटियाला जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी की जांच करवाई जाए और आरओ लगवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासनिक परिसर में राशन वितरण प्रक्रिया, मिड–डे मील योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले सामान और भोजन की भंडारण प्रणाली की समीक्षा करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद पंजाब राज्य खाद्य आयोग के सदस्य जसवीर सिंह सेखों ने सरकारी स्कूल, स्कूल ऑफ एमिनेंस, मंडौर का दौरा कर बच्चों के पीने के पानी का टीडीएस जांचा और इसकी मात्रा 609, जो कि काफी अधिक पाई गई, के कारण तुरंत आरओ और वॉटर फिल्टर लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने मिड–डे मील की भी जांच की और संतोष व्यक्त किया। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिया कि मिड–डे मील बनाने वाले रसोइया सिर ढककर और हाथ धोकर ही भोजन तैयार करें और उनकी चिकित्सा जांच भी अनिवार्य रूप से करवाई जाए। पहले की गई बैठक के दौरान जसवीर सिंह सेखों ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मिड–डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दिए जाने वाले भोजन और सामग्री की नियमित जांच के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डी.एफ.एस.सी. को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और राशन डिपो के बाहर पंजाब राज्य खाद्य आयोग की शिकायत और हेल्पलाइन नंबर 98767-64545 तथा संपर्क विवरण साफ–साफ लिखे जाएं, ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे आयोग तक पहुंचा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में स्मार्ट राशन कार्ड की ई–केवाईसी सुनिश्चित करने के साथ–साथ नए राशन कार्ड बनाने का काम भी किया जाए ताकि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।   जसवीर सिंह सेखों ने पोषण संबंधी दिशा–निर्देशों की सख्ती से पालना करने के निर्देश देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों सहित सभी को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। उन्होंने आगे निर्देश दिया कि जिन मामलों में दूसरा बच्चा लड़की है, ऐसे मामलों में संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई के लिए तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करें, ताकि लाभार्थी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन में पौष्टिक सलाद का शामिल होना अनिवार्य है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय–समय पर भोजन के नमूनों की जांच भी की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूलों में जहां भी आवश्यकता हो, अतिरिक्त कमरे बनाए जाएं और ऐसे बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रवासी भारतीयों का सहयोग भी लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों और मौके पर की जाने वाली जांच भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी स्तर पर अधिनियम का उल्लंघन न हो सके। बैठक के दौरान इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान, डीएफएससी डॉ. रविंदर कौर, सिविल सर्जन डॉ. जसविंदर सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप गिल, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) शालू मेहरा, डीईओ (सेकेंडरी) संजीव कुमार, उप–डीईओ रविंदर पाल सिंह और हेडमास्टर जगमीत सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

भारत-साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज आज से शुरू, टीम इंडिया जीत के इरादे से उतरेगी मैदान में

नई दिल्ली  इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका तीन मैच की वनडे सीरीज का आगाज रविवार, 30 नवंबर से होने जा रहा है। IND vs SA ODI सीरीज का पहला मैच रांची के JCSA इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। टेस्ट सीरीज में 0-2 से क्लीन स्वीप होने के बाद भारत की नजरें वनडे सीरीज में मेहमानों से बदला लेने पर होगी। नियमित कप्तान शुभमन गिल के चोटिल होने की वजह से भारत इस सीरीज में केएल राहुल की अगुवाई में खेलेगा। वहीं फैंस रोहित शर्मा और विराट कोहली की जोड़ी को एक बार फिर मैदान पर देखने के लिए काफी एक्साइटेड है। आईए एक नजर भारत बनाम साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज से जुड़ी अहम जानकारियों पर डालते हैं- India vs South Africa ODI सीरीज का पहला मैच कब खेला जाएगा? IND vs SA ODI सीरीज का पहला मैच रविवार, 30 नवंबर को खेला जाएगा। इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज का पहला मैच कहां खेला जाएगा? India vs South Africa ODI सीरीज का पहला मैच रांची के JCSA इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। IND vs SA ODI सीरीज का पहला मैच कितने बजे शुरू होगा? इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज का पहला मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले यानी 1 बजे मैदान पर उतरेंगे। इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज का पहला मैच टीवी पर कैसे देखें लाइव? India vs South Africa ODI सीरीज के पहले मैच का लुत्फ आप स्टार स्पोर्ट्स के विभिन्न चैनलों पर अलग-अलग भाषाओं में उठा सकते हैं। IND vs SA ODI सीरीज का पहले मैच की लाइव स्ट्रीमिंग कहां होगी? इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज के पहले मैच की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग आप जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकते हैं। India vs South Africa ODI सीरीज के पहले मैच को फ्री में कैसे देखें लाइव? IND vs SA ODI सीरीज का पहले मैच को आप डीडी स्पोर्ट्स पर बिल्कुल फ्री में लाइव देख सकते हैं। IND vs SA ODI Squad इंडिया स्क्वॉड: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, केएल राहुल (C, wk), ऋषभ पंत (wk), वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, रुतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल साउथ अफ्रीका स्क्वॉड: टेम्बा बावुमा (C), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, डेवाल्ड ब्रेविस, नंद्रे बर्गर, क्विंटन डी कॉक, टोनी डी ज़ोरज़ी, रुबिन हरमन, केशव महाराज, मार्को जेनसेन, एडेन मार्करम, लुंगी एनगिडी, रयान रिकेल्टन, प्रेनेलन सुब्रयान

