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चुनाव से पहले पंजाब में बड़ी कार्रवाई! सरकार ने किया हाई-प्रोफाइल अधिकारी का तबादला

नाभा पंजाब में ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों से पहले एक और बड़ा एक्शन हुआ है। चुनाव आयोग के आदेशों के बाद पंजाब सरकार ने नाभा की बीडीपीओ बलजीत कौर का तबादला कर दिया है। इस संबंध में लिखित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। पंजाब सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, नाभा की बीडीपीओ बलजीत कौर को चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्हें एस.ए.एस. नगर मुख्य कार्यालय में हाजिरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  

रायपुर : अवैध खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 वाहन जब्त

रायपुर जांजगीर-चांपा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग और उड़नदस्ता दल ने बम्हनीडीह, पुछेली, बिर्रा, कनस्दा, हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त पाँच वाहन—ग्राम पुछेली से एक ट्रैक्टर, पीथमपुर से एक हाईवा, कनस्दा से एक ट्रैक्टर तथा बम्हनीडीह क्षेत्र से दो हाईवा—जप्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस रक्षित केंद्रों और संबंधित थानों में सुरक्षा के लिए रखा गया है। जिला खनिज अधिकारी श्री अनिल कुमार साहू ने जानकारी दी कि जिले में अब तक अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 66 अवैध परिवहन, 6 अवैध उत्खनन और 4 अवैध भंडारण के मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 24,65,550 रुपये की शास्ति राशि वसूलकर खनिज मद में जमा की गई है। अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जब्त वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुनरावृत्ति होने पर संबंधित मामलों में न्यायालयीन परिवाद दर्ज किए जाएंगे। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनन रोकथाम के लिए खनिज अमला और जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार गश्त व जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बंगाल हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से पूछा— सारी पुलिस क्यों चाहिए?

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की सुरक्षा को लेकर दायर एक याचिका पर चुनाव आयोग (ECI) और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया। यह याचिका सनातनी संसद नामक संगठन ने दायर की है, जिसमें मांग की गई है कि SIR की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन तक राज्य पुलिस अधिकारियों को चुनाव आयोग के प्रतिनियुक्ति के तहत काम करने का निर्देश दिया जाए। वैकल्पिक मांग के रूप में, याचिकाकर्ता ने SIR की अवधि तक केंद्रीय सशस्त्र बलों की तैनाती की भी मांग की है।   मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वी. गिरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीएलओ पर लगातार हमले हो रहे हैं और राज्य सरकार सुरक्षा देने से इनकार कर रही है। उन्होंने बीएलओ को तत्काल अंतरिम सुरक्षा देने की मांग की। रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायमूर्ति बागची ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सबूतों को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि याचिका में वास्तविक घटनाओं का विवरण बहुत कम है। न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि एक एफआईआर के अलावा कोई ठोस उदाहरण नहीं दिया गया है। बाकी सारे पुराने संदर्भ और अनुमान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल