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जमीन गाइडलाइन और सरकार के दो साल पर भूपेश बघेल का वार, बोले— SIR के खिलाफ माहौल बना

रायपुर SIR को लेकर सियासत जारी है। दिल्ली से लौटे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दौरे को लेकर कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। देश में SIR के खिलाफ माहौल बना है, जिससे सरकार को झुकना पड़ा और संसद में चर्चा पर तैयार होना पड़ा। पहले मान लेते तो 2 दिन बर्बाद नहीं होता, इसकी जिम्मेदार सरकार है। जमीन गाइडलाइन पर बृजमोहन अग्रवाल की चिट्ठी को लेकर भूपेश बघेल ने कहा, बृजमोहन खुद बता रहे हैं कि सरकार में उनकी चलती नहीं है। हमने 30% गाइडलाइन कम की थी, इससे रियल एस्टेट में जान आ गई थी। मिडिल क्लास अपने सपने पूरे कर पा रहे थे। अब नई गाइडलाइन से बड़े लोग भी जमीन नहीं खरीद पाएंगे। सरकार शायद अपने आकाओं के करीबी लोगों के लिए योजना ला रही है। प्रदेश सरकार के 2 साल पूरे होने पर पूर्व सीएम बघेल ने कहा, सरकार के 2 साल पूरे होने से पहले ही लोग सड़कों पर उतर आए हैं। व्यापारी, बेरोजगार, कर्मचारी, सब परेशान हैं। सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। यह पर्ची वाली सरकार है, जो अहमदाबाद और दिल्ली से चलती है। अंबिकापुर कोयला खदान विवाद पर भूपेश बघेल ने कहा, नियमों का पालन नहीं होगा तो टकराव होगा। जमीन छीनी जाएगी, मुआवजा नहीं मिलेगा तो गरीब क्या करेंगे? भिलाई, दुर्ग के बाद अब सरगुजा, लगातार ऐसे आंदोलन सरकार की निकम्मेपन का नतीजा है। बीजापुर मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर हुए और 3 जवान शहीद हुए, इस पर बघेल ने कहा, शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। PMO का नाम सेवा तीर्थ करने पर उन्होंने कहा, प्रभु दर्शन के लिए तीर्थ पर जाते हैं। PMO को तीर्थ घोषित कर दिया गया है। क्या यह आम जनता के लिए खोला जाएगा? VIP और आम भक्त के लिए अलग व्यवस्था तो नहीं? इसमें जनरल के लिए कोई जगह नहीं है। नेहरू-बाबरी मस्जिद बयान पर राजनाथ सिंह को लेकर पूर्व सीएम ने कहा, राजनाथ सिंह को गंभीर मंत्री मानते थे पर उन्होंने हल्का बयान दिया। यदि तथ्य हैं तो सामने रखें, समाज को बांटने का काम न करें। 50–60 साल पुरानी बातें उठाते हैं, वर्तमान मुद्दों पर चुप क्यों हैं?

MP के दो बड़े इन्फ्लुएंसर्स के बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद, पारुल-वीर ने की पुलिस में शिकायत

