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कृषि यंत्रों पर अनुदान देकर किसानों को सशक्त कर रही योगी सरकार

किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है बुकिंग पारदर्शिता पूर्ण ई-लॉटरी के माध्यम से कृषकों को मिलता है कृषि यंत्रों का लाभ  प्रदेश में 5000 से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित, हजारों किसानों को हुआ लाभ लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्रों का लाभ देती है। किसानों को पारदर्शिता से इसका लाभ मिले, इसके लिए सभी 75 जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कृषि विभाग द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन भी किया जाता है। यह प्रक्रिया सभी जनपदों में समान रूप से चलती है। प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों की बुकिंग तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल (ऑइलसीड) योजना के अंतर्गत मिनी ऑइल मिल एक्स्ट्रैक्सन यूनिट एवं तिरपाल की बुकिंग किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है। इसका पारदर्शी पूर्ण चयन ई-लाटरी के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा कराया जाएगा। 2.31 लाख से अधिक कृषि यंत्रों का किया जा चुका वितरण  कृषि यंत्रों के वितरण के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में 2017-18 से 2024-25 तक कुल 2,31,012 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर व 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक की स्थापना कराई जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 8531 कृषि यंत्र व 82 फार्म मशीनरी बैंक के बिल पोर्टल पर अपलोड कराए जा चुके हैं।  चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि की जाती है वापस  ई लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित कृषकों को भी सूचित किया जाता है। ई लॉटरी में चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनायें किसान हित में पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले। कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें।

हिंदुस्तान जिंक की बड़ी पहल: राजस्थान तेजी से उभर रहा है ‘क्रिटिकल मिनरल्स हब’

जयपुर हिंदुस्तान जिंक, जो वेदांता ग्रुप की कंपनी है, राजस्थान में तेजी से विकास और रोजगार बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। कंपनी राज्य में पाँच खदानें और तीन स्मेल्टर चलाती है, जिससे राजस्थान देश का महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल्स केंद्र बनता जा रहा है। पिछले 10 सालों में हिंदुस्तान जिंक ने राजस्थान सरकार को ₹35,865 करोड़ दिए हैं। सिर्फ वित्त वर्ष 2025 में ही कंपनी का योगदान ₹5,145 करोड़ रहा, यानी हर दिन लगभग ₹10 करोड़ राज्य की आर्थिक प्रणाली में जुड़ रहा है। कंपनी राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी वैल्यू बना रही है और पिछले दस वर्षों में कुल ₹1,52,992 करोड़ का योगदान दिया है। अपनी नई रणनीति HZL 2.0 के तहत कंपनी सिर्फ जिंक और चांदी ही नहीं, बल्कि कई तरह के महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन पर काम कर रही है। 2002 से कंपनी का उत्पादन काफी बढ़ा है—जिंक उत्पादन 2 लाख टन से बढ़कर 1 मिलियन टन से ज्यादा हो गया है। चांदी का उत्पादन भी 20 गुना बढ़ा है, जो सोलर और क्लीन एनर्जी के लिए बहुत जरूरी है। कंपनी को लगातार तीसरे साल दुनिया की सबसे सस्टेनेबल माइनिंग कंपनी का सम्मान मिला है और यह ICMM की सदस्य बनने वाली पहली भारतीय कंपनी है। सामाजिक विकास में भी कंपनी सक्रिय है। 2016 से अब तक कंपनी ने ₹1,750 करोड़ समुदाय विकास में लगाए हैं, जिससे 2.3 मिलियन लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण और खेलों के जरिए मदद मिली है। कंपनी ने हाल ही में 23 ट्रांसजेंडर प्रोफेशनल्स को भी अपनी टीम में शामिल किया है। आने वाले समय में रामपुरा-आगुचा में 250 KTPA मेटल्स कॉम्प्लेक्स और देश के पहले 10 MTPA टेलिंग रीप्रोसेसिंग प्लांट जैसे बड़े निवेश होने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से राजस्थान का औद्योगिक और आर्थिक विकास और तेज होने की उम्मीद है।

