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योगी आदित्यनाथ सरकार जौनपुर के खिलाड़ियों को नए साल में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की देगी सौगात

लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से बने सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स ने दिया प्रमाण पत्र पूर्वांचल की मिट्टी अब अंतर्राष्ट्रीय खेलों में मेडल लाने के लिए हो रही तैयार जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक होंगे तैयार इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन की सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण हुआ पूर्ण लखनऊ, पूर्वांचल की मिट्टी अब और मेडल लाने के लिए तैयार हो रही है। जौनपुर की धरती से अब जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के धावक तैयार होंगे। यहाँ के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहली बार सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे। पूर्वांचल के धावक किसी भी मौसम में इस सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर दौड़ सकेंगे। 400 मीटर × 8 लेन  की सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण लगभग 865.92 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हो गया है।सिंथैटिक रनिंग ट्रैक को वर्ल्ड एथलेटिक्स प्रमाणन मिल चुका है ,जल्द ही इसे सम्बंधित विभाग को हस्तांतरित किया जायेगा। जौनपुर में धावकों को दौड़ने के लिए इंटरनेशनल लेवल के एथलेटिक्स  सिंथेटिक रनिंग ट्रैक की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। योगी सरकार ने धावकों की इस जरुरत को समझते हुए ,जौनपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण करवा दिया है। उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में 400 मीटर × 8 लेन सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्ल्ड एथलेटिक्स  द्वारा सिंथेटिक रनिंग ट्रैक को प्रमाण पत्र  मिल चुका है ,जल्दी इसे सम्बंधित विभाग को हैंडओवर किया जायेगा। इंटरनेशनल लेवल का रनिंग ट्रैक खिलाड़ियों को दौड़ने के लिए  नए वर्ष में  मिल सकता है।  ओलंपिक और एशियाड समेत अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के बढ़ते मेडलों की संख्या इस बात को साबित करती हुई दिख रही कि डबल इंजन की सरकार खेल व खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर काफी गंभीर है। सरकार पिछले आठ सालो से देश मे खेलों के मूल भूत ढांचे को सुधारने में जुटी है। आने वाले समय में भारत के खिलाड़ियों का दबदबा दुनिया के खिलाड़ियों के बीच और देखने को मिलेगा। जिला क्रीड़ा अधिकारी चन्दन सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बन जाने से अब खिलाड़ियों को अपने शहर से दूर नहीं जाना पड़ेगा। जो खिलाडी दूर जाकर अन्य जिलों में प्रैक्टिस कर रहे है व अपने घर वापस आकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं की तैयारी करना चाह रहे है। एथलेटिक्स कोच कृष्णा यादव ने बताया कि अब जौनपुर में स्पोर्ट्स कैंप लग सकता है ,यहाँ राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सकेंगी है। जिससे नए खिलाड़ियों को एथलीट की बारीकियो को देखने और सिखने का मौका मिलेगा। धावक पूजा यादव ने बताया कि पहले बारिश के मौसम में प्रैक्टिस नहीं हो कर पाते थे ,सिंथेटिक रनिंग ट्रैक के लिए योगी जी को धन्यवाद कहना चाहते है,अब सभी मौसम में प्रैक्टिस कर सकेंगे जिससे अभ्यास की निरंतरता बनी रहगी और परफॉरमेंस बेहतर होगा। एथलीट नितेश चौहान ने बताया कि सरकार ने घर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रनिंग ट्रैक दिया है, हम जैसे खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। स्टेट और नेशनल प्रतियोगिताएं सिंथेटिक रनिंग ट्रैक पर होती थी। हम लोग पहले घास व मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते थे,जिससे सिंथेटिकट्रैक पर होने वाली प्रतियोगितओं में पिछड़ जाते थे।