इंदौर इंदौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पारुल अहिरवार और उसके दोस्त गौरव रावल के बीच चल रहा प्रॉपर्टी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले में अब गौरव रावल ने पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को आवेदन देकर पारुल और उसके साथी वीर शर्मा की शिकायत की है। गौरव का आरोप है कि पारूल और वीर शर्मा ने पुलिसकर्मी बनकर उसे धमकी भरा कॉल किया और बदनाम करने की कोशिश की है। इसके पहले पारुल ने गौरव पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी। आखिर क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक पारुल और गौरव ने 2020 में 800 वर्ग फीट का मकान संयुक्त रुप से खरीदा था, इसके लिए दोनों ने चार-चार लाख रुपए जमा किए थे। गौरव ने इस मकान पर 20 लाख रुपए का बैंक लोन ले लिया था। इस लोन की आधी किस्त 9,000 रुपए पारुल साल 2020 से भरती रही है। इस संबंध में दोनों के बीच एक लिखित एग्रीमेंट भी हुआ था। अब पारुल का आरोप है कि गौरव ने यह एग्रीमेंट चुरा लिया और मकान की रजिस्ट्री अपने नाम पर करा ली है। जून 2025 में पारुल को पता चला कि गौरव मकान को किसी और को बेच चुका है। उसने गौरव को कॉल किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ था। पारुल ने कई बार गौरव से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। जिसके बाद पारुल ने गौरव के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा दी। 800 वर्ग फीट के मकान को लेकर तनातनी पुलिस के मुताबिक, पारुल का कहना है कि वर्ष 2020 में उसने और गौरव ने 800 वर्ग फीट का मकान संयुक्त रूप से खरीदा था। इसके लिए दोनों ने चार-चार लाख रुपए जमा किए थे। गौरव ने इस मकान पर 20 लाख रुपए का बैंक लोन ले लिया था। इस लोन की आधी किस्त 9,000 रुपए पारुल साल 2020 से भरती रही है। इस संबंध में दोनों के बीच एक लिखित एग्रीमेंट भी हुआ था। पारुल का आरोप है कि गौरव ने यह एग्रीमेंट चुरा लिया। फिर मकान की रजिस्ट्री अपने नाम पर करा ली। जून 2025 में पारुल को पता चला कि गौरव मकान को किसी और को बेच चुका है। उसने गौरव को कॉल किया लेकिन फोन स्विच ऑफ था। पारुल ने कई बार गौरव से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो पाई। आखिरकार पारुल ने गौरव के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करा दी। मकान की रजिस्ट्री को लेकर है विवाद गौरव रावल ने पुलिस को शिकायत कहा है, उसने और पारुल ने मिलकर ओमेक्स सिटी फेज वन में घर लिया था, जिसकी रजिस्ट्री गौरव और उसकी मां के नाम थी। पारुल ने तय 5 लाख में से सिर्फ 4 लाख ही बिल्डर को दिए और करीब 18 महीने तक आधे हिस्से में रहने की बात कहकर किराया देती रही। गौरव का आरोप है कि जब उसने मकान बेचने का फैसला किया तो पारुल ने बिना पूरी रकम दिए ही रजिस्ट्री अपने नाम कराने का दबाव बनाया। इसके बाद पारुल और उसके साथी वीर ने गौरव की बहन के ऑफिस में अभद्रता की, जिससे उसकी नौकरी चली गई। गौरव ने यह भी बताया कि वीर ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसकी बहन को फोन किए। उसे अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल किए। इस विवाद में पारुल पहले ही गौरव पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करा चुकी है। दूसरी ओर गौरव ने भी पारुल और वीर पर धमकी देने और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। वीर का कहना है कि उसने खुद को पुलिसकर्मी बताकर कॉल नहीं किए, बल्कि शिकायत के मामले में थाने को जानकारी दी थी। गौरव के वकील ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल को किसी भी तरह का नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पारुल और वीर सोशल मीडिया पर गौरव की छवि खराब करते हैं तो उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर अपनी गतिविधियां कम कर दी हैं। गौरव और उसकी मां के नाम पर है रजिस्ट्री गौरव के मुताबिक, पारुल और उसने मिलकर शुभांजन ओमेक्स वन सिटी में मकान लिया था। इसकी रजिस्ट्री गौरव और उसकी मां के नाम पर थी। पारुल और गौरव के बीच समझौते के बाद पारुल को बाद में पांच लाख रुपए देने की बात तय हुई थी। इसके एवज में पारुल ने केवल चार लाख रुपए सीधे बिल्डर के बैंक खाते में जमा कराए थे। पारुल आधे हिस्से में रहने की बात कहकर करीब 18 महीने तक गौरव को मकान किराया देती रही। गौरव का ये भी कहना है कि जब उसने मकान बेचने का मन बनाया तो पारुल ने बिना पूरी रकम दिए मकान के एक हिस्से की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का दबाव डाला। गौरव बोला- मकान मेरे और मां के नाम पर था उधर, गौरव रावल द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, पारुल और उसने मिलकर शुभांजन ओमेक्स वन सिटी में मकान लिया था। इसकी रजिस्ट्री गौरव और उसकी मां के नाम पर थी। समझौते के अनुसार, पारुल को बाद में 5 लाख रुपए देने की बात तय हुई थी। इसके ऐवज में पारुल ने केवल 4 लाख रुपए सीधे बिल्डर के बैंक खाते में जमा कराए थे। पारुल आधे हिस्से में रहने की बात कहकर करीब 18 महीने तक गौरव को मकान का किराया देती रही। गौरव का दावा है कि जब उसने मकान बेचने का मन बनाया तो पारुल ने बिना पूरी रकम दिए इसके एक हिस्से की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का दबाव डाला। वीर पर पुलिसकर्मी बनकर कॉल करने का आरोप गौरव का आरोप है कि पारुल ने अपने साथी वीर को उसकी बहन ममता के ऑफिस में भेजकर अभद्रता कराई। जिसके बाद ममता की नौकरी चली गई। इसके बाद वीर ने खुद को लसूडिया थाने का पुलिसकर्मी बताकर ममता को कॉल किए। गौरव ने बताया कि उसे अलग-अलग फोन नंबरों से धमकी भरी कॉल आ रही थीं। उसने इनकी दो ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को भी सौंपी हैं।  

