samacharsecretary.com

भोपाल में 3 दिन से शीतलहर, इंदौर में कड़ाके की ठंड ने बनाया नया रिकॉर्ड

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की सर्दी लगातार बढ़ती जा रही है। ठंड और कोहरे के चलते कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। भोपाल में लगातार तीसरे दिन शीतलहर चली, जबकि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री के नीचे दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C पारा, लगातार तीसरे दिन शीतलहर राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी होने से ठंड और तेज महसूस हो रही है। इंदौर समेत 4 शहरों में कोल्ड डे आज इंदौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और शहडोल संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे की स्थिति रही। इंदौर का तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 8.4 डिग्री, जबकि जबलपुर का न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल में पिछले 3 दिन से शीतलहर चल रही है। सुबह से ही लोग ठंड से बचने के जतन करते नजर आए। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में सीजन की सबसे सर्द रात रही, यहां पारा 9 डिग्री रहा। ग्वालियर में 8.9 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। उमरिया में 5.6 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री, रायसेन में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.8 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री रहा। इसी तरह शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल-सतना में 8.2 डिग्री, दमोह में 8.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.2 डिग्री, खंडवा-सीधी में 9.4 डिग्री और गुना में पारा 9.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विभाग ने आज भी कोल्ड वेव और कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभाग के कई शहरों में कोल्ड डे (ठंडा दिन) की स्थिति है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, सोमवार को इंदौर, शाजापुर, धार-नरसिंहपुर में कोल्ड डे और भोपाल में कोल्ड वेव का अलर्ट है। इससे पहले रविवार को भोपाल-शहडोल में शीतलहर चली। शाजापुर, नरसिंहपुर-बैतूल में कोल्ड डे रहा। इसलिए कड़ाके की ठंड का दौर मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी-बारिश हुई है। यहां से सर्द हवाएं एमपी में आ रही हैं। पिछले 3 दिन से सर्द हवाएं चल रही हैं। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, भोपाल और सागर संभाग में शीतलहर का सबसे ज्यादा असर है। उत्तर से हवाएं सीधे यहां आ रही हैं इसलिए अन्य जिलों की तुलना में यहां सर्दी ज्यादा है। दिन-रात दोनों ही ठंडे हैं। राज्य के प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान     शहडोल (कल्याणपुर) – 4.3°C (MP का सबसे ठंडा स्थान)     पचमढ़ी – 5.4°C     उमरिया – 6.1°C     राजगढ़ – 6.6°C     रीवा – 6.8°C     मलाजखंड – 7.1°C     मंडला – 7.4°C     खजुराहो – 7.8°C     नरसिंहपुर, शिवपुरी, नौगांव – 8°C     छिंदवाड़ा – 8.4°C     रायसेन – 8.6°C     बैतूल – 8.7°C     सतना – 9.3°C     सीधी, दमोह, श्योपुर – 9.4°C  

