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वैरागी द्वीप में गूँजा वसुधा वंदन, हरिद्वार ने किया शताब्दी वर्ष का भव्य आगाज़

हरिद्वार अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह का शुभारंभ राजा दक्ष की नगरी कनखल स्थित बैरागी कैंप में वसुधा वंदन समारोह के साथ हुआ। समारोह का शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल एवं गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ चिन्मय पण्ड्या ने हजारों स्वयंसेवक, संत, प्रबुद्धजन की उपस्थिति में 51 तीर्थों से संग्रहीत पवित्र रज-जल का पूजन कर किया। समारोह में अध्यात्म, संस्कृति और सेवा का व्यापक संगम देखने को मिला। यह समारोह परम वंदनीया माताजी के जन्म के 100 वर्ष, अखंड दीप प्रज्वलन के 100 वर्ष और परम पूज्य गुरुदेव की तप-साधना के 100 वर्ष के अविस्मरणीय अवसर को समर्पित रहा। इस दौरान अतिथियों ने विश्व मैत्री, पर्यावरण शुद्धि और सांस्कृतिक एकता का संकल्प लिया। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल ले. जनरल श्री गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि अखंड ज्योति केवल एक दीप नहीं है। यह अखंड भारत की भावना, धर्म-जागरण की चेतना और भारत के आध्यात्मिक तत्त्व का जीवंत प्रतीक है। इसकी ज्योति हमें सत्य, नैतिकता और एकता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि हम बदलेंगे, युग बदलेगा यह केवल नारा नहीं, समाज को भीतर से परिवर्तित करने वाला प्रेरक मंत्र है। गायत्री परिवार की सेवा-केन्द्रित कार्यशैली हरिद्वार और उत्तराखंड के लिए एक आदर्श मॉडल है। राज्यपाल ने कहा कि गायत्री परिवार ने समाज में नैतिक उन्नयन, सेवा और स्वच्छता की जो संस्कृति विकसित की है, वह राष्ट्र-निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है। राज्यपाल ने सभी स्वयंसेवकों की निष्ठा, अनुशासन और कार्य-भावना की विशेष सराहना की। समारोह के अध्यक्ष जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें गुरु-शिष्य परंपरा में हैं। गुरु कुम्हार है और शिष्य कुंभ। गुरु बाहर से थपकी और भीतर से सहारा देकर जीवन को आकार देता है। माता-पिता, गुरु और ईश्वर—ये सनातन संस्कृति की एक ही धारा हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार ने इन मूल्यों को दैनिक जीवन में उतारने का कार्य किया है, जो सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त बनाता है। पूज्य गुरुदेव के इस महान कार्य में माताजी की जो भूमिका है उसका अनुभव मैंने स्वयं किया है। शताब्दी समारोह दलनायक डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि विश्व समुदाय के लिए शताब्दी वर्ष सौभाग्य की त्रिवेणी का अद्भुत संगम लेकर आया है। उन्होंने कहा कि वंदनीया माताजी समाज में नारी-जागरण और नारी-स्वाभिमान की प्रेरक शक्ति रहीं। माताजी ने नारी को परिवार और समाज की आधारशिला के रूप में देखा। उन्होंने संस्कार, सेवा और शिक्षा के माध्यम से नारी को सामथ्र्य प्रदान किया। उन्होंने कहा की यह आयोजन भारत की भूमि, पूज्य गुरुदेव और वंदनीया माताजी के प्रति हमारे ऋण की अभिव्यक्ति का समय है। उन्होंने कहा कि एक माह से हजारों सेवक स्थल-व्यवस्था, मार्ग-सज्जा, स्वच्छता और संरचना संबंधी तैयारी में जुटे थे। प्रतिकुलपति ने शताब्दी समारोह के विषय पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं समापन से पूर्व अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ चिन्मय पंड्या ने उपस्थित सभी अतिथियों को गायत्री मंत्र चादर, रुद्राक्ष की माला तथा पूज्य गुरुदेव का सत्साहित्य देकर सम्मानित किया। इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम, राज्यपाल, डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कार्यकर्ता पाथेय पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किया। इस दौरान व्यवस्थापक योगेंद्र गिरि, भाजपा उत्तराखंड प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, शिक्षाविद, सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

