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प्रदेश ने रचा विद्युत आपूर्ति का नया इतिहासः ऊर्जा मंत्री तोमर

विद्युत कंपनियों ने सफलतापूर्वक हेंडल किया आज तक की सर्वाधिक मांग 18971 मेगावॉट भोपाल मध्यप्रदेश ने विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि 9 दिसम्बर 2025 को सुबह 10:50 बजे प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक 18,971 मेगावॉट विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड 20 दिसम्बर 2024 को 18,913 मेगावॉट का था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों एवं विद्युत कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड कर्मचारियों की सतत मेहनत, तकनीकी दक्षता और निष्ठा का प्रतिफल है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अधिकतम मांग के दौरान प्रदेश के पॉवर हाउसों, ट्रांसमिशन लाइनों और सब स्टेशनों के माध्यम से निर्वाध, सुरक्षित एवं सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे कहीं भी व्यवधान की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। यह उपलब्धि प्रदेश के विद्युत तंत्र की मजबूती, बेहतर नियोजन और सक्षम प्रणाली का सशक्त प्रमाण है। एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री प्रदीप सचान ने बताया कि अधिकतम मांग के समय मध्य क्षेत्र में 5925 मेगावॉट, पूर्व क्षेत्र में 5057 मेगावॉट, पश्चिम क्षेत्र में 7560 मेगावॉट तथा अन्य श्रेणियों (रेलवे, सेज आदि) में 429 मेगावॉट की विद्युत आपूर्ति की गई। कैसे हुई आपूर्ति ताप विद्युत -3872 मेगावाट। जल विद्युत-387मेगावाट। नव करणीय -1792 मेगावाट। अन्य स्रोत(एन टी पी सी सहित) -12920 मेगावाट। 

कार्लोस अल्काराज ने मियामी में प्रदर्शनी मैच में बिखेरा जलवा

मियामी विश्व के नंबर एक खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज ने यहां मियामी आमंत्रण प्रदर्शनी टेनिस टूर्नामेंट में अपना जलवा दिखाकर दर्शकों को रोमांचित किया। अल्काराज ने जब कोर्ट पर कदम रखा तो तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी और मेजर लीग बेसबॉल के मियामी मार्लिंस के घरेलू मैदान लोनडेपो पार्क में प्रदर्शनी मैच में दर्शकों ने स्पेन के इस खिलाड़ी को सिर आंखों पर बिठाए रखा। यह पहला अवसर था जबकि लोनडिपो पार्क में कोई टेनिस मैच खेला गया। इस प्रदर्शनी मुकाबले में ब्राजील के जोआओ फोन्सेका तथा अमेरिका की महिला स्टार अमांडा अनिसिमोवा और जेसिका पेगुला ने भी हिस्सा लिया। ⁠ अल्काराज ने विश्व में 24वीं रैंकिंग वाले फोन्सेका को एक रोमांचक एकल मुकाबले में 7-5, 2-6, 10-8 से हराया। पहली बार यह दोनों खिलाड़ी एक दूसरे का आमना सामना कर रहे थे। इससे पहले अनिसिमोवा ने पेगुला को 6-2, 7-5 से हराया था। अल्काराज और पेगुला ने मिश्रित युगल में 10 अंकों के टाईब्रेकर में अनिसिमोवा और फोन्सेका को हराया। अल्काराज ने मैच से पहले कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि लोग लोग हमारे मुकाबले का भरपूर आनंद लेंगे। मुझे लगता है कि हमें इस तरह के स्टेडियम और कोर्ट में खेलते देखना रोमांचक है।’’  

