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10 दिसंबर 2023: जानें हर राशि का दैनिक भविष्यफल

मेष राशि- आज आपका आत्मविश्वास और साहस दोनों ही मजबूत बने रहेंगे। पराक्रम का फल साफ दिखाई देगा और रोज़गार में नई तरक्कियों के रास्ते खुलेंगे। सेहत में सुधार रहेगा और मानसिक ऊर्जा भी बढ़ेगी। प्रेम जीवन में स्थिरता बनी रहेगी और संतान पक्ष से संतोष मिलेगा। व्यापार में लगातार नई उपलब्धियां सामने आएंगी और आप एक-एक कदम आगे बढ़ते दिखेंगे। परिवार का सहयोग भी बड़े निर्णयों में काम आएगा। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से व्यावसायिक खुशी मिलने के योग बन रहे हैं। वृषभ राशि- आप आज बहुत विनम्र और सभ्य तरीके से व्यवहार करेंगे, जिससे आपका प्रभाव भी बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति मजबूती की ओर जाएगी और आय में वृद्धि के संकेत हैं। परिवार में कोई नई खुशी या सदस्य आने की संभावना है, जिससे घर का माहौल प्रसन्न रहेगा। सेहत अच्छी रहेगी और प्रेम-संतान का साथ भी सुखद रहेगा। व्यापार वालों के लिए दिन स्थिर और लाभ देने वाला साबित हो सकता है। कार्यों में सहजता बनी रहेगी। मिथुन राशि- आज आपका व्यवहार और सोच दोनों ही सकारात्मक रहेंगे, जिससे लोग आपकी तरफ आकर्षित होंगे। सेहत में पहले से ज्यादा सुधार महसूस होगा। प्रेम-संतान के साथ रिश्तों में मिठास बनी रहेगी। व्यापार में फायदे के अवसर मिलेंगे, साथ ही कुछ अच्छे और समय पर लिए गए निर्णय आगे बड़ी सफलता दिला सकते हैं। आपकी सूझबूझ और निर्णय क्षमता आज काफी मजबूत रहेगी। कर्क राशि- आज खर्चों की अधिकता आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकती है। हालांकि ज्यादातर खर्च शुभ और जरूरी कामों पर होंगे, लेकिन ध्यान न रखने पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। अनावश्यक खर्च आपको कर्ज की स्थिति तक ले जा सकता है, इसलिए थोड़ी सावधानी जरूरी है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन मानसिक थकान महसूस हो सकती है। प्रेम-संतान का साथ अच्छा मिलेगा और व्यापार भी सामान्य रूप से चलता रहेगा। सिंह राशि- आज आपके लिए आय के नए स्रोत बनेंगे। रुका हुआ धन वापस मिलने की प्रबल संभावना है और किसी नए काम या संपर्क से भी पैसे आने के योग बन रहे हैं। यात्रा से शुभ समाचार या लाभ मिल सकता है। समय आपके लिए काफी अनुकूल बन चुका है, जो आपको आगे बढ़ने और नए अवसरों को पकड़ने का मौका देगा। सेहत अच्छी रहेगी, प्रेम-संतान का सहयोग रहेगा और व्यापार में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आज सूर्य देव को जल चढ़ाना आपके लिए विशेष शुभ रहेगा। तुला राशि- आज आपका झुकाव धर्म-कर्म और शुभ कार्यों की ओर रहेगा। प्रोफेशनल सेक्टर में बड़ी सफलता के योग हैं। यदि कोई मामला कोर्ट-कचहरी में चल रहा है तो जीत आपके पक्ष में रहने की पूरी संभावना है। उच्च पदों पर बैठे लोगों से सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा, जिससे आपके अधूरे कार्य पूरे होने लगेंगे। सेहत में सुधार होगा और प्रेम-संतान का सहयोग भी मजबूत रहेगा। व्यापारियों के लिए दिन लाभकारी है। धनु राशि- आपके समय में पहले की तुलना में काफी सुधार हो चुका है। अब आप पुराने जोखिमों से बाहर आ चुके हैं और नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। सेहत मजबूत रहेगी और परिवार में सामंजस्य बना रहेगा। प्रेम-संतान का सहयोग आपके मन को शांत और संतुष्ट रखेगा। व्यापार की गति अच्छी और स्थिर रहेगी, जिससे आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। मकर राशि- आज आपको विशेष सावधानी की जरूरत है। चोट या किसी अनचाही परेशानी का संकेत मिल रहा है, इसलिए कोई भी जोखिम भरा काम न करें। इसके बावजूद सेहत स्थिर रहेगी और प्रेम-संतान की स्थिति भी बढ़िया रहेगी। व्यापार में सकारात्मकता बनी रहेगी और कार्य सामान्य रूप से आगे बढ़ते रहेंगे। कुंभ राशि- आज जीवनसाथी का पूरा सहयोग और स्नेह मिलेगा। रोजगार में तरक्की होगी और नौकरी में आपकी स्थिति और मजबूत होगी। सेहत में सुधार होगा और मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम-संतान की स्थिति संतोषजनक रहेगी। व्यापार में लाभ और स्थिरता दोनों मिलेंगे। कन्या राशि- आज शत्रुओं पर आपका प्रभाव इतना मजबूत रहेगा कि वे भी आपके साथ नरमी से पेश आएंगे। आपमें ज्ञान को समझने और सीखने की ऊर्जा बढ़ेगी। बुजुर्गों का आशीर्वाद आपके हर काम में मदद करेगा। सेहत, प्रेम और व्यापार की स्थिति काफी मजबूत रहेगी, हालांकि हल्का-सा स्वास्थ्य ध्यान मांग सकता है। किसी भी प्रकार का रिस्क लेने से बचें। वृश्चिक राशि- विद्यार्थियों के लिए यह समय बेहद शानदार है। पढ़ाई, लिखाई, क्रिएटिविटी और निर्णय लेने के लिए दिन उत्तम है। लेखक, कवि और रचनात्मक लोग आज अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। सेहत, प्रेम और व्यापार स्थिर और सकारात्मक रहेंगे। मीन राशि- भूमि, भवन या वाहन खरीदने का मजबूत योग बन रहा है। भौतिक सुविधाओं में वृद्धि होगी और परिवार में किसी शुभ कार्यक्रम का संकेत भी मिल रहा है। हालांकि घर में हल्का-सा विवाद हो सकता है, इसलिए संयम रखें। सेहत में सुधार होगा और प्रेम-संतान का सहयोग भी अच्छा मिलेगा। व्यापार में प्रगति दिखेगी। आज गणेश जी को प्रणाम करना शुभ रहेगा।

