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एशेज में नई जंग: स्मिथ की स्पेशल ट्रेनिंग ने बढ़ाया ENG पर दबाव, गाबा टेस्ट बनेगा टर्निंग पॉइंट?

ब्रिस्बेन पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद उत्साह से भरी ऑस्ट्रेलिया की टीम इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे दिन रात्रि एशेज टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखने की कोशिश करेगी।इंग्लैंड ने 1986 के बाद से गाबा में कोई एशेज टेस्ट नहीं जीता है। वह 2010-11 श्रृंखला के बाद से ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपनी पहली जीत हासिल करने की तलाश में भी है। ऑस्ट्रेलिया का दिन रात्रि टेस्ट मैच में रिकॉर्ड अच्छा है लेकिन वह इस बात को भूल नहीं सकता कि वह पिछले साल जनवरी में गाबा में वेस्टइंडीज से आठ रन से हार गया था। गाबा ऐसा मैदान है जहा ऑस्ट्रेलिया की टीम दशकों से लगभग अपराजेय रही है। पैट कमिंस की अनुपस्थिति में ऑस्ट्रेलिया की टीम की कमान संभालने वाले स्टीव स्मिथ इस मैच में किसी भी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं और इसलिए उन्होंने अपनी आंखों के नीचे काली पट्टी बांधने का फैसला किया है ताकि वह दूधिया रोशनी में अच्छी तरह से बल्लेबाजी कर सकें। उन्होंने इसके लिए बाकायदा वेस्टइंडीज के पूर्व बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपाल से सलाह भी ली है। चंद्रपाल अक्सर आंखों के नीचे काली पट्टी लगाकर खेला करते थे। आमतौर पर दूधिया रोशनी में खेलने वाले फुटबॉलरों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली काली पट्टियां स्मिथ की इस कोशिश का हिस्सा हैं कि वे बदलती रोशनी में इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण का गुलाबी गेंद से अच्छी तरह से सामना कर सकें। ऑस्ट्रेलियाई टीम पर्थ में श्रृंखला के पहले मैच में आठ विकेट से जीत दर्ज करने के बाद मैदान पर उतरेगी। यह मैच दूसरे दिन ही समाप्त हो गया था जहां बेन स्टोक्स की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम किसी भी तरह की स्थिति में आक्रामक खेल खेलने की अपनी रणनीति पर कायम रही थी। स्मिथ को इंग्लैंड से इसी तरह की शैली बरकरार रखने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ऑस्ट्रेलियाई शैली का खेल खेलना जारी रखेगी। ऑस्ट्रेलिया की टीम को कम से कम एक बदलाव करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, क्योंकि उस्मान ख्वाजा पीठ की समस्या के कारण दूसरे टेस्ट मैं नहीं खेल पाएंगे। उनकी अनुपस्थिति में मध्यक्रम में जोश इंग्लिश की वापसी हो सकती है और पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की जीत के नायक रहे ट्रेविस हेड के फिर से पारी की शुरुआत कर सकते हैं। स्मिथ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया पिच को अच्छी तरह देखने के बाद ही अपनी अंतिम एकादश तय करेगा।दूसरी तरफ स्टोक्स ने कहा कि पहले टेस्ट मैच में अनुकूल परिणाम हासिल नहीं करने के बावजूद उनकी टीम आक्रामक अंदाज में खेलने की अपनी रणनीति पर कायम रहेगी। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार ढलना और उसके अनुरूप खेलना एक ऐसी चीज़ है जो इस टीम ने पिछले कुछ समय से बहुत अच्छी तरह से की है। टीम परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाने और परिस्थितियों के अनुसार खेलने में सक्षम रही है। मुझे लगता है कि अगर आप टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करते हैं तो यह आपके लिए काफी फायदेमंद होगा।’  

