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मध्यप्रदेश पुलिस की मासूमों की सकुशल बरामदगी में त्वरित कार्रवाई

“विदिशा, सागर और ग्वालियर पुलिस ने अपहृत बच्चों को सुरक्षित दस्‍तयाब कर परिवार से मिलाया भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस ने एक बार फिर त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रदेश के तीन जिलों—विदिशा, ग्वालियर और सागर में अपहरण एवं गुमशुदगी से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मामलों में पुलिस ने अद्भुत दक्षता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया। दो अपहरण मामलों में मासूम बच्चों को रिकॉर्ड समय में सुरक्षित बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, वहीं सागर में पुलिस की संवेदनशील पहल से 17 वर्ष बाद गुमशुदा बालिका अपने परिवार से पुनः मिल सकी। विदिशा पुलिस की बड़ी सफलता — 235 से अधिक सीसीटीवी फुटेज से 48 घंटे में 3 वर्षीय मासूम बरामद थाना कोतवाली क्षेत्र से तीन वर्षीय बालिका के अपहरण की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में “ऑपरेशन मुस्कान” के अंतर्गत 8 टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने 235 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, 135 से अधिक लोगों से पूछताछ तथा कई इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। जिसके परिणामस्‍वरूप ऑटो चालक बृजेश कुशवाहा की पहचान हुई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुँची। अभियुक्त अर्जुन सिंह पाल, हरिबाई, रवि पाल और जितेंद्र पाल ने बच्ची को सौदे के उद्देश्य से अपहरण करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर परिवार को सौंपा। ग्वालियर पुलिस की त्वरित कार्यवाही — डेढ़ वर्षीय बच्चा सुरक्षित बरामद थाना बहोड़ापुर क्षेत्र से डेढ़ वर्षीय रोहित के गुम होने की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह के निर्देशन में त्वरित खोजबीन प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और सतत सर्च अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने नागदेवता मंदिर, ट्रांसपोर्ट नगर से एक महिला को पकड़ा जो बच्चा लेकर घूम रही थी। महिला ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने बच्चा न होने के कारण उसे उठा लिया था। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया। सागर जिला — 17 वर्ष बाद गुमशुदा बालिका को परिवार से मिलाया, परिवार ने कहा – ‘’यह हमारे जीवन का सबसे सुखद पल’’ 11 फरवरी 2008 को चौकी मंडीबामोरा क्षेत्र से 10 वर्षीय बालिका लापता हुई थी। वर्षों तक खोजबीन जारी रहने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। हाल ही में इंस्टाग्राम रील देखते समय उस बालिका, जो अब बालिग है, ने मंडीबामोरा रेलवे स्टेशन का नाम देखा और उसे अपना गृहक्षेत्र याद आ गया। उसने तत्काल अपने पति संग पुलिस चौकी से संपर्क किया। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके परिवार को बुलाया। बेटी अपने माता-पिता को तुरंत नहीं पहचान पाई, लेकिन पिता ने उसके माथे पर पुराने घाव के निशान से पहचान लिया। परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह हमारे जीवन का सबसे सुखद पल है। ये सभी उदाहरण न केवल प्रदेश पुलिस की दक्षता दर्शाते हैं, बल्कि समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करते हैं।

बड़ी कार्रवाई! पंजाब में बढ़ाई गई सुरक्षा, 44,000 पुलिसकर्मी मैदान में उतरे

जालंधर/चंडीगढ़ राज्य में आने वाले दिनों में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को ध्यान में रखते हुए, पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डी.जी.पी.) गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि शांत मय ढंग से ही चुनाव करवाने के लिए 44000 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। गौरतलब है कि पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव 14 दिसंबर को होंगे और 17 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए, डी.जी.पी. गौरव यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को पेशेवर पुलिसिंग और आदर्श चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सांझा करते हुए, कानून एवं व्यवस्था के विशेष डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने राज्य के सी.पी./एस.एस.पी. और रेंज डी.आई.जी. के साथ वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करने के बाद बताया कि पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और फील्ड अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी के लिए जिलों से कम से कम 75 प्रतिशत पुलिस बल जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी सी.पी./एस.एस.पी. को असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने, जनता में भरोसा पैदा करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालने और मजबूत अंतर-राज्यीय तथा अंतर-जिला नाके लगाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों के डी.जी.पी. से पंजाब की सीमा से सटे अपने क्षेत्रों में नाके लगाने का अनुरोध भी किया गया है। उन्होंने बताया कि 13,395 मतदान केंद्रों पर 18,718 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 860 को अति-संवेदनशील और 3,405 को संवेदनशील घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी सीपी और एस.एस.पी. को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार और सक्रिय गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