संकट का असर: IndiGo के शेयर धड़ाम, शेयर बाजार भी लाल निशान में

नई दिल्ली देश के कई हवाई अड्डों पर IndiGo की उड़ानें सामान्य नहीं हो पाई हैं, जिसके कारण देरी और कैंसिलेशन का सिलसिला जारी है. लगातार सातवें दिन बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स रद्द होने का सिलसिला जारी रहा जिसकी वजह से प्रमुख हवाई अड्डों पर IndiGo के यात्री परेशान दिखे. भारत में एयर ट्रैवल के इतिहास में ऐसे संकट का इतना बड़ा स्तर पहले कभी नहीं देखा गया. सोमवार को विभिन्न हवाई अड्डों पर लगभग 300 इंडिगो उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. दिल्ली एयरपोर्ट पर आज 134 फ्लाइट (75 डिपार्चर और 59 अराइवल) रद्द की गईं. वहीं, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 127 उड़ानें रद्द हुईं. अहमदाबाद में 20 और विशाखापत्तनम में 7 उड़ानें रद्द रहीं. मुंबई और कोलकाता सहित अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी भारी अव्यवस्था देखी गई. सुबह 9:30 बजे तक कुल 289 रद्द उड़ानों की पुष्टि हो चुकी थी. दरअसल देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने रविवार को 650 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी थी, हालांकि यह संख्या दो दिन पहले के 1000 से अधिक कैंसिलेशन से कम है. अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित यात्रियों के लिए 610 करोड़ रुपये से अधिक का टिकट रिफंड जारी किया जा चुका है. कंपनी के अनुसार, यह संकट मुख्य रूप से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) नियमों (पायलट आराम पर सरकारी नियम) के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद कॉकपिट क्रू की कमी के कारण शुरू हुआ. इससे बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन हुआ और प्रमुख हवाई अड्डों पर पूरी तरह अराजकता फैल गई.  सरकारी सख्ती और रिफंड पर दबाव इसके बाद सरकार ने हस्तक्षेप किया और नियमों पर रोक लगाई. यह क्राइसिस पूरी तरह कब खत्म होगा इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि 10 दिसंबर तक परिचालन सामान्य हो सकता है. नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन पर हवाई किराए की सीमा तय करने और रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देने सहित कई उपाय किए हैं.  मंत्रालय ने IndiGo को अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद कंपनी ने शनिवार तक 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस कर 3000 सामान यात्रियों तक इसे पहुंचाया है. वहीं इस संकट की उच्च-स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है.  नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी एयरलाइन की है क्योंकि पायलट ड्यूटी के निर्देश एक साल पहले ही जारी किए गए थे. रविवार को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स और जवाबदेह प्रबंधक इसिड्रो पोरक्वेरास को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे (सोमवार शाम 6 बजे तक) का अतिरिक्त समय दिया. दिल्ली एयरपोर्ट की यात्री एडवाइजरी वहीं दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी उड़ानों की ताजा स्थिति चेक कर लें. एयरपोर्ट ने कहा कि उनकी टीमें दिक्कतों को कम करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही हैं. दिल्ली एयरपोर्ट ने अपनी एडवाइजरी में कहा, "IndiGo की उड़ानों में अभी भी देरी हो सकती है. यात्रियों से अनुरोध है कि किसी असुविधा से बचने के लिए हवाई अड्डे आने से पहले अपनी एयरलाइन के साथ ताजा फ्लाइट स्टेट्स को चेक कर लें. हमारी टीम सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि व्यवधान को कम किया जा सके और यात्रियों को सहज यात्रा अनुभव सुनिश्चित किया जा सके. सहायता के लिए, जिसमें मेडिकल सपोर्ट भी शामिल है, कृपया सूचना काउंटर पर जाएं, जहां हमारा ऑन-ग्राउंड स्टाफ मदद के लिए तैयार है. '

फेयरवेल सीरीज में शाकिब अल हसन की वापसी, रिटायरमेंट का फैसला बदलकर खेलेंगे तीनों फॉर्मेट

ढाका     बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन काफी समय से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं. शाकिब ने बांग्लादेश के लिए अपना आखिरी मुकाबला पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर में खेला, जो एक टेस्ट मैच था. भारत दौरे की समाप्ति के बाद शाकिब ने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी, लेकिन उन्होंने वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी. इसी बीच शाकिब अल हसन विवादों एवं कानूनी मुद्दों में फंस गए थे, जिसके बाद वो बांग्लादेश के लिए मैदान पर उतर नहीं पाए. अब शाकिब ने यू-टर्न लेते हुए टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट भी खेलने की इच्छा जताई है. यानी उन्होंने रिटायरमेंट के अपने फैसले को बदल दिया है. शाकिब चाहते हैं कि वो ओडीआई, टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट तीनों फॉर्मेट में बांग्लादेश के लिए आखिरी फेयरवेल सीरीज खेलें और अपने करियर का शानदार ढंग से समाप्त करें. शाकिब ने ये भी बताया कि वो बांग्लादेश में होम फैन्स के सामने अपने करियर की अंतिम सीरीज खेलने की इच्छा रखते हैं. बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत करते हुए शाकिब अल हसन ने बताया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से अधिकारिक रूप से रिटायरमेंट नहीं ली है. वे खुद को फिट रख रहे हैं, ताकि चयन के लिए उपलब्ध रह सकें और आखिरी सीरीज खेल सकें. शाकिब ने कहा, 'मेरी इच्छा है कि बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद रिटायर हो जाऊं. मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूं, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूं. यही मेरी इच्छा है.' शाकिब को बांग्लादेश वापस लौटने की उम्मीद शाकिब अल हसन कहते हैं, 'मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश लौटूंगा. इसीलिए मैं खेल रहा हूं. मैं घरेलू दर्शकों के सामने संन्यास लेना चाहता हूं और मुझे लगता है कि ऐसा होगा. यही एकमात्र कारण है कि मैं खेल रहा हूं. मैं फिट रहना चाहता हूं कि, ताकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उपलब्ध रह सकूं.' बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वो शाकिब अल हसन को किसी भी तरह की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता. यही वजह है कि शाकिब लगभग एक साल से अपने देश नहीं लौट पाए हैं. पिछले साल शाकिब साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी की आशंका के कारण उन्होंने बांग्लादेश वापसी का जोखिम नहीं लिया. वर्तमान हालात को देखते हुए भी उनके जल्द बांग्लादेश लौटने की संभावना बेहद कम है. शानदार रहा है शाकिब का करियर 38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेशी टीम के लिए बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया है. उन्होंने अब तक 71 टेस्ट खेले हैं, जिसमें 37.78 की औसत से 4609 रन बनाए और 246 विकेट अपने नाम किए. शाकिब का वनडे रिकॉर्ड भी बेहद दमदार है, जहां उन्होंने 247 मैचों में 7570 रन बनाए और 317 विकेट हासिल किए. टी20 इंटरनेशनल में शाकिब ने 129 मुकाबले खेले, जिसमें 2551 रन जोड़े और 149 विकेट झटके. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी शाकिब का अनुभव लंबा रहा है.उन्होंने आईपीएल में 71 मैच खेलकर 793 रन बनाए और 63 विकेट चटकाए.

