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नीतीश का पीएम मोदी को नमन: विधानसभा में CM ने कहा— हाथ उठाकर सम्मान दीजिए

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार को मिल रहे सहयोग का उल्लेख करते हुए गुरूवार को केंद्र सरकार की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने राज्य विधानसभा के सदस्यों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए हाथ उठाएं। उन्होंने राज्यपाल द्वारा दोनों सदनों के संयुक्त अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान यह बात कही।  लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना चुके नीतीश कुमार ने अपने “पिछले 20 वर्ष” के शासनकाल में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने 20 मिनट के भाषण के अंत में उन्होंने कहा, “राज्य के विकास के लिए हमें केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 में पेश किए गए बजट में केंद्र ने सड़कों, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण को लेकर विशेष वित्तीय सहायता दी।” उन्होंने कहा, “इसके बाद फरवरी 2025 में पेश किए गए बजट में मखाना बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, साथ ही हवाई अड्डे बनाने और पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की गई। इसी साल बिहार को खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला।” मुख्यमंत्री ने कहा, “इन सभी चीजों के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सलाम करता हूं। मैं सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे हाथ उठाकर ऐसा करें।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई बार बिहार आए हैं और कई परियोजनाओं की शुरुआत की है।   सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “अब राज्य के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। सभी क्षेत्रों में काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।” अपनी सीट पर बैठने से पहले उन्होंने विपक्ष के सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए हाथ नहीं उठाए। उन्होंने कहा, “आप लोग ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? दो-तीन बार मैं आप लोगों के साथ हो गया था। लेकिन जब आपने शरारतें शुरू कर दीं, तो मैं अलग हो गया। अब मैं (NDA) छोड़ने वाला नहीं हूं।” यह सुनकर सदन में जोरदार ठहाके गूंज उठे। साल 1990 के दशक से भाजपा के सहयोगी रहे कुमार ने पिछले दस वर्ष में राजद–कांग्रेस गठबंधन के साथ दो बार सरकार बनाई, लेकिन दोनों बार सरकार ज्यादा समय तक नहीं चलीं। बाद में, उन्होंने विधान परिषद में भी सदस्यों से यही अपील की। कुमार विधान परिषद के सदस्य हैं। वहीं दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने नाराजगी जताई कि सभापति ने उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी।  

अजमेर-रांची-अजमेर के मध्य चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की अवधि बढ़ाई

जबलपुर  रेलवे प्रशासन द्वारा अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा हेतु संचालित अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल रेल सेवा की संचालन अवधि में 04-04 ट्रिप का विस्तार किया जा रहा है। यह गाड़ी पश्चिम मध्य रेल के सवाई माधोपुर, सोगरिया, बारां, छबड़ा गुगोर, रूठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, ब्योहारी, बरगवां एवं सिंगरौली स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जा रही है। इस रेलसेवा का संचालन समय व ठहराव यथावत् रहेगा। बड़ी हुई अवधि में स्पेशल ट्रेन की विस्तृत जानकारी निम्न है।  गाड़ी संख्या 09619/09620, अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल रेल सेवा की संचालन अवधि में अजमेर से दिनांक 05.12.25 से 26.12.25 तक (04 ट्रिप) एवं रांची से दिनांक 07.12.25 से 28.12.25 तक (04 ट्रिप) विस्तार किया जा रहा है।  यात्री सुविधा का लाभ लेते हुए स्पेशल ट्रेन के ठहराव की विस्तृत जानकारी स्टेशन, एनटीइएस या रेल मदद 139 अथवा ऑनलाइन रेलवे वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है।

