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एयरपोर्ट चार्ज होगा महंगा: दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी

नई दिल्ली दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरना अब यात्रियों के लिए काफी महंगा साबित हो सकता है। दोनों प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यूजर चार्जेस में 22 गुना तक की भारी बढ़ोतरी की आशंका है। यह स्थिति टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एंड अपीलेट ट्रिब्यूनल (TDSAT) के हालिया आदेश के बाद बनी है, जिसमें 2009 से 2014 की अवधि के लिए टैरिफ गणना का तरीका बदल दिया गया है। नई गणना के अनुसार, इन पांच वर्षों में एयरपोर्ट ऑपरेटरों को 50,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ। अब यह नुकसान यात्रियों से वसूले जाने वाले चार्जेज जैसे UDF, लैंडिंग और पार्किंग फीस के जरिए पूरा किया जा सकता है। इससे हवाई किराए पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा और टिकटों की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इस फैसले के खिलाफ AERA, घरेलू एयरलाइंस और लुफ्थांसा, एयर फ्रांस और गल्फ एयर जैसी विदेशी एयरलाइंस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, सुनवाई बुधवार को होगी। सूत्रों के मुताबिक, आदेश लागू होने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों से वसूला जाने वाला यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) 129 रुपए से बढ़कर 1,261 रुपए हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह फीस 650 रुपए से बढ़कर 6,356 रुपए तक जा सकती है। मुंबई एयरपोर्ट में भी तस्वीर बेहद चिंताजनक है- घरेलू यात्रियों की UDF 175 रुपए से बढ़कर 3,856 रुपए, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की फीस 615 रुपए से बढ़कर 13,495 रुपए तक पहुंच सकती है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी से यात्रियों की संख्या पर गंभीर असर पड़ेगा। एक अधिकारी के अनुसार, “एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस के बीच कानूनी विवादों का खामियाजा यात्रियों को नहीं भुगतना चाहिए।” विवाद की जड़ क्या है? यह विवाद करीब दो दशक पुराना है। 2006 में एयरपोर्ट्स के निजीकरण के दौरान एसेट्स के मूल्यांकन से जुड़े कई बिंदुओं पर विवाद शुरू हुआ था। AERA हर पांच साल में एयरपोर्ट टैरिफ तय करता है, जिसमें ऑपरेटर के निवेश और कमाई को आधार माना जाता है लेकिन AERA का गठन 2009 में हुआ, जबकि दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट की जिम्मेदारी उससे तीन साल पहले DIAL (GMR समूह) और MIAL (तब GVK, अब अडानी समूह) को सौंप दी गई थी। उस समय उपलब्ध एसेट्स का डेटा विश्वसनीय नहीं था। इसलिए सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच Hypothetical Regulatory Asset Base (HRAB) पर सहमति बनी, जो संपत्ति का काल्पनिक मूल्य निर्धारित करता है ताकि टैरिफ तय किया जा सके। किस मुद्दे पर टकराव? FY09–14 की टैरिफ गणना में AERA ने केवल एरोनॉटिकल एसेट्स—जैसे रनवे, टर्मिनल, चेक-इन काउंटर—को शामिल किया लेकिन ऑपरेटर DIAL और MIAL का कहना था कि नॉन-एरोनॉटिकल एसेट्स, जैसे ड्यूटी फ्री दुकानें, लाउंज और पार्किंग, का मूल्य भी शामिल होना चाहिए। AERA के इस फैसले को 2018 में TDSAT और 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया था। बाद में ऑपरेटरों ने मंत्रालय की 2011 की चिट्ठी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार का आवेदन दिया। कोर्ट ने मामला फिर से TDSAT को भेज दिया। TDSAT का पलटा हुआ आदेश जुलाई में TDSAT ने अपना पुराना फैसला बदलते हुए ऑपरेटरों के पक्ष में निर्णय दिया और कहा कि टैरिफ निर्धारण में नॉन-एरोनॉटिकल एसेट्स को भी शामिल किया जाना चाहिए। इसके आधार पर अनुमान लगाया गया कि दोनों एयरपोर्ट्स को FY09–14 के दौरान 50,000 करोड़ रुपए अधिक कमाने चाहिए थे, जिसकी भरपाई अब UDF बढ़ाकर की जा सकती है। भले ही मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है लेकिन एयरपोर्ट शुल्कों में तेजी से बढ़ोतरी संसद में भी चिंता का विषय रही है। एक संसदीय समिति ने इस साल की शुरुआत में मंत्रालय को तलब कर कहा था कि निजीकरण के बाद एयरपोर्ट चार्जेज कई गुना बढ़े हैं, जिससे यात्रियों पर भारी बोझ पड़ रहा है।