बिना बीप कोई भी फोन कॉल रिकॉर्ड करें

  बेस्ट कॉल रिकार्डर एक पूरी तरह से कस्टमाइज किया जा सकने वाला एस60 सिंबयिन सॉफ़्टवेयर है, इसके द्वारा आपके मोबाइल फोन पर आने वाली और की जाने वाली सभी कॉलें रिकॉर्ड की जा सकती हैं भले ही वह नम्बर आपकी फोन लिस्ट में हो या फिर न हों। यह कॉल रिकार्डिंग साफ्ट्वेयर बहुत ही सरल है। इसके सेटिंग विकल्प बेहद आसानी से समझ में आने वाले हैं। इसमें उपलब्ध महत्वपूर्ण गुण हैं… -इसमें कॉल रिकॉर्ड करते समय बीप की आवाज बंद कर सकते हैं -इसमें स्वतः ही कॉल रिकॉर्ड होने लगती है, बात-चीत कितनी भी लम्बी क्यों न हो, रिकॉर्ड की जा सकती है। -यदि आप फोन मेमोरी इस्तेमाल करते हैं तो आप रिकॉर्ड की गयी कॉल कहां पर सुरक्षित की जायेगी इसे निश्चित कर सकते हैं। -इसमें आप यह सेट कर सकते हैं कि किस नम्बर से आने वाली कॉल को रिकॉर्ड किया जायेगा या फिर आने वाली कॉल ही रिकॉर्ड की जायेंगी या फिर सिर्फ की जाने वाली कॉल ही। -इसका प्रयोग करने पर आपके मोबाइल की बैटरी खर्च होने की दर बहुत ही कम है। -इसका इंटरफेस बेहद सरल और समझ में आने वाला है।  