राहुल पर दुबे का वार: CBI, चुनाव आयोग और UPSC पर कब्जे का लगाया आरोप

नई दिल्ली  संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को चुनाव सुधार पर चर्चा जारी है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान आरएसएस पर देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने जवाब दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जवाब देते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्हें आरएसएस से होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि मैं आरएसएस से हूं और मुझे इस पर गर्व है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण पर तंज कसते हुए कहा, "आए थे हरि भजन को, ओटन लगे कपास। खोदा पहाड़, निकली चुहिया। यह वही कांग्रेस है जो शहीदों की चिताओं पर खड़ी हुई, वही कांग्रेस जिसने भारत को बांटा। आज, राहुल गांधी के बयानों के बाद, मैं उन्हें कांपते और कन्फ्यूज देख सकता था। वे अचानक संविधान की बात करने लगे। मैं अपने साथ 1976 की पूरी बहस लाया हूं, कैसे कांग्रेस ने संविधान को फाड़ दिया, उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है।" कांग्रेस पर तंज कसते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि अपने शासन में एक संशोधन के माध्यम से राष्ट्रपति को कांग्रेस ने रबर स्टांप बना दिया था। राष्ट्रपति का इंस्टीट्यूशन खत्म हो गया। इंदिरा गांधी ने प्रेस की स्वतंत्रता खत्म कर दी और अपने चहेते को देश का सीजेआई बना दिया। कांग्रेस का कार्यकर्ता दस साल तक यूपीएससी जैसी संस्था का चेयरमैन बना रहा। इस देश के पहले चुनाव कमिश्नर को सूडान का एंबेस्डर बना दिया गया। टीएन शेषन को बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार बना दिया गया। कांग्रेस ने अश्विनी कुमार और रंजीत सिन्हा जैसे अधिकारियों को सीबीआई डायरेक्टर बना दिया। कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए निशिकांत दुबे ने आगे कहा कि ये ईवीएम की बात करते हैं। कांग्रेस ही देश में ईवीएम लाई थी। 1961 और 1971 में कहा गया था कि एसआईआर जरूरी है और 1971 में कहा गया कि ईवीएम जरूरी है। अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी भी इसके मेंबर थे। उन्होंने बूथ वाइज काउंटिंग की वकालत की, जिसका विरोध किया गया ताकि गड़बड़झाला कर पाएं। दुबे ने आगे कहा कि पूरे देश में मुसलमान 4 फीसदी बढ़े हैं। लेकिन, बंगाल के 24 परगना में 14 फीसदी मुस्लिम कैसे बढ़े, इसका जवाब कौन देगा? ये आंकड़े 2011 के हैं।

पश्चिम बंगाल बनाम केंद्र: मनरेगा शर्तों पर ममता बनर्जी ने जताया कड़ा विरोध

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 100 दिन की नौकरी योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नए पात्रता मानदंड का विरोध किया। उन्होंने कूचबिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) विरोधी रैली को संबोधित करते हुए इस मामले में केंद्र की नई शर्तों का विरोध करते हुए उनकी मसौदा प्रति भी फाड़ दी। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि कुछ दिन पहले हमें नए श्रम संहिता पर एक नोटिस मिला। केंद्र सरकार ने 100 दिन की रोजगार योजना की पात्रता के लिए नई शर्तें लगाई थीं। मैं ऐसी शर्तों से सहमत नहीं हूं। ये शर्तें अपमानजनक प्रकृति की हैं, इसलिए मैं नोटिस की एक प्रति फाड़ रही हूं। यह मेरे लिए कोई केंद्रीय नोटिस नहीं है, बल्कि यह मेरे लिए बस एक कोरा कागज है। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल सरकार को 100 दिन की नौकरी योजना के लिए केंद्र सरकार से अभी तक 51,617 करोड़ रुपए की धनराशि नहीं मिली है। उन्‍होंने कहा कि मुझे केंद्रीय कोष की परवाह नहीं है। अगर अगले साल विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस सत्ता में वापस आती है तो हम राज्य की अपनी 100 दिन की नौकरी योजना शुरू करेंगे। साथ ही उन्होंने कूचबिहार में जिला तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को अंदरुनी कलह और गुटबाजी से दूर रहने की चेतावनी दी। सीएम ने कहा कि युद्ध के समय सबसे महत्वपूर्ण बात एकजुट रहना है। आप सभी को आम लोगों की सेवा के लिए एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता सूची में अपना नाम बरकरार रखने में आम लोगों को होने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए पूरे राज्य में 'क्या मैं आपकी मदद कर सकती हूं' शिविर चलाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बूथ हर ग्राम पंचायत में स्थापित किए जाएंगे। शिविरों का एकमात्र उद्देश्य लोगों की सहायता करना होगा।