राहुल गांधी का केंद्र पर निशाना: ‘विदेशी नेताओं से न मिलने देना लोकतंत्र के ख़िलाफ़’

नई दिल्ली  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि मोदी सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेता से मिलने से रोक रही है क्योंकि वह खुद को असुरक्षित महसूस करती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोई विशिष्ट विदेशी मेहमान भारत आता है या वह विदेश जाते हैं तो सरकार की तरफ से कहा जाता है कि उनसे (राहुल से) मुलाकात नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से कुछ घंटे पहले यह दावा किया। पुतिन आज शाम आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे।   कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि आमतौर पर यह परंपरा रही है कि जो विदेशी मेहमान भारत आते हैं उनकी नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात होती है। यह अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय होता था और मनमोहन सिंह जी के समय भी होता था। आजकल यह होता है कि जब बाहर से कोई आता है या मैं कहीं बाहर जाता हूं तो सरकार सुझाव देती है कि बाहर से आने वाले अतिथि या उनके (राहुल के) बाहर जाने पर वहां के लोग नेता प्रतिपक्ष से नहीं मिलें। उनका कहना था कि सरकार यह हर बार करती है। राहुल गांधी ने कहा- हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व हम भी करते हैं, सिर्फ सरकार नहीं करती है। सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग बाहर के लोगों से मिलें। उन्होंने दावा किया कि यह परंपरा है, लेकिन मोदी जी इसका पालन नहीं कर रहे हैं, विदेश मंत्रालय पालन नहीं कर रहा है। यह उनकी असुरक्षा की भावना है। राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने दावा किया कि यह सरकार असुरक्षा का भाव रखती है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा- एक प्रोटोकॉल होता है। आने वाले सभी बड़े लोग नेता प्रतिपक्ष से मिलते हैं। सरकार प्रोटोकॉल को तोड़ रही है और उनकी सारी नीतियां इसी पर आधारित हैं। वे नहीं चाहते कि कोई दूसरी आवाज उठे। वे किसी और की राय नहीं सुनना चाहते। उन्हें लोकतंत्र में प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। एक सवाल के जवाब में प्रियंका गांधी ने कहा किभगवान जाने, उन्हें किस बात का डर है… लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का हक होना चाहिए, चर्चा होनी चाहिए, और सही कदम उठाया जाना चाहिए… सरकार असुरक्षित महसूस करती है और यह फैसला उसी का नतीजा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले से दुनिया में भारत के लोकतंत्र की छवि खराब हो रही है।

