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लाल या सफेद– किस अमरूद में है ज्यादा न्यूट्रिशन? जानें दोनों के जबरदस्त फायदे

सर्दियों में मिलने वाला अमरूद स्वाद ही नहीं बल्कि सेहत का पावरहाउस माना जाता है। ठंड आते ही मार्किट में अलग-अलग तरह के अमरूद आ जाते हैं। ये खाने में जितने टेस्टी होते हैं उतने ही लाभकारी भी होते हैं। लोग बड़े चटकारे लेकर इन्हें खाते हैं और कुछ तो चाट बना लेते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि लाल अमरूद ज्यादा फायदेमंद है या सफेद अमरूद? दोनों ही तरह के अमरूद पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन उनके गुण और शरीर पर असर में थोड़ा फर्क होता है। ऐसे में लोगों में हमेशा इस बात को लेकर कंफ्यूजन बना रहता है कि आखिर कौन सा अमरूद ज्यादा सेहतमंद है। लाल अमरूद में जहां एंटीऑक्सिडेंट और लाइकोपीन की मात्रा अधिक पाई जाती है, वहीं सफेद अमरूद कैल्शियम, डाइटरी फाइबर और विटामिन C का बेहतर स्रोत है। ऐसे में कौन सा अमरूद आपकी सेहत के लिए बेहतर रहेगा, यह जानना जरूरी है ताकि आप दोनों के फायदे समझकर अपनी डाइट को और भी हेल्दी बना सकें। आइए जान लेते हैं दोनों की तुलना और फायदे विस्तार से। लाल अमरूद के पोषक तत्व और फायदे लाल-लाल अमरूद देखने में जितने सुंदर लगते हैं खाने में भी उतने ही मीठे और टेस्टी होते हैं। आप जान लें कि लाल रंग के अमरूद का रंग इसमें पाए जाने वाले लाइकोपीन (Lycopene) के कारण होता है, जो शरीर को बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इनमें लाइकोपीन, विटामिन C और A, एंटीऑक्सिडेंट्स, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। लाल अमरूद के सेहत के लिए लाभ दिल को मजबूत करता है लाल अमरूद में लाइकोपीन पाया जाता है जो हार्ट संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करता है। कैंसर से बचाव में मदद लाल अमरूद में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स हानिकारक फ्री-रैडिकल्स से बचाते हैं जो कैंसर से बचाव करते हैं। स्किन ग्लो बढ़ाता है लाल अमरूद में मौजूद कोलेजन आपकी स्किन के लिए बहुत लाभकारी होते हैं ये आपके कोलेजन को मजबूत कर त्वचा को चमकदार बनाता है। वजन घटाने में मददगार लाल अमरूद में कम कैलोरी और हाई फाइबर होता है जो वजन घटाने में लाभकारी होता है। सफेद अमरूद के पोषक तत्व और फायदे लाल अमरूद के पोषक तत्वों के बारे में तो आपने जान लिया है अब सफेद अमरूद के पोषक तत्वों के बारे में भी जान लेते हैं। बाजार में सबसे ज्यादा मिलने वाले सफेद अमरूद को पाचन और इम्यून सिस्टम के लिए प्रकृति का अनमोल उपहार माना जाता है। इसमें मुख्य रूप से अत्यधिक विटामिन C, डाइटरी फाइबर, कैल्शियम और पोटैशियम, फोलेट और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। सफेद अमरूद के स्वास्थ्य लाभ पाचन तंत्र को मजबूत करता है सफेद अमरूद को खाने से फाइबर कब्ज और बदहजमी में राहत मिलती है। इम्युनिटी बढ़ाता है सफेद अमरूद में विटामिन C भर-भरकर मौजूद होता है जो संक्रमण और जुकाम से बचाता है। हड्डियों को मजबूत बनाता है इसमें कैल्शियम और पोटैशियम की उच्च मात्रा होती है जो हड्डियों को मजबूत बनाने में लाभकारी है। ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होता है सफेद अमरूद, आप इन्हें आराम से बिना डरे खा सकते हैं। कौन सा अमरूद सबसे ज्यादा फायदेमंद है? अक्सर लोग पूछते हैं लाल अमरूद खाएं या सफेद कौन से ज्यादा अच्छे होते हैं तो आपने ऊपर आर्टिकल में इनके गुणों के बारे में तो पढ़ लिया है अब ऐसे में ये साफ है कि दोनों ही अमरूद सेहत के लिए लाभकारी हैं। आप अपनी जरूरत के हिसाब से लाल या सफेद अमरूद का सकते हैं।

