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33 करोड़ 30 लाख मूल राशि हुई जमा, 28 करोड़ 01 लाख का सरचार्ज हुआ माफ

भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ हजारों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुरैना वृत्‍त में अब तक कुल 7,795 उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराया है। कंपनी के खाते में 33 करोड़ 30 लाख रूपए मूल राशि जमा हुई है तथा 28 करोड़ 01 लाख रूपए सरचार्ज माफ किया गया है। इस तरह से अभी तक मुरैना वृत्‍त समाधान योजना में कंपनी कार्यक्षेत्र सहित मध्‍यप्रदेश में भी सर्वाधिक राशि जमा करवाने में अव्‍वल रहा है। मुरैना वृत्‍त के महाप्रबंधक श्री सुरेश कुमार ने बताया कि हाल ही में समाधान योजना का लाभ उठाते हुए गैर घरेलू उपभोक्‍ता श्रीमती सवीना बेगम पर कुल बकाया राशि 10,57,401 रुपए थी। जिसमें से 5,12,379 रूपये की सरचार्ज में छूट मिली। उन्‍हें केवल 5,45,022 रुपए जमा करने पड़े और उनका बिल निराकृत हो गया। इसी तरह घरेलू उपभोक्‍ता श्री बलराम शर्मा पर कुल बकाया राशि 9,80,077 रुपए में से 7,52,284 रूपये की सरचार्ज में छूट मिली। उन्‍हें केवल 2,27,793 रुपए जमा करने पड़े। कृषि पंप उपभोक्‍ता श्री जय सिंह पर कुल बकाया राशि 1,14,655 रुपए थी जिसमें से उन्‍हें 55,590 रूपये की सरचार्ज में छूट मिली और उन्‍हें केवल 59,065 रुपए ही जमा करने पड़े। मुरैना वृत्‍त के महाप्रबंधक श्री सुरेश कुमार ने अन्य सभी बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए अपने बकाया बिल को जमा करायें, साथ ही उन्होंने अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे तीन माह से अधिक के बकायदार उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025- 26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कंपनी के बकायादार उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे प्रथम चरण में ही एकमुश्‍त भुगतान कर इस योजना में शामिल होकर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठाएं। उन्‍होंने कहा कि यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय ऐप पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं। 

