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सतना में लोकायुक्त ने CGST निरीक्षक को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

सतना में निरीक्षक 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार सतना  सतना में लोकायुक्त रीवा की टीम ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के निरीक्षक कुमार सौरभ को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के अनुसार निरीक्षक द्वारा सतना में स्थित श्री कैलाशराज ट्रैक्टर्स फर्म के ई-वे बिल पर पेनल्टी न लगाने और फर्म पर छापामार कार्रवाई से राहत देने के एवज में 60 हजार रुपए की अवैध मांग की जा रही थी!शिकायतकर्ता 33 वर्षीय वीरेंद्र कुमार शर्मा, निवासी राजेंद्र नगर, गली नंबर 10, सतना ने 29 नवंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में आवेदन प्रस्तुत कर इस रिश्वत मांग की लिखित शिकायत की थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने गोपनीय सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई, जिसके दौरान निरीक्षक द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया।सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद 3 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लोकायुक्त की विशेष टीम गठित की गई और ट्रैप की योजना बनाई गई। योजना के तहत शिकायतकर्ता को 20,000 रुपए की ट्रैप मनी उपलब्ध कराई गई और उसे तय संकेतों के साथ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग, प्रभाग सतना के कार्यालय भेजा गया, जहां निरीक्षक कुमार सौरभ ने कथित रिश्वत की यह पहली किस्त स्वीकार की।शिकायतकर्ता से रकम लेते ही जैसे ही पूर्व निर्धारित संकेत मिला, लोकायुक्त टीम ने कार्यालय में दबिश दी और निरीक्षक को 20 हजार रुपए की राशि सहित रंगे हाथ पकड़ लिया। ट्रैप राशि मौके से बरामद कर ली गई और आरोपी निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत तत्काल दर्ज कराएं। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें सीधे लोकायुक्त रीवा से भी की जा सकती हैं, जिसके लिए मोबाइल नंबर 9893607619 पर संपर्क कर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है।

उज्जैन में मानव तस्करी रैकेट बेनकाब: सरगुजा की दो युवतियों को ले जाकर बेचा, पुलिस ने एक को छुड़ाया

अंबिकापुर सरगुजा की दो लड़कियों को मानव तस्करों ने उज्जैन ले जाकर बेचने का मामला सामने आया है. मोटी तनख्वाह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेची गई दो युवतियों में से एक को पुलिस ने बरामद कर लिया है, वहीं दूसरे की तलाश जारी है. जानकारी के अनुसार, लखनपुर थाना क्षेत्र की बेची गई युवती को एक हफ्ते तक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. लड़की ने शोर मचाया तो उज्जैन पुलिस ने उसे छुड़ाया. सूचना पर उज्जैन पहुंचे परिजनों को पुलिस ने युवती को सौंपा. वहीं लापता दूसरी लड़की को बेचकर खरीदार से शादी कराने की शिकायत परिजनों ने पुलिस से की है. बताया जा रहा है कि आरोपी लड़की को अंबिकापुर से ट्रेन से लेकर उज्जैन गए, और ढाई लाख रुपए में बेच दिया. मानव तस्करी के मामले में 4 के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है.

विजयवर्गीय का बयान: राजीव गांधी की विचारधारा को आगे ले जा रहे हैं, राहुल गैंग को आपत्ति क्यों?