PSPCL में बड़ा फर्जीवाड़ा: हजारों उपभोक्ताओं के ‘जीरो बिल’ पर उठा सवाल, जांच से खुलेंगे राज

लुधियाना पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन सैंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस द्वारा मीटरों की रीडिंग करने के दौरान सरकारी सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करने वाले 40 के करीब कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए मीटर रीडरों की आई.डी. को ब्लॉक कर दिया गया है। हालांकि इस दौरान कई मीटर रीडर पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों को सियासी नेताओं की सिफारिशें लगाकर मामले को रफा-दफा करने के जुगाड़ करने में जुट गए हैं। चीफ इंजीनियर स.हांस द्वारा पावरकॉम विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सभी डिवीजनों सुंदर नगर, सी.एम.सी. डिवीजन, सिटी सैंटर, फोकल प्वाइंट, अग्र नगर, स्टेट डिवीजन, मॉडल टाऊन, जनता नगर, सिटी वैस्ट, सहित खन्ना, दोराहा, सरहिंद, अमलोह, मंडी अहमदगढ़, ललतों, जगराओं, रायकोट, मुल्लांपुर दाखा आदि इलाकों के एक्सियन साहिबानों को मीटर रीडरों की सरकारी आई. डी. को बंद कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। ताकि पावरकॉम विभाग के सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई कर बिजली निगम को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। यहां बताना अनिवार्य होगा कि बिजली मीटर द्वारा किए गए घोटाले का पर्दाफाश सबसे पहले पंजाब केसरी द्वारा किया गया है। समाचार प्रकाशित होने के तुरंत बाद पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के निर्देश जारी किए गए। जांच में सामने आया है कि बिजली मीटर रीडरों ने एक सोची समझी साजिश के तहत पावरकॉम विभाग की अत्यधिक ओ.आर.सी. स्कैनिंग ऐप तकनीक की बजाए मैन्युअल अथवा सॉफ़्टवेयर के साथ छेड़छाड़ कर उपभोक्ताओं को फर्जीवाड़े के तहत 0 राशि के बिल जारी किए गए हैं। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हांस ने बताया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और मीटर रीडरों द्वारा सरकारी खजाने को पहुंचाए गए नुकसान की पाई-पाई का हिसाब उनसे लिया जाएगा।