प्रीमियर लीग: आर्सेनल ने पांच अंक की बढ़त हासिल की

लंदन आर्सेनल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल टूर्नामेंट में पांच अंक की बढ़त हासिल कर ली है जबकि लिवरपूल का निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा। आर्सेनल ने जहां ब्रेंटफोर्ड पर 2-0 की जीत के साथ प्रीमियर लीग खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाए, वहीं लिवरपूल ने एनफील्ड में अंतिम क्षणों में आत्मघाती गोल की मदद से संदरलैंड के साथ 1-1 से ड्रॉ खेला। मौजूदा चैंपियन लिवरपूल की टीम अब आठवें स्थान पर है। उसके कोच आर्ने स्लॉट आलोचकों के निशाने पर हैं और स्टार फारवर्ड मोहम्मद सलाह को लगातार दूसरे मैच में शुरुआती लाइनअप से बाहर रखने के उनके फैसले की कड़ी आलोचना होने की संभावना है। ⁠ इस बीच चेल्सी को लीड्स के हाथों 3-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे खिताब जीतने की उसकी उम्मीदों को झटका लगा। इस हार से चेल्सी चौथे स्थान पर खिसक गई और आर्सेनल से नौ अंक पीछे हो गई, जिसने सभी प्रतियोगिताओं में अपना अजेय अभियान 18 मैचों तक बढ़ा लिया है और 2004 के बाद से पहली बार लीग खिताब जीतने की ओर अग्रसर है। आखिरी स्थान पर चल रहे वॉल्वरहैम्प्टन को नॉटिंघम फ़ॉरेस्ट के हाथों अपने घरेलू मैदान पर 1-0 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि एस्टन विला ने ब्राइटन पर 4-3 से जीत हासिल की। इससे वह चेल्सी से ऊपर तीसरे स्थान पर पहुंच गया। क्रिस्टल पैलेस ने एक अन्य मैच में बर्नले को 1-0 से हराया।   

लापरवाही पर सख्त सरकार: 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, दो होमगार्ड और दो PRD जवानों पर होगी कार्रवाई

बरेली यूपी के बरेली शहर में नो इंट्री में घुसे ट्रक के मामले में ट्रेफिक ड्यूटी में लगे चार पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है। वहीं दो होमगार्ड, दो पीआरडी जवानों के खिलाफ कार्रावाई को विभागीय अधिकारियों को लिखा गया है। बता दें कि बरेली में बुधवार सुबह नो एंट्री में ट्रक घुसने से स्कूटी सवार दंपती को टक्कर लगी थी। इस हादसे में महिला की मौत हो गई। इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मी निलंबित किए गए है।  जानिए कैसे हुई घटना  पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने बताया कि बुधवार को भारी वाहन प्रतिबन्धित क्षेत्र डेलापीर तिराहा, स्टेडियम रोड पर एक ट्रक संख्या ने स्कूटी सवार दंपती को रौंद दिया था, जिसमें महिला की मौके पर हुई मृत्यु हो गयी थी। जबकि स्कूटी चालक बुजुर्ग घायल हो गए थे। इस घटना को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक यातायात की रिपोटर् के आधार पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से चार पुलिस कर्मी को निलम्बन की कार्यवाही करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित  पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नो इंट्री में ड्यूटी पर तैनात टीएसआई सतनाम सिंह, मुख्य आरक्षी सोनू कुमार, महिला मुख्य आरक्षी अंजू रानी, और आरक्षी सौरभ को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए हैं। जबकि होमगार्ड प्रभू दयाल, होमगार्ड रामरतन, पीआरडी मान सिंह, धर्मपाल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिये जिला कमाण्डेन्ट होमगार्ड व जिला युवा कल्याण व प्रादेशिक विकास दल अधिकारी, जनपद बरेली को पत्राचार किया गया।     