2 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस? कारण, इतिहास और महत्व

हर साल 2 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2025 के रूप में मनाया जाता है। आपको बता दें कि इसी दिन साल 1984 में भोपाल में गैस त्रासदी हुई थी, जिसमेंजहरीली गैस के कारण हजारों लोगों की जान चली गई थी। तभी से इस दिन को लोगों को प्रदूषण के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में, आइए आज राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के मौके पर जानते हैं इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें – क्यों मनाते हैं राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस? भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गवांने वाले लोगों की याद में हर साल 2 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1984 में इस दिन मध्य प्रदेश के भोपाल में एक बहुत बड़ी औद्योगिक त्रासदी हुई थी। आपको बता दें कि 2 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से निकली जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थी। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रदूषण के खतरों के प्रति जागरूक करना है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का महत्व राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस हमें याद दिलाता है कि प्रदूषण एक व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकता है। ऐसे में, हर व्यक्ति को इसके महत्व के बारे में पता होना चाहिए। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रदूषण के से होने वाले खतरनाक दुष्प्रभाव के लिए पहले से ही जागरूक करना है। ताकि वह स्वच्छता व पर्यावरण प्रेरित हो सके। यही नहीं लोगों को सरकारी नीतियों से भी अवगत करवाना है, ताकि वह जान सके कि प्रदूषण को कम करने व नियंत्रित करने के लिए सरकार ने इसके लिए क्या-क्या नीति व योजना बनाई है। इसके अलावा, उद्योगों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता फैलाना भी इस दिन का एक उद्देश्य है। प्रदूषण से बचने के तरीके भारत में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर आप भी इस प्रदूषण से खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो नीचे बताए उपाय की मदद ले सकते हैं – प्रदूषण से बचने के लिए आपको निजी वाहनों का उपयोग कम करना चाहिए। साथ ही, पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो व बस आदि का सहारा लेना चाहिए। इससे प्रदूषण भी कम होगा और आप स्वस्थ भी रहेंगे। प्रदूषण से बचने के लिए अपने घर के आसपास ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाएं। यह कार्बन डाइऑक्साइड को ऑब्जर्व करके ऑक्सीजन छोड़ने में मदद करता है, जिससे प्रदूषण कम होता है और आप स्वस्थ हवा में सांस भी ले सकते हैं। प्रदूषण सिर्फ हवा में नहीं बल्कि पानी में भी होता है। ऐसे, में आप पानी का काम दुरुपयोग करें और अधिक से अधिक पानी को बचाने की कोशिश करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने को शीर्ष 10 में जगह बनाने पर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठ थानों की रैंकिंग में 9वां स्थान प्राप्त होने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कॉन्फ्रेंस में मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपराध के ग्राफ, आपराधिक प्रकरणों को सुलझाने की अवधि, स्वच्छता, अधिकारियों-कर्मचारियों के व्यवहार जैसे 70 मापदंडों के परीक्षण के आधार पर प्राप्त यह रैंक प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी। एक भारत श्रेष्ठ भारत की थीम पर आयोजित मेले में मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया तथा मंडपम केन्द्र में मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर को दर्शाया गया था। मध्यप्रदेश मंडपम में प्रदेश की विश्व धरोहरों खजुराहो, सांची स्तूप और भीमबेटका के साथ प्रस्तावित धरोहर स्थलों, विभिन्न सांस्कृतिक महोत्सवों, हस्तशिल्प, हाथकरघा, जी.आई., एक जिला एक उत्पाद को भी सजाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लुटियन्स ने जब भारतीय संसद भवन का डिजाइन तैयार किया था तब उन्होंने भारत वर्ष की प्रसिद्ध इमारतों के डिजाइन बुलवाए थे, जिसमें से उन्होंने मुरैना जिले के 64 योगिनी मंदिर का चुनाव किया था। इसके आधार पर ही लुटियन्स ने भारतीय संसद भवन का निर्माण कराया था।  प्रमुख बिंदु     मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में रायपुर में हुई डीजीपी कॉन्फ्रेंस में मंदसौर के मल्हारगढ़ थाने को देश के श्रेष्ठतम पुलिस थानों की रैंकिंग में 9वी रैंक प्राप्त होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ थाने के पूरे स्टॉफ को भी बधाई दी।     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मंडपम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रजत पदक प्राप्त होने की बधाई भी दी।     44वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला दिल्ली में 14 से 27 नवम्बर तक आयोजित हुआ।     मध्यप्रदेश के मंडप को ग्वालियर किले की थीम पर विकसित किया।