सीजफायर फेल होने के बाद थाईलैंड का कंबोडिया में सैन्य हमला

बैंकाक  थाईलैंड और कंबोडिया के बीच फिर युद्ध भड़क गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुए सीजफायर के बावजूद थाईलैंड ने एक बार फिर से कंबोडिया की सीमा पर एयर स्ट्राइक किया है. थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विंथाई सुवारी ने सोमवार को कहा कि थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ अपनी विवादित सीमा पर हवाई हमले किए हैं. इससे पहले दोनों देशों ने एक दूसरे पर सीजफायर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.  थाई सेना ने कम्बोडिया बॉर्डर पर F-16 को तैनात कर दिया है और कंबोडिया के बॉर्डर पर हमला कर रही है. थाईलैंड की सेना ने एक बयान में बताया कि उबोन रत्चाथानी प्रांत के सबसे पूर्वी इलाके में दो जगहों पर हुई नई झड़पों में कम से कम एक थाई सैनिक मारा गया और चार घायल हो गए.  यह सीमा विवाद जुलाई में पांच दिन के युद्ध में बदल गया था, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सीजफायर समझौता करवाया था. ट्रंप अक्टूबर में कुआलालंपुर में दोनों देशों के बीच एक बड़े सीजफायर समझौते पर हस्ताक्षर के गवाह बने थे. लेकिन ये सीजफायर दो महीने भी नहीं चला.  थाईलैंड ने कंबोडिया पर भड़काऊ कार्रवाई का आरोप लगाया है. थाईलैंड के प्रमुख अखबार द नेशन ने कहा है कि रॉयल थाई आर्मी के कमांडरों ने कई इलाकों में थाई-कंबोडियाई सीमा पर बढ़ते टकराव की सूचना दी है. थाई सेना ने नियमों के तहत जवाब दिया और नागरिकों को निकालने में मदद के लिए तेज़ी से कदम उठाए.  रविवार (7 दिसंबर) को लगातार लड़ाई के बाद जब कंबोडियाई सैनिकों ने सी सा केट प्रांत के कंथारालक जिले के फू फा लेक-प्लान हिन पैट कोन इलाके में हमला किया.  आज तड़के गोलीबारी, फायरिंग और एयर स्ट्राइक थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विंथाई ने कहा कि सोमवार तड़के उबोन रत्चाथानी प्रांत के नाम युएन जिले के चोंग आन मा इलाके में झड़पें हुईं. कंबोडियाई सैनिकों ने सुबह करीब 5.05 बजे छोटे हथियारों और इनडायरेक्ट-फायर हथियारों से गोलीबारी शुरू की और फायरिंग जारी रखी. रॉयल थाई एयर फोर्स (RTAF) के प्रवक्ता एयर मार्शल जैक्रिट थम्माविचई ने बताया कि यह ऑपरेशन सुरानारी टास्क फ़ोर्स के साथ मिलकर किया गया था. यह कंबोडियाई मिलिट्री की उन कार्रवाइयों के जवाब में था जिनसे थाईलैंड की राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों की सुरक्षा और उस इलाके में काम कर रहे थाई कर्मियों को सीधा खतरा था. थाईलैंड की सेना का दावा है कि कंबोडिया ने भारी हथियार सीमा पर पहुंचा दिए थे. और लड़ाकू यूनिट्स को बॉर्डर पर तैनात कर दिया था. थाईलैंड का दावा है कि ये ऐसी गतिविधियां थीं जो सैन्य ऑपरेशन्स को बढ़ा सकती थीं और थाई सीमा क्षेत्र के लिए खतरा पैदा कर सकती थीं.  इन घटनाक्रमों के कारण हवाई ताकत का इस्तेमाल किया गया ताकि कंबोडिया की सैन्य क्षमताओं को रोका जा सके और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी न्यूनतम स्तर तक कम किया जा सके.  कंबोडिया का दावा वहीं कंबोडिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को थाई सैन्य बलों पर प्रेह विहार प्रांत में सीमा पर कंबोडियाई सैनिकों पर "क्रूर और अमानवीय" हमलों की एक सीरीज़ शुरू करने का आरोप लगाया. कम्बोडिया ने इस घटना को सिर्फ छह हफ्ते पहले साइन किए गए द्विपक्षीय शांति समझौते का गंभीर उल्लंघन बताया.  प्रीह विहार मंदिर पर हमला कंबोडिया की सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल मैली सोचियाटा ने कहा कि हमले 8 दिसंबर को सुबह करीब 5:04 बजे आन सेस इलाके में शुरू हुए, जहां कथित तौर पर थाई सैनिकों ने कंबोडियाई ठिकानों पर गोलीबारी की. बयान के अनुसार, थाई सेना ने बाद में टैमोन थोम मंदिर, प्रीह विहार मंदिर के पास 5 मकारा इलाके और चोमका चेक की ओर टैंक के गोले दागे, जिसे कंबोडिया ने कई दिनों की उकसावे की कार्रवाई के बाद एक समन्वित हमले के रूप में बताया. मंत्रालय ने कहा कि यह हमला थाई सेना द्वारा "कई उकसावे वाली कार्रवाइयों" के बाद हुआ, जिसमें पिछले दिन प्रोरलीन थमार में हुई एक घटना भी शामिल है, जिसके बारे में नोम पेन्ह का मानना ​​है कि इसका मकसद टकराव भड़काना था.  दो अलग-अलग हमलों के बावजूद कंबोडिया ने कहा कि उसकी सेना ने "अधिकतम संयम" बरता और जवाबी गोलीबारी नहीं की और शांतिपूर्ण संघर्ष समाधान और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया.  कंबोडियाई कमांडर स्थिति पर "पूरी सतर्कता और अत्यधिक सावधानी" से नजर रख रहे हैं. ट्रंप ने 45 दिन पहले कराया था सीजफायर  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मात्र 45 दिन पहले ही थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद में सीजफायर कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. यह घटना 2025 में हुई थी. जब जुलाई के अंत में सीमा पर झड़पें हुई. ट्रंप ने 26 जुलाई 2025 को दोनों देशों के नेताओं से बातचीत की और व्यापारिक दबाव की धमकी देकर तत्काल युद्धविराम वार्ता के लिए राजी किया. इसके बाद, 28 जुलाई 2025 से युद्धविराम प्रभावी हो गया. इसकी औपचारिक घोषणा और विस्तारित समझौता 26 अक्टूबर 2025 को मलेशिया के कुआलालंपुर में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ, जहां ट्रंप भी शामिल थे. 