राहुल गांधी का आरोप: संघ देश की हर संस्था पर नियंत्रण चाहता है

नई दिल्ली  संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को चुनाव सुधार पर चर्चा हो रही है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान आरएसएस पर देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "क्या आपने कभी सोचा है कि महात्मा गांधी ने खादी पर इतना जोर क्यों दिया? उन्होंने आजादी की लड़ाई खादी के कॉन्सेप्ट के इर्द-गिर्द क्यों लड़ी? उन्होंने सिर्फ खादी ही क्यों पहनी? यह सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, यह भारत के लोगों की भावना है।" असमिया गमछे से लेकर कांचीपुरम साड़ी तक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारा देश भी एक फैब्रिक की तरह है। देश के सारे धागे एक जैसे हैं। हमारा देश 150 करोड़ लोगों से बना है और सारे धागे एक जैसे हैं। आरएसएस सभी संस्थाओं पर कब्जा करना चाहता है। 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की छाती में तीन गोलियां लगीं। नाथूराम गोड्से ने हमारे राष्ट्रपिता की हत्या कर दी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह असहज करने वाला सच है, लेकिन इसे कहना होगा। सभी लोग जानते हैं कि कैसे भारत के विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलरों की नियुक्ति हो रही है। इससे कोई मतलब नहीं है कि व्यक्ति की योग्यता क्या है, बस उसकी एक योग्यता है कि वह संघ से जुड़ा हो। राहुल गांधी द्वारा आरएसएस पर निशाना साधे जाने के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी से कहा कि आप चुनाव सुधार पर बोलिए, किसी संगठन का नाम मत लीजिए। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम लोग नेता प्रतिपक्ष को सुनने के लिए बैठे हैं, लेकिन अगर वह विषय पर ही नहीं बोलेंगे, तो सबका समय खराब होगा। सत्ता पक्ष की ओर से विरोध जताने पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। शैक्षणिक संस्थाओं पर कब्जा किया जा रहा है। कुलपति की नियुक्ति एक संगठन से जुड़ाव के आधार पर की गई है। संस्था के लोगों ने सीबीआई-ईडी पर कब्जा किया है। चुनाव आयोग पर भी एक संस्था का कब्जा है, जो चुनाव को नियंत्रित करती है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं जो कुछ भी कह रहा हूं, उसके मेरे पास सबूत हैं। भाजपा लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है। सीजेआई को सीईसी की नियुक्ति प्रक्रिया से हटाया गया। 2023 में नियम बदलकर यह प्रावधान किया गया कि किसी भी चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा किया गया। सीसीटीवी और डेटा को लेकर भी नियम बदले गए।

लोकसभा में सुले के तीखे सवाल: महाराष्ट्र के चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को लोकसभा में चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग अब तटस्थ नहीं रह गया है, भ्रष्टाचार और हिंसा को रोकने में नाकाम रहा है, और सिस्टम में मौजूद खामियों को नजरअंदाज कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान सुले ने कहा कि आम जनता का चुनाव आयोग से भरोसा कम हो गया है। लोग मानने लगे हैं कि आयोग अब निष्पक्ष नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग नफरत फैलाने वाले भाषणों को रोकने में असफल रहा और डिजिटल दुनिया में फैल रही झूठी खबरें, डीपफेक और लक्षित प्रचार को रोक नहीं पा रहा। सुले ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति भी राजनीतिक झुकाव वाली होती जा रही है, जिससे संस्था की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है। उनका कहना है कि राजनीतिक पार्टियां रोजाना खर्च की सीमा को तोड़ती हैं और आयोग इससे आंखें मूंद लेता है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि चुनावी गलतियां खासकर शहरी गरीबों, प्रवासियों और हाशिए पर रहने वाले समूहों को प्रभावित करती हैं। उन्होंने वीवीपीएटी सत्यापन प्रक्रिया की भी आलोचना की और कहा कि यह बहुत सीमित और अपारदर्शी है। अधिकारियों के तबादले भी अक्सर राजनीतिक लगाव वाले लगते हैं। सुले ने तंज कसते हुए कहा, "क्या चुनाव आयोग लोकतंत्र की रक्षा करेगा, या लोकतंत्र को खुद अपनी रक्षा करनी पड़ेगी?" सुले ने महाराष्ट्र की हालिया पंचायत चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्थिति बहुत ही गंभीर थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में खुलेआम कैश बांटा गया। उ उन्होंने यह भी कहा कि नामांकन और नाम वापसी में गड़बड़ी की गई, हिंसा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई, वाहनों को तोड़ा गया, बंदूकें दिखाई गईं, और ईवीएम के लॉक तक तोड़े गए। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में कोई चुनाव आयोग नहीं है।" सुले ने साफ किया कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र का तटस्थ रक्षक बनना चाहिए, न कि सरकार का सहायक।