महाविद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में चलाया जाएगा कॉलेज चलो अभियान 5 दिसम्बर से शुरू होगा पहला चरण शिक्षण सत्र 2026-27 में विद्यार्थियों को प्रवेश संबंधी दी जायेगी जानकारी भोपाल  प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में शिक्षण सत्र 2026-27 में विद्यार्थी अधिक से अधिक प्रवेश लें, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा प्रदेश में एक माह तक 'कॉलेज चलो अभियान' चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों में पढ़ाई कर रहे कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को महाविद्यालयों में चलाए जा रहे पाठ्यक्रम, संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर सहित अन्य सुविधाओं और केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के लिए जागरूक किया जाएगा। अभियान का पहला चरण 5 दिसंबर 2025 से शुरू होगा और 5 जनवरी 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान विभिन्न प्रकार की जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने समस्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव और महाविद्यालययों के प्राचार्य को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। कॉलेज चलो अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों सहित पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही पंचायत सचिव, ग्राम सभा, स्व-सहायता समूह एवं युवा संगठनों के साथ बैठक कर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से सुझाव भी लिए जाएंगे। एक माह तक चलेंगी गतिविधियां महाविद्यालय की टीम द्वारा विद्यालयों का एवं उनके अभिभावकों भ्रमण किया जाएगा। कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, उपलब्ध पाठ्यक्रम, कैरियर अवसरों एवं प्रवेश प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान महाविद्यालय की शैक्षणिक, प्रयोगशाला, खेल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। करियर कॉउंसलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय चयन, उच्च अध्ययन, रोजगार एवं कौशल आधारित शिक्षा के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा। नई शिक्षा, नई दिशा के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख प्रावधान बहुविषयक शिक्षा, क्रेडिट बैंक, कौशल आधारित पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम चयन, विषय चयन के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी। आर्थिक सहायता, शैक्षिक सफलता अंतर्गत केंद्र, राज्य सरकार एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से अवगत कराया जाएगा।  

माता पिता नहीं, बीमारी या गरीबी का बोझ, अब अकेले नहीं लड़ेंगे बच्चे, योगी सरकार देगी 1200 रुपये तक हर माह

बरेली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्यमंत्री बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत कामकाजी बच्चों को आर्थिक सहयोग और शिक्षा से जोड़ने के लिए श्रम विभाग ने स्पष्ट श्रेणीवार प्राथमिकता तय कर दी है। ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जो परिवार की मजबूरी में ढाबों, होटलों, फैक्टरियों या अन्य प्रतिष्ठानों पर काम करते हैं। योजना के पहले चरण में प्रदेश के 20 जिलों जिसमें बरेली भी शामिल है-को चुना गया है। प्रत्येक जिले में 100 बच्चों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सहायक श्रमायुक्त बाल गोविंद ने बताया कि बरेली में अब तक इस योजना से 500 बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी बच्चे को मजबूरी में मजदूरी न करनी पड़े और उसे शिक्षा व सुरक्षा दोनों मिल सके। सबसे पहले मदद उन बच्चों को-जिनके माता-पिता नहीं, आय का एकमात्र सहारा वही योजना में बच्चों के चयन के लिए शासन ने नौ प्राथमिकता श्रेणियां तय की हैं। सबसे पहले प्राथमिकता उन बच्चों को दी जाएगी। जिनके माता-पिता दोनों नहीं रहे। परिवार की पूरी आय उन्हीं के काम पर निर्भर है। श्रम विभाग के सर्वे में उन्हें कामकाजी बच्चा चिन्हित किया गया है। ऐसे बच्चे जिनके पिता की मृत्यु, माता-पिता स्थायी दिव्यांग, माता-पिता गंभीर रोग से ग्रसित, परिवार की मुखिया विधवा/तलाकशुदा महिला, माता की मृत्यु या गंभीर बीमारी और भूमिहीन परिवारों के बच्चे शामिल किए गए हैं। सभी श्रेणियों में ऐसे बच्चे को चिन्हित किया गया है तो सर्वेक्षण में कामकाजी निकला हो। 20 जिलों में पहले चरण का संचालन, कुल 2000 बच्चों को लाभ का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में पहले चरण में आगरा, प्रयागराज, कानपुर नगर, बलिया, लखनऊ, बाराबंकी, बरेली, बदायूं, गाजियाबाद, गोरखपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, मुरादाबाद, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, वाराणसी और गाजीपुर। इन 20 जिलों में प्रति जिले 100 लाभार्थी, यानी कुल 2000 बच्चों को सहायता दी जानी है। इसमें बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता-बालक 1000 रुपये, बालिका 1200 रुपये दिये जा रहे हैं। लाभार्थी बच्चा लगातार पढ़ता रहता है तो कक्षा 8, 9 और 10 उत्तीर्ण करने पर हर कक्षा पास होने पर 6000 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

