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पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने दामाखेड़ा आश्रम में धर्मगुरु प्रकाश मुनिनाम से की सौजन्य भेंट

धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर हुई चर्चा रायपुर, महान संत कबीर साहेब जी के पावन स्थल दामाखेड़ा आश्रम में संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रकाश मुनिनाम साहेब जी से सौजन्य भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान धार्मिक विषयों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक विषयों पर भी गहन चर्चा हुई।     कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, कैबिनेट मंत्री ओ पी चौधरी, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, किरण सिंह देव एवं कृष्णा राय भी उपस्थित थे। सभी ने संत कबीर एवं उनके उपदेशों की वर्तमान समाज में प्रासंगिकता के बारे में विचार साझा किए।    धर्मगुरु प्रकाश मुनिनाम साहेब जी ने कहा कि संत कबीर जी के संदेश आज भी अज्ञानता और भेदभाव मिटाने में हम सभी के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों की सराहना की। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि यहाँ आने से उन्हें आध्यात्मिक बल मिला है।     उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी कहा कि धार्मिक मेलजोल और सामाजिक समरसता के लिए ऐसे आश्रम और पावन स्थल महत्वपूर्ण हैं। कल्याणकारी योजनाओं में धर्म  और  संस्कृति का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ाने की दिशा में किए व्यापक प्रयास

निवेश मित्र के जरिए सेवाओं के डिजिटलीकरण से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने में मिली मदद लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'उद्यम प्रदेश' के रूप में परिवर्तित कर 'विकसित उत्तर प्रदेश' के विजन को साकार करने में जुटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। प्रशासनिक प्रणाली को अधिक दक्ष, तकनीक आधारित व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने व्यापक सुधारों को लागू किया है, जिनका सीधा लाभ निवेशकों व उद्यमियों को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू 4,675 प्रशासनिक सुधार, 2,500 व्यवसाय केंद्रित बदलाव तथा निवेश मित्र के माध्यम से सेवाओं का डिजिटलीकरण उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल और बाधारहित बनाने में सहायक सिद्ध हुए हैं। इसके साथ ही इंटेंट फाइलिंग, लेटर ऑफ अप्रूवल और अन्य अधिकतर नियामक प्रक्रियाएं अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो गई हैं। इससे निवेशकों को किसी भी भौतिक परेशानी या दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह सुधारमूलक दृष्टि प्रदेश को देश के सबसे निवेशक अनुकूल राज्यों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। डिजिटल नवाचार, पारदर्शी निर्धारण प्रक्रिया तथा प्रदर्शन आधारित प्रशासनिक संस्कृति ने प्रदेश को उद्योगों के लिए नई ऊर्जा व मजबूत आधार प्रदान किया है। व्यापक प्रशासनिक सुधारों से प्रक्रियाएं हुईं सरल और पारदर्शी निवेशकों को अनावश्यक सरकारी बाधाओं का सामना न करना पड़े, इस उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में व्यापक स्तर पर सुधार किए। कुल 4,675 सुधारों के माध्यम से मंजूरी, पंजीकरण और अनुपालन से जुड़ी जटिलताओं में प्रभावी कमी आई है। 2,500 व्यवसाय केंद्रित सुधारों ने उद्योग स्थापना को सहज और समय तथा लागत की दृष्टि से अधिक व्यवहारिक बनाया है। राज्य सरकार ने उपयोगकर्ता केंद्रित और भाषा सुगमता आधारित प्रणालियों को भी बढ़ावा दिया है, जिससे प्रक्रियाओं को समझना और पूरा करना निवेशकों के लिए और अधिक सुलभ हुआ है। यूपीसीडा में केपीआई आधारित कार्य संस्कृति लागू, निवेशकों के भरोसे में वृद्धि योगी सरकार की कार्यप्रणाली में जवाबदेही व प्रदर्शन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में की पॉइंट इंडिकेटर्स (केपीआई) आधारित पदोन्नति और मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है। इससे अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आवेदन प्रोसेसिंग की गति भी इसके परिणामस्वरूप बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में जहां 625 आवेदन प्रोसेस हुए थे, वहीं 2025-26 में आवेदन प्रोसेसिंग की संख्या बढ़कर 3,059 हो गई है। यह 389 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि है। निवेशकों की संतुष्टि दर भी 96.32 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि यूपीसीडा की सेवाएं समयबद्ध और निवेशक अनुकूल हैं। यह परिवर्तन बताता है कि योगी सरकार की निवेशक केंद्रित नीतियां प्रशासनिक ढांचे में प्रभावशाली बदलाव ला रही हैं। निवेश मित्र के जरिए सरल व पारदर्शी हुई प्रक्रिया निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित निवेश मित्र ने प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर सरल और पारदर्शी बनाने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रदेश में निवेश मित्र 2.0 क्रियान्वित है और जल्द ही निवेश मित्र 3.0 को लागू किए जाने की दिशा में कार्य जारी है। उल्लेखनीय है कि निवेश मित्र पोर्टल कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डैशबोर्ड पर कार्य करता है, जो रीयल टाइम डाटा विश्लेषण, विभिन्न रुझानों और निर्णयात्मक जानकारी को उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल में शिकायत निवारण की मजबूत प्रणाली है, जो व्हाट्सऐप, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से निवेशकों को निरंतर अपडेट भेजती है। कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म उपयोगकर्ता केंद्रित, गतिशील और भाषा अनुकूल है, जबकि केवाईए यानी नो योर अप्रूवल्स सुविधा निवेशकों को आवश्यक अनुमोदनों की संपूर्ण जानकारी प्रदान करती है। निवेश मित्र 3.0 के माध्यम से निवेशकों को जीआईएस आधारित लैंड बैंक तथा औद्योगिक भूखंडों की लाइव मैपिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे भौतिक जांच की आवश्यकता समाप्त होगी तथा नोडल एजेंसियों के साथ पारदर्शी समन्वय सुनिश्चित होगा। वर्तमान में, निवेश मित्र के जरिए 43 से अधिक विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं जिससे लाइसेंसिंग, अनुमोदन, प्रमाणन और अन्य सभी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो रही हैं।