दिल्ली कैपिटल्स ने फाफ डुप्लेसी को क्यों नहीं किया रिटेन? सामने आई असली वजह

नई दिल्ली  दिल्ली कैपिटल्स ने साउथ अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज फाफ डुप्लेसी को आईपीएल 2026 के ऑक्शन से पहले रिलीज क्यों किया? इसका कारण टीम के हेड कोच हेमांग बदानी ने बताया है। हेमांग बदानी ने बताया है कि फाफ डुप्लेसी को इसलिए रिटेन नहीं किया, क्योंकि टीम को युवाओं पर अधिक ध्यान देना था। बदानी ने बताया कि आक्रामक बल्लेबाज फाफ डुप्लेसी को छोड़ने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन टीम के खेलने की शैली के अनुरूप युवा और अधिक आक्रामक विकल्प के लिए ऐसा करना पड़ा।   फाफ डुप्लेसी आईपीएल कैरियर में चेन्नई सुपर किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और अब खत्म हो चुकी राइजिंग पुणे सुपरजाइंट के लिए खेल चुके हैं। वह पिछले सत्र में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थे और अब पाकिस्तान सुपर लीग खेलेंगे। बदानी ने जियोस्टार पर ‘टाटा आईपीएल रिटेंशन’ शो में कहा, ‘‘फाफ डुप्लेसी जैसे खिलाड़ी को छोड़ना आसान नहीं होता। उसे छोड़ने का फैसला कठिन है, क्योंकि इतने साल में उसने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है।’’ उन्होंने आगे बताया, "हमे लगा कि युवा विकल्प को आजमाने का समय आ गया है, जो अधिक आक्रामक हो और हमारी टीम के खेलने की शैली में ढल सके।’’ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज जैक फ्रेसर मैकगुर्क को छोड़ने के फैसले पर बदानी ने कहा, ‘‘हमने पिछले सत्र के प्रदर्शन पर उसका समर्थन किया, लेकिन हमे लगा कि उस पर नौ करोड़ रूपये खर्च नहीं किये जा सकते। इसलिये उसे छोड़ने का फैसला किया।’’ वहीं, भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले का मानना है कि दिल्ली कैपिटल्स के पास अच्छे भारतीय खिलाड़ी हैं लेकिन सलामी जोड़ी पर काम करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास अच्छे भारतीय खिलाड़ी हैं। नीतिश राणा बायें हाथ के बल्लेबाज हैं। केएल राहुल, अभिषेक पोरेल और करुण नायर उसे मजबूती देते हैं। अब उन्हें तय करना है कि शीर्ष क्रम पर कौन कहां खेलेगा।’’ आईपीएल के ऑक्शन में भी डुप्लेसी ने नाम नहीं दिया है।  

बाल विवाह के मामले बढ़े: एमपी में 2025 में 538 केस दर्ज, मंत्री ने विधानसभा में स्वीकारा