अर्धनग्न अवस्था में मिली युवती की लाश, पहचान व वारदात के सुराग तलाश रही पुलिस

खूंटी  झारखंड के खूंटी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक युवती की लाश बरामद की गई है। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। दुष्कर्म करके युवती की हत्या कर दी गई मामला जिले के कर्रा थाना क्षेत्र के मुरहू-कटमकुकु जंगल के पास का है। बताया जा रहा है कि यहां सिर कुचला हुआ नग्न अवस्था में एक युवती का शव पड़ा मिला है। पुलिस ने आशंका जताई है कि दुष्कर्म करके युवती की हत्या कर दी गई है। घटनास्थल से पुलिस ने सिर कुचला हुआ पत्थर, मृतक युवती का बाल, जबड़े की हड्डी का टुकड़ा समेत कुछ कपड़े बरामद किए हैं। फिलहाल युवती की पहचान नहीं हो पाई है। वहीं, युवती का सिर कुचला हुआ नग्न अवस्था में शव मिलने से सनसनी फैल गई है।  

भाजपा ने केरल चुनाव में उतारी ‘सोनिया गांधी’, कांग्रेस कैंडिडेट से होगा मुकाबला

मुन्‍नार केरल के मुन्‍नार का पंचायत चुनाव चर्चा में है। इसकी वजह है कि यहां के नल्लत्‍थानी वार्ड से बीजेपी की उम्मीदवार का नाम सोनिया गांधी हैं। यह नाम भले कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष जैसा हो, लेकिन दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है। 34 साल की सोनिया गांधी मुन्‍नार की ही रहने वाली हैं। उनके पिता ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के नाम पर बेटी का नाम रखा था। फिर बेटी की शादी भाजपा नेता से की। अब भाजपा ने सोनिया को वार्ड मेंबर का उम्मीदवार बनाया है। केरल में स्थानीय निकाय के चुनाव दो फेज में है। इसके लिए वोटिंग 9 और 11 दिसंबर को होगी। नतीजे 13 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। कांग्रेस नेता के घर हुआ था जन्म इंडिया टुडे की रिपोर्ट में मलयाली पोर्टल मनोरमा के हवाले से बताया गया है कि मुन्नार के पंचायत चुनाव में भाजपा ने नल्लाथन्नी वार्ड से 34 वर्षीय सोनिया गांधी को टिकट दिया है। उनका जन्म स्थानीय कांग्रेस नेता दुरे राज के घर हुआ था। राज अब दुनिया में नहीं हैं। हालांकि, शादी के बाद हालात बदल गए, क्योंकि भाजपा उम्मीदवार सोनिया गांधी का विवाह भाजपा नेता के साथ हुआ। उनके पति सुभाष भाजपा के पंचायत महासचिव हैं और ओल्ड मुन्नार मुलक्कड़ से उप चुनाव भी लड़ चुके हैं। विवाह के कुछ समय बाद सोनिया गांधी भी भाजपा में सक्रिय हो गईं थीं। यह उनका पहला चुनावी मुकाबला है। उनका सामना कांग्रेस प्रत्याशी मंजुला रमेश और सीपीआईएम नेता वालरमति से होने जा रहा है। 