दिसंबर की दस्तक के साथ झारखंड में ठंड तेज, तीन दिन बाद चलेगी शीतलहर

रांची झारखंड में दिसंबर की शुरुआत होते ही कड़ाके की ठंड ने लोगों की रफ्तार पकड़ ली है। रांची, पलामू, लोहरदगा, खूंटी और लातेहार जैसे जिलों में बर्फीली हवाएं हड्डियां जमा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज न्यूनतम तापमान 10-13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि अधिकतम 24-27 डिग्री तक पहुंचा। इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम पारा 16 डिग्री तक दर्ज हुआ, लेकिन ठंडी हवाओं ने सुबह-शाम कंपकंपी बढ़ा दी। रांची के मैक्लुस्कीगंज और कांके में पारा 5 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से रातें और ज्यादा ठंडी होंगी। पिछले 24 घंटे में चाईबासा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री रहा, जबकि गुमला का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में हल्की गर्माहट महसूस हुई, लेकिन हवा की ठंडक ने स्वेटर पहनना लोगों की मजबूर कर दिया है। रांची, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, गुमला और पलामू में न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री पर अटका रहा, जिससे इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा। हिमालयी प्रभाव से राज्य में शुष्क मौसम बना हुआ है, कोई बारिश की संभावना नहीं। सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 और 5 दिसंबर को कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। जिन जगहों पर पारा 4 से 5 डिग्री तक पहुंचेगा, वहां पाला पड़ने की आशंका भी है। सुबह घना कोहरा और धुंध छाएगी, द्दश्यता बेहद कम हो जाएगी। न्यूनतम तापमान 4-8 डिग्री तक गिर सकता है, तेज बर्फीली हवाएं चलेंगी। रांची सहित कई जिलों में अगले चार दिनों तक ठंड और कोहरे का दौर रहेगा। किसानों को फसलों को पाला और ठंड से बचाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा कि मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन ठंड बढ़ने से नुकसान हो सकता है। आम लोगों से अपील है कि सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें। वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी बरतने को कहा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए गर्म भोजन करने की आवश्यकता बताया है।  

छत्तीसगढ़ में 49 हजार राशन कार्ड रद्द होने की तैयारी, जल्द कराएं e-KYC नहीं तो बंद होगा मुफ्त राशन

रायपुर छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड धारकों को बड़ा झटका लग सकता है. राज्य की सरकार इनके राशनकार्ड निरस्त कर सकती है. इसकी वजह है इन कार्ड का e-KYC नहीं होना. सत्यापन नहीं होने की वजह से ही राशनकार्ड कैंसिल किये जाने की आशंका जाहिर की जा रही है. अगर आपके अपने राशन कार्ड का e-KYC नहीं कराया है, तो आपका कार्ड रद्द हो सकता है. इस जिले में 49 हजार राशन कार्ड होंगे रद्द मिली जानकारी के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रचलित कुल 222996 राशनकार्डों में कुल 674767 हितग्राही है. जिला खाद्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें से कुल 49 हजार हितग्राहियों का e-KYC किया जाना शेष है. इस संबंध में समस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से ईकेवायसी किया जाना है. e-KYC के लिए 5 दिसंबर तक दिया समय अतः जिले के समस्त राशनकार्ड हितग्राहियों से अनुरोध है कि अपने नजदीकी शासकीय उचित मूल्य दुकान से सम्पर्क कर अपना E-KYC अनिवार्य रूप से करावें. 05 दिसम्बर 2025 तक जिन राशनकार्ड हितग्राहियों का E-KYC नहीं होने से राशनकार्ड निरस्त होने की संभावना बनी हुई है. e-KYC की जरूरी क्यों? राज्य सरकार ने e-KYC अनिवार्य करने का निर्णय पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी राशनकार्ड रोकने के उद्देश्य से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि e-KYC न केवल लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करता है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार और योजना लाभों की सही डिलीवरी सुनिश्चित करता है. विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर e-KYC न कराने पर राशन वितरण बाधित हो सकता है और लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में समस्या आ सकती है. इसलिए अधिकारियों ने सभी हितग्राहियों से तत्काल दस्तावेज अपडेट करने का अनुरोध किया है.