होमगार्ड्स का स्‍थापना दिवस 6 दिसंबर को, मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में होगा आयोजन

भोपाल प्रदेश में होमगार्ड्स का स्‍थापना दिवस 6 दिसम्‍बर को समारोह पूर्वक‍मनाया जाएगा। होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन महानिदेशक श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव  ने बताया कि स्‍थापना दिवस मुख्‍य समारोह का आयोजन मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में होमगार्ड्स परेड ग्राउण्‍ड जहांगीराबाद भोपाल में प्रात: 10 बजे से होगा। कार्यक्रम में परेड द्वारा मुख्‍य अतिथि को सलामी, परेड का निरीक्षण, मार्च पास्‍ट के बाद मुख्‍य अतिथि का उद्बोधन, एसडीईआरएफ तथा सिविल डिफेंस द्वारा आपदा बचाव का डेमोस्‍ट्रेशन, अदम्‍य साहसिक कार्य हेतु पुरस्‍कार तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्‍कार वितरण किया जाएगा।  

चौंकाने वाला खुलासा: बंगाल की वोटर लिस्ट में 50 लाख फर्जी या गायब नाम

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है। गणना प्रपत्र के डिजिटलीकरण के दौरान 50 लाख लोग ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जो पश्चिम बंगाल में नहीं रहते हैं। मंगलवार शाम तक हुई डिजिटलीकरण की जानकारी के अनुसार, यह आंकड़ा 46 लाख से थोड़ा ज्यादा था और बुधवार रात तक यह लगभग 50 लाख तक पहुंच गया। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा भी माना जा रहा है। इसके साथ ही आने वाले समय में यह इससे भी ज्यादा हो सकता है। खास बात तो यह है कि पश्चिम बंगाल में 24 घंटे के अंदर मतदाता सूची से बाहर किए जाने वाली लिस्ट में लगभग चार लाख नाम शामिल किए गए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सूत्रों ने बताया है कि बुधवार रात तक बाहर किए जाने के लिए योग्य पाए गए 50 लाख नामों में से 23 लाख से ज्यादा नाम “मृत वोटर” श्रेणी में आते हैं, इसके बाद “स्थानांतरित” मतदाता श्रेणी में 18 लाख से ज्यादा नाम हैं। जबकि “गायब” मतदाताओं की संख्या सात लाख से ज्यादा हो गई है, बाकी बचे “डुप्लीकेट” मतदाता हैं और वे हैं जिन्हें दूसरे कारणों से हटाने के लिए चिह्नित किया गया है। मतदाता सूची से हटाने के लिए चिह्नित किए गए नामों की फाइनल सूची 16 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पब्लिश होने के बाद ही साफ हो पाएगी। इसके बाद नोटिस फेज शुरू हो जाएगा, जिसमें चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से एक साथ गणना प्रपत्र पर नोटिस जारी करना, सुनवाई, प्रमाणित और फैसला लेना और दावों और आपत्तियों का निपटारा करना शामिल है, जो 16 दिसंबर से 7 फरवरी, 2026 के बीच होगा। निर्वाचक नामावली के अलग-अलग पैरामीटर की जांच और फाइनल पब्लिकेशन के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की अनुमति 10 फरवरी, 2026 को होगी। निर्वाचक नामावली का फाइनल पब्लिकेशन 14 फरवरी को होगा, जो पहले 7 फरवरी तय किया गया था। 27 अक्टूबर तक के निर्वाचक नामावली के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल वोटरों की संख्या 7,66,37,529 है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी को दो लाख, पूर्वोत्तर रेलवे को एक लाख का चेक, ट्रॉफी व खिलाड़ियों को दिया मेडल