रूह कंपा देने वाली वारदात: मां पर बेटे की हैवानियत ने पार की सारी हदें

फिरोजपुर  फिरोजपुर के कस्बा गुरुहरसाहाय के गांव मोहनके से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां नशे के आदी बेटे ने अपनी बुज़ुर्ग मां की बेरहमी से हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार नानक सिंह लंबे समय से नशे की लत में था और कल रात भी नशे में धुत था। उसने मां से नशा खरीदने के लिए पैसे मांगे, लेकिन परिवार बेहद गरीब होने के कारण मां के पास पैसे नहीं थे। इसी बात पर गुस्से में आकर नानक सिंह ने पहले मां से झगड़ा किया और फिर उसे बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। गांववालों के मुताबिक झगड़े के दौरान नशे में धुत बेटे ने एक गिलास से मां का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना का पता लगते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही गुरुहरसाहाय पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आरोपी पुत्र नानक सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

जयपुर में 8 दिसंबर को होगी 12 बटालियन कॉन्स्टेबल भर्ती की फिजिकल टेस्ट

जयपुर राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती वर्ष 2025 की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। 12वीं बटालियन आरएसी (आईआर) विकासपुरी, नई दिल्ली ने शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं शारीरिक मापतौल परीक्षा की तारीख की घोषणा कर दी है, जिसका आयोजन जयपुर में किया जाएगा। कमांडेंट 12वीं बटालियन आरएसी (आईआर) केवल राम ने बताया कि सफल उम्मीदवारों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक मापतौल परीक्षण की तिथि 8 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में उपस्थित होना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक निर्देश शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने वाले सफल अभ्यर्थियों को कुछ महत्वपूर्ण निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। सभी सफल अभ्यर्थियों को राजस्थान पुलिस की वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर प्रिंट आउट लाना होगा। उम्मीदवारों को भर्ती 2025 की विज्ञप्ति के बिंदु संख्या 16 में वर्णित नियमानुसार स्वास्थ्य एवं फिटनेस प्रमाण-पत्र व प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों की पूर्ण पालना करते हुए परीक्षा में सम्मिलित होना होगा। सफल उम्मीदवारों को सुबह 6 बजे राजस्थान पुलिस अकादमी पहुंचा होगा। 

पुतिन–मोदी की दोस्ती ने दुनिया को चौंकाया! भारत को मिला अब तक का सबसे बड़ा रक्षा तोहफ़ा

नई दिल्ली  भारत और रूस की दोस्ती एक बार फिर दुनिया को चौंकाने वाली है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत पहुंचने से पहले दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ऐसी रक्षा डील को फाइनल कर दिया है, जिसे देखकर दुश्मन देशों की रातों की नींद उड़ जाएगी। ये समझौता न सिर्फ भारत की सैन्य शक्ति को कई गुना बढ़ाएगा, बल्कि हिंद महासागर से लेकर उत्तरी सीमाओं तक भारत की पकड़ और मजबूत करेगा। भारत और रूस के बीच लगभग दस साल से लंबित परमाणु-संचालित पनडुब्बी लीज़ समझौता आखिरकार फाइनल हो गया है। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारत लगभग 2 अरब डॉलर का भुगतान करके रूस से एक न्यूक्लियर अटैक सबमरीन किराए पर लेगा। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस हफ्ते भारत दौरे पर आ रहे हैं। पुतिन के यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। कीमत को लेकर वर्षों से अटकी बातचीत बीते कई वर्षों से कीमत को लेकर अटकी बातचीत अब पूरी हो गई है। नवंबर में भारतीय अधिकारियों ने रूसी शिपयार्ड का दौरा किया था, जिसके बाद डील पर अंतिम सहमति बनी। भारत को पनडुब्बी की डिलीवरी दो वर्षों में मिलने की उम्मीद है, हालांकि परियोजना की जटिलता को देखते हुए समय बढ़ भी सकता है।   रणनीतिक संतुलन और मोदी की विदेश नीति इस समझौते के साथ भारत ने रूस के साथ रक्षा संबंधों को और गहरा किया है। हाल के महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका द्वारा 50% दंडात्मक टैरिफ लगाने के बाद रूस और चीन दोनों के साथ रिश्ते मजबूत करने का संदेश दिया है। वर्तमान में भारत ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए ऊँचे शुल्क कम कराने के लिए व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है ये वही शुल्क हैं जो अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीद जारी रखने पर दबाव बनाने के लिए लगाए थे।