16 से 29 दिसंबर तक उमर खालिद को इंटरिम बेल, अदालत का बड़ा फैसला

नई दिल्ली  दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गुरुवार को उनकी ओर से दायर उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने अपनी बहन के निकाह में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी। सुनवाई के बाद, अदालत ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अंतरिम जमानत प्रदान की है। खालिद की बहन का निकाह 27 दिसंबर को होना है और याचिका में 14 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की जमानत अवधि मांगी गई थी। हालांकि, अदालत ने खालिद को 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक की अंतरिम जमानत मंजूर की है।  अदालत ने अंतरिम रिहाई के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं, जिनमें उमर खालिद सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे, किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे और केवल परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, और करीबी दोस्तों से ही मिल सकेंगे। रिहाई के दौरान खालिद अपने घर पर ही रहेंगे या केवल उन स्थानों पर जा सकेंगे जहां शादी की रस्में और कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा, उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक सरेंडर करना होगा। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने सितंबर 2020 में उमर खालिद को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने फरवरी 2020 में दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिंसा की साजिश रची थी। इस मामले में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत केस दर्ज किया गया है। खालिद के साथ शरजील इमाम और कई अन्य लोगों पर भी इसी मामले में साजिशकर्ता होने का आरोप है। दिल्ली दंगे में कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। हिंसा की शुरुआत सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थी, जहां कई स्थानों पर हालात बेकाबू हो गए थे। पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (जो दिल्ली पुलिस का पक्ष रख रहे हैं) ने कहा था कि 2020 की हिंसा कोई अचानक हुई सांप्रदायिक झड़प नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला करने के लिए सुविचारित, सुनियोजित और योजनाबद्ध षड्यंत्र था। उन्होंने कहा था कि हमारे सामने यह कहानी रखी गई कि एक विरोध प्रदर्शन हुआ और उससे दंगे भड़क गए। मैं इस मिथक को तोड़ना चाहता हूं। यह स्वतःस्फूर्त दंगा नहीं था, बल्कि पहले से रचा गया था, जो सबूतों से सामने आएगा। मेहता ने दावा किया था कि जुटाए गए सबूत (जैसे भाषण और व्हाट्सएप चैट) दिखाते हैं कि समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की स्पष्ट कोशिश की गई थी। उन्होंने विशेष रूप से शरजील इमाम के कथित भाषण का जिक्र करते हुए कहा था कि इमाम कहते हैं कि उनकी इच्छा है कि हर उस शहर में चक्का जाम हो जहां मुसलमान रहते हैं।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026: आयोजन के लिए नौ सदस्यीय सलाहकार समिति गठित

नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा साहित्य उत्सव रायपुर अगले वर्ष 23 दिसंबर से नवा रायपुर में होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव के लिए राज्य शासन ने सलाहकार समिति का गठन कर दिया है। इस समिति में नौ सदस्य बनाए गए हैं। समिति में सदस्य के रूप में श्री अनंत विजय, डॉ. सुशील त्रिवेदी, श्री सतीश कुमार पंडा, श्रीमती जयमति कश्यप, श्री संजीव कुमार सिन्हा, श्री शंशाक शर्मा, श्री पंकज कुमार झा और श्री विवेक आचार्य को भी शामिल किया गया है। समिति रायपुर साहित्य उत्सव के सफल और प्रभावी आयोजन के लिए विशेष सलाह देगी। इसके साथ ही साहित्यकारों के चयन और आयोजन के विषयों पर भी आयोजकों को सहयोग करेगी। जनसंपर्क संचालनालय के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल समिति के सदस्य सचिव होंगे। उल्लेखनीय है कि नए वर्ष की शुरुआत के साथ आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा। इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।

आर्थिक और सामाजिक रुप से कमजोर प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग बनी मददगार