कोहरे ने रोकी रफ्तार: रेल विभाग ने बदले कई ट्रेनों के टाइम-टेबल

फिरोजपुर  उत्तर भारत में शुरू हो चुके कोहरे के मौसम के मद्देनजर रेल विभाग ने कई रेलगाड़ियों की समयसारिणी में परिवर्तन कर दिया है। समयसारिणी की तबदीली वाली गाड़ियों में छहरर्टा-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रैस, सहारनपुर-मोरादाबाद मैमू, देहरादून-अमृतसर एक्सप्रैस, दरभंगा-जालंधर सिटी अन्तोदया एक्सप्रैस, गौरखपुर-अमृतसर सुपरफास्ट एक्सप्रैस, कानुपर सैंट्रल-जमूतवी एक्सप्रैस शामिल हैं।  विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार छहरर्टा-सहरसा अमृत भारत एक्सप्रैस का सहारनपुर से रवाना होने का समय सुबह 5:05 बजे रहेगा जबकि यह गाड़ी अब रूढ़की सुबह 5:52 बजे की बजाय 6:01 बजे पहुंचा करेगी।   सहारनपुर-मोरादाबाद मैमू सहारनपुर से अपने पुराने समय सुबह 4:25 बजे बजाय 20 मिनट एडवांस 4:05 बजे निकला करेगी और इसका अपने गंत्तव्य मोरादाबाद पहुंचने का समय 9:40 होगा। देहरादून-अमृतसर एक्सप्रैस को लकशन जंकशन से पुराने समय रात 11:00 बजे की बजाय 11:05 बजे चलाया जाएगा जो सहारनपुर अपने पुराने समय मध्यरात्रि 12:10 बजे की बजाय 12:15 पर पहुंचा करेगी।   दरभंगा-जालंधर सिटी अन्तोदया एक्सप्रैस सीतापुर जंकशन से 4:18 बजे की बजाय सायं 4:48 पर चला करेगी और यह गाड़ी सहारनपुर जंकशन से मध्यरात्रि 12:35 बजे की बजाय 12:40 पर चला करेगी। गौरखपुर-अमृतसर सुपरफास्ट एक्सप्रैस सीतापुर जंकशन से सायं 4:18 बजे की बजाय 4:58 पर चला करेगी और इसका सहारनपुर जंकशन से चलने का समय मध्यरात्रि 12:35 की बजाय 12:40 बजे होगा। कानुपर सैंट्रल-जमूतवी एक्सप्रैस का शाहजहांपुर से चलने का समय सायं 6:15 की बजाय 6:25 कर दिया गया है जो मध्यरात्रि 12:35 की बजाय 12:40 बजे सहारनपुर से चला करेगी। टाटानगर-अमृतसर जलियांवाला बाग एक्सप्रैस बरेली स्टेशन से सायं 7:12 बजे की बजाय 7:22 बजे चला करेगी और सहारनपुर से इस गाड़ी के चलने का समय मध्यरात्रि 12:35 की बजाय 12:40 कर दिया गया है।

सीएम योगी की अध्यक्षता में होगा एमपीएसपी के संस्थापक सप्ताह समारोह मुख्य महोत्सव

मुख्य अतिथि होंगे उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह बुधवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम परिसर में होगा मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष पर केंद्रित पुस्तक का भी होगा विमोचन श्रेष्ठतम संस्था, परिचारक, कर्मचारी, शिक्षक और विद्यार्थियों के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता होंगे पुरस्कृत गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी)  के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव (समापन कार्यक्रम) बुधवार (10 दिसंबर) को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) आरोग्यधाम, बालापार रोड के परिसर में भव्यतापूर्वक होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह शामिल होंगे। समारोह में उत्कृष्टता के आधार पर एमपी शिक्षा परिषद की संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और संस्थापक सप्ताह समारोह के तहत आयोजित विविध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी, पदक व नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी होगा। मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार प्रातः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगा।  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह के मुख्य महोत्सव में सप्ताह भर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों पुरस्कृत होंगी। इस दौरान करीब 750 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। संस्थापक समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. यूपी सिंह पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। इस पुस्तक ‘जीवन के साधना पथ का गृहस्थ सन्यासी प्रो. उदय प्रताप सिंह एवं जीवन मूल्य’ का प्रकाशन प्लाक्षा प्रकाशन ने किया है। दिग्विजयनाथ बालिका कन्या इंटर कॉलेज को मिलेगा श्रेष्ठतम संस्था का पुरस्कार महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक समारोह के समापन अवसर पर श्रेष्ठतम संस्था का महायोगी श्री गोरक्षनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज चौक बाजार महराजगंज को मिलेगा। श्रेष्ठतम परिचारक के लिए ब्रह्मलीन महंत गोपालनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार महराजगंज के रमाकांत को, श्रेष्ठतम कर्मचारी के लिए योगिराज बाबा ब्रह्मनाथ स्वर्ण पदक एमपी कन्या इंटर कॉलेज रमदत्तपुर के अश्वनी कुमार गुप्ता को, श्रेष्ठतम शिक्षक के लिए योगिराज बाबा गंभीरनाथ स्वर्ण पदक महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसढ़ की शिप्रा सिंह को प्राप्त होगा।  श्रेष्ठतम विद्यार्थी और स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में स्नातकोत्तर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के एमएससी बॉयोटेक के शिवम पांडेय को, स्नातक के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की बीएससी बॉयोटेक की आकृति को तथा हाईस्कूल-इंटर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी का महाराणा मेवाड़ स्वर्ण पदक एमपी बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस की प्रज्ञा कुशवाहा को प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर विविध स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे। समारोह में कुल 750 विद्यार्थी पुरस्कृत किए जाएंगे।