हरभजन का बड़ा दावा: रोहित-विराट के करियर का फैसला कौन कर रहा, बताया पूरा अंदरूनी सच!

शारजाह  पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह को यह दुर्भाग्यपूर्ण लगता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों का भविष्य ऐसे लोग तय कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह जोड़ी 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक खेलती रहेगी। रोहित 38 वर्ष के हैं और विराट कोहली 37 वर्ष के तथा यह दोनों अब केवल वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं। वह वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे या नहीं इसको लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने इस बात पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है कि यह दोनों वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे या नहीं। हरभजन ने शारजाह में कहा, ‘‘यह मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा क्योंकि मैं खुद एक खिलाड़ी रहा हूं और जो मैं देख रहा हूं वह मेरे साथ भी हुआ है। मेरे कई साथियों के साथ ऐसा हुआ है, लेकिन यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इस बारे में बात नहीं करते या इस पर कोई चर्चा नहीं करते।’’ भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 417 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज ने कोहली और रोहित के साथ किए जा रहे व्यवहार के संदर्भ में कहा, ‘‘जब मैं विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखता हूं जो अभी भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है तो मुझे बहुत खुशी होती है। यह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे लोग उनके भविष्य के बारे में फैसला कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया है।’’ वनडे विश्व कप में अभी एक समय साल से भी अधिक समय है लेकिन हरभजन ने रोहित और कोहली का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस विश्व कप के दौरान शानदार फॉर्म में रहेंगे और अगली पीढ़ी के लिए मानक स्थापित करेंगे। कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में घरेलू मैदान पर लगातार दो शतक लगाए हैं, जबकि रोहित ने पिछली चार पारियों में दो अर्द्धशतक और एक शतक लगाया है। हरभजन ने कहा, ‘‘उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और भारत के लिए शुरू से ही अच्छा योगदान दिया है। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और टीम के कप्तान भी रहे हैं। मुझे वास्तव में अच्छा लग रहा है कि वह दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे युवा पीढ़ी के लिए उदाहरण पेश कर रहे हैं और यह दिखा रहे हैं कि चैंपियन बनने के लिए क्या करना पड़ता है। इसलिए सही उदाहरण पेश करने के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा को बधाई।’’  

