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अर्जुन एरिगेसी ने विश्वनाथन आनंद को हराकर जीता यरूशलम मास्टर्स 2025 खिताब

नई दिल्ली भारतीय ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगेसी ने पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को फाइनल में हराते हुए यरूशलम मास्टर्स 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। रैपिड चरण के शुरुआती दो गेम ड्रॉ रहने के बाद एरिगेसी ने पहले ब्लिट्ज गेम में सफेद मोहरों से निर्णायक जीत दर्ज की। दूसरे ब्लिट्ज गेम में भी वे बेहतर स्थिति में थे, लेकिन सुरक्षित ड्रॉ स्वीकार कर खिताब अपने नाम किया।  22 वर्षीय एरिगेसी को इस खिताबी जीत के साथ 55,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिली। फाइनल में पहुंचने के लिए एरिगेसी ने सेमीफाइनल में रूस के पीटर स्विडलर को हराया था, जबकि आनंद ने दूसरे सेमीफाइनल में इयान नेपोमनियाची पर जीत दर्ज की थी। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने अपने-अपने सेमीफाइनल की दूसरी रैपिड गेम में जीत दर्ज की थी। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में स्विडलर ने अपने हमवतन नेपोमनियाची को 2.5-1.5 से हराया। निर्णायक बढ़त उन्हें दूसरे ब्लिट्ज गेम में मिली। प्रारंभिक राउंड-रॉबिन चरण में स्विडलर ने 8/11 स्कोर के साथ टॉप किया, जबकि नेपोमनियाची, आनंद और एरिगेसी ने 7.5/11 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान साझा किया।  

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी नाराज़गी: बीएलओ सुरक्षा पर राज्यों से मांगी जवाबदेही

नई दिल्ली  मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की मौतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने साफ कहा कि बीएलओ पर बढ़ते काम के बोझ को कम करना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है और इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती तुरंत की जानी चाहिए। तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी टीवीके द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी तब आई जब कोर्ट को बताया गया कि देशभर में अब तक 35-40 बीएलओ की मौत अत्यधिक काम के दबाव के कारण हो चुकी है। याचिकाकर्ता ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी रखी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया एक वैध प्रशासनिक कार्रवाई है जिसे समय पर पूरा किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "अगर कहीं स्टाफ की कमी है, तो अतिरिक्त कर्मचारी नियुक्त करना राज्य का कर्तव्य है।" कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बीमार, असमर्थ या अत्यधिक दबाव में काम कर रहे अधिकारियों को लेकर राज्य सरकारें संवेदनशील रवैया अपनाएं और तुरंत वैकल्पिक स्टाफ तैनात करें। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति करें ताकि बीएलओ के कार्य घंटे कम किए जा सकें। जहां 10,000 कर्मचारी मौजूद हैं, वहां आवश्यकता पड़ने पर 20,000 से 30,000 कर्मियों की तैनाती भी की जा सकती है। यदि कोई बीएलओ या कर्मचारी व्यक्तिगत कारणों, बीमारी या गंभीर परिस्थिति में ड्यूटी से छूट चाहता है, तो सक्षम अधिकारी केस-टू-केस आधार पर राहत दे सकते हैं। छूट मिलने पर उसकी जगह तुरंत किसी अन्य कर्मचारी को नियुक्त किया जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि कई राज्यों से ऐसे मामले सामने आए हैं जहां बीएलओ ने काम के अत्यधिक दबाव, लंबी ड्यूटी और संसाधनों की कमी के कारण आत्महत्या कर ली। इस पर सीजेआई ने कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है। जिस भी राज्य में ऐसा हो रहा है, वहां प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।" तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी टीवीके ने एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने या इसे संशोधित करने की मांग करते हुए कहा कि बीएलओ पर इतना अधिक बोझ डाला जा रहा है कि कई लोग तनाव में आकर जान गंवा रहे हैं। याचिका में कोर्ट से बीएलओ परिवारों को मुआवजा दिलवाने का अनुरोध भी किया गया है।

भारत–रूस रिश्तों की मिसाल: पुतिन के आगमन से पहले पीएम मोदी संग 25 साल पुरानी फोटो वायरल

