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एडेन मार्करम का जिगरा देखिए! भारत को हराने के बाद भी कही वो बात, जो शायद ही कोई क्रिकेटर कह पाता

रायपुर  दक्षिण अफ्रीका को भारत के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में चार विकेट से रोमांचक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले एडेन मार्करम ने कहा कि रन बनाना तभी मायने रखता है जब टीम जीतती है। वह पहले वनडे में मामूली अंतर से मिली हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हैं। मार्करम ने रायपुर में 110 रन की शानदार पारी खेली, जिससे दक्षिण अफ्रीका 359 रन के लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहा। भारत ने रांची में खेला गया पहला वनडे 17 रन से जीता था। मार्करम रायपुर वनडे में प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। उन्होंने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘रन तभी मायने रखते हैं जब आप मैच जीतते हैं। ईमानदारी से कहूं तो कम से कम मेरे लिए तो यही मायने रखता है। अगर हम अगर दूसरा वनडे हार जाते तो मैं पिछले मैच की तरह ही दुखी होता। जीत हासिल करके मुझे वास्तव में बहुत खुशी हुई है।’’ उन्होंने पहले मैच का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पहले मैच में शुरुआत में ही तीन विकेट गिर जाने के कारण ही हम जीत हासिल नहीं कर पाए और इसके लिए मैं खुद को जिम्मेदार मानता हूं।’’ दूसरे वनडे में मार्करम के शतक के बाद डेवाल्ड ब्रेविस ने 54 रन और मैथ्यू ब्रीट्ज़के ने 68 रन बनाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने चार गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। मार्करम ने कहा, ‘‘ऐसा लग रहा था कि जैसे हम फिर से पहले वाला मैच खेल रहे हैं।’’ सीरीज बराबर करने के बाद दक्षिण अफ्रीका अब शनिवार को विशाखापट्टनम में होने वाले तीसरे और अंतिम वनडे मैच को जीत कर सीरीज अपने नाम करने की कोशिश करेगा जिससे टी20 वर्ल्ड कप और वनडे वर्ल्ड कप से पहले टीम का मनोबल बढ़ेगा। मार्करम ने इस बारे में कहा, ‘‘अभी इन टूर्नामेंट में काफी समय है लेकिन विश्वास और आत्मविश्वास संभवतः दो चीजें हैं जिन्हें आप एक टीम के रूप में हासिल कर सकते हैं। बड़े लक्ष्य हासिल करने से टीम को यह आत्मविश्वास मिलता है और भविष्य में ऐसी स्थिति में होने पर हम कह सकते हैं कि हमने पहले ऐसा किया है और फिर से ऐसा कर सकते हैं।’’

फिच रेटिंग्स का अपडेट: GDP अनुमान 6.9% से बढ़कर 7.4%, उपभोक्ता खर्च और GST सुधार से मिली ताकत