उमर सरकार का बड़ा फैसला: मेरिट आधारित आरक्षण में बढ़ेगा प्रतिशत

श्रीनगर  कैबिनेट द्वारा EWS और RBA कैटेगरी में कोटा कम करके ओपन मेरिट कोटा 10 परसेंट बढ़ाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी देने के एक दिन बाद, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि फाइल पर साइन करके उसे अप्रूवल के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर के पास भेज दिया गया है और सरकार को उम्मीद है कि वह जल्द ही फॉर्मल ऑर्डर जारी कर देगी। श्रीनगर में रिपोर्टर्स से बात करते हुए, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि फाइल पर कल साइन करके उसे वेटिंग के लिए लेफ्टिनेंट गवर्नर के पास भेज दिया गया था। रिजर्वेशन रिपोर्ट के स्टेटस पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि वह इसे मंज़ूरी देंगे और उसके बाद ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने रिहैबिलिटेशन असिस्टेंस स्कीम (RAS), जिसे पहले SRO-43 के नाम से जाना जाता था, के तहत उन सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को अपॉइंटमेंट ऑर्डर जारी किए हैं जिनकी सर्विस के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि कश्मीर प्रांत से लगभग 60 मामलों में बुधवार को फॉर्मल ऑर्डर मिले, जबकि एक दिन पहले जम्मू में भी इसी तरह की एक्सरसाइज़ की गई थी।  "यह स्कीम यह पक्का करती है कि मरे हुए सरकारी कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि उन्हें मुश्किल से निपटने में मदद मिल सके।"   CM ने कहा कि ऑर्डर में कुछ प्रोसेस से जुड़ी दिक्कतें हैं जिन्हें वे ठीक कर देंगे, लेकिन केस प्रोसेस हो चुके हैं और ऑर्डर अब सौंप दिए गए हैं। नौगाम ब्लास्ट की जांच के बारे में एक सवाल के जवाब में, उन्होंने कहा कि सभी संबंधित केस की जांच चल रही है। उन्होंने कहा, "उन सभी की जांच हो रही है। जहां छूट की जरूरत होगी, वह दी जाएगी। नहीं तो, नॉर्मल ऑर्डर जारी किए जाएंगे।" दरबार मूव और सर्दियों में सेक्रेटेरिएट के कामकाज पर, CM उमर ने कहा कि मंत्री और अधिकारी सर्दियों में श्रीनगर से काम करते रहते हैं। उन्होंने कहा, "हर हफ्ते, एक मंत्री यहां ड्यूटी पर रहता है। लोगों को राहत मिलनी चाहिए और उनका काम होना चाहिए।" राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन करने के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि गवर्नेंस देने के लिए नाम दूसरी बात है। उन्होंने कहा, "नाम बदलने से कुछ नहीं होता। लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम खुद को क्या कहते हैं; वे काम देखना चाहते हैं।"

एमबाप्पे के दो गोल से रियाल मैड्रिड की आसान जीत

मैड्रिड काइलियन एमबाप्पे के दो गोल और एक अन्य गोल में मदद करने की बदौलत रियाल मैड्रिड ने एथलेटिक बिलबाओ को 3-0 से हराकर स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लिगा में पिछले तीन मैच से जीत हासिल नहीं कर पाने का सिलसिला खत्म किया। एडुआर्डो कैमाविंगा ने भी मैड्रिड के लिए गोल किया, जिससे उसकी टीम ने शीर्ष पर काबिज बार्सिलोना से अंतर कम कर दिया है। बार्सिलोना अब अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी से केवल एक अंक आगे है। उसने मंगलवार को एटलेटिको मैड्रिड को 3-1 से हराया था। एमबाप्पे ने सभी प्रतियोगिताओं में अपने पिछले तीन मैचों में सात गोल किए हैं। उन्होंने गिरोना के खिलाफ एक गोल किया था और ओलंपियाकोस के खिलाफ चैंपियंस लीग के मैच में 4-3 की जीत में चार गोल दागे थे। ⁠ इस फ्रांसीसी स्टार ने इस सत्र में अपने क्लब और देश के लिए कुल 24 मैचों में 30 गोल किए हैं। वह स्पेनिश लीग (16 गोल) और चैंपियंस लीग (नौ गोल) दोनों में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। एमबाप्पे ने बुधवार को सातवें मिनट में अपना पहला गोल किया। कैमाविंगा ने 42वें मिनट में एमबाप्पे की मदद से बढ़त दोगुनी कर दी। फ्रांस के खिलाड़ी ने 59वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागा।  