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार शाम दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की इस मुलाकात पर दुनिया भर की नजर है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर खूब चर्चा में है, जो पीएम मोदी के राजनीतिक सफर से जुड़ी एक अहम स्मृति को सामने लाती है। दरअसल, यह तस्वीर साल 2001 की है, जब पीएम मोदी पहली बार मॉस्को गए थे। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और वह भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ रूस की राजधानी पहुंचे थे। यह यात्रा 6 नवंबर 2001 को हुई थी। उसी दौरान पीएम मोदी को पहली बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने का अवसर मिला। यह उनका पुतिन के साथ पहला परिचय था। आज, करीब 25 साल बाद, जब पुतिन भारत दौरे पर आ रहे हैं, तो यही तस्वीर फिर से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इसे शेयर करते हुए लोग लिख रहे हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी और प्रेसिडेंट पुतिन के बीच लगभग ढाई दशक पुराना रिश्ता है। तस्वीर में वाजपेयी और पीएम मोदी साथ दिखाई दे रहे हैं, जिसे देखकर कई यूजर्स इसे 'इंडिया-रूस दोस्ती की पहली झलक' बता रहे हैं। 4 सितंबर 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर कुछ तस्वीरें और उससे जुड़ी यादें शेयर की थीं। उन्होंने लिखा था, "2001 और 2019 की यादें और पल! आज 20वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेते हुए, मेरा मन नवंबर 2001 के रूस-भारत शिखर सम्मेलन में भी चला गया, जब अटल जी पीएम थे। उस समय मुझे गुजरात सीएम के तौर पर उनके डेलीगेशन का हिस्सा बनकर गर्व हुआ था।" यह पोस्ट एक बार फिर वायरल हो रहा है क्योंकि मौजूदा भारत-रूस शिखर सम्मेलन से पहले इस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाई जा रही है। जैसे ही राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की खबर सामने आई, वैसे ही लोग 2001 की तस्वीरें साझा कर रहे हैं। कई यूजर्स लिख रहे हैं कि भारत और रूस की साझेदारी सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रिश्तों की मजबूती पर भी आधारित है। यही वजह है कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की दोस्ती अक्सर चर्चा में रहती है। आज जब राष्ट्रपति पुतिन फिर भारत आ रहे हैं, तो 25 साल पहले की यह तस्वीर भारत-रूस रिश्तों के लंबे और भरोसेमंद इतिहास की एक दिलचस्प झलक पेश कर रही है।

स्कूल में दहशत: दबंगों ने कक्षा में घुसकर छात्र पर हमला, वीडियो वायरल

जबलपुर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बुधवार को गणित विभाग में संचालित कक्षा में कुछ युवक घुसे और एक छात्र को घसीटकर उसके साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने विभाग के गमले और दरवाजों को भी तोड़ दिया। घटना के बाद से छात्र-छात्राओं में दहशत का माहौल है और मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है। छात्र ने क्या कहा विश्वविद्यालय के गणित विभाग को दी शिकायत में छात्र नितेश कुमार मरकाम ने बताया कि वह विश्वविद्यालय में बीटेक फर्स्ट सेमेस्टर का छात्र है। बुधवार को सुबह के सत्र में वह क्लास अटेंड कर रहा था तभी देवेन्द छात्रावास के कुछ छात्र पहुंचे और खींचकर क्लास से बाहर निकाला गया और मेरे साथ मारपीट की गई है। इसमें मुख्य आरोपित सत्यम केवट है जबकि मौके पर उसके अन्य साथी भी थे।   डिपार्टमेंट में भी नुकसान छात्र ने इस बात का भी उल्लेख किया कि उसे मारते हुए बाहर ले जाया गया, जिससे घटना को सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने देखा है। इस दौरान डिपार्टमेंट में नुकसान भी किया गया। इस मामले में आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इस मामले में गणित विभाग के प्रमुख डॉ. जेके मैत्रा ने कहा कि छात्र नितेश ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उसे क्लास में पढ़ने के दौरान जबरन बाहर निकाला गया और जमकर मारपीट की गई।

24 लाख राशनकार्ड धारकों को बड़ी अपडेट: केंद्र के ताज़ा आदेश से बदलेगी वितरण प्रक्रिया

चंडीगढ़  पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सरकार से मुफ्त राशन योजना के लगभग 24 लाख लाभार्थियों के भविष्य पर स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इन मामलों की आगे जांच के लिए संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा में लाभार्थियों की जानकारी और उनके प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने संबंधी सवाल पूछे जाने पर खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई भंभानिया ने बताया था कि पंजाब में कुल 40,93,003 राशन कार्डों के मुकाबले राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य में 1.51 करोड़ लाभार्थी दर्ज थे। वड़िंग ने मंत्री के हवाले से कहा कि 20,69,338 लाभार्थियों की e-KYC अब तक पूरी नहीं हुई है। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा सत्यापन प्रक्रिया में देरी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि दो लाख से अधिक लाभार्थियों को सूची से बाहर क्यों किया गया है, जबकि सरकार का दायित्व है कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति मुफ्त राशन का लाभ न ले पाए, और साथ ही कोई योग्य व्यक्ति इस सुविधा से वंचित भी न हो।  