मुंबई साख निर्धारित करने वाली एजेंसी फिच रेटिंग्स ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि अनुमान को 6.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया। मुख्य रूप से उपभोक्ता खर्च में वृद्धि और जीएसटी सुधारों के साथ बेहतर धारणा के कारण वृद्धि अनुमान को बढ़ाया गया है। गुरुवार को फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है. इससे पहले यह अनुमान 6.9 प्रतिशत था. फिच ने अपने आर्थिक विश्लेषण में कहा कि उपभोक्ता खर्च में तेजी, व्यावसायिक माहौल में सुधार और हाल ही में लागू किए गए जीएसटी सुधारों से अर्थव्यवस्था की गति तेज हुई है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही, जो अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत थी. हालांकि, फिच का अनुमान है कि मार्च 2026 के अंत तक वृद्धि दर थोड़ी धीमी रह सकती है. बावजूद इसके, पूरे वर्ष के लिए एजेंसी ने अपनी वृद्धि दर का अनुमान 7.4 प्रतिशत पर रखा है. फिच ने क्या कहा फिच ने कहा कि घटती मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को दिसंबर में नीतिगत दरों में एक और कटौती करके इसे 5.25 प्रतिशत पर लाने गुंजाइश देती है। आरबीआई इस साल अब तक मुख्य नीतिगत दर रेपो में एक प्रतिशत की कटौती कर चुका है। उसने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर बढ़कर 8.2 प्रतिशत हो गई जो इससे पिछली अप्रैल-जून तिमाही के 7.8 प्रतिशत थी। रेटिंग एजेंसी ने दिसंबर के लिए अपनी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 (मार्च के अंत तक) की शेष अवधि में वृद्धि धीमी रहेगी, लेकिन हमने पूरे वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि अनुमान को सितंबर के 6.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है।’’ इस वर्ष वृद्धि को मुख्य रूप से निजी उपभोक्ता खर्च गति दे रहा है। इसका कारण मजबूत वास्तविक आय गतिशीलता, उपभोक्ता धारणा में सुधार और हाल ही में लागू किए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों का प्रभाव है। क्या है डिटेल जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाये जाने के तहत लगभग 375 वस्तुओं पर कर की दरें कम की गई है। इससे 99 प्रतिशत से अधिक उपभोग की वस्तुएं सस्ती हुई हैं। जीएसटी में संशोधित दरें 22 सितंबर से प्रभावी हुई हैं। फिच को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी वृद्धि दर धीमी होकर 6.4 प्रतिशत रहेगी। इसने अनुमान लगाया है कि वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ अगले वित्त वर्ष (2026-27) की दूसरी छमाही में निजी निवेश में तेजी आएगी। खाने-पीने की चीजों की कम कीमतों के कारण अक्टूबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 0.3 प्रतिशत के अबतक के सबसे निचले स्तर पर आ गई। फिच ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि घटती मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को दिसंबर में नीतिगत दर में एक और कटौती करके इसे 5.25 प्रतिशत करने की गुंजाइश देगी…।’’ आरबीआई शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करेगा। फिच के अनुसार, मुख्य मुद्रास्फीति में सुधार और गतिविधियों के मजबूत बने रहने के अनुमान के साथ आरबीआई नीतिगत दर में कटौती के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया है और अगले दो साल तक नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत पर बनी रहेगी। उपभोक्ता खर्च बना मुख्य चालक फिच के अनुसार, निजी उपभोक्ता खर्च इस वित्त वर्ष की वृद्धि का मुख्य स्तंभ है. इसे मजबूत वास्तविक आय, उपभोक्ता विश्वास में बढ़ोतरी और जीएसटी सुधारों से समर्थन मिला है. अक्तूबर में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 0.3 प्रतिशत के सर्वकालिक निम्न स्तर पर आ गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य और पेय पदार्थों की कम कीमतें रही. वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर घटने की संभावना एजेंसी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. फिच ने कहा कि वित्तीय स्थिति में नरमी आने पर अगले वर्ष की दूसरी छमाही में निजी निवेश में तेजी आ सकती है. आरबीआई को दरों में कटौती का अवसर मुद्रास्फीति में कमी के कारण फिच का अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) दिसंबर में नीतिगत दर में 25 आधार अंकों की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत तक ले जा सकता है. साल 2025 में अब तक कुल 100 आधार अंकों की कटौती हो चुकी है, साथ ही नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में भी कई बार कमी की गई है. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति शुक्रवार को अपनी नीति समीक्षा की घोषणा करेगी. फिच ने कहा कि मुख्य मुद्रास्फीति में सुधार और आर्थिक गतिविधियों के मजबूत बने रहने के कारण, केंद्रीय बैंक ने अपने सहजता चक्र के अंत तक पहुंच गया है और अगले दो वर्षों तक ब्याज दरें 5.25 प्रतिशत पर बनी रह सकती हैं.