गाईडलाइन दरों को लेकर फैल रहे भ्रम पर राज्य सरकार ने दी व्यापक स्पष्टता

कांकेर सहित पूरे प्रदेश में सरल, वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रणाली लागू रायपुर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा स्वीकृत नई गाईडलाइन दरों को लेकर आमजन के बीच उत्पन्न हो रहे भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विस्तृत जानकारी जारी की है। शासन ने स्पष्ट किया है कि नई गाईडलाइन दरें न केवल अधिक सरल और वैज्ञानिक हैं, बल्कि इनके माध्यम से पुराने वर्षों से चली आ रही विसंगतियों का समाधान भी किया गया है। सरकार ने बताया कि कुछ स्थानों पर यह गलत भ्रम फैलाया जा रहा है कि गाईडलाइन दरों में अत्यधिक वृद्धि की गई है या दस्तावेज पंजीयन प्रक्रिया बाधित हो गई है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि नवीन गाईडलाइन 20 नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुकी है और इस अवधि में कांकेर जिले में लगभग 98 दस्तावेजों का पंजीयन सुचारू रूप से किया जा चुका है। जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में पूर्ववत नियमित रूप से पंजीयन का कार्य जारी है। नगरीय क्षेत्रों में व्यापक सरलीकरण पूर्व में एक ही वार्ड में कई कंडिकाओं के कारण समान भौगोलिक और व्यावसायिक स्थिति होने के बावजूद दरों में अंतर पाया जाता था, जिससे नागरिकों में असंतोष था। नवीन सर्वे, भौतिक सत्यापन तथा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद इन कंडिकाओं को कम किया गया है और दरों को समान किया गया है। कांकेर नगर पालिका के 21 वार्डों में पहले 56 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 26 कर दिया गया है। इसी प्रकार नगर पंचायत चारामा, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ और पंखाजूर की कुल 253 कंडिकाओं को कम कर 105 किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे गाईडलाइन अब अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित हो गई है। दर वृद्धि संबंधी भ्रांति का समाधान राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अंतिम बार गाईडलाइन दरों का पुनरीक्षण वर्ष 2019-20 में किया गया था। छह वर्षों बाद किए जा रहे इस पुनरीक्षण में नगरीय क्षेत्रों में मात्र 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि स्वाभाविक और तार्किक है। यदि दरों को हर वर्ष बढ़ाया जाता, तो वर्तमान दरें कहीं अधिक होतीं। अतः अत्यधिक वृद्धि की बात निराधार है। ई-पंजीयन प्रणाली पूरी तरह सुचारू कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि नई गाईडलाइन ऑनलाईन अपडेट न होने से दस्तावेज पंजीयन ठप हो गया है, जबकि तथ्य यह है कि जिले के सभी उप-पंजीयक कार्यालयों में पंजीयन का कार्य निर्बाध रूप से चल रहा है और किसी भी प्रकार की व्यवधान की स्थिति नहीं है। दर पुनरीक्षित न होने से होने वाली समस्याओं का उल्लेख सरकार ने कहा है कि पुरानी गाईडलाइन दरें जारी रहने से काले धन के लेनदेन को प्रोत्साहन मिलता है। कई बार वास्तविक सौदा मूल्य अधिक होने के बावजूद पंजीयन पुरानी गाईडलाइन दरों पर किया जाता है, जिसके कारण अंतर की राशि काला धन बनती है और बाद में विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। इसी प्रकार पुरानी दरों के कारण संपत्तियों का मूल्यांकन कम होता है, जिससे खरीदारों को ऋण पात्रता भी कम मिलती है। मुआवजे के निर्धारण में भी विसंगतियां सामने आती हैं। सरकारी अधिग्रहण की स्थिति में पुराने दरों के आधार पर मुआवजा तय होने से भूमि मालिकों, विशेषकर किसानों को उनकी संपत्ति का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इसलिए नई गाईडलाइन दरें अधिक युक्तियुक्त और वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप हैं। आमजन से अपील राज्य शासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रम में न आएं। गाईडलाइन दरों से संबंधित किसी भी सूचना या शंका के निराकरण के लिए नागरिक अपने निकटस्थ पंजीयन कार्यालय में संपर्क कर वास्तविक और प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नई गाईडलाइन दरों को प्रदेश में रियल एस्टेट लेनदेन को पारदर्शी बनाने, टैक्स चोरी रोकने और जमीन संबंधी मूल्यांकन को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर तंज: ‘बंकिम दा कहना अपमान, ये पार्टी संस्कृति खत्म कर देगी’

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर उपन्यासकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को ‘बंकिम दा’ कहकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी को माफी मांगनी चाहिए। ममता बनर्जी ने कूचबिहार जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश आजाद हुआ था तब प्रधानमंत्री का जन्म भी नहीं हुआ था लेकिन फिर भी उन्होंने बंगाल के सबसे महान सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक मानी जाने वाली हस्ती को इस तरह संबोधित किया।   उन्होंने कहा, “आपने (मोदी) उन्हें (बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय) वह न्यूनतम सम्मान भी नहीं दिया, जिसके वह हकदार हैं। आपको इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।” लोकसभा में चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमवार को चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा लेखक का उल्लेख किया जाना विवाद का विषय बन गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने ‘दा’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताई और प्रधानमंत्री से इसके स्थान पर ‘बंकिम बाबू’ कहने का आग्रह किया। मोदी ने तुरंत इस भावना को स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘मैं बंकिम ‘बाबू’ कहूंगा। धन्यवाद, मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं और हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा कि क्या वह अब रॉय को भी ‘दादा’ कह सकते हैं।” ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अगर यह पार्टी राज्य में सत्ता में आई तो बंगाल की संस्कृति, भाषा और विरासत को नष्ट कर देगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने पर अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के तुरंत बाद राज्य में विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी जाएगी ताकि कोई भी इसे अदालत में चुनौती न दे सके।  

वंदे भारत के सामने प्रदर्शनकारियों का धरना, घंटों रुकी ट्रेन—पंजाब में गर्मा गया माहौल