चुनाव सुधार पर मायावती की दो टूक: SIR बढ़े, बैलेट पेपर फिर शुरू हों

लखनऊ  संसद में चुनाव सुधार पर जारी चर्चा के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की है। पार्टी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वर्तमान समय-सीमा बेहद कम है, जिससे बीएलओ पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है और इससे वैध मतदाताओं, विशेषकर गरीब और प्रवासी मजदूरों, के नाम मतदाता सूची से छूटने का जोखिम बढ़ गया है।  मायावती ने कहा कि जहां करोड़ों मतदाता हैं, वहां एसआईआर प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा करने का प्रयास उचित नहीं है, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां 15.40 करोड़ से अधिक मतदाता हैं और निकट भविष्य में कोई चुनाव भी निर्धारित नहीं है। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि जल्दबाजी के चलते अनेक वैध मतदाता—जो बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक मतदान अधिकार के पात्र हैं—सूची से वंचित हो सकते हैं, जो पूर्णतः अनुचित है, इसलिए एसआईआर की समय-सीमा को अवश्य बढ़ाया जाना चाहिए। मायावती ने आपराधिक मामलों के खुलासे से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार प्रत्याशी को अपने आपराधिक इतिहास का पूरा विवरण हलफनामे और स्थानीय अखबारों में प्रकाशित करना होता है, जबकि पार्टी को भी वही जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रत्याशी अपना आपराधिक इतिहास पार्टी से छुपा लेते हैं और यह जानकारी स्क्रूटनी के दौरान सामने आती है, जिससे अनावश्यक दायित्व पार्टी पर आ जाता है। पार्टी ने सुझाव दिया है कि आपराधिक मामलों के संबंध में सभी औपचारिकताओं की जिम्मेदारी सीधे प्रत्याशी पर ही डाली जानी चाहिए, न कि राजनीतिक दलों पर। अगर कोई प्रत्याशी अपने आपराधिक मामले छुपाता है, तो उससे जुड़ी सभी कानूनी जिम्मेदारियां भी उसी पर तय हों, पार्टी पर नहीं। ईवीएम को लेकर उठने वाले संदेहों पर भी बीएसपी मुखिया ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए अब ईवीएम की जगह फिर से बैलेट पेपर द्वारा मतदान कराया जाना चाहिए। यदि किसी कारणवश यह त्वरित रूप से संभव न हो, तो कम से कम हर बूथ पर वीवीपैट की सभी पर्चियों की गिनती कर उसे ईवीएम के आंकड़ों से मिलान किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग के उस तर्क को भी खारिज किया कि इससे समय अधिक लगेगा। मायावती ने कहा कि जब पूरे चुनाव की प्रक्रिया महीनों चलती है, तो कुछ अतिरिक्त घंटे गिनती में लगने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे जनता का चुनाव व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा और चुनावी प्रक्रिया पर उठने वाले संदेहों का अंत होगा, जो देशहित में है।

बच्चे की परवरिश का हक किसे? HC ने सुनाया अहम निर्णय, बना मिसाल

भुवनेश्वर  ओडिशा हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में पत्नी की मौत के बाद नाबालिग की देखभाल और उसके गार्जियनशिप का अधिकार उसके पिता को दिया है। न्यायालय ने तर्क देते हुए कहाकि अगर नाबालिग की देखभाल का अधिकार किसी को नहीं दिया जाता है तो बच्चे और पिता दोनों एक-दूसरे के प्यार और स्नेह से वंचित हो जाएंगे, जिसके वे प्राकृतिक रूप से हकदार हैं। बता दें कि इस जोड़े की शादी 19 जून, 2019 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। दोनों पति-पत्नी के रूप में शांति से रह रहे थे। बच्चे की मां की मौत के बाद उसकी गार्जियनशिप को लेकर विवाद खड़ा हो गया।   बच्चे के नाना ने बाद में बच्चे की देखभाल का अधिकार ले लिया। इसके बाद पिता ने इस मामले में पारिवारिक अदालत भद्रक में केस दायर किया अपीलकर्ता की याचिका को बाद में पारिवारिक अदालत, भद्रक ने 12 जुलाई, 2022 को पारिवारिक अदालत अधिनियम, 1984 की धारा 19 और गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट की धारा 47 के तहत खारिज कर दिया था। पारिवारिक अदालत ने अपीलकर्ता की गार्जियनशिप की याचिका को सिर्फ इस आधार पर खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता ने हालांकि उसने खुद को बच्चे का प्राकृतिक पिता होने का दावा किया था, लेकिन वह नाबालिग का जन्म प्रमाण पत्र और अपनी पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करने में विफल रहा। वहीं, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा की एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 के तहत कानूनी प्रावधानों, बच्चे के कल्याण, पिता की देखभाल के अधिकार को ध्यान में रखते हुए…यह अदालत यह पाती है कि पारिवारिक अदालत का बच्चे की देखभाल की ऐसी याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज करना सही नहीं था क्योंकि अपीलकर्ता की पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र पेश नहीं किया गया था।’ न्यायाधीश मिश्रा ने फैसले में कहा, ‘जब बच्चे की मां जीवित थी तब किसी वैवाहिक विवाद का कोई आरोप नहीं था। न ही पत्नी या बेटे के खिलाफ दुर्व्यवहार की कोई शिकायत थी। उसके कानूनी अधिकारों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। एक प्राकृतिक अभिभावक के रूप में और अपने बच्चे की देखभाल पाने की उसकी वैध इच्छा है।’ न्यायाधीश मिश्रा ने पारिवारिक अदालत के फैसले को रद्द करते हुए कहाकि यह अदालत मानती है कि अपीलकर्ता प्राकृतिक अभिभावक होने के अलावा नाबालिग बच्चे की भलाई सुनिश्चित करने के लिए भी, खासकर उसकी मां की मौत के बाद उसे अपने असली पिता के साथ रहना चाहिए। यह अदालत उम्मीद करती है क्योंकि बच्चा बहुत छोटा है। अगर उसकी देखभाल अपीलकर्ता-पिता को सौंप दी जाती है, तो वह अपने असली पिता के साथ बहुत अच्छे से घुल-मिल जाएगा।  