औद्योगिक सुरक्षा बढ़ाने बिहार में BISF का गठन, CISF मॉडल पर आधारित

पटना   बिहार में उद्योग लगाने वालों को अब सुरक्षा के लिए केंद्र की ओर नहीं देखना पड़ेगा. राज्य सरकार खुद एक ऐसी फोर्स बनाने जा रही है, जो हर बड़े उद्योग और निवेशक के लिए सुरक्षा का पर्सनल बॉडीगार्ड बनकर खड़ी रहेगी. राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करने और उद्योगपतियों के भरोसे को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर बिहार इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (BISF) के गठन की योजना तैयार की जा रही है. प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल का कहना है कि यह फोर्स निवेशकों को समर्पित सुरक्षा देगी और उद्योगों में सुरक्षित माहौल तैयार करेगी. क्यों जरूरी हुई BISF? बिहार में लगातार निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं. सरकार औद्योगिक क्लस्टरों का विस्तार कर रही है और देश-विदेश के निवेशकों को आमंत्रित कर रही है. लेकिन लंबे समय से उद्यमियों की एक आम शिकायत रही है—सुरक्षा. उद्योगपतियों ने कई बार कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थायी और सक्षम व्यवस्था की जरूरत है, ताकि निवेश करते समय किसी जोखिम का डर न रहे. इसी कमी को दूर करने के लिए बीआईएसएफ को नए सुरक्षा मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. यह फोर्स न सिर्फ उद्योग परिसर की सुरक्षा करेगी, बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र की निगरानी भी संभालेगी. कैसी होगी नई BISF फोर्स और कैसे करेगी काम? नई बनाई जाने वाली BISF एक विशेषीकृत सुरक्षा इकाई होगी, जो पूरी तरह उद्योगों की सुरक्षा पर केंद्रित रहेगी. इसमें बिहार पुलिस के चुनिंदा और अनुभवी जवानों को शामिल किया जाएगा. नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी के हाथों में होगा, जबकि डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी इस फोर्स का हिस्सा होंगे. इस फोर्स का मुख्यालय किसी प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित करने की योजना है, ताकि त्वरित कार्रवाई और प्रभावी नियंत्रण संभव हो. बीआईएसएफ की तैनाती मांग पर भी की जा सकेगी. चाहे कोई नया उद्योग लगाया जा रहा हो या पुरानी इकाई ही क्यों न हो. 26,000 करोड़ का नया रोडमैप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हालिया बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि बिहार अब देश के अग्रणी निवेश केंद्रों में जगह बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए 26,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. बैठक की जानकारी एक्स पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग विभाग भारत और विदेश के प्रमुख बिजनेस हब में बड़े स्तर पर निवेशक सम्मेलन आयोजित करेगा. उद्देश्य यह है कि टॉप इंडस्ट्रियल ग्रुप बिहार में यूनिट लगाने के लिए प्रेरित हों. BISF का गठन उसी रणनीति का हिस्सा है, एक ऐसा सुरक्षा ढांचा बनाना, जो निवेशकों को बिना किसी भय के उद्योग स्थापित करने का भरोसा दे. उद्योगपति और निवेशक कैसे होंगे लाभान्वित? BISF गठन के बाद राज्य में एक “इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी इकोसिस्टम” खड़ा होगा. उद्यमियों को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी इकाइयों की सुरक्षा के लिए एक समर्पित फोर्स मौजूद है. इससे उद्योग लगाने की इच्छा बढ़ेगी और पुरानी इकाइयां भी विस्तार में दिलचस्पी लेंगी. सुरक्षा की समस्या दूर होने से न सिर्फ बड़े उद्योग आएंगे, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग भी सुरक्षित वातावरण में विकास कर सकेंगे. बिहार का उद्योग पर फोकस राज्य सरकार साफ संदेश दे रही है कि निवेशक बिना डर के आएं, बाकी जिम्मेदारी राज्य संभालेगा, भूमि, सुविधा, सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग. BISF औद्योगिक क्लस्टर और निवेशक सम्मेलनों के जरिए सरकार एक नया औद्योगिक बिहार तैयार करने के मिशन पर है. यह कदम यह भी संकेत देता है कि बिहार अब रोजगार, निवेश और उद्योग के बड़े नक्शे पर अपनी जगह मजबूत करना चाहता है. अगर BISF का मॉडल सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के सबसे तेजी से उभरते औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है.