भोपाल  मध्य प्रदेश में हर साल महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल विवाह रोकने के लिए करोड़ों रुपए का बजट खर्च करता है। इसके बावजूद राज्य में बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 2020 से 2025 तक छह साल में हर साल औसतन 400 से ज्यादा बाल विवाह के मामले दर्ज हुए। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने पूछा कि मार्च 2020 से अब तक कितने बाल विवाह के मामले सामने आए, जिनमें लड़कियों की उम्र 18 साल से कम पाई गई। उन्होंने वर्षवार और जिलेवार आंकड़े मांगे। इसके अलावा यह जानकारी भी मांगी कि बाल विवाह के बाद कितनी बालिकाओं ने बच्चों को जन्म दिया? उनमें से कितने बच्चों की मौत हो गई? मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 2020 से हर साल बाल विवाह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मुद्दे पर नरसिंहगढ़ सीट से बीजेपी विधायक मोहन शर्मा ने कहा- पहले बाल विवाह होते थे, अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में दो साल में 36 हजार से ज्यादा बाल विवाह रोके गए MP  में सरकारी एजेंसियों की मदद से करीब 3 हजार बाल विवाह रोके गए और मानव तस्करी के शिकार साढ़े 4 हजार बच्चों को बचाया गया. बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम करने वाले एक संगठन पिछले दो साल का यह आंकड़ा जारी किया है.  देशभर में 3 लाख 74 हजार बाल विवाह रोककर, एक लाख बच्चों को मानव तस्करी से बचाकर, यौन शोषण के शिकार 34 हजार बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य उपचार प्रदान करके और 63 हजार मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू करके भारत ने साबित कर दिया है कि वह एक ऐसा राष्ट्र बन सकता है जहां बच्चों के खिलाफ अपराध करने के बाद कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा.  जेआरसी ने देश के 250 से ज़्यादा गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से, अप्रैल 2023 से अगस्त 2025 के बीच मध्य प्रदेश के 41 ज़िलों में 36 हजार 838 बाल विवाह रोके, मानव तस्करी के शिकार 4 हजार 777 बच्चों को मुक्त कराया और यौन शोषण के शिकार 1200 से ज़्यादा बच्चों की मदद की.  बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत के मुकाबले मामूली कम उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश में बाल विवाह की दर 23.1 है जो राष्ट्रीय औसत 23.3 के मुकाबले मामूली कम है लेकिन कुछ जिलों में स्थिति गंभीर है। जैसे राजगढ़ में बाल विवाह की दर 46.0, श्योपुर में 39.5, छतरपुर में 39.2, झाबुआ में 36.5 और आगर मालवा जिले में 35.6 प्रतिशत है। कानून पर सख्ती से अमल के अभाव में बाल विवाह से बच्चियों का पढ़ाई छोड़ना और उनका शोषण व गरीबी के अंतहीन दुष्चक्र में फंसना जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब सरकार को साफ संदेश देना होगा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) हर धर्म, परंपरा और पर्सनल लॉ से ऊपर है। रेप पर मौत की सजा का प्रावधान  मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने बच्चियों से रेप पर मौत की सजा का प्रावधान किया था। अब यही सख्ती बाल विवाह पर भी दिखनी चाहिए। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम बच्चों की सुरक्षा का धर्मनिरपेक्ष कानून है, इसे किसी भी पर्सनल लॉ से कमतर मानना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदेश की 7.3 करोड़ आबादी में 40% बच्चे हैं। यहां बाल विवाह की दर 23.1% है, जो राष्ट्रीय औसत 23.3% से थोड़ी कम है। वहीं कई जिलों में हालात चिंताजनक हैं। ऋभु ने कहा कि इन जिलों में बच्चियां समय से पहले पढ़ाई छोड़ रही हैं और गरीबी व शोषण के अंतहीन चक्र में फंस रही हैं। 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना लक्ष्य  मध्यप्रदेश में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के साथ 17 सहयोगी संगठन बाल विवाह, ट्रैफिकिंग, बाल श्रम और यौन शोषण के खिलाफ दोहरी रणनीति-जागरुकता और कानूनी हस्तक्षेप पर काम कर रहे हैं। यह नेटवर्क चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया अभियान के साथ जुड़ा है, जिसका लक्ष्य 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना है। बैंड और घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान  बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए) 2006 बाल विवाह पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के को बच्चे के तौर परिभाषित करता है। इस कानून के तहत बाल विवाह को प्रोत्साहित करने या उसमें किसी भी तरह का सहयोग करने जैसे बारात में शामिल मेहमानों, हलवाई, सजावट करने वाले, बैंड वाले या घोड़ी वाले पर भी सजा व जुर्माने का प्रावधान है।  

पुलिस की कार्रवाई पर सवाल: बांग्ला बोलने वाले युवकों को रोहिंग्या बताकर 72 घंटे का नोटिस

