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पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 25 हजार 631 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 199 करोड़ 78 लाख से अधिक की सब्सिडी

योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की सब्सिडी मिलेगी भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक 25 हजार 631 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं, जिन्हें 199 करोड़ 78 लाख 34 हजार रूपये की सब्सिडी उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुये उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रबंध संचालक ने कहा है कि इस योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। अब तक पीएम सूर्यघर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर आवेदन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रबंध संचालक ने बताया कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में आधार कार्ड में तथा बिजली बिल में नाम एक समान हो। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है। प्रबंध संचालक ने यह भी निर्देश दिए कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किए गए हैं। अगर कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित न होने की अवस्था में वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

योगी आदित्यनाथ सरकार ने आगरा के जयप्रकाश सर्वोदय विद्यालय (स्वच्छकार) को दी नई पहचान

गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माध्यम बना सर्वोदय विद्यालय शिक्षा के साथ खेल में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा विद्यालय क्रिकेट, योगा, पावर लिफ्टिंग जैसे खेलों में प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे विद्यार्थी योगी सरकार की नीतियों से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य आगरा योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण की अपनी नीतियों को शिक्षा और खेल के माध्यम से जमीन पर उतार रही है। इसी कड़ी में जनपद आगरा के बरौली अहीर ब्लॉक, इटौरा ग्राम पंचायत में स्थित जयप्रकाश सर्वोदय विद्यालय (स्वच्छकार) अब केवल एक स्कूल नहीं रहा, बल्कि वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आशा की एक नई किरण बन गया है। यह विद्यालय छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। यह विद्यालय वर्तमान में 193 विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। विद्यालय में सरकार द्वारा मानक अनुरूप पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें और पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। साथ ही सीखने और खेलने के लिए आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे छात्रों को अपने कौशल को निखारने का पूरा मौका मिल सके। योगी सरकार की प्रोत्साहन नीति के कारण, यह विद्यालय अब शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता का प्रतीक बन रहा है। राष्ट्रीय मंच पर चमके छात्र जयप्रकाश सर्वोदय विद्यालय के छात्रों ने पढ़ाई के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यहां के दर्जनभर से अधिक विद्यार्थी क्रिकेट, योगा, पावर लिफ्टिंग, एथलेटिक्स और पंजा कुश्ती जैसे खेलों में प्रदेश, राष्ट्रीय और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। हाल ही में पावर लिफ्टिंग के क्षेत्र में सर्वोदय विद्यालय के गुरु-शिष्य की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत पदक प्राप्त कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया। विद्यालय में कक्षा 10 के छात्र सुमित ने 2024-25 में हुई नेशनल पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त कर नाम रोशन किया है। अपनी सफलता का श्रेय सरकार द्वारा मिली सुविधाओं को देते हुए छात्र सुमित ने कहा कि प्रदेश सरकार की वजह से हमें यहाँ अच्छा भोजन और खेलने के लिए आधुनिक उपकरण मिलते हैं। पावर लिफ्टिंग में आगे बढ़ने के लिए जरूरी डाइट और प्रशिक्षण पहले हम सोच भी नहीं सकते थे, लेकिन अब मुझे अपनी प्रतिभा निखारने का मजबूत मंच मिला है। वहीं पंजा कुश्ती में अपनी प्रतिभा दिखा रहे कक्षा 12 के छात्र अभिषेक ने कहा कि पहले हम सिर्फ स्थानीय स्तर पर खेलते थे, लेकिन अब विद्यालय से प्रोत्साहन मिलने पर मैंने राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिभाग किया है। यह विद्यालय उन गरीब बच्चों के लिए वरदान है, जिन्हें अब खेल के माध्यम से आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। समान अवसर और उज्जवल भविष्य मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीर है कि सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि चाहे जो भी हो, प्रदेश के हर बच्चे को समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। सर्वोदय विद्यालय के विद्यार्थी अब न केवल बेहतर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। समाज कल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति ने बताया कि सर्वोदय विद्यालयों के माध्यम से सरकार समाज के उस वर्ग पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो आर्थिक कारणों से शिक्षा और खेल सुविधाओं से वंचित रह जाता था। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को मुख्यधारा में लाना और उनके हुनर को पहचान देना ही प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। यह विद्यालय उन गरीब, वंचित बच्चों के लिए आशा की किरण है।