भोपाल  मध्यप्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के आगामी चुनावों में अब जनता सीधे अध्यक्ष का चुनाव करेगी। मंगलवार को विधानसभा में इसका संशोधन विधेयक पास हुआ, लेकिन उससे पहले सदन में हॉर्स ट्रेडिंग का मुद्दा हावी रहा। विपक्ष ने कहा कि यदि पारदर्शिता और प्रत्यक्ष चुनाव ही लक्ष्य है, तो फिर यह व्यवस्था केवल निकायों में क्यों? मंडियों, जिला एवं जनपद पंचायतों समेत हर स्तर पर प्रत्यक्ष चुनाव लागू किए जाएं। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुने जाते हैं, तो केवल स्थानीय निकायों में बदलाव क्यों? कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि ‘सरकार निकायों के अध्यक्ष जनता से चुनवाना चाहती है, लेकिन मुख्यमंत्री पर्ची से चुना जाता है। यह कानून राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ाएगा और छोटे लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। यह टिकट बेचने का नया मॉडल हो जाएगा।’ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि हॉर्स ट्रेडिंग कई स्तरों पर होती है, साथ ही कहा कि सरकार राजीव गांधी की पंचायती राज की सोच को आगे बढ़ा रही है, तब भी राहुल गैंग विरोध कर रही है। इस पर सिंघार ने कहा- विरोध नहीं, बिल में जरूरी बदलाव पर बात रखी है। 

करनाल में दिल दहला देने वाली टक्कर: अनियंत्रित ट्रक के पलटने से 4 लोगों की मौके पर मौत

करनाल  हरियाणा के करनाल जिले में हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई है. हादसा रॉन्ग साइड में ड्राइविंग के कारण हुआ. घरौंडा में नेशनल हाईवे-44 पर ट्रक ने पहले एक रोडवेज बस को टक्कर मारी, फिर बाइक को कुचला. फिर एक कार को टक्कर मारकर आगे जाकर बीच सड़क पलट गया. हादसे में बाइक सवार और कार सवार 4 लोगों ने जान गंवाई है. पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.   बाइक सवार मृतकों की हुई शिनाख्त हादसे में जान गंवाने वाले बाइक सवार दोनों युवकों की शिनाख्त हो गई है. मृतकों में घरौंडा के हनुमान मंदिर निवासी 46 साल के संजीव कुमार शामिल है, जो क्रीड डिपार्टमेंट में काम करता था. वहीं घरौंडा निवासी 40 वर्षीय विशाल ने भी जान गंवाई है, जो ADC ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर था. दिल्ली नंबर की कार में भी 2 युवक सवार थे, जिनकी मौत भी हादसे में हुई है, लेकिन अभी तक मृतकों की शिनाख्त नहीं हुई है.   प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई आंखों-देखी प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे की आंखों-देखी पुलिस को सुनाई और बताया कि ट्रक करनाल की तरफ से तेज रफ्तार से आया. हादसा पानीपत टोल से करीब एक किलोमीटर पहले हुआ. ट्रक ड्राइवर को शायद नींद की झपकी लगी हो या वह शराब के नशे में था, यह पुलिस की जांच का विषय है, लेकिन ट्रक डिवाइडर क्रॉस करते हुए तेज से आया और करनाल-पानीपत हाईवे पर दौड़ रही पंजाब रोडवेज की बस को सामने से टक्कर मार दी.   बस सवार कई यात्री हुए हैं घायल प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बस में टक्कर उस साइड लगी, जहां कडंक्टर बैठता है और टक्कर लगते ही बस का बैलेंस बिगड़ गया था, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई थी. कई सवारियां हादसे में घायल भी हुई हैं. बस को टक्कर मारने के बाद ट्रक ने 2 बाइकों और एक कार को टक्कर मारी. आगे जाकर ट्रक सर्विस लेन की रेलिंग के पास पलट गया. वहीं टक्कर लगने से कार बुरी तरह डैमेज होकर पलट गई. ट्रक के नीचे फंस गई थी कार ट्रक के ड्राइवर को शीशा तोड़कर निकाला गया. कार में फंसे 2 लोगों को कार काटकर निकाला गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार ट्रक के नीचे फंस गई थी, इसलिए ट्रक के नीचे दबकर कार चकनाचूर हो गई थी. बस में सवार एक यात्री ने बताया कि टक्कर लगते ही जोरदार झटका लगा था, लेकिन गनीमत रही कि बस पलटी नहीं, वरना बस हादसा हो सकता है. पुलिस ने आरोपी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है.  