‘पत्नी और बच्चों को भेजो भारत’—जेडी वेंस के विवादित बयान से अमेरिका में हड़कंप

वाशिंगटन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने बयानों से एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. इस बार फिर से उनकी पत्नी भी निशाने पर हैं. जेडी वेंस ने माइग्रेशन को अमेरिकी ड्रीम की चोरी कह दिया. उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर हो रही आव्रजन प्रक्रिया (इमिग्रेशन प्रोसेस) ने अमेरिकी लोगों के काम करने के मौके छीन लिए हैं. इस पर सोशल जनता भड़क गई. उन पर पाखंड और दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगने लगा. वेंस को जेनोफोबिया का शिकार होने का भी आरोप मढ़ा जाने लगा. उनकी इस टिप्पणी ने एक बार फिर से उनकी हिंदू-भारतीय मूल की पत्नी ऊषा वेंस को लेकर चल रहे विवाद को हवा दे दी, क्योंकि उनकी पत्नी स्वयं प्रवासी माता-पिता की संतान हैं. वेंस लगातार अमेरिका में आ रहे प्रवासियों को अमेरिकी लोगों की नौकरी छीनने का आरोप लगाते रहते हैं. इसी तरह वेंस ने एक बार फिर से एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि मास माइग्रेशन अमेरिकन ड्रीम की चोरी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसके उलट दावे करने वाले शोध, उसी पुराने सिस्टम से फायदा उठाने वाले लोगों द्वारा फंड किए गए हैं. उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. एक यूजर ने वेंस के ट्वीट को कोट करते हुए कहा कि आपको ऊषा, उनकी इंडियन फैमिली और अपने द्विजातीय (बाइरेशियल) बच्चों को भारत भेजना होगा. हवाई जहाज का टिकट खरीदते समय हमें बताएं. आपको खुद उदाहरण पेश करना होगा. इसी तरह की टिप्पणियों से उनके ट्वीट का टाइमलान भर गया.  पहले भी पत्नी पर कमेंट कर विवादों में आए थे वेंस वेंस अपनी पत्नी को लेकर एक कमेंट के बाद विवाद में आए थे. पिछले महीने जेडी वांस ने एक और विवाद छेड़ दिया, जब उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी पत्नी ऊषा, जो हिंदू परिवार में पैदा हुई थीं, एक दिन ईसाई धर्म अपना सकती हैं. उन्होंने TPUSA के समर्थकों से कहा कि ऊषा उनके साथ चर्च जाती हैं और वे सचमुच चाहते हैं कि एक दिन वह उनका ईसाई विश्वास साझा करें. इन बयानों को हिंदू-अमेरिकी समूहों और धार्मिक स्वतंत्रता समर्थकों ने पसंद नहीं किया. बाद में वांस ने स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी का धर्म बदलने का कोई इरादा नहीं है. फिर भी यह सवाल बना हुआ है कि उनका रूढ़िवादी श्वेत-राष्ट्रवादी आधार ऊषा को अमेरिका की सेकंड लेडी के रूप में पूरी तरह स्वीकार करता है या नहीं. उनकी ब्राउन (भारतीय) पहचान को अक्सर निशाना बनाया जाता है, खासकर हाल की H-1B वीजा पर बहस के बाद. इमिग्रेशन पर टफ हैं वेंस जेडी वेंस ने इस तरह की टिप्पणी पहली बार नहीं की है. उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट में भी कहा था कि यह पूरी तरह उचित और स्वीकार्य है कि अमेरिकी लोग ऐसे पड़ोसी नहीं चाहते जिनसे उनका कुछ भी सांस्कृतिक समान न हो, चाहे वह नस्ल, भाषा या त्वचा का रंग हो. वेंस, अपने बॉस डोनाल्ड ट्रंप की तरह, बाइडेन प्रशासन को एक ऐसी इमिग्रेशन प्रणाली के लिए दोषी ठहराते हैं जिसने अमेरिका में विभाजन को बढ़ावा दिया. हालांकि ट्रंप वेंस की बात से इत्तेफाक नहीं रखते दिखते. हाल ही में उन्होंने एच-1बी वीजा को लेकर सकारात्मक बातें की थीं. उन्होंने कहा था कि अमेरिका में वह टैलेंट नहीं है, इसलिए हमें बाहर से लोगों को लाना पड़ेगा.  वहीं वेंस वांस बार-बार दावा करते रहे हैं कि प्रवासी अमेरिकी श्रमिकों की संभावनाओं को नुकसान पहुँचा रहे हैं. मिसिसिप्पी में हुए एक टर्निंग पॉइंट USA कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रवासी अमेरिकी श्रमिकों के वेतन को कम कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने ट्रंप की H-1B वीजा सुधार नीति का बचाव भी किया. ट्रंप ने नए H-1B वीजा धारकों के लिए एक बार में 1 लाख डॉलर शुल्क का ऐलान किया है.  ममदानी ने लोगों से की अपील; ICE अधिकारियों का स्वागत करें लोग वहीं वेंस ने जब न्यूयॉर्क पोस्टे के पॉडकास्ट में पूछा गया कि क्या ट्रंप प्रशासन सभी अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की योजना बना रहा है. इस पर वांस ने कहा कि हम जितने संभव हो सकें, उतनों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं. हाल के दिनों में अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी लगभग घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं. इसकी वजह से लोगों में डर बैठ गया है. इस पर न्यूयॉर्क के मेयर इलेक्ट जोहरान ममदानी ने आवाज उठाई है. उन्होंने लोगों से कहा है कि वे डरें नहीं और ICE अधिकारियों का स्वागत करें और उनसे बात करके मामले को सुलझाएं. 