अब मुश्किल होगा असला रखना? पंजाब सरकार रद्द कर सकती है हजारों गन लाइसेंस

चंडीगढ़ पंजाब में हथियार रखने के शौकीनों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, राज्य में अब हज़ारों हथियार लाइसेंस रद्द होने की संभावना बन गई है। एक पंजाबी अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब पुलिस ने राज्य सरकार को करीब 7,000 हथियार लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। इससे पहले भी मार्च 2023 में पंजाब सरकार 803 हथियार लाइसेंस रद्द कर चुकी है। जानकारी के अनुसार, विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि हथियार रखने वाले लोग सोशल मीडिया पर इनका प्रदर्शन कर रहे हैं, शादियों या अन्य कार्यक्रमों में जश्न के तौर पर फायरिंग कर रहे हैं और कई मामलों में हथियारों का इस्तेमाल अपराधी गतिविधियों के लिए भी बढ़ा है। इसी कारण बड़ी संख्या में लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई है। राज्य में बढ़ते गन कल्चर और शादी-समारोहों में की जाने वाली फायरिंग से होने वाली मौतों को लेकर पंजाब पुलिस चिंतित है। इसी वजह से बड़े पैमाने पर हथियार लाइसेंस रद्द करने का कदम सुझाया गया है। पंजाब में लगभग 3.46 लाख हथियार लाइसेंस हैं, जो कि जनसंख्या के मुकाबले सबसे अधिक लाइसेंसधारक हथियार रखने वाला राज्य बनाता है। पुलिस के मुताबिक यह आंकड़ा देश की कुल आबादी का 2% है, जबकि देश के कुल लाइसेंसशुदा हथियारों का लगभग 10% पंजाब में है। यह भी उल्लेखनीय है कि 2021 में मोहाली में युवा अकाली दल नेता विक्की मिड्डूखेड़ा और 2022 में गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या सहित कई हाई-प्रोफाइल शूटआउट ने पंजाब के गन कल्चर को सुर्खियों में ला दिया था। हालांकि पंजाब के गन हाउस मालिकों ने इस कार्रवाई से व्यापार में नुकसान की शिकायत की है। उनका कहना है कि लाइसेंसशुदा हथियार अपराधों में बहुत कम इस्तेमाल होते हैं, जबकि असली समस्या अवैध हथियारों की है।  

इन जगहों पर भूलकर भी न पहनें चप्पल, नहीं तो घर में आती है नकारात्मक ऊर्जा

वास्तु शास्त्र में घर के हर कोने की अपनी ऊर्जा और पवित्रता होती है। जिस तरह हम कुछ जगहों पर जूते-चप्पल उतारकर प्रवेश करते हैं, उसी तरह वास्तु में घर के भीतर भी कुछ ऐसे स्थान बताए गए हैं जहां चप्पल या जूते पहनकर जाना अशुभ माना जाता है। इन स्थानों पर जूते-चप्पल पहनने से न सिर्फ वहां की पवित्रता भंग होती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है, जिसका सीधा असर घर की सुख-समृद्धि पर पड़ता है। तो आइए जानते हैं कौन से स्थानों पर जूते-चप्पल पहनने नहीं चाहिए। रसोई घर रसोई घर को अन्नपूर्णा देवी का स्थान और घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है। यहां भोजन तैयार होता है, जो ब्रह्म या ऊर्जा का स्रोत है। बाहर से लाई गई चप्पलें अशुद्ध होती हैं और उनमें गंदगी लगी होती है। रसोई में इन्हें पहनकर प्रवेश करने से अन्न का अपमान होता है और नकारात्मक ऊर्जा भोजन में प्रवेश कर सकती है। माना जाता है कि रसोई में चप्पल पहनने से घर की आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। तिजोरी या धन रखने का स्थान तिजोरी वह स्थान है जहां धन, आभूषण और महत्वपूर्ण कागजात रखे जाते हैं। यह साक्षात देवी लक्ष्मी का निवास माना जाता है। धन के स्थान पर चप्पल पहनकर जाने से धन की देवी लक्ष्मी का अपमान होता है। इस स्थान पर अशुद्धता लाने से घर में धन की बरकत रुक सकती है और आर्थिक तंगी आ सकती है। पूजा घर या मंदिर पूजा घर घर का सबसे पवित्र और शांत स्थान होता है, जहां देवी-देवताओं का वास होता है और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होता है। यह स्पष्ट रूप से धर्म और स्वच्छता से जुड़ा है। जूते-चप्पल गंदे होते हैं, और इन्हें पहनकर पूजा घर में प्रवेश करना अत्यंत अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से पूजा का फल नहीं मिलता और घर में नकारात्मकता का संचार होता है। अन्न भंडारण या अनाज रखने का स्थान चाहे वह किचन से अलग कोई स्टोररूम हो या घर का कोई कोना जहां अनाज, चावल, दालें आदि संग्रहित किए जाते हैं, यह स्थान भी अन्नपूर्णा देवी से जुड़ा माना जाता है। अनाज को कभी भी पैरों से छूना या उसके पास जूते-चप्पल पहनकर जाना उचित नहीं माना जाता है, क्योंकि अन्न का सम्मान करना ज़रूरी है। अन्न के भंडार के पास चप्पल पहनकर जाने से घर में अन्न की कमी या अन्न की बरकत में बाधा आ सकती है।