योगी आदित्यनाथ सरकार की नि:शुल्क आवासीय और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग बनी मॉडल   प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है रोजगार, पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए आवेदन का आज आखिरी दिन लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में युवा सशक्तिकरण के लिए 8 नि:शुल्क आवासीय और 150 मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग चला रही है। इसके माध्यम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार मिलने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर विशेष फोकस है। वो चाहते हैं कि प्रतिभाशाली युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में किसी भी बाधा का सामना न करना पड़े।  छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किया जाता है तैयार उत्तर प्रदेश में समाज कल्याण विभाग प्रतियोगी छात्रों के लिए दो तरह की कोचिंग चलाता है। रेजिडेंशियल कोचिंग में पढ़ाई के साथ साथ रहने की भी सुविधा होती है और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग में केवल क्लास चलती है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का दायरा काफी विस्तृत है। यहां से मिलने वाली कोचिंग सिर्फ यूपीपीसीएस तक सीमित नहीं है, बल्कि यूपीएससी, अधीनस्थ सेवाएं, विभिन्न भर्ती बोर्ड, बैंकिंग, एसएससी, अर्धसैनिक बल, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस, बीएड, टीईटी जैसी लगभग हर प्रमुख परीक्षा इसमें शामिल है।  150 सेंटर में 23000 से ज्यादा छात्रों का रजिस्ट्रेशन उत्तर प्रदेश के 150 अभ्युदय कोचिंग सेंटर में इस साल अब तक 23801 अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सिविल सर्विसेस के लिए 8663, NEET के लिए 5574, JEE के लिए 2018, एनडीए/सीडीएस के लिए 801 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 6745 छात्र अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसमें छात्रों को पाठ्यक्रम और क्वेश्चन बैंक भी दिए जाते हैं, ताकि उनकी तैयारी पूरी तरह परीक्षा-केन्द्रित और व्यवस्थित हो।  पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए नि:शुल्क कोचिंग समाज कल्याण विभाग ने लखनऊ के गोमतीनगर में छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान में पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु मुफ्त आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की है। अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुष उम्मीदवार, जिनकी पारिवारिक आय छह लाख रुपये तक है वो आज 12 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। अब तक अनुसूचित जाति के 19, अनुसूचित जनजाति के 2 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 25 प्रतियोगी छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि कोचिंग सत्र के दौरान अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन और लाइब्रेरी की सुविधा बिल्कुल मुफ्त मिलेगी। इसके साथ ही हर विषय के विशेषज्ञ नियमित रूप से क्लास लेंगे। मुख्य परीक्षा पर फोकस करते हुए उत्तर लेखन का अभ्यास कराया जाएगा, मॉडल टेस्ट कराए जाएंगे और परीक्षा पैटर्न के मुताबिक खास सत्र भी चलेंगे।  अभ्युदय कोचिंग से प्रदेश के युवाओं का बदला जीवन अभ्युदय कोचिंग करियर को दिशा देने वाला मजबूत मंच बनकर उभर रहा है। इसमें कोचिंग, अध्ययन सामग्री और गाइडेंस सब कुछ नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है ताकि प्रतिभाएं सिर्फ संसाधनों की कमी के कारण पीछे न छूट जाए। यूपीएससी सीएसई 2023 में 882वीं रैंक हासिल करने वाली श्रुति श्रवण ने बताया कि इस योजना से उनको परीक्षा में सफल होने, खुद को अच्छी तरह से तैयार करने और अपने प्रदर्शन का आकलन करने में काफी मदद मिली।

राज्यपाल पटेल ने किया गौवंश का पूजन मुरारीलाल तिवारी गौशाला का किया भ्रमण

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गुरूवार को इंदौर के सांवेर रोड़ स्थित मुरारीलाल तिवारी गौशाला का भ्रमण किया। उन्होंने गौशाला में गौवंश का पूजन किया और गौमाता को लड्डू खिलाये। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि गायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। भारत में गौमाता के पूजन की परम्परा वर्षों पुरानी है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल को विधायक सुश्री उषा ठाकुर और गौशाला संचालकों ने गौशाला की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौशाला में तीन सौ से अधिक गायों की देख भाल और सेवा की जाती है। उनका पूरा ध्यान रखा जाता है। राज्यपाल श्री पटेल को गौशाला के सचिव श्री सुभाष गोयल ने गौशाला से संबंधित साहित्य भेंट किया।  

अम्बेडकर DBT वाउचर स्कीम: अंतिम तारीख 31 दिसंबर, जल्दी करें ऑनलाइन आवेदन

जयपुर राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना के वर्ष 2025-26 हेतु आवेदन प्रक्रिया जारी है। विभाग के उपनिदेशक श्री जितेंद्र सेठी ने बताया कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकारी शैक्षणिक संस्थानों एवं कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में नियमित रूप से अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इच्छुक विद्यार्थी अपनी SSO ID के माध्यम से sso.rajasthan.gov.in और sjms.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है, जिससे विद्यार्थी सरलता से निर्धारित अवधि में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। विभाग ने पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन कर योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