अजमेर में बम धमकी से हड़कंप: दरगाह और कलेक्ट्रेट को कराया खाली, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अजमेर अजमेर में गुरुवार दोपहर अजमेर दरगाह और कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई, जिसमें लिखा गया कि अजमेर कुडनकुलम परमाणु संयंत्र, कलेक्टर कार्यालय और दरगाह गरीब नवाज में 4 RDX IED लगाए गए हैं। पुतिन के आते ही विस्फोट हो जाएगा। सुरक्षा इंतजाम और सर्च ऑपरेशन धमकी मिलने के बाद कलेक्ट्रेट और दरगाह परिसर को खाली करवा दिया गया। पुलिस और इंटेलिजेंस टीमों ने मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। चार थानों की पुलिस, सीआईडी और एटीएस की टीम लगातार परिसर की तलाशी में लगी हुई है। अजमेर एसपी वंदिता राणा ने बताया कि “कलेक्ट्रेट को मिले ईमेल में दरगाह और कलेक्ट्रेट को उड़ाने की धमकी दी गई है। सभी विभाग सक्रिय हैं। कलेक्ट्रेट पूरी तरह से चेक किया गया है और अब दरगाह परिसर की तलाशी जारी है। फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।” सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई धमकी के बाद दरगाह और कलेक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस तैनात की गई है। सर्च ऑपरेशन के दौरान मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड से परिसर के हर हिस्से की जांच की जा रही है। तीन साल बाद दरगाह को पूरी तरह से खाली करवाया गया है। सितंबर 2022 में, जब बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना दरगाह जियारत करने आई थीं, तब भी सुरक्षा के मद्देनज़र परिसर खाली करवाया गया था। इस दौरान कुछ खादिम सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी में चेकिंग में शामिल हैं।

देश की सुरक्षा के लिए नौसेना का समर्पण वंदनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नौसेना दिवस पर कहा है कि हर भारतवासी के लिऐ यह गर्व का अवसर है। समुद्र की विस्तारित सीमाओं तक देश की सुरक्षा के लिए समर्पित नौसेना का समर्पण वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रसेवा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले नौसेना के जवानों के चरणों में नमन किया।  

भोपाल के तीन स्‍थानों पर आठवाँ ह्रदय दृश्‍यम 5 से 7 दिसम्‍बर, 2025 तक- राज्य मंत्री लोधी

राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के सुविख्‍यात कलाकारों की होंगी संगीत सभाएं रविन्द्र भवन में 5, 6 दिसंबर को जगदीशपुर में और भारत भवन में 7 दिसंबर को आर्ट एण्‍ड क्राफ्ट एवं व्‍यंजन मेला भी होगा जगदीशपुर के चमन महल में भी होंगी प्रस्‍तुतियाँ ऐतिहासिक पृष्‍ठभूमि पर सुरीले राग की अनुगूँज ह्रदय को करेगी झंकृत भोपाल  संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि संगीत समागम ‘ह्रदय दृश्‍यम’ के आठवें संस्‍करण का आयोजन 5 से 7 दिसम्‍बर, 2025 तक भोपाल के तीन स्‍थानों पर किया जा रहा है। रविन्द्र भवन में 5, 6 दिसंबर को जगदीशपुर में और भारत भवन में 7 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के कलाकारों की संगीत सभाएं होंगी। 'ह्रदय दृश्‍यम' मध्‍यप्रदेश की दूरदर्शी सांस्कृतिक संवेदना का ऐसा उदाहरण है, जो प्रदेश की कलात्मकता को नए आयाम देता है। इस संगीत समारोह के माध्‍यम से एक ओर समृद्ध सांस्‍कृतिक संसार की छवि सुरों के माध्‍यम से उकेरी जाती है, दूसरी ओर मध्‍यप्रदेश की प्राचीन धरोहरों को बढ़ावा दिया जाता है।  इस वर्ष रवीन्‍द्र भवन एवं भारत भवन के साथ ही विशेष रूप से भोपाल से निकट प्राचीन जगदीशपुर स्थित सौंदर्यपूर्ण चमन महल में भी संगीत सभाएँ आयोजित की जा रही हैं। जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा विरासत से विकास की पहल की गई है, इसी अनुक्रम में जगदीशपुर को इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए चुना गया है।‘ह्रदय दृश्यम’ ताल, स्वर, रंग और परम्‍परा के संगम से हृदय को स्पंदित करती है और भोपाल की झीलों, पहाड़ियों और ऐतिहासिक स्थलों के बीच एक आध्यात्मिक-संगीतमय वातावरण रचती है। युवाओं को जोड़ने वाला आयोजन संस्‍कृति विभाग की परम्‍परा सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के माध्‍यम से नई पीढ़ी को भी प्रेरित करने की रही है। (ओमेगा रैंक) के सीएसआर फंड के सहयोग से आयोजित 'ह्रदय दृश्‍यम' के आठवें संस्‍करण में ध्‍यान रखा गया है कि युवा श्रोता वर्ग भी इस कार्यक्रम से जुड़े और अपनी परम्‍पराओं और विरासत के बारे में जाने। इसके लिए ऐसे कलाकारों को आमंत्रित किया गया है जो सभी वर्गों के साथ युवाओं के बीच भी लोकप्रिय हैं। तीन दिवसीय विविधतापूर्ण सांगीतिक उत्सव अपर मुख्य सचिव संस्कृति, पर्यटन, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 'हृदय दृश्यम' 2025 की शुरुआत 5 दिसंबर को भोपाल के प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में होगी। उद्घाटन शाम 5 बजे होगा, जिसके बाद लगातार तीन घंटे संगीत प्रस्तुतियाँ दर्शकों को भारतीय संगीत की विविध विधाओं से परिचित कराएँगी। सबसे पहले मंच सजाएंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात बांसुरी वादक पं. राकेश चौरसिया, अपअने सुरों के माध्यम से श्रोताओं को एक अलौकिक संगीत-यात्रा पर ले जाएंगे। इसके बाद सेनिया बंगश घराने के सुप्रसिद्ध कलाकार श्री अमान और अयान अली बंगश सरोद जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति सुप्रसिद्ध गायिका सुश्री मधुवंती बागची के सुगम संगीत की रहेगी। जगदीशपुर का ऐतिहासिक चमन महल – संगीत और इतिहास का संगम भोपाल एवं इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में अनेक ऐतिहासिक स्थल स्थित हैं, जो अपने उत्कृष्ट स्थापत्य, अद्वितीय वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं। 'ह्रदय दृश्‍यम' का प्रारंभ से उद्देश्‍य रहा है कि संगीत, संस्‍कृति के साथ ही मध्‍यप्रदेश के ऐतिहासिक स्‍थलों को भी प्रचारित कर बढ़ावा दिया जाये। पूर्व में इकबाल मैदान, गौहर महल, माण्‍डू, राजबाड़ा इंदौर इत्‍यादि ऐतिहासिक स्‍थलों पर ह्रदय दृश्‍यम की संगीत सभाऐं सज चुकी हैं। जगदीशपुर स्थित चमन महल में समारोह के दूसरे दिन 6 दिसंबर को संगीत सभाऐं सजाई जाएंगी। वर्ष 1715 में निर्मित चमन महल अपनी अनोखी वास्तुकला, मुगल और अफगानी शैली के मिश्रण, ऊँचे मेहराबों, पत्थर के बरामदों और विशाल बागों के लिए जाना जाता है। जब प्राचीन वास्तुकला में संगीत की धुनें गूंजेंगी, तो अनुभव और भी दिव्य हो उठेगा। सायं 5:30 बजे पूर्वरंग के बाद विख्यात सितार वादक श्री रवि चारी सितार वादन की प्रस्तुति देंगे। रवि चारी अपने सूक्ष्म तानों, नफीस अलंकरणों और रचनात्मक तानों के लिए जाने जाते हैं। आधुनिकता और परंपरा की संतुलित शैली उन्हें युवा श्रोताओं में भी लोकप्रिय बनाती है। रात्रि 8:15 से पं. आदित्य कल्याणपुरकर का तबला वादन की प्रस्तुति देंगे। मध्‍यप्रदेश के व्‍यंजन एवं कला का भी आनन्‍द चमन महल में आयोजित पारंपरिक व्यंजन एवं आर्ट एण्‍ड क्राफ्ट मेला विशेष आकर्षण का केन्‍द्र होगा। यहां संगीतप्रेमियों को स्‍वर लहरियों के साथ मध्‍यप्रदेश के उन व्‍यंजनों का स्‍वाद चखने का अवसर मिलेगा, जो देश ही नहीं दुनिया भर में लो‍कप्रिय हैं। विभिन्न अंचलों – मालवा, बुंदेलखंड, निमाड़ और बघेलखंड के साथ ही जनजातीय व्‍यंजन एवं स्थानीय पकवान यहाँ उपलब्ध होंगे। साथ ही मध्‍यप्रदेश के कलाकारों की हस्‍तशिल्‍प कला भी यहां प्रदर्शन सह विक्रय हेतु उपलब्‍ध रहेगी। यह आयोजन संगीत, कला और स्वाद के माध्यम से सांस्कृतिक अनुभव को पूर्ण बनाएंगे। जगदीशपुर आने के लिए रहेगी बस की व्यवस्था जगदीशपुर के कार्यक्रम के लिए रविन्द्र भवन से बस दिनांक 6 दिसंबर को शाम को 4 बजे रवाना होगी। यह बस सेवा सभी के लिए निःशुल्क होगी। कला, अध्यात्म और आधुनिक संगीत समारोह के अंतिम दिन 7 दिसंबर, 2025 को, भारत भवन में संगीत सभाएँ होंगी। सायं 6:30 बजे से नाद ब्रह्मा द्वारा फ्यूजन बैण्ड प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। फ्यूजन संगीत आज की पीढ़ी में अत्यंत लोकप्रिय शैली है, जिसमें भारतीय शास्त्रीय, लोक और आधुनिक पश्चिमी धुनों का संगम होता है।