बठिंडा बठिंडा के नजदीक गोनियाना रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन को पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों के विरोध का सामना करना पड़ा। वंदे भारत की वजह से पैसेंजर ट्रेन लेट होने से भड़के यात्रियों ने उस पटरी पर धरना लगा दिया जिस पर वंदे भारत आने वाली थी। इस स्थिति को देखते हुए वंदे भारत को गोनियाना से कुछ पीछे ही रोक दिया गया। गाड़ी रुकने की सूचना मिलने पर बठिंडा व कोटकपूरा से आर.पी.एफ. पुलिस बल हरकत में आए व उन्होंने मौके पर पहुंचकर लोगों को रेलवे लाइनों से हटाया। इसके बाद पहले पैसेंजर गाड़ी को रवाना किया गया जबकि उसके बाद करीब 17 मिनट की देरी से वंदे भारत को रवाना किया गया।  पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि वह लोग दूर-दराज से अपने कामों के लिए हर रोज बठिंडा आते हैं लेकिन वंदे भारत तथा पैसेंजर की टाइमिंग एक ही होने के कारण पैसेंजर गाड़ी को रोक दिया जाता है। वंदे भारत के गुजरने के बाद उनकी गाड़ी को रवाना किया जाता है। इस कारण वह लोग अपने कामों पर समय से नहीं पहुंच पाते व हर रोज लेट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि आज भी वंदे भारत को रास्ता देने के लिए पैसेंजर रोकी गई जिससे यात्री भड़क गए। उन्होंने रेलवे लाइन पर रोष प्रदर्शन किया जिस कारण वंदे भारत को रोकना पड़ा। आर.पी.एफ. के अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों ने रेलवे लाइनों पर प्रदर्शन करके वंदे भारत को रोका है उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वायरल हुए वीडियो में से लोगों की पहचान की जा रही है जिनके खिलाफ जी.आर.पी. द्वारा केस दर्ज किया जाएगा। 

ठिठुरन भरी सर्दी के लिए रहें तैयार—मौसम वैज्ञानिकों ने जताई कड़ी आशंका, जानें पूरा अपडेट

हिसार प्रदेश में पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा ठंड पड़ने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले दिसंबर की तुलना में इस बार दिसंबर में ठंड ज्यादा पड़ने वाली है। पिछले साल दिसबंर के पहले सप्ताह में तापमान औसतन ने न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से लेकर पांच डिग्री के आसपास रहा। इस दौरान 14 दिसंबर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा, जिसका केंद्र पाकिस्तान में होगा। हालांकि इसका अधिक असर हरियाणा में नहीं पड़ेगा। अलबत्ता कुछ हिस्सों में बादल छाएंगे, लेकिन बारिश नहीं होगी। 10 और 11 दिसंबर को तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी, जिसके चलते ठंड बढ़ेगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने कहा कि हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील संभावित है। वहीं आज से उत्तर व उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से विशेषकर रात्रि तापमान में फिर से गिरावट की संभावना है, जिससे ठंड भी बढ़ सकती है। लेकिन 12 दिसंबर से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस दस्तक देगा जिससे अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी।   अनुमान है कि न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे यह 6 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं औसतन 24 डिग्री बना हुआ है, जबकि अधिकतम तापमान भी करीब 1 डिग्री तक कम हो सकता है। 

सूरजपुर : कलेक्ट्रेट में 01 जनवरी से बायोमेट्रिक डिवाइस से अधिकारियों, कर्मचारियों का लगेगा अटेंडेंस

सूरजपुर : कलेक्ट्रेट में 01 जनवरी से बायोमेट्रिक डिवाइस से अधिकारियों, कर्मचारियों का लगेगा अटेंडेंस समय-सीमा की बैठक में आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश सूरजपुर शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि 01 जनवरी 2026 से  कलेक्टोरेट में आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली प्रारम्भ किया जाना है। आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन हेतु उन्होंने उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों को उनके अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारीगण का रजिस्ट्रेशन ऑफिशल वेबसाइट  https://chhattisgarh.attendance.gov.in  मंव  सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी का पंजीयन 01 जनवरी से पूर्व कराने के निर्देश दिए ताकि सभी आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का हिस्सा बन सके। कलेक्टर ने कहा गुड गवर्नेंस के तहत वर्किंग कल्चर दरूस्त करने हेतु यह निर्णय लिया गया है।जिसका अनुपालन हम सभी को सुनिश्चित करना है और समय पर सभी को अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि  बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का रेगुलर मॉनिटरिंग किया जायेगा इसलिये समस्त अधिकारी व कर्मचारी ऑफिस आने पर व जाने के समय बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। विदित हो कि शुरुआत में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली संयुक्त जिला कार्यालय में संचालित समस्त विभाग में लागू होगी, जो कि निकट भविष्य में ही समस्त सरकारी संस्थाओं में लागू की जायेगी।                  इसके साथ ही उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी निर्माण विभाग को जून तक युद्धस्तर पर निर्माण संबंधित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।       बैठक में डीएफओ श्री डी पी साहु, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र शर्मा, सर्व एसडीएम व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर

रायपुर : रोजगार दिवस से बदली तस्वीर — 107 पंचायतों में मनरेगा जानकारी अब QR कोड पर छुईखदान में हर माह 07 तारीख को रोजगार दिवस, आजीविका डबरी से आय बढ़ाने की पहल ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त कर रहा रोजगार दिवस — जियोफेंसिंग व e-KYC पर जोर रायपुर  खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड की सभी 107 ग्राम पंचायतों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 07 तारीख को मनरेगा आधारित रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। वनांचल से मैदानी पंचायतों तक आयोजित हो रहे इन शिविरों में मनरेगा से जुड़े दिशा-निर्देशों, प्रक्रियाओं और अधिकारों की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों तथा जॉब कार्डधारियों को दी जा रही है। रोजगार सहायक मौके पर ही मनरेगा में संधारित सात रजिस्टर व वर्क/केस फाइल प्रस्तुत करते हैं, साथ ही जॉब कार्ड प्रविष्टियों को अद्यतन कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक श्रमिक तक तथ्यात्मक एवं पारदर्शी जानकारी पहुंचे। ग्रामीणों को नए परिवारों का पंजीयन, जॉब कार्ड में सदस्यों के नाम जोड़ने, अपूर्ण आवासों की पूर्णता, मातृत्व भत्ता, क्षतिपूर्ति सहित विभिन्न लाभों के बारे में भी स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है। इस वर्ष रोजगार दिवस की विशेष पहल के रूप में QR कोड आधारित सूचना प्रणाली को जोड़ा गया है। अब कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर मनरेगा योजना से संबंधित संपूर्ण जानकारी—जैसे पिछले वर्षों के श्रमिक बजट, स्वीकृत कार्य, लागत, व्यय और प्रगति—एक ही स्थान पर देख सकता है। यह व्यवस्था न केवल जानकारी को सुलभ बना रही है, बल्कि योजना क्रियान्वयन में पारदर्शिता भी दृढ़ कर रही है। रोजगार दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को केवल जानकारी ही नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें आजीविका उन्नयन की दिशा में भी प्रेरित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत राज मिस्त्री सहित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण आत्मनिर्भर बनें और मनरेगा श्रमिक से कुशल श्रमिक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसान मछली पालन और पूरक कृषि गतिविधियों से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्रमिक बजट का निर्माण युक्तधारा के माध्यम से किया जा चुका है। परिसंपत्तियों के जियो टैगिंग कार्य को अब जियोफेंसिंग तकनीक के जरिए लागू किया जाएगा, साथ ही e-KYC के महत्व की विस्तृत जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई है। नियमित रूप से आयोजित हो रहा यह रोजगार दिवस ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ने और सतत आर्थिक मजबूती की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