एयरपोर्ट में नजर आएगा स्विस एफिशिएंसी और भारतीय आतिथ्य का संगम

क्षेत्रीय विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं का होगा मेल पूरी तरह भारतीय पारंपरिक डिजाइन से प्रेरणा लेकर तैयार की गई है एयरपोर्ट की वास्तुकला लखनऊ/ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का जल्द ही शुभारंभ होने को है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यात्री यहां उतरते ही भारतीय संस्कृति और उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत का अनुभव कर सकें। स्विस दक्षता और भारतीय मेहमाननवाजी का अद्भुत संयोजन यात्रियों को एक अनूठी, सहज और आरामदायक यात्रा का अनुभव देगा। आधुनिकतम तकनीक और सुविधाओं के साथ यह हवाईअड्डा वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार हो रहा है।  यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने अभिनव डिजाइन, अत्याधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक समृद्धि के साथ न केवल यूपी बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार है। यह हवाई अड्डा यात्रियों के लिए हर कदम पर आरामदायक, तेज और यादगार अनुभव का वादा करता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वयं दिन प्रतिदिन इसकी निगरानी कर रहे हैं और हाल ही में उन्होंने यहां का भ्रमण कर प्रगति का जायजा लिया और दिशा निर्देश भी दिए। ‘घाट’ और ‘हवेली’ की झलक देती आकर्षक डिजाइन एयरपोर्ट की वास्तुकला पूरी तरह भारतीय पारंपरिक डिजाइन से प्रेरणा लेकर तैयार की गई है, ताकि यात्री यहां उतरते ही उत्तर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को महसूस कर सकें। टर्मिनल बिल्डिंग में लैटिस स्क्रीन जैसे नक्काशीदार डिजाइन लगाए गए हैं, जो न केवल सौंदर्य बढ़ाते हैं, बल्कि प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन के प्रवाह को भी नियंत्रित करते हैं। प्रवेश द्वार पर वाराणसी और हरिद्वार के प्रसिद्ध घाटों की याद दिलाने वाली चौड़ी व आकर्षक सीढ़ियां बनाई गई हैं, जो इस क्षेत्र की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं। टर्मिनल के भीतर एक हवेली शैली का विस्तृत आंगन बनाया जा रहा है, जो यात्रियों को खुला, हवादार और आरामदायक माहौल प्रदान करेगा। यह डिज़ाइन पारंपरिक भारतीय वास्तुकला में आंगन की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है। इसके साथ ही यूपी की प्रमुख नदियों की शांति व प्रवाह को दर्शाने वाली सफेद, तरंगाकार छत पूरे टर्मिनल को आधुनिकता और प्रकृति के संयोजन का प्रतीक बनाती है। इन सभी डिज़ाइन तत्वों का उद्देश्य है एक ऐसा वातावरण तैयार करना जहां यात्री तनावमुक्त, सहज और आत्मीय अनुभव के साथ अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकें। एक ऐसा अनुभव जो भारतीय संस्कृति की गर्मजोशी और आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं का अनूठा मेल हो। मिलेगा डिजिटल अनुभव, पूरी तरह टेक-सक्षम होगा एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों को एक अत्याधुनिक और डिजिटल-फर्स्ट अनुभव प्रदान करने जा रहा है। एयरपोर्ट पर ऐसी आधुनिक तकनीकें लगाई जा रही हैं, जो यात्रा को तेज और सहज बनाएंगी। यात्री स्वयं ही सेल्फ बैग-ड्रॉप मशीनों के माध्यम से अपना सामान जमा कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारों में लगने की जरूरत कम होगी। इसी तरह सेल्फ बोर्डिंग गेट्स के जरिए बोर्डिंग प्रक्रिया और अधिक तेज़ और सुविधाजनक होगी। एयरपोर्ट के सभी गेट DigiYatra सुविधा से लैस होंगे, जिसमें बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के माध्यम से यात्रियों को बिना किसी दस्तावेज दिखाए तेजी से प्रवेश और बोर्डिंग की सुविधा मिलेगी। स्मार्ट साइनेज, यूज़र-फ्रेंडली इंटरफेस और डिजिटलीकृत प्रक्रियाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर यात्री को एक तनावमुक्त, सुगम और अत्याधुनिक यात्रा अनुभव मिले। यह एयरपोर्ट भविष्य की यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जहां तकनीक यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। शॉपिंग और डाइनिंग का यादगार अनुभव नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों को शॉपिंग और डाइनिंग का ऐसा अनोखा अनुभव मिलेगा, जो उनकी यात्रा को और भी खास बना देगा। यहां यूपी और भारत के असली स्वादों का आनंद लेने के साथ-साथ स्थानीय और वैश्विक व्यंजनों का बेहतरीन मिश्रण उपलब्ध होगा। पारंपरिक व्यंजनों से लेकर इंटरनेशनल क्यूज़ीन तक, हर स्वाद का ध्यान रखते हुए एक क्यूरेटेड F&B अनुभव तैयार किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा होगा। साथ ही, एयरपोर्ट पर शॉपिंग का आनंद भी यात्रियों को रोमांचक सांस्कृतिक यात्रा का एहसास कराएगा, जहां स्थानीय हस्तशिल्प, आर्टवर्क, आधुनिक रिटेल ब्रांड्स और विशेष सॉवेनियर्स का आकर्षक संगम देखने को मिलेगा। यहां का हर अनुभव यात्रियों को सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि उत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा। साथ ही शॉपिंग के लिए ड्यूटी-फ्री स्टोर्स, प्रीमियम ब्रांड्स और यूपी के विशेष हस्तशिल्प जैसे बनारसी सिल्क, चिकनकारी और अतर के आकर्षक विकल्प यात्रियों को उपलब्ध होंगे। इस संपूर्ण व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यात्रियों को यहां सिर्फ एक ट्रांजिट स्पेस नहीं, बल्कि एक यादगार सांस्कृतिक यात्रा का आनंद मिले। ग्रीन एयरपोर्ट का बनेगा सजीव उदाहरण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक ग्रीन एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है, जहां निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर सतत विकास को प्राथमिकता दी गई है। एयरपोर्ट परिसर में नवीकरणीय ऊर्जा, विशेष रूप से सोलर और ऑफ-ग्रिड विंड सिस्टम का अधिकतम उपयोग किया जाएगा, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी। वर्षा जल संचयन प्रणाली और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के साथ-साथ अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर्यावरण संरक्षण को मजबूती प्रदान करेंगे।