विराट की बैटिंग में दिखा शतक वाला टच, गावस्कर बोले—पहली गेंद से साफ था इरादा

रायपुर  पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना ​​है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शुरू से ही लग रहा था कि विराट कोहली शतक लगाने में सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिग्गज बल्लेबाज ने छक्का लगाकर अपना खाता खोला और पिछले मैच के अपने आत्मविश्वास को बनाए रखा।   कोहली ने बुधवार को रायपुर में 93 गेंदों पर 102 रन बनाए, जो 50 ओवर के प्रारूप में उनका 53वां शतक और सभी प्रारूप में मिलाकर 84वां शतक है। हालांकि भारत यह मैच चार विकेट से हार गया। उन्होंने 30 नवंबर को रांची में खेले गए पहले मैच में 120 गेंदों पर 135 रन बनाए थे जिससे भारत ने यह मैच 17 रन से जीता था। जियोस्टार विशेषज्ञ गावस्कर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि वह शतक नहीं बना पाएंगे। पहली गेंद से ही ऐसा लगा कि वह रांची की अपनी पारी को ही आगे बढ़ा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कोहली ने हुक करके छक्का जड़कर शुरुआत की। यह एक ऐसा शॉट जिसे वह अक्सर नहीं खेलते हैं। इससे उनके आत्मविश्वास का पता चलता है। उसके बाद से ही लग रहा था कि वह शतक बनाने में सफल रहेंगे।’ कोहली और रुतुराज गायकवाड़ (83 गेंदों पर 105 रन) ने 195 रन जोड़कर वनडे में भारत की ओर से तीसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। गावस्कर ने कहा, ‘रुतुराज के साथ उनकी साझेदारी शानदार रही। रुतुराज ने जिस पहली गेंद का सामना किया वह यानसन की बाउंसर थी, जो जायसवाल को आउट करने के ठीक बाद आई थी। वह इसे चौके के लिए भेजने में कामयाब रहे और इसके बाद कोहली उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनके पास गए। रुतुराज ने इसके बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की।’ भारत ने लगातार 20वीं बार टॉस गंवाया। दक्षिण अफ्रीका ने चार गेंद शेष रहते 359 रन का लक्ष्य हासिल करके तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली। गावस्कर ने कहा, ‘टॉस बहुत अहम था। आउटफील्ड काफी गीली थी। शुरुआती छह ओवरों को छोड़कर गेंद हमेशा गीली रही। इसका असर गेंदबाजों पर ही नहीं क्षेत्ररक्षकों पर भी पड़ता है। आप गेंद पर सही ग्रिप नहीं बना पाते हैं। इसलिए टॉस ने बहुत बड़ा अंतर पैदा किया।’  

ग्रामीणों का प्रदर्शन: किशनपुरा में स्कूल को ताला, व्यवस्थाओं को लेकर उठाए बड़े सवाल

चरखी दादरी  चरखी दादरी के गांव डूडीवाला किशनपुरा में वीरवार को ग्रामीणों ने सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्कूल में मौजूद अध्यापकों को बाहर निकाल दिया और साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, स्कूल दोबारा नहीं खुलने दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में कुछ अध्यापक गुटबाजी कर माहौल खराब कर रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। वे इन शिक्षकों के ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। साथ ही करीब 5–6 महीनों से स्थायी प्रिंसिपल का पद खाली है, जिस कारण स्कूल का प्रबंधन अस्त-व्यस्त चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर पहले ही मुख्यमंत्री को शिकायत भेज चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल पर ताला लगने से गांव के करीब 400 बच्चों की पढ़ाई पूर्ण रूप से बाधित हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग की उदासीनता का नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा है। सूचना मिलने पर बीईओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शिकायत की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वे बच्चों के भविष्य के लिए मजबूरन यह कदम उठा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में जल-पर्यटन का केंद्र बनेगी शिकारा सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मिलेगी एक नई पहचान पर्यटकों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने का मिलेगा मौका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में 'शिकारा नाव' सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर 'शिकारा नाव' सेवा को झंडी दिखाने के बाद यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष  नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई। शिकारे की सैर का लिया आनंद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेगऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी। पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : वि.स. अध्यक्ष  तोमर विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है – हरियाणा वि.स. अध्यक्ष  हरविंदर शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष  हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष  उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आएं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल मती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष  रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।  

अपेक्स बैंक ने मुख्यमंत्री को सौंपा 4.27 करोड़ का लाभांश, सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में हुआ हस्तांतरण

भोपाल मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को सहकारिता विभाग की समीक्षा के उपरांत प्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने अपेक्स बैंक के लाभांश रु. 4.27 करोड़ का चेक भेंट किया ।  इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन, नीरज मंडलोई,  प्रमुख सचिव,  माननीय मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी.आहूजा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक,  सहकारी संस्थायें मनोज पुष्प, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