स्वराज कौशल ने वकालत और मानवीयता दोनों में रचा इतिहास: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश की पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल के निधन पर दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि स्वराज कौशल ने एक वकील के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारत के सबसे कम उम्र के गवर्नर बने और अपने कार्यकाल के दौरान मिजोरम के लोगों पर उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''स्वराज कौशल के गुजर जाने से दुख हुआ। उन्होंने एक वकील और ऐसे इंसान के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई, जो कानूनी पेशे का इस्तेमाल जरूरतमंदों की जिंदगी बेहतर बनाने में करते थे।'' उन्होंने एक्स पोस्ट में आगे लिखा, ''वे भारत के सबसे कम उम्र के गवर्नर बने और अपने गवर्नर के कार्यकाल के दौरान मिजोरम के लोगों पर गहरी छाप छोड़ी। एक सांसद के तौर पर उनकी समझ भी काबिले-तारीफ थी। इस दुख की घड़ी में मेरी दुआएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ हैं।'' लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, ''मिजोरम के पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व सांसद स्वराज कौशल का निधन अत्यंत दुखद है। दिल्ली स्थित उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी सुपुत्री, सांसद बांसुरी स्वराज व शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। स्वराज कौशल जी ने अपने दीर्घ सार्वजनिक जीवन में न्याय, लोकतंत्र और राष्ट्रसेवा के उच्च मूल्यों को जीवंत रखा। उनका सरल, संवेदनशील और कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।'' केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी स्वराज कौशल के निधन पर दुख जताया और लिखा, ''मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और पूर्व राज्यसभा सांसद स्वराज कौशल के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनका शांत, स्नेहिल और विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व जनसेवा और न्यायप्रियता की मिसाल रहा। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य प्रदान करें।'' दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल के निधन पर दुख जाहिर किया। उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ''मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल के निधन की खबर दुखद है। स्वराज कौशल जी का सार्वजनिक जीवन और विधि के क्षेत्र में योगदान हमेशा याद किया जाएगा। राष्ट्र और समाज के प्रति उनकी सेवा अविस्मरणीय है। दुख की इस घड़ी में, मेरी गहरी संवेदनाएं सांसद बांसुरी स्वराज और उनके समस्त परिजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें।''

महाकाल मंदिर में नई गाइडलाइन: अजगर माला पहनाने पर रोक, भक्तों को दिया गया निर्देश

उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला पहनाने पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। मंदिर के उद्घोषणा कक्ष से भक्तों को नए नियम की जानकारी देने के लिए लगातार उद्घोषणा की जा रही है। मंदिर समिति का भक्तों से अनुरोध है कि वे भगवान के लिए अजगर माला न खरीदें। मंदिर के आसपास फूल प्रसाद की दुकान संचालित करने वाले व्यवसायियों को भी फूलों की भारी व बड़ी माला विक्रय न करने के आदेश जारी किए जाएंगे। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए वर्ष 2017 में लगी एक जनहित याचिका पर सुनाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग के क्षरण की जांच तथा उसे रोकने के उपाय करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के विशेषज्ञों की टीम गठित की थी। विशेषज्ञों ने वर्ष 2019 से जांच शुरू की तथा ज्योतिर्लिंग की सुरक्षित रखने के लिए अनेक सुझाव दिए। इसमें एक सुझाव भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पण का था। 10 से 15 किलो वजनी माला लेकिन पिछले कुछ समय से विशेषज्ञों के सुझाव को दरकिनार करते हुए भगवान को फूलों की मोटी व बड़ी माला पहनाई जा रही थी। मंदिर के आसपास हारफूल की दुकानों पर भी 10 से 15 किलो वजनी मालाओं का विक्रय किया जा रहा था। 500 से 2100 रुपये तक बिकने वाली इन अजगर मालाओं को भक्त खरीद रहे थे।मंदिर के भीतर इन्हें भगवान को पहनाया भी जा रहा था। मामले में नईदुनिया ने 28 नवंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। एक-दो दिन में औपचारिक आदेश मंदिर प्रशासन ने भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में पुष्प अर्पण की शुरुआत कर दी है। इसके आदेश इसलिए एक दो दिन में जारी होंगे ताकि भक्तों को पहले नए नियम की जानकारी मिल जाए, एक दम रोक लगाने से जो भक्त फूलों की बड़ी माला लेकर आए हैं उनकी भावना आहत होगी। प्रवेश द्वार पर पड़ताल के बाद मिलेगा प्रवेश नया नियम लागू होने के बाद मंदिर के विभिन्न द्वारों पर तैनात गार्ड भक्तों द्वारा भगवान को अर्पण करने के लिए लाई जा रही पूजन सामग्री की जांच करेंगे। बड़ी व भारी फूल माला को गेट पर ही अलग रखवा दिया जाएगा। किसी भी सूरत में बड़ी फूल माला मंदिर के भीतर जाने नहीं दी जाएगी। महाकाल मंदिर में भारी फूलों पर रोक महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का क्षरण रोकने के लिए वर्ष 2017 में लगी जनहित याचिका पर सुनाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिर्लिंग के क्षरण की जांच तथा उसे रोकने के उपाय करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) तथा भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) के विशेषज्ञों की टीम गठित की थी। विशेषज्ञों ने वर्ष 2019 से जांच शुरू की और ज्योतिर्लिंग की सुरक्षित रखने के लिए कई सुझाव दिए। इनमें एक सुझाव भगवान महाकाल को फूलों की छोटी माला तथा समिति मात्रा में फूल अर्पण का था, लेकिन कुछ समय से विशेषज्ञों के सुझाव को दरकिनार करते हुए पूजन परंपरा से जुड़े लोगों द्वारा भगवान को फूलों की मोटी व बड़ी माला पहनाई जा रही थी। भक्तों से अजगर माला न खरीदने की अपील इसमें भक्तों द्वारा लाई गई मालाएं भी शामिल हैं। मंदिर के आसपास हार-फूल की दुकानों पर भी 10 से 15 किलो वजनी मालाओं का विक्रय किया जा रहा था। 500 से 2100 रुपये तक बिकने वाली इन अजगर मालाओं को भक्त खरीद रहे थे। मंदिर के भीतर इन्हें भगवान को पहनाया भी जा रहा था। मामले में नईदुनिया ने 28 नवंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था, इसके बाद मंदिर प्रशासन ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी के सुझाव पर भगवान महाकाल को फूलों की बड़ी व भारी माला अर्पित करने पर रोक लगाई जा रही है। एक दो दिनों में इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिए जाएंगे।- प्रथम कौशिक, प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति।    