टुकड़े-टुकड़े होने की आशंका! विशेषज्ञ बोले—पाकिस्तान फिर चला 1971 वाले रास्ते पर

इस्लामाबाद  पाकिस्तान एक बार फिर विभाजन के मुहाने पर खड़ा दिख रहा है। 1971 में बांग्लादेश बनकर टूट चुका पाकिस्तान अब अपनी ही जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने की तैयारी कर रहा है। इसे शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की हाइब्रिड सरकार “प्रशासनिक सुधार” बता रही है, लेकिन देश के भीतर और बाहर के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह कदम पाकिस्तान की पहले से हिलती नींव को और कमजोर कर देगा। IPP नेता का बड़ा ऐलान- 3 हिस्सों में बांटेंगे !  पाकिस्तान के संचार मंत्री और IPP नेता अब्दुल अलीम खान ने खुलकर कहा कि “छोटे प्रांत बनना निश्चित है।” उन्होंने ऐलान किया कि सिंध, पंजाब, KP और बलूचिस्तान-हर प्रांत को तीन-तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। उन्होंने एशिया के दूसरे देशों का हवाला देकर कहा कि छोटे राज्य बेहतर प्रशासन देते हैं। लेकिन पाकिस्तान में इसे “शासन नहीं, सत्ता को बांटने की नई साजिश” माना जा रहा है।   1971 की परछाई फिर लौटी आजादी के समय पाकिस्तान में पाँच प्रांत थे ईस्ट बंगाल, वेस्ट पंजाब, सिंध, NWFP और बलूचिस्तान। 1971 में ईस्ट बंगाल बांग्लादेश बन गया, पाकिस्तान आधा रह गया। अब फिर से पाकिस्तान में विभाजन की चर्चा है लेकिन इस बार खुद सरकार की मर्जी से। पाकिस्तान का आधा हिस्सा पहले ही संकट में है । बलूचिस्तान में अलगाववाद चरम पर, KP में TTP की हिंसा अनियंत्रित, सेना और सरकार पूरी तरह असफल, और उस बीच प्रांतों के नए टुकड़े करने की घोषणा ! एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कदम बलूच विद्रोह और पख्तून असंतोष को और भड़काएगा। थिंक टैंक्स की कड़ी चेतावनी सिंध की सबसे बड़ी पार्टी PPP ने ऐलान कर दिया है कि वह सिंध के विभाजन के खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेगी। मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा कि “सिंध को बांटने की कोई कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी।”यानी शहबाज-मुनीर सरकार का यह फैसला देश के भीतर नया गृहयुद्ध भी खड़ा कर सकता है। पूर्व टॉप ब्यूरोक्रेट सैयद अख्तर अली शाह ने इसे “खतरनाक प्रयोग” बताते हुए कहा-“पाकिस्तान की समस्या प्रांत कम होना नहीं, शासन पूरी तरह फेल होना है।” उन्होंने याद दिलाया कि अय्यूब खान के ‘दो प्रांत मॉडल’ और ‘बेसिक डेमोक्रेसी’ सिस्टम ने पाकिस्तान को और बर्बाद किया था। थिंक टैंक PILDAT के चीफ अहमद बिलाल महबूब ने कहा-“नए प्रांत बनाना महंगा, जटिल और राजनीतिक रूप से विस्फोटक कदम है।” उनका कहना है कि असल समस्या है …     कमजोर संस्थाएँ     ग़ायब लोकल गवर्नेंस     खराब कानून-व्यवस्था     सेना का राजनीतिक हस्तक्षेप     इनसे निपटे बिना प्रांत बढ़ाना केवल “नई अव्यवस्था” पैदा करेगा।     पाकिस्तान की जनता पूछ रही-टूटते देश को और क्यों तोड़ रहे हो?     देश में महंगाई, आतंकवाद, बेरोजगारी, आर्थिक गिरावट अपने चरम पर है।     ऐसे में प्रांतों के टुकड़े करने की घोषणा ने जनता में गुस्सा बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं-“कंगाल पाकिस्तान को और टुकड़ों में बांटने की जरूरत क्यों? पहले सरकार और सेना अपनी नाकामी सुधारें।” एक्सपर्ट्स की चेतावनी-“बंटवारा हुआ तो संभाल नहीं पाओगे।” सभी विशेषज्ञ एक आवाज़ में कह रहे हैं कि अगर पाकिस्तान ने यह फैसला लागू किया और पहले से जले हुए बलूचिस्तान व KP में नए प्रशासनिक नक्शे थोपे गए,तो अलग राष्ट्रों की मांग खुलकर फट सकती है। मुनीर-शहबाज सरकार इसे ‘सुधार’ बता रही है,लेकिन विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान का एक और आने वाला 1971 बता रहे हैं।  