भारत का अभेद्य किला तैयार: रणनीतिक ‘चिकन नेक’ में राफेल, ब्रह्मोस और S-400 की तैनाती

नई​ दिल्ली  भारत ने अपनी पूर्वी सीमा पर अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती शुरू कर दी है. सिलिगुड़ी कॉरिडोर, यानी 22 किलोमीटर चौड़ा वह क्षेत्र जिसे चिकन नेक कहते हैं, जिसके जरिए उत्तर-पूर्वी भारत के सात राज्य देश की मुख्य भूमि से जुड़े हैं, अब पूरी तरह अभेद्य किला बनने जा रहा है. इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में तीन नए मिलिट्री स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जो नई दिल्ली की सैन्य रणनीति में मूलभूत बदलाव का संकेत देते हैं. असम के धुबरी के पास लाचित बोरफुकन मिलिट्री स्टेशन स्थापित किया जा रहा है. वहीं बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में फॉरवर्ड बेस बनाए जा रहे हैं. चोपड़ा फारवर्ड बेस बांग्लादेश सीमा से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ये सिर्फ सैन्य अड्डे नहीं, रैपिड डिप्लॉयमेंट फोर्स, पैरा स्पेशल फोर्सेज, इंटेलिजेंस यूनिट और हाई-टेक सर्विलांस उपकरणों से लैस स्ट्रैटेजिक नोड हैं, जो किसी भी विपरीत परिस्थिति में 'सिलिगुड़ी कॉरिडोर' की सुरक्षा सनिश्चित करेंगे.   भारत के इस बड़े रणनीतिक कदम की असली वजह बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन है. शेख हसीना की भारत समर्थक सरकार की जगह मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम प्रशासन ने ले ली है, जिसकी विदेश नीति में भारत के मुकाबले चीन और पाकिस्तान को तरजीह दी जा रही है. रिपोर्ट्स की मानें तो बांग्लादेश 2.2 अरब डॉलर में चीन से J-10C फाइटर जेट खरीदने जा रहा है. ड्रोन बनाने में भी चीन से सहयोग ले रहा है. वहीं पाकिस्तान ने उसे JF-17 ब्लॉक-C थंडर जेट ऑफर किए हैं.  भारत ने रिएक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव रुख अपनाया बांग्लादेश के साथ लगने वाली सीमा भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है. बांग्लादेश का चीन और पाकिस्तान की ओर झुकाव भारत के लिए रणनीतिक लिहाज से अच्छा संकेत नहीं है. सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जो अपने सबसे संकरे बिंदु पर सिर्फ 22 किलोमीटर चौड़ा है, पूर्वोत्तर के 4.5 करोड़ से ज्यादा लोगों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. दुश्मन देश किसी विपरीत परिस्थिति में उत्तर-पूर्वी राज्यों को भारत की मुख्य भूमि से अलग-थलग करने के लिए इस महत्वपूर्ण संपर्क को निशाना बना सकते हैं. इसलिए अब भारत ने रिएक्टिव नहीं, प्रो-एक्टिव रुख अपनाया है. ये तीनों नए सैन्य अड्डे पूरे सिलि​गुड़ी कॉरिडोर को सिक्योरिटी कवरेज प्रदान करते हैं. पश्चिम बंगाल का चोपड़ा मिलिट्री स्टेशन बांग्लादेश की सीमा से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है. इन सैन्य ठिकानों से बांग्लादेश के अंदर तक निगरानी संभव है और किसी भी खतरे की स्थिति में भारत की सेनाएं  मिनटों में जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हो सकती हैं. भारत ने पूर्वी सीमा पर राफेल लड़ाकू विमानों, ब्रह्मोस मिसाइलों और S-400 जैसे अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती की है. बांग्लादेश के लिए, संदेश स्पष्ट है. भारत और उसके बीच सैन्य ताकत का अंतर बहुत बड़ा है. उसकी तरफ से कोई भी गलत कदम उठाया गया तो भारत का जवाब भयानक होगा. सिलिगुड़ी कॉरिडोर अब भारत की कमजोरी नहीं, बल्कि मजबूत स्ट्रेटेजिक एसेट बन चुका है. देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है.