यूपी विजेता, पूर्वोत्तर रेलवे उपविजेता गोरखपुर  उत्तर प्रदेश की टीम ने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज सप्तम् अखिल भारतीय प्राइजमनी पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता-2025 का खिताब अपने नाम किया। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर की टीम उपविजेता बनी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीमों व खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेता उत्तर प्रदेश की टीम को दो लाख रुपये का चेक, ट्रॉफी व खिलाड़ियों को मेडल प्रदान किया। उपविजेता पूर्वोत्तर रेलवे को ट्रॉफी व एक लाख का चेक प्रदान किया। साथ ही खिलाड़ियों को भी मेडल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने तीसरे स्थान पर रहने वाली हरियाणा व आंध्र प्रदेश की टीम के खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया। साथ ही ट्रॉफी व 50-50 हजार रुपये का चेक दिया। मुख्यमंत्री ने विजेता, उपविजेता व हरियाणा-आंध्र प्रदेश की टीम के खिलाड़ियों के साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाई।  इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह आदि मौजूद रहे।

अयोध्या मंडल में ग्रामीण पर्यटन से बदली तस्वीर, होमस्टे मॉडल से गांवों में आय और रोजगार में वृद्धि

  योगी सरकार के ग्रामीण पर्यटन मॉडल से अयोध्या में आर्थिक गतिविधियों में तीव्र वृद्धि महिलाओं, किसानों और कारीगर परिवारों की आमदनी में वृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान लखनऊ, : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ग्रामीण पर्यटन नीति से अयोध्या मंडल के गांवों में आर्थिक गतिविधियों की नई धारा बह रही है। प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को ग्रामीण जीवन व लोक संस्कृति से जोड़ते हुए ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे गांवों की आमदनी के नए दरवाजे खुल गए हैं। अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होमस्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। यह पहल न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दे रही है, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। गांवों में होमस्टे बनाने से रोजगार के नए अवसर योगी सरकार ने अयोध्या धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को गांवों की जीवनशैली, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने के लिए ग्रामीण पर्यटन की व्यापक योजना तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में प्रदेश के 93 गांवों को होमस्टे विकास के लिए चयनित किया गया है। इसमें अकेले अयोध्या मंडल के 19 गांव शामिल हैं। अयोध्या जिले में अमौनी, शेरवाघाट, अबानपुर सरोहा, गौराघाट, रामपुरवा गांवों में 50 होम स्टे पर काम चल रहा है। इसमें से ज्यादातर होम स्टे ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। जिले में 292 होटल और 1186 होम स्टे रजिस्टर्ड हैं जो पर्यटकों को ठहरने के लिए उचित रेट पर आवास उपलब्ध करा रहे हैं। इन गांवों में बुनियादी ढांचे, पर्यटक सुविधा केंद्रों, ग्रामीण आवास, सांस्कृतिक अनुभव और स्थानीय भोजन व्यवस्था को उन्नत किया गया है। इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और कारीगरों के लिए