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मंदिर में फूहड़ कपड़ों पर रोक: ग्वालियर में स्कर्ट और मिनी टॉप पहनकर अब नहीं मिलेगा प्रवेश

ग्वालियर ग्वालियर के प्रसिद्ध खेड़ापति हनुमान जी मंदिर में अब मर्यादित कपड़े पहनने वाले श्रद्धालुओं को की प्रवेश दिया जाएगा। भद्दे कपड़े पहनने  वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। अब मंदिर में स्कर्ट, मिनी टॉप पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। मंदिर प्रबंधन ने परिसर में पोस्टर लगाए है कि शालीन और पूरे कपड़े पहनने वालों को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार में मर्यादित कपड़ों में मिलेगी एंट्री  आपको बता दे शहर के दो प्रमुख आस्था के केंद्रों खेड़ापति हनुमान मंदिर और बालाजी धाम सरकार पर श्रद्धालुओं के लिए शालीन और पुरे वस्त्र पहनकर आने के निर्देश प्रबंधन ने दिए हैं।  उनका कहना है कि आस्था के इन केंद्रों पर स्कर्ट मिनी टॉप या कटे-फटे कपड़े पहनकर अक्सर युवा आते हैं जो मंदिर की गरिमा के प्रतिकूल है। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं के लिए परिसर में पोस्टर भी लगाए हैं और उनसे नियमों के पालन की अपेक्षा की गई है। संभावना है कि अन्य मंदिर प्रबंधन भी इसका अनुसरण करेंगे।लोग मंदिर प्रबंधन के इस प्रयास की तारीफ भी कर रहे हैं। क्योंकि आस्था के केंद्रों पर मन को एकाग्र करने वाले कपड़े पहने चाहिए न की भड़कीले परिधानों का प्रदर्शन करना चाहिए…इससे वहां का आध्यात्मिक वातावरण भी प्रदूषित होता है।

सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की उपस्थिति में भव्य राज्यस्तरीय दिव्यांगजन दिवस समारोह

रायपुर, अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 03 दिसंबर को सूरजपुर जिले में भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होंगी। सुरजपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के समीप स्थित रंगमंच में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, सरगुजा सांसद चिन्तामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मराबी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणी पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर  स्वाति सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। राज्यस्तरीय इस समारोह में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधियाँ, जागरूकता सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करना और उनके लिए संवेदनशील तथा समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।

मेरठ में जल्द बनेगा वर्ल्ड-क्लास योग केंद्र, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने की घोषणा