वक्फ विवाद में बड़ा फैसला: गांव पर किया गया दावा खारिज, खंडवा में कार्रवाई तेज

खंडवा  एमपी के खंडवा जिले के सिहाड़ा गांव में मंगलवार को तब हड़कंप मच गया जब प्रशासन ने दरगाह पीर मौजा परिसर के आसपास अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला दिया। इस दौरान 6 थाने की पुलिस मौजूद रही। इससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। दरगाह कमेटी में इस जमीन को वक्फ की बताया था। कमेटी में जिस खसरा नंबर पर दावा किया था वह खसरा पूरे गांव का खसरा था। खसरे के मुताबिक पूरे गांव की जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी बता दिया गया था। इसको लेकर हड़कंप मच गया था। मामले की शुरुआत तब हुई जब सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था। सिहाड़ा ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि हेमंत सिंह चौहान का कहना है कि जिस जगह पर अवैध कब्जा किया गया है। वह सरकारी जमीन है। ग्राम पंचायत ने जमीन पर बाजार बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्राम पंचायत ने फरवरी में संबंधित पक्ष को नोटिस दिया था। कब्जाधारी पक्ष की ओर से कहा गया कि जमीन वक्फ की है आप वहां बाजार नहीं बना सकते हैं। इसके बाद सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने तहसीलदार से गुहार लगाई थी। तहसीलदार की ओर से भी कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बजाए दरगाह कमेटी ने दुकान की जमीन समेत पूरे सिहाड़ा गांव की 14.500 हेक्टयर भूमि (जिस पर गांव बसा है) को वक्फ की बता दिया था। इतना ही नहीं कब्जाधारियों ने पूरे गांव को वक्त की संपत्ति बताकर भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील तक कर दी थी। इधर जिस रकबे पर पूरा गांव बसा है उसे वक्फ का बताए जाने को लेकर सिहाड़ा के लोगों में खलबली मच गई थी। हालांकि समिति ने बाद में कहा कि देखिए जी खसरा नंबर में टाइपो एरर होने के चलते यह स्थिति बन गई है। फिर वक्फ ट्रिब्यूनल में सुनवाई शुरू हो गई। वक्फ ट्रिब्यूनल ने ग्राम पंचायत को नोटिस जारी किया था। साथ ही वक्फ बोर्ड से भी दावे के पक्ष में दस्तावेज मांगे थे। वक्फ बोर्ड को इसके लिए टाइम दिया गया था। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने भी अपने अधिवक्ता के माध्यम से गांव का पक्ष रखा। आखिरकार ट्रिब्यूनल का फैसला आया और उसने कब्जाधारियों के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वक्फ बोर्ड ने निर्धारित समय में अपने दावे के पक्ष में जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए हैं इसलिए उनका दावा खारिज किया जाता है। ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया था। फैसला आते ही प्रशासन का अमला पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध कब्जे के खिलाफ ऐक्शन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि फैसले के बाद दरगाह पीर मौजा परिसर के आसपास का अतिक्रमण हटाया गया। दरगाह पीर मौज परिसर में दुकान तक बना दी गई गई थी जिसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। एक शौचालय और तार फेंसिंग को भी बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया। बताया जाता है कि दरगाह परिसर में ही सामुदायिक भवन था। गौर करने वाली बात यह कि इस सामुदायिक भवन में मदरसा चलाया जा रहा था। प्रशासन के ऐक्शन के बाद मदरसे का संचालन बंद करा दिया गया है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने बताया कि ग्राम सिहाड़ा में कुछ लोगों ने सरकार की जमीन को वक्फ की संपत्ति बता कर अवैत तरीके से कब्जा कर लिया था। दुकान बना ली गई थी। प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर अवैध कब्जों को हटा दिया है। दरगाह क्षेत्र से पूरे अतिक्रमण को हटा दिया गया है। 