भुवनेश्वर पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद के कई मुस्लिम युवक सालों से ओडिशा के नयागढ़ और आसपास के जिलों में कारोबार करते हैं। ये लोग वहां अपने दोपहिया वाहनों पर गांव-गांव और शहर-शहर जाकर कंबल, मच्छड़दानी और ऊनी कपड़े बेचते हैं। आपस में ये लोग बांग्ला में बात किया करते थे, यही बात वहां की पुलिस को नागवार लग गई। पुलिस ने उन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर 72 घंटे के अंदर ओडिशा छोड़ने का फरमान थमाया है। ओडागांव पुलिस ने पिछले हफ्ते इसी तरह कारोबार कर रहे चार मुस्लिम युवकों को ओडिशा छोड़ने का आदेश दिया था लेकिन वह समय सीमा सोमवार को खत्म हो गई। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुवार को ओडागांव पुलिस स्टेशन में उन मुस्लिम युवकों ने अपने आधार और वोटर कार्ड दिखाए। बावजूद इसके पुलिस अधिकारियों ने उन्हें तीन दिनों के अंदर शहर छोड़ने का अल्टीमेटम थमा दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि थाने में ही वर्दी पहने पुलिस अफसर ने कई बार उन्हें कथित तौर पर बंगाली में बात करने पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी कहा। जिन चारों युवकों को ओडिशा छोड़ने का आदेश दिया गया है वे सभी मुर्शिदाबाद के डोमकल सबडिवीजन के जलंगी ब्लॉक में सागरपारा ग्राम पंचायत के रहने वाले हैं। उधेड़बुन में मुस्लिम कारोबारी ये चारों सैकड़ों लोगों के समूह का हिस्सा हैं, जो बंगाल से आकर ओडिशा में कई सालों से कारोबार कर रहे हैं। पुलिस का आदेश मिलने के बाद ये लोग सोमवार शाम ही बस से 100 KM से ज़्यादा दूर भुवनेश्वर के लिए निकलने वाले थे, जहां से वो फिर हावड़ा के लिए ट्रेन पकड़ते लेकिन सोमवार देर रात तक, उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि घर का जो ज़रूरी सामान वे जल्दी में छोड़ आए और जो सामान अब तक नहीं बिक सका है, उसका क्या करें। सबसे बड़ी प्रॉब्लम हमारा स्टॉक उन युवकों में से 32 साल के साहेब सेख ने द टेलीग्राफ को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, “हमारे पास कन्फर्म ट्रेन टिकट नहीं हैं। सबसे बड़ी प्रॉब्लम हमारा स्टॉक है। हमारे मकान मालिक को हमें नोटिस देना पड़ा है। हमने स्टॉक रखने के लिए लगभग 30KM दूर दूसरी जगह ढूंढ ली थी। हमारे पास 2 लाख रुपये से ज़्यादा का स्टॉक है। अब उसका क्या करें?” उसने बताया कि हम कोई खरीदार ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं, कम से कम कोई ऐसा जो इसे सस्ते रेट पर ही सही, कुछ खरीद ले। जैसे ही हम इसे कुछ बेच पाएंगे, हम घर लौट जाएंगे। बांग्लादेशी और रोहिंग्या होने के आरोप बता दें कि इस साल ओडिशा में बंगाल से आए मुस्लिम व्यापारियों और प्रवासी मज़दूरों को कई बार पुलिस हिरासत और भीड़ के हमलों का सामना करना पड़ा है। पिछले महीने 24 नवंबर को भी मुर्शिदाबाद के 24 साल के राहुल इस्लाम को ओडिशा के गंजम जिले में भीड़ ने कथित तौर पर बांग्लादेशी कहकर पीटा था, क्योंकि उसने “जय श्री राम” का नारा लगाने से मना कर दिया था। यह जगह साहेब के ग्रुप के घर से करीब 30KM दूर है। राहुल इस्लाम भी ऊनी के कपड़े बेचता था। ओडिशा में राहुल और साहेब के जैसी और भी कहानियां हैं, जिन पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या होने के आरोप लगाए जा रहे हैं और उन्हें भगाया जा रहा है।