पुतिन के आगमन के साथ भारत को मिली खुशखबरी, रूस में बढ़ेगा भारतीय कारोबार का दबदबा

नई दिल्ली  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उन्हें रिसीव करने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। इस बीच रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव ने कहा कि रूस अपने बाजार में भारतीय वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाना चाहता है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक संबंधों के संदर्भ में रूस व्यापार आदान-प्रदान बढ़ाने में रुचि रखता है। हम रूसी बाजार में भारतीय उत्पादों की आपूर्ति बढ़ाने और व्यापार संतुलन बनाने में रुचि रखते हैं, क्योंकि वर्तमान में रूसी सामान भारतीय बाजार में बहुत अधिक मात्रा में हैं, जबकि भारतीय सामान रूसी बाजार में उस अनुपात में नहीं हैं। रेशेतनिकोव ने आगे कहा कि हम भारत से उत्पाद खरीदने में बहुत रुचि रखते हैं। हम इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी के लिए आभारी हैं, जिसमें दोनों देशों के कई मंत्री शामिल हैं। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है, जिससे हमारे नेताओं की वार्ता सफल होगी और 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य की प्राप्ति की उम्मीद जगेगी। 100 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य इससे पहले रूस के वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव ने विश्वास जताया कि रूस और भारत 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर का व्यापार लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। हाल के वर्षों में तेज़ व्यापार वृद्धि और कई क्षेत्रों में सहयोग विस्तार का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वीटीबी बैंक के नई दिल्ली में नए प्रमुख कार्यालय का उद्घाटन बढ़ते व्यापार को सहारा देने के लिए वित्तीय बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने भारत से आयात बढ़ाने के राष्ट्रपति के निर्देश को लागू करने के लिए चल रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला और कहा, “हम वर्तमान में भारत से आयात बढ़ाने के राष्ट्रपति के कार्य को लागू करने में जुटे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों से इन मुद्दों का समाधान आसान होगा। जितने समझौते सरल होंगे, उतना ही हमारे देशों के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन बढ़ेगा। क्या बोले रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री तथा भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग) के रूसी सह-अध्यक्ष डेनिस मंटुरोव ने 100 अरब डॉलर के लक्ष्य को 'वास्तव में महत्वाकांक्षी' बताया और कहा कि इसे हासिल करने के लिए दोनों देशों की सरकारों, व्यवसायों और वित्तीय संस्थानों के संयुक्त एवं समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हम रूस-भारत सहयोग के विस्तार के लिए अनुकूल माहौल और जरूरी परिस्थितियां बनाकर व्यापारिक समुदाय का समर्थन कर रहे हैं। अंतर-सरकारी आयोग की नियमित बैठकों को निवेश परियोजनाओं पर चर्चा का प्रमुख मंच बताते हुए मंटुरोव ने कहा कि 100 अरब डॉलर का लक्ष्य सचमुच महत्वाकांक्षी है। इसके लिए द्विपक्षीय व्यापार की गुणवत्ता और संरचना पर काम करना होगा। इसके लिए सरकारों के साथ-साथ व्यवसायों और वित्तीय संस्थानों के ठोस प्रयास अपेक्षित हैं।