वीडियो कॉल पर खुली ठगों की पोल—पुलिस दिखते ही मिनटों में काटा फोन

जबलपुर स्कूल से सेवानिवृत्त प्राचार्य सायबर ठगी का शिकार होने से बच गई। ठगों ने सेवानिवृत्त प्राचार्य और उनके बुजुर्ग पति को तीन दिन तक डिजिटल अरेंस्ट में रखा। आरोपितों ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले से नाम जोड़कर दंपत्ति को डराया। ठग एटीएस अफसर बनकर मोबाइल पर वीडियो काॅल पर बात कर रहे थे। उनका आरोप था कि दंपत्ति के खाते में पुलवामा हमले के लिए हुई फंडिंग के 70 लाख रुपये आए हैं। फर्जी अफसरों ने दंपंति को एकाउंट को सेनेटाइज करने और पूरी रकम आरबीआई के एकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा।   महिला मंगलवार को रकम ट्रांसफर करने घर से निकली, लेकिन अ​धिवक्ता के पास पहुंच गई। अधिवक्ता उन्हें पुलिस के पास लेकर पहुंचे। फिर पुलिस के साथ घर लौटे, तो देखा कि आरोपित वीडियो काॅल पर थे। जैसे ही असल पुलिस अफसर ने बात की, तो आरोपितों ने फोन कट कर दिया। यह घटना बाई का बगीचा इलाके मे हुई। पुलिस एकाउंट नम्बर और फोन नंबर के आधार पर आरोपितों की जानकारी जुटाने में लगी है।   वीडियो काॅल में बताया एटीएस के अफसर     बाई का बगीचा निवासी अमिता ग्रेब्रियल (63) स्कूल से सेवानिवृत्त प्राचार्य है। वे अपने पति एंथोनी ग्रेब्रियल (65) के साथ रहती है। उनके बच्चे विदेश में है।     छह दिसम्बर की सुबह उनके फोन पर वीडियो काॅल आया। अमिता ने काल उठाया । बात करने वाले ने खुद को एटीएस (एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड) का अफसर बताया।     धमकाया कि पुलवामा आतंकी हमले में 70 करोड़ रुपए की रा​शि का लेनदेन करने की बात कही। इसमें से 10 प्रतिशत याने 70 लाख उनके एकांउंट में आए थे। अमिता घबरा गई।     इसके बाद आरोपियों ने घर के ​खिड़की दरवाजे बंद कराए। पर्दे लगवाए और कहा कि वे डिलीटल अरेस्ट हो गए है। कहीं भी आने-जाने और किसी से भी बातचीत पर रोक लगा दी।     आरोपियों ने गिरफ्तारी वारंट समेत अन्य फर्जी दस्तावेज अमिता को भेजा। उन्हें सिग्नल नाम के एक ऐप में जोड़ा, जिसमें फर्जी एटीएस अफसर जुड़े थे। एकाउंट नम्बर दिया, घर से निकलीं, कागज में लिखकर बताया आरोपियों ने अमिता को सोमवार को एक एकाउंट नम्बर दिया। कहा कि वह आरबीआई का एकाउंट है। पूरे 70 लाख रुपए उसमें ट्रांसफर करें। वरना जेल जाना पड़ सकता है। अमिता घबराई हुई घर से निकलीं। पति वीडियोकॉल पर ही थे। अमिता सीधे अ​धिवक्ता अनिल मिश्रा के पास पहुंची। उनका फोन चालू था। तब अमिता ने कागज में लिखकर अ​धिवक्ता को आपबीती बताई।   अ​धिवक्ता अमिता को लेकर एसपी आफिस में एएसपी क्राइम ब्रांच जितेन्द्र सिंह के पास पहुंचे। महिला घबराई हुई थी। पूरी बात बताई। इसके बाद वे महिला के साथ उनके घर पहुंचे। जहां पति वीडियोकॉल पर ही थे। एएसपी ने पहले रिश्तेदार बनकर बातचीत की। आरोपी रुपए मांगते रहे, तब उन्होने बताया कि वे एएसी बोल रहे हैं, तो कॉल डिस्कनेक्ट हो गया और दंप​त्ति ठगी का ​शिकार होने से बच गए।