ग्रामीणों ने दर्ज कराया विरोध, नायब तहसीलदार पर छात्रा और महिला के साथ मारपीट का आरोप

छतरपुर   मध्य प्रदेश के छतरपुर में महिला नायब तहसीलदार नीतू सिंघई ने एक युवती को थप्पड़ मार दिया। युवती का आरोप है कि उसने नीतू सिंघई से कहा कि वह दो महीने से खाद लेने आ रही है, लेकिन नहीं मिल रही। उसने टोकन मांगा। नीतू सिंघई ने कहा कि महिलाओं को टोकन नहीं मिलेंगे, केवल पुरुषों को मिलेंगे। दोबारा टोकन मांगा तो तहसीलदार ने थप्पड़ मार दिया। खाद की कालाबाजारी करने का आरोप गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है। गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा। नायब तहसीलदार बोली- लोग मानने को तैयार नहीं नीतू सिंघई ने कहा कि लोग अव्यवस्था फैला रहे हैं। धक्कामुक्की और एक दूसरे को खींच रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ तो हम पर आरोप लगा रहे हैं और कॉलर तक को खींच रहे हैं। हमारा इतने पास से वीडियो बना रहे हैं। व्यवस्था है लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं। वहीं लोगों का कहना है कि बच्ची स्कूल छोड़ कर एक महीने से खाद के लिए परेशान है। व्यवस्था बनाना प्रशासन का काम है। टाइम पर खाद देना चाहिए न लेकिन किसानों को  खाद नहीं मिल रहा है। खाद की कालाबाजारी करने का आरोप गुड़िया पटेल ने बताया कि वह एमए तीसरे सेमेस्टर की छात्रा है। 5 दिसंबर को उसकी परीक्षा है। वह पढ़ाई छोड़कर खाद लेने के लिए लाइन में लगी हुई है। एक महीने से खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गुड़िया ने आरोप लगाया कि 15 ट्रक खाद रखी हुई है, लेकिन उसे ब्लैक में बेचा जा रहा है। उसने नायब तहसीलदार पर भी मिलीभगत और कमीशन लेकर खाद की कालाबाजारी करवाने का आरोप लगाया। गुड़िया ने कहा कि लगभग 250 महिलाएं रात 2 बजे से खाद के लिए लाइन में खड़ी हैं, लेकिन किसी को खाद नहीं मिल रही है। गुड़िया के अनुसार, टोकन चार-चार दिन तक बांटे जा रहे हैं, लेकिन पैसे देने के बाद भी खाद नहीं मिल रही है। यह कैसा नियम है और तहसीलदार को थप्पड़ मारने का परिणाम भुगतना पड़ेगा।

मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वां स्थापना दिवस, ‘मेरा मध्य प्रदेश’ समारोह में भव्य अलंकरण

मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस ‘मेरा मध्य प्रदेश’ समारोह में 9 नवरत्न और 7 मध्यप्रदेश श्री’ का भव्य अलंकरण भोपाल  पूर्णकालिक पत्रकारों के सर्वमान्य एवं सक्रिय संगठन मध्य प्रदेश प्रेस क्लब का 33वाँ स्थापना दिवस इस वर्ष विशेष गरिमा, वैभव और व्यापक दृष्टि के साथ मनाया जाएगा। रविवार, 14 दिसंबर, प्रातः 10 बजे, रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में आयोजित होने वाला यह विशिष्ट आयोजन ‘मेरा मध्य प्रदेश’ शीर्षक से सम्पन्न होगा। समारोह में मध्यप्रदेश का नाम देश–दुनिया में रोशन करने वाली प्रतिष्ठित विभूतियों को ‘नवरत्न सम्मान’ एवं ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। जूरी प्रक्रिया के आधार पर चुने गए नौ विशिष्ट व्यक्तित्व, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देकर मध्य प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, इस प्रकार हैं पद्मश्री सुशील दोषी – विश्वप्रसिद्ध क्रिकेट विश्लेषक एवं कमेंटेटर  कलापिनी कोमकली – अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शास्त्रीय गायिका देवेंद्र मालवीय – देश की पहली वन-टेक फिल्म दिल्ली 2020के निर्माता-निर्देशक,अमृता जोशी विख्यात कत्थक नृत्यांगना,मुमताज खान अंतरराष्ट्रीय फैशन डिजाइनर,जयदीप कर्णिक – वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय मीडिया व्यक्तित्व,प्रतिश मेहता – लोकप्रिय श्रृंखलाओं कोटा फैक्ट्री और हाफ सीए के निर्देशक,दिनेश गौतम – वरिष्ठ टीवी पत्रकार,सोनल भारद्वाज – वरिष्ठ न्यूज़ एडिटर एवं प्रभावशाली मीडिया हस्ती। कार्यक्रम समन्वयक एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद नागर तथा महासचिव डॉ. शिशिर उपाध्याय ने बताया कि इन व्यक्तित्वों का चयन पत्रकार, कला, संस्कृति, सृजनशीलता, मीडिया एवं सामाजिक योगदान के आधार पर किया गया है।इस वर्ष से प्रेस क्लब ने एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए ‘मध्यप्रदेश श्री’ अलंकरण की घोषणा की है। वर्ष 2025 के लिए चुने गए सात प्रेरक व्यक्तित्व इस प्रकार हैं—एयर कमोडोर आशुतोष चतुर्वेदी – कारगिल युद्ध के वीर योद्धा, विशिष्ट सेवा पदक और गैल्लेंट्री अवॉर्ड प्राप्त,प्रो. संजय द्विवेदी – पूर्व महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संस्थान; लेखक एवं विचारक चित्रा बाजपेई – भारत की पहली महिला क्रिकेट अंपायर श्रीमती पूनम चौकसे – कुलाधिपति, एलएनसीटी समूह डॉ. शिवदयाल बर्डे – विख्यात आयुर्वेदाचार्य,ऋषिराज सिंह सिसौदिया – निदेशक, IFFCO,अभिषेक गोयल (दिल्ली) – ग्लोबल स्कॉलर एवं युवा इंजीनियर। प्रेस क्लब की सचिव श्रीमती रोमा मल्होत्रा (इंदौर) ने बताया कि ‘मध्यप्रदेश श्री’ का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने कार्य, नेतृत्व और उपलब्धियों से प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत किया है। समारोह के द्वितीय सत्र में ‘मध्य प्रदेश—एक दृष्टिपत्र’ विषय पर विशेष विचार-श्रृंखला आयोजित होगी। इस मंच पर सम्मानित विभूतियाँ  प्रमुख विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगी,प्रदेश का वर्तमान सामाजिक–आर्थिक स्वरूप, भविष्य की संभावनाएँ,नीतिगत दिशा,निवेश एवं औद्योगिक वातावरण कौशल विकास,युवा प्रतिभा संवर्धन,इस श्रृंखला के आधार पर तैयार समग्र विजन डॉक्यूमेंट बाद में मध्य प्रदेश शासन को सौंपा जाएगा। मध्य प्रदेश प्रेस क्लब ने अपनी 33 वर्ष की निरंतर यात्रा में पत्रकारिता की नैतिकता सामाजिक उत्तरदायित्व निर्भीक संवादऔर सृजनशील प्रतिभाओं के सम्मान को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।‘मेरा मध्य प्रदेश’ केवल एक सांस्कृतिक या औपचारिक आयोजन भर नहीं,बल्कि यह प्रदेश के उत्कर्ष, स्वाभिमान, सृजनशीलता और सामूहिक संकल्प का जीवंत दस्तावेज हैं।

रवनीत बिट्टू ने अमृतपाल पर दिया विवादित बयान, कहा— अंतरिम पैरोल से इंकार क्यों?