मध्यप्रदेश में 45 जर्जर पुलों की तुरंत रिपेयरिंग, PWD ने जारी किया बजट

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में स्थित 45 जर्जर पुलों की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह निर्णय रायसेन जिले में हाल ही में हुए पुल गिरने की घटना के बाद लिया गया। इस हादसे ने राज्य में पुराने और कमजोर ब्रिजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है। विधानसभा सत्र के दौरान रायसेन में पुल गिरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर उठे सवालों को लेकर बढ़े दबाव का परिणाम माना जा रहा है।PWD के जारी आदेश में बताया गया कि 03.11.2025 को हुई राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की 295वीं बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रदेश के कई जिलों से तात्कालिक मरम्मत की जो मांगें आई थीं, उन्हें प्राथमिकता पर स्वीकृत किया जाए। राज्य PWD (Public Works Department) ने मरम्मत के लिए आवश्यक फंड जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत के काम में प्राथमिकता उन पुलों को दी जाएगी जो यातायात की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण हैं या जिनका ढांचा सबसे जर्जर स्थिति में है। इस सूची में ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार के पुल शामिल हैं। PWD अधिकारी बताते हैं कि इन पुलों की मरम्मत में आधुनिक तकनीक और मजबूत सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। केवल सतही मरम्मत नहीं, बल्कि ढांचे की जड़ से मजबूती सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी तरह के दुर्घटना या हादसे की संभावना कम हो जाएगी। रायसेन में हाल ही में एक पुल गिरने की घटना में वाहन चालक और राहगीर घायल हुए थे। इस घटना ने राज्य में पुराने पुलों की स्थिति की जांच को और जरूरी बना दिया। मरम्मत अभियान के तहत पुलों की सुरक्षा संकेत, रेलिंग और सड़क की स्थिति भी बेहतर की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार और PWD का कहना है कि सभी पुलों की मरम्मत की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस कदम से न केवल सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। सड़क परिवहन और यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि जर्जर पुलों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना किसी भी राज्य के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि यातायात सुरक्षित और व्यवस्थित रहे। जानिए किस जिले के कौन से पुल की होगी रिपेयरिंग ग्वालियर जिला     डबरा-जंगीपुर रोड़ पर 13/4 किमी पर छंदूद नदी पर बने पुल की 8.22 लाख रूपए से रिपेयरिंग होगी।     डबरा-चीनोर रोड पर 16/8 किमी पर मेंघरा नाले पर बने पुल को 10.34 लाख से सुधारा जाएगा।     एजी ऑफिस के पास रेलवे ओवर ब्रिज(ROB) की रिपेयरिंग के लिए 99.63 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।     ग्वालियर शहर में तानसेन नगर के पास बने पुल की रिपेयरिंग पर 27.49 लाख रुपए खर्च होंगे। मुरैना जिला     जडे़रूआ-सुमावली रोड पर कररई नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 27.49 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।     आसन पुल 8/8 सुमावली-खनेता रोड पर बने ब्रिज की रिपेयरिंग के लिए 22.02 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।     एमएस रोड जरैना-सुमावली पहुंच मार्ग के 2/4 किमी पर आसन नदी पर बने उच्चस्तरीय पुल का विशेष मजबूती करण कार्य के लिए 46.03 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।     महावीरपुर-जैतपुरा तिलावली के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 24.88 लाख रुपए से होगी। भिंड जिला     लहार-अमायन रोड पर बने सिंध पुल की रिपेयरिंग के लिए 99.43 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।     भोनपुर सिंहोनिया मार्ग के किमी 2/4 में आसन नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 97.59 लाख से होगी।     खितोली-धमसा मार्ग के 1/4 किमी पर वैशली नदी पर बने पुल को 88.57 लाख रुपए खर्च होंगे।     कनाथर-बरासो मार्ग के 9/10 किमी में वैशली नदी पर बने पुल को रिपेयर करने में 8.93 लाख रुपए खर्च होंगे।     हटीले हनुमान से गंगादास का पुरा मार्ग में वैशली नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 59.47 लाख रुपए खर्च होंगे।     प्रतापपुरा-गिरगांव रोड पर खार नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग में 99.18 लाख रुपए खर्च होंगे।     सिमराव-कमई मार्ग के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 3.75 लाख रुपए खर्च होंगे।     खरगपुरा-एनो मार्ग में आसन नदी पर बने पुल के सुधार कार्य में 56.38 लाख रुपए खर्च होंगे। दतिया जिला     इंदरगढ़–भांडेर मार्ग के किमी 13/8 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 18.86 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। अशोकनगर जिला     बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 7/8 पर बेतवा नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 93.58 लाख रुपए से होगी। गुना जिला     बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 6/6 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 79.77 लाख रुपए खर्च होंगे।     गुना–रुठियाई मार्ग के किमी 4/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 83.12 लाख रुपए खर्च होंगे।     गुना–मक्सी मार्ग के किमी 8/2 पर नदी पर बने पुल की तत्काल रिपेयरिंग 0.00 लाख (आपातकालीन स्वीकृति) के रूप में दर्ज है।     गुना–ब्यावरा मार्ग के किमी 2/2 पर नदी पर बने पुल की विशेष रिपेयरिंग 80.57 लाख रुपए से होगी।     गुना जिला अस्पताल (R.O.B.) के पास बने पुल की रिपेयरिंग 16.44 लाख रुपए से की जाएगी। सीहोर जिला     सलकनपुर–सीहोर मार्ग पर महादेव मंदिर के पास पुल की रिपेयरिंग 67.18 लाख रुपए से होगी।     सलकनपुर–रायसेन मार्ग के किमी 34/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग 85.30 लाख रुपए से की जाएगी। रायसेन जिला     रायसेन–सुल्तानपुर मार्ग पर A.B. रोड (किमी 264) के पास स्थित पुल की रिपेयरिंग पर 37.55 लाख रुपए खर्च होंगे। नरसिंहपुर जिला     गाडरवारा शहर के CMO कार्यालय के पास बने पुल की रिपेयरिंग 22.29 लाख रुपये से होगी।     मॉडल स्टेशन गाडरवारा के पास रेलवे अंडरब्रिज (RUB) की विशेष रिपेयरिंग 99.45 लाख रुपए से होगी। मंदसौर जिला     मंदसौर–सीतामऊ मार्ग के किमी 10/0 पर शिवना नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 98.17 लाख रुपए से होगी। रतलाम जिला     आलोट–सैलाना मार्ग के किमी 7/8 पर शेर नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 70.85 लाख … Read 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अहान शेट्टी का इमोशनल पोस्ट: ‘बॉर्डर 2’ की शूटिंग खत्म, बोले – ये पल कभी नहीं भूलूंगा