नव्य,भव्य और दिव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के चार सालो में श्रद्धालुओं की संख्या पहुंची 26 करोड़ के पार

विश्व धार्मिक पर्यटन के मानचित्र  पर काशी के विकास मॉडल का नक्शा तेजी से उभर रहा डबल इंजन की सरकार द्वारा धाम का विस्तार,सुविधा, सुगमता और सुरक्षा के साथ मूल-भूत सुविधाओं के साथ बेहतर कनेक्टिविटी,फ्लाईओवर का जाल ,पार्किंग, पर्यटक के लिए अन्य कई सुविधाएं 13 दिसंबर 2021 को लोकार्पित विश्वनाथ धाम ने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन का लिखा नया अध्याय 13 दिसंबर 2025 को श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के हो जाएंगे 4  साल वाराणसी, उत्तर वाहिनी गंगा के तट पर विराजमान श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद बाबा के भक्तो की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिल रही है। 13 दिसंबर 2021 को लोकार्पित नव्य-भव्य धाम ने सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय लिखा है। चार वर्षों में लगभग 26 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाज़िरी लगा चुके हैं, यही नहीं बड़ी संख्या में विदेशी मेहमान भी बाबा विश्वनाथ धाम की आभा से खींचे चले आ रहे है। योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा काशी का चतुर्मुखी विकास,श्री काशी विश्वनाथ  धाम का विस्तार,सुविधा, सुगमता और सुरक्षा के चलते बाबा के भक्तो ने महादेव के दरबार में हाज़िरी का कीर्तिमान बना दिया है। भक्तों की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्था विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार ने न केवल मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा बढ़ाई है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुगमता और सुविधा भी प्रदान की है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा का अच्छा प्रबंध किया गया है। ,ठंड बरसात और गर्मी में तेज धूप से बचाने के लिए जर्मन हैंगर, गर्मी में पैरों को जलन से बचाने हेतु मैट,कूलर,पीना का पानी ,सावन में वृद्धो ,दिव्यांगजनों एवं आशक्त जनों के लिए निःशुल्क व्हील चेयर ,गोल्फ कार्ट ,गर्मी के दिनों में कैनोपी,ओआरएस, चिकित्सा व्यवस्था आदि सुविधाओं ने शिव भक्तों को बाबा के चौख़ट तक पहुंचने की राह आसान कर दी है। योगी सरकार के प्रयासों से बदला काशी का स्वरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों ने काशी को विश्व धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री खुद बाबा दरबार में महीने मे औसतन एक या दो बार हाज़िरी लगाते रहते है और भक्तो के हर छोटी बड़ी सुविधा के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा करके आवशयक निर्देश देते है।  शहर का चौतरफा विकास न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी साबित हुआ है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही  है। 3 हज़ार से 5 लाख वर्ग फुट तक का भव्य विस्तार काशी विश्वनाथ धाम परिसर का लगभग तीन हज़ार वर्ग फुट से, लगभग पांच लाख वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में विस्तारित होने के बाद ,धाम में सनातनियो का दर्शन के लिए ताँता लगा रह रहा है। नव्य-भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम का 13 दिसम्बर 2021 के लोकार्पण होने के बाद बाबा के दरबार में हाज़िरी लगाने वाले शिव भक्तो की संख्या में कई गुना वृद्धि हो गई है। 13 दिसंबर 2021 के बाद हर वर्ष बढ़ता भक्तों का सैलाब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण का 13 दिसंबर 2025 को चार वर्ष पूरा हो रहा है। 2 दिसंबर 2025 तक यहां दर्शन के लिए आने वालों की संख्या लगभग 26 करोड़ ,23 लाख 56 हज़ार से अधिक पहुंच गई है। अब प्रतिवर्ष औसतन लगभग 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु बाबा का दर्शन कर रहे हैं। धाम में भक्तों की कुल संख्या का वर्षवार संख्या 2021 (13–31 दिसंबर) — 48,42,716 2022 (जनवरी–दिसंबर) — 7,11,47,210 2023 (जनवरी–दिसंबर) — 5,73,10,104 2024 (जनवरी–दिसंबर) — 6,23,90,302 2025 (जनवरी–2 दिसंबर) — 6,66,66,511