राजस्थान एसआईआर में अव्वल, 99.5% प्रपत्र डिजिटलीकरण के साथ दूसरे चरण में बढ़त

जयपुर  बिहार के बाद देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जारी है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एसआईआर के दूसरे चरण में एक और महत्वपूर्ण मुकाम हासिल कर लिया है। इस बीच राजस्थान ने ईएफ के डिजिटलाइजेशन में पहला स्थान हासिल किया है। आयोग द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, देशभर में 47.5 करोड़ से अधिक यानी 93 प्रतिशत से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है। इस अभियान के तहत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे व्यापक मतदाता सत्यापन कार्य में 99.83 प्रतिशत यानी 50.88 करोड़ से भी अधिक मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि कुल 5.46 करोड़ गणना प्रपत्रों में से 5.43 करोड़ से अधिक ईसीआई-नेट पर अपलोड कर दिए गए हैं, जिससे निर्धारित समय से पहले 99.5 प्रतिशत गणना पूरी हो गई है। यह असाधारण प्रगति राजस्थान के मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे और सुव्यवस्थित क्षेत्रीय समन्वय को दर्शाती है, जो दर्शाती है कि कैसे तकनीक और जमीनी स्तर के प्रयास एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं। राजस्थान मतदाता मानचित्रण में भी अग्रणी है, जहां राज्य ने कुल मिलाकर 95 प्रतिशत से अधिक मानचित्रण पूरा कर लिया है। विशेष रूप से, नौ विधानसभा क्षेत्रों कपासन, बायतु, सलूंबर, लोहावट, नगर, सीकरी, ओसियां, शाहपुरा और बामनवास ने 99 प्रतिशत मानचित्रण का आंकड़ा पार कर लिया है। कपासन सबसे आगे है, जहां 2.73 लाख मतदाताओं में से 99.46 प्रतिशत का मानचित्रण हो चुका है, जिसका अर्थ है कि अब केवल लगभग 1,500 व्यक्तियों को ही संशोधन प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता है। मानचित्रण से बेहतर सटीकता, बेहतर मतदाता सेवाएं, और बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के सुचारू मतदाता सूची सत्यापन सुनिश्चित होता है। यह प्रगति 46,000 मतदान केंद्रों पर कार्यरत बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के प्रयासों का परिणाम है। राजस्थान डिजिटलीकरण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है, जहां बाड़मेर, सलूंबर, बालोतरा, झालावाड़, फलौदी, भरतपुर, चूरू, दौसा, और बारां ने 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण हासिल कर लिया है और देश के लिए आदर्श बन गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर केवल आंकड़ों पर आधारित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और सटीकता के साथ निभाई जाने वाली एक सामूहिक जिम्मेदारी है। राजस्थान का प्रदर्शन अधिक सटीक, मतदाता-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