सरकार ने जारी किया सोयाबीन का नया मॉडल रेट 4237 रुपये, भावांतर भुगतान में आएगी तेजी

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए  30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए और 29 नवंबर को 4240 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

मान सरकार ने दिया तोहफा: पात्र परिवारों को नए मकानों के निर्माण की हरी झंडी

चंडीगढ़/तरनतारन पंजाब की मान सरकार आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी सिलसिले में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने एक अहम कदम उठाते हुए पट्टी विधानसभा इलाके में 674 योग्य परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी लेटर सौंपे हैं। ये सिर्फ कागज के कुछ पन्ने नहीं हैं, ये इन परिवारों के लिए खुशियों का दरवाजा हैं, उनके बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं, और हर माता-पिता के सपने को पूरा करने की दिशा में पहला कदम हैं। एक ऐसा सपना जो उन्होंने सालों से संजोया हुआ है। यह पहल सिर्फ एक सरकारी स्कीम का हिस्सा नहीं है, बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो सालों से पक्के घर का सपना देख रहे हैं। कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को साफ निर्देश दिए हैं कि इन परिवारों को बिना किसी देरी, रुकावट या भेदभाव के स्कीम का फायदा मिले, यह पक्का किया जाए। यह फैसला सरकार की संवेदनशीलता और लोगों की भलाई के प्रति उसके वचनबद्धता को दिखाता है। इसी बात का लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है क्योंकि असली बदलाव तभी आता है जब सरकार मिलकर काम करती है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने चुनाव क्षेत्र पट्टी में 674 लाभार्थी परिवारों को नए घर बनाने के लिए मंजूरी पत्र जारी किए। इन लाभार्थी परिवारों में नगर परिषद पट्टी के तहत 237 परिवार और पट्टी विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के 437 परिवार शामिल हैं। सभा को संबोधित करते हुए, कैबिनेट मंत्री भुल्लर ने कहा कि शहरी इलाकों में लाभार्थी परिवारों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि ग्रामीण इलाकों में लाभार्थी परिवारों को MNREGA स्कीम के तहत घर बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये और मजदूरी के लिए 31,000 रुपये मिलेंगे, जिसमें बाथरूम बनाने के लिए 12,000 रुपये शामिल हैं। कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि पट्टी चुनाव क्षेत्र में हाल ही में आई बाढ़ के पानी से फसलों और घरों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार ने प्रभावित किसानों को उनकी खराब फसलों के लिए मुआवजा पहले ही जारी कर दिया है। 