हिसार एयरपोर्ट से अब ज्यादा उड़ानें! विंटर शेड्यूल में बढ़ी फ्लाइट संख्या

हिसार हरियाणा के हिसार हवाई अड्डे को देश के हवाई नेटवर्क में और मजबूत बनाने की तैयारी चल रही है। इस साल 26 अक्टूबर 2025 से 28 मार्च 2026 तक चलने वाले विंटर सीजन में हिसार में उड़ानों की संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग 6% बढ़ाई जाएगी। हालांकि नया फ्लाइट शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है।  नए शेड्यूल के लागू होने से हिसार हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे यात्रियों को अन्य शहरों के लिए सीधी उड़ानें मिलेंगी और एयरलाइंस को नए रूट पर ऑपरेशन करने का अवसर मिलेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे शहरों को ग्लोबल एविएशन हब बनने में मदद मिलेगी।  महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट में नया विंटर शेड्यूल 26 नवंबर से लागू हुआ है। इसके तहत हिसार-जयपुर, हिसार-अयोध्या और हिसार-दिल्ली फ्लाइट अब सप्ताह में दो बार संचालित होंगी। वहीं हिसार-चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन उड़ान भरेगी। पहले हिसार-अयोध्या, हिसार-दिल्ली और हिसार-जयपुर फ्लाइट केवल सप्ताह में एक दिन ही उड़ान भरती थीं। चंडीगढ़ फ्लाइट सप्ताह में दो दिन यानी बुधवार और शनिवार उड़ान भरती थी। फिलहाल हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए नई फ्लाइट शुरू करने की योजना नहीं बनाई गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, नया शेड्यूल एयरलाइंस के रीजनल कनेक्टिविटी विस्तार और टियर-2 व टियर-3 शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी पर केंद्रित है। हिसार, अमरावती, पूर्णिया और रूपसी के जुड़ने से स्थानीय और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। देशभर के 126 हवाई अड्डों से कुल 26,495 साप्ताहिक उड़ानों को मंजूरी दी गई है। ग्रीष्मकालीन अनुसूची 2025 में 129 हवाई अड्डों से 25,610 उड़ानों का संचालन हुआ था। हिसार और अमरावती जैसे नए हवाई अड्डे रीजनल कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाते हैं। वहीं सर्दियों के मौसम में अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट, भावनगर, लुधियाना, पाकयोंग और श्रावस्ती हवाई अड्डों पर फ्लाइट संचालन स्थगित कर दिया गया है।

Diljit Dosanjh की शूटिंग के दौरान हुआ पंगा, माहौल गरमाया… पंजाब पुलिस की बड़ी तैनाती

पंजाब  दिलजीत दोसांझ को लेकर इस समय की बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार पटियाला में दिलजीत दोसांझ की एक फिल्म की शूटिंग चल रही थी। इस दौरान वहां पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला है। इस दौरान लोगों ने बाजार में चल रही शूटिंग का विरोध किया।    बताया जा रहा है कि, शूटिंग के दौरान पटियाला के बाजार में उर्दू भाषा से लिखे बोर्ड दुकानों के बाहर लगा दिए गए, जिससे दुकानदारों में रोष पाया गया। फिल्म में पाकिस्तानी बाजार के सीने फिलमाया जा रहा था। जब मौके पर दुकानदार वहां पर पहुंचे तो देखकर हैरान रह गए। दुकानदारों का कहना है कि उनसे बिना पूछे और उन्हें बताए उनकी दुकानों के बाहर उर्दू भाषा में लिखे बोर्ड लगाए गए हैं। दुकानदारों ने कहा कि, किसी ने यहां पर शूटिंग की हमसे परमिशन नहीं ली थी। ये दुकानें हमारी प्राइवेट प्रापर्टी है। शूटिंग की सूचना किसी ने नहीं दी। दुकानदारों ने बताया कि जैसे वह सुबह 9 बजे दुकानें खोलने के लिए पहुंचे तो उन्हें दुकाने खोलने से भी रोक दिया गया। इस दौरान वहां थाना कोतवाली की पुलिस ने बैरेकेडिंग कर दी गई। पुलिस ने दुकानदारों को रोकर कहा कि यहां पर अभी शूटिंग चल रही है। यही नहीं दुकानदारों के बोर्ड भी फाड़े गए थे। बता दें कि इस हंगाम के दौरान दिलजीत दोसांझ भी कैमरे में कैद हो गए। दिलजीत दोसांझ ने शूटिंग पूरी की और वहां अभी निकल गए। 