YouTube Recap फीचर आया भारत में, देखें सालभर की आपकी वॉच हिस्ट्री का पूरा सार

नई दिल्ली YouTube ने पहली बार Recap फीचर को लॉन्च किया है. ये फीचर काफी हद तक Spotify Wrapped से मिलता है. इसमें यूजर्स को ऐनुअल यूज की एक झलक मिलेगी. यानी पूरे साल आपने क्या देखा या सुना उसकी जानकारी आपको YouTube Recap के जरिए मिलेगी. YouTube Music पर ये फीचर लंबे समय तक मिलता था, लेकिन YouTube ऐप पर ये पहली बार आया है. ये हर यूजर के लिए अलग एक्सपीरियंस के साथ आएगा. इसमें एंड-ऑफ-ईयर पर्सनलाइज्ड समरी मिलेगी. आसान भाषा में कहें, तो YouTube का ये फीचर आपको बताएगा कि आपने पूरे साल उस प्लेटफॉर्म पर क्या देखा है. कंपनी ने बताया, 'YouTube Recap यूनिक तरीके से यूजर के इंटरेस्ट, डीप ड्राइव और मोमेंट्स की जानकारी उनकी यूट्यूब हिस्ट्री के आधार पर देगा.' इस फीचर को आप भारत में भी यूट्यूब ऐप या उसके वेब वर्जन पर एक्सेस कर सकते हैं. इसे रोलआउट कर दिया गया है. अगर आपको ये फीचर अभी नजर नहीं आ रहा है, तो आने वाले दिनों में दिखेगा. इसे एक्सेस करने के लिए आपको बहुत ही सिंपल प्रॉसेस फॉलो करना होगा. सबसे पहले आपको YouTube ओपन करना होगा. आप फोन, टीवी या डेस्कटॉप किसी भी प्लेटफॉर्म पर इसके ऐप या वेब वर्जन को एक्सेस कर सकते हैं.    इसके बाद आपको अपना YouTube Account लॉगइन करना होगा. वैसे ज्यादातर लोगों के फोन पर ये पहले से लॉगइन होगा. यहां आपको होम पेज पर You टैब मिलेगा, उस पर आपको क्लिक करना होगा. यहां आपको हिस्ट्री के ऊपर Recap दिखेगा. इस पर क्लिक करते ही मल्टीपल स्लाइड्स वाली एक वेब स्टोरी प्ले होगी. ये वेब स्टोरी बताएगी कि आपने पूरे साल कौन-सा कंटेंट देखा और किन चैनल्स को ज्यादा एक्सेस किया. आपने कितने चैनल देखें और किस चैनल के कंटेंट को आपने बार-बार देखा है. आप किस तरह के कंटेंट को देखना पसंद करते हैं. इन सब के आधार पर यूट्यूब ये भी बता रहा है कि आप किस तरह के इंसान हैं.

बांसुरी स्वराज को लगा करारा व्यक्तिगत दुख, पिता के निधन पर नेताओं ने व्यक्त की संवेदना

नई दिल्ली  भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के पिता और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल का गुरुवार को निधन हो गया। स्वराज कौशल देश के जाने-माने अधिवक्ता थे और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे। उनके निधन से राजनीतिक और विधि जगत में शोक की लहर है। स्वराज कौशल 1990 से 1993 तक मिजोरम के राज्यपाल रहे। इसके अलावा, वह लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे और कानूनी क्षेत्र में उनका योगदान व्यापक रूप से सराहा जाता है। अपने पिता के निधन की जानकारी देते हुए, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने एक्स पोस्ट में लिखा, "पापा स्वराज कौशल, आपका स्नेह, आपका अनुशासन, आपकी सरलता, आपका राष्ट्रप्रेम और आपका अपार धैर्य मेरे जीवन की वह रोशनी हैं जो कभी मंद नहीं होगी। आपका जाना हृदय की सबसे गहरी पीड़ा बनकर उतरा है, पर मन यही विश्वास थामे हुए है कि आप अब मां के साथ पुनः मिल चुके हैं, ईश्वर के सान्निध्य में, शाश्वत शांति में। आपकी बेटी होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गौरव है, और आपकी विरासत, आपके मूल्य और आपका आशीर्वाद ही मेरी आगे की हर यात्रा का आधार रहेंगे।" केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पोस्ट में लिखा, "मिजोरम के पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज के पूज्य पिताजी, स्वराज कौशल का आकस्मिक निधन अत्यंत दुखद है। आज बांसुरी जी के आवास जाकर उनके पिताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वराज कौशल ने अभूतपूर्व निष्ठा के साथ राष्ट्र की सेवा की। कानूनी क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने न्याय व्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  दुख की इस घड़ी में, मैं बांसुरी स्वराज और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें।" दिल्ली भाजपा ने भी एक्स पोस्ट में स्वराज कौशल के निधन पर शोक प्रकट किया। पार्टी ने पोस्ट में लिखा, "सांसद एवं प्रदेश मंत्री बांसुरी स्वराज के पिताजी स्वराज कौशल का आज 4 दिसंबर, 2025 को निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार आज 4 दिसंबर, 2025 को सायं 4.30 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जायेगा।"