ऐतिहासिक बदलाव: महाभारत-युगीन मंदिर की देखरेख प्रशासन से हटकर श्राइन बोर्ड को मिली

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले श्रीमाता भीमेश्वरी देवी मंदिर (बेरी) को अब एक सुदृढ़ संस्थागत प्रशासनिक ढांचे के तहत लाने का बड़ा निर्णय लिया है। कानून एवं विधायी विभाग की सचिव रितू गर्ग की ओर से राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इस संदर्भ में नोटफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, मंदिर और उससे जुड़ी सभी चल-अचल संपत्तियों का स्वामित्व और संचालन अब आधिकारिक रूप से बनाए गए श्राइन बोर्ड के पास होगा। यह बोर्ड मंदिर की आय, दान, धार्मिक गतिविधियों, पुजारियों की नियुक्ति, नियमों के क्रियान्वयन और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं का प्रबंधन करेगा। नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि अब पुजारियों के पारंपरिक अधिकार समाप्त होंगे। उनके लिए मुआवजे या बोर्ड में समायोजन का विकल्प रखा गया है। मंदिर की सभी दुकानें, दान पेटियां, भूमि, भवन और आभूषण श्राइन फंड में दर्ज होंगे। बोर्ड हर वर्ष बजट तैयार करेगा और पूरे मंदिर प्रबंधन का ऑडिट अनिवार्य होगा। अब तक लागू अन्य कानून इस मंदिर पर प्रभावी नहीं रहेंगे, बल्कि यह अधिनियम सर्वोपरि माना जाएगा। इसके साथ बेरी माता मंदिर हरियाणा में वह तीसरा धार्मिक स्थल बन गया है, जिसे अब सरकार श्राइन बोर्ड मॉडल पर संचालित करेगी।  भीम द्वारा स्थापना की मान्यता माता भीमेश्वरी देवी मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद पुराना है। स्थानीय मान्यता है कि इसका संबंध महाभारतकाल से है। ऐसा कहा जाता है कि पांडवों के शक्ति स्वरूप भीम ने पूजा के दौरान यहां माता की स्थापना की थी और उसी वजह से इस मंदिर का नाम भीमेश्वरी देवी पड़ा। सदियों से यहां लाखों श्रद्धालु नवरात्रों और विशेष अवसरों पर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रशासनिक ढांचे के आधिकारिक रूप से लागू होने के बाद उम्मीद है कि धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में और वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री रहेंगे बोर्ड के चेयरमैन सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार शृाइन बोर्ड उसी पैटर्न पर बनेगा जिस तरह पंचकूला में माता मनसा देवी और गुरुग्राम में श्रीशीतला माता शृाइन बोर्ड पहले से कार्यरत हैं। नये बोर्ड के चेयरमैन मुख्यमंत्री होंगे। वहीं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री बोर्ड के वाइस-चेयरमैन व झज्जर डीसी इसके सदस्य सचिव होंगे। सरकार की ओर से बोर्ड में सरकारी व गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति भी की जाएगी। इस संरचना के बाद मंदिर के फैसले व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के बजाय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिए जाएंगे। मंदिर की संपत्तियां और आय पर बोर्ड का हक नोटिफिकेशन में यह स्पष्ट किया गया है कि मंदिर की भूमि, दुकानें और किराए, भवन, दान राशि, ज्वेलरी, सोना-चांदी और पूजा सामग्री तथा धार्मिक आयोजन से प्राप्त आय अब शृाइन फंड में शामिल होगी और इसका उपयोग केवल मंदिर, धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालु सुविधाओं पर किया जाएगा। पुजारियों के अधिकार समाप्त, मिलेगा मुआवजा या नौकरी सबसे बड़ा बदलाव पुजारियों के पारंपरिक अधिकारों को लेकर आया है। अधिनियम के लागू होते ही पुजारियों के विशेष अधिकार समाप्त माने जाएंगे, लेकिन उनके लिए सुरक्षा प्रावधान भी किए गए हैं। उन्हें मुआवजा देने के लिए ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा यदि कोई पुजारी नौकरी करना चाहता है तो योग्यता और चयन प्रक्रिया के बाद उसे पद दिया जा सकता है यह पहली बार है जब मंदिर व्यवस्था में पारंपरिक अधिकारों के साथ आधुनिक प्रशासनिक ढांचा समानांतर लाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर श्राइन बोर्ड का गठन होने के बाद मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था, पार्किंग, धार्मिक आवास (धर्मशाला), मेडिकल सहायता, महिला सुरक्षा तथा कैशलेस दान व्यवस्था आदि का प्रबंध आसानी से किया जा सकेगा। यह भी प्रावधान है कि मंदिर फंड का उपयोग राष्ट्रीय आपदा की स्थिति में भी किया जा सकता है। नोटिफिकेशन में यह भी प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति मंदिर की संपत्ति, भूमि या दस्तावेज़ अपने कब्जे में नहीं रख सकता। यदि किसी ने ऐसा किया तो उस पर जुर्माना, दंड, संपत्ति जब्ती की कार्रवाई होगी। यहां तक कि कारावास का प्रावधान भी लागू होगा। इसलिए पड़ी बोर्ड की जरूरत सूत्रों के अनुसार लंबे समय से मंदिर प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता, संपत्ति संरक्षण, आय उपयोग, अव्यवस्था और नियुक्तियों को लेकर शिकायतें और चर्चाएं होती रही थीं। सरकार का मानना है कि इस कदम के बाद मंदिर न केवल बेहतर तरीके से संचालित होगा बल्कि धार्मिक पर्यटन और राज्य की विरासत संरक्षण में भी वृद्धि होगी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में ही विधेयक पास हो गया था लेकिन इसका नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ था। मंदिरों में श्रद्धालुओं की घट रही संख्या व प्र्रबंधन सही नहीं होने की वजह से मौजूदा मैनेजमेंट व पुजारी भी शृाइन बोर्ड के गठन की मांग उठा रहे थे।