एक FIR के आधार पर यह कहा जा सकता है कि स्थिति इतनी ‘विशिष्ट’ है कि पश्चिम बंगाल पर अलग से आदेश दिया जाए? उन्होंने पूछा कि क्या सिर्फ एक एफआईआर के आधार पर पूरे राज्य को विशेष स्थिति मानकर केंद्रिय बल तैनात करने का आदेश दिया जा सकता है? ECI ने कहा- राज्य पुलिस पर निर्भर, सहयोग नहीं मिला तो चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि BLOs के साथ दुर्व्यवहार और अवरोध की घटनाओं पर आयोग ने पहले ही राज्य सरकार को कड़ा पत्र लिखा है। द्विवेदी ने कोर्ट को बताया- कई जगहों पर बीएलओ को काम करने से रोका जा रहा है और चुनाव अधिकारियों को घेरा जा रहा है। पुलिस राज्य सरकार के हाथ में है। वह सहयोग नहीं करेगी तो हमें स्थानीय पुलिस को प्रतिनियुक्ति पर लेना पड़ेगा। अगर उस पर भरोसा न हो, तो फिर केंद्रीय बल ही विकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के कारण BLOs पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने उदाहरण दिया कि केरल में कांग्रेस पार्टी ने CPI(M) पर एक BLO के आत्महत्या के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। BLOs पर बढ़ते बोझ पर बहस द्विवेदी ने कहा कि आयोग ने एक बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1500 से घटाकर 1200 कर दी है और BLO को रोजाना केवल लगभग 35 मतदाताओं से मिलना होता है। इस वजह से कोई विशेष बोझ नहीं है। लेकिन न्यायमूर्ति बागची ने असहमति जताते हुए कहा- यह डेस्क वर्क नहीं है। BLO को हर घर जाना है, सत्यापन करना है और फॉर्म भरवाना है। यही उन पर दबाव बढ़ाता है। इसलिए हमने राज्यों को BLOs की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया था। हम किसी राजनीतिक नैरेटिव में नहीं पड़ना चाहते- कोर्ट पीठ ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि SIR बिना किसी बाधा और हिंसा के पूरा हो। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने ECI से कहा- अगर BLOs को धमकी मिल रही है, तो यह गंभीर मुद्दा है। लेकिन अभी तक आप (ECI) हमारे पास खुद नहीं आए। किसी अन्य पक्ष की याचिका पर हमें तथ्यों की जांच करनी होगी। CJI ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के पास केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग करने का अधिकार है, लेकिन आयोग ने अब तक इस विकल्प का उपयोग नहीं किया है। द्विवेदी ने बताया कि मामला संवेदनशील होने के चलते आयोग ने ‘कड़ा कदम’ उठाने में संयम बरता, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि BLOs की सुरक्षा के लिए मजबूत कदम उठाए जाएंगे। बेंच ने स्पष्ट किया कि याचिका मुख्य रूप से अखबारी रिपोर्टों पर आधारित है और सिर्फ एक एफआईआर ही ठोस सबूत है। जस्टिस बागची ने कहा- क्या हम यह कह सकते हैं कि पश्चिम बंगाल की स्थिति इतनी अनोखी है कि सिर्फ इसी राज्य के लिए विशेष निर्देश जारी किए जाएं? क्या पूरे देश की पुलिस को चुनाव आयोग के नियंत्रण में दे दिया जाए? सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यदि चुनाव आयोग खुद आता तो कोर्ट विचार करता, लेकिन किसी तीसरे पक्ष की याचिका पर एक घटना के आधार पर व्यापक आदेश नहीं दिया जा सकता। फिर भी कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए चुनाव आयोग से पूछा है कि देश के विभिन्न राज्यों से उसे कितना सहयोग मिल रहा है और किन-किन राज्यों में बीएलओ को धमकी मिल रही है। चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया कि वह बीएलओ की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा और जरूरत पड़ी तो केंद्रीय सहायता भी मांगेगा। अब मामले की अगली सुनवाई नोटिस के जवाब आने के बाद होगी।