प्रियंका चोपड़ा ने शेयर की मालती मैरी की प्यारी आवाज़, फैंस बोले– बिल्कुल मम्मी-पापा जैसी

लॉस एंजिल्स बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफर तय करने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने कैलिफोर्निया में अपने घर पर परिवार संग समय बिताया। मौका था थैंक्स गिविंग का। इस दौरान उनकी 3 साल की बेटी मालती मैरी ने भी जमकर इंजॉय किया। प्रियंका ने मालती का एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें वो अपनी मीठी आवाज में सुरीला सा गाना गा रही हैं। प्रियंका चोपड़ा का पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने दिखाया कि कैसे 'थैंक्स गिविंग' के मौके पर परिवार के साथ बैठकर डिनर किया। गुनगुनी धूप में घास पर लेटकर समय बिताया। पति निक जोनस और बेटी मालती मैरी संग खूब इंजॉय किया। प्रियंका ने शेयर किया मालती का वीडियो इस वीडियो में मालती को गुनगुनाते हुए देखा जा सकता है। वो अपनी प्यारी सी आवाज में सुर भी लगा रही हैं। फैंस का कहना है कि वो अपने पापा और मम्मी के नक्शे कदम पर चल रही हैं। मालूम हो कि मालती का जन्म जनवरी 2022 में सरोगेसी के जरिए हुआ था। प्रियंका ने मां मधु चोपड़ा और पति का भी वीडियो किया शेयर फिल्मों की बात करें तो प्रियंका को एसएस राजामौली की फिल्म 'वाराणसी' में महेश बाबू के साथ देखा जाएगा। वो इस तेलुगू मूवी में मंदाकिनी के किरदार में नजर आएंगी। ये फिल्म साल 2027 में रिलीज होगी। इस मूवी से प्रियंका भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में फिर से कमबैक कर रही हैं। इसके अलावा उनके पास 'द ब्लफ' और 'जजमेंट डे' भी है। ये दोनों हॉलीवुड की फिल्में हैं।

प्रदूषण संकट से निपटने को तैयार दिल्ली, CM रेखा गुप्ता ने तेज किया एक्शन प्लान

नई दिल्ली  दिल्ली में वायु प्रदूषण, विशेष रूप से धूल के कणों से होने वाला प्रदूषण, एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक्टिव हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) अब बड़े पैमाने पर मिस्ट स्प्रे तकनीक को अपना रहा है। विभाग ने 13 प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है, जहां 305 बिजली के खंभों पर ये सिस्टम लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य इन अति-प्रदूषित क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार करना है। तकनीक और क्रियान्वयन की स्थिति यह मिस्ट स्प्रे सिस्टम पानी को बेहद बारीक कणों में तोड़कर स्प्रे करता है। अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक खंभों के आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को कम करने में प्रभावी साबित हुई है, जिसका सफलतापूर्वक उपयोग नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा पहले भी किया जा चुका है। PWD ने इस प्रोजेक्ट के लिए स्थानों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है, और टेंडर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।   जिन हॉटस्पॉट पर यह सिस्टम लगाया जाएगा, उनमें द्वारका, जनकपुरी, नरेला, अशोक विहार, विवेक विहार, मुंडका, रोहिणी, वज़ीरपुर, ओखला, बवाना, आनंद विहार, पंजाबी बाग वेस्ट और आरके पुरम शामिल हैं। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं। सर्दियों से पहले मिलेगी राहत की उम्मीद चूंकि दिल्ली में सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर हर साल बढ़ जाता है, इसलिए PWD की यह पहल समय पर राहत देने की उम्मीद जगाती है। सिस्टम को लगाने के लिए विभिन्न हॉटस्पॉट के आसपास आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिनमें पेड़ों की छंटाई भी शामिल है। यह अनुमान है कि यह मिस्ट स्प्रे फैसिलिटी अगले 15 से 20 दिनों में पूरी तरह से चालू हो जाएगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण से लड़ने में एक और टूल मिल जाएगा।

भोपाल के वरिष्ठ बीजेपी नेता और समाजसेवी सतीश नायक के निधन से पार्टी में शोक की लहर