ठिठुरन चरम पर! पंजाब का ये शहर गिरा 2.4 डिग्री पर, टूट सकते हैं सभी रिकॉर्ड

पंजाब पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण पंजाब में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। कई जिलों में शीतलहर का असर तेज हो गया है। बुधवार को आदमपुर 2.4 डिग्री के साथ देश का सबसे ठंडा मैदानी शहर दर्ज हुआ, जबकि फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटों में पंजाब के तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट रिकॉर्ड की गई है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह ठंड बढ़ने की संभावना है। गुरुवार के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी कर दिया गया है। उधर, हिमाचल में 5 और 7 दिसंबर को ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 8 दिसंबर से हिमाचल में मौसम फिर शुष्क होने की उम्मीद है।   

सुगम खाद्य आपूर्ति और सशक्त उपभोक्ता ही खाद्य विभाग की प्रतिबद्धता: गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल भारत के ओजस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन एवं मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पिछले दो वर्षों में 'खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता न्याय' के मूल मंत्र को चरितार्थ करने का अथक प्रयास किया है। हमारी यात्रा केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रही है, बल्कि हमने ऐसी व्यवस्थाओं का निर्माण किया है जो पारदर्शिता, दक्षता और जन-सरोकार पर आधारित हैं। हमने प्रदेश के करोड़ों परिवारों को न केवल सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराया है, बल्कि उन्हें एक मजबूत उपभोक्ता संरक्षण कवच भी प्रदान किया है। पिछले दो वर्षों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों, नवाचारों और दूरगामी फैसलों से मध्यप्रदेश की खाद्य वितरण और उपभोक्ता न्याय प्रणाली को एक नई दिशा दी गयी है।सार्वजनिक वितरण प्रणाली का डिजिटल सशक्तिकरण राज्य की जनता के लिए एक अधिकार बन कर उभरा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली राज्य की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ है। पिछले दो वर्षों में, विभाग ने पीडीएस को भ्रष्टाचार-मुक्त और 'सही हितग्राही को सही लाभ' सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व डिजिटल पहल की है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न का उपार्जन प्रदेश के किसानों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 6.05 लाख किसानों से 42.4 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन कर 9,200.18 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में 6.69 लाख किसानों से 43.52 लाख मैट्रिक टन धान का उपार्जन कर समर्थन मूल्य राशि 1001 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया। उपार्जन अवधि में ही 14.18 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन केंद्र से सीधे मिलर्स को प्रदाय कर परिवहन हैंडलिंग व्यय की बचत की गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु 8.59 लाख किसानों का पंजीयन किया गया है, जिनसे दिसंबर 2025 से समर्थन मूल्य राशि 2369 प्रति क्विंटल की दर से धान का उपार्जन किया जाएगा। इसी तरह रवि विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित 48.38 लाख मीट्रिक टन गेहूं पर 6.13 लाख किसानों को 125 में प्रति क्विंटल की दर से 605 करोड़ तथा रबी विपणन वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित 77.74 लाख मीट्रिक टन गेहूं पर 9 लाख किसानों को 175 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 1360 करोड़ राज्य सरकार द्वारा बोनस का भुगतान किया गया। ई-केवाईसी अभियान में आधारभूत सुधार हमने प्रदेश के समस्त राशन उपभोक्ताओं की पहचान को प्रमाणित करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक विशाल ई-केवाईसी अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रणाली से फर्जी और डुप्लीकेट नामों को हटाना तथा सुनिश्चित करना था कि केवल पात्र व्यक्ति ही रियायती राशन प्राप्त करें। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने माह दिसंबर 2023 से अभी तक 1.61 करोड़ हितग्रहियों के ई-केवाईसी किए गए हैं। अभी तक 92 फीसदी से अधिक हितग्राहियों की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। प्रदेश की 27,875 उचित मूल्य दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीन से पात्र हितग्राहियों की ईकेवायसी करने की व्यवस्था के अतिरिक्त बच्चों तथा हितग्राही द्वारा घर बैठे ईकेवाईसी करने की सुविधा भारत सरकार के "मेरा ईकेवायसी" ऐप के माध्यम से दी गई है। 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' का पूर्ण क्रियान्वयन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना को प्रदेश में सफलतापूर्वक लागू किया। अंतरराज्यीय पोर्टेबिलिटी के तहत अब मध्यप्रदेश के 30,000 उपभोक्ता देश के अन्य राज्यों से और अन्य राज्यों के 6821 उपभोक्ता मध्यप्रदेश से अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर रहे हैं। इसी प्रकार अंतर जिला पोर्टेबिलिटी से 15, 39, 384 परिवारों द्वारा अन्य दुकान से प्रतिमाह राशन प्राप्त किया जा रहा है। यह सुविधा प्रवासी मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। प्रदेश में विगत दो वर्ष में लगभग 17 लाख परिवारों के डाटाबेस में मोबाइल सीडिंग की गई। इस प्रकार कुल 97 प्रतिशत परिवारों की मोबाइल सीडिंग की जाकर प्रतिमाह वितरित सामग्री की सूचना के लिये एसएमएस प्रेषित किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ता द्वारा प्राप्त सामग्री का मिलान किया जा सके। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को रोकने के लिए राशन वितरण को शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर आधारित किया गया। इसने मैनुअल हस्तक्षेप को समाप्त किया और वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। प्रत्येक वितरण के बाद हितग्राही को उसके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से वितरण की जानकारी भेजी जाती है, जिससे शिकायत की संभावना नगण्य हो जाती है। इसके अलावा अगस्त 2024 से कैरी फॉरवार्ड वितरण व्यवस्था समाप्त कर आवंटन माह में ही समस्त पात्र परिवारों को पात्रतानुसार राशन वितरण कराया जा रहा है, जिससे परिवारों को समय पर सामग्री प्राप्त हो रही है। माह दिसंबर 2023 से अभी तक 91.14 लाख नवीन हितग्राहियों को जोड़कर निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण कराया गया तथा मृत/अपात्र/स्थाई रूप से पलायन करने वाले 72.94 लाख हितग्राहियों को पोर्टल से विलोपित किया गया।  