मुंबई बॉलीवुड एक्टर सुनील शेट्टी के बेटे अहान शेट्टी इन दिनों अपनी आने वाली बड़ी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं. फिल्म की शूटिंग लंबे समय से चल रही थी और अब अहान ने अपने हिस्से का काम पूरा कर लिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर शूटिंग की कुछ तस्वीरें शेयर की और एक इमोशनल नोट लिखा, जिससे फैन्स भी काफी भावुक हो गए. अहान ने इंस्टाग्राम पर फिल्म की कई तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “बॉर्डर 2 की शूटिंग खत्म हो गई. आज जब मैं सेट से बाहर निकला तो मन उम्मीद से ज्यादा भारी लगा. इस फिल्म ने मुझे बहुत चुनौती दी और ऐसी यादें दी जिन्हें मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा. मैं अपने दिल से हमारी सेना, उन शानदार कलाकारों जिनके साथ मुझे काम करने का मौका मिला और पूरी टीम का शुक्रिया करता हूं, जो अब मेरे लिए परिवार जैसी बन गई है. ये फिल्म सिर्फ एक फिल्म नहीं है… इसमें असली कहानियां हैं, असली हिम्मत है, और वो देशभक्ति है जो परदे से कहीं ज्यादा गहरी है. शुक्रिया ‘बॉर्डर 2’… ये सफर हमेशा मेरे दिल में रहेगा. जय हिंद.” फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट बता दें, फिल्म में अहान शेट्टी के अलावा सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, मेधा राणा, मोना सिंह और सोनम बाजवा जैसे कलाकार शामिल है. फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह कर रहे हैं और भूषण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. ‘बॉर्डर 2’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है क्योंकि यह 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है, जिसमें कारगिल युद्ध 1999 की सच्ची घटना दिखाई जाएगी. हालांकि मेकर्स ने इसके रिलीज की जानकारी नहीं दी है, लेकिन यह 2026 में रिलीज हो सकती है.