ओडिशा में तनाव चरम पर: 150 घर जलाए, इंटरनेट बंद, भारी फोर्स तैनात

मलकानगिरी  ओडिशा के मलकानगिरी जिले में सोमवार तड़के बड़ी हिंसा भड़क गई, जब हथियारबंद आदिवासी भीड़ ने बांग्लादेशी मूल के लोगों के एमवी-26 गांव पर हमला कर दिया और करीब 150 घरों को आग के हवाले कर दिया। यह हमला एक लापता आदिवासी महिला लेक पदियामी (51) का सिर कटा शव मिलने के बाद हुआ। महिला का शव पास के राखलगुडा गांव में नदी किनारे मिला था, जिसके बाद स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिशें घटना के बाद जिला प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी और शाम 6 बजे से पूरे जिले में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएँ निलंबित कर दी हैं। प्रशासन ने संभावित प्रतिक्रियाओं को रोकने के लिए पुलिस की 8 प्लाटून और बीएसएफ की दो प्लाटून तैनात की हैं। मलकानगिरी पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। DIG (दक्षिण-पश्चिमी) कंवर विशाल सिंह, डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सोमेश कुमार उपाध्याय और एसपी विनोद पाटिल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर दोनों समूहों के साथ बैठक की। पुलिस ने एमवी-26 गांव में हमले के मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कई लोग फरार बताए जा रहे हैं। आदिवासी संगठनों की मांग आदिवासी संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और महिला के कटे सिर की तलाश करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एमवी-26 गांव के सुका रंजन मंडल ने संपत्ति विवाद के चलते महिला की हत्या की। इसके बाद हजारों की भीड़ हथियारों के साथ एमवी-25 इलाके में जमा हो गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। हिंसक भीड़ ने एमवी-26 और राखलगुडा गांव में तोड़फोड़ की और घरों व घास के ढेर में आग लगा दी। इससे दोनों समुदायों के बीच तनाव और बढ़ गया। जिले में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि व्यवस्था नियंत्रण में है। एसपी विनोद पाटिल ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।  

लद्दाख कनेक्टिविटी को मिली रफ़्तार! मनाली–लेह रूट पर बने चार आधुनिक पुलों की तारीफ़ करती दिखीं कंगना रनौत

शिमला भाजपा की सांसद कंगना रनौत ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए किए जा रहे निरंतर विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र ने हमेशा हिमाचल की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को सशक्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की सड़के प्रदेश की जीवन रेखा हैं और केंद्र सरकार द्वारा सड़क व पुल निर्माण के क्षेत्र में किए गए कार्य आने वाले वर्षों में प्रदेश की प्रगति की मजबूत नींव सिद्ध होंगे। सांसद कंगना रनौत ने मनाली–लेह सामरिक मार्ग पर सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रोजेक्ट दीपक द्वारा निर्मित चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं के वर्चुअल उद्घाटन पर केंद्र सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से अब सेना के भारी-भरकम वाहनों और पर्यटकों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक आसान, सुगम और सुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि बीआरओ द्वारा लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से इन परियोजनाओं का निर्माण किया गया है, जिनमें 70 मीटर लंबा शोगटोंग ब्रिज, जिंगजिंगबर में दो मल्टी-सेल बॉक्स ब्रिज तथा कीलिंग सराय में 60 मीटर लंबा यूनम ब्रिज शामिल हैं। सभी पुल अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए गए हैं ताकि हर मौसम में भारी वाहनों की निर्बाध आवाजाही संभव हो सके। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लेह से देशभर की 125 परियोजनाओं का लोकार्पण कर उन्हें देश को समर्पित किया। इन पुलों के निर्माण से मनाली–लेह मार्ग पर वर्षों से चली आ रही एवलांच जोन, उफनते नालों और कच्चे रास्तों की समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी। पहले जहां सेना के काफिलों और आम यात्रियों को जोखिम भरे मार्ग से गुजरना पड़ता था, वहीं अब नए पुलों के माध्यम से यात्रा अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगी। कंगना रनौत ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल सामरिक दृष्टि से देश की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। मनाली–लेह हाईवे पर यात्रा करने वाले पर्यटकों को अब पहले से कहीं बेहतर और सुरक्षित अनुभव प्राप्त होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हिमाचल के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने हेतु आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के मजबूत नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