खरमास की शुरुआत 7 दिन बाद, जानें इस दौरान कौन-सी 4 गलतियां नहीं करनी चाहिए

हर वर्ष में दो बार खरमास लगता है जिसको मलमास भी कहा जाता है. जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तो उस समय को खरमास कहा जाता है. यही कारण है कि इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए. बल्कि, यह वक्त धार्मिक साधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है. द्रिक पंचांग के अनुसार, खरमास इस बार 16 दिसंबर 2025, मंगलवार से शुरू होगा. उसके बाद 15 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास की समाप्ति हो जाएगी. ज्योतिषियों के अनुसार, इस समय कुछ कार्यों को करने में सावधानी दिखानी चाहिए.  खरमास में न करें ये कार्य विवाह खरमास के दौरान शादी या रिश्ते तय करने से बचना चाहिए. ऐसा माना गया है कि इस समय विवाह शुरू करने पर दांपत्य जीवन में समस्याएं और मानसिक तनाव की संभावना बढ़ सकती है. गृह प्रवेश खरमास नए घर में प्रवेश या मकान बदलने के लिए बहुत ही अशुभ महीना माना गया है. मान्यता है कि इससे घर की सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है. नया व्यवसाय शुरू करना खरमास में व्यापार या बिजनेस शुरू करना उचित नहीं माना जाता है. ऐसा करने से आर्थिक अड़चनें और नुकसान की आशंका अधिक रहती है. लग्न, मुंडन व नामकरण खरमास में शुभ संस्कार जैसे नामकरण, मुंडन आदि भी टालने की परंपरा है. माना जाता है कि ये कर्म शुभ फल नहीं देते. नए साल 2026 में कब से शुरू होंगे विवाह मुहूर्त साल 2026 में सभी शुभ काम 14 जनवरी तक बंद रहेंगे. इस समय कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगा. दरअसल, 11 दिसंबर को शुक्र अस्त होंगे, 16 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से खरमास की शुरुआत हो जाएगी. साथ ही, शुक्र के अस्त होने का प्रभाव 31 जनवरी तक रहेगा. यानी सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत पुन: फरवरी माह से होगी. 

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मप्र के भरेवा शिल्पकार बलदेव वाघमारे को किया सम्मानित

भोपाल  मध्यप्रदेश की पारंपरिक जनजातीय भरेवा शिल्प कला की विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भरेवा शिल्पकार श्री बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि हाल में भरेवा धातु शिल्प को जीआई टैग भी मिला है। केन्द्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे। क्या है भरेवा स्थानीय बोली में अरेवा का मतलब है भरने वाले। भरेवा कलाकार गोंड जनजाति की एक उप-जाति से संबंधित हैं, जो पूरे भारत में, खासकर मध्य भारत में फैली हुई है। धातु ढलाई का कौशल एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होता रहता है। भरेवा धातु शिल्प की परंपरा गोंड आदिवासी समुदाय के रीति-रिवार्जा और परंपराओं के समानांतर चलती है। यह परंपरा और रीति-रिवाज का मिश्रण है। भरेवा कारीगर देवताओं की प्रतीकात्मक छवियों को जानते हैं। वे गहने भी बनाते हैं जैसे अंगूठियां और कटार, जो गोंड परिवारों में शादी की रस्मों के लिए जरूरी है। कुछ गहने विशेष रूप से आध्यात्मिक प्रमुखों या तांत्रिकों के लिए बनाए जाते हैं जैसे कलाईबंद और बाजूबंद। कंगन की विशेष कारीगरी देखते ही बनती है। इसके अलावा, सजावटी कलाकृतियों और उपयोग की वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला जैसे बैलगाड़ियां, मोर के आकार के दीपक, घंटियां और घुंघरु, दर्पण के फ्रेम कुछ कलाकृतियों ने अंतरराष्ट्रीय शिल्प बाजार में पहचान बनाई है। भरेवा लोगों की आबादी मुख्य रूप से बैतूल जिले के कुछ इलाकों में केंद्रित है। जो राजधानी भोपाल से लगभग 180 किमी दूर है। श्री बलदेव ने भरेवा कारीगरों की घटती संख्या में बढ़ोतरी की है। उन्होंने अपनी लगन से बैतूल के टिगरिया गांव को शिल्प ग्राम बना दिया है। अब भरेवा परिवार इस अनोखी शिल्प कला का अभ्यास करते हैं। भरेवा लोगों को गोंड समुदाय के धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का गहरा जान है। वे जिन देवताओं की मूर्तियां बनाते हैं, उनमें मुख्य रूप से हिंदू धर्म के सर्वोच्च भगवान शिव और उनकी पत्नी पार्वती हैं। दूसरे हैं ठाकुर देव जो चमत्कारी घोड़े पर सवार होकर गांव की रक्षा करते हैं और माना जाता है कि वे इसे आपदाओं से बचाते हैं। शांति, समृ‌द्धि, खुशी और स्वास्थ्य के दूसरे देवता भी हैं। इस छोटे से टिगरिया गांव में बलदेव भरेवा ने इस परंपरा को जिंदा रखा है। उन्होंने यह कला अपने पिता से सीखी। उन्होंने एक मास्टर कारीगर के तौर पर नाम कमाया। बलदेव का परिवार अपनी पारंपरिक समझ, कलात्मक नजर और कड़ी मेहनत से हासिल किए गए हुनर पर गुजारा करता है।  