317 नई महिला कांस्टेबलों ने राजस्थान पुलिस में सेवा की शपथ, भव्य दीक्षांत समारोह सम्पन्न

जयपुर  राजस्थान पुलिस अकादमी में महिला आरक्षी बैच 98 और 99 का भव्य दीक्षांत परेड समारोह आज शानदार माहौल में शुरू हुआ। कार्यक्रम में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। परेड ग्राउंड में जोश, उत्साह और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में कुल 317 महिला कांस्टेबल वतन की सेवा की शपथ ले रही हैं, जिनमें 76 दूरसंचार (टेलीकॉम) कांस्टेबल 241 जनरल ड्यूटी महिला कांस्टेबल आज से आधिकारिक रूप से पुलिस सेवा में शामिल हो रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत डीजीपी के परेड निरीक्षण से हुई। परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई, जिसने समारोह में गर्व और देशभक्ति का माहौल भर दिया। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।समारोह में डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल, RPA निदेशक संजीब कुमार नार्जरी, अतिरिक्त निदेशक शंकर दत्त शर्मा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित हैं। यह दीक्षांत समारोह राजस्थान पुलिस में नारी शक्ति के नए दमखम और नई ऊर्जा का प्रतीक है। महिला शक्ति अब पूरी तैयारी, समर्पण और गर्व के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे बढ़ रही है।

नक्सलियों को बड़ा झटका: रामधेर और 11 साथी सरेंडर, तिहरी राज्यों में कमजोर पड़ा नेटवर्क