हाईकोर्ट आदेश के बावजूद जेलर का विरोध, शहबाज सरकार झुकी—इमरान से मिलने जाएंगी बहन

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान कहां गए? वो सही सलामत हैं भी या नहीं. 4 नवंबर के बाद से परिवार के किसी सदस्य ने या फिर उनके किसी वकील ने उनसे अदियाला जेल में मुलाकात नहीं की है. इस वजह से ही आज मंगलवार को पाकिस्तान में इस्लामाबाद हाईकोर्ट और रावलपिंडी में अदियाला जेल के बाहर इमरान खान की बहनों और समथर्कों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया. स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनों के बाद इमरान की एक बहन को मुलाकात करने की अनुमति मिल गई है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि शायद अब इमरान खान की सेहत को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो जाएगा. दरअसल, इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं, सांसदों और नेताओं की भारी भीड़ जुटी और सरकार के खिलाफ नारे लगाए. एक PTI प्रदर्शनकारी ने कहा, “यह सरकार अब सो नहीं पा रही. हम इमरान खान को रिहा कराएंगे. जब तक इमरान खान की बहनों को मुलाकात की इजाजत नहीं मिलेगी, हम यहीं बैठे रहेंगे.” अदियाला जेल के बाहर भी भारी प्रदर्शन कोर्ट के आदेश के बावजूद इमरान खान से उनकी बहनों और वकीलों को मिलने नहीं दिया जा रहा है. वहीं अदियाला जेल के बाहर भी इमरान समर्थकों ने पूर्व पीएम को रिहा करने की मांग को लेकर जबरदस्त प्ररदर्शन किया. इमरान खान की तीनों बहनों- अलीमा खान, नूरीन खान और आजमी खान का शक अब उनकी हालत को लेकर बढ़ रहा है. उनकी तीनों बहनें अदियाला जेल के बाहर चल रहे प्रदर्शन में भी शामिल हुईं. इससे पहले इमरान खान के बेटे ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि उनके पिता के साथ शायद कुछ ऐसा हुआ है, जिसे बदला नहीं जा सकता है. इस वजह से ही हुकूमत उनसे किसी को मिलने नहीं दे रही है. खैबर पख्तूनख्वा में इमरान की पार्टी की सरकार होगी बर्खास्त? बता दें कि बीते कई दिनों से न तो इमरान खान की कोई तस्वीर सामने आई है, ना ही उनसे मुलाकात के बाद किसी ने उनके सही-सलामत होने का भरोसा दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच ये खबर भी जोर पकड़ रही है कि खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी की सरकार को बर्खास्त कर राज्यपाल शासन लागू किया जा सकता है. दरअसल, खैबर पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी इमरान को रिहा करने के प्रदर्शन में जोर-शोर से अपनी आवाज उठा रहे हैं. जल्‍लाद से कम नहीं ये जेलर! हाईकोर्ट के आदेश को रद्दी की टोकरी में फेंका, मिलने गए सीएम को 8 बार लौटाया पाकिस्तान की राजनीति में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता. यहां प्रधानमंत्री जेल जाते हैं और जेलर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आ जाते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही जेलर की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसका रसूख शायद इस वक्‍त पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से कम नहीं है. एक ऐसा सरकारी मुलाज‍िम, जो वर्दी तो जेल पुलिस की पहनता है, लेकिन उसके