सर्दी ने बढ़ाई रफ्तार: शेखावाटी में यलो अलर्ट, फतेहपुर में ठंड की दस्तक

जयपुर राजस्थान में गुरुवार से कड़ाके की सर्दी का दौर तेज होने जा रहा है। उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। हिमालय पर आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता नजर आ रहा है। इसके प्रभाव से मैदानी इलाकों में अगले कुछ दिनों में सर्दी का प्रभाव तेजी से बढ़ेगा। शेखावाटी क्षेत्र में सुबह और शाम कपकपाने वाली ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने 4, 5 और 6 दिसंबर के लिए झुंझुनूं, चूरू और सीकर जिलों में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। सीकर में हल्की बारिश के बाद मंगलवार रात तापमान गिरकर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बढ़ती सर्द हवा ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में रात के समय ओस जमने लगी है। गुरुवार सुबह कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। सीकर, नागौर और शेखावाटी के अन्य इलाकों में विजिबिलिटी प्रभावित हुई। सोमवार को सबसे कम तापमान लूणकरणसर (बीकानेर) में 4.7°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में ता पमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस दौरान जबरदस्त शीतलहर का प्रभाव भी रहेगा। प्रदेश में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान की बात करें तो सीकर के फतेहपुर में 3.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। वहीं बीकानेर के लूणकरणसर में भी पारा 3.2 डिग्री रहा।  सीकर में बुधवार देर शाम हल्की बारिश हुई जिसके चलते वहां पारे में तेज गिरावट देखने को मिली। अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान की बात करें तो  गंगानगर में 6.9°C, चूरू में 9°C, बीकानेर  9.3°C, अलवर  8°C  और जैसलमेर में 10°C रहा। वहीं दिन के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। इसमें सीकर में  24.5°C, पिलानी में 26.2°C जयपुर में 26.6°C व अलवर  26.5°C पारा दर्ज किया गया।