90 साल के बुजुर्ग उम्मीदवार कोच्चि के असमन्नूर गांव में पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों में 90 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हैं जिनके लिए उम्र महज एक नंबर है और वह पूरे जोश एवं दमखम से अपनी उम्मीदवारी पेश कर रहे हैं तथा लोगों से वोट की अपील कर रहे हैं। नारायणन नायर नामक यह बुर्जुग निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। बुजुर्ग व्यक्ति को हाथ में काला बैग लिए धीरे-धीरे चलते हुए, घर-घर जाकर अपनी कांपती आवाज में लोगों से अपने लिए वोट मांगते देखा जा सकता है। नारायणन नायर दिसंबर में होने वाले स्थानीय पंचायत चुनाव के लिए असमन्नूर ग्राम पंचायत के दूसरे वार्ड से उम्मीदवार हैं। केरल पंचायत चुनाव केरल में स्थानीय निकाय चुनाव, दो चरणों में नौ और 11 दिसंबर को होने वाले हैं जिसका परिणाम 13 दिसंबर को घोषित किया जाएगा। इनमें 941 ग्राम पंचायत, 152 ब्लॉक पंचायत, 14 जिला पंचायत, 87 नगर पालिकाएं और 6 निगम शामिल हैं। पिता ने कांग्रेस नेता से प्रभावित होकर नाम रखा सोनिया का जन्म 1991 में कांग्रेस समर्थक और स्थानीय मजदूर दुरे राज के घर हुआ था। दुरे राज कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से प्रभावित थे, इसलिए उन्होंने अपनी बेटी को भी वही नाम दे दिया। सोनिया की शादी बीजेपी नेता और पंचायत के जनरल सेक्रेटरी सुभाष से हुई। शादी के बाद सोनिया भी सक्रिय रूप से BJP की राजनीति से जुड़ गईं। सोनिया ने अपने पति और BJP कार्यकर्ता सुभाष के पदचिन्हों पर चलते हुए राजनीति में कदम रखा है। सुभाष फिलहाल पंचायत के जनरल सेक्रेटरी हैं और इससे पहले पुराने मुन्नार मूलक्कड़ा वार्ड के उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं। कांग्रेस उम्मीदवार के सामने चुनौती बढ़ी मुन्नार के नल्लत्थानी वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार मंजुला रमेश के सामने इस बार चुनौती कुछ अलग है। BJP प्रत्याशी सोनिया गांधी का नाम सुनते ही लोग चौंक जाते हैं और फिरचर्चा शुरू हो जाती है। चुनावी बैठक हो या घर-घर संपर्क अभियान उम्मीदवार का नाम ही सबसे पहले बातचीत का विषय बन रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस को मुकाबले की हवा अलग तरह से महसूस हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नाम वोटिंग पैटर्न को कितना प्रभावित करेगा, कहना अभी मुश्किल है। लेकिन यह साफ है कि यह केवल एक सामान्य स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि एक ऐसा संयोग है जिसने मुन्नार की राजनीति को राज्यभर में चर्चा का विषय बना दिया है। केरल में 9-11 दिसंबर को वोटिंग केरल में स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। मतदान 9 और 11 दिसंबर को होगा, जबकि नतीजे 13 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहे ये चुनाव सेमीफाइनल माने जा रहे हैं, इसलिए राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। कांग्रेस इन निकाय चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहती है, ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ LDF पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा सके। लेकिन BJP द्वारा “सोनिया गांधी” नाम की उम्मीदवार उतारने से कांग्रेस की रणनीति में नई चुनौती जुड़ गई है।