छत्तीसगढ़ में नया इतिहास: रविवार से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र

रायपुर  छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार खास होने वाला है, क्योंकि यह पहली बार नवा रायपुर में बनी नई विधानसभा बिल्डिंग में हो रहा है। यह सेशन चार दिनों तक चलेगा, 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए सत्र की शुरुआत इसी दिन से करने का निर्णय लिया गया है। पहले दिन नहीं होगा प्रश्नकाल, ‘विजन 2047’ पर होगी विस्तृत चर्चा इस चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसके बजाय राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ पर विस्तृत चर्चा करेगी। इस चर्चा के दौरान राज्य के अगले 25 वर्षों की नीतियों का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। यह सरकार की कार्ययोजना और रणनीति पर केंद्रित होगा। कुल 628 प्रश्न लगाए गए, 15 को अनुपूरक बजट विधायकों ने इस सत्र के लिए कुल 628 प्रश्न लगाए हैं, जिनमें 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। ये सवाल मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, धान खरीदी में दिक्कतें, खराब सड़कें, और राशन वितरण जैसे ज्वलंत मुद्दों से जुड़े हैं। सत्र के दूसरे दिन सोमवार 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। ये महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे इसके अलावा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन और दुकान पंजीयन को श्रम विभाग के अधीन लाने जैसे महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। नौ दिसंबर से नए भवन में विधायकों के ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने हर सदस्य रोज अधिकतम दो ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्ताव दे सकेगा। पूरे सत्र के लिए अधिकतम छह ध्यानाकर्षण और तीन स्थगन प्रस्तावों की सीमा तय की गई है। पहले दिन होगी 'छत्तीसगढ़ विज़न 2047' पर विशेष चर्चा 14 दिसंबर को सत्र का पहला दिन होगा, और इस दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसकी जगह राज्य सरकार के दीर्घकालिक विकास रोडमैप ‘छत्तीसगढ़ विज़न 2047’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक सामान्य कार्यवाही चलेगी, जिसमें प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्य शामिल रहेंगे। 15 दिसंबर को आएगा अनुपूरक बजट, नए में शिफ्टिंग पूरी चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। वहीं, दूसरे दिन सोमवार, 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने की तैयारी में है। इस दौरान निजी विवि संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में किए गए संशोधन और दुकानों का पंजीयन श्रम विभाग में करने संबंधित विधेयक भी लाया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर पुराने विधानसभा भवन से सभी विभागों के सामान की शिफ्टिंग पूरी हो चुकी है। दो दिसंबर से शिफ्टिंग शुरू हुई थी, जिसे शनिवार शाम तक पूरा कर लिया गया। बताया गया है कि एक-दो दिन में ही नए भवन में विधानसभा सचिवालय और स्टाफ का कामकाज शुरू हो जाएगा। अब सभी प्रकार के पत्राचार नए भवन से ही किए जाएंगे। विधायकों द्वारा प्रश्न लगाए जा चुके हैं, ध्यानाकर्षण अब नए भवन में ही जाकर देना होगा। धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी संभावित बताया गया है कि इस नई विधानसभा के पहले सत्र को यादगार बनाने के लिए धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाने की संभावना है। प्रदेश में धर्मांतरण की लगातार शिकायतें और कार्रवाई की जा रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार यह विधेयक लाने की तैयारी में है ताकि प्रदेश में अवैध तरीके से कराए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुछ दिन पहले ही संशोधन विधेयक लाने के संकेत दे चुके हैं। 9 दिसंबर से जमा कर सकेंगे नोटिस सदस्य 9 दिसंबर से और बैठक वाले दिन सुबह 8 बजे तक- ध्यानाकर्षण सूचनाएं, स्थगन प्रस्ताव, नियम 267 क के तहत नोटिस, नए विधानसभा भवन में जमा कर सकेंगे। नियम के अनुसार हर सदस्य को अनुमति होगी: रोज 2 ध्यानाकर्षण नोटिस रोज 1 स्थगन प्रस्ताव पूरे सत्र (3 कार्यदिवस) में अधिकतम 6 ध्यानाकर्षण अधिकतम 3 स्थगन प्रस्ताव देने की अनुमति होगी। पुराने विधानसभा भवन से शिफ्टिंग जारी नए भवन में आने वाले सत्र के लिए तेज़ी से तैयारियां की जा रही हैं। फ़ाइलें, फ़र्नीचर, रिकॉर्ड और दूसरा ज़रूरी सामान पुरानी विधानसभा बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में शिफ़्ट किया जा रहा है। लक्ष्य है कि 10 दिसंबर तक पूरा रिलोकेशन प्रोसेस पूरा हो जाए। सभी डिपार्टमेंट्स को निर्देश दिया गया है कि वे ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स को तय कमरों में सावधानी से जमा करें ताकि सेशन शुरू होने से पहले सब कुछ ऑर्गनाइज़ हो जाए।