नंदनवन-नंदन पक्षी विहार पहुंचे वन मंत्री, संरक्षण कार्यों की समीक्षा की

बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने दिए निर्देश रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज रायपुर स्थित नंदनवन-नंदन पक्षी विहार के निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। मंत्री श्री कश्यप ने नंदनवन को बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध डीपीआर तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन को ऐसा केंद्र बनाया जाए, जहां जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं नंदनवन पक्षी विहार में मंत्री कश्यप ने कहा कि नंदनवनपक्षी विहार रायपुर में स्थित एक चिड़ियाघर और पिकनिक स्थल है। यहां विदेशी पक्षियों सहित कई प्रकार के पक्षी रखे गए हैं और यह शहर के लोगों के लिए एक प्रमुख पर्यटन और पिकनिक स्पॉट है। यहां अफ्रीकन ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, मकाऊ और शुतुरमुर्ग जैसे कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं। पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार दें ध्यान अधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ चर्चा कर पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और क्षेत्र को अधिक आकर्षक तथा सुरक्षित बनाने संबंधी सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन की टीम सभी पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार के साथ जरूरत पड़ने पर दवाईयां व खाद्य पदार्थ देते हैं,ताकि पक्षी स्वस्थ रहें। यहां रखे गए विदेशी पक्षी प्रजनन भी कर रहे हैं, उसका सतत मानिटरिंग कराएं। नंदनवन पक्षी विहार के अंदर पर्यटकों को बैठने के लिए पेड़ों के तरह कुर्सियां बनाई गई है। इसके अलावा सेल्फी जोन का भी निर्माण किया गया है।           इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, वन बल प्रमुख एवं पीसीसीएफ  व्ही श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ  अरुण कुमार पांडे, रायपुर सीसीएफ मनिवासगन एस., सीसीएफ (वन्यजीव) सतोविषा समाजदार, रायपुर डीएफओ लोकनाथ पटेल, जंगल सफारी संचालक थेझस शेखर सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

प्राथमिक शाला सागबाड़ी में दो शिक्षकों की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

रायपुर, वर्षों तक केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होने वाले इस विद्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लागू की गई, जिसके तहत यहां दूसरे शिक्षक की पदस्थापना की गई।  इस पहल ने विद्यालय की व्यवस्था को मजबूत किया है और विद्यार्थियों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल क्षेत्र के ग्राम सागबाड़ी स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा की गुणवत्ता अब नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। एक शिक्षक के भरोसे चल रहा था पूरा विद्यालय           सालों से इस विद्यालय में मात्र एक शिक्षक, प्रधान पाठक श्री राम सिंह, ही कार्यरत थे। अकेले सभी कक्षाओं को संभालना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ना पड़ता था और अलग-अलग कक्षाओं के लिए बच्चों को शिक्षक की उपलब्धता का इंतजार करना पड़ता था। इससे शिक्षा की गति प्रभावित होती थी। युक्तियुक्तकरण से मिली राहत-दूसरे शिक्षक की नियुक्ति           अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पदों वाले विद्यालयों में भेजने की राज्य स्तरीय पहल के तहत 5 जून 2025 को श्री मनोज चंद्रा को सागबाड़ी प्राथमिक शाला में सहायक शिक्षक के रूप में पदस्थ किया गया। उनकी नियमित उपस्थिति और समर्पित शिक्षण से विद्यालय की गतिविधियों में नई ऊर्जा आई है। विद्यार्थियों ने महसूस किया बदलाव महसूस किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी इस सुधार को खुलकर सराहा है। कक्षा पाँचवीं के छात्र बुधवार सिंह ने बताया कि पहले एक शिक्षक होने से पढ़ाई में कई कठिनाइयाँ आती थीं, लेकिन अब दो शिक्षक होने से पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।  गाँव में शिक्षा सुदृढ़ीकरण की मिसाल         दो शिक्षकों की उपलब्धता से सागबाड़ी प्राथमिक शाला में शैक्षणिक गतिविधियों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वनांचल क्षेत्र के इस छोटे से विद्यालय में आया यह बदलाव शिक्षा सुदृढ़ीकरण की एक प्रेरक मिसाल बन गया है। कक्षा चौथी की प्रिया, दूसरी की रोशनी और तीसरी के सतीश यादव ने भी खुशी जताते हुए कहा कि अब कोई भी कक्षा खाली नहीं रहती और गुरुजी समय पर पहुंचते हैं। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और मध्यान्ह भोजन मिलता है।