चिकित्सक भगवान का दूसरा रूप होता है : राज्यपाल मंगुभाई पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि भगवान सभी जगह नहीं पहुँच पाते हैं, इसलिए उन्होंने चिकित्सक बनायें हैं। भगवान का दूसरा रूप चिकित्सक ही होता है। सम्मेलन आयोजन की सराहना करते हुए अपेक्षा की है कि चार दिवसीय सम्मेलन का निष्कर्ष समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। राज्यपाल श्री पटेल गुरूवार को न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) द्वारा आयोजित 73वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने न्यूरोलॉजी विषय पर दो पुस्तकों का लोकार्पण किया। विद्वान चिकित्सकों को सम्मानित किया। विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में  नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि मानव शरीर का मुख्य संचालक मस्तिष्क होता है। मस्तिष्क ही सभी इंद्रियों का नियंत्रणकर्ता है। हमारा मस्तिष्क स्वस्थ और शांत रहे, इस दिशा में न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट चिकित्सकों की विशेष भूमिका है। न्यूरो सर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उन्नत चिकित्सा, प्रमाणिक ज्ञान और संवेदनशीलता से मस्तिष्क का ईलाज करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और मन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक तंदुरूस्ती भी जरूरी है। इसके लिए मस्तिष्क का स्वस्थ और शांत रहना बहुत जरूरी है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि हम सभी अच्छी सेहत के लिए मोटे अनाज का सेवन करें। खूब पानी पीयें, अच्छी नींद लें और नियमित व्यायाम करें। फास्ट फूड खाने से बचे। मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर स्वास्थ्य की राजधानी है। यहाँ के चिकित्सक मरीजों की सेवा में हमेशा तत्पर रहते हैं। सेवा भावना के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार शोध और अनुसंधान हो रहे हैं। चिकित्सा गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में एनएसआइकॉन के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल, डॉ. मानस  पाणिगही, अध्यक्ष डॉ. मानस पाणिग्रही,  अध्यक्ष-निर्वाचित डॉ. के. श्रीधर, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. लुईस बोर्बा और बड़ी संख्या में न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट उपस्थित थे।