तेवर किसी तानाशाह से कम नहीं हैं. हम बात कर रहे हैं रावलपिंडी की मशहूर अडियाला जेल के सुपरिंटेंडेंट (जेलर) अब्दुल गफूर अंजुम की. वही जेल, जहां पाकिस्तान की सियासत का सबसे बड़ा चेहरा, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, ‘कैदी नंबर 804’ बनकर बंद हैं. इस जेलर की कहानी पढ़कर आपको लगेगा कि क्या वाकई पाकिस्तान में कोई कानून-कायदा बचा है या फिर वहां ‘जिसकी लाठी, उसकी भैंस’ वाली कहावत ही संविधान बन चुकी है. अब्दुल गफूर अंजुम कोई आम जेलर नहीं हैं. वे पंजाब प्रेसिडेंट सर्विस के अफसर हैं और इन दिनों उनकी हनक ऐसी है कि वे हाईकोर्ट के जजों के आदेशों को भी सिगरेट के धुएं की तरह हवा में उड़ा देते हैं. हाईकोर्ट का आदेश? वो क्या होता है भाई जरा सोचिए, देश का एक पूर्व प्रधानमंत्री जेल में है. उसका परिवार अदालतों के चक्कर काट रहा है, सिर्फ इसलिए कि उन्हें अपने घर के मुखिया से मिलने दिया जाए. इस्लामाबाद हाईकोर्ट, जो देश की प्रतिष्ठित अदालतों में से एक है, साफ-साफ आदेश जारी करती है. आदेश में कहा जाता है कि इमरान खान के परिवार को उनसे हफ्ते में कम से कम दो बार मिलने की इजाजत दी जाए. यह बुनियादी मानवाधिकार है. किसी भी कैदी को उसके परिवार और वकीलों से मिलने का हक होता है. लेकिन, जब यह आदेश लेकर इमरान का परिवार और वकील अडियाला जेल के दरवाजे पर पहुंचते हैं, तो वहां उनकी मुलाकात होती है जेलर अब्दुल गफूर अंजुम के फरमान से. अंजुम साहब साफ कह देते हैं कि यह आदेश पूरा नहीं किया जा सकता. आप अंदाजा लगाइए, एक जेल सुपरिंटेंडेंट हाईकोर्ट के लिखित आदेश को मानने से इनकार कर रहा है. यह सिर्फ आदेश की अवहेलना नहीं है, यह न्यायपालिका के मुंह पर करारा तमाचा है. मानो जेलर साहब कह रहे हों कि जेल के अंदर मेरी अदालत चलती है, बाहर वालों की नहीं. सीएम को एक नहीं, आठ बार बेइज्‍जत कर लौटाया अगर आपको लगता है कि यह सिर्फ इमरान खान के परिवार तक सीमित है, तो आप गलत हैं. इस जेलर का खौफ और रसूख इतना है कि वह एक चुने हुए मुख्यमंत्री को भी कुछ नहीं समझता. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री सुहेल आफरीदी, जी हां, एक सिटिंग सीएम अपने नेता इमरान खान से मिलने अडियाला जेल पहुंचे. एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि पूरे आठ बार. और आठों बार जेलर अब्दुल गफूर अंजुम ने उन्हें जेल के दरवाजे से ही वापस लौटा दिया. प्रोटोकॉल के हिसाब से एक मुख्यमंत्री का दर्जा बहुत बड़ा होता है. लेकिन अंजुम के सामने प्रोटोकॉल की कोई अहमियत नहीं है. सोचिए, जिस देश में एक जेलर एक मुख्यमंत्री को आठ बार मिलने से मना कर दे, वहां लोकतंत्र की क्या हालत होगी? यह घटना बताती है कि पाकिस्तान में असली ताकत चुनी हुई सरकारों के पास नहीं, बल्कि कहीं और है. 4 नवंबर से ‘कालकोठरी’ में तब्दील इमरान की सेल जेलर अंजुम की मनमानी का सिलसिला यहीं नहीं रुकता. 4 नवंबर के बाद से तो उन्होंने अडियाला जेल में इमरान खान की सेल को एक तरह से ‘ब्लैक होल’ बना दिया है. तब से लेकर अब तक, इमरान खान को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया है. … Read more

मंगलवार के भौम प्रदोष की कथा: क्यों कहा जाता है कर्ज से छुटकारे का दिन?