स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बने हैं। होमस्टे पंजीकरण बढ़ने से आमदनी में वृद्धि अयोध्या में प्रारंभ में होमस्टे की औसत मासिक आय 40,000 से 50,000 थी, जो अब बढ़कर 2 लाख तक पहुंच गई है। दिव्य अयोध्या ऐप के माध्यम से फरवरी 2025 तक 69 लाख से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं। होमस्टे का किराया औसतन 1500 से 2500 प्रति कमरा प्रतिदिन है। है। योगी सरकार द्वारा लागू होमस्टे नीति 2025 के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे पंजीकरण की संख्या तेजी से बढ़ी है। इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे संचालकों की मासिक आय में 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रामीण परिवार अब खेती के साथ-साथ पर्यटन आधारित सेवाएं देकर एक स्थिर आय अर्जित कर रहे हैं। अयोध्या में गेस्ट हाउस चला रहे अंशुमान तिवारी का कहना है कि इससे अयोध्यावासियों को काफी फायदा हुआ है। राम मंदिर बनने के बाद स्थानीय निवासियों को होम स्टे बनाने की अनुमति मिलने से लोगों की आय में वृद्धि हुई है। लोग 2-3 कमरों का होम स्टे चलाकर धनार्जन कर रहे हैं। साधारण होम स्टे चलाने वाले भी महीने में 50000 से 100000 रुपये तक कमा रहे हैं। इन्होंने कहा कि योगी सरकार की नीतियों की वजह से अयोध्या का चहुंमुखी विकास हो रहा है। हस्तशिल्प, लोककला और महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि राम मंदिर निर्माण के बाद स्थानीय हस्तशिल्पकारों की संख्या में 25% से अधिक की वृद्धि हुई है। होमस्टे मॉडल ने अयोध्या के पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्पियों और लोक कलाकारों को भी नई पहचान दी है। पर्यटन विभाग द्वारा गठित ग्रामीण सांस्कृतिक अनुभव समूहों में अयोध्या मंडल की महिलाओं को भोजन व्यवस्था, लोक व्यंजन, घरेलू उत्पाद, साफ-सफाई और मेहमाननवाजी से जोड़कर रोजगार दिया गया है। महिलाओं की आय में औसतन 5,000-12,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि हुई है। योगी सरकार ने पर्यटन से गांवों को बनाया आत्मनिर्भर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि अयोध्या केवल मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि गांवों की आत्मा, लोक संस्कृति और परंपरा से भी पहचानी जानी चाहिए। अयोध्या के गांवों में होमस्टे, सांस्कृतिक भ्रमण, ग्रामीण भोजन, खेती अनुभव, नदी किनारे गतिविधियां और हस्तशिल्प बाजार विकसित करके सरकार ने एक समग्र आर्थिक ढांचा तैयार किया है। यह मॉडल आने वाले वर्षों में लाखों ग्रामीण परिवारों की आय का स्थायी स्रोत बनेगा और उत्तर प्रदेश को ग्रामीण पर्यटन के राष्ट्रीय लीडर के रूप में स्थापित करेगा।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्व. कीर्ति नारायण द्विवेदी को श्रद्धांजलि दी

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल हरिभूमि एवं आईएनएच न्यूज चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के ग्वालियर स्थित निवास पर पहुँचे और उनके पिता स्व. कीर्ति नारायण द्विवेदी के प्रति पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. द्विवेदी के पिता श्री कीर्ति नारायण द्विवेदी का 25 नवम्बर को 80 वर्ष से अधिक आयु में निधन हो गया था  

हिमाचल में गरमाई सियासत: धर्मशाला रैली में BJP का शक्ति प्रदर्शन, सुक्खू सरकार पर निशाना साधा