लारिसा बोन्सी ने बोल्ड अंदाज में दिखाई हॉटनेस, छोटी ड्रेस पहन दिलों को किया घायल

मुंबई  शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ने जब से अपनी वेब सीरीज बैड्स ऑफ बॉलीवुड रिलीज की है, वह सुर्खियों में छाए ही रहते हैं। उनका बतौर डायरेक्टर डेब्यू धमाकेदार रहा है, तो अब वह अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में छाए रहते हैं। उनका नाम पिछले काफी समय से विदेशी मॉडल लारिसा बोन्सी के साथ जुड़ रहा है। जिन्होंने सीरीज के प्रीमियर में स्टाइलिश एंट्री लेकर डेटिंग रूमर्स को और हवा दे दी थी। ऐसे में अब लारिसा जहां भी जाती हैं, आर्यन का जिक्र खुद-ब-खुद हो जाता है, तो उनके ग्लैमरस रूप पर भी लोग फिदा हो जाते हैं। अब हसीना ने छोटी- सी ड्रेस पहन अपनी फोटोज शेयर की। जहां उनका ग्लैमरस रूप देखते ही बना, तो वह बार्बी वाली वाइब्स भी दे गईं। ऐसे में उनकी तस्वीरें लोगों का खूब ध्यान खींच रही हैं। कहर ढा गईं लारिसा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली 31 साल की लारिसा आए दिन अपनी तस्वीरें शेयर करती हैं। जहां उनका एक से बढ़कर एक स्टाइलिश रूप देखने को मिलता है। इस बास वह बेबी पिंक कलर की ड्रेस में नजर आईं। जिसमें उन्हें सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट लीपाक्षी ने स्टाइल किया। जहां milla लेबल की स्टनिंग मिनी ड्रेस पहनकर वह कहर ढा गईं। स्ट्रैपलेस ड्रेस में दिखा कातिलाना अंदाज लारिसा की स्ट्रैपलेस ड्रेस को साटन के शाइनी फैब्रिक से बनाया गया है। जिसका बॉडी फिटेड डिजाइन और उसमें पड़ती प्लीट्स उनके कर्व्स को ब्यूटीफुल तरीके से फ्लॉन्ट कर गया। वहीं, इसमें टीज एलिमेंट ऐड करने का काम रफल स्कर्ट पैटर्न लेकर आया, जो शानदार लगा। जिसे ग्रेस और कॉन्फिडेंस के साथ कैरी करके वह कमाल दिखीं। रफल डीटेलिंग लगी कमाल दरअसल, ड्रेस के मिनी स्कर्ट पोर्शन को बैलून स्टाइल फ्लफी लुक देते हुए रफल डीटेलिंग ऐड की। उन्होंने छोटी- छोटी प्लीट्स ऐड करके इसमें ढेर सारा ड्रामा ला दिया, तो बाकी की कसर उनकी अदाओं ने पूरी कर दी। जहां अपने टोन्ड लेग्स को फ्लॉन्ट करते हुए हसीना ने एक से बढ़कर एक किलर पोज दिए। कॉर्सेट स्टाइल डीटेलिंग लगी शानदार फ्रंट से लारिसा की ड्रेस एकदम प्लेन है और उस पर कोई वर्क या डिजाइन नहीं है, तो बैक पर इसे ड्रामेटिक टच दे दिया। इसे कॉर्सेट की तरह डिजाइन किया और पिंक डोरी को क्रिस क्रॉस तरीके से बांधकर नॉट लास्ट में बांध दी। जिसमें उनके पतली कमरिया और परफेक्ट फिगर कमाल का लगा। जिसे कैरी करने का लारिसा का अंदाज बेस्ट है। एक्सेसरीज से ऐड की चमक अपने लुक में ग्लैम कोशेंट को मेंटेन रखने के लिए लारिसा ने जूलरी के साथ ज्यादा प्ले न करते हुए इसे मिनिमल रखा। जिससे उनकी ड्रेस ही हाइलाइट में रही। वह डायमंड इयररिंग्स पहने नजर आईं, तो हाथ में ब्रेसलेट भी वेअर किया। जितना ही उनके लुक को शानदार बना गया और लारिसा का स्टाइल देखते ही बना। वहीं, सिल्वर एम्बेलिश्ड हील्स ने भी लुक में ब्लिंग ऐड की। तभी तो उनका ओवरऑल लुक किसी बार्बी जैसी फील दे गया। इस तरह दिया फाइनल टच आखिर में स्ले करने के लिए उन्होंने अपने हेयर और मेकअप को भी सटल ही रखा। अब जब ड्रेस का कलर ही इतना सॉफ्ट टोन में हैं, तो मेकअप को कैसे लाउड किया जा सकता है। तभी तो हसीना ने पिंक लिप्स के साथ इसे एकदम नेचुरल टच दिया और बालों को मिडिल पार्टीशन के साथ वैवी टच देकर खुला छोड़ा। जहां स्ट्रैपलेस ड्रेस में अपना अदाओं से हसीना फैंस को लट्टू बनाने में पीछे नहीं रहीं।

सीबीआई का बड़ा कदम: अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी पर धोखाधड़ी का आरोप