ऑफिस में तनाव-free रहने के लिए अपनाएँ ये आदतें

कभी न खत्म होने वाली काम की लिस्ट, हमेशा नई मांग करने वाला बॉस, वीकएंड में भी काम का बोझ, देर रात तक बॉस के मेल व मैसेज, हर वक्त डेडलाइन पूरा करने के लिए ईमेल में उभरते रिमाइंडर, क्या आपकी स्थिति भी कुछ ऐसी ही है? तो इस परेशानी से निजात पाने के लिए आप क्या करती हैं? लगातार तनाव में रहकर ज्यादा से ज्यादा काम करने की कोशिश करती हैं? लंच किए बिना काम करती रहती हैं? अगर आपका जवाब हां है तो आप गलत कर रही हैं। अगर आप इस समस्या का समाधान नहीं तलाशेंगी तो इससे आपकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इतना ही नहीं, इससे आपकी सेहत और निजी जीवन पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। समस्या को समझें इस समस्या का निदान तभी संभव है, जब आप यह समझ लें कि आपको मदद की जरूरत है। अगर आप मदद नहीं लेंगी तो इससे आपकी समस्या बढ़ती जाएगी। एक बार जब आप अपनी समस्या समझ जाएंगी तो उसके समाधान पर काम करेंगी। अगर आप काम के दबाव में दबती चली जाएंगी तो इससे आपको कई गंभीर निजी व प्रोफेशनल समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। बेहतर होगा कि इससे पहले कि परिस्थितियां आपको बदल दें, आप खुद ही परिस्थितियों को बदल दें। टाइम मैनेजमेंट भी जरूरी समय का सही मैनेजमेंट आपके काम को आसान बनाने के साथ आपकी उत्पादकता को बेहतर बनाने में भी कारगर साबित होगा। समय रहते, सही तरीके से काम को पूरा करने की आदत डालें। अपने सभी कामों की लिस्ट बनाएं और उसके बाद उनमें से जो काम सबसे ज्यादा जरूरी हैं, उनकी लिस्ट बनाएं। जब आप प्राथमिकता के अनुरूप काम करना सीख लेंगी तो धीरे-धीरे ऑफिस में आप पर काम का दबाव भी कम महसूस होने लगेगा। अपने ईमेल को भी बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखें। काम के दौरान थोड़ा समय निकालते हुए ईमेल के जवाब देने के साथ-साथ गैरजरूरी मेल को डिलीट करना कभी नहीं भूलें। देर तक ऑफिस में रुकने की गलती नहीं करें। एक टाइम पर एक ही काम निपटाएं। ज्यादा नहीं, स्मार्ट तरीके से करें काम मौजूदा वर्क कल्चर में ज्यादा मेहनत से नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीके से काम करके ही सफलता हासिल की जा सकती है। कुछ शॉर्टकट अपनाकर ऑफिस में आप अपना वक्त बचा सकती हैं। जैसे कि मोबाइल में ऑटोमैटिक रिस्पॉन्स मैसेज ऑन रखें। ऐसा करने से आपका समय भी बचेगा और आपको फोन करने वाले को समय रहते आपका जवाब भी मिल जाएगा। सारी जिम्मेदारी खुद पूरी करने की जगह काम को बांटना सीखें। मदद मांगने में हिचकिचाएं नहीं। टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल सीखें और अपने काम को आसान बनाएं। ब्रेक है जरूरी लगातार तनाव में काम करने से कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है और काम भी खराब होता है। लगातार काम करना किसी के लिए संभव नहीं है। नियमित अंतराल पर ऑफिस के काम से ब्रेक जरूर लें। इस दौरान थोड़ा टहल लें या फिर चाय-कॉफी पी लें। ब्रेक में भी तनाव की बातें नहीं करें, बल्कि कुछ ऐसा काम करें, जिससे आपका तनाव कम हो सके। डर का करें सामना अकसर हम सबसे अधिक मुश्किल काम को बाद के लिए छोड़ देते हैं और काम को टालने की इस आदत के कारण काम का बोझ बढ़ता चला जाता है। लंबे समय तक ऐसा करने से मन में यह डर घर करने लगता है कि मैं इस कार्य को करने के लिए सक्षम नहीं हूं। अपनी इस आदत को बदलें। मुश्किल काम को बाद के लिए टालने की जगह उसे जल्द-से-जल्द निपटाएं। व्यवहार रखें सकारात्मक दबाव व तनाव हर काम में होता है, लेकिन अगर आप इस वजह से अपना रवैया नकारात्मक कर लेंगी तो आपके लिए दिक्कतें बढ़ती ही चली जाएंगी। अपने बर्ताव व सोच को सकारात्मक रखें। काम को बोझ समझकर नहीं, बल्कि अपनी कार्यक्षमता व कुशलता को बढ़ाने का एक जरिया मानकर पूरा करें। हर मुश्किल काम को चुनौती की तरह लें और उस चुनौती को सकारात्मक रवैये के साथ पूरा करने की ठानें। ध्यान रखें ये बातें सभी काम के लिए हां कहना जरूरी नहीं है। अगर आप पर काम का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है और आप उसे पूरा कर पाने में सक्षम नहीं हैं तो बेझिझक होकर उस काम के लिए मना करें। तनाव लेकर कोई काम नहीं करें। तनाव काम को आसान बनाने की जगह मुश्किल बना देता है। अपने कंप्यूटर, लैपटॉप में सारी चीजें सुनियोजित तरीके से रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर कोई भी फाइल आपको आसानी से मिल जाए। ऑफिस में अपने काम के प्रति लापरवाही नहीं बरतें। आपकी थोड़ी भी लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है।  