लखनऊ उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लिए अहम फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में स्थित रामायण संग्रहालय में भगवान के विभिन्न स्वरूपों को दिखाने की पूरी रूपरेखा निर्धारित की जा चुकी है, जिसमें यह तय किया गया है कि संग्रहालय में किस-किस में रूपों में भगवान राम को हमें दिखाना है। कैबिनेट बैठक में 20 से अधिक प्रस्ताव पारित हुए हैं। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मेरठ में बड़ा योग केंद्र भी बनेगा। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का योग केंद्र बनेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बुनियादी विकास पर भी जोर दिया जाएगा। इसमें हम तय करेंगे कि बुनियादी विकास से संबंधित किसी भी काम में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारा मानना है कि राज्य का उच्चस्तम स्तर पर विकास तब तक संभव नहीं हो सकेगा, जब तक की बुनियादी विकास पर जोर नहीं दिया जाता। डिप्टी सीएम ने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को जनता के बीच में जाकर अपने कुकर्मों के बारे में बताना चाहिए। उन्हें यह बताना चाहिए कि किस तरह से इस पार्टी ने हमेशा से ही अपने शासनकाल में जनता के हितों पर पर कुठाराघात किया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में सवाल किए जाने पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से दिग्भ्रमित हो चुकी है, जिसे यह पता ही नहीं है कि उसे क्या करना है। आज की तारीख में कांग्रेस की विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस को देश के सामने आकर यह बताना चाहिए कि किस तरह से इस पार्टी ने लोगों के ऊपर अत्याचार किए। देश की जनता आज भी सिख दंगों को नहीं भूली है। कांग्रेस के शासनकाल में किस तरह से सिख समुदाय के लोगों को कत्लेआम किया गया। कांग्रेस को देश की जनता के सामने जाकर सिख समुदाय पर हुए अत्याचार को लेकर माफी मांगनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि आज की तारीख में केंद्र की मोदी सरकार देश की जनता के हितों के लिए काम कर रही है, जो लोग मुख्यधारा से बाहर हैं, उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही है, ताकि उनके जीवन में भी विकास का संचार हो सके। अभी हाल ही में बिहार में भी हमारी सरकार का गठन हुआ है। बिहार में भी हमारी सरकार विकास पर जोर दे रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति विकास से वंचित न रहे। हमने बिहार में महिलाओं को सशक्त करने का काम किया। उन्हें आर्थिक मोर्चे पर मजबूत बनाने का प्रयास किया। हमने यह सुनिश्चित किया है कि बिहार में कोई भी महिला विकास से संबंधित काम को लेकर वंचित नहीं रहे। अब विकास के संबंध में पूरी रूपरेखा हम समग्र देश को लेकर तैयार कर रहे हैं, जिसे धरातल पर उतारने का प्रयास करेंगे। वहीं, उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भी भाजपा की जीत होने जा रही है। यह जीत हम जनता के आशीर्वाद से प्राप्त करेंगे, क्योंकि हमारी सरकार ने अपने शासनकाल में हमेशा से ही जनता के हितों को प्राथमिकता दी है। ऐसी स्थिति में हमें पूरा विश्वास है कि आगामी विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा ही जीत का झंडा लहराने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश चुनाव में सपा की सरकार नहीं बनेगी। अगर यूपी में सपा की सरकार आ गई है, तो फिर से गुंडाराज का सिलसिला शुरू हो जाएगा। यह लोग राज्य में विकास से संबंधित काम नहीं होने देंगे। यह लोग आज की तारीख में विकास के दुश्मन हैं, सिर्फ अपने ही लोगों का भला करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में दो दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव पारित हुए हैं। इन सभी प्रस्तावों का मुख्य मकसद सिर्फ प्रदेश के विकास की गति को तेज करना है। हमारा एकमात्र ध्येय सिर्फ प्रदेश में विकास से संबंधित हो रहे कामों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करना है। साथ ही, कैबिनेट बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें यह बताया गया है कि अब तक इस सूची में कितने अवैध मतदाताओं के नाम काट दिए गए। वहीं, पश्चिम बंगाल में मस्जिद विवाद पर संजय निषाद ने कहा कि यह देश संविधान के आधार पर चलता है। ऐसी स्थिति में बेवजह किसी भी मुद्दे को तूल देना किसी भी मायने में उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जयवीर सिंह ने घुसपैठियों के बारे में सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि इन लोगों का देश के अंदर कोई स्थान नहीं है। ऐसे लोगों को चिन्हित करके इनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

लोकसभा स्पीकर ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, महत्वपूर्ण दो बिंदुओं पर नेताओं ने मिलकर बनाया रोडमैप

नई दिल्ली संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की विपक्ष की मांग को लेकर संसद में चल रही गतिरोध को दूर करने के लिए सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें सभी दलों के नेता शामिल हुए। इस मीटिंग में यह सहमति बनी है कि लोकसभा में 8 दिसंबर, यानी सोमवार, को ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्ष की सालगिरह पर एक विशेष चर्चा होगी। इसके अगले दिन लोकसभा में 9 दिसंबर, यानी मंगलवार, को चुनाव सुधारों पर पूरे दिन चर्चा होगी। इस विषय पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जाएगा। इस पर सभी दलों में सहमति बन गई।  सर्वदलीय बैठक में लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मैं सभी पार्टी नेताओं से एक बार फिर अपील करना चाहता हूं कि हम सब चाहते हैं कि संसद सुचारू रूप से चले। हर मुद्दे पर हर वह सदस्य जो बोलना चाहता है, उसे अवसर मिलना चाहिए। अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाले सांसदों के अपने-अपने मुद्दे होते हैं, उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी अच्छी और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, और फिर वे पारित होकर देश के विकास में योगदान दें, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। बेवजह का गतिरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने पहले दिन से ही कहा कि सरकार किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पिछले दो दिनों का जो नुकसान हुआ, उसका प्रमुख कारण यह था कि विपक्ष ने प्रश्नकाल के समय को लेकर दबाव बनाया था। मैंने आज भी स्पष्ट किया है कि जब हम चर्चा के लिए तैयार हो जाते हैं, तब एक-दो दिन का समय का निर्धारण संसद के व्यवसाय और प्रक्रिया को ध्यान में रखकर करना पड़ता है।