ब्लू ड्रेस में नजर आईं भारती सिंह, उनका स्टाइलिश मेटरनिटी फोटोशूट इंटरनेट पर छाया

मुंबई कॉमेडी की दुनिया में अपनी जबरदस्त टाइमिंग और बेहतरीन अंदाज से लाखों दिल जीत चुकीं कॉमेडी क्वीन भारती सिंह इन दिनों अपनी प्रेग्नेंसी जर्नी को लेकर सुर्खियों में हैं।वो जल्द ही दूसरे बच्चे को जन्म देने वाली हैं। कॉमेडियन ने इस गुड न्यूज को खुद अपने फैंस के साथ शेयर किया था। अब हाल ही में भारती ने अपने ग्लैमरस मैटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जो देखते ही देखते वायरल हो गईं। इसमें भारती ब्लू ड्रेस में बेबी बंप के साथ पोज करते हुए बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं। प्रेग्नेंसी ग्लो के साथ उनका कॉन्फिडेंस और स्माइल तस्वीरों को और भी खास बना रहा है। आइए देखते हैं उनका शानदार फोटोशूट जिसने जीता सबका दिल। सेलिब्रिटी से लेकर आम लोगों तक सभी ने उन्हें बधाई दी और कमेंट बॉक्स में दिल खोलकर मैसेज किए। भारती दूसरी बार बनने वाली हैं मां कॉमेडी क्वीन भारती सिंह किसी पहचान की मोहताज नहीं है। भारती के पहले बेटे गोला का अब जल्द ही भाई या बहन आने वाला है। इस खुशी को खुद भारती ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर बताया था। उनकी इस खुशी में उनके साथ फैंस और परिवार वाले भी बहुत खुश हैं। हालांकि अभी डिलीवरी डेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन कहीं न कहीं अंदाजा लगाया जा रहा है कि नए साल के पहले या दूसरे महीने में भारती और हर्ष के घर एक और नन्हा मेहमान आ जाए और वो 3 से 4 बन जाएं। ब्लू ड्रेस में कराया फोटोशूट भारती सिंह ने हाल ही में मैटरनिटी फोटोशूट करवाया है जिसमें उन्होंने नीले रंग की शानदार ड्रेस पहनी हुई है। इस आउटफिट में भारती बला की खूबसूरत लग रही हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि भारती किसी परी से कम नहीं लग रही हैं। उन्होंने तस्वीरें शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- दूसरा बेबी लिम्बाचिया जल्द ही आ रहा है। पता हो कि भारती सिंह लंबे समय से दूसरे बच्चे की इच्छा कर रही थीं और वो चाहती थीं कि उनकी बेटी हो। अब तो वक्त ही बताएगा कि गोला की बहन होगी या भाई। फैंस और सेलिब्रिटी ने लुटाया प्यार जैसे ही भारती सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर अपना मैटरनिटी फोटोशूट पोस्ट किया तो उनके चाहने वाले फैंस और सेलिब्रिटी ने दिल खोलकर कमेंट किए और बधाइयां दी। नीति मोहन, ईशा गुप्ता, जन्नत जुबैर से लेकर अनीता हसनंदानी तक ने बधाई दी।वहीं भारती के फैंस ने भी मुबारकबाद दी। एक ने लिखा- सबसे प्यारी माँ, दूसरे ने लिखा- इतनी सुंदर तस्वीरें, तीसरे ने लिखा- बधाई हो बहुत सुंदर लग रही हो। इसी तरह के बहुत से कमेंट आए हैं। वहीं कई यूज़र्स ने उनके नए लुक पर दिल वाले इमोजी की बौछार कर दी है। फोटोशूट में भारती का अंदाज बिल्कुल रॉयल नजर आ रहा है, और हर फ्रेम में मदरहुड की खूबसूरती साफ झलक रही है।