इंजरी के बाद मजबूत वापसी, ऋतुराज गायकवाड़ बोले— ‘टीम इंडिया में लौटने का बेसब्री से इंतजार’

रांची ऋतुराज गायकवाड़ को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मुकाबलों की वनडे सीरीज में मौका दिया गया है। गायकवाड़ ब्लू जर्सी में वापस लौटकर काफी खुश हैं। वह इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम के लिए फिर से योगदान देने को लेकर उत्सुक हैं। ऋतुराज गायकवाड़ ने आखिरी बार 19 दिसंबर 2023 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच खेला था, जबकि 13 जुलाई 2024 को जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी बार टी20 फॉर्मेट में उतरे थे। कप्तान शुभमन गिल गर्दन में चोट की वजह से इस सीरीज में नहीं खेलेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर स्प्लीन इंजरी की वजह से इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में ऋतुराज गायकवाड़ को सीरीज में शामिल किया गया है। केएल राहुल को टीम की कमान सौंपी गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें गायकवाड़ ने कहा, “ब्लू जर्सी में वापस लौटकर अच्छा लगा। मुझे टीम इंडिया के लिए फिर से खेलने का इंतजार है।” भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने शुक्रवार को गायकवाड़ के वनडे टीम में शामिल होने के बारे में कहा था, “उनका यहां होना बहुत अच्छा है। वह पिछले कई वर्षों से एक क्वालिटी प्लेयर रहे हैं। अगर उन्हें यह मौका मिलता है, तो मुझे पूरा यकीन है कि वह देश को बहुत गर्व महसूस कराएंगे।” गायकवाड़ ने हाल ही में राजकोट में साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने 117, 68* और 25 रन की पारियां खेलीं। अय्यर नंबर-4 पर बल्लेबाजी के लिए दावा पेश कर सकते हैं, जबकि बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा और ऋषभ पंत इस पोजीशन के लिए सबसे आगे हैं। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 30 नवंबर को वनडे सीरीज का पहला मैच रांची में खेला जाएगा, जिसके बाद 3 दिसंबर को दूसरा मुकाबला रायपुर में आयोजित होगा। तीसरा मैच 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाना है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की वनडे टीम: रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, केएल राहुल, ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, ऋतुराज गायकवाड़, हर्षित राणा, ध्रुव जुरेल, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह।  