मुंबई  केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अनिल अंबानी के खिलाफ गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को करीब ₹228 करोड़ का नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है। बैंक की शिकायत के अनुसार, अनमोल अंबानी ने अपनी समूह की एक कंपनी के जरिए बैंक से ऋण लिया था। आरोप है कि कंपनी ने समय पर लोन की किस्तें चुकाने में विफलता दिखाई, जिससे बैंक को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ। ₹450 करोड़ की क्रेडिट सुविधा बैंक की शिकायत में बताया गया है कि RHFL ने मुंबई स्थित बैंक की शाखा से अपनी व्यावसायिक जरूरतों के लिए ₹450 करोड़ की क्रेडिट लिमिट ली थी। बैंक ने ऋण देते समय कंपनी के लिए कई शर्तें तय की थीं, जैसे: समय पर किस्तें चुकाना, ब्याज और अन्य शुल्क का भुगतान, सभी बिक्री आय को बैंक खाते के माध्यम से रूट करना, ऋण चूक और फंड डायवर्जन। कंपनी ने इन शर्तों का पालन नहीं किया और समय पर किस्तों का भुगतान नहीं किया। 30 सितंबर 2019 को यह खाता NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर दिया गया। बैंक के आदेश पर ग्रांट थॉर्नटन ने 1 अप्रैल 2016 से 30 जून 2019 तक फोरेंसिक ऑडिट किया। ऑडिट में पाया गया कि उधार लिया गया पैसा गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया और मूल व्यावसायिक उद्देश्य के बजाय अन्य कार्यों में लगाया गया। जय अनमोल अंबानी का रोल क्या था? जब लोन लेकर फंड डायवर्ड किया गया तब जय अनमोल रिलायंस होम फाइनेंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। CBI का कहना है कि उन्होंने और अन्य डायरेक्टर्स ने मिलकर बैंक को गलत जानकारी दी और लोन की शर्तों का उल्लंघन किया। इसके चलते बैंक को 228.06 करोड़ का नुकसान हुआ। CBI ने RHFL, RCFL, अनमोल और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के साथ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। यूनियन बैंक ने खुद इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। ADA ग्रुप पर अलग-अलग बैंकों से धोखाधड़ी को आरोप यूनियन बैंक के अलावा अनिल अंबानी ग्रुप पर SBI, यस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक और PNB जैसे बैंकों के साथ बड़े फ्रॉड केस चल रहे हैं। जून 2025 में SBI ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित किया, जहां 40,000 करोड़ से ज्यादा लोन डिफॉल्ट हुए। SEBI ने अगस्त 2024 में अनिल अंबानी और 24 अन्य को 5 साल के लिए मार्केट से बैन कर दिया, क्योंकि RHFL से 5,000 करोड़ से ज्यादा फंड्स लोन के नाम पर डायवर्ट किए गए। ED ने अनिल अंबानी को अगस्त और नवंबर 2025 में पूछताछ के लिए बुलाया, जहां 17,000 करोड़ के लोन फ्रॉड पर सवाल किए गए। धोखाधड़ी का आरोप बैंक ने आरोप लगाया है कि पूर्व प्रमोटर और निदेशक ने खातों में हेरफेर कर फंड का ग़लत इस्तेमाल किया। बैंक की राशि को गलत तरीके से डायवर्ट कर अन्य कार्यों में लगाया गया, जिससे बैंक को ₹228 करोड़ का नुकसान हुआ। CBI अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और फंड के इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं की तह तक जाएगी। अनिल अंबानी की कंपनियों पर कई मामले चल रहे अनिल अंबानी की कंपनियां पिछले कुछ सालों से लगातार कर्ज और डिफॉल्ट के मामलों में घिरी रही हैं। रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया हो चुकी है। रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंफ्रा भी NCLT में हैं। रिलायंस होम फाइनेंस को भी 2022 में RBI ने स्पेशल ऑडिट के बाद पेनल्टी लगाई थी। अनिल अंबानी की कुल ₹10,117 करोड़ की संपत्ति जब्त पिछले हफ्ते शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों की 1,120 करोड़ रुपए की नई संपत्तियां अटैच की थी। इससे पहले ED ने 20 नवंबर को अनिल अंबानी से जुड़ी करीब 1,400 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टीज अटैच की थी। वहीं, अलग-अलग कई मामलों में ग्रुप से जुड़ी 10,117 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

वंदे मातरम विवाद: अमित शाह से बहस में क्यों तल्ख हुए खरगे? बोले— आपका भी समय आएगा…

