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गौतम गंभीर के बचाव में उतरा दिग्गज क्रिकेटर, बोला—आलोचनाएँ देखकर हैरान हूँ

दुबई  गौतम गंभीर के कोचिंग के तरीकों को लेकर भले ही भारत में अलग-अलग राय हो लेकिन अफगानिस्तान के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने कहा कि केकेआर के पूर्व मेंटोर गंभीर सर्वश्रेष्ठ कोच हैं और उनकी आलोचना से वह हैरान हैं। दक्षिण अफ्रीका के हाथों टेस्ट श्रृंखला में 0-2 से हार और उससे पहले न्यूजीलैंड से मिली 0-3 से हार की वजह से गंभीर आलोचना के घेरे में है। भारतीय टीम अपने घर में पिछले सात में से पांच टेस्ट गंवा चुकी है। आईपीएल 2024 विजेता केकेआर टीम के सदस्य रहे गुरबाज ने कहा कि ‘गौतम सर’ की आलोचना सही नहीं है। दुबई आईएलटी20 के चौथे सत्र से इतर पीटीआई को दिये इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘आपके देश के एक अरब 40 करोड़ लोगों में से 20 या 30 लाख उनके खिलाफ हो सकते हैं लेकिन बाकी गौतम सर और भारतीय टीम के साथ हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वह सर्वश्रेष्ठ कोच, मेंटोर और इंसान हैं। मुझे उनके काम करने का तरीका बहुत पसंद है।’ गुरबाज ने कहा, ‘भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी वनडे टूर्नामेंट जीता, टी20 में एशिया कप जीता। कई श्रृंखलायें जीती और सिर्फ एक श्रृंखला के लिये उन्हें दोषी नहीं ठहरा सकते।’ गुरबाज ने कहा कि गंभीर की सबसे बड़ी ताकत केकेआर टीम में ऐसा माहौल बनाना थी जिसमें खिलाड़ी दबाव के बिना, अनुशासन और इत्मीनान से अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे उनके काम करने का तरीका पसंद है। जब माहौल अच्छा होता है तो आप हमेशा शिखर पर होते हैं। उन्होंने हमारे लिये माहौल अच्छा रखा जिसमे कोई दबाव नहीं था। यही वजह है कि हमने टूर्नामेंट जीता। वह सख्त नहीं है लेकिन अनुशासित हैं। अनुशासन तोड़ने पर वह सख्त हो जाते हैं।’ उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन होने पर खिलाड़ियों को सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘एक क्रिकेटर होने के नाते मैं खिलाड़ियों को दोष नहीं दूंगा क्योंकि सभी मेहनत करते हैं। हार गए तो क्या हुआ। वे भी इंसान हैं। कई बार आप हारते हैं लेकिन जब हालात प्रतिकूल हों, तब सहयोग की जरूरत होती है।’  

गौरव का पल: हरियाणा के युवा ने भारत की दिव्यांग क्रिकेट टीम में बनाई जगह, पूरे जिले में खुशी की लहर

गोहाना  ICC दिव्यांग इंडो नेपाल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगियों के लिए गोहाना के दौदवा गांव के विनोद का भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में सिलेक्शन हुआ है। विनोद के सलेक्शन को लेकर आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है। विनोद एक बहुत ही गरीब परिवार से संबंध रखता है। विनोद गोहाना आहुलाना शुगर मिल में माली का काम भी करता है। विनोद भिवानी में होने वाली तीन दिवसीय इंडो नेपाल क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए आज गोहाना से रवाना हुए। यह क्रिकेट प्रतियोगिता तीन दिसम्बर से पांच दिसंबर तक भिवानी में आयोजित होनी है। विनोद ने बताया कि खुद दिव्यांग होने के कारण उसने बहुत कठिन परिश्रम किया है। वह एक गरीब परिवार से आता है। उसके पिता  मजदूरी करते थे। उसने भी पढ़ाई के साथ साथ मजदूरी की है। उसका क्रिकेट के प्रति बहुत लगाव था। पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट भी खेलता था। मैं दिव्यांग भी हूं और परिवार की गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी, लेकिन क्रिकेट नहीं छोड़ा। सभी अपने फील्ड में आगे बढ़ते है। मैंने अपने क्रिकेट को लेकर काफी लगन रखते हुए क्रिकेट खेलना जारी रखा। आज मेरा इंडो नेपाल क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए सलेक्शन हुआ है। यह प्रतियोगिता भिवानी में आयोजित हो रही है। भारत और नेपाल की क्रिकेट टीमों के बीच मैच होगा। वहीं उसके बाद कुछ देशों की वर्ल्ड स्तरीय क्रिकेट सीरीज होगी। उसके लिए भी मैं अपनी तैयारी कर रहा हूं। वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि विनोद बहुत ही मेहनतशील है। उसका क्रिकेट के प्रति जुनून अलग है। आज भारतीय टीम में सलेक्शन हुआ उसके लिए बहुत खुशी हो रही है।