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर भाजपा ने गुरुवार को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से भारी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। भाजपा विधायक दल भी विधानसभा से निकलकर रैली स्थल पहुंचा। ‘राहुल को खुश करने के लिए सुक्खू सरकार अपमान कर रही सनातन को’ – श्रीकांत शर्मा प्रदर्शन में भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार बच्चों को ‘राधे-राधे’ बोलने से रोक रही है और राहुल गांधी को खुश करने के लिए सनातन संस्कृति का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा— “कांग्रेसियों कान खोलकर सुन लो, हिमाचल BJP का था, है और 2027 में फिर भाजपा का होगा। इस बार मोदी के नेतृत्व में हर बूथ पर कमल खिलेगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने जनता को धोखा देकर सत्ता हासिल की, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश को दो बार आपदा राहत के लिए बड़ा पैकेज दिया—पहले 5500 करोड़ और हाल ही में 1500 करोड़ का। भीड़ ने भरी हुंकार, कांग्रेस को ‘झूठी और भ्रष्ट’ बताया जोरावर स्टेडियम भाजपा समर्थकों से खचाखच भरा रहा। भाजपा नेताओं ने इसे हिमाचल में कांग्रेस की “नकम्मी और भ्रष्ट” सरकार के खिलाफ जनाक्रोश बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार लोगों को रैली में आने से रोकने के लिए जगह-जगह नाके लगवा रही है।उन्होंने कहा—“5 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया था, अब पशु मित्र और रोगी मित्र भर्ती कर रहे हैं। यह व्यवस्था परिवर्तन नहीं, सत्ता का पतन है।” ‘हिमाचल में देश की सबसे भ्रष्ट सरकार’ – संजय टंडन भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि सुक्खू सरकार किसी एक भी वादे पर खरी नहीं उतरी।उन्होंने आरोप लगाया कि— “स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और ट्रेजरी बंद किए जा रहे हैं। लोग बेरोजगार हो रहे हैं। यह देश की सबसे निकम्मी सरकार है।” कांगड़ा से सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने भी कहा कि सरकार बुनियादी संस्थान बंद कर रही है, इसलिए इसे हटाना जरूरी है। 28 लाख महिलाओं के 1500-1500 रुपए बकाया: BJP डॉ. बिंदल ने दावा किया कि सरकार ने 28 लाख महिलाओं के 36 महीनों के 1500-1500 रुपए अब तक नहीं दिए हैं।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों पर भी सरकार का 10 हजार करोड़ का बकाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में सरकार ने हस्तक्षेप किया, तो उसकी जिम्मेदारी भी सरकार की ही होगी। ABVP पर हुए लाठीचार्ज की निंदा डॉ. बिंदल ने ABVP कार्यकर्ताओं पर हुए हालिया पुलिस लाठीचार्ज को “लोकतंत्र की हत्या” बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है और भाजपा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। सुक्खू सरकार हर क्षेत्र में फेल: संजीव कटवाल भाजपा महामंत्री संजीव कटवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है— प्रदेश कर्ज में डूबा, लीकर पॉलिसी असफल, हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट ठप, आपदा प्रभावित सहायता की राह देखते रहे। जोरावर स्टेडियम बना पुलिस छावनी भाजपा के बड़े प्रदर्शन को देखते हुए जोरावर स्टेडियम और विधानसभा परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग, कड़ी सुरक्षा प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने से रोका गया। रैली में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग ठाकुर सहित छह सांसद, श्रीकांत शर्मा और सभी भाजपा विधायक मौजूद रहे।

सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को अभ्यास के लिए भी मिलेगा पूरा अवसरः मुख्यमंत्री