चंडीगढ़  केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने जेल में बंद खालिस्तान समर्थक व कट्टपपंथी सांसद अमृतपाल सिंह को अंतरिम पैरोल देने की सार्वजनिक रूप से वकालत की है। खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल इस समय सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में नजरबंद हैं। बिट्टू ने मंगलवार को नई दिल्ली में संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। बिट्टू का यह रुख पंजाब में राजनीतिक जमीन तलाश रही भाजपा की रणनीतिक तैयारियों का संकेत माना जा रहा है, जहां पार्टी के पास 117 सदस्यीय विधानसभा में एक भी सीट नहीं है और ‘आप’ सरकार सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है। बिट्टू की ये टिप्पणियां अमृतपाल पर उनकी पहले की तीखी आलोचना से बिल्कुल विपरीत है। अमृतपाल ने नजरबंदी के बावजूद 2024 के लोकसभा चुनाव खडूर साहिब से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़ा और जीत हासिल की। उन्हें भारत–पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित इस संसदीय क्षेत्र से 4,00,000 से अधिक वोट मिले। जून 2024 में उन्हें दिल्ली में संसद सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए चार घंटे की पैरोल मिली थी, जिसके दौरान उन्होंने ‘खालसा राज्य’ संबंधी अपने दृष्टिकोण की फिर पुष्टि की। इस दौरान उन्होंने सिख अलगाववादी विचारों का उल्लेख किया, जिसकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी आलोचना की। बिट्टू ने अमृतपाल को अंतरिम पैरोल देने की मांग ऐसे समय में उठाई है जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार पर अमृतपाल की पैरोल अर्जी में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख (उर्फ इंजीनियर राशिद) की मिसाल देते हुए कहा, “पंजाब सरकार जानबूझकर एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को पैरोल देने से इनकार कर रही है। अगर जम्मू–कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद को गंभीर आरोपों के बावजूद सत्र में शामिल होने के लिए हिरासती पैरोल मिल सकती है, तो अमृतपाल सिंह को ऐसी सुविधा क्यों नहीं? खडूर साहिब की आवाज संसद में कौन उठाएगा?” बिट्टू ने कहा कि राशिद आतंक–वित्त पोषण के आरोपों का सामना करते हुए अंतरिम जमानत पर सत्रों में उपस्थित हो रहे हैं। भाजपा–नीत केंद्र सरकार को विवाद से दूर रखने के प्रयास में बिट्टू ने जोर देकर कहा कि NSA के तहत पैरोल देने का फैसला राज्य सरकार के पास होता है। उन्होंने कहा, “केंद्र अमृतपाल को जेल में नहीं रख रहा है, यह पंजाब सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। हम लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करते हैं, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।” बिट्टू का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्रालय को सीधे आरोपों से अलग करता दिखाई देता है, जबकि आलोचकों का तर्क है कि अमृतपाल पर NSA लगाने में केंद्र और राज्य दोनों की साझा भूमिका रही थी। पिछले बयानों से बिल्कुल उलट रुख अमृतपाल के लिए अंतरिम पैरोल की वकालत बिट्टू के पुराने बयानों से पूरी तरह उलट है। 2024 के चुनावों के दौरान लुधियाना से भाजपा उम्मीदवार रहते हुए बिट्टू ने अमृतपाल को पंजाब की शांति के लिए खतरा बताया था। उन्होंने कहा था कि “अमृतपाल सिंह जैसे लोग पंजाब में शांति पसंद लोगों को रहने नहीं देंगे।” बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी 1995 में खालिस्तानी उग्रवादियों से जुड़े एक आत्मघाती हमले में हत्या हो गई थी। वे लंबे समय से खुद को अलगाववाद विरोधी मजबूत आवाज के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं। जुलाई 2024 में लोकसभा में अमृतपाल की नजरबंदी के मुद्दे पर बिट्टू की कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के साथ तीखी बहस भी हुई थी। बिट्टू ने NSA का बचाव करते हुए इसे “कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ हथियार” बताया था। “कट्टरपंथी और खालिस्तान समर्थक संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता अमृतपाल सिंह (32) को अप्रैल 2023 में पंजाब पुलिस ने हिंसा भड़काने, अलगाववाद को बढ़ावा देने और कानून–व्यवस्था भंग करने के आरोपों में, एक महीने तक चली तलाश–अभियान के बाद गिरफ्तार किया था।”