RSS की विचारधारा से प्रभावित हुए अवध ओझा, कहा—अन्य पार्टियों में चिंतन की जगह चापलूसी

नई दिल्ली  आम आदमी पार्टी छोड़ने के साथ और राजनीति से संन्यास की घोषणा करने वाले मशहूर कोचिंग गुरु अवध ओझा ने भाजपा और दूसरे दलों में एक अंतर बताते हुए कहा है कि जब तक ऐसा है उसे कोई हरा नहीं पाएगा। उन्होंने आरएसएस की तारीफ करते हुए कहा कि उसके विद्वान किसी नेता की जी हुजूरी नहीं करते हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि दूसरी पार्टियों में चिंतक ही चाटुकार हैं।   पिछले साल दिसंबर में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए अवध ओझा ने ठीक एक साल बाद मंगलवार को आम आदमी पार्टी के साथ ही राजनीति छोड़ने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को महान नेता बताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि राजनीति छोड़ने का उनका फैसला व्यक्तिगत है। हालांकि, आप के कुछ नेताओं-कार्यकर्ताओं ने अवध ओझा के इस फैसले पर नाराजगी भी जाहिर की। इस बीच अवध ओझा ने आरएएसएस को भाजपा का सलाहकार परिवार बताते हुए कहा कि उनके विद्वानों को पद और पैसे का कोई लालच नहीं है। ओझा कहा कि दूसरे दलों में चिंतक चाटुकार हैं और बॉस को भी यही पसंद होता है। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी का एक सलाहकार परिवार है-RSS, जिसके विद्वान किसी नेता की जी हुजूरी नहीं करते क्योंकि उन्हें पद और पैसे का कोई लालच नहीं। बाकी पार्टियों में चिंतक ही चाटुकार है, नहीं तो बॉस भगा देंगे। जबतक ये चलेगा बीजेपी को कोई हरा नहीं पाएगा। जय हिंद।’ बाकी दल एक पैर के सहारे: अवध ओझा कुछ दिन पहले भी अवध ओझा ने भाजपा की सफलता के पीछे आरएसएस को असली वजह बताते हुए कहा था कि राजनीतिक दलों के दो संगठन होने चाहिए, एक जो राजनीति करे और दूसरा सामाजिक काम। उन्होंने एक्स पर लिखा था,'राजनीतिक दलों के पास दो दल अनिवार्य होते हैं, राजनीतिक पार्टी, सामाजिक संगठन। उदाहरण बीजेपी और आरएसएस। दोनों एक दूसरे के क्षेत्र में दखल नहीं करते, बीजेपी पांच साल राजनीति करेगी, आरएसएस समाज से जुड़ा रहेगा और यही उसकी ताकत है। भारत के बाकी दल अपंग है सिर्फ एक पैर के सहारे हैं।'  

लाइसेंस अनिवार्यता से दरगाह में उठी हलचल, सरवर चिश्ती ने किया विरोध

अजमेर अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में जियारत करवाने वाले खादिमों के लिए अब लाइसेंस अनिवार्य करने के दरगाह कमेटी के निर्णय ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। केंद्र सरकार और कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लागू की जा रही इस नई व्यवस्था के खिलाफ अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस फैसले को तुगलकी फरमान बताते हुए साफ कहा है कि खादिम समाज इस आदेश को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगा। बता दें कि दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान ने 1 दिसंबर को विज्ञापन जारी कर जियारत कराने के लिए लाइसेंस आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5 जनवरी 2026 अंतिम तिथि तय की गई है। नाजिम का कहना है कि यह कदम पूरी तरह नियमों, कोर्ट निर्देशों और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप है, जिससे किसी के हित प्रभावित नहीं होंगे। लेकिन आदेश के जारी होते ही दरगाह में विरोध की लहर दौड़ गई। आदेश के विरोध में आयोजित बैठक में सैयद सरवर चिश्ती ने नाजिम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नाजिम की नियुक्ति ही अवैध है और दरगाह कमेटी का अस्तित्व भी संदेह के घेरे में है। ये तुगलकी फरमान नहीं चलेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नाजिम ने बिना चर्चा और संवाद के आदेश लागू कर खादिम समुदाय को अपमानित करने की कोशिश की है। सैयद सरवर चिश्ती ने बताया कि एक्ट में यह स्पष्ट प्रावधान है कि गरीब खादिमों के लिए मेंटेनेंस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, लेकिन दरगाह कमेटी इस दिशा में कुछ नहीं करती। चाबियों का रजिस्टर एक साल से गायब है और यहां दादागिरी की जा रही है,” उन्होंने कहा। चेतावनी देते हुए बोल कि आज हमारी बैठक में कुछ लोग ही आए, लेकिन यदि हमने आवाज दी तो 10 हजार खादिम दरगाह में भर जाएंगे। हमारे लाखों अनुयायी हैं, हमारी सहनशीलता को कमजोरी न समझा जाए।” सरवर चिश्ती ने यह भी आरोप लगाया कि हर साल उर्स से पहले जानबूझकर ऐसे आदेश जारी किए जाते हैं ताकि व्यवस्थाओं में बाधा उत्पन्न हो। “उर्स करीब है और अब नया बखेड़ा खड़ा कर दिया गया है। खादिम समुदाय कमजोर नहीं है। हमें हल्के में लेना बड़ी भूल होगी। दूसरी ओर कलेक्टर लोकबंधु, एसपी वंदिता राणा व अन्य अधिकारियों ने उर्स व्यवस्थाओं का जायजा लेने के दौरान चिश्ती की शिकायतें भी सुनीं। चिश्ती ने प्रशासन के सामने नाजिम पर कार्रवाई की मांग रखते हुए कहा कि दरगाह कमेटी मनमर्जी चलाने की कोशिश कर रही है, जबकि मंत्रालय से लेकर नियमों तक कहीं भी ऐसे आदेश का सीधा उल्लेख नहीं है। दरगाह में लाइसेंस व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ यह विवाद उर्स से पहले बड़ा मुद्दा बन चुका है। देखना होगा कि प्रशासन इस तनातनी को कैसे सुलझाता है और क्या खादिमों की आपत्तियों को ध्यान में रखकर कोई नई पहल की जाती है।