हर महीने की त्रयोदशी तिथि देवों के देव महादेव को बेहद प्रिय मानी गई है, क्योंकि इस तिथि पर प्रदोष व्रत रखने की परंपरा है. त्रयोदशी तिथि पर और प्रदोष काल में ही देवताओं ने भगवान शिव का जल से अभिषेक और स्तुति की थी, जब भोलेनाथ ने समुद्र मंथन से निकले विष को अपने गले में धारण किया था. इसी वजह इस तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना गया है. आज 2 दिसंबर को प्रदोष व्रत है और मंगलवार पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है. प्रदोष व्रत की कथा का पाठ किए बिना पूजा पूर्ण नहीं माना जाता है. ऐसे में आइए भौम प्रदोष व्रत की कथा पाठ करते हैं. भौम प्रदोष व्रत महत्व भौम प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और हनुमान जी दोनों की पूजा की जाती है. यह व्रत रखने से भगवान शिव और हनुमान जी दोनों की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही, इस व्रत के प्रभाव से जीवन की बाधाएं और दुख-दर्द दूर होते हैं. भौम प्रदोष व्रत करने से मंगल ग्रह से संबंधित दोषों का निवारण होता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत को करने से आर्थिक तंगी दूर होती है, सुख-समृद्धि आती है और मन को शांति मिलती है. साथ ही, यह संतान सुख की इच्छा रखने वालों के लिए भी लाभकारी माना जाता है. भौम प्रदोष व्रत कथा 2025 भौम प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा एक वृद्धा की कहानी से जुड़ी है जो हनुमान जी की भक्त थी. एक नगर में एक वृद्धा रहती थी जिसका एक पुत्र था. वह वृद्धा हनुमान जी की बहुत बड़ी भक्त थी और हर मंगलवार को उनका व्रत किया करती थी. एक बार हनुमान जी ने उसकी भक्ति की परीक्षा लेने का फैसला किया. हनुमान जी एक साधु के वेश में वृद्धा के घर आए और भोजन मांगा. साधु बनकर हनुमान जी ने उस वृद्धा से कहा कि वह जमीन लीपे, लेकिन वृद्धा ने मना कर दिया और कोई दूसरा काम करने को कहें. फिर साधु ने उस वृद्धा से कहा कि वह अपने पुत्र को बुलाए, क्योंकि वह उसकी पीठ पर आग जलाकर भोजन बनाना चाहते हैं. यह सुनकर वृद्धा दुविधा में पड़ गई, लेकिन वचनबद्ध होने के कारण उसने अपने बेटे को साधु को सौंप दिया. फिर वृद्धा के हाथों से उसके बेटे की पीठ पर आग जलाई गई और वृद्धा दुखी मन से घर में चली गई. जब भोजन के बाद साधु ने वृद्धा को अपने पुत्र को बुलाने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया. लेकिन जब साधु नहीं माने, तो वृद्धा ने अपने बेटे को पुकारा. जब वृद्धा ने अपने पुत्र को जीवित देखा तो उसे देखकर बहुत आश्चर्य हुआ और वह साधु के चरणों में गिर पड़ी. तब हनुमान जी ने अपने असली रूप में आकर वृद्धा को आशीर्वाद दिया.