भाजपा नेता की Thar बनी निशाना: Mohali में गोलियों की बौछार से सनसनी

मोहाली यहां फेज-1 में रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता गुरदीप सिंह की थार गाड़ी पर देर रात करीब 1 बजे स्कॉर्पियो सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गुरदीप सिंह के मुताबिक उनकी गाड़ी की डिग्गी से खोखा (कारतूस का खोल) भी बरामद हुआ है। उन्होंने मामले की शिकायत थाना फेज-1 पुलिस को दे दी है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किसी से कोई दुश्मनी नहीं गुरदीप सिंह ने बताया कि वह मोहाली में भाजपा कार्यकर्ता हैं और टॉयलेट सेवा का काम करते हैं। सुबह जब वह जिम जाने के लिए अपनी गाड़ी के पास पहुंचे तो देखा कि गाड़ी का शीशा टूटा हुआ है। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर पता चला कि देर रात करीब 12:50 बजे स्कॉर्पियो में सवार कुछ लोग वहां पहुंचे। पहले उन्होंने कुल्हाड़ी से गाड़ी पर वार किए और फिर गाड़ी पर फायरिंग भी की। गाड़ी की बारीकी से जांच करने पर डिग्गी से खोखा बरामद हुआ। गुरदीप सिंह का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। स्कॉर्पियो सवार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हमले का कारण स्पष्ट हो सकेगा। हमलावरों की तलाश में जुटी टीमें : एसपी सिटी एसपी सिटी दिलप्रीत सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर स्कॉर्पियो गाड़ी के नंबर और उसमें सवार आरोपियों की पहचान के लिए टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही मामला सुलझा लिया जाएगा। 