फॉरेन में पासपोर्ट गायब? जानें इंडियन ट्रैवलर्स के लिए सबसे आसान रिटर्न रास्ता

विदेश में अपने पासपोर्ट का खो जाना किसी ट्रैवलर के लिए सबसे डरावना अनुभव हो सकता है। आपकी पूरी यात्रा संकट में पड़ सकती है और तनाव का स्तर बढ़ सकता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं—यदि आप सही स्टेप्स फॉलो करें, तो यह परेशानी जल्दी हल हो सकती है। तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएं जैसे ही आपको पता चले कि आपका पासपोर्ट खो गया है या चोरी हो गया है, तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएँ। पुलिस रिपोर्ट आपको लीगल सुरक्षा और आधिकारिक प्रमाण देती है कि आपका पासपोर्ट गुम या चोरी हो चुका है। इस रिपोर्ट की कॉपी आगे की हर प्रक्रिया में जरूरी होगी। इंडियन एंबेसी या हाई कमीशन से संपर्क करें पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद नज़दीकी इंडियन एंबेसी या हाई कमीशन से संपर्क करें। यही संस्था विदेश में आपकी पहचान को वैरीफाई कर सकती है और आपको भारत वापस लौटने में मदद कर सकती है। इमरजेंसी सर्टिफिकेट: देश वापसी का सबसे तेज़ रास्ता अगर समय बहुत कम है और आपको जल्दी से इंडिया लौटना है, तो एंबेसी इमरजेंसी सर्टिफिकेट (EC) जारी कर सकती है। यह एक बार का ट्रेवल डॉक्यूमेंट होता है और पासपोर्ट की जगह नहीं लेता, लेकिन सीधे भारत लौटने का सबसे तेज़ तरीका है। इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए आपको चाहिए: पुलिस रिपोर्ट आधार कार्ड या पैन कार्ड पासपोर्ट फोटो एप्लीकेशन फीस टेंपरेरी पासपोर्ट: यात्रा जारी रखने का विकल्प यदि आपकी ट्रिप अभी खत्म नहीं हुई और आप यात्रा जारी रखना चाहते हैं, तो एंबेसी टेंपरेरी पासपोर्ट भी जारी कर सकती है। इसमें इमरजेंसी सर्टिफिकेट से अधिक समय लगता है क्योंकि आपकी पहचान की अधिक विस्तृत जांच की जाती है। फ्लाइट बुकिंग और इमीग्रेशन इमरजेंसी सर्टिफिकेट मिलने के बाद आप फ्लाइट बुक कर सकते हैं। एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन अधिकारियों द्वारा EC और पुलिस रिपोर्ट की क्रॉस‑वेरिफिकेशन की जाएगी। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि आप सुरक्षित और कानूनी रूप से अपने देश लौट सकें। एक्सपर्ट टिप्स: डिजिटल और फिजिकल कॉपी साथ रखें हमेशा अपने पासपोर्ट की फोटोकॉपी साथ रखें। या पासपोर्ट की डिजिटल कॉपी ईमेल या क्लाउड स्टोरेज में सेव करें। यह छोटी तैयारी एंबेसी वेरिफिकेशन और इमरजेंसी सिचुएशन में आपकी मदद कर सकती है।  

सर्दी ने पकड़ी रफ्तार: अमृतसर में तापमान गिरेगा, जानें अगले 10 दिनों का मौसम ट्रेंड