अश्विन का अचानक सरप्राइज! सनी लियोनी की तस्वीर पोस्ट कर मचाई सनसनी

नई दिल्ली  भारतीय दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट किया, जिसे देखकर फैंस हैरान रह गए। अश्विन ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी की एक तस्वीर शेयर की, जिसके साथ उन्होंने चेन्नई की ‘साधू स्ट्रीट’ की फोटो भी लगाई। पोस्ट देखते ही लोगों ने सवालों की बाढ़ लगा दी—आखिर अश्विन क्या बताना चाहते हैं? दरअसल अश्विन की यह पोस्ट तमिलनाडु के ऑलराउंडर सनी संधू के लिए एक मज़ाकिया टिप्पणी थी, जिन्होंने हाल ही में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपना टी-20 डेब्यू किया है। फैंस उलझे, लेकिन असली मैसेज था बेहद मजेदार कुछ ही देर में फैंस समझ गए कि अश्विन का पोस्ट दरअसल तमिलनाडु के युवा ऑलराउंडर सनी संधू को एक ‘चीकी’ शाउटआउट था। सनी संधू ने हाल ही में सायेद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार पारी खेलकर सबका ध्यान खींचा था। सनी संधू का धमाका — 9 गेंद में 30 रन अहमदाबाद में खेले गए मैच में संधू ने सिर्फ 9 गेंद में 30 रन उड़ा दिए और साई सुदर्शन (101* रन) के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई। युवा खिलाड़ी की यह पारी फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स दोनों को खूब पसंद आई। सोशल मीडिया पर आए मजेदार रिएक्शन अश्विन का पोस्ट वायरल होते ही यूज़र्स ने मजेदार कमेंट्स की बौछार कर दी: "अंग्रेजी में सनी, तमिल में संधू – सनी संधू क्रिकेटर!", "Ashwin bhai, गलत अकाउंट से पोस्ट कर दिया क्या?","जो समझ नहीं पा रहे, पोस्ट सनी संधू के लिए है…" IPL 2026 ऑक्शन में बढ़ सकती है डिमांड सनी संधू ने IPL 2026 मिनी ऑक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपये है, और जिस फॉर्म में वह हैं, उनके ऊपर कई टीमों की नज़र पड़ सकती है। सायेद मुश्ताक अली ट्रॉफी: सुपर लीग लाइन-अप फाइनल टूर्नामेंट के लीग मैच खत्म हो चुके हैं और अब सुपर लीग की टीमें तय हैं: ग्रुप A: मुंबई, आंध्र ग्रुप B: हैदराबाद, मध्य प्रदेश ग्रुप C: पंजाब, हरियाणा ग्रुप D: राजस्थान, झारखंड फाइनल 18 दिसंबर, पुणे में खेला जाएगा।  

इंडो-पैसिफिक में तनाव बढ़ा: रूसी-चीनी एयर इंट्री पर सियोल ने फाइटर जेट उड़ाए

सियोल  दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को एक बार फिर अपने वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (KADIZ) में सात रूसी और दो चीनी सैन्य विमानों की घुसपैठ का पता लगाया। इसके जवाब में सियोल ने तुरंत दर्जनों लड़ाकू विमान रवाना किए। यह घटना ऐसे समय हुई है जब रूस-चीन की सैन्य नजदीकियां लगातार बढ़ रही हैं और दोनों देश उत्तर पूर्व एशिया में बिना पूर्व सूचना के संयुक्त हवाई गश्त कर रहे हैं।   सियोल के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बयान जारी कर कहा कि ये रूसी और चीनी विमान स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10 बजे (GMT 0100 बजे) कोरिया एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (KADIZ) में दाखिल हुए। हालांकि किसी भी विमान ने दक्षिण कोरियाई हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया। सियोल ने कहा कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सामरिक उपाय करते हुए उसने लड़ाकू विमान भेजे। खबर के अनुसार, ये विदेशी विमान लगभग एक घंटे तक KADIZ के अंदर-बाहर उड़ते रहे। इन विमानों को वायु रक्षा क्षेत्र में प्रवेश करने से काफी पहले ही पता लगा लिया गया था। KADIZ एक विस्तृत क्षेत्र होता है जिसमें देश सुरक्षा कारणों से आने-जाने वाले विमानों पर नजर रखते हैं, लेकिन यह उनका क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र नहीं होता। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटनाएं 2019 से चीन और रूस संयुक्त सैन्य अभ्यास का हवाला देते हुए बिना पूर्व सूचना के दक्षिण कोरिया के वायु रक्षा क्षेत्र में नियमित रूप से अपने सैन्य विमान भेजते रहे हैं। पिछले साल नवंबर में भी पांच चीनी और छह रूसी सैन्य विमानों के KADIZ में आने पर सियोल ने लड़ाकू जेट तैनात किए थे। इसी तरह की घटनाएं जून और दिसंबर 2023 तथा मई और नवंबर 2022 में भी हुई थीं, जिनमें बीजिंग और मॉस्को ने इन उड़ानों को 'संयुक्त रणनीतिक हवाई गश्त' बताया था।