IWL के नाम से फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट का खुलासा, 226 करोड़ के टेंडर में धोखाधड़ी पर EOW का केस

जबलपुर जबलपुर स्थित एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी से ठेका प्राप्त करने के लिए कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 226 करोड़ रुपये के ठेके हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज पेश किए थे। जांच के बाद EOW ने संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। EOW से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के संचालकगण द्वारा वर्ष 2016 से 2020 तक फर्जी दस्तावेज़ पेश कर ठेके प्राप्त करने की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि एमपी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के कुल 20 ठेके प्राप्त किए गए थे, जिनमें से तीन ठेकों के लिए कंपनी ने नोएडा स्थित एक कंपनी के परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे। फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट से लिया था 226 करोड़ का काम जानकारी के मुताबिक हाथीताल निवासी कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक कैलाश शुक्ला ने अपने परिवारजनों के साथ मिलकर नोएडा की इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड के नाम से कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट तैयार करवाया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर कंपनी ने हाईटेंशन लाइनों और 220 केवी सब स्टेशन के निर्माण के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड से 226 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कर लिए। EOW की जांच में खुलासा शिकायत मिलने पर एसपी EOW अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड ने ऐसा कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किया था। EOW की टीम फिर नोएडा स्थित कंपनी के कॉर्पोरेट ऑफिस पहुंची, जहां से स्पष्ट रूप से बताया गया कि उनके द्वारा ऐसा कोई दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। इन टेंडरों में किया गया था फर्जीवाड़ा कंपनी ने 2 मार्च 2017 को कूटरचित सर्टिफिकेट लगाकर पावर ट्रांसमिशन कंपनी से टीआर-36/16, टीआर-13/20 और टीआर-35/20 के टेंडर प्राप्त किए थे। सभी टेंडर उच्च क्षमता के सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण से जुड़े थे। कंपनी संचालकों पर FIR दर्ज जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर EOW ने कैलाश कुमार शुक्ला प्रबंध संचालक देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, सीमा शुक्ला और भानू शुक्ला डायरेक्टर के खिलाफ धारा 34, 420, 465, 468, 471, 120-बी के तहत अपराध क्रमांक 156/2025 पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। 226 करोड़ का घोटाला यह 226 करोड़ का घोटाला है। EOW आगे वित्तीय लेन-देन एवं फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने की साजिश का भी पता लगा रही है। मामला सामने आने के बाद ऊर्जा व ट्रांसमिशन क्षेत्र में बड़ी हलचल मच गई है। इनॉक्स विंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड, नोएडा ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कोई परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है। कंपनी ने ठेके प्राप्त करने के लिए कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट पेश किए थे। हाईटेंशन लाइन व सब-स्टेशन बनाती है कंपनी प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कंपनी हाईटेंशन लाइनों और सब-स्टेशनों का निर्माण करती है। फर्जी परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट का उपयोग करके कंपनी ने 220 केवी के सब-स्टेशन निर्माण सहित दो अन्य ठेके प्राप्त किए थे। तीनों ठेकों की कुल राशि 226 करोड़ रुपये थी, जो निर्धारित दरों से कम पर हासिल किए गए थे। EOW ने जांच के बाद कैलाश कुमार शुक्ला (प्रबंध संचालक, कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्रा. लि.), सीमा शुक्ला (डायरेक्टर) और भानू शुक्ला (डायरेक्टर), निवासी हाथीताल कॉलोनी, को आरोपी बनाया है। 