अमृतसर गुरु नगरी में दिसंबर की दस्तक के साथ ही ठंड अपना असर दिखाने लगी है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले 7 से 10 दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज होगी। दिन का अधिकतम तापमान जहां 20-22 डिग्री सैल्सियस के आस-पास रहेगा, वहीं रात का पारा 6-7 डिग्री तक लुढ़कने की संभावना है। रात व सुबह की ठिठुरन आम दिनों की तुलना में और तेज महसूस होगी। शहर में अधिकतम तापमान लगभग 23 डिग्री व न्यूनतम 6 डिग्री दर्ज हुआ। दिन यहां धूप भी निकलती रही, वहीं हलके काले बादल छाये रहे व ठंडी हवाएं चलती रहीं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, रातें लगातार ठंडी होती जाएंगी और दिसंबर की शुरुआत में गर्म कपड़ों की जरूरत बढ़ जाएगी। आसमान ज्यादातर साफ रहने की उम्मीद है, हालांकि हल्की धुंध और सर्द हवाएं सुबह-शाम चल सकती हैं। बदलते मौसम के चलते चिकित्सा विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़ों का उपयोग करना जरूरी बताया गया है। धूप के समय तापमान थोड़ा राहत देता है, लेकिन सूरज ढलते ही ठंड फिर अपना जोर दिखा देती है। बदलते मौसम में रखें खुद का ख्याल आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। दिसंबर की शुरुआत अमृतसर के लिए इस बार सामान्य से ज्यादा ठंडी रहने वाली है। जिससे बदलते मौसम में खुद का ध्यान रखे सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, धूप निकलने पर थोड़ी देर धूप सेकें, रात में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखें,सर्द हवाओं से बचने के लिए टोपी, मफलर और जैकेट का प्रयोग करें।  

भारत की नई दवा ने बढ़ाई उम्मीदें, कैंसर उपचार होगा और भी प्रभावी

नई दिल्ली लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम बढ़ा दिया है। डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं अब काफी आम हो गई हैं। कैंसर के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार दुनियाभर में कैंसर से लगभग 9.7 मिलियन (97 लाख) मौतें हुईं। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि साल 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 18.2 मिलियन (1.82 करोड़) होने का अनुमान है। अध्ययनों से पता चलता है कि कैंसर से होने वाली लगभग एक-तिहाई मौतें तंबाकू-शराब के सेवन, हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण होती हैं। 2022 में फेफड़े, ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर के कारण सबसे ज्यादा मौतें हुईं। एक-दो दशकों पहले की तुलना में मेडिकल साइंस में हुई प्रगति और आधुनिक उपचार विधियों ने कैंसर के इलाज को काफी आसान बना दिया है। इसी क्रम में दवा बनाने वाली कंपनी ल्यूपिन को इलाज के लिए असदार मानी जानी वाली दवा के लिए मंजूरी मिल गई है। इससे कैंसर के इलाज की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। कैंसर की दवा को मिली मंजूरी दवा बनाने वाली कंपनी ल्यूपिन ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) को बताया कि उसे कैंसर के मरीजों में न्यूट्रोपेनिया के इलाज की बायोसिमिलर दवा के लिए यूएस हेल्थ रेगुलेटर से मंज़ूरी मिल गई है। मुंबई स्थित इस कंपनी ने एक बयान में कहा कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने आर्मलुपेग (पेगफिलग्रास्टिम-उन्ने) 6 mg/0.6 mL इंजेक्शन को मंजूरी दे दी है। न्यूलास्टा (पेगफिलग्रास्टिम) इंजेक्शन के बायोसिमिलर के तौर पर इस सिंगल-डोज प्रीफिल्ड सिरिंज से कैंसर के इलाज में मदद मिलने की उम्मीद है। कैंसर का इलाज होगा सस्ता और आसान ल्यूपिन की सीईओ विनीता गुप्ता ने कहा, "यह कदम मरीजों को ज्यादी सस्ती और आसानी से मिलने वाली दवाएं देने के ल्यूपिन के उद्देश्य की दिशा में एक अहम कदम है। हम अगले कुछ वर्षों में बायोसिमिलर का एक मजबूत पोर्टफोलियो लाने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे मरीजो की देखभाल की क्वालिटी बेहतर करने में मदद मिलेगी।  