मुख्यमंत्री साय ने किया साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण

रायपुर, नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, प्रदीप श्रीवास्तव और शकुंतला तरार उपस्थित थे। लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है। लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है। लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है। रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।

संघर्ष भरी जिंदगी से सिल्वर स्क्रीन तक: बोमन ईरानी को 41 की उम्र में कैसे मिला बड़ा मौका

मुंबई आज हम बात करने वाले हैं बॉलीवुड के एक ऐसे अभिनेता की, जिसने 41 की उम्र में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के साथ अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। जी हां, जहां अधिकतर एक्टर कम उम्र में ही फिल्मों में डेब्यू करने की चाहत रखते हैं। वहीं, बोमन ईरानी एक ऐसे एक्टर है, जिन्होंने 41 साल की उम्र में अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की। आज बोमन अपना बर्थडे मना रहे हैं। उनका जन्म 2 दिसंबर 1959 को मुंबई के एक पारसी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी संघर्षों का सामना किया है। उनके जन्म से छह महीने पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था। वह बचपन में बहुत तुतलाते थे और डिस्लेक्सिक थे। लेकिन इन सब चुनौतियों के बावजूद वे आज एक सफल अभिनेता और निर्देशक हैं। आज बोमन ईरानी के जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्सों के बारे में – बचपन में थी डिस्लेक्सिया की समस्या बोमन ईरान ने एक कार्यक्रम के दौरान खुलासा किया था कि उन्हें 2 साल की उम्र में उन्हें डिस्लेक्सिक की बीमारी हो गई थी, जिसके कारण वह हमेशा तुतलाकर बोलते थे। वह जब भी बोलते थे, तो लोग उनका मजाक उड़ाते थे। बता दें, बोमन ईरानी के जन्म से 6 महीने पहले ही उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। ऐसे में वह बताते हैं कि इस वक्त उनकी मां उनके लिए सबसे बड़ा सपोर्ट थीं। उनकी मां ने ही उन्हें थिएटर में शामिल होने व स्पीच थैरेपिस्ट लेने के लिए प्रोत्साहित किया था। वेटर के रूप में काम किया बोमन ईरानी ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद 2 साल तक वेटर का कोर्स किया और ताज होटल पैलेस में उन्होंने वेटर व रूम सर्विस स्टाफ के रूम में काम किया। उन्होंने 1987 से लेकर 1989 तक एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर के रूप में भी काम किया। मां के साथ बेकरी में किया काम बोमन ईरानी ने अपने काम के साथ-साथ अपनी मां की बेकरी में हाथ बटाने में भी काफी ज्यादा मदद की। वह बताते हैं कि उन्हें अपनी बेकरी में आलू व घी की बहुत ज्यादा दुर्गंध आती थी। लेकिन उनकी पत्नी इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित किया करती थी और उन्हें बताया है कि इसे सम्मान की तरह लें। उन्होंने अपनी मां के साथ बेकरी में काफी सालों तक काम किया है। वह एक सफल दुकानदार थे, लेकिन इसके बावजूद वह एक अभिनेता और निर्देशक बनना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने 1981 से 1983 के बीच हंसराज सिंधिया के मार्गदर्शन में अभिनय सीखा। इस फिल्म से किया बॉलीवुड डेब्यू बोमन ईरानी ने अपनी फिल्मी करियर की शुरुआत 41 साल की उम्र में की। उन्होंने बॉलीवुड के अभिनेता शाहरुख खान के साथ जोश' में काम किया। उन्होंने 'लेट्स टॉक', 'मुन्नाभाई एमबीबीएस', 'लगे रहो मुन्ना भाई', '3 इडियट्स', 'दोस्ताना', 'वक्त' और कई फिल्मों में अपने अभिनय से लोगों का दिल जीता।