मौसम विभाग अलर्ट: अगले पाँच दिनों तक कड़ाके की ठंड, पारा लुढ़कने की उम्मीद

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी जारी की है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बिहार में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है और आगामी चार से पांच दिनों में राज्य में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग के अनुसार, इस बार दिसंबर पिछले वर्ष की तुलना में अधिक ठंडा रहेगा और लोगों को कड़ाके की ठंड और कोल्ड वेव का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर बिहार के जिलों में कोहरे की घनत्व बढ़ने की संभावना है। आने वाले दो दिनों में कुछ इलाकों में सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है, जिससे द्दश्यता कम हो सकती है। विभाग का कहना है कि अगले चार से पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा जाएगा। 48 घंटों में दो से चार डिग्री तक गिर सकता है तापमान हालांकि, न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों में दो से चार डिग्री तक गिर सकता है, जिसके बाद यह सामान्य स्तर पर लौट आएगा। सुबह और शाम की ठंड में बढ़ोतरी तय है। पिछले 24 घंटों में बिहार का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और किसी भी जिले में बारिश नहीं हुई। राज्य में अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और सबसे अधिक 28 डिग्री सेल्सियस मोतिहारी में दर्ज किया गया। उसी प्रकार किशनगंज में न्यूनतम तापमान 11.8 से 17.7 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। कई जिलों में तापमान सामान्य रहा। वहीं पूर्णिया में घने धुंध के कारण न्यूनतम द्दश्यता 500 मीटर दर्ज की गई। 

पाकिस्तानी नेवी क्यों रह गई निष्क्रिय? भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन सिंदूर का राज खोला

नई दिल्ली  नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने मंगलवार को कहा कि मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बल के आक्रामक रुख के कारण पाकिस्तानी नौसेना को उसके बंदरगाहों के करीब रहने पर मजबूर होना पड़ा। भारतीय सेना ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद 7 मई को ऑपरेश सिंदूर के तहत जवाबी कार्रवाई की थी। एडमिरल त्रिपाठी ने अपने वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के साथ तनाव के बाद पिछले सात-आठ महीनों में पश्चिमी अरब सागर सहित अन्य स्थानों पर उच्च पैमाने पर अपने जहाजों और पनडुब्बियों को तत्परता के साथ तैनात रखा है। नौसेना प्रमुख ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब भी जारी है, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया। एडमिरल त्रिपाठी ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विमानवाहक पोत की तैनाती समेत आक्रामक रुख और तत्काल कार्रवाई ने पाकिस्तानी नौसेना को उसके बंदरगाहों या मकरान तट के पास रहने के लिए मजबूर कर दिया।' नौसेना प्रमुख ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' से पाकिस्तान पर वित्तीय दबाव पड़ा है, क्योंकि संघर्ष के बाद बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाजों ने पाकिस्तान की यात्रा करने से परहेज किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जाने वाले जहाजों के बीमा की लागत भी बढ़ गई है। सीजफायर में नौसेना की भूमिका वाइस एडमिरल के स्वामीनाथन ने मंगलवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना के आक्रामक कार्रवाई के रुख के कारण पाकिस्तान संघर्ष विराम का अनुरोध करने पर मजबूर हुआ। नौसेना दिवस से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहुत ही कम समय में 30 से अधिक जहाजों और पनडुब्बियों को अभूतपूर्व तरीके से तैनात किया गया। नौसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख ने कहा, 'हमारे अग्रिम पंक्ति के जहाज, विमानवाहक पोत विक्रांत के ‘कैरियर बैटल ग्रुप’ के साथ में मकरान तट पर युद्ध के लिए तैयार थे।' कैरियर बैटल ग्रुप एक नौसैनिक समूह है जिसमें एक या अधिक विमान वाहक के साथ-साथ अन्य युद्धपोत जैसे विध्वंसक, फ्रिगेट और पनडुब्बियां शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की आक्रामक तैनाती और रुख के कारण पाकिस्तानी नौसेना को अपने तट के करीब रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, 'वास्तव में, भारतीय नौसेना द्वारा आक्रामक कार्रवाई करने के रुख को पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम का अनुरोध करने के महत्वपूर्ण कारकों में से एक माना जा सकता है।'  