बिहार विधानसभा क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा, 5 दिनों तक धारा 163 प्रभावी

पटना पटना सदर सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने गुरुवार को शीतकालीन से पहले बिहार विधानसभा के आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत रोक लगा दी। 18वीं बिहार विधानसभा का पहला सेशन 1 से 5 दिसंबर तक चलेगा। ऑर्डर में, SDM गौरव कुमार ने कहा, "मुझे भरोसा है कि पांच दिन के सेशन के दौरान सेक्रेटेरिएट पुलिस स्टेशन की सीमा में आने वाले विधानसभा परिसर और उसके आसपास कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए BNSS की धारा 163 को लागू करना जरूरी है।" एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि यह ऑर्डर "अलग-अलग ऑर्गनाइज़ेशन, ग्रुप और पॉलिटिकल पार्टियों के प्रदर्शनों, रैलियों और प्रोटेस्ट की संभावना" को देखते हुए जारी किया गया था, जो "ऑफिशियल कार्रवाई में रुकावट डाल सकते हैं" या सेशन के दौरान शामिल होने या काम करने वाले ऑथराइज़्ड लोगों को "बाधा डाल सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं"। लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा ऑर्डर के मुताबिक, रिस्ट्रिक्टेड ज़ोन की उत्तरी सीमा पटना ज़ू के गेट नंबर 1 से नेहरू पथ और कोटवाली टी-पॉइंट होते हुए विश्वेश्वरैया भवन तक के हिस्से को कवर करती है। दक्षिण में, आर-ब्लॉक गोलंबर से रेलवे लाइन तक पाबंदियां लागू रहेंगी। पूर्वी तरफ, कोटवाली टी-पॉइंट से बुद्ध मार्ग तक का इलाका जो पटना GPO गोलंबर की ओर जाता है, रिस्ट्रिक्टेड किया गया है, जबकि पश्चिमी तरफ-चितकोहरा गोलंबर से वेटनरी कॉलेज तक-रोकथाम के ऑर्डर के तहत रहेगा। ऑर्डर में पांच या उससे ज़्यादा लोगों के गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, रैलियों, प्रोटेस्ट, धरने, घेराव, और हथियार, गोला-बारूद, एक्सप्लोसिव या धारदार हथियार, जिसमें कुल्हाड़ी, खंजर, भाले और चाकू शामिल हैं, ले जाने पर रोक है। बिना पहले से इजाजत के लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है।  

हरियाणा में खुशखबरी! इन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि पर मुहर, जल्द जारी होगा आदेश

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को लेकर अच्छी खबर आ रही है। वित्त विभाग के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी द्वारा अलग- अलग लेटर जारी किए गए हैं जिनमें बताया गया है कि जिन सीनियर कर्मचारियों को अपने कनिष्ठ (जूनियर) से कम वेतन मिल रहा है, उन्हें वेतन बढ़ोतरी की सौगात मिलेगी। यदि जूनियर कर्मचारी को किसी व्यक्तिगत कारण से ज्यादा वेतन प्राप्त हो रहा है, तो वरिष्ठ कर्मचारी के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।  प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन तथा एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) को कनिष्ठ कर्मचारियों के समान स्टेपिंग- अप (वेतन में बढ़ोतरी) करने तथा वित्तीय शक्तियां री- डेलीगेट करने को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीनियर कर्मचारी का वेतन जूनियर कर्मचारी के बराबर तभी स्टेपिंग- अप किया जा सकता है, जब सीनियर कर्मचारी एचसीएस (एसीपी) नियम-2016 के तहत एसीपी के पात्र हों। 