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौजवानों का आह्वान किया और कहा कि पीएम मोदी ने देश के हर नौजवान से अपेक्षा की है कि वह किसी न किसी खेल के साथ अवश्य जुड़े, क्योंकि खेलोगे तो खिलोगे। सीएम ने कबड्डी का जिक्र करते हुए कहा कि इस खेल में स्फूर्ति और व्यक्ति के मन में टीम भावना के साथ कार्य करने का जज्बा भी है। हर खेल व खेल संस्कृति टीम वर्क के रूप में कार्य करने की प्रेरणा देती है। भारत के अंदर प्राचीन काल से ही खेल व खेलकूद की प्रतियोगिताओं के प्रति व्यापक जागरूकता रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रीजनल स्टेडियम में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज सप्तम् अखिल भारतीय प्राइजमनी पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता-2025 के विजेताओं को पुरस्कृत किया। जब व्यक्ति शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देगा तो काया निरोगी होगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्म के जितने भी साधन हैं, उन सभी की पूर्ति स्वस्थ शरीर से ही संभव है। स्वस्थ शरीर, निरोगी काया तभी प्राप्त हो सकती है, जब व्यक्ति शारीरिक फिटनेस पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि 11 वर्ष में सभी ने बदलते हुए भारत और पीएम मोदी की प्रेरणा से खेल व खेल संस्कृति के प्रति आम भारतीयों के मन में जो भाव पैदा हुए हैं, उसे मूर्त रूप लेते हुए देखा है। इसके कारण भारत की प्रतिभाएं ओलंपियन, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप में अच्छा पुरस्कार ले रही हैं। खेल व प्रतियोगिताओं के प्रति नई जागरूकता पैदा हुई है। सांसद-विधायक खेलकूद प्रतियोगिताएं हो रही हैं। खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से हर स्तर पर केंद्र स्थापित हो रहे हैं। प्रदेश में बढ़ती दिखाई दे रहीं खेलकूद की गतिविधियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी के अंदर पहले से तीन स्पोट्रस कॉलेज हैं। हमारी सरकार ने तय किया है कि हर कमिश्नरी मुख्यालय पर स्पोट्रस कॉलेज होना चाहिए। हर जिला मुख्यालय पर स्टेडियम और ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण होना चाहिए। इन सुविधाओं को सरकार बढ़ा रही है। गांव-गांव में खेल मैदान, ओपन जिम का निर्माण हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का जो पैसा वित्त आयोग के माध्यम से पंचायतों को जाता है, उसकी प्राथमिकता में खेल मैदान, ओपन जिम, खेलकूद की गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में खेलकूद की गतिविधियां प्रत्येक स्तर पर बढ़ती दिखाई दी हैं। मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल विश्वविद्यालय बन रहा है। इस वर्ष से पहला सत्र प्रारंभ भी हो चुका है। स्टेडियम, इनडोर स्टेडियम, विश्वविद्यालय भवन समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं ओलंपिक, एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के स्टैंडर्ड को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही हैं। 2030 का कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के अहमदाबाद में होने जा रहा है। 12 टीमों के 168 खिलाड़ियों ने किया प्रतिभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सात वर्ष से लगातार इस प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। इस बार 12 टीमों के 168 खिलाड़ी व 24 कोच-मैनेजर ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया है। इस बार राजस्थान, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, विदर्भ, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर रेलवे, भारतीय सेना, जेबी एकेडमी व यूपी की टीम शामिल हैं। सीएम ने विजेता उत्तर प्रदेश की टीम को दी बधाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजेता उत्तर प्रदेश व उपविजेता पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यूपी की टीम इसलिए विजयी हुई, क्योंकि हमने गारंटी दे दी है कि जो भी खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियन में मेडल लेकर आएगा, उसे सीधे सरकारी नौकरी उपलब्ध कराएंगे। खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी, तहसीलदार व अलग-अलग विभागों में अन्य महत्वपूर्ण स्थान भी दिए गए हैं। हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि कोई खिलाड़ी प्रतियोगिता में जाता है तो उस दौरान उसे सर्विस का पार्ट माना जाएगा। सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को अभ्यास के लिए पूरा अवसर भी मिलेगा। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को यूपी सरकार के विभिन्न पदों पर सरकारी नौकरी में समायोजित कर लिया गया है। खिलाड़ियों के लिए प्रदेश में प्रोत्साहन के अच्छे कार्यक्रम भी चल रहे हैं। ओलंपिक, एशियन, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप में खिलाड़ी, टीम, प्रतिभाग व मेडल पर भी पुरस्कार की अलग-अलग राशि घोषित की गई है। खेल से विकसित होता है सहयोग, अनुशासन व जिम्मेदारी का भाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब कबड्डी लीग भी हो रहे हैं। लोगों ने इसे काफी लोकप्रिय माना है। खेलकूद से पूरी टीम जुड़ती है। कबड्डी में हर खिलाड़ी के रेड, टेकल व बोनस प्वाइंट केवल खेल नहीं, बल्कि नए भारत की ऊर्जा का प्रतीक होता है। वह देश की जिस टीम का प्रतिनिधित्व करता है, उसकी ऊर्जा का प्रतीक होता है। हर खेल युवाओं की स्फूर्ति, अटेंशन, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता व आत्मविश्वास को भी विकसित करता है। खेल बताता है कि सफलता सामूहिक प्रयास से मिलती है। खेल से खिलाड़ियों में सहयोग, अनुशासन व जिम्मेदारी का भाव विकसित होता है। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, पूर्व महापौर डॉ. सत्या पांडेय, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह आदि मौजूद रहे।