मौसम विभाग की चेतावनी: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे में ठंड बढ़ने की संभावना

रायपुर  छत्तीसगढ़ का मौसम लगातार करवट ले रहा हैं. फिल्हाल इसे प्रभावित करने वाला दितवाह तूफान का असर अवदाब के बाद कमजोर हो कर निम्न दबाव क्षेत्र में तबदील हो गया है. दो दिनों में तापमान में फिर से वृद्धि होने की संभावना है. पारा एक से तीन डिग्री तक लुढ़केगा. अभी सरगुजा समेत पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान अपनी सामान्य स्थिति से नीचे नहीं है. अब राज्य में आने वाली हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में पुनः गिरावट का दौर शुरू होने के आसार हैं. अनुमान है कि गुरुवार की रात से पारा सामान्य से नीचे जाएगा, जिससे ठंड का बढ़ता प्रभाव महसूस होगा. पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे कम पारा 9.5 दुर्ग और सबसे अधिक 30.2 दुर्ग का दर्ज किया गया. अगले चौबीस घंटे में इसमें बदलाव आने की उम्मीद कम है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम रायपुर में सुबह कोहरा रहने के बाद आकाश मुख्यतः साफ़ रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

दिसंबर में बीसलपुर बांध गेट खुले, 22 साल में बना कीर्तिमान, तीन शहरों में जलभराव

टोंक राजस्थान की राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लाइफलाइन ने दिसंबर महीने की शुरूआत में वो कर दिया जो शायद अब तक प्रदेश के किसी भी बड़े बांध ने नहीं किया होगा। बीसलपुर डैम ने इस साल सोमवार को एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया हैं जो अब तक कभी नहीं बना। यह रिकॉर्ड है पहली बार दिसंबर माह में भी बांध का गेट खुला रहने का है। इसी के साथ इस साल 7 रिकॉर्ड बन गए हैं। इस साल बांध से इतना पानी छोड़ा गया है, जिससे डैम 3 बार से ज्यादा भर सकता था। इस सीजन में 140.581 टीएमसी पानी निकासी बनास नदी में की जा चुकी है। जबकि इससे पहले 2016 में डेढ़ महीने में 134.238 टीएमसी पानी की निकासी की गई थी। बांध अभी भी लबालब भरा हुआ है। बताया जा रहा है बारिश नहीं हुई तो भी तीन साल तक टोंक, अजमेर और जयपुर की करीब एक करोड़ से ज्यादा लोगों के लिए पेयजल सप्लाई हो सकेगी। 22 साल के इतिहास में पहली बार 131 दिन निकासी करीब 22 साल पहले बना ये डैम जयपुर, टोंक, अजमेर जैसे जिलों की लाइफलाइन है। इसका भरा रहना, इन जिलों के लोगों के लिए अच्छा है। खास बात यह है कि अभी भी बांध से पानी की निकासी की जा रही है। सोमवार को पानी निकासी का 131वां दिन रहा। यह भी पहली बार है जब इतने दिन बांधी से पानी छोड़ा गया है। लबालब है बीसलपुर बांध बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर भरा हुआ है। अभी भी एक गेट को 10 मीटर खोलकर प्रति सेकेंड 601 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बीसलपुर बांध परियोजना के AEN दिनेश बैरवा ने बताया कि इस साल अब तक 22 साल के बांध के इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा पानी निकासी 140 टीएमसी से ज्यादा हो चुकी है और अभी भी पानी निकासी जारी है। साल 2019 में 64 दिन खुले थे गेट इस साल बीसलपुर बांध लबालब होने पर 24 जुलाई को बांध का एक गेट खोला था। फिर पानी बढ़ा तो कुछ दिन बाद अधिकतम 8 गेट इस साल खोले गए थे। इसके बाद पानी की आवक कम होने बांध का एकमात्र गेट खोलकर रखा गया, जिसे 90 दिन बाद 21 अक्तूबर को बंद किया था। इसी के साथ बीसलपुर बांध ने लगातार सबसे अधिक 90 दिन पानी निकासी का रिकॉर्ड बनाया था। वह भी टूट गया है। तेज बारिश से बढ़ी आवक, फिर खुले गेट अक्तूबर महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश होने से बांध में फिर से पानी की आवक बढ़ गई थी। इसके चलते पहली बार बांध के अक्तूबर माह के लास्ट वीक में 28 अक्तूबर को दोपहर को बांध का फिर एक गेट खोला गया। जबकि आखिरी गेट को 21 अक्तूबर को बंद कर दिया था। करीब सप्ताह भर बाद ही फिर एक गेट खोल दिया गया। बीसलपुर बांध परियोजना के एक्सईएन मनीष बंसल और जेईएन दिनेश बैरवा ने बताया कि बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर तक है। पानी की आवक के अनुसार बांध के लेवल को मेंटेन करते हुए निकासी की जा रही है। किस साल कितना पानी बनास नदी में छोड़ा बीसलपुर बांध के गेट अब तक 8 बार खोले जा चुके हैं। पहली बार इसमें 2004 में पानी रोका गया था।उस साल 26.18 टीएमसी पानी निकासी की गई थी। इसी तरह फिर 2006 में 43.25 टीएमसी, 2014 में 11.202 टीएमसी, 2016 में 134.238 टीएमसी, 2019 में 93.605 टीएमसी, 2022 में 13.246 टीएमसी, 2024 में 31.433 टीएमसी और इस साल 135 टीएमसी से ज्यादा पानी की निकासी बनास नदी में की गई है। बांध का कितना पानी किसके लिए आरक्षित बीसलपुर बांध प्रोजेक्ट के एक्सईएन मनीष बंसल ने बताया कि टोंक जिले में सिंचाई के लिए 8 टीएमसी पानी, पेयजल के लिए 16.2 टीएमसी पानी आरक्षित है। इसके अलावा 8.15 टीएमसी वाष्पीकरण व अन्य खर्च माना गया है। बीसलपुर बांध के 18 गेट हैं जो 15 गुणा 14 मीटर की साइज के हैं। बांध की लंबाई 576 मीटर व समुद्रतल से ऊंचाई 322.50 मीटर है। बांध की कुल जल भराव में 68 गांव डूब चुके हैं। इसमें 25 गांव पूर्ण रूप से व 43 गांव आंशिक रूप से डूब क्षेत्र में आते हैं। बांध का जलभराव क्षेत्र 25 किलोमीटर है जिसमें कुल 21 हजार 300 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होती है। 83 हजार हेक्टेयर में होती बांध की नहरों से सिंचाई बीसलपुर बांध के निर्माण के साथ ही इसके नहरी तंत्र का निर्माण भी 2004 में पूरा हुआ था। टोंक जिले में सिंचाई के लिए बांध की 2 मुख्य नहरें हैं। एक नहर की कुल लंबाई 51.70 किलोमीटर व दूसरी की 18.65 किलोमीटर है। जिनसे जिले की करीब 83 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है। मुख्य नहर से 69 हजार 393 हेक्टेयर व दूसरी से 12 हजार 407 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई कार्य होता है।