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता दर्ज करते हुए CPI (माओवादी) के शीर्ष नेता और केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. यह सरेंडर आज सुबह गांव कुम्ही, थाना बकर कट्टा में किया गया, जहां सभी कैडरों ने हथियार नीचे रखकर पुलिस के सामने खुद को समर्पित किया. इस कदम को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली ढांचे पर निर्णायक प्रहार मान रही हैं, क्योंकि यह पूरा समूह MMC— महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़— स्पेशल जोनल कमेटी का सक्रिय हिस्सा था, जो तीन राज्यों के छह जिलों में अपनी पैठ बनाए हुए था. रामधेर मज्जी द्वारा AK-47 के साथ आत्मसमर्पण किए जाने को नक्सली संगठन की सबसे बड़ी टूट मानी जा रही है. उसके साथ DVCM रैंक के चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम ने भी सरेंडर किया, जिनमें से दो के पास AK-47 और इंसास जैसे हथियार मौजूद थे. इनके अलावा ACM स्तर के नक्सली रामसिंह दादा और सुकेश पोट्टम ने भी हथियार डाले, जबकि क्षेत्रीय महिला मिलिशिया (PM) की लक्ष्मी, शीला, योगिता, कविता और सागर ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया. समूह के पास AK-47, इंसास, SLR, 303 और 30 कार्बाइन जैसे हथियार बरामद हुए हैं. इस सरेंडर ने MMC स्पेशल जोन को लगभग निष्प्रभावी बना दिया है. इससे पहले MMC जोन के प्रवक्ता अनंत गोंदिया में आत्मसमर्पण कर चुका था, जबकि बीते एक दिन में ही बालाघाट में सुरेंद्र सहित नौ अन्य माओवादी हथियार डाल चुके हैं. लगातार हो रही ये सरेंडर श्रृंखलाएं बताती हैं कि नक्सल संगठन की जमीनी पकड़ तेजी से कमजोर हो रही है और सुरक्षा बलों की रणनीति कारगर साबित हो रही है. सभी 12 माओवादी अब पुलिस कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर पूरे ऑपरेशन और नक्सली नेटवर्क से संबंधित विस्तृत खुलासा करने वाली है.

खजुराहो से दो दिन की सरकार, बैठकें और समीक्षा के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री विजयवर्गीय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार और मंगलवार को खजुराहो में अपने मंत्रिमंडल के साथ रहेंगे। वे यहां कैबिनेट बैठक करेंगे और महत्वपूर्ण सरकारी विभागों के काम की समीक्षा करेंगे। सोमवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा से शुरुआत होगी। इसके बाद औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, राजस्व, शहरी विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज संसाधन विभागों की समीक्षा की जाएगी। कैबिनेट की अहम बैठक भी होगी मंगलवार को खजुराहो में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें अहम फैसले लिए जाएंगे। इसी दिन CCIP बैठक भी होगी। मुख्यमंत्री पिछले दो सालों में लोक निर्माण विभाग (PWD) और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) के कामकाज की भी समीक्षा करेंगे। मंगलवार को ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के राजनगर में 'लाडली बहना सम्मेलन' में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक 'लाडली बहनों' के खातों में दिसंबर की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वे कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी करेंगे। ट्रेन में भजन गाकर हुए रवाना खजुराहो रवाना होते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट ने ट्रेन में भजन गाया। आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी। 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा। 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू होगा। सीएम डॉ. यादव आज खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरुआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर को सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी। खजुराहो में इन विभागों और मंत्रियों का होगा रिव्यू     आज खजुराहो में सबसे पहले खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके विभाग की समीक्षा होगी।     11.30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के कामकाज का रिव्यू किया जाएगा।     12 से 12.30 बजे तक पशुपालन और डेयरी विकास विभाग के मंत्री लखन पटेल और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     12.45 बजे से 1.30 नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।     दोपहर बाद 4 से 4.45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा।     दोपहर बाद 4.45 बजे से 5.30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। कल इन विभागों की मीटिंग और कैबिनेट बैठक     नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12.45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा।     12.45 बजे से 1.30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू होगा।     इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन में होंगे शामिल, फॉल विजिट भी करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे। इन मंत्रियों के विभाग भी होंगे रिव्यू 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके विभाग की समीक्षा की जाएगी। दोपहर बाद 4 बजे से 4:45 बजे तक जनजातीय कार्य विभाग और अनुसूचित जाति विकास के मंत्री विजय शाह और नागर सिंह चौहान के कामकाज और विभागीय रिव्यू होगा। दोपहर बाद 4:45 बजे से 5:30 बजे तक एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा। नौ दिसंबर को दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह और विभाग के परफार्मेंस का रिव्यू होगा। 12:45 बजे से 1:30 बजे तक पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके और उनके विभाग का रिव्यू किया जाएगा।