भोपाल  मध्यप्रदेश के भोपाल में वरिष्ठ भाजपा नेता और समाजसेवी सतीश नायक के निधन से पार्टी और उनके समर्थकों में शोक की लहर है। सतीश नायक लंबे समय से भोपाल की राजनीति में सक्रिय थे और जनसेवा के कार्यों में भी अग्रणी रहे थे। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय वर्ष शिक्षित थे और वर्तमान में झरनेश्वर सहकारी बैंक के निदेशक के रूप में दायित्व निभा रहे थे। सतीश नायक के निधन पर पूर्व मंत्री ने जताया दुख सतीश नायक के निधन की खबर सुनकर पूर्व मंत्री और भोपाल संभागीय क्रिकेट संघ के अध्यक्ष ध्रुव नारायण सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "भाजपा भोपाल के वरिष्ठ नेता और मेरे स्नेही मित्र सतीश नायक जी के देवलोक गमन का समाचार अत्यंत दुखदाई है। ईश्वर उन्हें सदगति प्रदान करें और उनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति दे।"   भाजपा में शोक की लहर सतीश नायक के निधन से भोपाल भाजपा में शोक की लहर है। भाजपा और संघ परिवार से जुड़े पदाधिकारियों ने नायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने सतीश नायक को एक समर्पित कार्यकर्ता, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और संगठन के सजग कर्मयोगी के रूप में याद किया है। सतीश नायक पूर्व के प्रतिनिधि थे और आज उनके परिजनों ने नम आंखों से भोपाल में उनका अंतिम संस्कार किया। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता विश्राम घाट पहुंचे।

विश्वरंग में उत्तर-रंग का भव्य आयोजन: लोकमाता अहिल्या से सतवाणी सुरो तक – उत्तर रंग में सजी संस्कृति की संथ्या

भोपाल विश्वरंग 2025 के अंतर्गत चौथे दिन “उत्तर-रंग” कार्यक्रम के अंतर्गत रवीन्द्र भवन परिसर में विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत और रंगकर्म की दो उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। संध्या का आरंभ सातवानी गायन से हुआ और समापन लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर आधारित भव्य महानाट्य *“अहिल्या रूपेण संस्थिता”* के मंचन के साथ हुआ। शाम के सत्र में राजीव सिंह एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत सातवानी गायन ने श्रोताओं को सूफियाना और लोक रंग में डुबो दिया। गायन की शुरुआत बंदिश *“सांसों की माला…”* से हुई, जिसके बाद *“मन लागो मेरो यार फकीरी में…”, “काहे को ब्याही विदेश…”, “जुगनी कहती या…”* तथा बंदिश *“दुनिया में बादशाह है वो भी है आदमी मुफलिसो…”* जैसी भावपूर्ण रचनाओं ने सभागार को सुरों से सराबोर कर दिया। मुख्य गायन राजीव सिंह ने किया, जिनके साथ अमन मलक और रोहित वानखेड़े स्वर-संगति में रहे। सारंगी पर हनीफ हुसैन, ढोलक पर तनिष्क ठाकुर, तबले पर शाहनवाज, ऑक्टोपैड पर इकबाल खान तथा कीबोर्ड पर शहीद मासूम ने संगत देकर प्रस्तुति को सजीव और प्रभावशाली बनाया। रवीन्द्र भवन सभागार में हुआ महानाट्य अहिल्याबाई होलकर का मंचन   लोकमाता अहिल्याबाई होलकर पर रविवार को रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में महानाट्य अहिल्याबाई होलकर जीवन, अवदान और वैभव का गान मंचित हुआ। प्रजावत्सला, न्यायनिष्ठा और सुशासन की प्रेरक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर केन्द्रित इस महानाट्य का निर्देशन प्रियंका शक्ति ठाकुर ने किया जिसका लेखन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. साधना बलवटे ने किया। विश्वरंग के अंतर्गत आयोजित इस नाटक में कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन दर्शन को बड़ी ही खूबसूरती से मंच पर प्रस्तुत किया। लगभग 120 मिनट अवधि वाली इस प्रस्तुति में लगभग 30 कलाकारों ने अलग-अलग दृश्यों में प्रस्तुति को संजोया और अहिल्याबाई के विविध पक्षों को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया।  80 कलाकारों ने दी प्रस्तुति  महानाट्य में कुल 80 कलाकारों ने लगभग 2 घंटे में 18वी सदी की नायिका लोकमाता अहिल्याबाई की जीवन यात्रा, उनकी न्याय व्यवस्था, सुशासन सहित उनके शौर्य और पराक्रम से जुड़े कार्यों को अपने अभिनय के माध्यम से बहुत ही सधे हुए अंदाज में मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों के अभिनय को लाइट एंड साउंड शो के तालमेल ने और अत्यधिक प्रभावी बनाया। खास बात यह है कि इस नाटक में निर्देशक प्रियंका शक्ति ठाकुर खुद अहिल्याबाई के किरदार में दिखाई दीं।  इन कार्यों को अभिनय से किया जीवंत  प्रस्तुति में कलाकारों ने कुल 24 दृश्यों के माध्यम से  लोकमाता अहिल्याबाई के राजनीतिक, सामाजिक तथा धार्मिक कार्यों को भी मंच पर जीवंत किया गया। छोटी अहिल्या की आस्था से सराबोर शिव-भक्ति, मल्हारराव होलकर द्वारा बहू अहिल्या की प्रशासन में सहभागिता, अहिल्या की न्यायशीलता अहिल्या का वीरांगना का रूप, अहिल्या का लोकमाता का स्वरूप, देवी अहिल्याबाई द्वारा समाज उत्थान, आर्थिक विकास और मंदिरों का जीर्णोद्धार, घाटों का निर्माण, अन्न क्षेत्र और प्याऊ के संपूर्ण व्यवस्था आदि उनके प्रमुख और स्मरणीय कार्य हैं। इन सभी पक्षों को एक-एक के बाद कलाकारों ने मंच पर जीवंत किया।  बचपन से लेकर अंतिम क्षणों तक के दृश्य दिखाये महानाट्य में कलाकारों ने अहिल्याबाई के बचपन से लेकर समाज सेवा के कार्य में सक्रिय, युद्ध कौशल में निपुण, परिवार को साथ लेकर चलने तथा राज्य संचालन में कुशल अहिल्या की कहानी को प्रदर्शित किया। महानाट्य में दिखाया गया कि किस तरह से अहिल्या महाराष्ट्र में जन्म के पश्चात विवाह उपरांत होलकर राज्य पहुंची और समय के साथ-साथ परिवार पर आई तमाम चुनौतियों के बावजूद उनका संबल नहीं टूटा। उन्होंने भगवान शिव को अपना आराध्य मानते हुए उनकी इच्छानुसार पूरे राज्य के संचालन का जिम्मा लिया। कुछ इसी तरह के प्रसंगों के साथ महानाट्य आगे बढ़ता है और अपने अंतिम पड़ाव तक पहुंचता है जहां लोग अहिल्याबाई के कार्यों, कुशलता और न्यायप्रियता के लिए उन्हें लोकमाता की संज्ञा देते हैं।