यात्री ध्यान दें! एक महीने तक बंद रहेंगी ये ट्रेनें, देखें पूरा शेड्यूल

रांची झारखंड के रेल यात्रियों के लिए अहम खबर है। रांची रेलवे स्टेशन का रेनोवेशन कार्य किया जा रहा है। जिस कारण 20 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया है, जबकि 10 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। 10 दिसंबर से 07 जनवरी तक रद्द रहेंगी ये ट्रेनें रेलगाड़ी संख्या 58665/58666 हटिया–सांकी पैसेंजर, ट्रेन नंबर 18602/18601 हटिया–टाटानगर एक्सप्रेस, रेलगाड़ी संख्या 58663/58664 हटिया–सांकी पैसेंजर, रेलगाड़ी संख्या 58034/58033 रांची–बोकारो स्टील सिटी पैसेंजर 10 दिसंबर से 07 जनवरी तक रद्द रहेंगी। 23 दिसंबर से 7 जनवरी तक रद्द रहने वाली ट्रेनें ट्रेन नंबर 18085/18086 खड़गपुर–रांची एक्सप्रेस,  रेलगाड़ी संख्या 13303/13304 धनबाद–रांची एक्सप्रेस,  ट्रेन नंबर 13319/13320 दुमका–रांची–दुमका एक्सप्रेस, रेलगाड़ी संख्या 68035/68036 टाटानगर–हटिया मेमू  23 दिसंबर से 7 जनवरी तक के लिए रद्द किया गया। वहीं  रेलगाड़ी संख्या 18631 रांची–चोपन एक्सप्रेस  24, 26, 28, 31 दिसंबर, 02, 04, 07 जनवरी तक रद्द रहेंगी। जबकि ट्रेन नंबर 18632 चोपन–रांची एक्सप्रेस 25, 27, 29 दिसंबर, 01, 03, 05, 08 जनवरी कैंसिल की गई। ट्रेन नंबर 13403/13404 रांची–भागलपुर–रांची एक्सप्रेस  06 और 07 जनवरी को रद्द कर दिया गया। ये ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट 10 दिसंबर से 07 जनवरी तक गाड़ी संख्या 13503/13504 वर्द्धमान–हटिया–वर्द्धमान एक्सप्रेस बोकारो स्टील सिटी तक शॉर्ट टर्मिनेट होगी। गाड़ी संख्या 63598/63597 आसनसोल–रांची मेमू, ट्रेन नंबर 18035/18036 खड़गपुर–हटिया एक्सप्रेस मुरी स्टेशन तक शॉर्ट-टर्मिनेट होगी। ट्रेन नंबर 13513/13514 आसनसोल–हटिया–आसनसोल एक्सप्रेस  24, 25, 27, 28, 29, 31 दिसंबर और 01, 03, 04, 05, 07 जनवरी तक मेसरा स्टेशन तक शॉर्ट-टर्मिनेट रहेगी। ये ट्रेनें पिस्का स्टेशन से चलेगी ट्रेन नंबर 18635 रांची–सासाराम एक्सप्रेस 23-27 दिसंबर, 29 दिसंबर–03 जनवरी, 05–07 जनवरी, वहीं गाड़ी संख्या 18636 सासाराम–रांची एक्सप्रेस 24–28 दिसंबर, 30 दिसंबर–04 जनवरी, 06–08 जनवरी तक पिस्का स्टेशन से चलेगी।