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PWD सचिव ने सड़क परियोजनाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा अधिकारियों की बैठक लेकर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता सर्वोच्च प्राथमिकता रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे। श्री बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम, नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली। विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।

लोक निर्माण विभाग सख्त: SDO, EE और ENC अधिकारियों की मुख्यालय में उपस्थिति अनिवार्य, ठेकेदारों के मासिक भुगतान के आदेश

रायपुर लोक निर्माण विभाग ने अपने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) से लेकर प्रमुख अभियंता (ईएनसी) तक सभी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने, कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उन्हें हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान के लिए प्रमुख अभियंता को एक-एक देयक (बिल) के स्थान पर संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को हर तीन महीने के भुगतान के लिए जरूरी राशि आबंटित करने के निर्देश दिए हैं।

PWD ऑफिस में सख्ती, SDO की संपत्ति कुर्क, कर्मचारियों के एरियर न देने पर प्रशासन ने लिया कड़ा एक्शन

गुना  गुना के लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय में  वह नजारा देखने को मिला जो सरकारी सिस्टम की लापरवाही पर एक करारा तमाचा है। 30 साल लंबी कानूनी जंग के बाद, जब विभाग ने अपने ही एक रिटायर्ड कर्मचारी का हक देने में आनाकानी की, तो कोर्ट का डंडा ऐसा चला कि दफ्तर की रौनक ही गायब हो गई। आलम यह था कि जिस दफ्तर में बैठकर अधिकारी फाइलों पर कुंडलियां मारकर बैठे थे, वहां से न्यायालय की टीम साहब की कार, कंप्यूटर, कुर्सियां और यहां तक कि छत पर टंगे पंखे भी उतारकर ले गई। रिटायर्ड एलडीसी कौशल किशोर राठौर की इस जीत ने यह साफ कर दिया कि न्याय की चक्की भले ही धीरे चलती है, लेकिन जब चलती है तो बड़े-बड़े विभागों की अकड़ पीसकर रख देती है। 1995 से शुरु हुआ था न्याय के लिए कौशल किशोर राठौर संघर्ष इस पूरी कहानी की शुरुआत साल 1995 में हुई थी, जब कौशल किशोर राठौर ने अपने पद के अनुरूप वेतन न मिलने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। लोअर कोर्ट से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक, राठौर ने हर मोर्चे पर जीत हासिल की। हालांकि विभाग ने 2013 तक के एरियर का भुगतान तो कर दिया, लेकिन 2014 से उनके रिटायरमेंट (30 दिसंबर 2025) तक का लगभग 40 लाख का भुगतान लटकाए रखा। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी विभाग की नींद नहीं खुली, तो राठौर ने 2018 में कोर्ट में 'इजरा' (वसूली याचिका) और फिर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर दी। आखिरकार हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद जिला न्यायालय ने 36.68 लाख रुपये की वसूली के लिए कुर्की का वारंट जारी कर दिया। दफ्तर की मेजें, कुर्सियां, कंप्यूटर सब कुर्क दोपहर जब जिला नाजिर राकेश शर्मा के नेतृत्व में कोर्ट की टीम PWD कार्यालय पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारी और अधिकारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही टीम ने चल संपत्ति को जब्त करना शुरू कर दिया। दफ्तर की मेजें, कुर्सियां और कंप्यूटर एक-एक कर बाहर निकाले जाने लगे। सबसे ज्यादा चर्चा SDO की गाड़ी की रही, जिसे टीम ने मौके पर ही कुर्क कर लिया। कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, यदि जब्त किए गए सामान से वसूली की पूरी राशि (36.68 लाख रुपये) नहीं निकलती है, तो विभाग की जमीन और पूरी बिल्डिंग को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 30 साल के संघर्ष के बाद मिली यह जीत आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