चार साल बिताए थे इसी घर में… अब ट्रंप का पुराना आशियाना बिकने को तैयार, दाम बना चर्चा का विषय

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बचपन वाला घर एक बार फिर सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ऐतिहासिक घर जल्द ही 23 लाख डॉलर (लगभग 19 करोड़ रुपये) में बिकने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि यह वही घर है, जहां ट्रंप 4 साल की उम्र तक यहीं रहे थे और लोग इसे भावनात्मक महत्व से जोड़कर देखते हैं। 1940 में ट्रंप के पिता ने बनवाया था यह घर यह घर कोई साधारण मकान नहीं है। इसे 1940 में ट्रंप के पिता फ्रेड ट्रंप ने बनवाया था, जो उस समय के जाने-माने रियल एस्टेट डेवलपर थे। घर ट्यूडर आर्किटेक्चर पर आधारित है और न्यूयॉर्क के जमैका एस्टेट्स जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके में स्थित है। ट्रंप का बचपन यहीं बीता, इसलिए यह जगह उनकी निजी यादों से भी जुड़ी है। कभी जर्जर हालत में पहुंच गया था यह भवन हाल के वर्षों में इस घर की हालत काफी बिगड़ गई थी। एक समय ऐसा भी आया जब यह घर पूरी तरह बदहाली में बदल चुका था-दीवारें टूट रही थीं, और यहां तक कि जंगली बिल्लियों ने यहां डेरा बना लिया था। इसे एयरबीएनबी पर किराए पर देने का प्रयास भी किया गया, लेकिन वह भी ज्यादा सफल नहीं हुआ। ट्रंप ने 2016 में एक साक्षात्कार में इस घर की खराब हालत पर दुख जताया था, लेकिन साथ ही बताया था कि उनका बचपन यहां बेहद खुशहाल था। क्यों बदला अचानक इस घर का भविष्य? मामले में बड़ा बदलाव तब आया, जब मार्च 2024 में रियल एस्टेट डेवलपर टॉमी लिन ने यह घर मात्र 8.35 लाख डॉलर में खरीद लिया। खरीद के बाद उन्होंने करीब 5 लाख डॉलर खर्च करके इसके बड़े स्तर पर नवीनीकरण कराया। हालांकि इससे पहले भी मालिक माइकल डेविस ने इसमें मरम्मत करवाई थी, लेकिन टॉमी लिन ने इसे लगभग पूरी तरह रीबिल्ट जैसा बना दिया।    नवीनीकरण के बाद इस घर में कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ दी गई हैं:     5 विस्तृत बेडरूम     3 फुल बाथरूम और 2 हाफ बाथरूम     पूरी तरह तैयार Basement     दो कारों के लिए गैरेज     अंदर हेरिंगबोन डिज़ाइन वाला लकड़ी का शानदार फर्श     मॉडर्न और हाई-एंड किचन घर को आधुनिक डिज़ाइन, नई तकनीक और बेहतर फिनिशिंग के साथ पूरी तरह नई पहचान दी गई है। कीमत इतनी तेजी से क्यों बढ़ी? इस घर की कीमत बढ़ने के प्रमुख कारण हैं:     इलाके की प्रीमियम लोकेशन     ट्रंप का बाल्यकाल यहां बीता, जिससे इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक कीमत बढ़ जाती है।     ट्रंप के समर्थक और विरोधी दोनों ही इस घर को एक प्रतीक के रूप में देखते हैं।     आधुनिक नवीनीकरण के बाद घर का बाजार मूल्य और बढ़ गया है। इन सभी कारणों से घर की कीमत बढ़कर अब 23 लाख डॉलर पर पहुंच चुकी है।  