परीक्षा पे चर्चा 2026: छात्रों के लिए गोल्डन चांस, रजिस्ट्रेशन ओपन—जानें पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली  भारत सरकार द्वारा परीक्षा पे चर्चा (Pariksha PE Charcha 2026) के 9वें एडिशन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 1 दिसंबर से प्रारंभ कर दी गई है। छात्र, अभिभावक और शिक्षक सभी इस कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन माध्यम से innovateindia1.mygov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण (PPC 2026 Registration) कर सकते हैं। इसके अलावा, पेज पर उपलब्ध डायरेक्ट लिंक की मदद से भी आसानी से आवेदन किया जा सकता है। PPC 2026 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 तय की गई है। मोबाइल नंबर या ईमेल आवश्यक परीक्षा पे चर्चा 2026 में भाग लेने के लिए पंजीकरण करते समय छात्रों को मोबाइल नंबर या ईमेल ID में से किसी एक की आवश्यकता होगी। इस वर्ष पहली बार Digilocker लॉगिन के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे प्रक्रिया और सरल हो गई है।       सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट innovateindia1.mygov.in पर जाएं।     होम पेज पर Participate Now विकल्प चुनें।     अपनी श्रेणी Student (Self Participation), Student (Participation through Teacher Login), Teacher या Parent में से किसी एक का चयन करें और दिए गए विकल्प Click to Participate पर क्लिक करें।     अब अपना पूरा नाम, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी दर्ज कर पंजीकरण करें।     आगे की आवश्यक जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा कर लें। पिछले वर्ष बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड परीक्षा पे चर्चा देशभर में अत्यंत लोकप्रिय कार्यक्रम है। वर्ष 2025 में 3.53 करोड़ प्रतिभागियों ने PPC में रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता दी गई। इस बार PPC 2026 फिर से लौट आया है ताकि विद्यार्थियों में आनंददायक शिक्षा और तनाव-मुक्त परीक्षाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। छात्रों को मिलेगा PM से सवाल पूछने का अवसर वर्ष 2025 में तीन करोड़ से अधिक लोगों ने परीक्षा पे चर्चा में भाग लिया था। इस बार भी निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रधानमंत्री से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिलेगा। साथ ही, छात्र, शिक्षक और अभिभावक पीएम के साथ सीधे संवाद कर सकेंगे। इसके अलावा दस शीर्ष “एग्जाम वॉरियर्स” को पीएम आवास में प्रधानमंत्री से मुलाकात का विशेष मौका भी मिलेगा। वर्ष 2018 से शुरू हुई यह पहल अब अपने नौवें संस्करण तक पहुंच चुकी है।

सांस्कृतिक मिलन का महाकुंभ: प्रवासी राजस्थानी दिवस पर जुड़ेगी वैश्विक राजस्थानियों की ताकत