शहरों की विकास योजनाएं फोकस में: 11 दिसंबर को सरकार लेगी बड़ा रिव्यू

चंडीगढ़  हरियाणा के शहरों की विकास योजनाओं, सफाई व्यवस्था और अधूरी पड़ी परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह सख्त हो गई है। इसी क्रम में 11 दिसंबर को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्य के सभी नगर निगमों एवं नगर परिषदों को अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट लेकर उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। बैठक को लेकर पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि अब केवल कागज़ी प्रगति नहीं, बल्कि जमीन पर हुए कार्यों की स्थिति बतानी होगी। जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि सभी संबंधित विभाग और अधिकारी अपनी शाखाओं से संबंधित प्रस्तुति 10 दिसंबर सुबह 11 बजे तक जमा करें। निर्धारित समय में रिपोर्ट न देने पर विभागीय रिकॉर्ड में ‘प्रस्तुति उपलब्ध नहीं’ लिख दिया जाएगा। इसका मकसद वर्षों से चल रही ढिलाई पर पूर्ण विराम लगाना है। बैठक में कई महत्वपूर्ण और पुराने लंबित मुद्दों पर सीधे समीक्षा होगी और विभागीय जवाब मांगा जाएगा। स्मार्ट रोड योजना के तहत सभी शहरों में सड़कों की पहचान और कार्य प्रगति पर बैठक में विस्तार से चर्चा होगी। इन मुद्दों पर ली जाएगी रिपोर्ट     स्वामित्व योजना के लंबित मामलों का निपटारा     सफाई व्यवस्था, कचरा निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन     अवैध विज्ञापनों पर नियंत्रण और नई व्यवस्था     नगर निगमों की संपत्तियों का उपयोग, किराया वसूली और राजस्व प्रबंधन     आवारा पशुओं पर नियंत्रण और जल निकासी व्यवस्था     स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम और गंदे पानी की निकासी     शहरों में पुस्तकालय, सामुदायिक भवनों और सार्वजनिक स्थलों का विकास     निगमों में फील्ड विजिट अनिवार्य करना ताकि जमीनी हकीकत का पता लगे     नगर निकायों में तैनात मशीनों और कर्मचारियों की कमी, निगरानी व्यवस्था, नागरिक शिकायतों की स्थिति और पारदर्शी टैगिंग प्रणाली पर भी सवाल उठेंगे। स्वच्छता और प्रदूषण पर विशेष निगरानी हरियाणा स्वच्छता अभियान 2025 के तहत शहरों को साफ-सुथरा बनाने की योजना बैठक का प्रमुख मुद्दा होगा। गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स हटाने, कचरा संग्रहण वाहनों की संख्या, ठोस कचरा प्रबंधन इकाइयों और गंदगी से जुड़े नागरिक शिकायतों पर विभाग की कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसी तरह वायु प्रदूषण को लेकर एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) लागू करने, एंटी धुंध तोपों की व्यवस्था, पानी का छिड़काव और ईंधन से चलने वाले वाहनों पर नियंत्रण की दिशा में भी कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अधिकारियों का फील्ड विजिट अनिवार्य सरकार की ओर से निकायों को जारी किए गए मीटिंग नोटिस के अनुसार, अधिकारियों को केवल दफ्तर में बैठकर फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करने, बल्कि नियमित फील्ड विज़िट करने का आदेश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट में यह साफ लिखा जाए कि कब कौन-सा क्षेत्र निरीक्षण किया गया और मौके पर क्या स्थिति मिली। अब सीधे कार्रवाई की तैयारी नोटिसों की भाषा और एजेंडा दोनों यह संदेश दे रहे हैं कि अब पुरानी प्रणाली नहीं चलेगी। बैठक के बाद काम में देरी, योजनाओं को अधर में छोड़ने और बार-बार एक जैसे बहाने देने वाले अधिकारी सीधे जवाबदेही के दायरे में आएंगे। हरियाणा सरकार की ओर से यह साफ संकेत है अब विकास योजनाओं की गति धीमी नहीं रहने दी जाएगी। जो काम करेगा, वही सिस्टम में टिकेगा। जिस पर लापरवाही सिद्ध होगी, उस पर कार्रवाई तय है।