न्यूक्लियर वॉर आने वाला है — मस्क की चेतावनी से दुनिया में बढ़ी बेचैनी

वाशिंगटन  टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने फिर एक बार अपने विवादित बयान से दुनिया का ध्यान खींच लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर मस्क ने खुलकर दावा किया कि दुनिया जल्द ही एक बड़े वैश्विक युद्ध की ओर बढ़ रही है। दरअसल, एक X यूजर ने लिखा कि न्यूक्लियर हथियारों के कारण बड़ी शक्तियों के बीच युद्ध नहीं हो रहे, जिससे सरकारों का ध्यान शासन से हट गया है। इस पर मस्क ने बेहद संक्षिप्त लेकिन चौंकाने वाला जवाब दिया “War is inevitable. 5 years, 10 at most.” यानि (युद्ध अवश्यंभावी है। 5 साल में,  2030 तक या अधिकतम 10 साल 2040 में।)  मस्क के इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन-सा युद्ध, किन देशों के बीच या किस वजह से होगा। लेकिन मस्क का इशारा इस बात की ओर था कि दुनिया धीरे-धीरे बड़े टकराव की ओर बढ़ रही है। Grok AI ने समझाया-किस तरह का युद्ध? कुछ यूजर्स ने इस बयान की व्याख्या जानने के लिए मस्क की AI-Grok से सवाल पूछे।  Grok ने मस्क के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मस्क कई संभावित खतरों की चेतावनी पहले भी दे चुके हैं:     यूरोप और ब्रिटेन में संभावित गृहयुद्ध, बढ़ते प्रवास और पहचान राजनीति के कारण     अमेरिका-चीन के बीच ताइवान को लेकर युद्ध     यूक्रेन-रूस संघर्ष के WW3 में बदलने का खतरा     न्यूक्लियर डिटरेंस कमजोर पड़ने की आशंका     यानी, मस्क के अनुमान के अनुसार आने वाले वर्षों में दुनिया के कई हॉटस्पॉट तनाव को युद्ध में बदल सकते हैं। क्यों मस्क का बयान गंभीर? डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान एलन मस्क अमेरिकी प्रशासन के एक विशेष प्रोजेक्ट Department of Government Efficiency (DOGE) से भी जुड़े थे। इस कारण उनका बयान न सिर्फ सोशल मीडिया टिप्पणी माना जा रहा है, बल्कि कुछ विश्लेषक इसे जियोपॉलिटिकल संकेत भी कह रहे हैं।  हालांकि मस्क ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका दावा वैश्विक चेतावनी है या सिर्फ एक राजनीतिक संकेत।   

राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद जिलाध्यक्ष बने तिवारी

भोपाल राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा और संरक्षक, सुप्रीम कोर्ट के महाधिवक्ता एडवोकेट ए.पी. सिंह की स्वीकृति के साथ, मप्र प्रदेश अध्यक्ष अमित द्विवेदी उपाध्यक्ष रोहित जैन एवं महासचिव भारत भूषण की अनुशंसा पर भारत भूषण तिवारी को भोपाल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत भूषण तिवारी अपने अनुभव और कार्यकुशलता के बल पर जिले के पत्रकारों के हितों की रक्षा, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संगठन की एकता को और मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय कार्य करेंगे। नई नियुक्ति से संगठन में नई ऊर्जा का संचार माना जा रहा है। पत्रकारों ने भी उम्मीद जताई है कि तिवारी पारदर्शी, निष्पक्ष और दृढ़ नेतृत्व के साथ पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देंगे और उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