यात्रा पर निकलने से पहले सावधान! रेलवे ने 7 दिसंबर तक जारी किया बड़ा अपडेट

जालंधर  रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और राजस्व संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंडल में 7 दिसम्बर तक स्पैशल टिकट चैकिंग ड्राइव शुरू की गई है। डी.आर.एम. संजीव कुमार की अध्यक्षता में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान यात्रियों को जागरूक भी करेगा। इसी अभियान के पहले दिन जालंधर सिटी, जालंधर कैंट, ब्यास सहित मंडल के विभिन्न स्टेशनों, विभिन्न ट्रेनों में चैकिंग टीमों ने व्यापक जांच की। सहायक वाणिज्य प्रबंधक कुमार की अगुवाई में गठित टीमों ने जांच के दौरान 1494 यात्रियों को बिना टिकट/अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़ा। इन यात्रियों से रेलवे प्रशासन ने लगभग 10 लाख रुपए का जुर्माना वसूला, जिसे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। डी.आर.एम. संजीव कुमार ने कहा कि बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान शुरू हुआ है। इस अवधि में विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में आकस्मिक जांच कर ऐसे यात्रियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है जो बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं या नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की चैकिंग ड्राइव अत्यंत आवश्यक है। ऐसे अभियानों से न केवल रेलवे का राजस्व सुरक्षित रहता है, बल्कि यात्रियों में जागरूकता भी बढ़ती है। कई बार बिना टिकट यात्रा के कारण भीड़ बढ़ती है और वैध टिकटधारी यात्रियों को कोच में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इस दौरान रेलवे द्वारा यात्रियों को जागरूक भी किया जा रहा है।   एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर इस ड्राइव के दौरान बिना टिकट यात्रियों पर कार्रवाई होगी व अनियमित टिकट बनवाकर यात्रा करने वालों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इसी के अन्तर्गत एजैंटों पर भी रेलवे प्रशासन की पैनी नजर होगी। अधिकारियों ने बताया कि टिकट किस कोटे से बनाया गया? क्या टिकट किसी तत्काल एजैंट के माध्यम से जारी किया गया? क्या वरिष्ठ नागरिक कोटे या अन्य कोटे का दुरुपयोग हुआ? इन सभी पहलुओं की जांच विशेष टीमों द्वारा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी यात्री यदि गलत तरीके से कोटा का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मानव नहीं, रोबोट करेंगे चीन बॉर्डर पर ड्यूटी, AI टेक्नोलॉजी ने सीमाओं पर बदल दी तस्वीर

बीजिंग   टेक्नोलॉजी की दुनिया से बड़ी खबर सामने आ रही है. जरा सोचिए दो देशों के सीमा पर जहां अभी तक लंबी लाइनों में इंसानी स्टाफ यात्रियों को गाइड करते हैं वहीं काम अब रोबोट संभालेंगे! पड़ोसी मुल्क चीन ने अपने बॉर्डर क्रॉसिंग पर ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट्स का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है और अब दिसंबर से इनकी तैनाती भी शुरू कर देगा. यह कदम न सिर्फ यात्रा प्रक्रिया को तेज बनाएगा बल्कि बार्डर मैनेजमेंट में टेक्नोलॉजी की नई क्रांति का संकेत भी देता है. शेन्जेन स्थित कंपनी यूबीटेक रोबोटिक्स (UBTech Robotics) को इस प्रोजेक्ट के लिए करीब ₹308 करोड़ रुपये मिले हैं. कंपनी के वॉकर नाम के  ह्यूमनॉइड मॉडल्स का इस्तेमाल वियतनाम बॉर्डरके पास एक टेस्टिंग सुविधा में किया जाएगा. रोबोट क्या करेंगे? इस ट्रायल के तहत ये रोबोट्स को दिसंबर में तैनात कर दिया जाएगा. ये रोबोट्स कई बॉर्डर- कंट्रोल कार्यों में मदद करेंगे, जिनमें शामिल हैं- बॉर्डर पार करने वाले यात्रियों को सही दिशा दिखाना. लंबी लाइनों को व्यवस्थित करना. लॉजिस्टिक्स कामों को संभालना ये रोबोट पास की फैक्ट्रियों में गश्त भी कर सकते हैं. इन रोबोट्स की एक सबसे खास बात यह है कि ये अपनी बैटरी खुद बदल सकते हैं जिससे वे बिना रुके काम कर सकते हैं. लेकिन यह साफ नहीं है कि  ये रोबोट ऑनबोर्ड AI पर काम करेंगे या इन्हें रिमोट से कंट्रोल किया जाएगा. चीन का रोबोटिक्स पर जोर चीन का यह कदम सरकार के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत पब्लिक सर्वस में रोबोट्स को तेजी से तैनात किया जा रहा है. चीन ने रोबोटिक्स को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बना दिया है. एक कंसल्टेंसी के मुताबिक चीन का ह्यूमनॉइड बिजनेस 2025 तक CNY 82 बिलियन यानी करीब ₹95,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है जो ग्लोबल सेल का लगभग आधा होगा. जानकारों का मानना है कि प्रोडक्शन में वृद्धि हो सकती है लेकिन वास्तविक दुनिया में उनकी तैनाती अभी भी सीमित है. ड्रैगन का यह कदम बताता है कि चीन अपनी सीमाओं पर आधुनिकता लाने के लिए तकनीक का सहारा ले रहा है.