HSBC होम लोन का खर्च होगा कम? RBI के रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की संभावना

नई दिल्ली   आगे कुछ समय के लिए मुद्रास्फीति टारगेट लेवल से कम बने रहने का अनुमान है इस बीच एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ओर से कहा गया कि आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जाएगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का रेपो रेट को लेकर फैसला 5 दिसंबर को आएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकास दर अभी तक मजबूत बनी हुई है, जिसे सरकारी खर्च और जीएसटी-कट लेड रिटेल खर्च से बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा, नवंबर फ्लैश मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 56.6 से संकेत मिलता है कि जीएसटी के कारण वृद्धि अपने पीक पर पहुंच गई है क्योंकि कुल मिलाकर नए ऑर्डर कम आ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, "अभी विकास दर मजबूत बनी हुई है, लेकिन मार्च 2026 की तिमाही में इसमें नरमी आ सकती है। हमें उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक आगामी दिसंबर नीति बैठक में पॉलिसी रेट को कम करेगा।" रिपोर्ट में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत रही, जो कि जून तिमाही के जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और हमारे 7.5 प्रतिशत के अनुमान से अधिक रही। वहीं, ग्रॉस वैल्यू एडेड वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत और नॉमिनल जीडीपी 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी। जीडीपी में वृद्धि की गति तेज रही, जिसके बहुत से कारण रहे। इनमें से एक महत्वपूर्ण कारक 22 सितंबर को लागू की गई जीएसटी दरों में कटौती रही, जिसे लेकर 15 अगस्त को घोषणा की गई थी। एचएसबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, "हमारा मानना है कि कंज्यूमर डिमांड में वृद्धि की उम्मीद से उत्पादन में वृद्धि देखी गई। हमारे हालिया शोध दर्शाता है कि कम आय वाले राज्य अब वृद्धि की राह पर आ गए हैं, यहां तक कि वे उच्च आय वाले राज्यों से भी तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।"रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के निर्यात पर 50 प्रतिशत के अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ के बावजूद भी भारत की विकास दर तेज गति से बढ़ती रही। होम लोन हो जाएगा सस्ता? रेपो रेट में कटौती के आसार रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 से 5 दिसंबर तक होने वाली है। 5 दिसंबर को गवर्नर संजय मल्होत्रा फैसला सुनाएंगे। जानकारों ने अनुमान जताया है कि रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती हो सकती है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर 8.2 फीसदी की GDP ग्रोथ को देखते हुए सेंट्रल बैंक रेट में कोई बदलाव नहीं कर सकता है। लिहाजा केंद्रीय बैंक ब्याज दर को स्थिर रख सकता है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति पिछले दो महीनों से सरकार के तय दायरे की निचली सीमा (दो प्रतिशत) से भी कम है। अक्टूबर में तो यह रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। खाने-पीने की चीजें सस्ती होने और GST में कटौती की वजह से महंगाई पर लगाम लगी है। सेंट्रल बैंक ने पिछले साल फरवरी में रेट कम करने का अपना साइकिल शुरू किया था। पॉलिसी अनाउंसमेंट में रेपो रेट को कुल मिलाकर 100 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 5.5 फीसदी कर दिया था। घटेगी EMI, सस्ते होंगे लोन RBI के इस फैसले से लोन पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं। रेपो रेट घटने पर बैंकों को आरबीआई से कम ब्याज दर पर लोन मिल सकेगा। बैंक इस सस्ते कर्ज का फायदा ग्राहकों तक भी पहुंचाते हैं। रेपो रेट में गिरावट के बाद आमतौर पर बैंक लोन पर ब्याज दरों को घटा देते हैं। जिससे आम नागरिक के लिए भी लोन सस्ता हो जाता है। होम लोन की ईएमआई नई ब्याज दर के हिसाब से घट जाएगी और नए लोन भी कम ब्याज दर पर उपलब्ध होंगे। अगर रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती होती है तो यह घटकर 5.25 फीसदी पर पहुंच सकता है। अब तक RBI ने क्या किया है? RBI फरवरी से जून के बीच रेपो रेट में कुल 100 bps की कटौती कर चुका है (6.5% से 5.5%)। लेकिन अगस्त और अक्टूबर की पॉलिसी में दरों को बिना बदलाव के छोड़ दिया गया था। जानिए क्या है रेपो रेट यह वह दर होती है जिस जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे बैंकों को कर्ज देता है। अगर रेपो रेट बढ़ाया जाता है तो साफ है कि बैंकों को रिजर्व बैंक से महंगी दर पर कर्ज मिलेगा। इस तरह कर्ज महंगे हो जाएंगे ।