कोई बड़ी घुसपैठ नहीं—त्रिपुरा से बाहर जाने लगे अवैध प्रवासी: मुख्यमंत्री का बड़ा बयान

अगरतला त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि वर्तमान समय में बांग्लादेश की ओर से राज्य में बड़ी घुसपैठ नहीं हो रही है, बल्कि अब त्रिपुरा से लोगों के बाहर जाने (एक्सफिल्ट्रेशन) की घटनाएं सामने आ रही हैं। त्रिपुरा की 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है और राज्य तीन ओर से पड़ोसी देश से घिरा हुआ है, जिसके कारण तस्करी और अन्य सीमा-पार अपराधों की आशंका लगातार बनी रहती है। मुख्यमंत्री साहा के अनुसार, पहले घुसपैठ एक बड़ा मुद्दा था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार रात बीएसएफ के डायमंड जुबिली रेजिंग डे कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से कहा, “सीमा पार से अब घुसपैठ नहीं हो रही है। त्रिपुरा में अब एक्सफिल्ट्रेशन की घटनाएं हो रही हैं। बीएसएफ कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) और संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर पकड़े गए लोगों को उनके देश वापस भेज रही है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। त्रिपुरा की भौगोलिक स्थिति और कठिन भू-भाग के कारण सीमा की सुरक्षा हमेशा चुनौतीपूर्ण बनी रहती है। मुख्यमंत्री साहा ने कहा, “सीमा के कुछ हिस्सों में अब भी फेंसिंग नहीं है, ऐसे क्षेत्रों में बीएसएफ अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। बीएसएफ अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में सराहनीय काम कर रही है।” उन्होंने बताया कि बीएसएफ राज्य पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर समय-समय पर सभी आवश्यक कदम उठा रही है ताकि सीमा सुरक्षा मजबूत रहे। बीएसएफ के एक अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक 57 रोहिंग्या अवैध प्रवासियों, 628 बांग्लादेशी नागरिकों और 280 भारतीय नागरिकों को पकड़ा गया है। इसके साथ ही ड्रग्स और अन्य अवैध सामान की कुल 51.65 करोड़ रुपये की बरामदगी भी की गई है। अधिकारी ने बताया कि विभिन्न संयुक्त अभियानों के दौरान सीमा-पार अपराधों में भारी कमी दर्ज हुई है और 452.47 एकड़ में गांजे की खेती को नष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ और बीजीबी के बीच सेक्टर कमांडर स्तर से लेकर बॉर्डर आउटपोस्ट स्तर तक नियमित बैठकें हो रही हैं, जिससे समन्वय मजबूत हुआ है और कई मुद्दों का समाधान तेजी से हो पा रहा है। बीएसएफ त्रिपुरा फ्रंटियर ने आश्वस्त किया है कि वह राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रखेगी और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखेगी।

Sanchar Saathi ऐप पर केंद्र की चेतावनी, तुरंत अनइंस्टॉल करने के निर्देश

नई दिल्ली केंद्र सरकार द्वारा 'संचार साथी'  नामक साइबर सुरक्षा ऐप को सभी फोन्स में इंस्टॉल करने के निर्देश के बाद उपजे विवाद पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ किया है कि यह ऐप अनिवार्य नहीं है और यूज़र्स इसे अपनी मर्ज़ी से डिलीट कर सकते हैं।  डिलीट करने का विकल्प खुला संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा- "अगर आप संचार साथी ऐप नहीं चाहते हैं तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं। यह ऐप वैकल्पिक है।" उन्होंने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि वह इस ऐप को सभी नागरिकों तक पहुंचाए लेकिन इसे अपने डिवाइस में रखना है या नहीं यह पूरी तरह से यूज़र पर निर्भर करता है। विवाद की शुरुआत क्या थी? विवाद की शुरुआत तब हुई जब केंद्र सरकार ने 28 नवंबर को सभी मोबाइल कंपनियों को एक निर्देश जारी किया था। सरकार ने कंपनियों से कहा था कि वे 90 दिनों के भीतर भारत सरकार की साइबर सुरक्षा से जुड़ी ऐप 'संचार साथी' को सभी फोन्स में इंस्टॉल करें। निर्देशों में इस बात को भी सुनिश्चित करने को कहा गया था कि यूज़र्स इस ऐप को खुद से डिलीट या अनइंस्टॉल न कर सकें। विपक्ष का कड़ा विरोध इस खबर के सामने आते ही विपक्ष और कई नागरिक समूहों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया था। कांग्रेस सहित विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार के इस कदम को असंवैधानिक और जनता के आजादी के हक का हनन बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की थी। विरोध करने वालों ने नागरिकों की निजता पर संभावित खतरे और सरकारी निगरानीको लेकर चिंता व्यक्त की थी। अब केंद्र सरकार की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि यूजर्स चाहें तो इस ऐप को डिलीट कर सकते हैं जिससे इस विवाद पर विराम लगने की उम्मीद है।  