मध्यप्रदेश में 45 जर्जर पुलों की तुरंत रिपेयरिंग, PWD ने जारी किया बजट

भोपाल  मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में स्थित 45 जर्जर पुलों की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह निर्णय रायसेन जिले में हाल ही में हुए पुल गिरने की घटना के बाद लिया गया। इस हादसे ने राज्य में पुराने और कमजोर ब्रिजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है। विधानसभा सत्र के दौरान रायसेन में पुल गिरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर उठे सवालों को लेकर बढ़े दबाव का परिणाम माना जा रहा है।PWD के जारी आदेश में बताया गया कि 03.11.2025 को हुई राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की 295वीं बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्रदेश के कई जिलों से तात्कालिक मरम्मत की जो मांगें आई थीं, उन्हें प्राथमिकता पर स्वीकृत किया जाए। राज्य PWD (Public Works Department) ने मरम्मत के लिए आवश्यक फंड जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत के काम में प्राथमिकता उन पुलों को दी जाएगी जो यातायात की दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण हैं या जिनका ढांचा सबसे जर्जर स्थिति में है। इस सूची में ग्रामीण और शहरी दोनों प्रकार के पुल शामिल हैं। PWD अधिकारी बताते हैं कि इन पुलों की मरम्मत में आधुनिक तकनीक और मजबूत सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। केवल सतही मरम्मत नहीं, बल्कि ढांचे की जड़ से मजबूती सुनिश्चित करने का काम किया जाएगा। इससे भविष्य में किसी भी तरह के दुर्घटना या हादसे की संभावना कम हो जाएगी। रायसेन में हाल ही में एक पुल गिरने की घटना में वाहन चालक और राहगीर घायल हुए थे। इस घटना ने राज्य में पुराने पुलों की स्थिति की जांच को और जरूरी बना दिया। मरम्मत अभियान के तहत पुलों की सुरक्षा संकेत, रेलिंग और सड़क की स्थिति भी बेहतर की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार और PWD का कहना है कि सभी पुलों की मरम्मत की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस कदम से न केवल सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, बल्कि लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा। सड़क परिवहन और यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि जर्जर पुलों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना किसी भी राज्य के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि यातायात सुरक्षित और व्यवस्थित रहे। जानिए किस जिले के कौन से पुल की होगी रिपेयरिंग ग्वालियर जिला     डबरा-जंगीपुर रोड़ पर 13/4 किमी पर छंदूद नदी पर बने पुल की 8.22 लाख रूपए से रिपेयरिंग होगी।     डबरा-चीनोर रोड पर 16/8 किमी पर मेंघरा नाले पर बने पुल को 10.34 लाख से सुधारा जाएगा।     एजी ऑफिस के पास रेलवे ओवर ब्रिज(ROB) की रिपेयरिंग के लिए 99.63 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।     ग्वालियर शहर में तानसेन नगर के पास बने पुल की रिपेयरिंग पर 27.49 लाख रुपए खर्च होंगे। मुरैना जिला     जडे़रूआ-सुमावली रोड पर कररई नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 27.49 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।     आसन पुल 8/8 सुमावली-खनेता रोड पर बने ब्रिज की रिपेयरिंग के लिए 22.02 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।     एमएस रोड जरैना-सुमावली पहुंच मार्ग के 2/4 किमी पर आसन नदी पर बने उच्चस्तरीय पुल का विशेष मजबूती करण कार्य के लिए 46.03 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।     महावीरपुर-जैतपुरा तिलावली के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 24.88 लाख रुपए से होगी। भिंड जिला     लहार-अमायन रोड पर बने सिंध पुल की रिपेयरिंग के लिए 99.43 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।     भोनपुर सिंहोनिया मार्ग के किमी 2/4 में आसन नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 97.59 लाख से होगी।     खितोली-धमसा मार्ग के 1/4 किमी पर वैशली नदी पर बने पुल को 88.57 लाख रुपए खर्च होंगे।     कनाथर-बरासो मार्ग के 9/10 किमी में वैशली नदी पर बने पुल को रिपेयर करने में 8.93 लाख रुपए खर्च होंगे।     हटीले हनुमान से गंगादास का पुरा मार्ग में वैशली नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 59.47 लाख रुपए खर्च होंगे।     प्रतापपुरा-गिरगांव रोड पर खार नाले पर बने पुल की रिपेयरिंग में 99.18 लाख रुपए खर्च होंगे।     सिमराव-कमई मार्ग के बीच क्वारी नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 3.75 लाख रुपए खर्च होंगे।     खरगपुरा-एनो मार्ग में आसन नदी पर बने पुल के सुधार कार्य में 56.38 लाख रुपए खर्च होंगे। दतिया जिला     इंदरगढ़–भांडेर मार्ग के किमी 13/8 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग के लिए 18.86 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। अशोकनगर जिला     बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 7/8 पर बेतवा नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 93.58 लाख रुपए से होगी। गुना जिला     बीना–अशोकनगर मार्ग के किमी 6/6 पर सिंध नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 79.77 लाख रुपए खर्च होंगे।     गुना–रुठियाई मार्ग के किमी 4/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग पर 83.12 लाख रुपए खर्च होंगे।     गुना–मक्सी मार्ग के किमी 8/2 पर नदी पर बने पुल की तत्काल रिपेयरिंग 0.00 लाख (आपातकालीन स्वीकृति) के रूप में दर्ज है।     गुना–ब्यावरा मार्ग के किमी 2/2 पर नदी पर बने पुल की विशेष रिपेयरिंग 80.57 लाख रुपए से होगी।     गुना जिला अस्पताल (R.O.B.) के पास बने पुल की रिपेयरिंग 16.44 लाख रुपए से की जाएगी। सीहोर जिला     सलकनपुर–सीहोर मार्ग पर महादेव मंदिर के पास पुल की रिपेयरिंग 67.18 लाख रुपए से होगी।     सलकनपुर–रायसेन मार्ग के किमी 34/6 पर बने पुल की रिपेयरिंग 85.30 लाख रुपए से की जाएगी। रायसेन जिला     रायसेन–सुल्तानपुर मार्ग पर A.B. रोड (किमी 264) के पास स्थित पुल की रिपेयरिंग पर 37.55 लाख रुपए खर्च होंगे। नरसिंहपुर जिला     गाडरवारा शहर के CMO कार्यालय के पास बने पुल की रिपेयरिंग 22.29 लाख रुपये से होगी।     मॉडल स्टेशन गाडरवारा के पास रेलवे अंडरब्रिज (RUB) की विशेष रिपेयरिंग 99.45 लाख रुपए से होगी। मंदसौर जिला     मंदसौर–सीतामऊ मार्ग के किमी 10/0 पर शिवना नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग 98.17 लाख रुपए से होगी। रतलाम जिला     आलोट–सैलाना मार्ग के किमी 7/8 पर शेर नदी पर बने पुल की रिपेयरिंग में 70.85 लाख … Read more