हरियाणा पवेलियन का कमाल! अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मिला स्वच्छ मंडप का गोल्ड सम्मान

चंडीगढ़ नई दिल्ली के भारत मंडपम में चले अंतरराष्ट्रीय व्यापार – मेले-2025 में हरियाणा को स्वच्छ मंडप में गोल्ड मेडल मिला है। व्यापार मेले में अलग-अलग श्रेणियों में मेडल दिए गए थे, इसमें हरियाणा प्रदेश के पवेलियन ने स्वच्छ मंडप में बाजी मारी है। मंडप के निदेशक अनिल चौधरी ने बताया कि 14 से 27 नवंबर तक चले इस 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हरियाणा पवेलियन लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पवेलियन में हरियाणवी संस्कृति, निरंतर जारी इनोवेशन और प्रदेश के विकास की झलक देखने को मिल रही थी। मेले के समापन के उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया था, इसमें हरियाणा पवेलियन ने स्वच्छ मंडप में गोल्ड मेडल जीता है। हरियाणा पवेलियन में अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इसमें 11 कारीगरों और स्वयं सहायता समूह ने स्टॉल लगाए थे जबकि 22 एमएसएमई ने अपने स्टॉल लगाए थे। ये भी खरीदारों के आकर्षण का केंद्र रहे। हरियाणा पवेलियन एक भारत-श्रेष्ठ भारत के थीम पर बनाया गया था। पवेलियन में सूरजकुंड मेला और गीता जयंती को दर्शाया गया था। लोगों ने पवेलियन में जमकर सेल्फी व फोटो क्लिक की और हरियाणा को जाना।