संजय सिंह का बड़ा आरोप: ‘मुख्य चोर आयुक्त’ बने ज्ञानेश कुमार, दिल्ली हार से भड़के बयान

नई दिल्ली दिल्ली में एमसीडी की 12 सीटों पर हुए उपचुनाव में महज तीन सीटें जीतने में कामयाब रही आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। पार्टी का आरोप है कि अशोक विहार सीट पर उसके उम्मीदवार की जीत हो गई थी और दोबारा काउंटिंग में भाजपा को विजेता घोषित कर दिया गया। आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस पर भड़कते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'मुख्य चोर आयुक्त' कह डाला है।   संजय सिंह ने आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, ' BJP वोट चोर है मोदी उनका सरगना है। ज्ञानेश कुमार ‘मुख्य चोर आयुक्त’। इससे पहले भी संजय सिंह मुख्य चुनाव आयुक्त पर कई बार हमलावर रहे हैं और उन्हें अज्ञानेश कुमार भी कह चुके हैं। सौरभ भारद्वाज ने अशोक विहार सीट पर आप की हार के बाद गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, 'अशोक विहार सीट – आम आदमी पार्टी जीती , ये वेबसाइट पर रिजल्ट है, अब कह रहे हैं रिकाउंटिंग में भाजपा जीत गई। ऐसे कैसे हो सकता है? दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने जनादेश चोरी का आरोप लगाते हुए कहा, 'अशोक विहार वार्ड में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़? वेबसाइट पर साफ लिखा था, आम आदमी पार्टी जीती। लेकिन अब अचानक “रिकाउंटिंग” के नाम पर नतीजे पलट दिए गए! भाजपा दिल्ली की जनता का जनादेश चुराने की हर कोशिश कर रही है।' एमसीडी के 12 वार्ड में हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सात, आम आदमी पार्टी (आप) ने तीन, जबकि कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी एक-एक वार्ड पर जीत दर्ज की। ये नगर निकाय उपचुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे थे क्योंकि इस साल फरवरी में दिल्ली में सत्ता में आने के बाद यह उसकी पहली बड़ी चुनावी लड़ाई है। उपचुनाव के लिए 30 नवंबर को जिन 12 वार्ड में मतदान हुआ था, उनमें से नौ पर पहले भाजपा और बाकी पर आप पर कब्जा था।  

JMM और BJP ने CM हेमंत पर सियासी कयासों को किया खारिज, बयानबाज़ी में बढ़ी तल्खी

रांची झारखंड में जेएमएम और एनडीए गठबंधन के आपस में मिलने की अटकलें तेज हैं। झारखंड में कोई बड़ा राजनीतिक खेला होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, इन अटकलों पर झामुमो महासचिव विनोद पांडेय और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने विराम लगा दिया है। भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का काम सिर्फ साजिश रचना है। इस बार भी वह यही कर रही है, लेकिन झामुमो के तीन शब्दों 'झारखंड झुकेगा नहीं' मात्र से न सिर्फ अफवाहों पर विराम लग गया, बल्कि भाजपा को सशक्त संदेश भी मिल गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता सब देख और समझ रही है। भाजपा को जनादेश का अपमान करने से बाज आना चाहिए और सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। इसके बाद झामुमो यूथ विंग ने भी पोस्ट करते हुए कहा 'हेमंत सोरेन नाम ही काफी है। संघर्ष से सीखा है, सेवा से जीता है और न्याय के लिए लड़ना आता है।' भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं वहीं, इन अटकलों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा और झामुमो नदी नहीं समुद्र के दो अलग-अलग किनारे हैं। दोनों का मेल कभी नहीं हो सकता। भविष्य में साथ आने की कोई संभावना नहीं है। झामुमो नेतृत्व वाली सरकार तुष्टिकरण करती है।