योगी सरकार ने प्रदेश में बिछाया सड़कों का बड़ा नेटवर्क

सड़कों के गोल्डन नेटवर्क से उत्तर प्रदेश बनेगा देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था  योगी सरकार ने प्रदेश में बिछाया सड़कों का बड़ा नेटवर्क   उत्तर प्रदेश : गांव से शहरों तक लॉजिस्टिक व्यवस्था सुधरने से आर्थिक विकास को गति लखनऊ उत्तर प्रदेश में आज एक्सप्रेस वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यमार्ग और ग्रामीण मार्ग का एक विशाल नेटवर्क स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आधारभूत संरचना और सड़क मार्ग के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को 2029 तक वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जता चुके हैं। वो इस बात को भलीभांति जानते हैं कि उद्योगों के विकास और निवेश के लिए प्रदेश में सड़कों का गोल्डन नेटवर्क तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।  उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे नेटवर्क  डबल इंजन सरकार सरकार की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है। राज्य में 2017 से पहले मात्र 3 एक्सप्रेस वे थे आज 22 एक्सप्रेस वाले राज्य के रूप में गणना हो रही है। इससे यातायात परिवहन में लगभग 3 गुना वृद्धि हुई है और तेजी से आर्थिक विकास हो रहा है। एक्सप्रेस वे की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे की संख्या 1949-50 में 0 से बढ़कर 2016-17 में 3 और 2025-26 में 22 हो गई है। इसमें वर्तमान में निर्माणाधीन और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे शामिल हैं। सड़क अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक आदि तक आसान पहुंच के लिए एक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का विकास भी हो रहा है। सभी जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले एक सड़क नेटवर्क ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है।    उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग से आर्थिक प्रगति एक्सप्रेस वे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश की प्रगति में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार उपलब्धियों और विकास की राह पर तेजी के साथ अग्रसर है।  2004-05 और 2023-24 (अंतिम उपलब्ध आंकड़े) के बीच, उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क दोगुने से भी ज़्यादा बढ़कर 5,599 किलोमीटर से 12,292 किलोमीटर हो गया। भारत के कुल राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 2016-17 में 7.48% से बढ़कर 2023-24 में 41% हो गया।   प्रदेश में यातायात व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार सड़कों का विस्तार राज्य के भीतर कनेक्टिविटी में सुधार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किए गए ठोस प्रयासों को दर्शाता है। इसकी वजह से राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सुगम हुआ है। इसने व्यापार, शिक्षा व चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को आसान बनाया है और प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आर्थिक विकास को भी गति मिली है। राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में इस उल्लेखनीय वृद्धि ने न केवल अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी में सुधार किया है, बल्कि माल ढुलाई को भी सुगम बनाया है।  PMGSY सड़क नेटवर्क का तीन गुना विस्तार उत्तर प्रदेश ने पिछले आठ सालों में ग्रामीण विकास को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाया और राज्य भर में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को बेहतर किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कुल सडक लम्बाई वर्ष 2013-14 में 51549.23 कि. मी. से बढ़कर वर्ष 2016-17 में मात्र 56846.93 कि.मी. हो गई थी। वहीं वर्ष 2017 के बाद तेजी से सड़कों का विस्तार हुआ है। सीएम योगी की नीतियों से बेहतर क्रियान्वयन और एकीकरण के साथ, कुल सडक लम्बाई बढ़कर वर्ष 2024-25 तक 77425.14 कि.मी. हो गयी है, जिससे अंतिम छोर तक ग्रामीण कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी , जज को लगाया लाखों का चूना, रांची पुलिस अलर्ट