आसिम मुनीर की स्थिति पर उठे सवाल: CDF पद नहीं मिला, सेना प्रमुख का कार्यकाल भी पूरा—क्या बदला राजनीतिक समीकरण?

CDF नियुक्ति और सेना प्रमुख पद पर बदलाव के बाद आसिम मुनीर की भूमिका पर सवाल—क्या शहबाज़ सरकार का रुख बदला? आसिम मुनीर की स्थिति पर उठे सवाल: CDF पद नहीं मिला, सेना प्रमुख का कार्यकाल भी पूरा—क्या बदला राजनीतिक समीकरण? पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व में बदलाव से बढ़ी चर्चाएँ, आसिम मुनीर को लेकर शहबाज़ सरकार की रणनीति पर सवाल लाहौर   हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान में सत्ता की लड़ाई बिल्कुल अलग होती है. यहां पर सिर्फ नेता प्रधानमंत्री बनने के लिए आमने-सामने नहीं होते, इसका एक और पहिया होता है- सेना. कोई कितने भी बहुमत से यहां सरकार बना ले, उसे हमेशा डर तख्तापलट का लगा रहता है. इसका सीधा उदाहरण इस वक्त पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद इमरान खान हैं. यही वजह है कि शहबाज शरीफ ने सेना से कोई पंगा लेने के बजाय आसिम मुनीर से बनाकर चलते रहे. भारत-पाकिस्तान के बीच जब मई में जंग जैसे हालात बन गए, तो युद्धविराम के बाद खुद ही आसिम मुनीर ने जीत घोषित कर दी और इसका सेहरा भी अपने सिर बांध लिया. शहबाज शरीफ इस पूरे मामले में सिर्फ उनके लिए तालियां ही बजाते रहे. उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि दे दी गई और विदेश दौरे पर भी आसिम मुनीर अकेले ही जाने लगे. कुल मिलाकर मान लिया गया था कि उन्हें सिर्फ एक ऑफिशियल टाइटल की जरूरत है बाकी सत्ता उनकी मुट्ठी में है. क्या बदल गया है शहबाज शरीफ का मूड? पाकिस्तान में विवादित 27वें संविधान संशोधन के जरिये आसिम मुनीर की ताकत को बढ़ाया गया. उनके लिए सीडीएफ नाम का नया पद गढ़ा गया, जिस पर बैठने के बाद वे ताउम्र पाकिस्तान के अघोषित तानाशाह बने रहेंगे. इस बात का नोटिफिकेशन जारी होकर ये काम जल्द से जल्द होना था, लेकिन इसी बीच अटकलें ये लगाई जा रही हैं कि शहबाज शरीफ का मूड बदल गया है. दरअसल पाकिस्तान के उपचुनाव का रिजल्ट हाल ही आया और उनकी पार्टी PMLN की ताकत बढ़ने के बाद वे इस काम में देरी कर रहे हैं. कहा ये भी जा रहा है कि उनके भाई नवाज शरीफ भी इसमें सलाह-मशविरा दे रहे हैं कि अगर आसिम मुनीर को अल्टीमेट पावर मिली, तो उनकी औकात कुछ नहीं रह जाएगी. आसिम मुनीर -शहबाज शरीफ. आसिम मुनीर कब बनेंगे CDF ? आसिम मुनीर को 29 नवंबर, 2022 को सेना प्रमुख बनाया गया था. इस हिसाब से 29 नवंबर को उनका तीन साल का कार्यकाल खत्म हो चुका है. अब तक नए सेना प्रमुख के तौर पर उनके नाम का नोटिफिकेशन भी नहीं आया है. वैसे तो पाकिस्तानी संसद ने सेना प्रमुख के कार्यकाल को 5 साल कर दिया था, ऐसे में वे पद पर तो बने रहेंगे लेकिन इसका नोटिस अब तक नहीं आया है. वहीं पिछले महीने हुए संविधान संशोधन में पाकिस्तान में CJCSC की जगह CDF पद बनाया गया जो तीनों सेनाओं के बीच तालमेल रखेगी. इस पर आसिम मुनीर को बैठना है. CJCSC शाहिद शमशाद मिर्जा का भी रिटायरमेंट 27 नवंबर को हो गया, पर मुनीर का नया पद अस्तित्व में नहीं आ पाया है. जब होना ही है, तो देरी क्यों? हालांकि इस मामले में तस्वीर साफ करने के लिए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ आए और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक्स अकाउंट से लिखा – ‘CDF की नोटिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जल्द ही नोटिफिकेशन जारी होगी.’ इस मामले में हो रही देरी को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा. इसी बीच यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने भी 27वें संविधान संशोधन में देरी को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर पाकिस्तान बौखला गया था.  