नई दिल्ली  राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने के मौके पर आज (मंगलवार (9 दिसंबर को) संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में भी चर्चा हो रही है। इसकी शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वंदे मातरम् को देश भक्ति, त्याग और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बताया और कहा कि जो लोग इस समय इसकी चर्चा करने के औचित्य और जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपनी सोच पर नए सिरे से विचार करना चाहिए। शाह ने चर्चा के माध्यम से देश के बच्चे, युवा और आने वाली पीढ़ी यह बात समझ सकेगी कि वंदे मातरम् का देश को स्वतंत्रता दिलाने में क्या योगदान रहा है।   उन्होंने कहा कि लोकसभा में कांग्रेस की एक बड़ी नेत्री ने इस विषय पर यह प्रश्न उठाया था कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने वंदे मातरम् को दो टुकड़े किए जिसके कारण बाद में देश का विभाजन हुआ। शाह के इस बयान पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे भड़क गए और उन्होंने गृह मंत्री के इस बयान का विरोध करने लगे। तभी राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने खरगे से कहा कि आपको बी बोलने का मौका मिलेगा, प्लीज बैठ जाइए। हालांकि, खरगे इतने पर भी नहीं रुके और वह बोलते रहे। तब सत्ता पक्ष की तरफ से हो-हल्ला होने लगा। इसी बीच अमित शाह ने कहा, खरगे साहब आपका भी समय आएगा। आपको भी बोलने का बहुत समय मिला है। इसके बाद सभापति ने भी खरगे से फिर अनुरोध किया कि वो बैठ जाएं। इसके बाद खरगे शांत हो गए। इसके बाद चर्चा को आगे ढ़ाते हुए शाह ने कहा कि यह अमर कृति ‘‘भारत माता के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य के भाव जागृत करने वाली कृति है।’’ गृह मंत्री ने कहा कि जिन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि आज इस पर चर्चा क्यों की जा रही है, उन्हें अपनी समझ पर नये सिरे से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस चर्चा को पश्चिम बंगाल में होने जा रहे चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग बंगाल चुनाव से जोड़कर राष्ट्रीय गीत के महिमामंडन को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। लोकसभा में सोमवार को इस विषय पर हुई चर्चा में कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सांसदों ने इस मुद्दे पर इस समय चर्चा कराये जाने की जरूरत पर प्रश्न उठाये थे। शाह ने कहा कि यह बात अवश्य है कि बंकिमचंद्र चटर्जी ने इस रचना को बंगाल में रचा था किंतु यह रचना न केवल पूरे देश में बल्कि दुनिया भर में आजादी की लड़ाई लड़ रहे लोगों के बीच फैल गयी थी। उन्होंने कहा कि आज भी कोई व्यक्ति यदि सीमा पर देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देता है तो यही नारा लगाता है। उन्होंने कहा कि आज भी जब कोई पुलिसकर्मी देश के लिए अपनी जान देता है तो प्राण देते समय उसके मुंह में एक ही बात होती है, ‘वंदे मातरम्’। शाह ने कहा कि देखते देखते आजादी के आंदोलन में वंदे मातरम देश भक्ति, त्याग और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि ‘‘बंकिम बाबू’’ ने इस गीत को जिस पृष्ठभूमि में लिखा, उसके पीछे इस्लामी आक्रांताओं द्वारा भारत की संस्कृति को जीण-शीर्ण करने के प्रयास और ब्रिटिश शासकों द्वारा एक नयी संस्कृति को थोपने की कोशिशें की जा रही थीं। शाह ने कहा कि वंदे मातरम् के प्रति समर्पण की जरूरत, जब यह बना तब थी, आजादी के आंदोलन में थी, आज भी है और जब 2047 में महान भारत की रचना होगी, तब भी रहेगी।  