रांची झारखंड की राजधानी रांची में एक हैरान करने वाली खबर आई, जहां चोरों ने जज को निशाना बनाया ओर भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी कर ली। मिली जानकारी के अनुसार, जज खूंटी जिले में पदस्थापित हैं। वहीं चोरी के कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से 2.88 लाख रुपये की बड़ी राशि डिजिटल माध्यम से निकाल ली गई। इस संबंध में जज ने जगन्नाथपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई है।         पुलिस सूत्रों के अनुसार, जज धुर्वा के सेक्टर-2 बाजार में सब्जी खरीदने गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात अपराधी ने बड़ी चतुराई से उनका मोबाइल फोन चुरा लिया। जब तक जज को मोबाइल चोरी होने का पता चला, उससे पहले अपराधियों ने फोन के जरिये उनके बैंक खाते को निशाना बनाया। चोरों ने डिजिटल माध्यम से दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए और उनके अकाउंट से कुल 2 लाख 88 हजार रुपये सफलतापूर्वक निकाल लिए।

स्वास्थ्य विभाग में डिजिटल संकट: एमपीएचडब्ल्यू के बहिष्कार से ऑनलाइन सेवाएं ठप

चंडीगढ़  हरियाणा में बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीएचडब्ल्यू) वर्ग द्वारा ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टल का बहिष्कार जारी है। एसोसिएशन के आह्वान के बाद यह आंदोलन गत 25 अक्टूबर से चल रहा है, जिसके कारण प्रदेश की बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग लगभग ठप पड़ी हुई है। अब सिर्फ ऑफलाइन कार्य ही किए जा रहे हैं। इस डिजिटल बंदी का असर गर्भवती महिलाओं के आरसीएच नंबर आधारित अल्ट्रासाउंड, टीकाकरण का रिकॉर्ड, आशा वर्कर का भुगतान, टीबी मरीजों का निक्षय पोर्टल, निरोगी हरियाणा और आयुष्मान भारत जैसे कई कार्यक्रमों पर पड़ा है। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला देवी, उप प्रधान सुदेश रानी व वित्त सचिव धर्मवीर ने बताया कि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा लगातार अनदेखी के कारण यह कदम मजबूरी में उठाया गया है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को हो रही असुविधा का हमें खेद है, लेकिन हमारी जायज मांगों के बिना ऑनलाइन काम संभव नहीं। राज्य प्रेस सचिव संदीप कुंडू के अनुसार, अनमोल, एनसीडी, डिजीज सर्विलांस, सुरक्षित नारी-सुरक्षित परिवार, एनीमिया मुक्त भारत सहित कुल 11 डिजिटल पोर्टलों पर लगभग 88 प्रतिशत तक कार्य बंद हो चुका है, जिससे डिजिटल मॉनिटरिंग लगभग निष्क्रिय हो गई है। आज काले बिल्ले लगाकर टीकाकरण राज्य महासचिव सहदेव आर्य ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। उनकी ओर से पदनाम संशोधन, प्रमोशन व कन्फर्मेशन सूची जारी करना, एनएचएम महिला कर्मचारियों को एफपीएल-6 वेतनमान, ड्रेस, ट्रैवलिंग व एमसीएच भत्ता, रिटायरमेंट लाभ व ग्रेच्युटी तथा खाली पदों पर नियमित भर्ती की मांग उठाई जा रही है। आंदोलन के तहत कर्मचारी बुधवार को टीकाकरण दिवस पर काले बिल्ले लगाकर विरोध जताएंगे। इसके बाद 29 जनवरी को पंचकूला में मिशन निदेशक कार्यालय के बाहर राज्य व जिला पदाधिकारी सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपवास रखकर मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।