नए लुक में अनन्या पांडे, कार्तिक आर्यन संग फिल्म में धमाल मचाने को तैयार

मुंबई   मशहूर अभिनेत्री अनन्या पांडे जल्द ही कार्तिक आर्यन के साथ फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी' में नजर आएंगी। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर फिल्म में अपने लुक की तस्वीरें पोस्ट कीं। अभिनेत्री अनन्या पांडे ने अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म के टाइटल ट्रैक की शूटिंग के दौरान अपने कुछ लुक्स की तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में अनन्या अलग-अलग स्टाइलिश ड्रेस में नजर आ रही हैं। उनके बाल, मेकअप और ड्रेस भी परफेक्ट हैं। तस्वीरें पोस्ट कर उन्होंने लिखा, "फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी' के टाइटल ट्रैक के मेरे कुछ पसंदीदा लुक्स। क्या आपने अभी तक टाइटल ट्रैक देखा? मेरी ग्लैम और फैशन टीम को ढेर सारा प्यार।"  पोस्ट शेयर करने के बाद अनन्या के इंडस्ट्री के दोस्तों और साथी कलाकारों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कमेंट सेक्शन में प्यार और शुभकामनाओं की बौछार कर दी। कई लोगों ने हार्ट और फायर के इमोजी कमेंट किए। अभिनेत्री उर्मिला मंतोडकर, महीप कपूर और नव्या नवेली नंदा ने फायर इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी। बता दें कि अभिनेत्री फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी' में कार्तिक आर्यन के साथ 6 साल बाद वापसी कर रही हैं। इससे पहले वे साल 2019 में रिलीज हुई फिल्म 'पति पत्नी और वो' में नजर आई थीं। समीर विद्वांस द्वारा निर्देशित फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी' को करण जौहर, अदार पूनावाला, अपूर्वा मेहता और किशोर अरोड़ा मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म 'तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी' 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर रिलीज की जाएगी। अगस्त्य नंदा की 'इक्कीस' भी 25 दिसंबर को रिलीज होगी। अब देखना होगा कि दर्शक पर्दे पर रोमांस और लव स्टोरी को पसंद करते हैं या देशभक्ति से भरी कहानी को सराहते हैं। इसके साथ ही अभिनेत्री लक्ष्य लालवानी के साथ फिल्म 'चांद मेरा दिल' में नजर आएंगी। यह एक लव स्टोरी है, जिसका निर्देशन विवेक सोनी ने किया है।