जयपुर  एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की होगी ग्राउंड ब्रेकिंग जयपुर,। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित किए जा रहे ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ कार्यक्रम में देश-विदेश में बसे प्रवासी राजस्थानी शामिल होंगे। 8,700 से अधिक लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। 10 दिसम्बर को जेईसीसी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग होगी। साथ ही, प्रवासी राजस्थानी नीति के साथ ही निवेश प्रोत्साहन से जुड़ी नीतियों का अनावरण भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय बिजली, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ सहित अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे। साथ ही, वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और टाटा पावर के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा सहित कई उद्योगपति भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रवासियों का सम्मान, सेक्टोरल सेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे इस एक दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे उद्घाटन सत्र के साथ होगी। इसके बाद प्रवासी राजस्थानी संवाद और उद्योग, ऊर्जा, जल, खान, शिक्षा, पर्यटन तथा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित सेक्टोरल सेशन होंगे। इन विशेष सत्रों में विविध विषयों पर होने वाले सेक्टोरल सत्रों में विशेषज्ञ राजस्थान के बदलते औद्योगिक एवं निवेश परिवेश और जुड़ाव की संभावनाओं पर विचार इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रवासी राजस्थानी सम्मान भी दिया जाएगा। इसके साथ ही, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखेगी। 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे कार्यक्रम में सभी 26 राजस्थान चैप्टर के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसमें 12 अंतरराष्ट्रीय चैप्टर हैं, जिसमें म्यूनिख (जर्मनी), नैरोबी (केन्या), दुबई (यूएई), सिंगापुर (सिंगापुर), दोहा (कतर), टोक्यो (जापान), रियाद (सऊदी अरब), मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), कंपाला (युगांडा), काठमांडू (नेपाल), लंदन (यूके), न्यूयॉर्क (यूएसए) शामिल हैं। साथ ही, 14 चैप्टर घरेलू हैं, जिसमें दिल्ली, रांची, गुवाहाटी, पुणे, भुवनेश्वर, मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, बेंगलुरु, हैदराबाद, इंदौर, कोलकाता और कोयम्बटूर शामिल हैं। लगातर धरातल पर उतरता निवेश, 10 से अधिक नई नीतियां लॉन्च होंगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राइजिंग राजस्थान में कुल 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए थे, उनमें से 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। 10 दिसम्बर को एक लाख रुपये निवेश समझौतों की ग्राउंड ब्रेकिंग के साथ ही यह आंकड़ा 8 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। साथ ही, प्रदेश को बेहतरीन निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में लिए जा रहे नीतिगत फैसलों के क्रम 10 से अधिक नई नीतियों का भी अनावरण किया जाएगा। इसमें प्रवासी राजस्थानी नीति भी शामिल है। विकास यात्रा का प्रगति पथ कार्यक्रम स्थल पर प्रवासियों और उद्योगपतियों को राजस्थान के विकास से अवगत कराने के लिए प्रगति पथ थीम पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित पैनल और वीडियो फिल्म प्रदर्शित की जाएंगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा से अवगत कराना है ताकि वे ‘बढ़ता राजस्थान- हमारा राजस्थान’ भाव के साथ अच्छी यादें लेकर लौटें। प्रवासियों से संवाद-सहयोग के लिए अहम निर्णय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रवासी राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच बेहतर संवाद और सहयोग स्थापित करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। सभी प्रवासियों को एक मंच पर लाने के लिए राजस्थानी दिवस की घोषणा, उनके हितों की रक्षा के लिए नए विभाग का गठन, नई प्रवासी राजस्थानी नीति जैसे निर्णय शामिल हैं। प्रवासी राजस्थानियों के परिवारजन के लिए प्रदेश के हर जिले में सिंगल प्वॉइंट कॉन्टेक्ट बनाया गया है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में अतिरिक्त जिला कलक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पहला प्रवासी राजस्थानी दिवस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले साल राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट की प्रवासी राजस्थानी कॉन्क्लेव में 10 दिसम्बर को हर वर्ष प्रवासी राजस्थानी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस कड़ी में पहला प्रवासी दिवस आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थानी डायस्पोरा को साथ लाना और प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ता है। इसकी पूर्व गतिविधियों के रूप में हैदराबाद, सूरत एवं कोलकाता में प्री मीट का आयोजन किया जा चुका है। साथ ही, पर्यटन प्री मीट का भी आयोजन किया गया है।