शांति वार्ता धरी की धरी रह गई: ट्रंप समझौते के बाद भी दो देशों में गोलीबारी तेज

थाइलैंड  थाइलैंड और कंबोडिया के बीच विवादित सीमा पर फिर से हिंसा भड़क उठी है। सोमवार को थाइलैंड ने कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें एक थाइ सैनिक की मौत और चार कंबोडियाई नागरिकों की जान चली गई। दोनों देश एक-दूसरे पर ट्रंप द्वारा कराई गई शांति डील तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इस संघर्ष से हजारों लोग अपने घरों से भाग रहे हैं और पूर्वी एशिया में स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'शांति की जीत' अब खतरे में है, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार की सिफारिश तक मिल चुकी थी।   दोनों देशों के बीच सीमा पर दूसरे दिन भी भीषण लड़ाई जारी रही, जिसके कारण हजारों नागरिक अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए। मंगलवार को कंबोडिया के शक्तिशाली सीनेट अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन ने वादा किया कि उनका देश थाइलैंड के खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ेगा और अपनी भूमि की रक्षा करेगा। कैसे भड़का नया संघर्ष? रविवार रात दोनों देशों की सीमा पर हुई झड़प में एक थाई सैनिक की मौत के बाद तनाव अचानक बढ़ गया। जुलाई में हुई पांच दिन की जंग को खत्म करने के लिए हुए संघर्षविराम के बावजूद गोलाबारी फिर शुरू हो गई। जुलाई के संघर्ष में दोनों तरफ दर्जनों नागरिक और सैनिक मारे गए थे और लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था। दोनों देशों के आरोप-प्रत्यारोप तेज हुन सेन ने फेसबुक और टेलीग्राम पर पोस्ट कर दावा किया कि कंबोडिया ने सोमवार तक संयम दिखाया, लेकिन रात में थाई सेना की गतिविधियों के जवाब में फायरिंग की। उन्होंने कहा कि थाइलैंड की बढ़त वाले क्षेत्रों पर केंद्रित जवाबी कार्रवाई से दुश्मन की ताकत को कमजोर कर नष्ट किया जा सकता है। थाई सेना ने आरोप लगाया कि कंबोडियाई बलों ने मंगलवार सुबह साकेओ प्रांत के एक गांव पर तोप के गोले दागे, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। थाई सैन्य प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रविवार और सोमवार को भी कंबोडिया ने उसकी चौकियों पर हमला किया। हुन सेन ने कहा- कंबोडिया शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए लड़ने को मजबूर है। ताजा हताहतों का आंकड़ा     कंबोडियाई सेना के अनुसार, ताजा संघर्ष में 7 नागरिकों की मौत और 20 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।     थाई सेना ने बताया कि एक सैनिक की मौत और 29 सैनिक घायल हुए हैं।     थाई रियर एडमिरल सुरासंत कोंगसिरी ने कहा कि नौसेना को पूर्वी सीमा पर मजबूत किया जा रहा है। थाइलैंड के एयरस्ट्राइक जारी रहेंगे थाइलैंड ने सोमवार को सीमा के पास कई हवाई हमले किए, जिन्हें उसने रक्षात्मक कार्रवाई बताया। ये हमले कंबोडिया की सैन्य पोस्टों को निशाना बनाकर किए गए थे। सुरासंत ने कहा कि यह अभियान हमलों के बंद होने तक जारी रहेगा। लोगों का बड़े पैमाने पर पलायन दोनों तरफ के गांवों में रहने वाले लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। थाइलैंड की दूसरी आर्मी रीजन ने बताया कि उसने चार सीमा प्रांतों में लगभग 500 अस्थायी शिविर स्थापित किए हैं, जिनमें 1,25,838 लोग शरण ले चुके हैं। बाकी लोग रिश्तेदारों के यहां जा रहे हैं। कंबोडिया ने भी सीमा के करीब बसे गांवों से लोगों के पलायन की पुष्टि की है। थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने टेलीविजन संबोधन में कहा कि देश अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा- थाइलैंड ने कभी हिंसा नहीं चाही, लेकिन अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा। सदियों पुराना विवाद, बार-बार भड़कता तनाव दोनों देशों के बीच 800 किलोमीटर से अधिक लंबी भूमि सीमा पर कई बार तनाव होता रहा है। जुलाई में हुए संघर्षविराम को मलेशिया ने मध्यस्थता कर कराया था और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के कारण दोनों देशों को इसे स्वीकार करना पड़ा था। ट्रंप ने व्यापारिक विशेषाधिकार वापस लेने की चेतावनी दी थी। अक्टूबर में हुआ विस्तृत समझौता- जिसमें भारी हथियार हटाना, गलत सूचना रोकना, विश्वास बहाली और बारूदी सुरंगों को हटाने में सहयोग जैसी बातें शामिल थीं। वह आज तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। इसके बाद दोनों देशों ने एक–दूसरे पर दुष्प्रचार, सीमा उल्लंघन और उत्तेजक बयानबाजी जारी रखी। कैदी और बारूदी सुरंगें बढ़ा रहीं तनाव कंबोडिया की मुख्य शिकायत यह है कि थाइलैंड संघर्षविराम लागू होने के दौरान पकड़े गए 18 कैदियों को अभी भी नहीं छोड़ रहा है। थाइलैंड का आरोप है कि कंबोडिया ने विवादित क्षेत्रों में नई बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, जिनसे कई थाई सैनिक घायल हुए हैं। कंबोडिया का कहना है कि यह पुराने गृहयुद्ध की सुरंगें हैं, जो 1999 तक चले संघर्ष से बची हुई हैं। इन्हीं मुद्दों के कारण थाइलैंड ने इस माह की शुरुआत में सीजफायर समझौते के क्रियान्वयन को अनिश्चितकाल के लिए रोकने की घोषणा कर दी। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नई हिंसा पर गंभीर चिंता जताई है, खासकर हवाई हमलों और भारी हथियारों के इस्तेमाल पर।  