सड़कों से लेकर सुविधाओं तक—गुरुग्राम के छह सेक्टरों में बड़े बदलाव की मंजूरी

चंडीगढ़  गुरुग्राम में लगातार बढ़ रहे विकास और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जिला नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने सेक्टर 88ए, 88बी, 89ए, 89बी, 95ए और 95बी की संशोधित सेक्टोरल योजना को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का उद्देश्य जमीन का बेहतर उपयोग, सड़क नेटवर्क में सुधार और भविष्य के आवासीय व व्यावसायिक विकास को सुचारू बनाना है। यह संशोधन संगम बिल्डिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर विचाराधीन था। विभाग ने इस प्रस्ताव पर जनता की राय के लिए 27 जून को विभिन्न अखबारों में विज्ञापन जारी किया था। निर्धारित समय तक किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से आपत्ति नहीं आने के बाद अब इसे औपचारिक स्वीकृति दे दी गई है।   बेहतर यातायात और सड़क मार्ग संशोधित योजना में मुख्य एवं सेकेंडरी सड़कों का नया संरेखण तय किया गया है, जिससे सेक्टरों के बीच यात्रा तेज और आसान होगी। इससे भविष्य में ट्रैफिक जाम की परेशानी भी कम होने की उम्मीद है। स्पष्ट और व्यवस्थित विकास जिन लोगों ने इन सेक्टरों में फ्लैट, दुकान या जमीन खरीदी है, उन्हें अब विकास योजना और ढांचे को लेकर स्पष्ट दिशा मिलेगी, जिससे भविष्य को लेकर अनिश्चितता कम होगी। सुविधाओं का सटीक वितरण पार्क, स्कूल, अस्पताल, पानी, सीवर, बिजली और बाजार जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाओं के लिए जमीन का आवंटन अब अधिक संतुलित और व्यावहारिक तरीके से किया जाएगा। निवेशकों और बिल्डरों को राहत विकास योजना स्पष्ट होने से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी तथा निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र का विकास और तेज होगा। बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी इन सेक्टरों का विकास मास्टर प्लान-2031 के तहत किया जा रहा है। लेकिन पुराने प्लान में सड़क मार्गों के दिशा निर्धारण (री-अलाइनमेंट) और विभिन्न भूमि उपयोग क्षेत्रों को लेकर कई व्यावहारिक दिक्कतें सामने आई थीं। जमीन की वास्तविक स्थिति, जनसंख्या वृद्धि और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए योजना में बदलाव जरूरी माना गया। अब विकास कार्य, सड़क निर्माण और सभी अधोसंरचनात्मक योजनाएं संशोधित सेक्टोरल प्लान के अनुसार की जाएंगी। इससे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र सुव्यवस्थित, यातायात के अनुकूल और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित होगा।

शादी में देरी का मिला सुझाव, 19 साल के लड़के ने उठा लिया खौफनाक कदम—जानें पूरा मामला

मुंबई  महाराष्ट्र के ठाणे से हाल ही में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लड़के ने कथित तौर पर इसीलिए अपनी जान दे दी क्योंकि वह एक लड़की से शादी करना चाहता था, लेकिन घरवालों ने उससे 21 साल की उम्र तक इंतजार करने को कहा था। लड़के की उम्र 19 साल थी। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि लड़के ने परेशान होकर खुद की जान ले ली।   पुलिस ने बताया कि घटना 30 नवंबर को डोंबिवली इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक युवक झारखंड का रहने वाला था। वह पास की एक लड़की से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। मनपाड़ा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि उसके परिवार ने उससे शादी के लिए कानूनी तौर पर तय उम्र 21 साल होने तक इंतज़ार करने को कहा था, जिससे वह बेहद परेशान था। पुलिस ने बताया कि 30 नवंबर को युवक ने उसने कथित तौर पर अपने घर की छत से दुपट्टे का इस्तेमाल करके फांसी लगा ली। परिवार आनन फानन में उसे पास के एक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने एक्सीडेंटल मौत का मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है।  