कड़ाके की सर्दी दस्तक देने को तैयार, चंडीगढ़ में येलो अलर्ट जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़ की रातों पर अब ठंड का पहरा लगना शुरू हो चुका है। रातों की ठंड का असर है कि शहर में दिन में भी अधिकतम तापमान 22 डिग्री तक गिर गया है। मौसम विभाग की मानें तो शहर में शीतलहर दस्तक दे चुकी है। चंडीगढ़ शहर के अंदर सैक्टर 39 में अधिकतम तापमान 24 डिग्री से ऊपर नहीं गया तो एयरपोर्ट पर तापमान 22 डिग्री से ऊपर नहीं गया। पंचकूला और मोहाली में भी दिन का पारा 23 डिग्री लसे ऊपर नहीं गया। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 3-4 दिनों तक सूरज ढलने के बाद रात में अच्छी खासी ठंड रहेगी।  उधर, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए राज्य में शीत लहर की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने पूरे पंजाब में शीत लहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 5 दिसंबर तक चलने वाली यह शीत लहर लोगों को कंपा देगी। इस दौरान घनी धुंध पड़ने की भी संभावना है और तापमान 2 से 4 डिग्री तक नीचे जा सकता है।  

तलाक की अपील खारिज: हाईकोर्ट बोला– क्षमा के बाद क्रूरता आधार नहीं बन सकती

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दंपती के बीच विवाद में अहम फैसला सुनाया है. जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सबूतों के अभाव में क्रूरता साबित नहीं होती और यदि कोई घटना हुई भी थी, तो पति ने उसे बाद में माफ कर दिया था. हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 23(1) (b) के अनुसार यदि क्रूरता माफ कर दी जाए तो तलाक का आधार नहीं बनता. जांजगीर निवासी व्यक्ति की शादी 11 दिसंबर 2020 को सरगांव निवासी महिला के साथ हुई थी. अक्टूबर 2022 को बेटी के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा. पति का आरोप था कि तीन अज्ञात नंबरों से उसे गालियां दी गईं और पत्नी के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. आरोप है कि 29 मार्च 2023 को पत्नी घर छोड़कर चली गईं. इसके बाद 4 अप्रैल 2023 को पति ने हिंदू मैरिज एक्ट के प्रावधानों के तहत तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया. जांजगीर के फैमिली कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को याचिका खारिज करते हुए कहा था कि क्रूरता साबित नहीं हुई. इस फैसले के खिलाफ पति ने हाई कोर्ट में अपील की थी.

7 दिन तक बंधक बनी रहीं जुड़वा बहनें: सिरसा पुलिस ने ऐसे छुड़ाया अपहरणकर्ताओं से

सिरसा  सिरसा जिले में जुड़वा बहनों का अपहरण का मामला सामने आया है। दोनों नाबालिग हैं। वह दोनों लकड़ी बीनने गई थी तब कार सवार महिला व उसके साथियों ने उनका अपहरण कर लिया।  दोनों बहनों ने बताया कि उनको सात दिन तक पानीपत में बंद कमरे में बंधक बनाया था। दोनों वहां से रविवार को किसी तरह से निकल गईं और रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर जीआरपी थाना से मदद मांगी। जीआरपी ने मामले की जांच की और सिरसा पुलिस व उनके परिजनों को सूचना दी जिसके बाद परिजन रात को पानीपत पहुंच गए। सोमवार सुबह दोनों बहनों को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। उधर, सिरसा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।  बता दें कि रविवार देर शाम को रेलवे स्टेशन पर करीब 12 साल की जुड़वा बहनें पहुंची और पुलिसकर्मियों को देखकर रोने लगी। एक ने बताया कि वह सिरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। वह 24 नवंबर को घर से जंगल में लकड़ियां लेने गई थीं। तभी एक कार उनके पास आई। जिसमें से एक महिला व युवक उतरा और उनके पास आ गए। इसी बीच उन्होंने उनके मुंह पर रूमाल रख दिया दिया जिससे वह बेसुध हो गईं। जब उन्हें होश आया तो वह एक कमरे में बंद थे। जहां पर सात दिन तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। जब भी उन्हें होश आता तो उनके मुंह पर रूमाल रख दिया जाता था।  रविवार शाम को किसी तरह से वह दोनों कमरे से निकल गईं। 

आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही यूपी की महिलाएं

योगी सरकार का ‘लखपति दीदी’ मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रहा नई मजबूती आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही यूपी की महिलाएं नवंबर तक उत्तर प्रदेश की 18.56 लाख महिलाएं बन चुकी हैं लखपति लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी नए मुकाम छू रही है। लखपति दीदी कार्यक्रम ने गांव गांव में महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत किया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास व नेतृत्व क्षमता को भी नई पहचान दी है। नवंबर तक प्रदेश की 18.56 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। यानी वे निरंतर एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। 2027 तक 28.92 लाख महिलाएं बनेंगी लखपति उत्तर प्रदेश में 35.94 लाख महिलाओं का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से 29.68 लाख महिलाओं का आय विवरण डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दर्ज है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 तक पूरे देश में 2 करोड़ स्वयं सहायता समूह सदस्यों की आमदनी को एक लाख से ऊपर करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें उत्तर प्रदेश का लक्ष्य 28.92 लाख निर्धारित है। राज्य सरकार के मुताबिक, नवंबर 2025 तक 18.56 लाख का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है और बाकी 10.36 लाख भी निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नया बदलाव प्रदेश में 98.49 लाख ग्रामीण परिवारों की महिलाएं कुल 8,96,618 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये समूह 62,958 ग्राम संगठनों के माध्यम से एक-दूसरे को सहयोग और बाज़ार से जोड़ने का काम कर रहे हैं। महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियां, पशुपालन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा आधारित छोटे उद्यम के माध्यम से स्थायी आजीविका अर्जित कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक सदस्य की आय चार त्रैमासिक और फसल चक्र के दौरान लगातार तीन वर्ष तक एक लाख रुपये से कम न हो। यही सच्चा आर्थिक सशक्तिकरण है। नेतृत्व में महिलाएं सबसे आगे यह कार्यक्रम सिर्फ आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक भी बन रहा है। लखपति दीदियां अब वित्तीय रूप से सक्षम, परिवार की निर्णयकर्ता, गांव की परिवर्तन कारी शक्ति के रूप में उभर रही हैं।

स्वीट जन्नत विवादों में घिरीं, सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित वीडियो से मचा बवाल

 मेघालय  मेघालय की फेमस इन्फ्लुएंसर स्वीट जन्नत इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दरअसल, बीते दिनों Viral MMS विवाद को लेकर वह सुर्खियों में है, जिसको लेकर उनको तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। MMS वाली लड़की समझकर उनके पोस्ट पर कमेंट्स किए जा रहे हैं। वायरल कपल की नहीं हुई पहचान दरअसल, हाल ही में एक कपल का 19 मिनट 34 सेकेंड का निजी वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। 19 मिनट 34 सेकंड वाले वीडियो में एक कपल काफी वल्गर बातें कर रहे हैं। अब तक वीडियो में दिख रहे कपल की भी पहचान नहीं हुई है। ना यह पता चल पाया यह वीडियो कैसे वायरल हुआ। लेकिन MMS वाली लड़की समझकर मेघालय की फेमस इन्फ्लुएंसर स्वीट जन्नत की पोस्ट पर कमेंट्स किए जा रहे हैं। कई यूजर्स ने अंदाजा लगाकर दावा किया कि वीडियो में दिख रही लड़की स्वीट जन्नत हैं। वीडियो वायरल होने के बाद स्वीट जन्नत ने खुद स्पष्ट किया कि यह वीडियो AI Deepfake है। स्वीट जन्नत ने अफवाहों पर लगाया विराम अफवाहों पर विराम लगाते हुए स्वीट जन्नत ने कहा, पहले मेरी शक्ल देखो, फिर वीडियो वाली को देखो कोई मैच नहीं। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की अंग्रेजी में बात कर रही है। दावा किया जा रहा है कि 19-मिनट MMS वाली लड़की ने शर्मिंदगी से सुसाइड कर लिया है। हालांकि सच्चाई क्या है, यह अब तक सामने नहीं आई है। बता दें कि मेघालय के महेंद्रगंज की रहने वाली स्वीट जन्नत एक इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर हैं, जो सोशल मीडिया पर अपनी डेली लाइफ वीडियो शेयर करती हैं।