छत्तीसगढ़ का गर्व: हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिया राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार

रायपुर  छत्तीसगढ़ की पारंपरिक धातुकला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की प्रसिद्ध ढोकरा–बेलमेटल शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर शिल्पकार का सम्मान है। हमारा राज्य अपनी कला, संस्कृति और हस्तशिल्प पर गर्व करता है। राज्य सरकार कला-संरक्षण, प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और बाजार विस्तार के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, ताकि ग्रामीण व वनवासी क्षेत्रों की प्रतिभाएं लाभान्वित हों और विश्व मंच पर अपनी पहचान बना सकें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायत बैगीनडीह जैसे वनांचल क्षेत्र से निकलकर अपनी विशिष्ट शिल्पकला के माध्यम से देशभर में छत्तीसगढ़ की पहचान को नई ऊँचाइयाँ देने वाली श्रीमती बघेल की उपलब्धि हमारे प्रदेश की समृद्ध लोककला, परंपरा और ग्रामीण प्रतिभा की अद्भुत चमक को राष्ट्रीय मंच पर पुनर्स्थापित करती है। ढोकरा कला सदियों पुरानी धरोहर है, और श्रीमती बघेल जैसी शिल्प कलाकार इन परंपराओं को आधुनिक समय के अनुरूप जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रही हैं।

प्रसंस्करण केन्द्र के उत्पादों की ब्रांडिग मार्केटिंग कर बढ़ाएं सेल : अशोक बर्णवाल

भोपाल  अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल ने कहा है कि वनों में बांस भिर्रा कटाई-सफाई का कार्य प्रतिवर्ष नियमित कराया जाये। लघुवनोपज आधारित प्रजातियों का पौधारोपण अधिक संख्या में हो। उन्होंने प्रसंस्करण केन्द्र में तैयार उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन पर जोर देते हुए कहा कि विक्रय बढ़ाने के लिये समन्वित प्रयास किये जायें। अपर मुख्य सचिव श्री बर्णवाल सोमवार को पन्ना में त्रिफला प्रसंस्करण केन्द्र आंवला उद्यान सकरिया में ग्राम वन समिति हीरापुर के सदस्यों की बैठक में शामिल हुए। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाड़े भी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने पन्ना में त्रिफला प्रसंस्करण केन्द्र में तैयार आंवला मुरब्बा, आंवला कैण्डी, आंवला सुपाड़ी, आंवला अचार का निरीक्षण किया। उन्होंने बीट गढ़ी पड़रिया के एन.पी.व्ही. कैम्पा मिश्रित रोपण (वर्ष 2024 रकवा 40 हेक्टे.), आर.डी.एफ. रोपण (वर्ष 2025 रकवा 50 हेक्टे.) और एन.पी.व्ही. कैम्पा मिश्रित रोपण (वर्ष 2021 रकवा 50 हेक्टे.) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वन संरक्षक श्री नरेश यादव, डीएफओ (उत्तर पन्ना) श्री गर्वित गंगवार, डीएफओ (साउथ पन्ना) श्री अनुपम शर्मा, आईएफएस प्रशिक्षु श्री अक्षत जैन उपस्थित रहे।  

खादी देश की भावना… राहुल बोले— यह सिर्फ कपड़ा नहीं, एक सोच है

नई दिल्ली  सांसद में आज राहुल गांधी ने कहा कि खादी देश के लोगों की भावना है। इससे हमारे पहरावे से भारतीयता की झलक दिखती है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में अपनी बात रखते हुए भारतीय संस्कृति और विविधता को वस्त्रों के माध्यम से समझाया। उन्होंने खादी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि भारत की आत्मा है। राहुल गांधी ने भारतीय परिधानों की विविधता का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के हर क्षेत्र की पहचान उसके अलग-अलग कपड़ों से होती है। उन्होंने असमिया गमछे से लेकर दक्षिण की कांचीपुरम साड़ी तक के उदाहरण दिए और कहा कि ये सभी वस्त्र दिखाते हैं कि देश के सारे धागे एक जैसे हैं। उन्होंने भारत को एक उपमा देते हुए कहा कि हमारा देश 150 करोड़ लोगों से बना एक फैब्रिक (कपड़ा) की तरह है। उनका आशय था कि विभिन्नता होने के बावजूद हम सब एक साथ जुड़े हुए हैं।