रुक-रुककर फायरिंग से तनाव, सर्चिंग के बाद सामने आएगी क्षति का पूरा विवरण

बीजापुर  एक बार फिर नक्सलियों के साथ सुरक्षा बल की मुठभेड़ जारी है. अबकी बार भैरमगढ़ क्षेत्रांर्तगत ग्राम हकवा के जंगलों में मुठभेड़ चल रही है. बीजापुर पुलिस ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि डीआरजी/एसटीएफ/कोबरा की संयुक्त टीम की नक्सलियों के साथ रुक-रुक कर मुठभेड़ चल रही है. इसके साथ ही सुरक्षाबलों जवानों का सर्चिंग अभियान जारी है.

उद्योगों, होटलों और संस्थाओं को मध्य प्रदेश से नोटिस, पावर क्वॉलिटी मीटर पर भारी खर्च

 इंदौर  उद्योगों और उच्चदाब कनेक्शन से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को नया मीटर लगाना होगा। पावर क्वॉलिटी मीटर के नामक इस मीटर के लिए हर उपभोक्ता को कम से कम साढ़े पांच लाख या इससे ज्यादा खर्च करना होंगे। बीते दिनों में कई उद्योगों के साथ कुछ होटल व अन्य संस्थाओं के पास भी ऐसे नोटिस पहुंचे हैं। बिजली कंपनी के इस फरमान का उद्योगों ने विरोध शुरू किया है लेकिन कंपनी ने गेंद नियामक आयोग के पाले में डाल दी है। हैरान करने वाली बात ये है कि नियमों की आड़ में मीटर भी एक खास कंपनी का लगवाने को मजबूर किया जा रहा है। बिजली कंपनी की ओर से पहले कुछ आयरन रोलिंग मिलों को नोटिस पहुंचे, इसके बाद अन्य उद्योगों में इस तरह के नोटिस पहुंचे। अब बताया जा रहा है कि उच्चदाब कनेक्शन ले चुके होटल व अन्य उपभोक्ताओं को भी कहा गया है कि वे पावर क्वॉलिटी मीटर लगाए। पावर क्वॉलिटी मीटर को लगाने के लिए कारण बताया जा रहा है कि उच्चदाब उपभोक्ताओं के नई मशीन व उपकरणों के उपयोग के दौरान पैदा होने वाली हारमोनिक्स (विकृत करंट) की निगरानी इस मीटर से हो सकेगी। बिजली कंपनी की दलील है कि ये हारमोनिक्स या विकृत करंट भारी मशीनों के चलने से पैदा होता है। हारमोनिक्स पर नजर रखेगा जो बाद में बिजली आपूर्ति करने वाली ग्रिड या आसपास के सप्लाय सिस्टम में दाखिल होकर उन्हें भी खराब कर सकता है। मीटर हर उद्योग में पैदा होने वाली ऐसी हारमोनिक्स पर नजर रखेगा। बाद में बिजली कंपनी फिर इनसे निपटने की कोई युक्ति लाएगी। यानी अभी हारमोनिक्स की निगरानी के लिए मीटर लगाना होगा बाद में फिर उसे दूर करने के उपाय के लिए कोई उपकरण अनिवार्य किया जाएगा। आमतौर पर हारमोनिक्स या विकृत करंट की समस्या ऐसी फैक्ट्रियों में ज्यादा आती है जहां लोहा या धातु गलाने वाली भट्टियां (फर्नेस) या ऐसे उपकरण होते हैं। लिहाजा ऐसे मीटर सिर्फ चुनिंदा फैक्ट्रियों में लगने थे लेकिन आदेश में सभी एचटी कनेक्शन को लिखकर इसका दायरा बढ़ाकर सभी कनेक्शनधारी को शामिल कर लिया गया। विकल्प नहीं, खरीदना मजबूरी उद्योगों नोटिस मिलने के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं तो उन्हें एक कंपनी के प्रतिनिधि के पास भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है पावर क्वॉलिटी मीटर सिर्फ यहीं कंपनी उपलब्ध करवाएगी। स्नाइडर नामक कंपनी के प्रतिनिधि शीतेंद्र श्रीवास्तव से जब नईदुनिया ने उद्योग संचालक बनकर बात की तो उसने बताया कि एक मीटर की लागत 5 लाख 70 हजार के लगभग होगी। उसने ऑफर दिया कि यदि आप ज्यादा लोगों को इकट्ठा कर लाते हैं तो हम कीमत पर बैठकर बात कर लेंगे। कंपनी के प्रतिनिधि से पूछा गया कि किसी और कंपनी का सस्ता मीटर नहीं मिल सकता। इस पर उसने कहा कि गारंटीड टेक्निकल स्पेसिफिकेशन पर खरा उतरना जरूरी है। इसकी टेस्टिंग अभी हमारी कंपनी ने ही करवाई है। दूसरी किसी कंपनी के मीटर की टेस्टिंग नहीं हुई है ऐसे में विकल्प कोई और नहीं है। विरोध शुरू एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) और रोलिंग मिल एसोसिएशन ने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है। एआईएमपी अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने कहा कि मनमाने तरीके से मीटर लगाने का आदेश देना और लाखों रुपये खर्च करने का दबाव बनाना गलत है। एसोसिएशन इसका विरोध करेगा। रोलिंग मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश मित्तल ने कहा कि खास कंपनी की मोनोपोली की आड़ में उद्योगों को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है। दूसरी ओर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से इस मामले में कहा गया है कि यह आदेश नियामक आयोग की ओर से दिया गया है। उद्योगों को राहत पाने के लिए आयोग में अपील करना होगी।

सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाना है? तो आज ही छोड़ें ये 5 गलत आदतें

हर इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस का होना जरूरी है। ये एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके बल पर वो दुनिया में कुछ भी हासिल कर सकता है। जिस इंसान में सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी होती है वो ज्यादातर सक्सेज नहीं पाते। अगर आपके अंदर भी सेल्फ कॉन्फिडेंस की कमी रहती है तो जरा इन 5 आदतों पर गौर करें। अगर ये आदते आपकी लाइफ का हिस्सा हैं तो फौरन इन्हें दूर कर दें। तभी आत्मविश्वास बढ़ पाएगा। खुद के बारे में निगेटिव सोचना अगर आप खुद के बारे में हमेशा निगेटिव बातें बोलते और सोचते हैं। खुद की कमियां निकालते हैं तो इससे आपकी सेल्फ एस्टीम प्रभावित होती है। और आपके अंदर का आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है। आपको खुद पर विश्वास नहीं रहता कि कोई काम आप अकेले कर सकते हैं। इसलिए सेल्फ वैल्यूएशन करने और खुद को क्रिटिसाइज करने के बीच का फर्क समझकर निगेटिव सोचना बंद करें। हमेशा परफेक्ट बनने की चाह किसी भी काम में परफेक्शन अच्छी बात है लेकिन यहीं परफेक्शन की चाह कई बार आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। क्योंकि जरा सी कमी भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं और कई बार सेल्फ कॉन्फिडेंस पर निगेटिव असर पड़ता है। दूसरों से तुलना दूसरों से तुलना करना अगर आदत बन जाती है तो खुद में केवल कमियां ही कमियां नजर आती हैं। जिसकी वजह से आत्मविश्वास कमजोर होता है। नए चैलेंज एक्सेप्ट ना करना अगर आप लाइफ में आने वाले नए चैलेंज को एक्सेप्ट नहीं करते हैं तो ये आपकी ग्रोथ को रोक सकती है। क्योंकि मन में बात आती है कि मुझसे ये काम नहीं होगा, जो कि पूरी तरह से कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है। खुद को जिम्मेदार ठहराना लाइफ में और अपने आसपास आपसे जुड़े लोगों के जीवन में हो रही किसी भी समस्या के लिए अगर आप खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं, तो ये सेल्फ कॉन्फिडेंस को कमजोर बना देती है।