CMRS और पीएम मोदी का ग्रीन सिग्नल, भोपाल मेट्रो ट्रैक पर दौड़ेगी और 3 महीने तक किराए में छूट

भोपाल  राजधानी भोपाल के रहवासियों के लिए अच्छी खबर है. कमिश्नर इन मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने भोपाल में मेट्रो के संचालन के लिए हरी झंडी दे दी है. यानि अब एम्स साकेत नगर से सुभाष नगर डिपो तक मेट्रो के संचालन की तैयांरियां पूरी हो चुकी हैं. पहले भोपाल मेट्रो के संचालन के लिए 13 दिसंबर 2025 की तारीख तय की गई थी. लेकिन मध्य प्रदेश मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि 6.22 किलोमीटर का कारिडोर मेट्रो के संचालन के लिए तैयार है, लेकिन इसका संचालन राज्य सरकार तय करेगी. पीएम मोदी कर सकते हैं वर्चुअल शुभारंभ मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि, भोपाल मेट्रो का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल शुभारंभ कर सकते हैं. चूंकि प्रायोरिटी कारिडोर में काम पूरा हो गया है और सीएमआरएस ने भी संचालन के लिए हरी झंडी दिखा दी है. ऐसे में माना जा रहा है कि दिसंबर में ही प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो का कमर्शियल रन हो सकता है. सीएमआरएस रिपोर्ट में सब कुछ ओके होने के बाद यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को दी गई है. वहीं, नई दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मेट्रो के कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी. भोपाल मेट्रो में मैन्युअल लेना होगा टिकट मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पाेरेशन के एमडी एस कृष्णा चौतन्य ने बताया कि, ''भोपाल और इंदौर मेट्रो स्टेशन में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन का काम 186 करोड़ रुपये में तुर्की की कंपनी को दिया गया था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई करने का मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश मेट्रो ने इसका टेंडर कैंसिल करने का काम भी शुरु कर दिया है. वहीं ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन के लिए दूसरी कंपनी की तलाश की जा रही है. इसके लिए अभी टेंडर जारी किया जा चुका है. लेकिन इसमें अभी समय लग सकता है. ऐसे में भोपाल में भी मेट्रो का शुभारंभ इंदौर की तरह मैन्युअल टिकट के माध्यम से किया जाएगा.'' एक सप्ताह फ्री, 3 महीने तक छूट मेट्रो रेल कार्पाेेशन के अधिकारियों का कहना है कि इंदौर कि, तरह भोपाल मेट्रो में भी यात्रियों को पहले छूट दी जाएगी. शुभारंभ के बाद अगले एक सप्ताह तक भोपाल मेट्रो में यात्री निशुल्क सवारी कर सकेंगे. इसके बाद दूसरे सप्ताह में भी 70 प्रतिशत की छूट टिकट में दी जाएगी. जबकि तीसरे सप्ताह में 50 प्रतिशत और चौथे सप्ताह से शुभारंभ के तीन महीने तक मेट्रो के टिकट में यात्रियों को 25 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी. हालांकि इसका किराया क्या होगा. इसको लेकर कृष्णा चौतन्य का कहना है कि अभी इस पर कमेटी चर्चा कर रही है. जल्द ही इसे भी सार्वजनिक किया जाएगा. भोपाल मेट्रो में एक बार में 900 सवारी करेंगे सफर भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण में 27 ट्रेन प्रस्तावित हैं. इनमें से 9 ट्रेनों की डिलीवरी हो चुकी है. इनकी कमीशनिंग और ट्रायल का काम भी पूरा हो गया है. ये सभी मेट्रो 3 कोच वाली हैं. बाद में जरुरत के अनुसार, इनमें कोच की संख्या बढ़ाई जा सकेगी. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआत में मेट्रो करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी. इसमें करीब 900 यात्री सफर कर सकेंगे. वहीं 150 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी. भोपाल मेट्रो स्टेशनों पर काम अधूरे आर्किटेक्ट और टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ का कहना है कि, ''भले ही भोपाल मेट्रो को सीएमआरएस की हरी झंडी मिल गई है, लेकिन अभी रानी कमलापति, डीआरएम और अलकापुरी मेट्रो स्टेशनों पर फिनिशिंग समेत अन्य काम किए जा रहे हैं. ऐसे में अभी मेट्रो के संचालन में और समय लग सकता है.'' कुलश्रेष्ठ का कहना है कि, ''यदि इससे पहले मेट्रो का कामर्शियल रन शुरु भी किया जाता है, तो शुरुआत में इन मेट्रो स्टेशनों पर सवारियों को मेट्रो का लाभ नहीं मिल पाएगा.''