टी20 में धमाकेदार शतक के बाद ईश्वरन टेस्ट दौड़ में शामिल; अश्विन का गंभीर और अगरकर पर तंज

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठते रहे हैं। आरोप लग रहे कि घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के बजाय आईपीएल में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को चुना जा रहा। टेस्ट के लिए स्पेशलिस्ट के बजाय कामचलताऊ ऑलराउंडरों को ठूसा जा रहा है। प्लेइंग इलेवन में खिलाड़ी ऑलराउंडर की हैसियत से जगह पा रहा लेकिन उससे या तो बिल्कुल भी गेंदबाजी नहीं कराई जा रही या बहुत ही कम। इस बीच दिग्गज पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने चयन प्रक्रिया पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि अभिमन्यु ईश्वरन ने टी20 में शतक जड़ दिया है, अब तो वह टेस्ट मैच खेलेंगे ही।   अभिमन्यु ईश्वरन ने कभी आईपीएल नहीं खेला। घरेलू क्रिकेट में वह लंबे फॉर्मेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल का ये ओपनर रणजी ट्रॉफी में साल दर साल खूब रन बरसा रहा लेकिन उसे टेस्ट डेब्यू का मौका नहीं मिल रहा। कई बार वह भारत के टेस्ट स्क्वाड का हिस्सा बनते रहे हैं लेकिन बेंच ही गर्म करते रहे हैं। 109 प्रथम श्रेणी मैचों में वह 47.85 के शानदार औसत से 8136 रन बनाने, कई बार स्क्वाड का हिस्सा बनने के बावजूद वह टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए तरस गए हैं। कभी आईपीएल न खेलने वाले ईश्वरन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पंजाब के खिलाफ सिर्फ 66 गेंदों में 130 रन की जबरदस्त पारी खेलकर दिखाया है कि उनमें तेजी से रन बनाने और हर फॉर्मेट में खेलने की क्षमता है। हालांकि उस मैच में बंगाल की जीत नहीं हुई लेकिन ईश्वरन की पारी ने सबका ध्यान खींचा है। ईश्वरन को लेकर अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति, मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के रवैये पर कटाक्ष करते हुए रविचंद्रन अश्विन ने कहा है कि अब चूंकि इस खिलाड़ी ने टी20 में शतक जड़ दिया है तो आखिरकार टेस्ट टीम के लिए उनके नाम पर विचार किया जाएगा। अपने यूट्यूब चैनल एश की बात पर अश्विन ने कहा, 'अभिमन्यु ईश्वन ने अब टी20 में भी शतक जड़ दिया है। अब हम उन्हें निश्चित तौर पर देखेंगे (टेस्ट में)। चूंकि उन्होंने टी20 में रन बनाए हैं तो अब हम निश्चित तौर पर उन्हें टेस्ट टीम में देखेंगे।' विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद भी ईश्वरन को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। आईपीएल 2025 में अच्छा प्रदर्शन करने वाले साई सुदर्शन को मौका मिला लेकिन ईश्वरन इंतजार ही करते रहे। इसे लेकर ईश्वरन का सार्वजनिक तौर पर दर्द भी छलक चुका है। अक्टूबर में रेवस्पोर्ट्ज से बातचीत में उन्होंने कहा था, 'हां, ये कभी-कभी चुभता है। आप अपनी सारी कोशिश कर लेते हैं, कड़ी ट्रेनिंग करते हैं, और सपना होता है कि आप खेलें, अच्छा प्रदर्शन करें और जीत में योगदान दें। लेकिन मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे पास एक सॉलिड सपोर्ट सिस्टम है- मेरा परिवार, मेरे दोस्त और कोच। वे मुझे जमीन से टिके रहने और हौसला बनाए रखने में मदद करते हैं।'