प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण संतोष चौबे को

भोपाल वरिष्ठ कवि–कथाकार, निदेशक, विश्व रंग एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे को साझा संसार, नीदरलैंड्स के 'प्रथम अन्तरराष्ट्रीय मैक्समूलर अलंकरण–2025' से सम्मानित किया गया है। श्री संतोष चौबे को वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं कला के उन्नयन हेतु सर्वोत्तम योगदान के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। चयन समिति में लुडविका शम्बरो (इटली), मेरियन रिडर्स, मेटा स्ट्रेफलांड (अमेरिका), रने होफ (नीदरलैंड्स) एवं पेट्रा फूरन (स्विट्जरलैंड) शामिल थे। इसके अलावा रामा तक्षक (नीदरलैंड्स), हर्षिता वाजपेयी (अमेरिका), मनीष पांडे (बेल्जियम) राजेंद्र शर्मा (भारत), शिवांगी शुक्ला (नीदरलैंड्स), विनीता तिवारी (भारत) एवं लीलाधर मंडलोई (भारत) भी चयन प्रक्रिया में शामिल रहे।   यह अंतरराष्ट्रीय अलंकरण राजस्थान के जाट बहरोड़ गाँव में आयोजित भव्य 'राठ रंग महोत्सव' में साझा संसार फाउंडेशन, नीदरलैंड्स के अध्यक्ष श्री रामा तक्षक तथा श्री बलवीर सिंह छिल्लर अध्यक्ष राठ क्षेत्र द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर मंच पर इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए की कार्यकारी संपादक डॉ. विनीता चौबे, वरिष्ठ कवि श्री लीलाधर मंडलोई विशेष रूप से उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि कवि–कथाकार, उपन्यासकार, संपादक और अनुवादक श्री संतोष चौबे अपने अभिनव रचनात्मक प्रकल्पों और नवाचारों के लिए वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्होंने हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रसार के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय 'विश्वरंग' महोत्सव की वर्ष 2019 में भोपाल से शुरुआत की जिसके आज 65 से अधिक सदस्य देश हैं। विश्व रंग 'मॉरीशस' के बाद हाल ही में उन्होंने श्रीलंका, मुंबई और भोपाल में विश्व रंग का सातवाँ भव्य आयोजन कर हिंदी के वैश्विक विस्तार की जमीन तैयार की है। श्री संतोष चौबे को सिंगापुर में 'विश्व हिंदी शिखर सम्मान– 2024' और फ्रांस में प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय 'भारत गौरव सम्मान–2024', लंदन में "वातायन यू.के. अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2023" और अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा 'लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड–2023 से सम्मानित किया गया है। श्री संतोष चौबे को कविता (कहीं और सच होंगे सपने) के लिए मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् का दुष्यंत कुमार पुरस्कार, आलोचना (कला की संगत) के लिए स्पंदन आलोचना सम्मान, अनुवाद (मास्को डायरी) के लिए मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति का पुरस्कार एवं उपन्यास (जलतरंग) के लिए शैलेश मटियानी तथा अन्तरराष्ट्रीय वैली ऑफ वर्ड्स पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। समग्र साहित्यिक अवदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण, शिवमंगल सिंह सुमन सम्मान' एवं अखिल भारतीय ब्रह्मदत्त तिवारी स्‍मृति सम्मान–2024' से अलंकृत किया गया है। इस अवसर पर प्रथम मैक्समूलर अंतरराष्ट्रीय अलंकरण–2025' के लिए श्री संतोष चौबे को 'विश्व रंग' फाउंडेशन, टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय, बिलासपुर, खंडवा, वैशाली, आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग, आईसेक्ट पब्लिकेशन, वनमाली सृजन पीठ, समस्त वनमाली सृजन केंद्रों तथा साहित्य, कला संस्कृति की सहयोगी संस्थाओं द्वारा शुभकामनाएं दी गई।

रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी

रायपुर : उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी जशपुर जिले में अब तक 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से जारी है। इसी क्रम में जशपुर जिले में 8 दिसंबर तक कुल 3,924 किसानों से 25,384.12 मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया है। किसानों को धान का मूल्य चुकाने हेतु 60.86 करोड़ रुपये से अधिक राशि का भुगतान किया जा चुका है तथा शेष राशि का बैंक खातों में हस्तांतरण लगातार जारी है। जिले की 24 समितियों के 46 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित हो रहा है। पूरी प्रक्रिया को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें, नमी मापक उपकरण, तथा अन्य तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसके साथ ही किसानों के बैठने, पेयजल, बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जिला प्रशासन द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ऑनलाइन तुंहर टोकन ऐप को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा है कि इससे टोकन प्राप्त करने, निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचने और धान बेचने की प्रक्रिया सुचारू हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप प्रदेश में प्रति एकड़ 21 क्विंटल समर्थन मूल्य और कृषि उन्नति योजना के तहत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है और कृषि कार्य अधिक लाभकारी हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास आयोजित मैराथन में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया

मेंढर/जम्मू जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास मंगलवार को सेना द्वारा आयोजित की गई मैराथन में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। भीमबेर गली ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर राहुल कुमार ने मैराथन को हरी झंडी दिखाई और युवाओं को फिटनेस को जीवन शैली के रूप में अपनाने और सशस्त्र बलों में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि यह मैराथन दूसरी बार आयोजित किया जा रहे मेंढर महोत्सव का हिस्सा थी। यह महोत्सव 23 नवंबर को शुरू हुआ और 11 दिसंबर को समाप्त होगा। ⁠ अधिकारी ने बताया कि चुनौतीपूर्ण भूभाग और संवेदनशील स्थान होने के बावजूद इस मैराथन में 1,500 से अधिक धावकों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि फिटनेस के अलावा मैराथन नागरिकों और सेना के बीच आपसी संबंध मजबूत करने सशक्त माध्यम बन गया है।