पर्यटन वाहनों पर नई पॉलिसी: NCR में 10 वर्ष से ज्यादा पुराने डीज़ल वाहन होंगे बैन

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में चलने वाले पर्यटन और परिवहन वाहनों की अधिकतम संचालन आयु तय कर दी गई। इसके लिए हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 में संशोधन करते हुए हरियाणा मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2025 को मंजूरी प्रदान की गई। नए नियम लागू होने के बाद एनसीआर और गैर-एनसीआर क्षेत्रों में सभी प्रकार के परमिट वाले वाहनों को निर्धारित आयु सीमा के भीतर ही चलाया जा सकेगा। मंत्रिमंडल के अनुसार, एनसीआर क्षेत्र में अखिल भारतीय पर्यटन परमिट पर चलने वाले वाहनों की अधिकतम आयु निर्धारित कर दी गई है। पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले वाहन अधिकतम 12 वर्ष चलेंगे। वहीं डीजल वाहनों को अधिकतम 10 वर्ष तक चलाया जा सकेगा। सरकार ने एनसीआर के बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए डीजल वाहनों पर कड़ी सीमा लागू की है, जबकि स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले वाहनों को कुछ अतिरिक्त वर्षों की राहत दी गई है। एनसीआर से बाहर, अखिल भारतीय पर्यटन परमिट वाले वाहनों की संचालन आयु समान रहेगी। पेट्रोल, सीएनजी या डीजल के सभी वाहनों की अधिकतम आयु 12 वर्ष तय की गई है। इस निर्णय से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिकों को संचालन अवधि में स्थिरता मिलेगी। इसी तरह कैबिनेट ने स्टेज कैरिज, अनुबंधित कैरिज, मालवाहक वाहन और स्कूल बसों की आयु भी तय की है। एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल, सीएनजी, विद्युत (इलेक्ट्रिक) और अन्य स्वच्छ ईंधन वाले वाहन 15 वर्ष तक चल पाएंगे। वहीं डीजल वाहन 10 वर्ष तक ही दौड़ सकेंगे। इसी तरह गैर-एनसीआर क्षेत्रों में स्टेज कैरिज, अनुबंधित कैरिज, मालवाहक वाहन और स्कूल बसों (ईंधन कोई भी हो) की की अधिकतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है। सरकार का कहना है कि वाहनों की उम्र तय करने का यह कदम एनसीआर में प्रदूषण कम करने और पूरे प्रदेश में सुरक्षित व व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। नए नियम लागू होने के बाद परिवहन विभाग इनका कड़ाई से पालन करवाएगा।

कप्तान सूर्या का जलवा! दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टूट सकते हैं तीन बड़े रिकॉर्ड

नई दिल्ली  भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर मैदान पर धमाल मचाने उतरेंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान भारतीय कप्तान के नाम कई उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। बुधवार से शुरू होने वाली टी20 सीरीज में सूर्यकुमार एक के बाद एक तीन बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम कर सकते हैं। सूर्यकुमार यादव के पास टी20 इंटरनेशनल में तीन हजार रन पूरा करने का मौका है। वह रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद ऐसा करने वाले तीसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार को कटक में खेला जाएगा।   भारत के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन पूरे करने के लिए 246 रनों की जरूरत है। अगर सूर्यकुमार यादव यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वह रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद टी20 इंटरनेशनल में 3000 या उससे अधिक रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। टी20 क्रिकेट में भी सूर्यकुमार यादव के पास एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। वह 9000 रन पूरा करने से सिर्फ 59 रन दूर हैं।   सूर्यकुमार यादव अगर पहले मुकाबले में 59 रन बना लेते हैं तो वह विराट कोहली, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे दिग्गजों के साथ 9000 टी20 रन पूरे करने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। सूर्यकुमार यादव खेल के सबसे छोटे प्रारूप में बड़े शॉट खेलने के लिए भी मशहूर हैं। सूर्यकुमार यादव ने टी20 क्रिकेट में 394 छक्के लगाए हैं उन्हें 400 तक पहुंचने के लिए केवल 6 छक्कों की जरूरत है। अफ्रीका के खिलाफ कटक के बाराबती स्टेडियम में होने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पूर्व, मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव सहित टीम इंडिया के चार सदस्य मंगलवार को श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। सूर्यकुमार ने अपनी पत्नी देविषा शेट्टी के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच 12वीं शताब्दी के इस मंदिर में प्रवेश किया।