शहबाज के फैसले से अटका आसिम मुनीर का CDF नोटिफिकेशन, पाकिस्तान में सुर्खियों में मामला

नई दिल्ली पाकिस्तान में चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) नोटिफिकेशन की देरी ने सियासी हलचल तेज कर दी है. पाकिस्तान में सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (PMLN) सूत्रों के मुताबिक यह देरी सिर्फ तकनीकी मामला नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे बड़ी सौदेबाजी चल रही है. दावा है कि नवाज शरीफ अगली बार भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने सेना प्रमुख असिम मुनीर के सामने सीधे डील रखी है. सूत्रों का कहना है कि नवाज शरीफ और मरियम नवाज ने असिम मुनीर के CDF और COAS दोनों पदों पर पांच साल का कार्यकाल मंजूर करने के बदले में अपनी शर्तें रखीं. PMLN की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया कि अगर असिम मुनीर को पांच साल का टेन्योर चाहिए, तो उन्हें नवाज शरीफ की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करनी होगी. इसी वजह से CDF नोटिफिकेशन को रोककर मोलभाव किया जा रहा है. पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि यह पूरा सत्ता-संतुलन अगस्त के आखिरी हफ्ते में हुए मरी प्लान का हिस्सा है. इस मीटिंग में नवाज शरीफ, शहबाज शरीफ, असिम मुनीर, मरियम नवाज, असीम मलिक और मोहसिन नकवी शामिल थे. मीटिंग में दस साल के एक नए संयुक्त सत्ता ढांचे पर सहमति बनी थी. PMLN का कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से वादा पूरा कर दिया, यानी असिम मुनीर के लिए पांच साल का रास्ता खोल दिया. अब बारी सेना प्रमुख की है कि वे मरी प्लान के मुताबिक नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाएं. शरीफ खानदान की क्या है डिमांड? इसी के साथ नवाज शरीफ और मरियम नवाज सेना से भविष्य की सुरक्षित गारंटियां भी मांग रहे हैं. मरियम नवाज के एक करीबी साथी के अनुसार शरीफ परिवार चाहता है कि आने वाले वर्षों के लिए भी उनका राजनीतिक स्पेस सुरक्षित किया जाए. टॉप सूत्रों का दावा है कि नवाज शरीफ ने फौज में कुछ अहम प्रमोशन और पोस्टिंग को भी अपनी कंसल्टेंसी और सहमति के साथ मंजूर किए जाने की मांग रखी है. दावा है कि लेफ्टिनेंट जनरल नौमान जकारिया को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बनाया जाए और लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मलिक को कमांडर NSC की जिम्मेदारी दी जाए. इसके अलावा कुछ अन्य मेजर और लेफ्टिनेंट स्तर के अधिकारियों को भी अहम पदों पर लगाने की मांग की गई है. CDF नोटिफिकेशन का क्या है विवाद? इस बीच पाकिस्तान की राजनीति में एक और सवाल उठ रहा है. क्या शहबाज शरीफ खुद अटकाव की वजह हैं? CDF का नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं किया गया है, जबकि असिम मुनीर का कार्यकाल 29 नवंबर को बढ़ना था. शहबाज लंदन यात्रा पर थे और स्वास्थ्य कारणों से उनकी वापसी में देरी हुई, जिससे कई नई चर्चाओं को हवा मिली. कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि शहबाज शरीफ जानबूझकर दूरी बनाए हुए थे, ताकि असिम मुनीर को पांच साल का कार्यकाल और CDF का पद देने में अपनी राजनीतिक जोखिम को कम कर सकें. उनके साइन का इंतजार होने की वजह से पाकिस्तान में एक तरह का संवैधानिक खालीपन भी बन गया है.