चार दिन की गिरावट खत्म! भारतीय शेयर बाजार में तेजी, निफ्टी पहली बार 26,000 के ऊपर बंद

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 158.51 अंक या 0.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 85,265.32 और निफ्टी 47.75अंक या 0.18 प्रतिशत की मजबूती के साथ 26,033.75 पर था। बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.41 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी हरे निशान में बंद हुए। दूसरी तरफ एनर्जी,मीडिया, इन्फ्रा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस लाल निशान में बंद हुआ। लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में सपाट कारोबार हुआ। इस कारण से बाजार में बढ़ने वाले शेयरों की अपेक्षा गिरने वालों की संख्या अधिक थी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 15.85 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 60,299.80 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 41.60 अंक की गिरावट के साथ 17,607.85 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पैक में टीसीएस,टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, सन फार्मा, बीईएल, ट्रेंट,आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, एचयूएल, पावर ग्रिड और एशियन पेंट्स गेनर्स थे। मारुति सुजुकी,इटरनल (जोमैटो), कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एसबीआई,आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, एनटीपीसी और एलएंडटी लूजर्स थे। एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने कहा कि सत्र के दौरान निफ्टी ने 160 अंकों के एक सीमित दायरे में कारोबार किया। हालांकि, इंडेक्स 26,000 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है। उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए सपोर्ट जोन 25,900 से लेकर 25,870 है। तेजी की स्थिति में इंडेक्स के लिए रुकावट का स्तर 26,140 से लेकर 26,160 है। अगर यह इस स्तर के पार निकलता है तो और मजबूती देखने को मिल सकती है। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट हुई थी। सेंसेक्स 5 अंक की मामूली गिरावट के साथ 85,101 और निफ्टी 2 अंक की कमजोरी के साथ 25,984 पर था।

दत्तात्रेय जयंती पर सीएम विष्णुदेव साय ने राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान दत्तात्रेय की जयंती (4 दिसम्बर) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने भगवान दत्तात्रेय से समस्त नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय सत्कर्म, सादगी, विनम्रता, त्याग और ज्ञान के शाश्वत प्रतीक हैं। उन्होंने मानव जीवन को अहंकार से मुक्त होकर ज्ञानमार्ग अपनाने और जीवन को सद्कर्मों से आलोकित करने की प्रेरणा दी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु और महेश — तीनों देवताओं के संयुक्त दिव्य स्वरूप हैं। उनकी उपासना से ज्ञान, शक्ति, धैर्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान  दत्तात्रेय जयंती हम सबके लिए आत्मचिंतन, सद्विचार और संस्कारों से भरे जीवन की प्रेरणा लेकर आती है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान दत्तात्रेय के उपदेशों को आत्मसात कर समाज में सद्भाव, सेवा और सकारात्मकता को बढ़ाने का संकल्प लें।

चरखी दादरी में भीषण सड़क दुर्घटना: टक्कर के बाद ट्रालों में लगी भीषण आग, दोनों की जलकर मौत

चरखी दादरी  NH-152D accident: चरखी दादरी में एनएच-152डी पर गत देर रात गांव कमोद के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में दो ट्राला आपस में टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयंकर था कि एक ट्राला के चालक और परिचालक जिंदा जल गए, जबकि दूसरे ट्राला का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हाईवे पर एक ट्राला सड़क किनारे खड़ा था, तभी पीछे से आ रहे दूसरे ट्राले ने तेज रफ्तार में उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों ट्रालों में आग भड़क उठी और देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगे। मृतकों की पहचान खांडा खेड़ी निवासी चालक राजेश और जींद के रूपगढ़ निवासी परिचालक जयवंत के रूप में हुई है। आग की लपटों में फंसे दोनों बाहर नहीं निकल सके और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरे ट्राला का घायल चालक, भागेश्वरी निवासी सतवीर को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही दादरी और भिवानी से फायर ब्रिगेड की गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सदर थाना प्रभारी सतवीर सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जबकि एफएसएल टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया। आग बुझने के बाद जले हुए शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतक ट्राला चालक राजेश के बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश जारी है।