चंडीगढ़ अधिकार पर गरमायी राजनीति: अभय चौटाला बोले—सरकार रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम

जींद  इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा को चंडीगढ़ पर अपना पूरा अधिकार किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि अलग विधानसभा की मांग को केंद्र द्वारा खारिज किया जाना प्रदेश सरकार की कमजोरी दिखाता है। मंगलवार को जींद स्थित इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब शाह आयोग ने चंडीगढ़ को हरियाणा को सौंपने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर केंद्र से चंडीगढ़ पर हरियाणा के पूर्ण अधिकार देने की औपचारिक मांग रखनी चाहिए और शाह आयोग की रिपोर्ट की प्रति भी केंद्र को भेजनी चाहिए। 'भाजपा शासन में कानून व्यवस्था कमजोर' अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद कमजोर हुई है। लोगों से फिरौती मांगे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें भी धमकी दी गई है और इसके बाद उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बलों की सुरक्षा मांग की है। चौटाला ने कहा कि उनकी सुरक्षा तो प्रदेश के युवा कर लेंगे, पर जनता की सुरक्षा कौन करेगा। उन्होंने कहा कि जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई, वह आज भी सक्रिय है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इनेलो नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के उस बयान का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति को सुरक्षा नहीं दी जा सकती। चौटाला ने इनेलो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआई जांच के बावजूद आज तक नामजद आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए हैं। पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर की संभावित दोबारा नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि अगर वह निर्दोष थे, तो उन्हें हटाया क्यों गया था। इससे साफ होता है कि सरकार आईपीएस अधिकारी वाई पूर्ण कुमार की आत्महत्या मामले में सिर्फ लीपापोती करना चाहती थी। साजिश करने वालों से मंगवाएंगे माफी अपनी आलोचना करने वालों पर तंज करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उनकी छवि खराब करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर आईपीएस आरएस यादव को चौटाला पुलिस चौकी में जूते मारे गए थे, तो उन्होंने उसी समय शिकायत क्यों नहीं की।महम कांड पर आज जो लोग अनर्गल  बयानबाजी कर रहे हैं, वह जब सत्ता में थे, तब उन्होंने जांच क्यों नहीं करवाई। चौटाला ने कहा कि इनेलो की लोकप्रियता से बौखलाए लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, और ऐसे सभी लोगों से वह अदालत में माफी मंगवाएंगे। कांग्रेस को बताया कमजोर विपक्ष इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि रोहतक की एमडीयू जो ए ग्रेड यूनिवर्सिटी थी, वह अब ग्यारहवें पायदान पर पहुंच गई है। यहां से पीएचडी सहित दूसरी डिग्रियां लेने वाले युवाओं की नौकरी अब संदेह में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में स्कूल कैडर के एक अध्यापक को महत्वपूर्ण पद दिया गया है, जो आरएसएस के अपने कैडर को आगे बढ़ाने का प्रयास है। इससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस दौरान जिला प्रधान बिजेंद्र रेढू और प्रदीप गिल भी मौजूद रहे।