देश की सुरक्षा पर बड़ा हमला नाकाम: गुजरात ATS ने पकड़ा पाकिस्तान लिंक्ड जासूसी नेटवर्क

गांधीनगर  गुजरात एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (एटीएस) ने बड़े जासूसी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान को गोपनीय सैन्य जानकारी पहुंचाने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तार आरोपी एके सिंह, भारतीय सेना में सूबेदार पद पर कार्यरत था और गोवा में रह रहा था। दूसरी आरोपी रश्मणी पाल दमन की रहने वाली है। एटीएस के मुताबिक दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उन्हें संवेदनशील रक्षा जानकारियां भेज रहे थे। इससे पहले 21 नवंबर को उत्तर प्रदेश, गुजरात और तेलंगाना एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) मॉड्यूल के तीनों आतंकियों के कबूलनामे से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। इनके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई थी। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में रहने वाले आतंकी मोहम्मद सुहैल के घर पर यूपी एटीएस की रेड में आईएसआईएस का काला झंडा बरामद हुआ था। वहीं हैदराबाद के डॉक्टर मोहम्मद इस्हाक उर्फ डॉ. अहमद के घर से डिजिटल सबूत मिले थे। जांच में पता चला कि दो महीने पहले सुहैल और तीसरा आतंकी आजाद मिलकर डॉ. अहमद के पास एक पार्सल लेकर पहुंचे थे। उस पार्सल में डेढ़ लाख रुपए नकद थे। यह रकम एक पाकिस्तानी एजेंट के कहने पर भेजी गई थी। दूसरा पार्सल भी इन्हीं दोनों ने दिया था, जिसमें हथियार थे। गुजरात एटीएस ने इसी पार्सल के आधार पर डॉ. अहमद को पकड़ा और फिर सुहैल व आजाद तक पहुंची थी। तीसरे आतंकी आजाद (उत्तर प्रदेश का रहने वाला) ने पूछताछ में कबूला कि वह किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के इरादे से कश्मीर के बारामूला गया था। वहां कुछ न मिलने पर निराश होकर लौटा। वापसी में ट्रेन में एक शख्स से मिला और उसके साथ हरिद्वार पहुंच गया। वहां उसने कई मंदिरों की रेकी की थी। तीनों राज्यों की एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर शख्स की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का यह सिलसिला अभी और गहरा हो सकता है।